Cuckold husband ki real story: हाय गाइज मेरा नाम असगर है, अभी मैं अपनी बीवी की चुदाई गैर मर्द के साथ की कहानी लिख रहा हूँ, यह 6वां भाग है, अगर आपने पिछला भाग नहीं पढ़ा, तो अभी पढ़े: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 05
अब आगे की कहानी:
अहमद बोला, “अच्छा जल्दी बताओ।”
नाजिश बोली, “अच्छा तो सुनो। मैं वीकेंड को अपनी मां के घर जाऊंगी। मुझे पक्का यकीन है तब फिर ये दिल्डो अपनी अस में लेगा। जाते वक्त मैं घर लॉक नहीं करूंगी। तुम जा कर इसे पकड़ लेना जब ये दिल्डो से खेल रहा हो।”
अहमद बोला, “अरे पर उसने ऐसा नहीं किया तो और मुझे आते देख लिया फिर क्या?”
नाजिश बोली, “नहीं भी किया तो तुम तो प्लेबॉय हो ना। उससे पता लगाने। उसे वैसे भी असली मर्द का खिलौना चाहिए मेरी तरह।”
अहमद बोला, “वाह प्लान तो बहुत अच्छा है। ठीक है फिर वीकेंड को खोलता हूं तेरे हस्बैंड की सील।”
नाजिश बोली, “हाहाहा अच्छा जी।”
प्लान के मुताबिक अहमद उस दिन टाइम पर आ गया और मेरी वाइफ को कॉल किया बिल्डिंग के बाहर से।
अहमद बोला, “हां मेरी जान मैं नीचे हूं। तुम कहां हो?”
नाजिश बोली, “मैं अपनी मां के घर हूं और हस्बैंड अकेला है। पक्का कुछ कर रहा होगा।”
अहमद बोला, “चल देखते हैं। आज बस मेरी बरसों की ख्वाहिश पूरी हो जाए।”
फोन स्पीकर पर था और मेरी वाइफ घर पर ही थी। उसने अहमद को ऊपर जाने को कहा और मुझे नंगा होकर दिल्डो लेने का। घर का दरवाजा भी लॉक नहीं था और मेरी वाइफ मेरी तरह दूसरे रूम में चली गई। और कुछ देर में मैंने भी क्रीम लगा कर दिल्डो लेना शुरू कर दिया। उफ दिल्डो बड़ा नहीं था पर अंदर डालते हुए दर्द हो रहा था और एक्साइटमेंट भी। अहमद ने दरवाजा खोला फिर और आराम-आराम से अंदर आया और मुझे दिल्डो के साथ खेलते हुए देखने लगा और बोला।
अहमद बोला, “अरे वाह क्या सीन है।”
मैं नाटक करते हुए बोला, “तुम तुम यहां कैसे आए? वो ये सब बस ऐसे ही।”
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अहमद बोला, “दरवाजा खुला था। मैंने सोचा उस दिन डिनर के लिए पर्सनली तुम्हें थैंक्स कहूं पर यहां का सीन ही कुछ और है।”
मैं बोला, “देखो प्लीज ये बात किसी को मत बताना खास तौर पर मेरी वाइफ को प्लीज भाई।”
अहमद बोला, “मुझे हमेशा से पता था कि इतनी मोटी गांड वाला स्ट्रेट हो ही नहीं सकता। आज कन्फर्म हो गया।”
मैं बोला, “भाई ऐसा कुछ नहीं है। मैंने किसी लड़के के साथ सेक्स वगैरह नहीं किया। बस दिल्डो डाल कर शांत होता हूं बस यार।”
अहमद बोला, “अच्छा पहले नहीं किया तो अब कर ले।”
मैं बोला, “क्या मतलब?”
अहमद ने अपना लंड पैंट से निकाल कर बोला, “मतलब ये।”
मैं बोला, “यार क्या कर रहा है? मैं ऐसा नहीं हूं।”
अहमद बोला, “देख मेरी जान अब बन मत। मैंने सब देख लिया है कैसे तो मजे लेकर ये ले रहा था। आह आह की आवाजें निकाल रहा था। बस अब सब छोड़ और मेरा लंड चूसना शुरू कर।”
मेरी वाइफ ये सब देख रही थी। बाद में उसने मुझे बताया था कि वो भी फुल न्यूड होकर चूत और गांड में उंगली कर रही थी। मैं भी अब और नाटक नहीं करना चाहता था तो डायरेक्ट उसका लंड पकड़ कर हिलाना शुरू किया। दो सेकंड भी नहीं हुए कि वो हार्ड हो गया। आज इतने करीब से कुछ ज्यादा ही बड़ा लग रहा था। कॉलेज में एक लंड चूस चुका था पर उससे टाइम हो गया। आज फिर इस मोटे लंड को चूसना शुरू किया।
मैं बोला, “मम्म्म वाह क्या लंड है उफ।”
अहमद बोला, “ये हुई ना बात जानू। अपनी अंदर की औरत बल्कि अंदर की रंडी औरत को बाहर निकाल और चूस मेरा लोरा लॉलीपॉप जैसे।”
मैं बोला, “चूस रहा हूं जान पर ये बहुत मोटा है और मैंने इतना मोटा कभी नहीं लिया।”
अहमद बोला, “हां पता है। नाजिम का मुझसे छोटा है। उसका तो लिया है ना।”
मैं बोला, “क्या तुम्हें नाजिम वाली बात पता है?”
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अहमद बोला, “मुझे क्या सब दोस्तों को पता है। और सिर्फ नाजिम नहीं। हम सब दोस्त कॉलेज से ही तेरी इस जनाना गांड के दीवाने हैं।”
मैं बोला, “उफ तुम सब को ये बात पता है।”
अहमद बोला, “हां जानू पता है। जबसे उस पिकनिक में तू नंगा हुआ था हर कोई तेरी गांड की बात करता था। ये तो नाजिम ने पहले कर के तुझे डरा दिया वरना मेरा दिल था तुझ पे। सोचा था मैं तेरी प्यार से और खूब तेल लगा कर मारूंगा पर नाजिम से तू इतना डरा कि हमसे मिलना भी छोड़ दिया फिर।”
मैं बोला, “भाई देख इज्जत सबको प्यारी होती है। मुझे भी है। बदनामी नहीं चाहिए थी इसलिए मैंने बात वगैरह कम कर दी थी। पर गांड में आग हमेशा से थी पर डर इतना था कि कभी कुछ नहीं किया।”
अहमद बोला, “मेरी जान अब डर निकाल दे। तू भरोसा रख। तेरी ये बात किसी को नहीं पता चलेगी। मैं तेरे लिए सालों से तरप रहा हूं और आज पता चला तू भी तरप रहा है किसी के लिए। अब तू मुझे ही अपना यार बीएफ या हस्बैंड जो चाहे समझ और मुझे शांत कर।”
मैं बोला, “ठीक है जानू। हम्म आह।”
मैं मजे लेकर उसका लंड चूसता रहा। ये भूल गया कि मेरी वाइफ भी मुझे देख रही है। उसका मोटा लंड दस मिनट तक चूसा और पूरा गले तक ले गया। और अचानक वो छूट गया। मैं भी किसी भूखी रंडी की तरह उसका सारा माल पी गया।
अहमद बोला, “आह वाह यार। आज तक किसी ने भी इतना मजे लेकर नहीं चूसा। तूने मुझे इतना जल्दी फारिग करवा दिया। इतना तो तेरी…”
ये बोलकर वो चुप हो गया। मैं समझ गया कि वो मेरी वाइफ की बात कर रहा है।
मैं बोला, “मेरी क्या?”
अहमद बोला, “वो मैं कह रहा था इतना जल्दी तो तेरी भाभी ने नहीं करवाया कभी।”
मैं बोला, “अच्छा वैसे कॉलेज के बाद ये मेरा फर्स्ट टाइम था।”
अहमद बोला, “वाह यार तू ट्रेन हो गया तो दो मिनट में निकाल देगा।”
ये बोलकर अहमद अपने सारे कपड़े उतारने लगा। मैं तो पहले से ही नंगा था। फिर मुझे बेड पर ले गया और लिप किस करने लगा। ये सब मेरे लिए नया था क्योंकि पहले मैंने मुंह में लंड लिया था और आधी चुदाई कराई थी पर रोमांस वगैरह नहीं किया था किसी बॉय के साथ। अहमद मुझे किस करते-करते मेरे निप्पल को चूसने लगा। उफ मेरे जिस्म में जैसे करंट सा आ गया था। वो इतना पैशनेटली सब कर रहा था। मेरे बूब्स तो इतने नहीं हैं दोस्तों पर गांड मोटी है जिस्म पतला है।
मैं बोला, “उफ अहमद।”
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अहमद बोला, “मेरी जान आज तुझे ऐसा मजा दूंगा कि रोज मेरा लेने आएगा तू।”
मैं बोला, “गांड को थोड़ा संभाल कर चोदना। मुझे डर लगता है दर्द होगा।”
अहमद बोला, “तू फिकर मत कर। बस खुद को मेरे हवाले कर। सुबह तक तुझे अपना दीवाना ना किया तो मेरा नाम भी अहमद नहीं।”
मैं बोला, “अच्छा ठीक है। जो करना है करो बस मजा दो मुझे।”
मेरी वाइफ ने मुझे बाद में बताया कि वो बहुत जलस रही थी मुझसे। अहमद ने इतना पैशनेटली रोमांस उससे भी नहीं किया था पर उसे मजा भी रहा था। मेरी वाइफ के पास भी एक दिल्डो था जिससे वो ले रही थी।
अहमद बोला, “चल जानू अब उल्टा हो जा।”
मैं बोला, “अच्छा जरा संभाल कर हां। आई एम सेंसिटिव।”
अहमद बोला, “फिकर मत कर अभी डाल नहीं रहा। अभी तेरी गांड को रेडी करूंगा।”
ये बोलकर अहमद ने अपने बैग से एक क्रीम निकाली और मेरी गांड पर लगाने लगा और छेद के अंदर भी उंगली डालने लगा। मुझे दर्द होने लगा। पहले एक उंगली फिर दो और तीन भी डाली।
मैं बोला, “उफ अहमद दर्द हो रहा है मुझे।”
अहमद बोला, “थोड़ा सबर कर। ये क्रीम अंदर जाने दे। ये दर्द खत्म कर देगी तेरा। फिर तू आराम से मेरा लंड उछाल-उछाल कर लेगा।”
मैं बोला, “अच्छा ठीक है। उफ।”
अहमद की ये क्रीम सच में अच्छी थी। मुझे कुछ देर में दर्द का पता ही नहीं था। बस अच्छा लग रहा था अंदर उंगली जा रही थी। फिर थोड़ी देर बाद अहमद ने क्रीम कपड़े से साफ की। छेद भी साफ किया और मेरे छेद को चाटने लगा। उफ दोस्तों मेरे लिए ये सब बहुत नया था पर अहमद तो एक्सपर्ट था। पूरी तैयारी के साथ आया था। मेरे छेद पर अपनी जुबान डाल रहा था और चाट भी रहा था। मैं मजे के सातवें आसमान पर था।
दोस्तों प्लीज मुझे बताइएगा कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी। प्लीज बताएं आपको मेरी स्टोरी पसंद आई या नहीं।
कहानी का अगला भाग: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 07
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