टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

कॉलेज के दिन (भाग-2)

उनके पति उसी शहर में एक फैक्टरी में काम करते थे और ज्यादातर उनकी नाइट शिफ्ट ही होती थी, जिस कारण दिन में अक्सर वो घर में ही रहते थे। अनीता आंटी काफी खुशमिजाज और मित्रतापूर्ण प्रवृत्ति वाली औरत थी।

उनके साथ सोनू को बात करने में कभी हिचकिचाहट नहीं हुई, अन्यथा सोनू जल्दी से किसी भी अनजान व्यक्ति से घुलता-मिलता नहीं था। पर अनीता आंटी की तो बात ही अलग थी।

सोनू और अनीता आंटी जब भी खाली होते तो अक्सर अपनी रोजमर्रा की बातें एक-दूसरे को बताते। अनीता आंटी को सोनू की कॉलेज की बातें सुनने में बड़ा आनंद आता था। वह सोनू से अक्सर कहती थी कि जिंदगी के सबसे अच्छे दिन यही होते हैं, उसके बाद जीवन में कुछ भी मजेदार नहीं बचता। सोनू भी अनीता आंटी की बातें पूरी रुचि लेकर सुनता।

फिर एक दिन जब सोनू कॉलेज गया तो उसका दोस्त साधु उसी की क्लास के एक लड़के सन्नी से बात कर रहा था। सोनू भी वहां जाकर साधु और सन्नी से मिला तो सन्नी ने अपनी आपबीती बतानी शुरू की कि कैसे उसने उसी की क्लास की लड़की काजल के साथ फोन सेक्स किया और फिर फ्लैट में सीमा के साथ भी सेक्स का पूरा आनंद लिया।

साधु उसे हमेशा की तरह सच्चे प्यार की परिभाषा समझाने लगा तो सन्नी ने उसे यही सलाह दी कि उपदेश देने की जगह अगर वह भी किसी लड़की की चूत का मजा पाने का प्रयास करे तो उसके लिए ज्यादा अच्छा रहेगा, अन्यथा सारी उम्र उपदेश ही देने में निकल जाएगी और हस्तमैथुन करते-करते पूरी जवानी बर्बाद हो जाएगी।

इसे भी पढ़ें  माँ के साथ चुदाई के मज़े

यह सब सुनकर सोनू को काफी प्रेरणा मिली। वह जोश से भर गया और सोचने लगा कि चाहे जो भी हो, अब तो उसे भी कुछ ना कुछ करना ही पड़ेगा, अन्यथा उसे सारी उम्र पछतावा रहेगा कि सारी जवानी बिना कुछ किए बर्बाद कर दी।

सोनू उन दिनों पड़ोस में रहने वाली पूनम भाभी की ओर काफी आकर्षित था और उसका बड़ा मन था कि किसी तरह भाभी पट जाए तो उसका जीवन सफल हो जाए। सोनू को लगा कि जब सन्नी इतने कम समय में कॉलेज में ऐसे कारनामे कर सकता है तो अगर कोशिश की जाए तो वह भी जल्द ही पूनम भाभी के हुस्न का स्वाद चख लेगा।

वैसे भी पूनम भाभी तो कई सालों से उसके पड़ोस में रह रही थी। अब वक्त आ गया था कि कुछ भी करके उनसे बातचीत बढ़ाई जाए।

उस दिन कॉलेज से घर जाते हुए वह रास्ते में पड़ोस की पूनम भाभी के बारे में सोचता हुआ जा रहा था। सन्नी की बताई हुई बातें उसके दिमाग में घूम रही थीं। कॉलेज से घर के रास्ते में सोनू की आंखों के सामने पूनम भाभी ही घूम रही थी।

वैसे तो भाभी काफी सालों से सोनू के पड़ोस में रह रही थी, पर अब सोनू जवान हो चुका था, इसलिए उसका देखने का नजरिया बदल चुका था। भाभी दिखने में माल लगती थी और हाव-भाव से चालू। इसलिए सोनू को लगता था कि शायद अगर वह कभी कोशिश करे तो बात आगे बढ़ पाए।

टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए
इसे भी पढ़ें  कुंवारी लड़की की फ्रेश बुर का उद्घाटन