Sasur ne choda kahani: नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अजीत नंदवाल है। आज मैं एक मस्त कहानी लेकर आया हूँ, जिसे हमारी एक रीडर ने शेयर किया है। उसे मैं अपनी जुबानी आपके साथ शेयर करूंगा।
सीमा की उम्र 26 साल थी। वह देखने में बेहद खूबसूरत थी और उसका बदन इतना आकर्षक था कि कोई भी उसे एक नजर देख ले तो उसका लंड तुरंत खड़ा हो जाता। उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां, पतली कमर, गोल-गोल मोटी गांड और नाजुक चेहरा देखकर हर मर्द का मन उसे जोर-जोर से चोदने का हो जाता। उसकी चूत की गहराई और नमी सोच-सोचकर कई लोग रातों को हिलाते रहते। पर हां, वह एक शादीशुदा औरत थी। फिर भी उसकी जवानी इतनी ताजा और मस्त थी कि लोग यकीन ही नहीं करते थे कि उसकी शादी हो चुकी है। इसलिए सीमा हर किसी को साफ-साफ यकीन दिलाती और उनके लंडों से खुद को बचाती रहती थी।
अब सीमा आपको अपनी कहानी पर ले चलती है, जो कि सच्ची कहानी है और बहुत ही मस्त कहानी भी है। यह कहानी तब की है जब उसकी शादी को करीब 7 या 8 महीने ही हुए थे। वह अपने ससुराल में काफी खुश थी और वहां रहकर काफी मौज-मस्ती भी किया करती थी।
सीमा के ससुराल में उसके पति और ससुर जी ही थे। सास नहीं होने की वजह से वह ससुर जी से अपनी छोटी-मोटी बातें खुलकर शेयर कर लेती। उसके ससुर जी फौज से रिटायर्ड थे, लेकिन अभी भी उनका बदन काफी फिट और तगड़ा था। चौड़ी छाती, मजबूत बाहें और ऊंचा कद देखकर सीमा को भी कभी-कभी अजीब सा एहसास होता।
जब सीमा इस घर में नई-नई शादी करके आई थी, तो उसे लगा था कि उसके ससुर काफी गुस्से वाले और सख्त होंगे। पर जब उनके साथ रहने लगी तो पता चला कि वे तो बेहद अच्छे स्वभाव के हैं। धीरे-धीरे उसे उनके साथ रहने में कोई डर भी नहीं लगा और वह अब घर में पूरी तरह खुश और सहज रहने लगी थी।
उधर उसके पति, यानी उसके जीवनसाथी भी काफी ज्यादा स्मार्ट और आकर्षक थे। उन्हें देखते ही सीमा पहली नजर में ही उन पर फिदा हो गई थी। उसका दिल उनके प्यार भरे स्पर्श और मजबूत शरीर के लिए तरसने लगा था। उसके पति सीमा से बेहद ज्यादा प्यार करते थे। आखिरकार वह उनकी इतनी खूबसूरत और सेक्सी बीवी थी।
जब उसकी शादी हुई थी तो सुहागरात के समय पर उन्होंने सीमा के साथ वो रात काफी ज्यादा अच्छे से और काफी ज्यादा खूबसूरत बनाई थी।
उस रात सीमा ने अपने पति को अपना पूरा जिस्म समर्पित कर दिया था। कमरे में हल्की रोशनी थी और फूलों की महक हवा में घुली हुई थी। सीमा की चिकनी त्वचा पति के हाथों के स्पर्श से सिहर उठी। उसने धीरे-धीरे सीमा की साड़ी खोलकर उसके बड़े-बड़े स्तनों को बाहर निकाला। उन गुलाबी चुचियों को चूसते हुए पति का मुंह भर गया। सीमा की सांसें तेज हो गईं और वह कराहने लगी, “आह… और जोर से चूसो ना…”
पति ने उसकी चूत पर हाथ फेरा। सीमा की चूत पहले से ही गीली और गर्म थी। उसकी उंगलियां चूत के अंदर घुसते ही सीमा का बदन ऐंठ गया। पति ने अपना मोटा और खड़ा लंड बाहर निकाला और सीमा की जांघों के बीच रखा। फिर धीरे-धीरे उसे चूत के मुंह पर रगड़ते हुए अंदर डाला। सीमा ने जोर से चीख मारी, “उफ्फ… कितना मोटा है… धीरे… आह…” पति ने पूरे जोर से धक्का मारा और लंड पूरी तरह चूत के अंदर समा गया।
फिर शुरू हुई जोरदार चुदाई। पति हर धक्के पर सीमा की चूचियों को दबाते और चूत को फाड़ते हुए चोद रहे थे। सीमा की चूत से च्यूट च्यूट की आवाजें निकल रही थीं। पसीने से दोनों का बदन भीग गया था। सीमा बार-बार चीख रही थी, “हां… और तेज… फाड़ दो मेरी चूत को… आह… मुझे चोदो… मजा आ रहा है…” पति ने कई बार पोजीशन बदले। कभी ऊपर से, कभी कुत्ते की तरह पीछे से गांड पकड़कर जोर-जोर से ठोके मार रहे थे।
सीमा की चूत पूरी तरह लंड से भर गई थी और उसके रस निकल-निकलकर चादर गीली कर रहे थे। आखिरकार पति ने जोर का झटका मारा और सीमा की चूत के अंदर गर्म वीर्य उड़ेल दिया। सीमा भी चरम सुख पर पहुंचकर कांप उठी। उस दिन सीमा ने अपने पति को अपना पूरा जिस्म दे दिया था, जिसे पाकर वे बहुत खुश थे और हो भी क्यों ना, आखिरकार उनकी बीवी इतनी खूबसूरत और चिकनी थी। जिसकी वजह से उस सुहागरात वाले दिन को सीमा के जिस्म ने चार चाँद लगा दिए थे।
सीमा अपने पति से अब तक रोज रात को चुदती थी और वे भी उसे बहुत ही ज्यादा मस्त तरीके से अच्छे से चोदते थे। उनसे चुदवा कर तो सीमा की चूत की प्यास कभी खत्म ही नहीं होती थी और मन करता था कि अपने पति से ऐसे ही बस चुदती चली जाए।
उधर सीमा का मन भी अब माँ बनने को करता था और उसके ससुर जी भी एक पोता पाने की जिद लेकर बैठ गए थे। उसके पति ने कई बार कोशिश की कि सीमा प्रेग्नेंट हो जाए, पर ऐसा हर बार हो नहीं सका।
इसलिए सीमा ने डॉक्टर से खुद के और अपने पति के टेस्ट भी करवाए। तो डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उसके पति में कुछ कमी है, जिसकी वजह से वह माँ नहीं बन पा रही थी। पर उसके पति इस बात को मानने के लिए तैयार ही नहीं थे। उन्हें तो यही था कि ये सब झूठ है और समय आने पर सीमा खुद प्रेग्नेंट हो जाएगी।
पर सीमा ये जानती थी कि जो उसके पति कह रहे हैं वो उनसे होने वाला नहीं था। इसलिए उसने अपनी माँ बनने की ख्वाहिश और ससुर जी को पोता देने की ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक प्लान बनाया।
क्योंकि वह जानती थी कि उसके ससुर जी उसे कई बार गंदी नजर से देखते थे। उनकी नजरें उसकी भरी-भरी चूचियों, कसी हुई कमर और मोटी गांड पर बार-बार अटक जाती थीं। सीमा ये सब देखकर पहले अपना सिर नीचे करके वहां से निकल जाती थी। पर अब माँ बनने की तड़प इतनी तेज थी कि उसने फैसला कर लिया – क्यों ना अपने ससुर जी से ही चुदवा लिया जाए। उनके तगड़े फौजी बदन और अनुभवी लंड से उसकी चूत भर जाएगी और पेट में पोता भी आ जाएगा।
फिर एक दिन घर के काम करते हुए सीमा ने जोर से चिल्लाई। उसके ससुर जी कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे और उसकी आवाज सुनते ही भागकर उसके पास आए। और बोले, “क्या हुआ बहू?”
सीमा भी कमर पर हाथ रखकर बोली, “पापा जी लगता है कमर की नस चढ़ गई है और बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा है।”
उसकी बात सुनकर पहले वे थोड़ा घबरा गए और फिर बाद में जब सीमा ने उनसे कहा कि कमरे में ले जाओ, तो उन्होंने उसे कमर में हाथ डालकर पकड़ा और धीरे-धीरे अंदर ले गए। उनके मोटे और गर्म हाथ लगने से सीमा के पूरे जिस्म में करंट सा दौड़ गया। उसकी चूत में हल्की सिहरन हुई और चूचियों के निप्पल सख्त हो गए। जानबूझकर उसने अपना हाथ उनके लंड के पास ले जाकर हल्का सा दबाया और फिर तुरंत हटा लिया।
जैसे ही उसने हाथ हटाया तो उसने देखा कि उसके ससुर जी के चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान थी। अब वे उसे बेड पर बिठाकर लेटा दिया और बोले कि मैं डॉक्टर को बुला लाता हूँ।
सीमा ने शरमाते हुए उन्हें रोका और बोली, “डॉक्टर की कोई जरूरत नहीं पापा जी, एक बाम मेरी अलमारी में है। अगर आपको कोई तकलीफ नहीं है तो… आप ही लगा दो ना।”
ससुर जी थोड़ा हिचकिचाए, “बहू… ये कैसे… मैं क्या तुझे…”
सीमा ने नखरा दिखाते हुए कहा, “अरे पापा जी, आप तो मेरे ससुर हो, डर किस बात का? बस थोड़ी मालिश कर दो, दर्द बहुत हो रहा है।”
ससुर जी ने सहमति में सिर हिलाया लेकिन अभी भी संकोच कर रहे थे। सीमा ने फिर कहा, “मेरी साड़ी उतार दो, वरना मालिश कैसे होगी?”
वे हिचकिचाते हुए, हाथ काँपते हुए सीमा की साड़ी का पल्लू खोलने लगे। सीमा ने नखरा करते हुए आँखें बंद कर लीं और बोली, “धीरे-धीरे पापा जी…”
अब वह उनके सामने सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थी। फिर सीमा ने शर्माते हुए अगले ही पल उन्हें कहा, “ब्लाउज की हुक भी खोल दीजिए ना, पीठ पर दर्द है।”
ससुर जी के हाथ काँप रहे थे, लेकिन उन्होंने हुक खोल दिए और मालिश करने लग गए। उनकी उंगलियां सीमा की नंगी पीठ पर घूम रही थीं। सीमा की चिकनी त्वचा पर उनके गर्म हाथों से आग सी लग रही थी। धीरे-धीरे उनकी मालिश कमर के नीचे की ओर सरकने लगी। सीमा को उनसे मालिश करवाने में बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। वह हल्की-हल्की सिसकारियाँ भर रही थी।
फिर उसने देखा कि उनका लंड उनके पजामे में खड़ा हो गया था, जिसे वे छिपाने की कोशिश कर रहे थे। सीमा थोड़ा सीरियस आवाज में अपनी शर्म और हवस को छिपाते हुए बोली, पापा जी आपका पजामा गंदा हो रहा है, आप इसको निकल दीजिये और आराम से मालिश करिये।
ससुर जी शर्म से लाल हो गए, “नहीं बहू… ऐसे ही ठीक है… तुम मेरी बहू हो…”
सीमा ने और नखरा करते हुए उनकी तरफ देखा, “अरे पापा जी, अब शरमाने लगे हो? आप तो मेरे पिता सामान हो, मुझसे क्या शर्माना”
काफी हिचकिचाहट और मन-ही-मन लड़ाई के बाद ससुर जी ने पजामा उतार दिया। और सिर्फ चड्ढी पर आ गए। उनकी चड्डी में लंड इतना खड़ा और मोटा हो गया था कि कपड़े को फाड़ता हुआ नजर आ रहा था। सीमा की नजर उस उभरे हुए लंड पर पड़ी तो उसकी चूत में गर्मी फैल गई।
फिर सीमा ने कहा आप इतना शर्मा रहे हो, लो मैं भी आपके बराबर कपड़ो में आ जाती हु, और हाथ पीछे करके ब्रा का हुक खोल ब्रा निकल कर बिस्तर के कोने में फेक दिया और अपने पेटीकोट का नाडा भी खोल कर उतर दिया। लो पापा जी अब तो शर्म नहीं आएगी आपको
अब सीमा उनके सामने सिर्फ पैंटी में थी। उसकी पैंटी में चूत की दरार साफ दिख रही थी और वहां हल्का सा गीला धब्बा भी बन गया था।
ससुर जी उसकी टांगों पर मालिश करने लगे, लेकिन उनका हाथ बार-बार पैंटी के अंदर जाने लगा और वे उसके चूत के दाने को दबाने लगे। उनकी मोटी उंगलियां सीमा की चूत की फाक पर दबाव डाल रही थीं। सीमा की सांसें भारी हो गईं। उसकी चूत से रस टपकने लगा था।
सीमा ने आह भरते हुए कहा, “पापा जी… और अंदर…”
ससुर जी अब खुद को काबू नहीं रख पा रहे थे। उन्होंने बिना कुछ देखे अपना लंड निकाला और सीमा के ऊपर लेटते हुए काँपती आवाज में बोले, “बहू… अब और इंतजार नहीं होता… इस लंड को अपनी चूत दे ही दो…”
सीमा ने शर्माते हुए लेकिन मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हाँ जी ससुर जी… ये सब प्लान मैंने चूत में आपका लंड पाने के लिए ही तो किया है।”
उसकी ये बात सुनकर उन्होंने सीमा को सीधा किया और उसके बूब्स को जोर-जोर से मसलते हुए लंड को चूत पर रखकर एक जोरदार धक्का दिया। वैसे तो सीमा अपने पति से चुदती थी, पर अपने ससुर का लंड पाकर उसकी चीखें निकल गई थीं।
ससुर जी का मोटा, लंबा और नसों वाला लंड सीमा की तंग चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुसा। सीमा की आँखें फट गईं। उसने जोर से चीख मारी, “आआह… पापा जी… बहुत मोटा है… धीरे… मेरी चूत फट जाएगी… आपके लंड के आगे तो मेरे पति का छोटा लंड कुछ भी नहीं… वह तो बस दो मिनट में झड़ जाता है…”
वे जोर-जोर से हिलने लगे। हर धक्के पर सीमा की चूचियां ऊपर-नीचे उछल रही थीं। ससुर जी ने एक चूची मुंह में ले ली और जोर-जोर से चूसने लगे। सीमा कराह रही थी, “हां… और जोर से चूसो पापा जी… आह… फाड़ दो मेरी चूत को… आपका लंड तो पति के लंड से कहीं बड़ा, मोटा और सख्त है… वह तो मुझे कभी ठीक से चोद ही नहीं पाया… बस झटके मारकर निकल जाता था… आप तो असली मर्द हो…”
क्योंकि उसके ससुर जी का लंड उसके पति से काफी बड़ा था और वे उसे जोर-जोर से चोद रहे थे। लंड सीधा बच्चेदानी पर प्रहार कर रहा था, सीमा उन्हें रोक भी रही थी, पर वे कहाँ रुकने वाले थे।
हर ठोके के साथ चूत से “पच-पच” “चुट-चुट” की आवाजें गूंज रही थीं। सीमा की टांगें ससुर जी की कमर के चारों ओर लिपट गई थीं। उसके नाखून उनकी पीठ पर गड़ रहे थे। सीमा बीच-बीच में चिल्ला रही थी, “पापा जी… आपके लंड ने तो मेरी चूत को खोल दिया… मेरे पति का लंड तो अंदर जाता ही नहीं था ठीक से… वह नामर्द है… आप ही मुझे माँ बना दो…”
सीमा – ससुर जी ये मुझे पहले मिला होता तो मैं आपसे ही शादी कर लेती।
ससुर जी – हाँ बेटी क्योंकि तुम्हारी सास की चूत भी ऐसी नहीं थी, काश तुम मुझे पहले मिली होती।
उनकी इन सब बातों में चुदाई चली ही जा रही थी और कमरे में फटाक-फटाक की आवाजें आ रही थीं। ससुर जी का मोटा लंड सीमा की चूत में लगातार जोरदार धक्के मार रहा था। सीमा की चूत पूरी तरह फैल चुकी थी और उनके लंड के साथ-साथ सफेद रस बाहर निकल रहा था। हर ठोके पर सीमा चीख रही थी, “आह… पापा जी… और तेज… मेरे पति का छोटा लंड तो कभी ऐसा मजा नहीं दे पाया… वह तो बस दो-तीन झटके मारकर झड़ जाता था… आप तो असली मर्द हो… मेरी चूत को फाड़ रहे हो…”
तब सीमा ने उनसे कहा कि मुझे माँ बना दो। ससुर जी ने और तेज गति पकड़ी। उन्होंने सीमा की दोनों टांगें अपने कंधों पर रख लीं और गहरे-गहरे धक्के मारने लगे। उनका लंड सीमा की बच्चेदानी तक जा रहा था। सीमा का बदन कांपने लगा। उसकी चूत सिकुड़-फैल रही थी। “हां पापा जी… भर दो मेरी चूत को… मेरे पति जैसे नामर्द के बजाय आपका वीर्य चाहिए… मुझे अपना बेटा दो…”
तब उन्होंने सीमा की चूत को फाड़कर अपना सारा पानी चूत में ही निकाल दिया। गर्म-गर्म मोटी धार सीमा की चूत के अंदर फूट पड़ी। ससुर जी जोर-जोर से कराहते हुए पूरा वीर्य उड़ेल रहे थे। सीमा भी चरम पर पहुंचकर चिल्लाई, “आह… भर गई… आपका गर्म पानी मेरी चूत में… पति का कभी इतना नहीं आया…”
और फिर बाद में सीमा की गांड भी मारी, जिसको मरवा कर उसे भी बहुत मजा आया। ससुर जी ने सीमा को घुटनों के बल करवाया। उन्होंने अपना लंड जो चूत के रस से चिकना था, सीमा की गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अंदर ठेला। सीमा ने दर्द और मजा मिले स्वर में चीखा, “उफ्फ… पापा जी… गांड फट रही है… लेकिन रुकना मत… चोदो मेरी गांड को भी… मेरे पति ने तो कभी हिम्मत ही नहीं की…” ससुर जी ने पूरी लंबाई गांड में डालकर जोर-जोर से ठोके मारे। सीमा की गांड लाल हो गई थी। आखिरकार उन्होंने गांड के अंदर भी अपना वीर्य छोड़ दिया।
अब सीमा 9 महीने बाद एक बहुत ही सुंदर लड़के को जन्म दे चुकी है। जिसको पाकर उसके पति भी काफी खुश हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ये उनका बेटा है। पर सच बात तो सीमा जानती है कि ये किसका बेटा है।
लड़के को जन्म देने के बाद सीमा की जवानी और भी निखर गई थी। उसकी चूचियां दूध से भरी हुई और गांड और मोटी हो गई थी। घर में सब कुछ सामान्य नजर आता था, लेकिन असलियत कुछ और थी। आज भी ससुर जी सीमा को नियमित रूप से चोदते थे। कभी रसोई में, कभी छत पर, कभी बेडरूम में। सीमा अब ससुर जी के लंड की दीवानी हो चुकी थी।
वह अपने पति से बहुत कम चुदवाती थी। जब भी पति जोर डालता तो वह बोल देती, “अब माँ बनने के बाद मन कम होता है।” लेकिन असल बात यह थी कि उसे अब मर्द के लौड़े का नशा हो गया था। पति की छोटी लुल्ली से अब उसे कोई मजा नहीं आता था। वह अंदर डालते ही बोर हो जाती और मन ही मन सोचती, “ये क्या बेकार का झटका मार रहा है… ससुर जी का मोटा लंड तो चूत को पूरा भर देता है और गांड में भी घुसा कर मजा देता है।”