Husband wife swap sex story, Wife exchange sex story, Holi par chudai sex story: मेरा नाम समीर है। मैं 29 साल का जवान लड़का हूं। मेरी वाइफ का नाम शाक्षी है। हम दोनों हैदराबाद में रहते हैं। मैं एक आईटी कंपनी में जॉब करता हूं। वैसे तो मैं लखनऊ का रहने वाला हूं लेकिन जॉब के सिलसिले में हैदराबाद में शिफ्ट हो गया हूं।
मेरे साथ मेरा कॉलेज का सबसे करीबी दोस्त भी यहां रहता है। वो मेरे साथ ही कंपनी में काम करता है। उसका नाम मयंक है और उसकी वाइफ का नाम रितु है। मेरी शादी पिछले साल मार्च में हुई थी और ठीक एक महीने बाद अप्रैल में मयंक की शादी हो गई।
हम दोनों ने अपनी-अपनी पत्नियों को लेकर यहां सेटल होने का फैसला किया। हमने सोचा कि एक ही घर में रहना ज्यादा मजेदार और सुविधाजनक होगा। शादी के तुरंत बाद हमने ऐसा 2 बीएचके का घर ढूंढा जिसमें दो अलग-अलग बेडरूम हों। एक बेडरूम में मैं और शाक्षी रहते हैं और दूसरे में मयंक और रितु। किचन दोनों के लिए कॉमन है। हम सब मिलकर खाना बनाते हैं और साथ में खाते हैं।
मेरी वाइफ शाक्षी बहुत सेक्सी है। वो गोरी, लंबी और बेहद आकर्षक है। उसका फिगर लगभग 36-28-30 का है। मयंक की वाइफ रितु भी किसी से कम नहीं है। उसका फिगर 34-28-32 का है और वो भी कमाल की हॉट लगती है। हम चारों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं। वीकेंड पर हम सब मिलकर बाहर घूमने जाते हैं। कभी ड्रिंक करते हैं, कभी बीयर पीते हैं और कभी क्लबिंग में मस्ती करते हैं।
रात में अक्सर हम चारों साथ बैठकर गेम्स खेलते हैं। कभी कार्ड गेम, कभी ट्रुथ एंड डेयर। दोनों लड़कियां घर में छोटे-छोटे शॉर्ट्स और टॉप में रहती हैं। कई बार वो सिर्फ स्पोर्ट्स ब्रा में भी घूमती हैं। ड्रिंक के बाद बातें काफी नॉटी और नॉन-वेज हो जाती हैं। हम दोनों दोस्त एक-दूसरे की वाइफ से हल्का-फुल्का फ्लर्ट भी करते हैं। शाक्षी और रितु को इससे कोई एतराज नहीं होता। बल्कि वो भी मुस्कुराकर साथ देती हैं।
तो ये होली की बात है। हम चारों के लिए ये पहली साथ वाली होली थी। इस बार छुट्टी सिर्फ एक दिन की मिली थी इसलिए हम लोग लखनऊ अपने घर नहीं गए। हमने फैसला किया कि हैदराबाद में ही होली मनाएंगे। हमारे घर में एक अच्छा-खासा गार्डन है। हमने प्लान बनाया कि गार्डन में ही सबको गुलाल लगाएंगे और होली खेलेंगे। उसके बाद ड्रिंक्स का भी इंतजाम रखा था।
वहीं गार्डन में हमने टेबल लगा लिया और सब बैठ गए। ड्रिंक्स का इंतजाम पहले से ही कर रखा था। गार्डन ऊपर से पूरी तरह से शीट से ढका हुआ था, जिसकी वजह से आस-पास के घरों से कोई भी झांककर देख नहीं सकता था। पूरी प्राइवेसी थी। हमने एक-एक करके ड्रिंक शुरू की और धीरे-धीरे मूड बनने लगा।
एक-एक ड्रिंक खत्म होने के बाद हम फिर से होली खेलने में जुट गए। शाक्षी और रितु दोनों ने व्हाइट शर्ट और टाइट ब्लू जींस पहनी हुई थीं, जो उनके फिगर को और भी हाईलाइट कर रही थीं। मैंने हाथ में थोड़ा गुलाल लिया और हंसते हुए अपनी वाइफ शाक्षी के पास गया। मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रखा और हल्के से दबाते हुए गुलाल का पूरा थप्पा लगा दिया। शर्ट पर गुलाल का साफ निशान बन गया। सबने देखा और जोर से हंस पड़े।
रितु ने तुरंत मजाक में कहा, अरे मेरे भी तो लगाओ! मैंने मुस्कुराते हुए उसके पास जाकर हाथ में गुलाल लिया और उसके बूब्स पर भी वैसा ही थप्पा बना दिया। उसकी व्हाइट शर्ट पर भी गुलाल का निशान साफ दिखने लगा। सब फिर से हंसने लगे और माहौल और भी मजेदार हो गया।
अब शाक्षी ने गुलाल हाथ में लिया। वो मेरे बहुत करीब आई, मेरी पैंट के सामने झुककर अंदर हाथ डाल दिया और मेरे लंड पर सीधे गुलाल रगड़कर लगा दिया। उसका हाथ मेरे लंड को छूते ही मैं सिहर उठा। गुलाल की वजह से थोड़ी ठंडक और उत्तेजना दोनों महसूस हुई। ये देखकर रितु भी नहीं रुकी। उसने मयंक की पैंट में हाथ डाला और उसके लंड पर भी गुलाल लगा दिया। मयंक ने आंखें बंद करके मजा लिया। हम सब हंसते-हंसते लोट-पोट हो गए।
फिर मयंक ने गुलाल उठाया। वो रितु के पास गया, उसके टॉप के नीचे से हाथ डाला, ब्रा के अंदर पहुंचा और सीधे उसके नंगे बूब्स पर गुलाल रगड़ दिया। रितु ने हल्की सी सिसकारी ली और मुस्कुराई। मुझे भी वैसा ही करना था। मैंने गुलाल लिया, शाक्षी के टॉप के नीचे हाथ डाला, ब्रा को थोड़ा साइड करके उसके मुलायम बूब्स पर गुलाल अच्छे से फैला दिया। मेरे हाथ उसके बूब्स को छू रहे थे, निप्पल्स पर गुलाल लग रहा था। शाक्षी ने आंखें बंद कर लीं और हल्के से कांप गई।
फिर हम सबने कहा, अब बस, काफी हो गया। हम फिर से टेबल पर बैठ गए और ड्रिंक्स जारी रखीं। दो-दो पैक और पी लिए। अब नशा सबको थोड़ा-थोड़ा चढ़ने लगा था। आंखें लाल हो रही थीं, बातें और भी खुलकर होने लगी थीं।
रितु ने शिकायत की, अरे मेरे ब्रा में गुलाल घुस गया है, बहुत अनकम्फर्टेबल लग रहा है। शाक्षी ने भी कहा, हां मुझे भी। दोनों की शर्ट गीली और गुलाल से सनी हुई थी। रितु ने सुझाव दिया, एक काम करते हैं, ब्रा उतारकर झाड़ लेते हैं। वो थोड़ा आगे बढ़ी, टॉप को ऊपर करके उतार दिया। फिर हमारी तरफ पीठ करके खड़ी हो गई और ब्रा के हुक खोलकर ब्रा निकाल ली। वो ब्रा को हिलाकर गुलाल झाड़ने लगी। उसके नंगे बूब्स अब पीछे से दिख रहे थे।
मैंने और मयंक ने एक-दूसरे को देखा। हम दोनों ने आंखों से ही इशारा किया। हम चुपके से उनके पीछे पहुंच गए। मैंने शाक्षी को पीछे से पकड़ा, मयंक ने रितु को। हमने हाथों में गुलाल लिया और उनके नंगे बूब्स पर अच्छे से रगड़ दिया। गुलाल उनके बूब्स पर फैल गया। हमने हल्के से बूब्स दबाए, निप्पल्स पर उंगलियां फेरते हुए गुलाल मसला। दोनों लड़कियां हंसकर सिहर रही थीं।
फिर हमने उन्हें घुमाया, आगे से पकड़ा और उनके बूब्स पर और फेस पर गुलाल मसलना शुरू कर दिया। मैंने शाक्षी के बूब्स को दोनों हाथों से दबाया, हल्के से मसलते हुए गुलाल फैलाया। मयंक भी रितु के साथ वैसा ही कर रहा था। बूब्स दबाने की वजह से दोनों लड़कियां हल्की-हल्की सिसकारियां ले रही थीं। लेकिन तभी एक गलती हो गई। दोनों लड़कियां पीछे से लगभग एक जैसी दिख रही थीं। दोनों ने ब्लू जींस पहनी हुई थी और दोनों ही अब टॉपलेस थीं। बाल भी खुले थे।
तो हम समझ नहीं पाए कि कौन किसकी बीवी है। दोनों लड़कियां पीछे से बिल्कुल एक जैसी लग रही थीं। गुलाल से सने नंगे ऊपरी हिस्से, ब्लू जींस और खुले बाल। अंधेरा भी थोड़ा था और नशे की वजह से दिमाग भी चकरा रहा था। गलती से मैंने मयंक की वाइफ रितु को पकड़ लिया। मैंने उसके नंगे बूब्स को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ा, हथेलियों से अच्छे से मसला और निप्पल्स को उंगलियों से दबाकर गुलाल और रगड़ा। रितु ने हल्की सी चीख मारी लेकिन हंसकर रह गई। उसी समय मयंक ने मेरी वाइफ शाक्षी को पकड़ लिया। उसने भी शाक्षी के बूब्स को जोर से दबाया, मसलते हुए गुलाल फैलाया और निप्पल्स पर उंगली घुमाई। शाक्षी ने आंखें बंद करके सिसकारी ली।
फिर जब हमने उन्हें घुमाया और चेहरा देखा तो सब समझ आया। हम दोनों एक-दूसरे को देखकर जोर से हंस पड़े। ये गलती इतनी मजेदार लगी कि हम सब हंसते-हंसते लोट-पोट हो गए।
फिर दोनों लड़कियां ने अपनी ब्रा उठाई और जल्दी से पहन ली। शाक्षी ने कहा, बस हो गया अब। हम नहाने जा रहे हैं। आप दोनों यहां खेलते रहो। रितु ने भी हंसते हुए कहा, हां, हम साफ होकर आते हैं। वो दोनों ऊपर चली गईं।
हम दोनों लड़के भी थोड़ी देर बाद ऊपर पहुंचे। बाथरूम के बाहर दोनों की व्हाइट शर्ट, ब्रा और जींस पड़ी हुई थीं। दरवाजा हल्का सा खुला था। अंदर से पानी की आवाज आ रही थी। हमने झांककर देखा तो दोनों लड़कियां पूरी तरह नंगी होकर नहा रही थीं। गुलाल से सने शरीर पर पानी बह रहा था। शाक्षी के गोरे बूब्स पर पानी की बूंदें चमक रही थीं। रितु की कमर और हिप्स पर पानी की धारें बह रही थीं। दोनों एक-दूसरे को साबुन लगा रही थीं और हंस रही थीं।
हम दोनों ने उन्हें देखते ही अपने लंड में सख्ती महसूस की। दोनों खड़े हो गए। मैंने धीरे से मयंक से कहा, यार रितु तो बहुत सेक्सी है। देख उसके बूब्स कितने परफेक्ट हैं। मयंक ने मुस्कुराकर कहा, हां, तेरी वाइफ शाक्षी भी बहुत हॉट है। क्या बूब हैं उसके, कितने गोल और मुलायम लग रहे हैं।
तभी दोनों लड़कियों ने हमें देख लिया। शाक्षी ने मुस्कुराकर इशारा किया, अंदर आ जाओ। रितु ने भी हाथ हिलाकर बुलाया। हम दोनों ने जल्दी से अपने कपड़े उतारे। मैं और मयंक नेकेड होकर बाथरूम में घुस गए।
मैं सीधे अपनी वाइफ शाक्षी के पास गया। लेकिन शाक्षी ने मुंह दूसरी तरफ कर लिया और हंसते हुए बोली, आज मेरे पास नहीं। रितु के पास जाओ। उधर रितु ने मयंक को शाक्षी की तरफ धकेल दिया।
अब रितु मेरे सामने आई। उसने अपना गीला हाथ मेरे लंड पर रखा। लंड पहले से ही खड़ा था। उसने धीरे-धीरे लंड को पकड़ा, ऊपर-नीचे हिलाने लगी। उसकी उंगलियां गीली थीं, पानी और साबुन की वजह से बहुत स्लिपरी फील हो रहा था। मैंने आंखें बंद कर लीं। उधर शाक्षी ने मयंक का लंड पकड़ा और उसे भी हिलाने लगी।
फिर हमने एक-दूसरे की वाइफ के साथ स्मूच करना शुरू कर दिया। मैंने रितु को अपनी बाहों में लिया, उसके होंठों पर किस की। उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। पानी हम दोनों के बीच बह रहा था। मयंक और शाक्षी भी एक-दूसरे को किस कर रहे थे। हम सब नहाते हुए स्मूच करते रहे, हाथ एक-दूसरे के शरीर पर फिराते रहे।
फिर रितु ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बाहर निकाला। वो मुझे अपने बेडरूम में ले गई। दरवाजा बंद कर दिया। कमरे में हल्की रोशनी थी। उसने मुझे बेड पर धक्का देकर गिरा दिया। फिर मेरे ऊपर चढ़ गई और गहरा किस करने लगी। उसके गीले बाल मेरे चेहरे पर गिर रहे थे। वो मेरे होंठ चूस रही थी, जीभ अंदर डालकर खेल रही थी।
फिर वो नीचे सरकी। मेरे लंड को हाथ में पकड़ा। पहले जीभ से टिप को चाटा। फिर धीरे-धीरे मुंह में लिया। उसने लंड को गहराई तक मुंह में लिया और चूसने लगी। उसका मुंह गर्म और गीला था। वो ऊपर-नीचे करती हुई ब्लोजॉब दे रही थी। मैंने उसके बाल पकड़े और हल्के से दबाया। वो और जोर से चूसने लगी।
उधर शाक्षी ने मयंक का हाथ पकड़ा और उसे अपने बेडरूम में ले गई। दरवाजा बंद करते ही दोनों एक-दूसरे पर टूट पड़े। शाक्षी ने मयंक को बेड पर धकेला और उसके ऊपर चढ़ गई। उसने मयंक के होंठों पर गहरा किस किया, फिर उसकी गर्दन चूमते हुए नीचे सरकी। मयंक का लंड पहले से ही खड़ा था। शाक्षी ने उसे हाथ में पकड़ा, जीभ से टिप को चाटा और फिर मुंह में लेकर अच्छे से चूसा। मयंक ने उसके बाल पकड़कर हल्के से दबाया।
फिर शाक्षी उठी, अपनी टांगें फैलाकर मयंक के ऊपर बैठ गई। उसने मयंक के लंड को अपनी चूत पर रगड़ा, फिर धीरे-धीरे अंदर ले लिया। मयंक ने उसके कमर को पकड़ा और नीचे से धक्के देने शुरू कर दिए। शाक्षी ऊपर-नीचे होने लगी, उसके बूब्स उछल रहे थे। वो जोर-जोर से चिल्लाई, फक मी डैडी… हार्डर डैडी… प्लीज फक मी! उसकी आवाज पूरे घर में गूंज रही थी। मयंक ने उसे घोड़ी बनाया, पीछे से पकड़कर जोर-जोर से पेलना शुरू किया। शाक्षी की चूत गीली होकर चिपचिपा रही थी, हर धक्के पर आवाज निकल रही थी।
इधर मेरे बेडरूम में रितु मेरे लंड को चूस रही थी। मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटा दिया। उसकी टांगें फैलाकर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी। पहले क्लिटोरिस को चाटा, फिर जीभ अंदर डालकर चाटते रहा। रितु कांप रही थी, उसके हाथ मेरे बालों में थे। वो बोली, येस बेबी… चाटो अच्छे से… फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया। रितु ने जोर से चीख मारी, आह्ह्ह्ह… आह्ह्ह्ह… बेबी फक मी… हार्डर!
मैंने उसे मिशनरी में चोदना शुरू किया। उसके बूब्स को दबाते हुए जोर-जोर से धक्के मारने लगा। रितु की चूत बहुत टाइट और गीली थी। हर धक्के पर वो चिल्लाती, फक मी बेबी… और जोर से… डोंट स्टॉप! मैंने स्पीड बढ़ाई, उसके पैर कंधों पर रखकर गहराई तक पेला। रितु की आंखें बंद थीं, मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में घुमाया। पीछे से पकड़कर उसके हिप्स थपथपाते हुए चोदा। रितु की चूत से रस बह रहा था, बेड गीला हो गया था। वो बार-बार चिल्ला रही थी, आह्ह्ह्ह… येस… फक मी हार्ड… आई एम कमिंग!
उधर से शाक्षी की आवाज आ रही थी, फक मी डैडी… आई एम योर स्लट… चोदो मुझे! दोनों कमरों से चुदाई की आवाजें और मोअनिंग एक साथ गूंज रही थीं।
ऐसे ही चुदाई लगभग दो घंटे तक चली। हमने कई पोजीशन्स बदलीं। कभी मिशनरी, कभी डॉगी, कभी काउगर्ल। दोनों लड़कियां कई बार झड़ गईं, हम दोनों ने भी उनके अंदर झड़ दिया। आखिर में थककर हम चारों अलग-अलग बेड पर सो गए।
शाम को जब आंख खुली तो सूरज ढल चुका था। हम सब नेकेड ही बेडरूम से बाहर निकले। कोई शर्म नहीं थी अब। हम किचन में गए, नेकेड ही नाश्ता बनाया और साथ में खाया। हंसते-मजाक करते हुए बातें हुईं कि आज का दिन कितना कमाल का था।
उस दिन के बाद से हम चारों ने रेगुलर स्वैप करना शुरू कर दिया। कभी मैं रितु के साथ, कभी मयंक शाक्षी के साथ। कभी-कभी हम चारों एक साथ बेडरूम में मिलकर फोरसम भी करते। सब कुछ खुलकर, बिना किसी झिझक के।
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