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कॉलेज के दिन (भाग-2)

आंटी शरारती ढंग से मुस्कुराई और बोली- “हस्तमैथुन करते हुए किसके बारे में सोचते हो?”

इसपर सोनू कुछ नहीं बोला तो आंटी बोली- “अरे बता भी दो। पूनम के बारे में ही सोचते होगे। है ना?”

सोनू ने “हां” में सिर हिला दिया। फिर सोनू ने आंटी से पूछा- “आंटी आप और अंकल रोजाना सेक्स करते हो?”

आंटी पहले थोड़ी हिचकिचाई फिर बोली- “अरे कहां, जब से तुम्हारे अंकल की नाइट शिफ्ट हुई है तब से तो समय ही नहीं मिलता। वैसे भी उनकी सेक्स में बहुत ज्यादा रुचि नहीं बची है। शादी के इतने साल बाद वो बात नहीं रहती।”

फिर आंटी बोली- “अच्छा मेरी छोड़ो, तुम अपनी बताओ। और किस-किस के बारे में सोचते हो हस्तमैथुन करते हुए?”

सोनू ने सोचा अब ज्यादा शराफत दिखाने का कोई फायदा नहीं, आंटी से खुलकर बात कर लेना ही ठीक है। सोनू ने कहा- “वो सेक्सी फिल्मों वाली लड़कियों के बारे में।”

आंटी- “सेक्सी फिल्में भी देखते हो? कहां से लेकर आते हो?”

“दुकान से सी.डी. मिलती है।” सोनू ने कहा।

“अभी है तुम्हारे पास कोई सी.डी.?” आंटी ने पूछा तो सोनू ने हामी भर दी।

“तो ठीक है, लेकर आओ। मुझे भी देखनी है। मैंने कभी नहीं देखी।”

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