टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

भाई बहन नंगे लेटे चिपके रहे रात भर

इस भाई बहन सेक्स कहानी में आप पढ़ेंगे कि कैसे जवान भाई बहन ने अपने अंदर की हवस को मिटाया। दो बड़े परिवार एक ही घर में रहते हैं जिसमें दस लोग रहते हैं।

आकाश घर का मुखिया है। उसकी उम्र तिरेपन साल है। वह मजबूत कद-काठी वाला आदमी है जिसकी दाढ़ी में सफेद बाल झांकने लगे हैं। सुनीता आकाश की पत्नी है। उसकी उम्र इक्यावन साल है। उसके शरीर पर उम्र का असर दिखने लगा है लेकिन अभी भी वह घर संभालने में पूरी तरह सक्रिय रहती है।

जयेश आकाश का छोटा भाई है। उसकी उम्र उनतालीस साल है। ममता जयेश की पत्नी है और उसकी उम्र छियालीस साल है। दोनों भाई एक साथ रहकर परिवार को आगे बढ़ा रहे हैं। आकाश के दो लड़के और एक लड़की हैं। बड़े बेटे का नाम अनिल है। उसकी उम्र पच्चीस साल है और उसकी शादी हो चुकी है। छोटे बेटे का नाम सुनील है। उसकी उम्र बाईस साल है और वह भी शादीशुदा है।

अनिल की बीवी शिवानी उम्र तेईस साल की है। वह एकदम मस्त माल है। उसकी बत्तीस तीस अड़तीस की कंटीली फिगर देखकर किसी का भी मन ललचा उठता है। उसके स्तन गोल और ऊंचे हैं जो कपड़ों के अंदर से भी अपनी उपस्थिति महसूस कराते हैं। उसकी कमर पतली है और नितंब भरे हुए हैं जो चलते समय लहराते हैं। सुनील की बीवी पूजा उम्र इक्कीस साल की है। यह भी हुस्न की रानी है। इसका बत्तीस अट्ठाईस छत्तीस का फिगर बेहद आकर्षक है। उसकी त्वचा चिकनी और गोरी है जो छूने पर मखमल जैसी लगती है।

इन दो भाइयों की एक बहन है एकता। वह भी किसी माल से कम नहीं थी। खास करके उसकी गांड बहुत ही बाहर को निकली हुई थी जो टाइट कपड़ों में और भी उभरकर दिखती थी। एकता के चुचे मीडियम साइज के थे। न ज्यादा बड़े और ना ज्यादा छोटे। वे नुकीले और आकर्षक थे जो उसके ब्लाउज के अंदर से अपनी गोलाई दिखाते थे।

जयेश के दो लड़कियां और एक लड़का था। उनमें अजय सबसे बड़ा था। उससे छोटी सोनल और सबसे छोटा बेटा आदी था। अजय की शादी हो चुकी थी और उसकी बीवी का नाम कीर्ति था। कीर्ति इन सबमें सबसे ज्यादा खूबसूरत थी। वह काफी खुली हुई लड़की थी। किसी से भी बात करने में वह शर्माती नहीं थी।

वो दिनों दिन एकदम मस्त माल हो रही थी। उसके चौंतीस के चुचे सेक्सी थे जो हर बार सांस लेते समय हिलते दिखते थे। उसकी कमर अट्ठाईस इंच की थी जो पतली और लचीली थी। उसकी अड़तीस इंच की बाहर निकलती हुई गांड किसी बड़े के लंड को भी खड़ा कर देती थी। उसके होंठ गुलाबी और आंखें बड़ी-बड़ी थीं जो बात करते समय चमक उठती थीं।

मैं आपको अनिल और एकता की कहानी सुनाता हूं। वैसे तो दोनों सगे भाई बहन हैं लेकिन हवस के आगे सारे रिश्ते भुला चुके थे। इन दोनों भाई बहन में बहुत प्यार था। वे दोनों खूब मस्ती करते थे। वे जवान हो चुके थे। अनिल को सेक्स के बारे में सब पता था जबकि एकता को इस सबके बारे में कम ही पता था।

ऐसे ही एक दिन अनिल अपने कमरे में सोया हुआ था तो एकता वहां पर झाड़ू लगाने आयी।

एकता ने उस दिन गहरे गले की टी शर्ट और लोवर पहना हुआ था। टी शर्ट का गला इतना गहरा था कि उसकी गोरी छाती का बड़ा हिस्सा साफ दिख रहा था। लोवर उसकी मोटी जांघों और बाहर निकली गांड पर टाइट पड़ा हुआ था। जब एकता कमरे में आई तो दरवाजे की आवाज से अनिल की नींद खुल गयी। वह बेड पर लेटे लेटे ही एकता को देख रहा था। उसकी आंखें एकता के शरीर पर घूम रही थीं।

जब एकता झुक कर झाड़ू से कचरा निकाल रही थी तो अनिल को उसके पूरे चुचों के दर्शन हो गए। टी शर्ट के अंदर से उसके मीडियम साइज के गोल और नुकीले स्तन लगभग बाहर आने को थे। उनकी नरम गोरी त्वचा और गहरी खाई साफ दिख रही थी। बस यहीं से अनिल एकता को हवस की नजर से देखने लगा। उसके लंड में हलचल होने लगी और वह कड़क होकर उठने लगा।

अनिल के दिल में एकता के लिए हवस जाग गयी थी। एकता इस सबसे अनजान थी कि उसका बड़ा भाई उसकी जवानी का दीवाना हो गया है। अब अनिल एकता को किसी भी हाल में चोदना चाहता था। लेकिन उसे मौका नहीं मिल पा रहा था। चूंकि वे दोनों अक्सर मस्ती किया करते थे तो अब अनिल उसके चूचों और गांड को छूने लगा था। उसके हाथ जानबूझकर एकता की छाती पर रगड़ते या उसकी नितंबों को सहलाते रहते।

ऐसे ही दिन निकलते जा रहे थे और अनिल की हवस बढ़ती जा रही थी। रात को वह अकेले में एकता के शरीर की याद में अपना लंड हिलाता और उसकी कल्पना में उसकी योनि के अंदर घुसने का सपना देखता।

एक दिन संयोग से एकता को अनिल के कमरे में सोना पड़ा। अनिल ने सोचा कि आज अच्छा मौका है। आज तो एकता को चोद ही दूंगा। एकता अनिल के पास उसके बेड पर आयी और मस्ती करने लग गयी। हमेशा ही एकता अनिल के ऊपर बैठकर मस्ती करती थी। आज भी एकता अनिल के ऊपर चढ़ी हुई मस्ती कर रही थी। उसकी टाइट गांड अनिल के पेट पर दब रही थी और उसके स्तन अनिल के सीने से रगड़ खा रहे थे।

अनिल बार बार मस्ती के बहाने एकता के चुचे दबाये जा रहा था। उसके हाथ टी शर्ट के अंदर घुसकर उन नरम गोल स्तनों को पूरी तरह मसल रहे थे। उंगलियां उनकी कठोर होती निप्पलों को दबा रही थीं और हल्के से खींच रही थीं। एकता भी जवान हो गयी थी तो उसे भी अपने मम्मे दबवाने में मजा आ रहा था। इसलिए वो कुछ नहीं बोल रही थी। उसकी सांसें तेज हो रही थीं और चेहरा हल्का लाल पड़ गया था।

लेकिन थोड़ी देर बाद अनिल ने एकता को नीचे बेड पर लिटा दिया और खुद एकता के ऊपर आकर मस्ती करने में लग गया। उसका भारी शरीर एकता की नाजुक देह पर दब रहा था। उसके हाथ तेजी से एकता की टी शर्ट ऊपर खींचकर उसके दोनों स्तनों को बाहर निकाल लिए। वह उन्हें चूसने और काटने लगा। एकता की योनि गीली होने लगी थी।

कुछ ही देर में वो मस्ती नहीं और कुछ ही काम में चालू हो गया था।

थोड़ी देर बाद अनिल ने अपने होंठ एकता के होंठों पर रख दिए। एकता एक पल के लिए चौंक गई। उसका शरीर अचानक सख्त हो गया और उसने अनिल को धक्का दे दिया। एकता बोली भैया आप ये क्या कर रहे हो। अनिल बोला अरे बहुत मजा आएगा मुझे करने दे। एकता बनावटी गुस्सा करते हुए कहने लगी नहीं मुझे जाने दो मुझे नहीं लेना ऐसा वाला मजा।

पहले तो अनिल ने एकता को समझाया कि अरे यार बहुत मजा आने वाला है तू खुद कहेगी कि भैया और करो। एकता ने कहा मुझे थूक से गीला गीला लगता है। अनिल बोला शुरू में लगेगा फिर तुझे बहुत मजा आएगा। एकता बोली नहीं मुझे बिना थूक वाला खेल अच्छा लगता है। अनिल बोला अच्छा आ जा अब बिना थूक वाला खेल खेलते हैं। एकता मान गई और अनिल के ऊपर आ गई।

कुछ देर तक वे दोनों धींगा मस्ती करते रहे और एक दूसरे के शरीर से मजा लेते रहे। अनिल ने एक बार फिर से अपनी बहन के होंठों को चूमा। इस बार उसने जीभ को अंदर नहीं डाला था जिससे उसकी बहन को अच्छा लगा और उसने भी अनिल को चूमा। उसने कहा भैया मुझे ऐसे ठीक लग रहा है। उनके होंठ एक दूसरे से हल्के से रगड़ रहे थे।

अनिल उसको बिना गीला किए चूमने लगा। कुछ देर बाद अनिल की गर्मी बढ़ गई तो उसने अपनी जीभ फिर से एकता के मुंह में डाल दी। एकता फिर से मना करने लगी। उसने अनिल को अपने ऊपर से हटा दिया। लेकिन इस बार अनिल नहीं माना और वो वापस एकता के ऊपर आकर उसे किस करने लगा। उसके होंठ एकता के नरम होंठों को जोर से चूस रहे थे।

उसने अपना एक हाथ उसके एक चुचे पर रख दिया और वो अपनी बहन की चूचियों को दबाने लगा। अनिल की उंगलियां एकता के स्तन की नरम मांसपेशियों को गहराई से मसल रही थीं। निप्पल कठोर होकर उभर आए थे। एकता को भी चूची दबवाने में मजा आ रहा था तो वो भी मजे लेने में लग गई। उसकी सांसें तेज हो रही थीं और हल्की सी आह निकल रही थी।

फिर अनिल ने एकता की टी शर्ट और लोअर को निकाल दिया। एकता अब ब्रा और पेंटी में हो गई थी। उसकी गोरी त्वचा कमरे की रोशनी में चमक रही थी। अनिल ने तभी उसकी ब्रा का हुक खोलकर ब्रा भी निकाल दी और उसके चूचों को बारी बारी से चूसने लगा। उसकी गर्म जीभ एकता के निप्पलों के चारों ओर घूम रही थी। चूचों पर अनिल ने अपनी गीली जीभ को खूब फिराया तो एकता को मजा आने लगा। अब एकता भी मस्ती में आ गई। उसकी कमर हल्के से उठने लगी थी।

फिर थोड़ी देर बाद अनिल नीचे खिसका और एकता की पेंटी के पास आ गया। अनिल हवस भरी नजरों से उसकी पैंटी को देख रहा था। वो अपना एक हाथ एकता की जांघों पर फेरता हुआ उसकी पेंटी पर लाया और पेंटी खींच कर निकाल दी। अब एकता पूरी नंगी हो गई थी। उसकी चिकनी योनि हल्की नमी से चमक रही थी।

फिर अनिल खड़ा हुआ और उसने भी अपने सारे कपड़े निकाल दिए। उसका लंड फनफनाता रहा था।

जब एकता ने उसका लंड देखा तो हाथ में पकड़ते हुए बोली आह कितना बड़ा है ये। उसके नाजुक हाथ में अनिल का मोटा और लंबा लंड कांप रहा था। गर्म और सख्त लंड की नसें उभरी हुई थीं। अनिल बोला हां और अब ये तेरी चूत में जाएगा। ये सुनकर एकता घबरा गई और बोली भैया मैं सहन नहीं कर पाऊंगी ये बहुत बड़ा है। उसकी आंखें फैल गई थीं और चेहरा डर से लाल हो गया था।

अनिल बोला कुछ नहीं होगा मेरी बहना रानी बस थोड़ा दर्द होगा सहन कर लेना। उसके बाद मैं तुझे जन्नत की सैर करवाऊंगा। उसकी आवाज में हवस और प्यार दोनों थे। लेकिन एकता मना कर रही थी। वह हल्के से सिर हिला रही थी और अपने शरीर को थोड़ा पीछे खींचने की कोशिश कर रही थी।

फिर अनिल ने वापस एकता को बेड पर लेटाया और उसकी चूत के पास ले जाकर उसे सूंघने लगा। उसकी नाक एकता की गर्म और नम चूत की महक में खो गई। उसने अपनी जुबान एकता की चूत पर फेरी जिससे एकता की मदभरी सिसकारी निकल गई। आह भैया। एकता का बदन झनझना उठा। अनिल उसकी चूत चाटने में लग गया। उसकी गर्म और नरम जीभ एकता की योनि की फांकों को चाट रही थी। वह ऊपर से नीचे तक बार बार लिक कर रहा था।

एकता को चूत चटवाने में बहुत ही मजा आ रहा था। ये सब उसके लिए पहली बार था। उसकी जांघें अनिल के सिर के दोनों तरफ कांप रही थीं। उसकी सांसें तेज और भारी हो गई थीं। थोड़ी देर में एकता का बदन अकड़ने लगा और वो जोर जोर से अनिल का मुंह अपनी चूत पर दबाने लगी थी। उसकी उंगलियां अनिल के बालों में फंसी हुई थीं।

थोड़ी देर में वो एक झटके के साथ झड़ गई और बहुत तेज हांफने लगी। उसकी चूत से गर्म रस की धार निकली जो अनिल के मुंह में भर गई। अनिल चूत का सारा रस पी गया। उसने अपनी जीभ से अंतिम बूंद तक चाट लिया। कुछ देर बाद अनिल एकता के ऊपर आ गया और उसने अपना लंड उसकी चूत पर टिका दिया।

बहन की चूत एकदम कुंवारी थी तो उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट थी। अनिल ने जोर लगाया तो भाई का लंड बहन की चूत पर से फिसल गया। लंड की नोक एकता की योनि के बाहर रगड़ खा रही थी। दो तीन बार कोशिश करने के बाद भी लंड चूत में नहीं गया। हर बार फिसलने पर एकता के मुंह से हल्की सी चीख निकल जाती थी।

फिर अनिल ने अपनी बहन की चूत पर ढेर सारी क्रीम लगा दी और वापस अपने लंड को उसकी चूत पर टिका दिया।

एकता को लंड की गर्मी से मजा आ रहा था। उसकी चूत की नरम त्वचा अनिल के लंड की गर्माहट महसूस कर रही थी। तभी अनिल ने एक जोर से झटका मारा तो उसका आधा लंड उसकी बहन की चूत में घुस गया। एकता लंड के एकदम से घुस जाने बेहोश सी हो गई। उसकी आंखें बाहर आने को थीं। उसकी चूत की दीवारें अचानक फैलने से तेज दर्द से सिहर उठीं। वो चिल्लाई पर अनिल ने अपने हाथ से उसके मुंह को दबा दिया था जिस वजह से उसकी आवाज वहीं घुट गई।

वो कुछ संभलती उससे पहले अनिल ने एक और झटका लगा दिया और पूरा लंड बहन की चूत में घुसा दिया। एकता छटपटाने लगी। उसकी आंखों से आंसू गिरने चालू हो गए थे। वो रहम की भीख मांग रही थी क्योंकि उसकी चूत की सील टूट चुकी थी। गर्म खून की हल्की धार बाहर निकल रही थी। अनिल थोड़ी देर रुक कर उसे किस करता रहा। वो उसके चूचों को बारी बारी चूसता रहा। उसके दांत हल्के से निप्पलों को काट रहे थे।

कुछ ही देर में एकता का दर्द कम हुआ तो उसने अपनी गांड हिला दी। इससे अनिल समझ गया कि अब घोड़ी हिनहिनाने को तैयार है। वो अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। हर धक्के पर एकता की चूत अनिल के मोटे लंड को निचोड़ रही थी। एकता वासना भरी सिसकारियां लेने लगी। एकता बोल रही थी उम्म्ह अहह हय ओह आआहहह येयेहह जोर से और जोर से चोदो मेरे भैया राजा।

अनिल भी जोश में धक्के पर धक्के दे रहा था। पूरे कमरे में थप थप की आवाज गूंज रही थी। उसके गोले एकता की गांड से टकरा रहे थे। एकता की चूत से चिकनी आवाजें निकल रही थीं। करीब पंद्रह मिनट बाद अनिल झड़ने को हुआ तो उसने अपना लंड बाहर निकाला और अपना वीर्य एकता के पेट और चूचों पर निकाल दिया। गर्म गाढ़ा वीर्य उसके स्तनों पर फैल गया। एकता दो बार पहले ही झड़ चुकी थी।

अनिल थक कर एकता के पास लेट गया। दोनों नंगे भाई बहन एक दूसरे से चिपके हुए थे। उनके शरीर पसीने से तर थे। अनिल की छाती एकता के स्तनों से दब रही थी। दोनों की सांसें अभी भी तेज चल रही थीं।

थोड़ी देर बाद अनिल ने एकता के चूचों को सहलाते हुए पूछा मजा आया। एकता बोली हां बहुत मजा आया भैया। उसकी आवाज में संतोष और थकान दोनों थी। फिर अनिल बोला ये बात किसी को मत बताना। एकता ने कहा ठीक है मैं किसी को नहीं बताऊंगी। उसने शरमाते हुए मुस्कुराकर अनिल की छाती पर सिर रख दिया।

कुछ देर में वापस अनिल का लंड खड़ा हो गया और वो फिर से एकता के ऊपर चढ़ गया। फिर से एक बार दनादन चुदाई का खेल शुरू हो गया। अनिल ने एकता को अलग अलग मुद्राओं में चोदा। पहले वह ऊपर से फिर घोड़ी बनाकर और अंत में एकता को अपनी गोद में बिठाकर। उस रात अनिल ने तीन बार अपनी बहन को चोदा। हर बार एकता की चूत से वीर्य और रस की धार निकलती रही।

दोस्तों इसके आगे इसी परिवार की बहुत सी सेक्स कहानियां हैं। धीरे धीरे मैं आपको पूरे परिवार की चुदाई की कहानी लिखता रहूंगा।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।