Bestfriend ke sath chudai sex story: मेरा नाम अनमोल है, और मैं मेरठ में रहता हूँ। मैं 24 साल का हूँ, गेहुंआ रंग, 5 फीट 10 इंच की हाइट, और जिम की वजह से बदन में कसाव है। मेरा लंड 7 इंच का है, मोटा, सख्त, और गुलाबी सुपारे वाला, जो किसी भी लड़की को दीवाना बना सकता है। मेरी एक दोस्त है, हिमांशी। वो 23 साल की है, गोरी-चिट्टी, 5 फीट 4 इंच की हाइट, और फिगर 34-32-36। उसके बूब्स इतने गोल और भरे हुए हैं कि देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। गुलाबी निप्पल, जो टाइट टॉप में उभरे हुए साफ दिखते हैं। उसकी गांड गोल-मटोल, चलते वक्त लचकती है, जैसे कोई चुम्बक खींच रहा हो। उसके होंठ रसीले, गुलाब की पंखुड़ियों जैसे, और आँखें बड़ी-बड़ी, जिनमें डूब जाने का मन करता है।
हम दोनों 11वीं और 12वीं में एक साथ पढ़े थे। स्कूल को-एड नहीं था, लेकिन फंक्शन और इवेंट्स में हम मिलते थे। तब हम बस नॉर्मल दोस्त थे, ज्यादा बात नहीं होती थी। हिमांशी उस वक्त भी क्यूट थी, लेकिन उसका फिगर इतना खुला नहीं था। फिर ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में, प्लेसमेंट के दौरान हम कई साल बाद मिले। उस दिन उसने नीली जींस और टाइट सफेद टॉप पहना था, जिसमें उसके बूब्स साफ उभरे हुए थे। मैं उसे देखता ही रह गया। उसकी कमर पतली, और गांड का उभार ऐसा कि दिल धड़कने लगा। हमने नंबर एक्सचेंज किए, और फिर रोज़ बात होने लगी। उस वक्त मेरी गर्लफ्रेंड थी, प्रिया, लेकिन हिमांशी से बात करने का मज़ा अलग था। वो फ्लर्टी थी, हँसती थी, और उसकी आवाज़ में एक अजीब सी कशिश थी।
धीरे-धीरे हमारी बातें पर्सनल होने लगीं। एक शाम हम पार्क में मिले। उसने हल्का गुलाबी कुर्ता और टाइट लेगिंग्स पहनी थी। मैंने उसे टाइटली हग किया, उसका मुलायम बदन मेरे सीने से टकराया, और मुझे उसके बूब्स की गर्मी महसूस हुई। उसकी खुशबू, शायद कोई फ्लोरल परफ्यूम, मेरे दिमाग में चढ़ गई। हमने साथ में समोसे और चाय ली, और फिर अपने-अपने रूम पर चले गए। उस रात फोन पर बात करते वक्त मैंने कहा, “हिमांशी, आज तुझे हग करने में बड़ा मज़ा आया।”
वो हँसते हुए बोली, “क्यूँ? क्या हुआ?”
मैंने नॉटी अंदाज़ में कहा, “तेरे बूब्स फील हुए ना, इसलिए।”
वो शरमा गई, और उसकी हँसी में एक मस्ती थी। बोली, “अच्छा, तू तो बड़ा बदमाश है!”
फिर हमारी ऐसी ही बातें चलती रहीं। कभी लंच, कभी डिनर, कभी घूमने निकल जाते। मैं कभी-कभी उसे छोटा सा लिप-किस कर देता। वो शरमाती, लेकिन मना नहीं करती थी। 2024 के वैलेंटाइंस डे पर उसने मुझे मूवी के लिए बुलाया। उसने फोन पर कहा, “अनमोल, मूवी चलें? वैलेंटाइंस डे है, कुछ स्पेशल करना चाहिए।”
मैंने तुरंत हाँ कर दी और बोला, “मूवी तो ठीक है, लेकिन आज पूरा दिन साथ रहेंगे। मूवी के बाद होटल में रुकेंगे।”
वो थोड़ा हिचकिचाई, फिर बोली, “ठीक है, लेकिन तू कोई शरारत नहीं करेगा, प्रॉमिस कर।”
मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, थोड़ी-बहुत शरारत तो बनती है!”
वो हँस पड़ी और बोली, “तू नहीं सुधरेगा!”
फिर उसने पूछा, “मैं क्या पहनूँ?”
मुझे रेड कलर बहुत पसंद है, तो मैंने कहा, “जींस और टाइट शर्ट पहन ले, और अंदर रेड ब्रा और रेड पैंटी।”
वो हँसते हुए बोली, “अच्छा जी, तेरा ऑर्डर सर-आँखों पर!”
उस दिन वो मिलने आई। उसने ब्लैक टाइट जींस और रेड टॉप पहना था, जो उसके फिगर को और उभार रहा था। उसकी रेड ब्रा का स्ट्रैप टॉप के कंधे से थोड़ा दिख रहा था, जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था। हम मूवी देखने गए। मूवी के दौरान मेरा ध्यान उसकी तरफ था। वो कयामत लग रही थी। उसका टॉप इतना टाइट था कि उसके बूब्स का शेप साफ दिख रहा था। मैंने धीरे से उसका हाथ पकड़ा, और वो मुस्कुरा दी।
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मूवी के बाद हमने लंच किया। मैंने एक फैंसी रेस्तरां चुना, जहाँ हमने पास्ता और कोल्ड ड्रिंक ऑर्डर किया। लंच के दौरान वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थी, और मैं उसकी आँखों में खो रहा था। फिर हमने एक होटल बुक किया। चेक-इन करते ही मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया। वो हँसते हुए बोली, “अरे, क्या कर रहा है?”
मैं उसके बगल में लेट गया और उसे टाइट हग किया। उसका बदन इतना मुलायम था कि मैं खुद को रोक नहीं पा रहा था। मैंने पहले कभी उसे लंबा लिप-किस नहीं किया था, लेकिन आज मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया। उसके होंठ गर्म और रसीले थे। मैंने धीरे-धीरे उसका निचला होंठ चूसा, फिर जीभ से उसकी जीभ को टच किया। वो भी पूरा रिस्पॉन्स दे रही थी। उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं, और वो मेरे बालों में उंगलियाँ फिरा रही थी।
मैंने उसकी गर्दन पर किस किया। उसने पहले कभी गर्दन पर किस नहीं करने दिया था, क्योंकि वो कहती थी कि उसका वीक पॉइंट है। लेकिन आज वो तैयार थी। मैंने उसकी गर्दन पर धीरे-धीरे होंठ रखे, फिर जीभ से चाटा। वो सिहर उठी और बोली, “अनमोल… उह्ह… ये क्या कर रहा है?”
मैंने कहा, “बस, तुझे मज़ा दे रहा हूँ।”
फिर मैंने उसकी शर्ट के बटन धीरे-धीरे खोले। उसका रेड टॉप पहले ही हट चुका था, और अब उसकी काली शर्ट के बटन खुल रहे थे। उसकी रेड ब्रा साफ दिख रही थी। मैंने शर्ट उतारकर बेड के पास फेंक दी। फिर उसकी जींस का बटन खोला और धीरे-धीरे नीचे सरकाया। उसकी रेड पैंटी का गुलाबी लेस साफ दिख रहा था। मैंने उसकी जींस पूरी उतार दी और फेंक दी। अब वो सिर्फ रेड ब्रा और पैंटी में थी। मैंने अपने कपड़े भी उतारे और सिर्फ अंडरवियर में रह गया।
वो रेड ब्रा-पैंटी में कयामत लग रही थी। उसकी गोरी चमड़ी, भरे हुए बूब्स, और गोल गांड देखकर मेरा लंड अंडरवियर में तन गया। मैंने कहा, “हिमांशी, तू तो एकदम माल लग रही है। एक फोटो लूँ?”
वो शरमाते हुए बोली, “हाँ, ले ले, लेकिन किसी को मत दिखाना।”
मैंने उसकी तस्वीरें लीं। वो अलग-अलग पोज़ दे रही थी, कभी बूब्स को उभारकर, कभी गांड को पीछे करके। मैंने करीब 30 फोटो खींचीं। फिर उसने मेरे साथ सेल्फी ली। मैंने धीरे से उसकी ब्रा का हुक खोला। उसके बूब्स आज़ाद हो गए। गुलाबी निप्पल सख्त हो चुके थे। मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। उसकी चूत गुलाबी, छोटी-सी, और हल्की गीली थी। मैंने उसकी और तस्वीरें लीं।
फिर उसने मेरा अंडरवियर उतारा। मेरा 7 इंच का लंड देखकर वो चौंक गई और बोली, “अनमोल, ये तो बहुत बड़ा है! ये मेरी चूत में कैसे जाएगा?”
मैंने हँसते हुए कहा, “अरे, चिंता मत कर, फिट हो जाएगा।”
मुझे लगा कि उसने पहले सेक्स किया होगा, लेकिन उसने बताया कि वो वर्जिन है। मैंने उसके बूब्स को हाथों में लिया। वो इतने मुलायम थे कि दबाने में मज़ा आ रहा था। मैंने उसके गुलाबी निप्पल को मुँह में लिया और चूसने लगा। “उह्ह… अनमोल… आह्ह…” वो सिसकारियाँ ले रही थी। मैंने एक निप्पल को चूसा, दूसरे को उंगलियों से मसला। उसकी साँसें तेज़ हो रही थीं। फिर मैं नीचे गया और उसकी चूत को खोला। उसकी गुलाबी चूत गीली थी। मैंने अपनी जीभ उसकी क्लिट पर रखी और चाटने लगा। वो चिल्लाई, “आह्ह… अनमोल… ये क्या कर रहा है… उह्ह… मज़ा आ रहा है!”
मैंने उसकी चूत को 10 मिनट तक चाटा। उसकी क्लिट को जीभ से चूसा, फिर चूत के होंठों को खोलकर अंदर तक चाटा। वो पागल हो रही थी। “आह्ह… उह्ह… अनमोल… बस कर… मैं मर जाऊँगी!” उसका बदन अकड़ गया, और वो झड़ गई। मैंने उसका सारा पानी पी लिया। फिर मैंने कहा, “अब मेरा लंड चूस।”
वो शरमाते हुए बोली, “मैंने कभी नहीं किया…”
मैंने कहा, “बस, मुँह में ले और चूस।”
उसने मेरा लंड मुँह में लिया। उसका गर्म मुँह मेरे सुपारे पर था। वो धीरे-धीरे चूसने लगी। कभी जीभ से सुपारे को चाटती, कभी पूरा लंड मुँह में लेती। 15 मिनट बाद मेरा माल निकलने वाला था। मैंने कहा, “मेरा पानी निकलने वाला है, पी जा।”
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वो हिचकिचाई, लेकिन मैंने उसका मुँह अपने लंड पर दबाया। मेरा सारा माल उसके मुँह में चला गया। उसने थोड़ा थूका, फिर बाकी पी लिया और बोली, “ये तो मस्त है! अब मैं तेरा पानी फिर पिऊँगी!”
मैंने कहा, “पहले तेरी चूत पिएगी।”
तभी मेरी गर्लफ्रेंड प्रिया का कॉल आया। मैंने जल्दी से कहा, “मैं बिज़ी हूँ, कल बात करूँगा,” और कॉल काट दी। फिर मैंने हिमांशी को बेड पर लिटाया। उसकी चूत टाइट थी। मैंने पूछा, “तूने पहले कभी सेक्स नहीं किया?”
वो बोली, “नहीं, मैं सिर्फ तेरे साथ करना चाहती थी। तू मेरे लिए स्पेशल है।”
मैंने कहा, “लेकिन मैं तुझसे शादी नहीं कर सकता, हमारी कास्ट अलग है।”
वो बोली, “मुझे शादी नहीं चाहिए। मैं तुझसे इतना प्यार करती हूँ कि बस तेरा साथ चाहिए।”
उसकी बात सुनकर मेरा दिल भर आया। मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और धीरे से धक्का मारा। आधा लंड अंदर गया। वो चिल्लाई, “आह्ह… दर्द हो रहा है!” मैंने दूसरा धक्का मारा, और पूरा लंड उसकी चूत में चला गया। खून निकल रहा था। वो रो रही थी। मैंने कहा, “पहली बार ऐसा होता है, थोड़ा सहन कर।”
वो बोली, “तेरे लिए मैं कुछ भी करूँगी।”
मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए। “फच… फच…” की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी। वो चिल्ला रही थी, “आह्ह… उह्ह… अनमोल… ज़ोर से… और ज़ोर से!” मैंने स्पीड बढ़ाई। उसकी चूत गीली थी, और मेरा लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था। वो दो बार झड़ चुकी थी। 30 मिनट बाद मेरा निकलने वाला था। मैंने पूछा, “कहाँ निकालूँ? मुँह में या चूत में?”
वो बोली, “चूत में निकाल दे।”
मैंने सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया और उसके ऊपर लेट गया। हम दोनों थक चुके थे। वो खुश थी, और मैं भी। फिर हम सो गए।
जब नींद खुली, मैंने पूछा, “अगर तू प्रेग्नेंट हो गई तो?”
वो बोली, “मैं पिल ले लूँगी। लेकिन मैं किसी और से शादी नहीं करूँगी। 2-3 साल बाद मैं तेरा बच्चा पैदा करूँगी।”
मैंने कहा, “घर में क्या बोलेगी?”
वो बोली, “मम्मी को पता है कि मैं तुझसे प्यार करती हूँ। उन्होंने हाँ कर दी है।”
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मैंने कहा, “हम बिना शादी के पति-पत्नी जैसे रहेंगे।”
वो खुश हो गई और मेरे लंड से खेलने लगी। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने कहा, “डॉगी स्टाइल में आ।”
वो बोली, “इसमें दर्द होगा ना?”
मैंने कहा, “तू मेरी है ना? फिर मना मत कर।”
वो डॉगी पोज़ में आ गई। मैंने उसकी गांड को चाटा। उसकी गुलाबी गांड का छेद छोटा-सा था। मैंने धीरे-धीरे लंड डाला। चौथे धक्के में पूरा लंड उसकी गांड में चला गया। वो चिल्लाई, “आह्ह… अनमोल… बस कर… दर्द हो रहा है!” मैंने धक्के जारी रखे। “फच… फच…” की आवाज़ फिर गूँज रही थी। 30 मिनट बाद मैंने उसकी गांड में माल छोड़ दिया और उसके ऊपर लेट गया।
जब मैंने लंड निकाला, तो उस पर खून लगा था। मैंने उसे गोद में उठाया और बाथरूम ले गया। वो ठीक से चल नहीं पा रही थी। मैंने गर्म पानी से उसकी चूत और गांड धोई। उसने फिर मेरा लंड चूसा और मेरा सारा माल पी लिया। फिर हम दोनों साथ नहाए और सो गए।
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