सन्नी- “तो क्या हुआ? जो सच है, वही बोला है। इसमें क्या छिपाने वाली बात है?”
काजल- “अच्छा? पर ये ‘सेक्सी’ लगने का मतलब क्या होता है?”
सन्नी- “तुम्हें इतना भी नहीं पता? सेक्सी लगने का मतलब है जिसे देखते ही प्यार करने का मन करे।”
काजल- “मुझे कुछ अजीब सा महसूस हो रहा है तुम्हारी बातों से।”
सन्नी- “अच्छा चलो ठीक है, तुम्हें अच्छा नहीं लगता तो कुछ और बात करते हैं।”
काजल- “नहीं, मेरा वो मतलब नहीं था। बस किसी से कहना मत कि हमारे बीच इस तरह की कोई बात हुई है। मुझे और कोई दिक्कत नहीं है।”
सन्नी समझ गया था कि तीर सही निशाने पर लगा है। उसने कहा- “मैं क्यों किसी को बताऊंगा। आखिर तुम मेरी इतनी अच्छी दोस्त जो हो, और दोस्तों के बीच की बात कभी बाहर वालों को नहीं बताते।”
काजल- “हां ये बात तो सही है। अच्छा तो क्या मैं आज तुम्हें सेक्सी लग रही थी?”
सन्नी- “हां यार कसम से। मेरा तो मन कर रहा था कि उसी वक्त तुम्हें अपने आगोश में भर लूं और अपने सभी अरमान पूरे कर लूं।”
काजल पहले तो थोड़ा शर्माई, फिर बाद में हंसते हुए बोली- “और क्या हैं वो अरमान?”
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