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मेरी कुंवारी बहेन प्रिया की चुदाई

हाय! मैं अजय का काफ़ी सालों से रेगुलर रीडर हूँ। इसमें मुझे भाई-बहन की चुदाई बहुत अच्छी लगती है। तो मैंने सोचा, क्यों न अपनी भी रियल स्टोरी शेयर कर दूँ। ये स्टोरी आज से दो साल पहले की है। मेरे और मेरी कज़िन प्रिया की।

प्रिया मेरे बड़े पापा की लड़की है। मेरे बारे में बताना तो भूल ही गया, मेरा नाम अजय है और मेरे दो भाई हैं। मेरी फैमिली बहुत बड़ी है। मेरे पापा तीन भाई हैं और मेरी फैमिली जॉइंट ही रहती है। मैं यूपी के बल्लिया का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 साल है, हाइट 5 फीट 7 इंच।

मेरी बहन की उम्र 21 साल है। उसका फिगर 32-30-34 का है। एकदम मस्त गांड है। जब वो चलती है तो क्या गजब की गांड हिला-हिलाकर चलती है। मुहल्ले के लड़के तो क्या, बड़े भी उसको हवस भरी नज़रों से देखते हैं। वो किसी मॉडल से कम नहीं है। किसी का भी देखकर लंड उसकी चूत में घुसने को बेताब हो जाएगा।

बात उन दिनों की है, जब मेरी कज़िन दूसरी वर्ष में पढ़ती थी और मैं फाइनल ईयर में था। उस समय हम दोनों 18+ थे। पढ़ने में मैं काफी अच्छा हूँ। उसका एग्जाम आने वाला था। तो बड़ी मम्मी बोलीं कि तुम थोड़ा हेल्प कर दिया करो। पहले तो मैं कभी उसके बारे में गलत नहीं सोचता था। पर जब से मैं इंडियन एडल्ट स्टोरी पढ़ने लगा और रोज-रोज भाई-बहन की चुदाई पढ़ने के बाद, मैं उसे चोदने की नज़रों से देखने लगा था।

उसके नाम की मुठ मारता था। उसकी गांड देखकर मेरा मन करता कि उसे चोद दूँ। पर भाई-बहन होने के कारण मैं कुछ कर नहीं पाता था। मैं उसे पढ़ाने के बहाने कभी उसकी पीठ पर हाथ रखकर सहलाता लेता था। कभी उसके गाल खींच देता, तो कभी उसकी चुचियों को छू लेता। वो इन सब बातों पर ध्यान नहीं देती थी। मुझे उसकी ब्रा टच करके बड़ा मजा आता था।

एक दिन वो मेरे घर शाम को आई। मेरी मम्मी उसके घर गई थीं और मेरे पापा कहीं बाहर गए थे। भाई इलाहाबाद रहकर पढ़ता है, पूरा घर खाली था। तो हम पढ़ने बैठ गए। वो मेरे सामने बैठी थी। उसके नरम, गोल चुचे साफ़ दिख रहे थे। मैं बड़ी कामुक नज़रों से उन्हें घूर रहा था।

जब प्रिया ने मुझे नोटिस किया, तो बोली, “भाई क्या हुआ?”

तो मैं बोला, “कुछ नहीं।”

फिर मैं इधर-उधर की बातें करने लगा। मैंने पूछा, “तेरा कोई बॉयफ्रेंड है?”

तो वो बोली, “नहीं।”

फिर उसने पूछा, “आपकी कोई गर्लफ्रेंड है?”

तो मैं अपने लंड को सहलाते हुए बोला, “नहीं यार, आज तक कोई पटी ही नहीं।”

उस दिन मैं एक हाफ कैप्री पहन रखा था और मेरा लंड जो 7 इंच का है खड़ा हो गया था। वो मेरे लंड की तरफ ध्यान से देखने लगी और बोली, “भाई तुम्हें कैसी लड़की चाहिए?”

तो मैं बोला, “बिल्कुल तुम्हारी तरह।”

वो शर्मा गई और बोली, “मुझमें ऐसा क्या है?”

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तो मैंने हिम्मत करके बोला, “तेरी गांड और बूब्स बहुत सेक्सी लगते हैं।”

वो बोली, “मैं आपकी बहन हूँ। अपनी बहन को ऐसे कोई बोलता है?”

अब मैं उसके करीब जाकर उसके पीठ पर हाथ रखकर सहलाने लगा और बोला, “तेरा भी तो बॉयफ्रेंड नहीं है। तेरा मन नहीं करता?”

वो बोली, “करता तो है। पर क्या करूँ? उंगली से कर लेती हूँ।”

इतना सुनते ही मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसके होंठ चूसने लगा। वो छूटने की खूब कोशिश कर रही थी, लेकिन मैं उसके होंठों को चूसता जा रहा था। उसके नरम, गर्म होंठ मेरे मुंह में थे। मैंने अपनी जीभ उसके होंठों के बीच सरकाई और धीरे-धीरे चूसने लगा। क्या बताऊं, जिंदगी में इतना मजा पहली बार आ रहा था।

अब उसे भी मजा आने लगा। वो मेरा साथ देने लगी। उसके हाथ मेरी पीठ पर आ गए और वो मुझे कसकर पकड़ने लगी। मैं समझ गया कि अब वो तैयार है। मैंने ऊपर से उसकी चुचियों को सहलाना शुरू कर दिया। क्या मस्त मुलायम चुचियां थीं। एकदम टाइट और भरी हुई। मेरी उंगलियां उसकी नरम चूचियों को दबाती हुई घूम रही थीं।

फिर मैंने उसकी कमीज़ निकाल दी। अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा और सलवार में मेरे सामने थी। उसकी गोरी त्वचा चमक रही थी। ब्लैक ब्रा उसके बड़े, गोल बूब्स को सहारा दे रही थी।

मैने ब्रा खोल के उसकी कोमल चुचियों को खूब मजे से पीने लगा।

उसकी आँखें बंद हो रही थीं और वो बोल रही थी, “भाई चूसो और चूसो, लाल कर दो, अपनी बहन की चुचियों को।”

मैंने उसकी एक निप्पल को मुंह में लेकर जोर-जोर से चूसना शुरू कर दिया। मेरी जीभ उसके कठोर निप्पल के चारों ओर घूम रही थी। मैं दूसरे हाथ से दूसरी चुची को मल रहा था, उसे दबा रहा था और निचोड़ रहा था। प्रिया के मुंह से हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं। उसकी सांसें तेज हो गई थीं और वो अपना बदन मेरी तरफ उठा रही थी।

इसके बाद मैंने उसकी सलवार का नाडा खोल दिया। अब वो सिर्फ पैंटी में थी। जो पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मैं उसकी बुर को पैंटी के ऊपर से ही सूंघने लगा। क्या बताऊं, मुझे तो जैसे नशा छाने लगा। उसकी चूत से निकलती मीठी, गर्म महक मेरे दिमाग को भिगो रही थी।

फिर मैंने उसकी पैंटी खोल दी और उसकी चूत पर प्यासे कुत्ते की तरह टूट पड़ा। यार क्या नमकीन पानी था। उसकी चूत एकदम पिंक थी और एक भी बाल नहीं था। मैंने अपनी जीभ पूरी लंबाई में उसके क्लिटोरिस पर फिराई। फिर उसके होठों को चाटा और अंदर तक जीभ डालकर चूसने लगा। उसका रस मेरी जीभ पर फैल रहा था। प्रिया के हाथ मेरे सिर पर थे और वो मेरे बाल खींच रही थी।

दस मिनट चूत चाटने के बाद वो बोली, “भाई अब मर जाऊंगी, जल्दी मेरी चूत में लंड डाल दो।”

जैसे ही मैंने कैप्री खोली, वो डर गई और बोलने लगी, “भैया ये तो बहुत मोटा और बड़ा है। अंदर नहीं जाएगा।”

मैं बोला, “मेरी जान, तुम्हारी चूत के लिए हर रात तरसता था।”

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फिर मैंने उसकी चूत पर लंड सेट किया। पर उसकी चूत बहुत टाइट थी। वो वर्जिन थी। तो मैंने थोड़ा थूक अपने लंड पर लगाया और उसके होंठ अपने होंठों में लेकर एक जोर का झटका दिया।

मेरे लंड का सुपाड़ा ही गया कि उसकी आँखें फट गईं। फिर एक और झटके में आधा लंड उसकी चूत में चला गया।

उसकी चूत से खून आ रहा था और वो रोने लगी। बोली, “मैं मर जाऊंगी।”

तो मैं रुक गया और उसकी चुचियां सहलाने लगा। मैंने धीरे-धीरे उसके निप्पल को उंगलियों से दबाया और चूसा। उसके आंसू बह रहे थे। मैंने उसके गालों पर किस किया और धीरे से उसके कान में फुसफुसाया कि सब ठीक हो जाएगा। जब वो थोड़ी नॉर्मल हुई, तो मैंने एक और जोरदार झटके में पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया। वो छटपटाने लगी। उसका पूरा शरीर तन गया। उसकी चूत मेरी मोटी लंड को कसकर जकड़ रही थी।

पर थोड़ी देर बाद जब दर्द कम हुआ तो वो बोली, “चोद बहन के लंड, अपनी बहन की चूत को फाड़ के अपनी रंडी बना दे।”

ये सुनकर मैं और जोश में आ गया। मैंने उसकी टांगों को अपने कंधों पर रख लिया और तेज़-तेज़ धक्के देने शुरू कर दिए। हर धक्के के साथ उसकी चूत से चिकनी आवाजें निकल रही थीं। उसके बूब्स ऊपर-नीचे उछल रहे थे। मैंने दोनों हाथों से उन्हें पकड़कर मला।

लगभग बीस मिनट के बाद वो झड़ने वाली थी। मेरी पीठ पर नाखून गाड़कर एकदम जोर से पकड़ लिया। उसकी चूत मेरे लंड को बार-बार सिकोड़ रही थी। पर मैं अभी भी अपनी तेज रफ्तार में था।

मैं बोला, “साली रंडी, अपने भाई के लंड से खूब चुदवा।”

फिर मेरा भी पानी छूटने वाला था। तो मैंने पूछा, “प्रिया आई एम कमिंग, क्या करूँ?”

तो वो बोली, “भाई पहली चुदाई है, चूत के अंदर ही निकाल दो।”

फिर हम अलग हुए और फिर एक दूसरे को किस किए। उसे काफी दर्द हो रहा था। तो मैं पेन किलर लाकर दिया और आई पिल भी दे दी। उसके बाद हमें जब मौका मिलता है, खूब मजे करते हैं।

तो बात तबकी है। जब प्रिया के एग्जाम हो गए। तो जिस दिन रिजल्ट आया, तो मैंने चेक करके बताया कि वो फर्स्ट क्लास से पास हुई है। वो खुश हो गई और मुझे हग कर लिया। मैं भी उसे हग किया और एक फ्रेंच किस कर लिया। फिर उसके घर इस खुशी में एक पार्टी रखी गई। मेरे मम्मी-पापा भी वहीं पर गए थे। मैं घर पर कुछ जरूरी मेल करना था, तो बैठकर लैपटॉप पर बिजी था।

इतने में मुझे बुलाने मेरी सिस्टर प्रिया आ गई।

तो मैं बोला, “मैं तुमसे नाराज़ हूँ।”

तो वो पूछने लगी, “भैया, क्यों नाराज़ हो?”

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तो मैं बोला, “तुम्हें मैं इतना हेल्प किया स्टडी में, पर तुमने मुझे कोई गिफ्ट नहीं दिया।”

इस पर मेरी बहन कुछ देर सोचकर बोली, “भैया आपको क्या गिफ्ट चाहिए, बताओ।”

मैं उसके नज़दीक गया और पीछे से हग करके बोला, “मुझे अपनी मस्त और प्यारी बहन की गांड मारनी है।”

तो वो मना करने लगी। बोली, “नहीं, इसमें बहुत दर्द होगा।”

पर मैंने उसको समझाया कि इसमें तो और भी मजा आएगा। मेरा लंड जो कि एकदम से तन गया था और उसकी गांड की गैप में लग रहा था। फिर मैं जल्दी से गेट बंद करके आया और उसे लेकर अपने बेडरूम में आ गया।

क्या बताऊं यार, वो क्या मस्त लग रही थी उस दिन। प्रिया ने एक पिंक कलर की सलवार सूट पहन रखा था। उसके 32 साइज़ के चुचे देखकर मैं उनको सहलाने लगा।

अब वो भी मेरा लोअर के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी। मैं उसके होंठ चूसने लगा। वो भी मेरा साथ दे रही थी और मेरी जीभ को एक मजेदार पॉर्न एक्ट्रेस की तरह चूस रही थी। वो मुँह से मोन कर रही थी। “अहह भैया उूउऊँ” बोली, “भाई मुझे तुम्हारे लंड की आदत पड़ गई है।”

अब तक मैं उसका कुर्ता निकाल चुका था। उसने रेड कलर की मुलायम ब्रा पहन रखी थी। तो मैंने पीछे से उसके ब्रा का हुक खोला। तो उसकी चुचियां एकदम मस्त कयामत लग रही थीं।

अब मैं उसकी लेफ्ट चुची को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और राइट चुची को मसलने लगा। उसका तो बुरा हाल होने लगा और सिसकारियां लेने लगी। बोल रही थी,

“भैया चूसो मेरी चुची को आआअहह भाई और ज़ोर से इसको निचोड़ के दूध निकाल दो उउईईईई भाई आआअहह और चूसो।”

मैं भी अब राइट चुची को चूसने लगा और एक हाथ उसकी सलवार में डालकर पैंटी के ऊपर से उसकी चूत सहला रहा था।

अब तक उसकी चूत से पानी निकलने लगा था। जिससे उसकी पैंटी पूरी तरह गीली हो चुकी थी। अब मैंने उसकी सलवार का नाडा खोल दिया। वो सिर्फ रेड कलर की पैंटी में थी। उसकी पैंटी इतनी पतली थी कि सिर्फ चूत के दोनों होंठ कवर थे और पीछे से तो गांड की दरार में घुसा हुआ था। ये नजारा देखकर मैं पागल होने लगा और घुटनों पर बैठकर पैंटी के ऊपर से ही अपनी बहन की चूत को चाटने लगा।

वो मेरा सर पकड़कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और बोली, “चाटो भाई चाटो, इसमें आग लगी है।”

अब मैंने उसकी पैंटी निकालकर अलग कर दी। वो पूरी तरह न्यूड खड़ी थी। मैं उठा और किचन से डाबर हनी की शीशी लेकर आ गया।

प्रिया कहने लगी, “भाई प्रोग्राम क्या है?”

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मैं बोला, “देखती जा मेरी रानी बहना।”

फिर ढेर सारा हनी मैंने उसकी 36 इंच साइज़ की चट्टों पर लगाया और उसको डॉगी स्टाइल में झुकने को बोला। वो भी झुक गई। अब मैं उसके चट्टों को खूब चाटने लगा। क्या मजा था यारों। एकदम हनी लगा होने से मीठा और नमकीन दोनों का मजा आ रहा था।

मेरी जीभ उसके गांड के दोनों गोल चट्टों पर घूम रही थी। हनी की चिपचिपाहट के साथ उसकी त्वचा का स्वाद मिलकर मुझे पागल कर रहा था। मैंने उसके गांड के छेद को भी चाटा और अपनी जीभ अंदर डालने की कोशिश की। प्रिया की सांसें भारी हो रही थीं और वो हल्के-हल्के कांप रही थी।

फिर हम 69 पोजीशन में आ गए। मेरा लंड उसके मुंह में था और मैं उसकी गांड चाट रहा था। मैं अपनी जीभ उसकी गांड के होल में डाल-डालकर उसे खूब चोद रहा था।

वो बोल रही थी, “भाई तुम तो मेरी रूह को भी खुश कर रहे हो।”

और खूब अपनी गांड भी हिला रही थी। पहली बार किसी लड़की की गांड चाटने का मजा मिल रहा था। मैं सातवें आसमान पर था। मैंने प्रिया के मुंह में ही अपना माल निकाल दिया और वो सारा पी गई।

फिर मैं उसकी चूत की तरफ बढ़ा और उसके दाने को जीभ से चाटने लगा। उसकी चूत गीली हो चुकी थी और कामरस बह रहा था। क्या टेस्ट था। मैं तो उसकी चूत का पुराना दीवाना था। हमें ऐसे करते हुए तीस मिनट हो चुके थे।

वो बोलने लगी, “भैया अब जान निकाल दोगे क्या। जल्दी कुछ करो।”

मेरा 7 इंच का लंड फिर से पूरे जोश में आ चुका था। मैंने कंडोम निकाला और प्रिया को बोला, “लंड पे चढ़ाओ।”

तो वो मना करने लगी। बोली, “मैं अपने भाई का लंड बिना कंडोम के ही लूंगी।”

फिर क्या था। मैंने वैसलीन बॉडी लोशन लिया और खूब ढेर सारा उसकी गांड पर लगाया और अपने 7 इंच लंबे और 2.5 इंच मोटे लंड पर भी लगाया। बहन को बेड पर घोड़ी बना दिया और लंड से उसकी गांड का मसाज करने लगा।

वो तो तड़पने लगी। बोली, “अरे भैया डालो ना तुम्हारी बहन की गांड। अब बर्दाश्त नहीं कर सकती।”

मैंने उसके होल पर लंड सेट करके एक धक्का मारा। पर लंड फिसल गया। उसकी गांड बहुत टाइट थी। तो फिर मैंने उसको कंधे से पकड़ा और दोबारा झटका लगाया। इस बार मेरे लंड का टोपा बड़ी मुश्किल से घुस पाया कि वो चिल्लाने लगी।

“भाई निकालो मैं मर जाऊंगी। मुझे नहीं करवाना गांड में… तुम मेरी चूत जी भरके चोद लो।”

मैं बोला, “मेरी बहना थोड़ा दर्द होगा सहन कर लो।”

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फिर एक और धक्का दिया। तो मेरा आधा लंड उसकी गांड में चला गया। वो छूटने के लिए छटपटाने लगी पर मैंने उसको अच्छी तरह से दबोच रखा था। फिर एक झटके में पूरा 7 इंच का लंड उसकी गांड की सील तोड़ते हुए अंदर गया। उसकी आँखों से आंसू आ रहे थे।

फिर मैं पांच मिनट तक ऐसे ही रुका रहा। जब उसका दर्द नॉर्मल हुआ, तो गांड हिलाकर इशारा करने लगी। मैं धीरे-धीरे चोदना शुरू कर दिया। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि मेरा लंड एकदम कस रहा था।

वो बोली, “फक मी भाई… फुउूउक्क मी… ह्बीर्डड्ड फाड़ दो मेरी गांड को… और ज़ोर से भाई और ज़ोर… भड़वे चोद अपनी बहन को और चोद… अह्ह्ह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अम्म्म्म कॉम्मों…”

मैं उसकी गालियां सुनकर और ज़ोर-ज़ोर से चोदता जा रहा था और बोला, “कुतिया रंडी मैं तेरी गांड का ग़ाज़ियाबाद बना दूंगा साली रांड ले अह्ह्ह्ह्ह…”

वो अब तक तीन बार झड़ चुकी थी। अब मेरा भी निकलने वाला था। पैंतीस मिनट की चुदाई के बाद मैं प्रिया की गांड में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही पड़ गया। फिर हम उठे।

मैंने पूछा, “प्रिया मजा आया?”

तो वो बोली, “बहुत।” और मुझे एक स्मूच किस कर दिया।

हमें पता भी नहीं था और उसकी छोटी बहन पिंकी हमें पता नहीं कब से खिड़की से देख रही थी। हम देखकर डर गए और जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहनकर उसको सॉरी बोलने लगे और बोले, “प्लीज़ किसी को मत बोलना।” बहुत रिक्वेस्ट के बाद वो मानी और फिर बोली कि मेरा एक काम करना पड़ेगा। मैंने बोला, “ओके तेरी हर बात मानूंगा, बता।”

तो वो बोली, “मुझे भी सेक्स करना है।”

ये सुनते ही मैं तो खुश हो गया। फिर आगे बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी 18 साल की सिस्टर पिंकी को चोदा।

तो दोस्तों मेरी ये स्टोरी कैसी लगी ज़रूर बताना और कोई गलती हो तो माफ़ कर देना। कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार नीचे कमेंट्स में ज़रूर लिखें, ताकि हम आपके लिए रोज़ और बेहतर कामुक कहानियां पेश कर सकें।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।