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माँ ने सामने बैठकर बेटी की कोरी चूत फटवाई

मेरा नाम मुस्कान है दोस्तो, मैं 20 साल की एक मस्त जवान लड़की हूँ। मेरे जिस्म का पोर-पोर बड़ा खूबसूरत है। मेरी खूबसूरत आँखें और बड़े-बड़े सुडौल मम्मे लोगों को दीवाना बना देते हैं। हर लड़के की नज़र मेरे मम्मों पर टिकी रहती है। कॉलेज में हर लड़का मुझसे बात करना चाहता है, दोस्ती करना चाहता है। मुझे भी लड़कों से बात करने में बड़ा मज़ा आता है।

पढ़ाई में मैं बहुत अच्छी हूँ पर शरारत में भी किसी से कम नहीं। मैं बड़ी बोल्ड हूँ और खुलकर बोलती हूँ। आपस में मस्ती से गालियाँ भी देती हूँ। कुछ लड़कियाँ तो मुझसे भी ज्यादा गालियाँ बकती हैं और खुलकर लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, चुदाई की बातें करती हैं। इसलिए कॉलेज में मुझे बहुत अच्छा लगता है।

जो लड़की सबसे ज्यादा गालियाँ सुनाती है, वो मेरी पक्की दोस्त है। उसका नाम है हसीना, मेरी ही उम्र की लेकिन बड़ी चालू और मादरचोद चीज। मैंने उससे बहुत कुछ सीखा है।

एक दिन जब मैं घर आई तो देखा कि मेरी अम्मी जान पड़ोस की लड़की हया से बातें कर रही हैं। हया मुझसे दो साल बड़ी थी। मैं चुपचाप उनकी बातें सुनने लगी।

अम्मी ने पूछा, “अरी हया, अब तो तू मस्त जवान हो गई है। लण्ड वगैरह लेने लगी है या नहीं?”

वो बोली, “हाँ आंटी, मैं तो लण्ड खूब पकड़ती हूँ और रोज पकड़ती हूँ। मुझे लण्ड पकड़ना मेरी अम्मी ने ही सिखाया है।”

अम्मी बोली, “तो क्या तू अपनी अम्मी के साथ लण्ड पकड़ती है?”

वो बोली, “हाँ आंटी, मैं अम्मी के साथ भी लण्ड पकड़ती हूँ और चूसती भी हूँ। वैसे अब अम्मी हो या न हो, मौका मिले तो मैं लण्ड पकड़ लेती हूँ।”

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अम्मी ने कहा, “तो फिर पेलती भी होगी लण्ड उसकी चूत में और पेलवाती भी होगी?”

उसने जवाब दिया, “हाँ, मैं लण्ड अपनी अम्मी की चूत में पेलती हूँ और पेलवाती भी हूँ। बड़ा मज़ा आता है। एक दिन तो मैंने अम्मी के सामने खालू का लण्ड फूफी के भोसड़े में पेल दिया था और उनकी बिटिया की बुर में भी। उन दोनों ने मेरे खालू से खूब चुदवाया। रात भर यही सब होता रहा।”

अम्मी ने पूछा, “इसका मतलब तू अपनी माँ चुदवाती है?”

वो बोली, “हाँ, मैं तो बड़े शौक से चुदवाती हूँ अपनी माँ को!”

अम्मी बोली, “बहुत अच्छा करती है तू बेटी हया। एक मेरी बेटी है मुस्कान भोसड़ी वाली… सयानी हो गई है लेकिन अभी माँ चुदाना नहीं जानती। पता नहीं बुरचोदी लण्ड पकड़ती भी है या नहीं? उसकी माँ का भोसड़ा! अब मुझे ही कुछ करना पड़ेगा। कब तक मैं उसका इंतज़ार करती रहूँगी। जवानी का एक-एक दिन बड़ा इम्पोर्टेंट होता है यार! अब मैं उस हरामजादी की माँ उसके सामने चोदूँगी। उसके हाथ से लण्ड उसकी माँ की चूत में पेलवाऊँगी तब उसे मालूम होगा कि जवानी क्या चीज होती है।”

यह सब सुनकर मेरे बदन में आग लग गई। आज मुझे अम्मी के मन की बात पता चल गई। मैं मन ही मन अम्मी से बेशर्म हो गई और खुल्लम-खुल्ला बात करने को तैयार हो गई, जैसे कॉलेज में सहेलियों से करती हूँ।

शाम को मैं मोबाइल पर पोर्न देख रही थी। एक लड़की नंगी लण्ड चाट रही थी। तभी पीछे से अम्मी आ गईं, मुझे पता ही नहीं चला।

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अम्मी बोलीं, “बुरचोदी मुस्कान, पोर्न मूवी में लण्ड देखने से कुछ नहीं होगा। असली लण्ड देखो, अपने हाथ से पकड़ कर लण्ड देखो, तब मज़ा आएगा। एक नहीं कई लण्ड देखो, पकड़ कर देखो, मुंह में लेकर देखो, चूत में डाल कर देखो, तब मज़ा आएगा।”

मैंने कहा, “मिले तो बहनचोद कोई लण्ड अम्मी जान, तभी तो पकड़ कर देखूँगी। ऐसे कैसे किसी का लण्ड पकड़ लूँ?”

अम्मी ने कहा, “अच्छा तूने अभी तक कोई लण्ड नहीं पकड़ा क्या?”

मैंने कहा, “हाँ, सचमुच कोई लण्ड नहीं पकड़ा मैंने अभी तक!”

वे बोलीं, “इतनी मस्त जवान हो गई है तू मादरचोद और तूने अभी तक कोई लण्ड नहीं पकड़ा? गांड मरा रही है क्या तू अपनी इतने दिनों से? तेरी चूत में आग है या नहीं?”

मैं चुप रही।

रात को हम दोनों बिस्तर पर थीं। अम्मी ने फिर पूछा, “भोसड़ी वाली मुस्कान, सच बता क्या वाकई तूने कभी कोई लण्ड नहीं पकड़ा?”

मेरा सब्र टूट गया। मैंने कहा, “हाँ अम्मी जान, एक बार लण्ड पकड़ा था मैंने। मेरी सहेली हसीना ने मुझे बुलाया था।”

जब मैं पहुंची तो हसीना बोली, “मुस्कान, तूने कोई लण्ड नहीं पकड़ा, आज मैं तुझे लण्ड पकड़ाऊँगी।”

इतने में एक बड़ा हैंडसम गोरा-चिट्टा लड़का आ गया। हसीना बोली, “ये मेरी फूफी का बेटा है नबी।”

वो अपने और नबी के कपड़े खोलने लगी। दोनों मेरे सामने नंगे हो गए। नबी का लण्ड देखकर मेरी गांड फट गई। बड़ा लंबा-चौड़ा, मोटा लौड़ा था।

हसीना ने मुझे भी नंगी किया और लण्ड मेरे हाथ में थमा दिया, बोली, “अब ये लण्ड तेरा है मुस्कान।”

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मैंने कहा, “यार, तेरी अम्मी देखेंगी तो नाराज़ होंगी।”

वो बोली, “मेरी अम्मी बुर चोदी लण्ड की दीवानी है। उसकी चिंता मत कर, वो हरामजादी मेरे सामने पराये मर्दों से खूब धकापेल चुदवाती है।”

फिर हम दोनों ने मिलकर नबी का लण्ड चाटना शुरू किया। चाटते-चाटते हिलाने लगे। तभी उसकी अम्मी आ गईं। वे बोलीं, “बड़ा लंबा और मोटा हो गया है नबी तेरा भोसड़ी का लण्ड। तू तो बहनचोद पूरा मर्द हो गया। माँ चोदने वाला हो गया है तेरा लण्ड!”

ऐसा कहकर वो भी नंगी हो गईं और हमारे साथ लण्ड चाटने लगीं। माँ-बेटी दोनों नंगी लण्ड चाट रही थीं तो मैं भी जोश में आकर साथ दे रही थी।

थोड़ी देर बाद हसीना बोली, “मुस्कान, अब तू लण्ड मेरी माँ के भोसड़े में पेल दे।”

कहानी का अगला भाग: माँ ने सामने बैठकर बेटी की कोरी चूत फटवाई – Part 2

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