अब थोड़ी देर में उसने मोबाइल को अपने बैग पर रखकर तुरंत मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने उसकी तरफ घूमकर देखा तो उसकी आंखों में कुछ अलग सा था और वो मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी. फिर मैं जयपुर बस स्टैंड आने से पहले ही उतर गया क्योंकि मुझे वहीं पर उतरना था और वो उसी बस के साथ बस स्टैंड चली गई, मैं अपने रूम पर आ गया और उसके बारे में सोचने लगा. उसी रात को उसका मेरे पास एक मैसेज आया कि मुझसे मिलकर बहुत अच्छा लगा और उसने मुझे अगले दिन मिलने के लिए बुलाया.
दोस्तों दूसरे दिन रविवार का दिन था और मेरे ऑफिस की उस दिन छुट्टी थी, मुझे कहीं नहीं जाना था तो मैंने उससे मिलने जाने के लिए तुरंत हां कह दिया, उसने मुझे फिल्म देखने चलने के लिए बुलाया था और मैं 9 बजे ही उसके बताए हुए पते पर पहुंच गया, वो वहां पर मुझे लेने आई और मैं उसके साथ चला गया. वो मुझे सबसे पहले अपने रूम पर ले गई और मुझे अब थोड़ा डर लग रहा था क्योंकि मैं इससे पहले कभी ऐसे किसी लड़की के साथ कहीं नहीं गया था. मैंने देखा कि उसके रूम पर उस समय कोई भी नहीं था और उसका मकान मालिक भी उस दिन कहीं बाहर गया हुआ था, तो मैं उसके बेड पर जाकर बैठ गया. उसने मुझे पानी लाकर पिलाया, फिर वो मुझसे बोली कि आप अपने जूते उतारकर आराम से बैठ जाओ और फिर मैंने अपने जूते उतार दिए और बहुत आराम से रजाई में पैर डालकर बैठ गया.
वो दो मिनट के बाद आई और मेरे पास ही उसी रजाई में बैठ गई. फिर थोड़ी देर हमने इधर-उधर की बातें की, फिर जैसे ही मैंने उसकी तरफ मुस्कुराकर देखा तो उसने अचानक से मुझे मेरे होंठों पर एक किस कर दिया, जिसकी वजह से मुझे उसके जोश में आने का पता चल गया. तो उससे दो मिनट बात करने के बाद मैंने भी थोड़ी हिम्मत करते हुए उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे अपनी तरफ खींच लिया. दोस्तों वो तो जैसे बिल्कुल तैयार ही बैठी हुई थी, उसने तुरंत अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख दिया और मैंने भी जोर से किसिंग चालू कर दी, हम दोनों एक-दूसरे को गहराई से चूम रहे थे, होंठों को चूसते हुए, जीभ से खेलते हुए, आह.. ओह.. की हल्की आवाजें निकल रही थीं.
हमे ऐसा करते हुए अभी सिर्फ दो मिनट ही हुए थे कि मेरा हाथ धीरे-धीरे नीचे जाने लगा और मैंने जोश में आकर उसकी स्वेटर के ऊपर से ही उसके बूब्स को जोर-जोर से दबाना चालू कर दिया, वो आह.. ह्ह.. कर सिसकने लगी, उसके बूब्स नरम और उभरे हुए थे, दबाने में मजा आ रहा था. फिर मैंने उसे अपने से थोड़ा दूर किया और उससे वो स्वेटर उतारने को कहा, उसने तुरंत वो स्वेटर निकाल दिया और मैंने भी अपनी जैकेट को उतार दिया. अब वो मेरे पास में आकर लेट गई और उसने मुझे किस करना चालू कर दिया, मैंने अपने एक हाथ से उसकी टी-शर्ट को कंधे से नीचे सरका दिया और उसके एक बूब्स के ऊपरी हिस्से पर किस कर दिया, फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को पूरा नीचे उतार दिया और फिर मैंने उसे बेड पर सीधा लेटा दिया और अब मैं उसके ऊपर आ गया.
मैंने अपने ऊपर उस रजाई को डाल लिया और मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों बूब्स को दबा लिया, उसके बूब्स का साइज इतना ही था कि मेरे हाथ में बहुत अच्छे से आ रहे थे, ना ज्यादा बड़े और ना ज्यादा छोटे, लेकिन उन्हें दबाने में मुझे बहुत मजा आ रहा था और शायद उसको भी अच्छा लगने लगा था, वो आह.. इह्ह.. ओह.. कर रही थी, अपनी कमर उचका रही थी. अब मैंने उसकी ब्रा को भी उतारकर अलग दूर फेंक दिया और फिर उसने भी मेरे ऊपर आकर मेरी शर्ट के सारे बटन खोल दिए और मुझे किस करने लगी, ऊपर से नीचे तक वो मुझे लगातार चाटने लगी, मेरे सीने पर जीभ फिराती हुई, निप्पल्स को चूसती हुई, गी.. गी.. की आवाजें आ रही थीं. हम दोनों उस समय पूरे जोश में थे, करीब पांच मिनट के बाद किसी ने दरवाजा बजाया, उसकी वजह से हम दोनों की गांड फटने लगी. मैंने जल्दी से अपने कपड़े ठीक किए और अपने ऊपर दोबारा उस रजाई को पूरा डाल लिया.
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फिर उसने दरवाजा खोलकर देखा तो बाहर टिफिन वाला खाना देने आया हुआ था. उसने अपना खाना लेकर तुरंत दरवाजा बंद किया और फिर से वो मेरे पास में आकर लेट गई. उसने दोबारा किसिंग करना शुरू कर दिया था और अब मैंने उसकी पैंट के हुक की तरफ अपना एक हाथ आगे बढ़ाया तो उसने मुझसे कहा कि नहीं प्लीज वहां नहीं, ऊपर चाहो तुम कुछ भी करो, लेकिन नीचे कुछ नहीं. अब मैंने झट से उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी पैंट के ऊपर से अपना तनकर खड़ा लंड पकड़ा दिया, वो उसकी गर्मी, मोटाई, लंबाई को महसूस करके धीरे-धीरे जोश में आकर गर्म होने लगी, आह.. ह्ह.. कर सिसक रही थी. फिर मैंने उसकी पैंट को भी उतार दिया, लेकिन उसने दोबारा मुझसे कुछ भी नहीं कहा और मैंने तुरंत अपनी पैंट को भी उतार दिया और अपना लंड बाहर निकालकर उसके हाथ में पकड़ा दिया.
मैंने जब उसकी चूत पर हाथ लगाया तो मुझे पता चला कि वो पहले से ही बहुत गीली हो चुकी थी. मैंने धीरे-धीरे अपनी एक उंगली को चूत के अंदर डाल दिया, उसने अपने किस करने का दबाव बढ़ा दिया था और वो अब जोर-जोर से मुझे किस करने लगी थी, आह.. इह्ह.. ओह.. की आवाजें तेज हो गईं. मैंने फिर अपनी दो उंगली को अंदर डालकर फिंगरिंग चालू कर दी जिसकी वजह से अब उसकी तड़प और भी बढ़ने लगी थी, वो ऊई.. ऊई.. कर कमर हिला रही थी, चूत से रस टपक रहा था. अब उसके अंदर और मेरे अंदर आग बराबर की लगने लगी थी, उसकी जोर-जोर से सिसकियां चालू हो गईं और फिर मैंने उसे नीचे लेटाया और मैंने उसके ऊपर आकर उसकी गीली चूत पर मैं अपना लंड रगड़ने लगा, वो आह.. ह.. ह.. ह्हीईई.. आअह्ह्ह्ह कर तड़प रही थी.
वो इतनी गर्म हो गई थी कि उसने खुद अपने हाथ से मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के मुंह पर लगाकर मेरे कुल्हों को दबाने लगी और मैंने भी अब बिना देर करते हुए अपना लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में डालने लगा. जैसे-जैसे मेरा लंड चूत में जाता वैसे-वैसे उसकी मेरे कुल्हों पर पकड़ और भी मजबूत होती जाती, वो दर्द की वजह से अपने नाखून मेरे शरीर पर गड़ाने लगी थी, लेकिन अब मैंने महसूस किया कि वो पहले भी चुद चुकी थी इसलिए उसे दर्द थोड़ा कम हुआ, आह.. ओह.. ऊउइ.. ऊई.. उईईई.. की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं. अब मैंने अपने लंड को लगातार तेज स्पीड में अंदर-बाहर करना चालू कर दिया और उसने मेरे होंठों पर किस करते हुए मेरे होंठों को बंद कर लिया.
दोस्तों करीब दस मिनट तक ताबड़तोड़ धक्के देकर चुदाई करने के बाद मैंने तुरंत अपना लंड उसकी चूत से खींचकर बाहर निकाल लिया, वो हांफ रही थी और उसकी सांसें बढ़ी हुई थीं, उसका दिल जोर-जोर से धड़क रहा था. मैंने उसे अपने ऊपर खींच लिया और लंड को अपने एक हाथ से पकड़कर बिल्कुल सीधा खड़ा करके मैंने उसे उस पर बैठा दिया और वो ऐसे ही मेरे लंड के ऊपर बैठ गई, वो अब अपनी गांड को लगातार ऊपर-नीचे करने लगी, आह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. की आवाजें निकालते हुए, उसके ऐसा करने से मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैं उसके बूब्स दबा रहा था.
फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसे उठाया और उसको अपनी साइड में लेटा दिया. मैंने महसूस किया कि वो अभी भी बहुत गर्म थी और अब मैं उसके पैरों में बैठ गया और मैंने उसके एक पैर को अपने कंधे पर रखकर लंड को दोबारा चूत में अंदर सरकाकर मैंने एक बार फिर से उसकी चुदाई को चालू कर दिया. अब वो बहुत धीमी-धीमी आवाज में सिसकियां भरने लगी थी, उसकी सिसकियों की आवाज और मेरे धक्कों की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी, लेकिन अब थोड़ी देर बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने जल्दी से अपने धक्कों की स्पीड को बढ़ा दिया और फिर लंड को चूत से बाहर निकालकर अपना सारा वीर्य उसके पेट और बूब्स पर निकाल दिया और फिर मैं साइड में लेट गया, वो मेरे ऊपर अपना एक पैर रखकर मुझे हल्के-हल्के किस करने लगी. थोड़ी देर तक हमारे बीच ऐसे ही किसिंग और बूब्स दबाना, चूसना चालू रहा, गी.. गों.. की आवाजें आ रही थीं और फिर उसकी एक दोस्त का कॉल आ गया जो उसको बुला रही थी. फिर हमने उठकर कपड़े पहन लिए और उसके बाद हम रूम से बाहर निकल गए, लेकिन दोस्तों उसके बाद दोबारा हम कभी नहीं मिले.
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