Baap beti chudai, adla badli sex, father daughter swap fuck sex story: गर्मी का मौसम अपने पूरे शबाब पर था, हवा में गर्माहट ऐसी घुली हुई थी कि हर कोई ठंडक की तलाश में भटक रहा था, और अमीर लोग तो ऐसे मौकों पर वाटर पार्क का रुख करते हुए अपनी गर्मी को पानी की ठंडी लहरों में डुबोने की कोशिश करते थे, जहां पानी की छींटें तन को छूकर एक अलग ही सुकून देती थीं।
दो घनिष्ठ दोस्तों के परिवारों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, दोनों दोस्त इतने अमीर थे कि जीवन की हर सुख-सुविधा उनके कदम चूमती थी, और मौज-मस्ती का कोई अवसर वे कभी छोड़ते नहीं थे, इसलिए इस चिलचिलाती गर्मी में उन्होंने अपने परिवारों को लेकर वाटर पार्क का प्लान बना लिया, जहां पानी की स्लाइड्स और पूल की ठंडक उन्हें एक अलग दुनिया में ले जाने वाली थी।
उनके साथ थीं उनकी दो बेटियां, दोनों ही महज अठारह साल की उम्र में जवानी की दहलीज पर कदम रख चुकी थीं, और दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ती हुईं एक-दूसरे की करीबी सहेलियां भी थीं, उनकी सुंदरता ऐसी थी कि देखने वाले की आंखें ठहर जातीं, गोल-मटोल चेहरे, लंबे बाल जो हवा में लहराते, और शरीर की वो मॉडर्न कर्व्स जो आजकल की लड़कियों की पहचान बन चुकी थीं, वे इंस्टाग्राम पर सेक्सी और हॉट रील्स बनातीं, जहां उनके चाहने वाले हजारों में थे, और ये दोनों पहले से ही कई बार चुदी हुई थीं, जिसकी खबर उनके बापों को थी, जो घर में अकेले बैठकर इस सोच से मुठ मारते, लेकिन बेटियां बाप के सामने हमेशा मासूमियत का मुखौटा लगाए रहतीं, क्योंकि भारत के संस्कार इतने गहरे होते हैं कि अमीरी भी उन्हें धोखा नहीं दे पाती।
अब कहानी को आज के इस गर्म मौसम में लाकर देखते हैं, जहां वाटर पार्क की ठंडी हवाएं और पानी की छींटें हर किसी को मदहोश कर रही थीं, और आप भी इस कहानी को पढ़ते हुए उस गर्माहट और ठंडक के मिश्रण को महसूस कर पाएं, जैसे पानी की बूंदें तन पर गिरकर सिहरन पैदा कर रही हों।
वाटर पार्क में दोनों बाप अपनी बेटियों के साथ घूम रहे थे, और बेटियां ऐसी छोटी-छोटी बिकिनी पहने हुए थीं कि उनकी गुलाबी त्वचा पानी में चमक रही थी, कपड़े इतने पतले और छोटे कि बस एक झटके में उतर जाएं, और वे पूरी तरह नंगी हो जाएं, पानी की ठंडक से उनके निप्पल्स सख्त होकर कपड़े से उभर आए थे, और दोनों बापों का लंड उनको देखकर तन रहा था, वे अपनी बेटियों की उन उत्तेजक हरकतों को देखकर खुद को रोक नहीं पा रहे थे, जहां बेटियां अपनी चूत और चूचियों को ऐसे हिला रही थीं कि मानो हर किसी को न्योता दे रही हों, आओ और मुझे छूकर देखो, मेरी गर्मी को अपनी जीभ से ठंडा करो।
ये सब देखते हुए कबिता का पापा अपनी बेटी कबिता को एक सुनसान कमरे की तरफ खींच ले जाता है, जहां पानी की आवाज बाहर से आ रही थी, लेकिन अंदर की गर्मी कुछ और ही थी, वह धीरे से कबिता के कंधे पर हाथ रखता है, उसकी गीली त्वचा को सहलाता है, कबिता की सांसें तेज हो जाती हैं, वह जानती थी कि ये क्या होने वाला है, लेकिन रंडी जैसी होने के कारण वह किसी से भी चुदने को तैयार थी, पापा ने उसकी चूत पर हाथ फेरा, बिकिनी के ऊपर से ही महसूस किया कि वो गीली हो चुकी है, फिर धीरे से बिकिनी को सरका दिया, कबिता की चूत की खुशबू कमरे में फैल गई, वो मीठी-सी महक जो गर्मी से और ज्यादा तेज हो गई थी, पापा ने उंगली से उसकी क्लिट को रगड़ा, कबिता की आंखें बंद हो गईं, आह.. ह्ह्ह.. पापा, आपकी उंगली कितनी गर्म है, फिर पापा नीचे झुकता है, अपनी जीभ से कबिता की चूत को चाटने लगता है, वो मीठा रस चूसता है, कबिता कमर उछालती है, उईई.. स्स्स.. पापा, जीभ अंदर डालो, आह इह्ह ओह्ह ओह, उसकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, पापा उसके निप्पल्स को चूसता है, दांतों से हल्का काटता है, कबिता का शरीर सिहर उठता है, फिर दोनों पूरी तरह नंगे हो जाते हैं, कबिता पापा के लंड को हाथ में लेती है, उसे सहलाती है, चूमती है, और मुंह में लेकर चूसने लगती है, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, लंड का स्वाद उसके मुंह में घुल रहा था, पापा के मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं।
कबिता: आआः पापा कितना बड़ा लंड है आपका।
बाप: बेटी तेरी चूत में बहुत गर्मी है रे आज मिटा दूंगा।
कबिता: बाबा मेरी चूत में उंगली डालो हाई उईई स्स्स्स।
पापा: गांड भी मारूंगा तेरी आज क्या मस्त चूत है तेरी रे पूरा तैयार।
कबिता: हाँ हाँ पापा हाँ एस एस एस।
पापा: थोड़ा स्पीड बढ़ाऊं बेटी?
कबिता: पापा जो करना है करो बस मुझे शांत कर दो।
पापा: यह ले बेटी अपनी पापा का लंड का पानी निकाल दे।
कबिता का पापा अब उसे बेड पर लिटाकर मिशनरी पोजीशन में चोदने लगता है, उसकी टांगें फैलाकर अपना 8 इंच का मोटा लंड धीरे-धीरे अंदर डालता है, कबिता की चूत की दीवारें फैल रही थीं, वो गर्म और गीली थी, हर धक्के के साथ पट-पट की आवाज गूंजती, कबिता की सांसें तेज, उसकी चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं, पापा उसके होंठ चूसता, जीभ अंदर डालकर घुमाता, कबिता का रस लंड पर चिपक रहा था, वो चिल्लाती आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, पापा जोर से, ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई, फिर पापा उसे घुमाता है, डॉगी स्टाइल में डालकर पीछे से पेलता, गांड पर थप्पड़ मारता, जो लाल हो जाती, कबिता की गांड की गर्माहट उसके हाथों में महसूस हो रही थी, वो बाल पकड़कर खींचता, और गहराई तक धक्के मारता, कमरा उनकी सिसकारियों और पसीने की महक से भर गया था।
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तभी दूसरे पापा और उनकी बेटी रौशनी कमरे में दाखिल होते हैं, क्योंकि वे बाहर नहीं दिख रहे थे तो खोजते हुए आए, और ये नजारा देखकर दोनों की आंखें फैल जाती हैं, रौशनी का पापा एक पहलवान जैसा मजबूत शरीर वाला था, उसका लंड देखकर लगता कि वो किसी की चूत को लाल कर देगा, चुदाई का दृश्य देखकर वो खुद को रोक नहीं पाता और रौशनी की चूचियों को जबरदस्ती दबाने लगता है, उसकी उंगलियां निप्पल्स पर दबाव डालतीं, रौशनी की त्वचा गर्म हो जाती।
रौशनी: यह क्या कर रहे हो पापा छोड़ो।
पापा 2: रोक ना बेटी सामने देख दोनों कितना खुश हैं।
रौशनी: पापा मुझे अच्छा नहीं लग रहा है छोड़ो मुझे।
पापा 2: अरे रुक ना थोड़ा सा मजा लूंगा बस।
रौशनी: यह गलत है पापा स्स्स्स आःह्हा आह।
पापा 2: गलत कुछ नहीं है साली कितनों से तो चुद चुकी है मुझे सब पता है।
रौशनी: आप पापा हो मेरे प्लीज छोड़ो ना आः हा ह्ह्ह्ह।
रौशनी की ये सिसकारियां सुनकर कबिता और उसके पापा रुक जाते हैं, चुदाई बंद कर दरवाजे की तरफ आते हैं, देखते हैं कि रौशनी का पापा उसकी चूत को बिकिनी के ऊपर से मसल रहा है, उंगलियां गीले कपड़े में रगड़ रही हैं, रौशनी छटपटा रही है, लेकिन उसकी चूत की गर्मी बढ़ रही है, दोनों जोर से बोलते हैं कि ये क्या हो रहा है यहां।
रौशनी के पापा: तुम लोग क्या कर रहे थे यह बताओ।
कबिता: वो तो हम लोग बस ऐसे ही।
रौशनी: तुम अपने पापा से ही और कोई नहीं मिला?
रौशनी: तू भी तो अपनी पापा को देने वाली थी।
कबिता के पापा: रुको रुको रुको छोड़ो जो होना था हो गया।
रौशनी: मतलब क्या है आपका…
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कबिता: मतलब यह है अब जो होना था हो गया चल मजा लेते हैं हम लोग अब।
रौशनी: नहीं नहीं मैं अपने पापा से नहीं यह गलत है।
कबिता के पापा: ठीक है तो तुम मेरे पास आजाओ और कबिता तुम्हारे पापा के पास चली जाएगी।
रौशनी के पापा: हाँ यह ठीक है सबसे अच्छा है।
रौशनी: लेकिन ऐसे दोस्त के पापा के साथ।
रौशनी के पापा: अरे कितना नाटक करेगी तेरी चूत गीली हो चुकी है तुझे चुदाई की जरूरत है नाटक मत कर जा अपनी बुर चुदाई करा ले।
कबिता: अरे आजा मेरी जान मेरे पापा का लंड लेले अपनी चूत में।
रौशनी का मन तो नहीं मान रहा था, लेकिन उसकी चूत में खुजली इतनी तेज हो चुकी थी कि वो खुद को रोक नहीं पाई, गर्मी से उसकी त्वचा लाल हो रही थी, और कबिता उसे जबरदस्ती खींचकर ले जाती है, कबिता के पापा के लंड पर बैठा देती है, कबिता का पापा रौशनी की कमर पकड़ता है, अपना लंड एक झटके में पेल देता है, रौशनी दर्द से चिल्लाती आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई, इतना बड़ा, स्स्स, लेकिन पापा रुकता नहीं, घमासान चुदाई शुरू कर देता, जैसे चूत को फाड़ना हो, उसका 9 इंच का लंड रौशनी की चूत में मशीन की तरह खुदाई कर रहा था, पट-पट की आवाजें, रौशनी की चूत का रस लंड पर चिपक रहा, वो मदहोश होकर गांड उछालने लगती, पहले से चुदी हुई होने से वो हर स्टेप जानती थी, कमर हिलाती, लंड को गहराई तक लेती, पापा उसके निप्पल्स चूसता, रौशनी चिल्लाती हाँ एस एस गहरा आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह।
उधर कबिता रौशनी के पापा के मोटे लंड को अपनी चूत में ले रही थी, पहले से गीली होने से दर्द कम था, मजा ज्यादा, रौशनी का पापा उसे गोद में उठाता, दीवार से सटाकर चोदता, लंड अंदर-बाहर, कबिता की टांगें उसके कमर पर लिपटीं, पट-पट आवाजें, उसकी चूत रस छोड़ रही, पापा होंठ चूसता, गंदी बातें करता बेटी तेरी चूत कितनी टाइट है पूरा लंड निगल रही है, कबिता जवाब देती हाँ पापा चोदो मुझे रंडी की तरह, आह्ह.. ह्ह.. जोर से पापा उईई स्स्स।
दोनों पापा बेटियों को चोद रहे थे, कमरा पट पट की आवाजों से गूंज रहा था, आः आः ह्ह्ह उईई एस एस आया हम्म्म्म हाँ हाँ हाँ हस हस्स ह्ह्ह्हह पापा यह पापा ओऊ पापा, और पसीने की महक, सिसकारियों की धुन, ये दोनों बेटियों की जिंदगी की सबसे कामुक याद बन रही थी।
फिर दोनों बापों के मन में अपनी खुद की बेटी को चोदने का ख्याल आता है, वे चुदाई रोकते हैं, बेटियों को घोड़ी बनने को कहते हैं, रौशनी और कबिता अपनी चूत पापाओं की तरफ करके झुक जातीं, अब रौशनी के पापा अपनी बेटी की चूत के सामने, कबिता के पापा अपनी की, और चुदाई शुरू, रौशनी को पता नहीं चलता पहले, लेकिन पीछे मुड़कर देखती तो चौंक जाती।
रौशनी: यह क्या पापा तुम कब से कैसे (तुरंत लंड से दूर हो गई)।
कबिता: (हंसते हुए) हा हा हा यह तो होना ही था।
रौशनी: क्या यार कैसी बात कर रही हो तुझे शर्म नहीं आती?
कबिता: बाप के सामने नंगी हो सकती हो चुद नहीं सकती।
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रौशनी की पापा: आजा बेटी अब और मजा दूंगा आओ सब नॉर्मल है।
रौशनी: लेकिन मैं आप……
कबिता: अरे जा ना अब क्या नाटक करती है।
कबिता रौशनी को धक्का देती है, रौशनी का पापा उसे पकड़ता है, उसकी चूत में उंगली डालकर रगड़ने लगता, क्लिट को मसलता, रौशनी सिसकारती स्स्स उईई पापा मत करो आह इह्ह ओह्ह ओह लेकिन शरीर गर्म हो रहा, पापा दो उंगलियां अंदर डालता, घुमाता, रौशनी कमर हिलाती आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. अच्छा लग रहा है ना।
रौशनी की पापा: अच्छा लग रहा है ना?
रौशनी: अजीब है पापा ससससस ससससससस।
रौशनी की पापा: अब लंड ले मेरा बहुत अच्छा चूत है तेरी बेटी।
रौशनी: पापा आप ऐसे बात मत करो अजीब लगता है।
रौशनी की पापा: अच्छा अभी भी तुझे अजीब लग रहा है रुक ले मेरा लंड चूत में।
रौशनी: नहीं पापा नहीं रोको थोड़ा रोको।
लेकिन पापा नहीं मानता, रौशनी को बेड पर लिटाकर टांगें फैलाता, लंड धीरे अंदर डालता, फिर स्पीड बढ़ाता, पट-पट, रौशनी छटपटाती लेकिन मजा लेने लगती, गांड उछालती, जोर से चिल्लाती एस एस पापा एस आआ ह्म्म्म ह्म्म्म।
रौशनी की पापा: बेटी क्या चूत राखी है तू मेरे लंड को और गरम कर रहा है।
रौशनी: घुसा दो पापा मुझे जोर दार चोदो स्स्स्स।
पापा: आज तुझे मां बना दूंगा बेटी तेरी चूत से मेरा बच्चा निकलेगा यह ले।
रौशनी: मुझे रंडी बना दो पापा चोदो और जोर से उर जोर से।
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पापा: लंड सूख गया है बेटी चूस ले थोड़ा।
रौशनी घुटनों पर बैठकर लंड मुंह में लेती, चूसती ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, स्वाद मुंह में घुलता, पापा सिर पकड़कर धक्के देता।
रौशनी: उम्म्म क्क्कूउ बहुत बड़ा है पापा।
पापा: कैसा लग रहा है मेरा लंड।
रौशनी: कभी इतना बड़ा ली नहीं हूं बहुत मजा आ रहा है।
पापा: तो नाटक क्यों कर रही थी?
रौशनी: मुझे शर्म आ रहा था पापा अब ठीक है चोदो मुझे जैसा मन करे वैसा।
फिर पापा रौशनी को उठाकर लंड पर बैठाता, काउगर्ल में चोदता, रौशनी ऊपर-नीचे, चूचियां उछलतीं, पट-पट, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह पापा गहरा हाँ एस एस, उधर कबिता अपने पापा का लंड चूस रही थी ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, दोनों जोड़े रंडी-ग्राहक जैसे चुद रहे थे, कमरा कामुक महक से भरा।
कुछ देर बाद कबिता का पापा फिर तैयार, रौशनी को चोदना चाहता, लेकिन रौशनी का पापा नहीं छोड़ता।
रौशनी: जाने दो ना पापा मुझे।
रौशनी की पापा: बेटी मुझसे ही चुद ना बड़ा मजा आ रहा है।
कबिता की पापा: अबे तू मेरी बेटी को लेले थोड़ा मजा लेने दे तेरी बेटी से।
रौशनी की पापा: अपनी बेटी को चोद लोडे ह्ह्ह ह ह सस।
रौशनी: ऐसे करते हैं दोनों मुझे चोदो यह सबसे अच्छा होगा।
रौशनी की पापा: सच में तू ले लेगी दोनों लंड एक साथ?
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रौशनी: ससस्स्स्स उम्म्म पापा ह्ह्ह्ह अपने चोद कर मेरा फाड़ दिया है स्स्स्स अब दो लेके देखूंगी।
रौशनी की पापा: अगर तूने दो लंड ले लिया तो मजा दुगना हो जाएगा।
रौशनी: सच में मजा आएगा तो चोदो मुझे दोनों।
कबिता: अगर तू ले लेगी तो तेरे बाद मेरी बारी होगी।
कबिता की पापा: ठीक है बेटी अब हम लोग ड्यूल पेनेट्रेशन खेलेंगे।
दोनों पापा रौशनी को खड़ा करते, कबिता पकड़ती, रौशनी का पापा गांड में लंड डालता, धीरे-धीरे, रौशनी सिसकारती आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई पापा गांड में दर्द, फिर कबिता का पापा चूत में डालता, रौशनी कांपती आह इह्ह ओह्ह ओह आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. रुको दोनों एक साथ स्स्स उईई, लेकिन तसल्ली से साथ देती, दोनों पापा जानवर जैसे चोदते, पट-पट पटाक, रौशनी बीच में फंसी, शरीर हिलता, चिल्लाती आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह दोनों लंड फाड़ दो हाँ एस एस, चूत से खून निकलता।
रौशनी की पापा: बेटी तेरे खून निकल रहा है।
कबिता की पापा: रुक जाते हैं निकाल लो लंड अपना।
रौशनी: नहीं नहीं अच्छा लगता है चोदो मुझे फाड़ दो आज मेरी बहुत मजा आ रहा है पापा चोदो प्लीज चोदो।
दोनों गर्म होकर रौशनी को पटक-पटक कर पेलते, पोजीशन बदलते, सैंडविच बनाते, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई और जोर से, चूत से पानी पिचकारी मारकर निकलता।
रौशनी: रुकना मत चोदो और जोर से पापा और जोर से।
रौशनी की पापा: तेरी पानी निकल गई।
रौशनी: आज तुम दोनों का लंड से पानी निकाल दूंगी चोदो मुझे चोदो।
कबिता की पापा: महा रंडी बनेगी तू आजा तेरी गांड फाड़ता हूं।
फिर दोनों झड़ने वाले होते, कबिता लंड खींचकर अपने पर पानी गिरवाती, अब कबिता की बारी, दोनों पापा उसे चोदते, चूत और मुंह में, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, फिर ड्यूल, कबिता चिल्लाती आह इह्ह ओह्ह ओह आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. दोनों पापा फाड़ दो स्स्स उईई, पट-पट, रस निकलता, पापा झड़ते उसके शरीर पर, पूरा दिन चुदाई में बीतता, एक कामुक कहानी बनती।
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उस दिन के बाद जब मन करता कोई कॉल करता, बेटी को चोदते, आज तक बाप-बेटी सेक्स चलता, आगे भी चलेगा, लेकिन आपके लंड से पानी निकला कि नहीं कमेंट करके बताओ।
वाह क्या कहानी है… मेरी गांड भी मारो ना ऐसा… हाय मैं कितनी बदचलन हो गई हूँ 😈💦
Sach me mujhe Marni h aap ki gand mrvaogi mujhse
Mere lund🍆 dande jaisa khada hai. Aaja apni gand ki khujli mita le Simran 👄
बस करो यार… पढ़ते-पढ़ते मेरे निप्पल्स खड़े हो गए… कोई जोर से पेलने वाला है क्या? 🥵
Ha bilkul m pel du
Nipples kya cheez hain jaan. Kaho to tumhe ragad ke rakh du.
Oral ke liye msg karo
मुझे भी चोदने देगी सिमरन
Hello