टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

साड़ी उतारकर दो स्टूडेंट्स ने चोदा अपनी टीचर को

Horny indian madam threesome sex story: मेरा नाम प्रीति शर्मा है। उम्र २९ साल। मैं दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कोचिंग इंस्टीट्यूट में इंग्लिश और जनरल स्टडीज की फैकल्टी हूँ।

मेरी शादी को चार साल हो चुके हैं लेकिन पति आर्मी में हैं और ज्यादातर समय बॉर्डर पर तैनात रहते हैं। घर में अकेलापन बहुत सताता है।

कोचिंग में मैं बहुत सख्त और प्रोफेशनल मैडम के रूप में जानी जाती हूँ। छात्र मुझे “मैडम” कहकर बुलाते हैं और डरते भी हैं। लेकिन अंदर से मैं भी एक जवान औरत हूँ जिसकी चूत सालों से अधूरी पड़ी है।

इस साल बैच में दो लड़के थे राहुल और विक्रम। दोनों १९-२० साल के कॉलेज स्टूडेंट्स थे जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे थे।

राहुल लंबा, फिट और अच्छा पढ़ने वाला लड़का था। उसकी ऊंची कद-काठी, मजबूत कंधे और तेज नजरें हर किसी का ध्यान खींचती थीं।

विक्रम थोड़ा शैतान लेकिन बेहद हैंडसम और मजबूत बॉडी वाला था। उसकी चौड़ी छाती, पतली कमर और मांसल बाहें उसे बेहद आकर्षक बनाती थीं।

दोनों मेरे क्लास में सबसे आगे वाली बेंच पर बैठते थे और मेरी तरफ विशेष ध्यान देते थे।

शुरू में मैंने इसे नॉर्मल समझा था लेकिन धीरे-धीरे उनकी नजरें मेरी चूचियों, पतली कमर और गोल गांड पर रुकने लगी थीं।

वे मेरी साड़ी के ऊपर से भी मेरी शरीर की हर आकृति को घूरते हुए देखते थे। उनकी आंखों में एक गहरी भूख साफ दिखाई देती थी जो मुझे अंदर तक हिला देती थी।

एक दिन क्लास के बाद शाम को साढ़े आठ बजे कोचिंग खाली हो चुकी थी। सिर्फ मैं, राहुल और विक्रम बचे थे। पूरा हॉल सुनसान था और हल्की सी ठंडी हवा कमरे में घूम रही थी।

मैं स्टाफ रूम में बैठी असाइनमेंट चेक कर रही थी। मेरी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया था और ब्लाउज की ऊपरी बटन खुली हुई थी। इससे मेरी चूचियों की गहराई झलक रही थी।

दोनों लड़के अंदर आए। “मैडम हमारा डाउट क्लियर कर दीजिए,” राहुल ने कहा। उसकी आवाज में एक अजीब सी गहराई थी।

मैंने मुस्कुराकर कहा, “बैठो बताओ क्या डाउट है?”

विक्रम ने दरवाजा बंद कर दिया और बोला, “मैडम असल डाउट तो आपकी चूत का है।”

मैं स्तब्ध रह गई। “क्या बकवास कर रहे हो? बाहर निकलो!” मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था और गालों पर लाली छा गई थी।

राहुल मुस्कुराया। “मैडम हम जानते हैं कि आपकी शादी के बाद भी आप अधूरी हैं। पति तो साल में दो बार आते हैं। हम दोनों आपको पूरी कर सकते हैं।”

मैं गुस्से से उठी लेकिन विक्रम ने मेरी कलाई पकड़ ली। उसकी मजबूत उंगलियां मेरी नाजुक कलाई को घेर रही थीं।

“मैडम चिल्लाओगी तो सबको पता चल जाएगा। हम बस एक रात चाहते हैं। आप भी तो जवान हैं।”

उनकी बातों में एक अजीब-सी ताकत थी। मैं विरोध कर रही थी लेकिन मेरी चूत पहले से गीली होने लगी थी।

राहुल ने मेरी साड़ी का पल्लू सरका दिया। “मैडम आपकी चूचियाँ कितनी खूबसूरत हैं,” उसने कहा। उसकी आँखों में भूख साफ झलक रही थी।

विक्रम ने मेरे ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोल दिए। मेरी ब्रा बाहर आ गई। दोनों लड़कों ने एक साथ मेरी बड़ी-बड़ी चूचियों को अपनी मजबूत हथेलियों में दबाना शुरू कर दिया।

उनकी उंगलियाँ मेरी नरम मांसल चूचियों को गहरे से दबा रही थीं। मैं सिसकारी भरते हुए बोली, “नहीं… छोड़ो मुझे… ये गलत है…”

लेकिन मेरा शरीर बिलकुल नहीं मान रहा था।

राहुल ने मेरी एक चूची को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। उसकी गर्म जीभ मेरी काली निप्पल को घुमाती हुई चाट रही थी। “साली मैडम की ये मोटी चूचियां कितने दिनों से चुदने को तरस रही थीं,” राहुल ने कहा।

विक्रम ने दूसरी चूची को सहलाते हुए उसकी निप्पल को अपनी उंगलियों से मसलना शुरू कर दिया। “हरामी रंडी, क्लास में सख्त बनती है और अंदर से चूत गीली करके बैठती है,” विक्रम बोला।

मैं कमजोर पड़ गई। “आह… लड़को… धीरे…”

वे मुझे स्टाफ रूम के पुराने सोफे पर ले गए।

राहुल और विक्रम ने मिलकर मेरी साड़ी, पेटीकोट और पैंटी को पूरी तरह उतार दिया। अब मैं पूरी तरह नंगी उनके सामने लेटी थी।

मेरी चूत अब पूरी तरह गीली, सूजी हुई और भूखी हो चुकी थी।

राहुल घुटनों पर बैठ गया। उसने अपनी गर्म सांस मेरी चूत पर फेंकी। मेरी सूजी हुई चूत की गर्माहट को महसूस करते हुए उसकी सांस मेरी नम फांकों पर लगातार पड़ रही थी जिससे मेरे शरीर में हल्की सी सिहरन दौड़ गई।

फिर उसने अपनी गर्म और नम जीभ से मेरी चूत की फांकों को चाटना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसकी जीभ ऊपर से नीचे तक घूम रही थी और मेरी चूत से निकलने वाले रस को चाट-चाट कर पी रहा था। “मैडम की ये रस वाली चूत कितनी स्वादिष्ट है, साली रोज क्लास में घूरता था इसे चोदने को,” राहुल बोला।

उसकी जीभ मेरी क्लिट पर बार-बार घूम रही थी। वह क्लिट को हल्के से चूसता, फिर अपनी जीभ की नोक से तेजी से फेरता जिससे मेरे पैरों में कंपकंपी छूट रही थी।

हर चाट के साथ मेरे शरीर में झुर्रियां दौड़ रही थीं। मेरी कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी और मेरे मुंह से अनियंत्रित सिसकारियां निकल रही थीं। “आह… राहुल…”

विक्रम मेरे सिर के पास खड़ा हो गया। उसने अपना मोटा, खड़ा और नसों वाला लंड मेरे मुंह में डाल दिया। लंड का गर्म सिरा मेरी जीभ को छूते ही मुझे उसका नमकीन और मर्दाना स्वाद महसूस होने लगा।

मैंने अपनी जीभ को लंड के चारों ओर लपेटकर धीरे-धीरे चूसना शुरू कर दिया।

विक्रम ने मेरे बालों को हल्के से पकड़कर अपना लंड थोड़ा और आगे ठेला। “मैडम आपकी चूत बहुत स्वादिष्ट है… हम दोनों आज आपको अच्छे से चोदेंगे, ले रंडी चूस अच्छे से,” विक्रम बोला।

उसकी आवाज में भूख और घमंड दोनों थे।

मैं उसके लंड को चूसती हुई आहें भर रही थी लेकिन अभी पूरी तरह हार नहीं मानी थी।

राहुल का लंड मोटा और लंबा था। विक्रम का थोड़ा पतला लेकिन बहुत सख्त और लोहे जैसा था।

उन्होंने मुझे दोनों तरफ से चोदा। राहुल ने मुझे डॉगी स्टाइल में पकड़ा। उसने मेरी कमर को मजबूती से थामा और पीछे से जोर से अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दिया।

“आह… राहुल… धीरे… फट जाएगी…” मैं चीखी।

“फट जाएगी तो फट जाए साली, ले अपनी भूखी चूत में मेरा मोटा लंड,” राहुल ने कहा और जोरदार धक्के मारने लगा।

मेरी चूत पहले तो थोड़ी तंग थी लेकिन फिर उसका मोटा लंड पूरी तरह अंदर चला गया और हर धक्के के साथ गहरी सनसनी फैल रही थी। मेरी चूचियां आगे-पीछे झूल रही थीं।

विक्रम मेरे मुंह में लंड ठेल रहा था। “मैडम चूसो अच्छे से… हम आपकी मैडम बन गए हैं आज, ले पूरी तरह गले तक ले रंडी,” विक्रम बोला।

मैं उसका लंड गले तक लेते हुए चूस रही थी। मेरी लार उसके लंड पर बह रही थी और चूसने की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।

वे दोनों बारी-बारी से मुझे चोदते रहे। कभी एक ऊपर दूसरा नीचे। कभी दोनों एक साथ।

राहुल ने मेरी चूत में चोदा। विक्रम ने मेरी गांड में उंगली डाली। उसकी मोटी उंगली पहले तो मेरी तंग गांड के बाहर घूम रही थी फिर धीरे-धीरे अंदर घुसने लगी।

मेरी गांड की मांसपेशियां सिकुड़ रही थीं लेकिन राहुल के तेज धक्कों के साथ मेरी चूत का रस निकलकर सब कुछ चिकना कर रहा था। “साली मैडम की गांड भी कितनी टाइट है, आज इसे भी फाड़ देंगे,” विक्रम बोला।

फिर विक्रम ने अपनी उंगली निकाली और अपना मोटा, सख्त लंड मेरी गांड में डालने की कोशिश की। पहले दर्द हुआ। मेरी आंखें बंद हो गईं और मैंने जोर से कराहते हुए कहा, “आह… धीरे… बहुत मोटा है…”

लेकिन जैसे ही उसका लंड का सिरा अंदर गया और मेरी गांड की दीवारें उसे दबाने लगीं, दर्द के साथ-साथ एक अजीब सा मजा आने लगा। “हाँ… चोदो अपनी रंडी मैडम की गांड भी,” मैं सिसकारते हुए बोली।

मेरी चूत और गांड दोनों भर गई थीं। दोनों लड़के एक साथ तेजी से धक्के मार रहे थे।

“हाँ… चोदो मुझे… दोनों मिलकर चोदो अपनी मैडम को… फाड़ दो मेरी चूत और गांड,” मैं सिसकारते हुए बोली। मेरी आवाज में अब विरोध कम और भूख ज्यादा थी।

रात भर स्टाफ रूम में हम तीनों का सिलसिला चला। वे मुझे बार-बार अलग-अलग तरीकों से चोदते रहे।

कभी राहुल नीचे लेट जाता और मैं उसकी गोद में चढ़कर चूत में लंड लेती जबकि विक्रम पीछे से गांड में चोदता। “चढ़ ऊपर रंडी, अपनी भूखी चूत से मेरे लंड को निचोड़,” राहुल बोला। कभी दोनों मुझे बीच में उठाकर दोनों तरफ से भर देते।

उन्होंने मुझे कई बार झड़ने दिया। हर बार मेरी चूत सिकुड़ती, शरीर कांपता और मेरे मुंह से लंबी-लंबी आहें निकलतीं। “झड़ जा साली, अपनी चूत का पानी निकाल,” विक्रम चिल्लाया।

आखिर में दोनों ने मेरी चूत और मुंह में पानी छोड़ा। राहुल ने मेरी चूत के अंदर गर्म-गर्म मोटी धार छोड़ी जबकि विक्रम ने मेरे मुंह में अपना लंड गहराई तक ठेलकर अपना रस उगल दिया। “ले रंडी, अपना वीर्य पी जा,” विक्रम बोला।

मैं थककर सोफे पर लेटी थी लेकिन मन में एक अजीब-सी तृप्ति थी। मेरा पूरा शरीर पसीने से चिपचिपा हुआ था।

चूत और गांड दोनों में अभी भी हल्का जलन भरा दर्द था लेकिन उस दर्द के साथ गहरी चुदाई वाली संतुष्टि महसूस हो रही थी।

राहुल और विक्रम का गाढ़ा, गर्म वीर्य मेरी चूत से बाहर रिसता हुआ जांघों पर बह रहा था। मेरे मुंह के कोनों से विक्रम का सफेद रस टपक रहा था जिसका नमकीन स्वाद अभी भी मेरी जीभ पर चिपका हुआ था।

मेरी चूचियां लाल-लाल होकर सूज गई थीं और निप्पल्स में चूसे जाने का हल्का दर्द था।

उस रात के बाद दोनों लड़के रोज क्लास के बाद रुकने लगे। कभी स्टाफ रूम के पुराने सोफे पर मुझे नंगी करके, कभी कोचिंग की ऊपरी छत पर अंधेरे में दीवार से सटाकर, कभी मेरे घर बेडरूम में घंटों चोदते क्योंकि मेरे पति तो घर पर होते ही नहीं थे।

कई बार उन्होंने क्लासरूम में भी चोदा है क्लासेस खत्म हो जाने के बाद। खाली क्लासरूम की बेंच पर मुझे लिटाकर राहुल मेरी चूत में लंड घुसाता जबकि विक्रम मेरे मुंह में लंड ठेलता। “ले मैडम, अपनी चूत में स्टूडेंट का लंड ले,” राहुल बोला।

कभी ब्लैक बोर्ड के सामने मुझे घुटनों पर बैठाकर दोनों तरफ से चोदते। वे मुझे “मैडम” कहकर चोदते।

राहुल अक्सर मेरी चूत में लंड ठेलते हुए कहता, “मैडम आपकी यह रस भरी चूत अब हमारी प्रॉपर्टी है, रोज चोदेंगे, साली रंडी।”

विक्रम मेरी गांड में मोटा लंड घुसाते हुए मुस्कुराता, “मैडम आपकी टाइट गांड कितनी अच्छी से लंड चूसती है, साली चुदाई वाली रंडी बन गई हो।”

और मैं उन्हें “मेरे स्टूडेंट्स” कहकर बुलाती। “हाँ मेरे स्टूडेंट्स… जोर से चोदो अपनी मैडम की गीली चूत और गांड… फाड़ दो आज…”

अब मैं जानती हूँ कि दो छात्रों ने अपनी मैडम को पूरी तरह चोद लिया है। मेरी चूत अब उनकी हो चुकी है।

वे जब चाहें मुझे बुलाते और मैं बिना किसी शर्म के अपनी टांगें फैला देती, चूत दिखाती और चोदने को कहती।

क्लास में मैं अभी भी सख्त मैडम बनकर पढ़ाती हूँ। ब्लैक बोर्ड पर लिखते हुए गंभीर स्वर में लेक्चर देती हूँ।

लेकिन अंदर से मैं उनकी हूँ दो जवान लड़कों की चुदाई वाली मैडम।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।