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मामा के लंड पर सवार हुई मामी

Badi gand doggy style sex story: यह घटना दो साल पहले हुई थी। यह कहानी मेरे मामा-मामी के सेक्स की है, जो मैंने अपनी आँखों से देखी थी। मेरे मामा-मामी गांधीनगर में रहते हैं। मेरे मामा हमेशा काम के सिलसिले में शहर के बाहर रहते हैं। मैं उस दिन मामा के घर गया हुआ था और उसी दिन सुबह मेरे मामा भी लौट आए थे। मामी डॉगी स्टाइल में मामा से अपनी बड़ी गांड चुदवा रही थी।

अब हम लोग दोपहर को खाना खाकर बैठे थे। मैं सोफे पर बैठकर किताब पढ़ रहा था और टीवी चालू थी। तभी मेरी मामी पानी पीने के लिए वहाँ से गई। थोड़ी देर बाद मेरे मामा भी वहाँ से चले गए।

मैंने सोचा कि वे पानी पीने गए होंगे। तब मैंने मुड़कर धीरे से उन्हें देखा। मामा ने अपना एक हाथ मामी की गांड पर घुमाया और वापस आ गए। मैंने झट से अपना मुँह फेर लिया। उन्हें पता ही नहीं चला कि मैंने उन्हें देख लिया था।

फिर थोड़ी देर तक सोफे पर बैठकर टीवी देखने के बाद मामा अपने कमरे में चले गए और बोले कि अब मैं थोड़ा आराम कर लेता हूँ। मैं और मेरी मामी वहीं बैठकर बातें कर रहे थे। फिर पाँच मिनट बाद मामी भी वहाँ से अपने कमरे में चली गई।

मैंने सोचा कि आज जरूर कुछ देखने को मिलेगा। यह सोचकर मैं उनके कमरे के पास गया और चाबी के छेद से उन्हें देखने लगा। अब मामी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठकर अपने बाल ठीक कर रही थी और मामा उनके पीछे खड़े होकर मामी के बूब्स को सहला रहे थे। मेरी मामी के बूब्स लगभग ३५-३६ साइज़ के होंगे।

मामा ने गहरी सांस लेते हुए कहा, “मैंने बहुत दिनों से तुम्हारे साथ सेक्स नहीं किया है।” मामी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हाँ, वो तो मैं समझ ही गई थी जब तुमने मेरी गांड पर अपना हाथ फेरा था।”

अब मामी अभी भी ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठी हुई थी। मामा उनके पीछे खड़े थे और अपनी हथेलियों को उनकी साड़ी के ऊपर से बूब्स पर दबा रहे थे। उन्होंने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया, जिससे मामी के निप्पल साड़ी के कपड़े के नीचे सख्त होकर उभर आए। मामी की सांसें तेज हो गईं। मामा ने अपनी उंगलियों से उनके बूब्स को मसलते हुए कहा, “तुम्हारे बूब्स तो अभी भी मस्त कड़क हैं, इन्हें दबाने में बहुत मज़ा आता है।”

फिर मामी खड़ी हो गई। उसने मुड़कर मामा के होंठों पर अपने गर्म होंठ रख दिए। दोनों गहरी किस करने लगे। उनकी जीभें एक-दूसरे के मुंह में घुसकर लिपट रही थीं। मामा के हाथ मामी की कमर पर फिर गांड पर घूम रहे थे। उन्होंने मामी की बड़ी, गोल गांड को दोनों हाथों से जोर से पकड़कर दबाया। मामी के कूल्हों का साइज़ लगभग ३८ था, जो उनके हाथों में पूरी तरह समा रहा था।

मामी ने किस के बीच में फुसफुसाते हुए कहा, “चलो अब मुझे बेड पर ले चलो।” मामा ने तुरंत उन्हें अपनी बाहों में गोद में उठा लिया। मामी की साड़ी थोड़ी सरक गई थी। मामा उन्हें बेड पर ले गए और धीरे से लिटा दिया। अब मामा उनके ऊपर चढ़ गए। उन्होंने फिर से मामी के होंठों पर गहरा किस किया। उनके एक हाथ से मामी के बूब्स को जोर-जोर से दबाया जा रहा था, जबकि दूसरा हाथ उनकी जांघों पर घूम रहा था।

मामी के हाथ मामा की कमर और कूल्हों पर थे। वे मामा को अपने और करीब खींच रही थीं। मामा ने उठकर मामी को खड़ा कर दिया। फिर उन्होंने मामी की साड़ी को खोलना शुरू किया। साड़ी का पल्लू गिर गया। मामा ने पेटीकोट की नाड़ी खोलकर उसे भी नीचे सरका दिया।

अब मामा ने उनका ब्लाउज भी निकाल दिया था। अब मामी ने भी मामा की शर्ट और पैंट उतार दी थी। अब मामा सिर्फ चड्डी में थे और उनका लंड खड़ा दिखाई दे रहा था। मामा ने भूरे रंग की क्रॉस चड्डी पहनी हुई थी।

अब मामी भी ब्रा और पैंटी में थी। मामी की स्किन थोड़ी ब्राउन है, लेकिन उनका बदन बहुत चिकना है। उनके बड़े बूब्स सफेद ब्रा में कैद थे और उन्होंने पीले रंग की पैंटी पहनी थी। उनका चिकना बदन बहुत ही सेक्सी लग रहा था। अब मेरा लंड भी खड़ा हो गया था।

अब मैं बाहर खड़े-खड़े हस्तमैथुन कर रहा था। मामा मामी के पूरे बदन पर किस कर रहे थे और एक हाथ से मामी के बूब्स तो दूसरे हाथ से मामी की गांड को दबा रहे थे। अब मामी भी उनके लंड को अपने हाथ में लेकर खेल रही थी।

अब मामी के मुँह से धीरे-धीरे कामुक आवाजें निकल रही थीं। फिर मामा ने उनकी ब्रा निकाल दी तो मामी के बूब्स एकदम से उछलकर बाहर आ गए। उनके बूब्स बहुत ही बड़े-बड़े थे। उनकी निप्पल का रंग डार्क ब्राउन था। अब उनके निप्पल एकदम कड़क हो गए थे। मामा उनके एक निप्पल को अपनी जीभ से चाटने लगे थे और दूसरे बूब को हाथ से दबाने लगे थे।

अब मेरी मामी के हाथ मामा की अंडरवीयर के ऊपर से ही खेल रहे थे। उनकी उंगलियां धीरे-धीरे मामा के कठोर लंड की पूरी लंबाई को ऊपर-नीचे सहला रही थीं। उधर मामा बारी-बारी से उनके दोनों निप्पल को बदल-बदलकर चूस रहे थे। वे एक निप्पल को मुंह में भरकर जोर से चूसते, जीभ से घुमाते और हल्का-हल्का काटते, फिर दूसरे पर चले जाते। अब मामा ने अपना एक हाथ मामी की पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत को सहलाने लगे थे। उनकी उंगलियां पैंटी के ऊपर से चूत की फाक पर दबाव डाल रही थीं और गोल-गोल घुमा रही थीं। मामी की पैंटी थोड़ी गीली लग रही थी। उसकी नमी उंगलियों तक महसूस हो रही थी।

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थोड़ी देर तक मामी की चूत सहलाने के बाद मामी ने कहा कि मुझे तुम्हारा लंड चूसना है।

मामा ने तुरंत अपनी भूरी अंडरवीयर उतार दी। उनका लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था। वह लगभग सात इंच लंबा और तीन इंच मोटा था। उसकी मोटी नसें उभरी हुई थीं और लाल टोपा चमक रहा था। अब मामी घुटनों के बल बैठ गईं। उन्होंने मामा के लंड के लाल टोपे पर अपनी गर्म, नम जीभ फेरनी शुरू कर दी थी। वे धीरे-धीरे चाट रही थीं, फिर टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगीं। मामा के हाथ मामी के घने बालों में घूम रहे थे। वे कभी-कभी मामी का सिर हल्का दबाते। अब मामा का लंड बहुत कड़क हो गया था। मामी ने धीरे-धीरे पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया और आगे-पीछे करने लगी। उनके गाल अंदर-बाहर हो रहे थे। मामा भी उनके सिर को पकड़कर अपनी कमर हिला रहे थे। लंड का टोपा उनके गले तक जा रहा था और मामी की आंखों में पानी आ गया था।

यह सब देखकर मेरा लंड भी अब पूरी तरह कड़क हो गया था। मैं बाहर खड़े-खड़े उसे तेजी से मुठिया रहा था। फिर मामा ने मामी को बेड पर लिटा दिया और उनकी पीली पैंटी को खींचकर निकाल दी। मामी की चूत पर घने काले बाल थे जो अब उनकी चिपचिपी नमी से भीग गए थे। फिर मामा ने मामी की जांघें फैलाकर उनकी चूत को सहलाया। उनकी उंगलियां चूत की फाक पर ऊपर-नीचे घूम रही थीं। इसके बाद मामा ने अपना मुंह चूत पर रख दिया और चाटने लगे थे। उनकी जीभ चूत की ऊपरी फाक पर घूम रही थी, फिर अंदर की नरम दीवारों को चाट रही थी।

तब मामी ने आह भरते हुए कहा, “मैं कब से तड़प रही थी। आज इसे शांत कर दो।” उनकी आवाज में गहरी कामुकता थी। तो मामा अपनी जीभ को मामी की चूत में अंदर-बाहर करने लगे। वे तेजी से जीभ चला रहे थे। मामी की चूत से चिपचिपा रस निकल रहा था जो मामा की जीभ और ठोड़ी पर लग रहा था।

अब मामी भी अपने दोनों हाथों से मामा के सिर को अपनी चूत पर जोर से दबा रही थी। उनकी कमर उठ-उठकर मामा के मुंह से सट रही थी। अब उनके मुंह से सिसकियां और हल्की-हल्की चीखें निकल रही थीं। “आह्ह… उम्म्म… हां… और जोर से…” मामा ने अपनी एक मोटी उंगली चूत में डाल दी थी और जोर से अंदर-बाहर करने लगे थे। उंगली के साथ-साथ उनकी जीभ भी क्लिटोरिस को चूस रही थी। फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने दूसरी उंगली भी चूत में डाल दी थी। अब दोनों उंगलियां तेज गति से अंदर-बाहर हो रही थीं। मामी की चूत बहुत ही गीली हो गई थी। उसका रस मामा की उंगलियों और बेडशीट पर फैल रहा था।

मामा ने अपनी एक उंगली चूत से बाहर निकाली और मामी की गांड में डाल दी तो मामी जोर से चीख पड़ी। “आआह्ह…!” फिर मामा धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगे। उनकी उंगली गांड के टाइट छेद को फैला रही थी। अब मामी बहुत ही उत्तेजित हो गई थी। उनकी सांसें तेज हो गई थीं और पूरा बदन पसीने से तर था। फिर मामी ने हांफते हुए कहा, “अब जल्दी से मुझे चोद दो, अब देर मत करो, प्लीज।”

फिर मामा ने उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा तो मामी तुरंत चारों हाथ-पैरों के बल हो गई। अब मामी की गांड बहुत बड़ी दिख रही थी। अब तक मैंने उसकी गांड को कपड़ों में ही देखा था, लेकिन बिना कपड़ों के तो उनकी गांड बहुत ही बड़ी, गोल और मोटी दिख रही थी। सफेद चिकनी त्वचा पर हल्की लाली चढ़ी हुई थी। फिर मामा ने मामी के दोनों कूल्हों पर दो जोर से थप्पड़ मारे तो मामी के मुंह से आवाज निकल गई। “उफ्फ…!” अब मामी के कूल्हे लाल हो गए थे और थप्पड़ की जगह स्पष्ट नजर आ रही थी।

मामा ने अपना लंड मामी की गांड के छेद पर रगड़ने लगे। उन्होंने लंड का टोपा गांड की दरार पर ऊपर-नीचे रगड़ा। लंड की नमी और मामी की चूत का रस मिलकर सब कुछ चिकना बना रहा था। फिर मामी डरकर घूम गई और बोली कि अभी चूत की ही चुदाई करो, रात को गांड मारना। अभी बहुत दर्द होगा तो मैं सह नहीं सकूँगी। फिर मामा उसे सीधा लिटाकर उनके दोनों पैरों के बीच में बैठ गए।

फिर मामा ने अपना लंड मामी की चूत पर रगड़ने के बाद एक जोर का धक्का दिया तो मामा का लंड थोड़ा अंदर घुस गया। लंड का मोटा टोपा मामी की चूत की दीवारों को फैलाते हुए धीरे-धीरे अंदर प्रवेश कर रहा था। अब मामा मामी के ऊपर पूरी तरह लेट गए थे और उनके होंठों पर गहरा किस करने लगे थे। उनकी जीभें एक-दूसरे के मुंह में लिपट रही थीं। अब उनके हाथ मामी के बड़े बूब्स को जोर-जोर से दबा रहे थे और उंगलियां निप्पल को मसल रही थीं। साथ ही वे धीरे-धीरे कमर हिलाकर लंड को अंदर-बाहर कर रहे थे।

थोड़ी देर बाद मामा ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। अब उनके धक्के तेज और गहरे हो गए थे। हर धक्के पर मामी की चूत से चिपचिपी आवाजें आने लगीं। अब मामी भी उनका जवाब दे रही थी। वह अपनी कमर ऊपर उठाकर मामा के लंड को पूरी तरह अंदर ले रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मामा ने ऐसे ही चोदा और हांफते हुए कहा, “अब थोड़ी देर तुम ऊपर आ जाओ।” तो मामी ने तुरंत उन्हें पीठ के बल लिटाया और उनके लंड पर अपनी चूत बिठाकर ऊपर-नीचे होने लगी। उनके बड़े बूब्स जोर-जोर से उछल रहे थे। अब मुझे मामी के बूब्स और उनकी मोटी गांड बहुत बड़ी और सेक्सी दिख रही थी। गांड हर बार नीचे बैठने पर मामा की जांघों पर जोर से टकरा रही थी।

थोड़ी देर तक ऐसे ही करने के बाद मामा ने उन्हें एकदम से पकड़कर नीचे कर दिया और वो उनके ऊपर हो गए तथा जोर-जोर से धक्के लगाने लगे। अब कमरे में ठप-ठप-ठप की तेज आवाज गूंज रही थी। मामी चीख रही थी, “आआह्ह्ह…! ओह्ह मम्मा…! जोर से… आह्ह्ह… चोदो मुझे…!” अब मैं समझ गया था कि अब उनका पानी निकलने वाला है। फिर मामा ने जोर-जोर से पाँच-छह तेज झटके मारे। हर झटके के साथ मामी की चीखें और तेज हो गईं, “हां… हां… आह्ह्ह… निकल रहा है…!” तो मैं समझ गया कि वो झड़ गए हैं।

अब उन्होंने अपना गर्म, चिपचिपा पानी मामी की चूत में ही डाल दिया था। लंड के हर स्पंदन के साथ वीर्य की धारें अंदर जा रही थीं। फिर वो दोनों थोड़ी देर तक ऐसे ही शांत एक-दूसरे से चिपककर सोए रहे। उनके बदन पसीने से तर थे और सांसें अभी भी तेज चल रही थीं। फिर थोड़ी देर बाद मामी ने सांस लेते हुए कहा, “आज बहुत मज़ा आया।” तो मामा ने मुस्कुराते हुए कहा, “रात को क्या करना है वो तो पता है ना?” तब मामी ने जोर से मजाक में मामा के कूल्हों पर एक थप्पड़ मारा। अब मेरा पानी भी उनको देखकर निकल गया था तो मैं भी बाथरूम में जाकर पानी से साफ करके सो गया।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।