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सरकारी अस्पताल में नर्स ने लंड चेक किया

मैं मनीष हूं। बाठिंडा पंजाब का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 23 साल है। जनवरी का महीना चल रहा था। सर्दी काफी थी। उन्हीं दिनों मेरे लंड पर खुजली की समस्या शुरू हो गई थी। आज तो खुजली बहुत ज्यादा हो रही थी इसलिए मैंने अपने लंड को चेक कराने का सोचा।

शर्म आ रही थी फिर भी मैं सरकारी अस्पताल पहुंच गया। पहले एक पुरुष डॉक्टर ने मेरी सारी तकलीफ सुनी। फिर उसने एक सुंदर सी नर्स को अंदर वाले कमरे में चेक करने के लिए भेज दिया। मुझे बहुत शर्म आ रही थी कि मैं इस नर्स को कैसे चेक कराऊंगा लेकिन अब क्या कर सकता था।

नर्स ने कहा चलो पैंट खोलो और मुझे अपना वह दिखाओ। मैं शर्म से मरता हुआ पैंट की जिप खोली और लंड बाहर निकाला। नर्स ने सर्जरी के दस्ताने पहन लिए और धीरे से मेरे लंड को पकड़कर चेक करने लगी। उसके सेक्सी हाथ लगते ही मेरे लंड में जान आ गई। एकदम से खड़ा हो गया।

नर्स हैरान रह गई कि यह क्या हुआ। 5 इंच से बढ़कर मेरा लंड खड़ा होकर 9 इंच का हो गया था। शायद उसने इतना सेक्सी और मजबूत लंड पहली बार देखा था और वह भी लाइव खड़ा होते हुए। नर्स हंस पड़ी। वह काफी चालाक लगती थी। उसकी काली-काली मोटी आंखें थीं। रंग गोरा था। छाती काफी सेक्सी और तीखी थी। ऊपर से 32 इंच कमर से 27-28 इंच और नीचे से 34 इंच की थी। जब वह हंसी तो मैंने भी धीरे से हंसी दे दी।

वह लंड चेक करते हुए बोली कहीं तुमने किसी बाजारू लड़की के साथ सेक्स तो नहीं किया। हो सकता है उसे कोई बीमारी हो। मैंने याद किया मुझे सेक्स किए 1 साल हो गया था। इसलिए यह समस्या उससे नहीं हो सकती थी। मैंने कहा नहीं मैंने नहीं किया। वह मेरे लंड को चेक कर हंस रही थी और बार-बार हाथ लगा रही थी। मेरे अंदर सेक्स जागने लगा था। मन कर रहा था कि इसका सफेद कोट और सलवार उतारकर नंगी कर के इसी कमरे के अंदर चोद दूं।

चेक करने के बाद उसने मेरी पैंट बंद करवाई और बाहर आकर एलर्जी की समस्या बता दी। डॉक्टर ने कुछ दवाई लिख दी और दोबारा 4 दिन बाद आकर चेक कराने को कहा। मेरा लंड अभी भी खड़ा था। मैं उसे सुलाने की काफी कोशिश करता रहा लेकिन वह सोने का नाम ही नहीं ले रहा था। घर पहुंचा तब भी खड़ा था। मैं सीधा अपने कमरे की तरफ भागा क्योंकि डर था कि कोई मेरा खड़ा लंड जो पैंट से बाहर आ रहा था देख न ले। पैंट लंड के जोर से काफी ऊपर उठ चुकी थी। साफ पता चल रहा था।

कमरे में पहुंचा तो देखा हमारे पड़ोस की सीमा जो काफी सेक्सी है वह बैठी थी। अपनी और मेरी मम्मी के साथ बात कर रही थी। मैं वापस जाकर बाथरूम में घुस गया। बाथरूम में जाकर उस नर्स की सेक्सी फिगर और उसके हाथ लगाने वाले पल को याद कर इतनी जोर से हस्तमैथुन करने लगा कि आवाज पैदा होने लगी थी। उस दिन हस्तमैथुन का बहुत आनंद आया। लगातार बिना रुके अपने 9 इंच के लंड की हस्तमैथुन की। जब मेरा लंड छूटा तो दूर तक मेरे वीर्य की पिचकारी गई। बाथरूम की दीवार पर काफी लग गया था। मैंने पानी से साफ किया। अब काफी रिलैक्स हो गया था और लंड भी शांत हो गया था।

अब मुझे 4 दिन का इंतजार था कि मैं दोबारा चेक कराने उस नर्स के पास जाऊं। बहुत तैयार होकर 4 दिन अस्पताल पहुंचा। मेरी किस्मत खराब थी। उस दिन डॉक्टर ने खुद ही चेक किया। वह नर्स मुझे दिखाई नहीं दी। डॉक्टर ने कहा अब काफी ठीक है। अगर समस्या हुई तो दोबारा आना वरना नहीं। एक बार तो मन आया डॉक्टर से पूछूं लेकिन नहीं पूछा। डॉक्टर पर गुस्सा भी आ रहा था। मन कर रहा था कि इसी को नंगा कर इसकी गांड को ही चोद दूं और इससे ही चुपड़ा मरवाऊं। अब उस नर्स को मैं मिलना चाहता था और चोदना चाहता था।

अगले दिन मैंने जानबूझकर लंड की काफी खुजली की और डॉक्टर के पास पहुंच गया। 1 दिन छोड़कर इस बार भी मुझे 50 प्रतिशत आस थी कि शायद वह आज मिल जाए। जब मैंने उस नर्स को उस डॉक्टर के पास रूम में देखा तो लंड तभी खड़ा हो गया। डॉक्टर को आज भी समस्या बताकर मैं नर्स के साथ अंदर चला गया। वह भी मुझे देखकर खुश हुई और बोली अब कैसे हो। मैंने कहा ठीक भी हूं और नहीं भी। वह समझ नहीं पाई। आज मैं उसकी तरफ देखकर हंस रहा था। वह बोली क्या हुआ। मैंने कहा आपका नाम क्या है मैडम। उसने हंसकर कहा क्या लेना है तुझे मेरे नाम से। मैंने कहा सच बताऊं तो आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो। वह फिर हंस पड़ी और बोली मेरा नाम लवली है। मैंने कहा काफी अच्छा नाम है। और वह बोली आपका। मैंने कहा रिंकू और बोला कि मैं भी आपको अच्छा लगता हूं। वह हंसी और बोली हां। मैंने उससे उसका फोन नंबर ले लिया और घर आ गया। उसे याद कर फिर हस्तमैथुन मारी। अब रोज हमारी फोन पर बात होने लगी।

एक दिन मैंने कह दिया मैं आपसे प्यार करता हूं। उसकी तरफ से भी हां हो गई। फिर क्या था। फोन पर ही चुंबन शुरू किया। पहले होंठ पर फिर स्तनों पर चूत पर पीठ पर कमर पर निप्पल पर गालों पर। पता नहीं कहां-कहां उसे फोन पर ही काफी सेक्स चढ़ने लगा था। फोन पर ही उसकी मदहोश कर देने वाली आवाज आती थी। एक दिन हमने होटल में कमरा लेकर मिलने का प्रोग्राम बनाया। वह समय पर आ गई।

कमरे में जाते ही हमने जकड़ लिया और लगे चुंबन पर चुंबन करने। मैंने उसका पहले कमीज उतार दी और उसके गले पर और पीठ पर चुंबन किए। होंठों से ही पीछे उसका ब्रा का हुक खोल दिया। बिस्तर पर लिटाकर उसके तीखे-तीखे स्तन बहुत सेक्सी और मजबूत थे। मैं चूसने लगा। बहुत गजब का स्वाद आ रहा था। एक स्तन पर कभी दूसरे पर जोर से चूस रहा था और कभी-कभी उसकी चुचियों को दांतों से दबा रहा था। दूध जैसा स्वाद आ रहा था। यकीन नहीं आ रहा था मैं इतनी सुंदर सेक्सी नर्स को चोद रहा हूं। यह मेरे सपने जैसा लग रहा था लेकिन यह सच था।

मैंने धीरे से उसकी सलवार ढीली की और अपना हाथ उसकी चूत पर लगा दिया। उसकी गरम चूत पर हाथ लगते ही उसकी सिसकी निकली। मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में घुसा दी। उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया। मैंने दूसरी उंगली भी चूत के अंदर घुसा दी और धीरे-धीरे हिलाने लगा। वह काफी मस्त हो चुकी थी। जवाहरमुखी उबल रहा था। वह अपने होंठों को अपने दांतों से दबा रही थी। उसके बाल खुल चुके थे जिससे वह और भी सेक्सी लग रही थी।

मैंने उसकी फिर कमर की चुंबन करने लगा और उसके स्तनों को हाथ से मसलने लगा। वह सेक्स बम बन चुकी थी जो कभी भी फटने वाला था। मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू किया। वह काफी गीली हो चुकी थी। उसकी सेक्सी हरकतें काफी बढ़ चुकी थीं। वह बिस्तर की चादर को उंगलियों से पकड़ रही थी और टांगों को जोर से हिला रही थी। मैंने उसके दाने को मुंह में लिया। वह फूलने लगा था। चूत काफी गरम हो चुकी थी। कोई आम आदमी उसकी चूत से हाथ सेंक सकता था इतनी गर्मी थी।

वह खड़ी हुई और अब मेरी बारी बिस्तर पर लंबे पड़ने की थी। मैं लंबा लेट गया। वह तो जैसे पागल हो गई थी। ऐसे कर रही थी जैसे बलात्कार कर रही हो। उसने मेरे लंड को मुंह में लिया और लगी जोर से चुसने। उसकी गले तक मेरा लंड जाने लगा था। वह सेक्सी आवाज चुसते हुए निकाल रही थी। काफी देर चुसती रही फिर मेरे जिस्म से चुंबन करने लगी। मेरी कमर पर चुंबन किया तो बहुत मजा आया। गुदगुदी निकल रही थी और सेक्स बढ़ रहा था। छाती पर चुंबन किया और फिर लंड पर। अब मैं और वह बिल्कुल तैयार थे सेक्स करने को।

मैं बिस्तर पर पड़े हुए ही उसे अपने लंड पर बैठा लिया और उसकी चूत में लंड को घुसाने की कोशिश की लेकिन लंड बड़ा और फूदी टाइट थी। मुश्किल हो रही थी। आखिर मैंने और उसने हाथ से पकड़-पकड़ कर लंड को चूत में घुसाना शुरू किया। नर्स की चीख निकलने लगी लेकिन यह उसे भी मालूम था कि पहले-पहले दर्द होगा क्योंकि वह आखिर एक नर्स थी और खुद ही हाथ से अपना मुंह बंद करने लगी। अभी तो आधा ही गया था। धीरे से मैंने झटका लगा-लगा कर पूरा घुसा दिया। उसे बहुत तकलीफ हो रही थी। बस धीरे-धीरे मैंने उसे ऊपर-नीचे होने को कहा। वह वैसे ही करने लगी। अब उसे ठीक लगने लगा और मेरे लंड का आनंद लेने लगी लेकिन मीठे दर्द से आंखें कभी-कभी बंद कर लेती। उसकी सेक्सी स्तन देख मैं तो और सेक्सी हो रहा था और लंड और अकड़ रहा था।

मुझे यकीन है लंड को ऐसे लग रहा था जैसे लंड उसकी बच्चेदानी को छू रहा हो। वह बोल रही थी कसम से रिंकू तेरा लंड तो स्वर्ग का जूता है। तू पहले क्यों नहीं मेरी जिंदगी में आया रे। तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहना। मैंने बहुत लंड चेक किए कसम से तेरे जैसा बड़ा और सेक्सी लंड कभी नहीं देखा। मैं तो रिंकू तेरा लंड देखकर ही तेरे पर मोहित हो गई थी रे। मुझे जोर से चोद यार जितना जोर है लगा दे। रिंकू मैं तेरे से चुदना चाहती हूं। रिंकू खूब प्यार कर। वह मेरे ऊपर थी और खूब जोर से जंप मार-मार मेरी छाती पर हाथ रखे झूले ले रही थी और मैं नीचे पड़ा ही ऊपर की तरफ पूरा जोर लगा रहा था।

अब मैंने उसे नीचे किया और उसकी टांगों के बीच आकर उसे चोदना शुरू किया जोर-जोर से। काफी एक्शन मारे। उसकी एक टांग मैंने अपने कंधों पर रखकर खूब चोदना शुरू किया। अब मैं खूब जोर-जोर से चोद रहा था। पता नहीं मेरे में इतनी शक्ति कहां से आ गई थी मुझे भी नहीं मालूम और वह खूब मजे ले रही थी। बोल रही थी और जोर-जोर से और दर्द से चीख भी रही थी। मैं जब थोड़ा धीरे होता बोली रुकना मत रिंकू। तूने मुझे आज इतना मजा दिया कि मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकती। मुझे और जोर से चोद मत धीरे हो।

हमने फिर कुत्ते वाला एक्शन मारा। खूब घस्से लगाए। उसके गोरे-गोरे चूतड़ों पर मैं जोर-जोर से घस्से मार रहा था। थप-थप-थप की आवाज आ रही थी। उसके चूतड़ों का सेंटर कट भी बहुत सेक्सी था। मैं पीछे से घस्से मारते हुए ही उसके स्तनों को अपने दोनों हाथों से मसल रहा था। वह तो कौड़ी हो कर चुद-चुद कर मजे ले रही थी। 15 मिनट हो चुके थे सेक्स करते। अब तो मेरा लीक होने वाला था लेकिन वह भूखी शेरनी निकली। वह तो कह रही थी और और और और और। बस और एक घस्सा मार रिंकू रुकना मत। ऐसा मन करता है सारी उम्र तू मुझे चोदे जा। मैं भी जैसे सोच रखा था कि जब इसकी बस नहीं होगी तब तक मैं भी नहीं बस करूंगा।

उसे उठाकर मैंने दीवार के साथ लगाकर उसको खूब चोदा। उसकी पीठ पर भी दीवार की काफी खरोंच आ गई थी। बस तब तो पता नहीं लगा। मैं आखिर बंदे का बच्चा था। कब तक कंट्रोल करता। मुझे पता चल गया अब छूटने वाला है। मैंने चूत में से निकाला और उसकी गांड में घुसा दिया। वह एकदम चीख पड़ी पर उसे पता था कि दर्द के बाद ही मजा और तभी चुप हो गई। मैं जोर-जोर से आखिरी 10 घस्से लगाए। यह मेरी आवाज थी। और उसकी गांड के अंदर ही छूट दिया। जब बाहर निकाला तो मैडम ने मेरे गीले लंड को चूसना शुरू कर दिया। उस दिन हमने 3 बार और सेक्स किया। बहुत मजा आया मुझे भी और उसको भी।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।