मैंने अपने कपड़े उतार फेंके और मैं भी पूरा नंगा उसके सामने खड़ा था.
मेरा लौड़ा पूरी तरह खड़ा उसको सलामी देने लगा.
मैंने देर न करते हुए अपने लंड को उसके होंठों से लगा दिया.
आज से पहले हम लोगों ने कभी यह नहीं किया था लेकिन मुझे पता था कि आज यह लड़की एक रंडी की तरह मेरी हर बात मानेगी.
उसने थोड़ा सा इन्कार तो किया लेकिन फिर मुंह बनाती हुई लंड मुंह में लेकर चूसने लगी और थोड़ी देर बाद वो खुद ही मजे लेकर मेरा लंड चूसने लगी.
फिर मैंने उसके मुंह में ही सारा माल गिरा दिया और वह उसे पी गई.
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मैं उसके दोनों चूचों को मसल रहा था और दांत से काट दिया करता था.
वह बहुत गर्म हो चुकी थी.
मैंने उसे बेड के किनारे खींचा और खुद नीचे आ गया और अपना लन्ड चूत में सेट करके एक ही झटके में पूरा अन्दर तक डाल दिया.
वह एकदम से चीख पड़ी- उई मम्मी … मर गईई मैं!
डौली मुझे अपने ऊपर से धक्का देने लगी मगर मैंने उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया और लंड उसकी चूत से निकलने नहीं दिया.
जल्दी ही मैं उसे स्पीड से चोदने लगा.
आज पहली बार हम दोनों के बीच सही मायने में सेक्स हो रहा था.
पूरे कमरे में डौली की कराह और फच फच की आवाज सुनाई दे रही थी.
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और फिर मैं डौली को कुतिया की तरह दोनों घुटनों पर बैठाकर उसकी चूत में अपना लौड़ा डाल कर चोदने लगा.
चूत चुदाई करते हुए मैं मस्ती करते हुए उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा.
पास में ही नारियल का तेल रखा था.
उसकी गांड के सुराख पर तेल डाल कर मैं सहलाने लगा.
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