सोनू एकदम से घबरा गया और फटाफट बाहर आ गया। सोनू के बाहर आते ही आंटी ने देख लिया कि उसका लंड खड़ा हुआ है, उन्हें यह समझने में ज्यादा देर नहीं लगी कि सोनू अंदर क्या कर रहा था।
तभी उन्होंने सोनू से कहा- “हस्तमैथुन कर रहे थे ना? फिल्म देखकर उत्तेजित हो गए थे या मेरी बातें सुनकर?”
सोनू समझ गया कि आंटी से अब इस बारे में झूठ नहीं बोला जा सकता। उसने कहा- “आपकी बातें सुनकर ही उत्तेजित हो गया था और इससे पहले कि आप पूछें मैं पहले ही बता दूं कि आपकी ही कल्पना करके हस्तमैथुन कर रहा था।”
आंटी यह सुनकर थोड़ी हैरान हुई और खुश भी। वह सोनू से बोली- “क्या? मेरे नाम का हस्तमैथुन कर रहे थे? मुझे बता देते पहले ही तो मैं वैसे ही तुम्हारा स्खलन करवा देती।”
तभी आंटी ने सोनू के लंड के उभार की ओर देखा और कहा- “वैसे मुझे लग रहा है कि काम अभी पूरा नहीं हुआ था। मैंने बीच में विघ्न डाल दिया। सॉरी! एक काम करती हूं। मैंने सारा काम बिगाड़ा है तो पूरा भी मैं ही कर देती हूं। चलो बेडरूम में।”
एक बार तो सोनू को अपने कानों पर विश्वास नहीं हुआ कि क्या सच में आंटी उसका हस्तमैथुन करने की बात कर रही है? वह आगे होने वाली घटना को लेकर बहुत ही रोमांचित हो रहा था।
वह आंटी के साथ बेडरूम में आ गया। बेड पर बैठते ही आंटी ने उसे पायजामा उतार देने को कहा। सोनू ने वैसा ही किया।
फिर आंटी ने धीरे से उसका अंडरवियर खींच कर नीचे कर दिया और सोनू का लंड बाहर निकाल लिया। फिर आंटी सोनू का लंड हाथ में लेकर धीरे-धीरे सहलाने लगी।
सोनू का लंड आंटी के छूते ही पूरे तनाव में आ गया और सोनू को एक बार तो लगा वह उसी पल स्खलित हो जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ।
आंटी ने सोनू का लंड कस कर पकड़ लिया और उसे ऊपर से नीचे तक बड़े ध्यान से देखने लगी। फिर आंटी ने धीरे-धीरे सोनू का लंड ऊपर-नीचे करते हुए हस्तमैथुन शुरू कर दिया।
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए
Related Posts