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शादी के पहले गर्लफ्रेंड की सील तोड़ी

दोस्तों, मेरा बदला हुआ नाम अलीम है। मैं आगरा में रहता हूँ। मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है और लंड का साइज 6 इंच लंबा तथा 2 इंच मोटा है। मैं दिखने में एकदम गोरा हूँ।

मेरी गर्लफ्रेंड का बदला हुआ नाम आलिया है। वह दिखने में थोड़ी साँवली है। उसकी हाइट 5 फुट है। फिगर की बात करें तो उसके चूचे 30 इंच, कमर 28 इंच और गांड 32 इंच है। वह दिखने में एकदम क्यूट गर्ल लगती है। मैं अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत इज्जत से बोलता हूँ। मैं उसे आलिया जी कहकर बुलाता हूँ।

सन 2011 की बात है जब मैं आगरा शहर में नया-नया आया था और आलिया जी के घर के ठीक सामने किराए का घर लिया था। जब मैंने पहली बार आलिया जी को देखा तो देखता ही रह गया। उस समय वह अपने घर की छत पर खड़ी थीं। पहले मैंने स्माइल की, फिर उन्होंने भी स्माइल की। उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे को रोज देखते रहे लेकिन बात नहीं हो सकी।

एक दिन वह अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थी। तभी मैंने 5 रुपये के नोट पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर उन्हें दे दिया। आलिया जी ने वह नोट उठा तो लिया लेकिन फोन नहीं किया। फिर मैंने एक लेटर लिखा, उसमें अपना नाम लिखा, फोन करने के लिए कहा और फोन नंबर भी लिख दिया। इस बार भी उन्होंने फोन नहीं किया, लेकिन लेटर का जवाब जरूर दिया। 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे को उन्होंने जवाब दिया।

फिर कुछ दिन यूँ ही बीत गए। हमारी बात लेटर के जरिए होती रही।

एक दिन अचानक आलिया जी ने फोन किया और बताया, “यह फोन मेरे पापा जी का है। आप फोन मत करना।” इसके बाद हमारी फोन पर दो साल तक बात होती रही।

एक दिन हम फोन पर बात कर रहे थे। रात के करीब 11 बजे थे। मैंने आलिया जी से कहा, “आज आपको हग करने का दिल कर रहा है।” आलिया जी बोलीं, “आ जाओ घर में।” मैंने पूछा, “घर में कोई नहीं है क्या?” आलिया जी ने कहा, “घर में सब छत पर हैं।” मैंने कहा, “गेट खोलो।”

आलिया जी ने गेट खोला। मैंने बाहर गली में देखा, कोई नहीं था। फिर मैं अंदर चला गया। लेकिन मेरे पैर डर के मारे काँप रहे थे। अंदर जाकर मैंने आलिया जी को हग किया और किस किया। उसके बाद आलिया जी बाहर निकलकर देखने लगीं कि गली में कोई तो नहीं। मैं चुपके से जल्दी बाहर निकल आया।

मैं अपने घर आकर लेट गया, लेकिन पैर अभी भी काँप रहे थे। उसके बाद काफी दिनों तक हमारी बात फोन पर होती रही। फिर पता नहीं क्या हुआ, आलिया जी ने अचानक मुझे फोन करना बंद कर दिया। और मैं फोन नहीं कर सकता था।

फिर मैं गली में खड़े होकर उनसे माफी माँगता, फोन करने के लिए बोलता। इशारे करके पूछता कि बताओ मुझे क्या गलती हो गई। काफी दिनों तक ऐसा ही चलता रहा। मैं इशारे करता रहा, माफी माँगता रहा और फोन करने के लिए बोलता रहा।

सन 2014 में आलिया जी का अचानक फोन आया। मुझे इतनी खुशी हुई जितनी पहली बार फोन आने पर हुई थी।

मैंने आलिया जी से पूछा, “आपने मुझसे बात करना बंद क्यों कर दिया?” आलिया जी ने बताया, “मेरा रिश्ता तय हो गया है और इसीलिए मैंने आपसे बात करना बंद कर दिया।”

मैंने आलिया जी को याद दिलाया, “आप भूल गईं, हमने आपस में पहले ही तय कर लिया था कि हम दोनों की शादी नहीं हो सकती। इसके लिए जिद करना बेकार है। तो मुझे शादी से कोई एतराज नहीं है।”

आलिया जी बोलीं, “मुझे लगा आप मेरे जाने के बाद टूट जाओगे, इसलिए मैंने आपसे बात करना बंद कर दिया था। पर आपने यह बात बोलकर मेरे प्यार को और ज्यादा बढ़ा दिया है।”

हम लोग रोज सुबह एक-दूसरे को दीदार करने आते। धीरे-धीरे आलिया जी मुझसे फिर बात करने लगीं। देखते ही देखते आलिया जी की शादी का समय भी नजदीक आ गया। शादी की तैयारियाँ जोरों से चल रही थीं। आलिया जी की शादी के कार्ड बन रहे थे।

तभी मैंने आलिया जी से कहा, “आलिया जी, आपसे एक बात बोलूँ?” आलिया जी कहने लगीं, “बोलो।”

मैंने कहा, “आलिया जी, आपकी शादी से मुझे कोई एतराज नहीं है। मुझे पता है आप मुझे बहुत प्यार करती हैं। और हो सकता है शादी के बाद भी मुझसे प्यार करती रहें। मैं भी हमेशा आपसे ऐसे ही प्यार करता रहूँगा। पर आज आपसे एक चीज माँगूँगा।”

मैंने डरते हुए काँपती आवाज में बोला, “आप अपनी शादी से पहले मेरे साथ सुहागरात मना सकती हो? मैं चाहता हूँ आप मेरे साथ और मैं आपके साथ पहले सुहागरात मनाएँ।”

आलिया जी बोलीं, “हाय अलीम! आपने ऐसी चीज माँगी जो मैं भी चाहती थी कि मैं अपने हस्बैंड से पहले आपके साथ सुहागरात मना लूँ।” फिर उन्होंने कहा, “पर यह हो कैसे सकता है? मैं घर से बाहर नहीं निकलती।”

मैंने कहा, “आप अपने घर में ही बुला लो मुझे।” आलिया जी बोलीं, “कल मेरे पापा और मेरे भाई कार्ड बाँटने जा रहे हैं। घर में मेरे छोटे भाई और मम्मी रहेंगी। वे सब छत पर सोते हैं।”

तो मैंने कहा, “यह अच्छा मौका है। मैं आपको कुछ नींद की गोलियाँ दे देता हूँ। रात को चाय में मिलाकर अपने घर वालों को पिला देना ताकि हमारी बदनामी न हो।” आलिया जी ने कहा, “यह मैं कैसे कर सकती हूँ?”

मैंने कहा, “सर्दी का टाइम है। सबके लिए चाय बना देना।” आलिया जी बोलीं, “ठीक है। बदनामी से तो यह बेहतर है।”

हमारा 2 बजे का मिलने का प्लान था। आलिया जी ने वैसा ही किया, सबको चाय पिला दी। फिर रात को 2 बजे आलिया जी ने फोन किया। मुझे बहुत डर लग रहा था। और मैं उनके घर में चुपके से चला गया।

नीचे उन्होंने बिस्तर लगा रखा था। सब लोग ऊपर सो रहे थे। आलिया जी उस दिन सफेद गाउन पहने हुए थीं और मैं लोअर तथा टी-शर्ट पहने हुए था।

पहले मैंने आलिया जी का गाउन उतारा। कमरे में लाइट नहीं थी। मैंने अपने फोन की टॉर्च जला दी। रोशनी कम थी, कुछ ज्यादा दिखाई नहीं दे रहा था। मैंने आलिया जी को बाहों में भर लिया और किस करने लगा।

आलिया जी बोलीं, “यह मैं आपके प्यार के लिए कर रही हूँ। वरना कोई लड़की ऐसा नहीं करती।” मैंने आलिया जी से कहा, “सारी जिंदगी आप मुझे याद रखोगी।” आलिया जी भी मुझे किस करने लगीं। उनके होंठ मेरे होंठों के अंदर थे और मेरी जीभ उनके मुँह के अंदर।

आलिया जी ने ब्रा नहीं पहनी थी। नीचे वे लेगी पहने हुए थीं। मैंने उनकी लेगी भी उतार दी। पर अभी भी मुझे डर लग रहा था, मेरे पैर काँप रहे थे। आज उन्होंने पैंटी भी नहीं पहनी थी। शायद झांटें भी आज साफ की थीं।

आलिया जी ने कहा, “अलीम, जो करना है जल्दी कर लो। मुझे बहुत डर लग रहा है।” डरते हुए मैंने किस किया और चूचे दबाए तो वे मचल पड़ीं। मैंने एक चूचा अपने मुँह में लेकर चूसा और एक हाथ से चूत सहलाई तो वे और हॉट हो गईं।

तब मैंने ज्यादा समय न गँवाते हुए अपना लंड निकाला और आलिया जी की चूत पर रख दिया। चूत एकदम टाइट और गर्म लग रही थी। आलिया जी बोलीं, “जल्दी करो। रहा नहीं जा रहा। और कोई आ गया तो क्या होगा।” मुझे भी डर लगने लगा।

मैंने धीरे से लंड घुसाने की कोशिश की, लेकिन पहली बार होने की वजह से चूत बहुत टाइट थी। लंड फिसलकर बाहर निकल गया। मैंने फिर से रखा और जोर से एक झटका लगाया। आधा लंड अंदर चढ़ गया। आलिया जी जोर से चिल्लाने लगीं। मैंने तुरंत उनके होंठों पर होंठ रख दिए और चुप कराने के लिए किस करने लगा।

थोड़ी देर में उनका दर्द थोड़ा कम हुआ। मैंने फिर धीरे से लंड आगे बढ़ाया। चूत अभी भी बहुत टाइट थी और लंड बार-बार फिसलकर बाहर आने लगता। मैंने कमर पकड़कर एक और जोरदार झटका लगाया। पूरा लंड अंदर चला गया। आलिया जी की आँखों से आँसू निकल आए। मुझे भी दर्द महसूस हो रहा था, लेकिन साथ ही गर्मी भी बढ़ रही थी।

मैं धीरे-धीरे हिलने लगा। हर थोड़ी देर में उनका दर्द कम होने लगा। वे मेरे साथ सहयोग करने लगीं और खुद कमर उठाकर चुदाई करवाने लगीं। डर और जोश दोनों साथ-साथ थे। ऊपर किसी के जागने का खतरा था, इसलिए हम दोनों जल्दी में थे। मैं तेज झटके लगाने लगा। चूत की गर्मी और टाइटनेस से मैं काबू खोने लगा।

करीब बीस मिनट बाद आलिया जी अकड़ने लगीं। उनकी साँसें तेज हो गईं और वे मेरी बाँहों में कस गईं। मैं समझ गया कि अब वे झड़ने वाली हैं। मैं और तेज झटके लगाने लगा। तभी मैं भी झड़ गया।

मैंने कंडोम लगा रखा था, इसलिए कोई डर नहीं था। लेकिन आलिया जी ने मेरा हाथ रोक दिया। उन्होंने कंडोम उतार दिया और बोलीं, “मुझे अपने महबूब का खुश-जायका तो पीना ही है।”

उन्होंने मेरे लंड पर लगे वीर्य को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया। धीरे-धीरे पूरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं। पहली बार होने के बावजूद वे जोश में थीं। डर के बावजूद ऊपर से कोई आवाज न आए, इसका ध्यान रखते हुए वे जल्दी-जल्दी चूस रही थीं।

फिर मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और उनकी चूत चाटना शुरू किया। जीभ से उनके गीले हिस्से को चाटते हुए मैं अंदर तक घुस रहा था। आलिया जी कराहने लगीं और मेरे बालों में हाथ डालकर कसने लगीं। कुछ ही मिनटों में वे फिर से अकड़ गईं और झड़ गईं। उनकी टाँगें काँपने लगीं।

उसके बाद उन्होंने फिर मेरे लंड को मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। मैं ज्यादा देर नहीं रोक पाया। मैंने लंड बाहर निकाला और उनके चेहरे तथा चूचों पर वीर्य निकाल दिया। आलिया जी ने उँगली से सब कुछ चाट लिया और मुस्कुराकर कहा, “अब जल्दी कपड़े पहन लो।”

जल्दी से मैंने अपने कपड़े पहने और आलिया जी ने भी अपने कपड़े पहने। हमने एक किस किया। मैं चुपके से निकल गया।

उसके बाद आलिया जी की शादी हो गई। शादी के कुछ महीने बाद ही उन्होंने अपना पर्सनल फोन ले लिया। अब हम रोज सेक्सटिंग करते। वे अक्सर अपनी नंगी तस्वीरें भेजतीं। कभी-कभी अपने पति का लंड भी दिखातीं। साइज में मेरे जितना ही था, लेकिन वे बतातीं कि वह एक मिनट से ज्यादा टिक नहीं पाता।

जब भी मौका मिलता, हम होटल में जाकर चुदाई करते। कई बार अलग-अलग जगहों पर भी मिले। कभी खाली घर में, कभी गाड़ी में, कभी किसी रिश्तेदार के घर में।

इस बात को करीब बारह साल हो गए हैं, लेकिन हमारी बात आज भी होती है।

आज जब मैं यह कहानी लिख रहा था, तब भी मेरे पास आलिया जी का फोन आया।

मैंने उनसे पूछ लिया, “यह कहानी मैं फ्री सेक्स कहानी पर डाल दूँ?”

आलिया जी बोलीं, “डाल दो।”

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।
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