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बहेन की चुदाई की तलब का शिकार भाई-1

Bhai behan desi sex story: हाय दोस्तों, मेरी इस कहानी में आप सबका दिल से स्वागत है। मैं नील हूँ, और ये मेरी पहली कहानी है। मैंने सोचा कि क्यों ना अपनी जिंदगी का वो हसीन और गर्मागर्म किस्सा आपके साथ शेयर करूँ, जो मेरे और मेरी दीदी नेहा के बीच हुआ। उम्मीद है कि आपको ये कहानी पसंद आएगी, और आप इसे पढ़कर उतने ही मजे लेंगे, जितना हमने उस पल में लिया। तो चलिए, बिना टाइम वेस्ट किए, सीधे कहानी पर आते हैं। ये कहानी मेरी और मेरी दीदी की है, कि कैसे दीदी को चुदाई की तलब लगी और उन्होंने मुझे अपना शिकार बनाया।

हमारी फैमिली में चार लोग हैं। मैं नील, मेरी दीदी नेहा, मम्मी और पापा। हमारा घर तीन मंजिल का है। नीचे की मंजिल पर एक बड़ा हॉल है, फिर किचन, और मम्मी-पापा का बेडरूम। दूसरी मंजिल पर मेरा और दीदी का कमरा है, और तीसरी मंजिल पर गेस्ट रूम और स्टोर रूम। मैं 19 साल का हूँ, कॉलेज में फर्स्ट ईयर में हूँ। दीदी नेहा 22 साल की हैं, और वो बीसीए के फाइनल ईयर में थीं, जब ये सब हुआ। दीदी का फिगर कमाल का है। उनके बूब्स 34 इंच के, एकदम टाइट और गोल। कमर 30 इंच की, पतली और लचकदार। और उनकी गांड, 36 इंच की, जो चलते वक्त ऐसी मटकती है कि कोई भी देखकर पागल हो जाए। दीदी की स्किन गोरी है, और उनके लंबे, घने बाल उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं। मैं सांवला हूँ, 5 फीट 10 इंच का, और जिम जाता हूँ, तो बॉडी भी फिट है। मम्मी 45 साल की हैं, हाउसवाइफ हैं, और पापा 48 के, बिजनेसमैन हैं।

ये बात पिछले साल की है। दीदी और मेरा रिश्ता हमेशा से नॉर्मल भाई-बहन वाला था। हम हँसते-खेलते, कभी-कभी छोटी-मोटी नोकझोंक भी हो जाती थी। हमारे घर में एक कॉमन बाथरूम है, जो मैं और दीदी शेयर करते हैं। दीदी सुबह जल्दी नहा लेती हैं, और मैं थोड़ा लेट उठता हूँ। एक सुबह, मैं अभी बेड पर था, आँखें मलते हुए। रात को देर तक गेम खेलने की वजह से नींद पूरी नहीं हुई थी। लेकिन उस दिन सुसु इतनी जोर से लगी थी कि नींद टूट गई। मैं हड़बड़ाते हुए बेड से उठा और बाथरूम की तरफ भागा। जैसे ही मैंने अपने कमरे का दरवाजा खोला, उसी वक्त दीदी ने बाथरूम का दरवाजा खोला और बाहर निकलीं।

वो सिर्फ़ लाल रंग की ब्रा और पैंटी में थीं। यार, क्या बताऊँ, वो सीन आज भी मेरे दिमाग में ताजा है। दीदी के गीले बाल उनके कंधों पर लटक रहे थे, और उनकी ब्रा में उनके बूब्स ऐसे उभरे हुए थे, जैसे अभी बाहर निकल पड़ेंगे। उनकी पैंटी उनकी गोरी जाँघों को और सेक्सी बना रही थी। उनकी बॉडी से साबुन की खुशबू आ रही थी, और वो गीली चमकती त्वचा मुझे पागल कर रही थी। मैं तो बस उन्हें देखता ही रह गया। मेरा लंड पजामे में तन गया, और मैंने उसे दबाने की कोशिश की।

दीदी ने मुझे देखा और एकदम शरमाईं। उन्होंने अपने हाथों से अपनी ब्रा को ढकने की कोशिश की और बोलीं, “नील, तू यहाँ क्या कर रहा है? तू तो इतनी सुबह नहीं उठता!” उनकी आवाज में शरम और गुस्सा दोनों थे।

मैं हकबकाया हुआ बोला, “दीदी, वो… सुसु बहुत जोर से लगी थी, तो नींद खुल गई।” मैंने अपने लंड को पजामे के ऊपर से पकड़ रखा था, ताकि वो और ना उभरे।

दीदी ने मुझे एक पल घूरा, फिर बिना कुछ बोले अपने कमरे की तरफ चली गईं। जब वो जा रही थीं, उनकी गांड का मटकना देखकर मेरा दिमाग और खराब हो गया। वो लाल पैंटी उनकी गांड को आधा ढक रही थी, और हर कदम पर उनकी गांड उछल रही थी। मैंने खुद को संभाला और बाथरूम में घुस गया। सुसु करने के बाद मैं थोड़ा रिलैक्स हुआ, लेकिन दीदी का वो हॉट अवतार मेरे दिमाग से नहीं निकल रहा था।

मैंने जल्दी से नहाया और तैयार होकर नीचे नाश्ते के लिए गया। दीदी भी तैयार हो चुकी थीं। वो एक टाइट जीन्स और फिटिंग वाला टॉप पहने थीं, जिसमें उनकी बॉडी और भी कातिलाना लग रही थी। मम्मी ने हमें नाश्ता दिया और बोलीं, “जल्दी करो, तुम दोनों का कॉलेज का टाइम हो रहा है।”

हमने हाँ में सिर हिलाया और नाश्ता शुरू किया। टेबल पर बैठे-बैठे दीदी ने धीरे से कहा, “नील, सुबह जो हुआ, वो किसी को मत बताना। मेरे कपड़े गिर गए थे, गीले हो गए थे, इसलिए मैं ऐसे बाहर आई।”

मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अरे दीदी, टेंशन मत लो। मैं किसी को कुछ नहीं बोलूँगा।” लेकिन मेरे दिमाग में तो बस वही सीन चल रहा था।

नाश्ते के बाद हम दोनों कॉलेज के लिए निकल गए। दीदी कॉलेज पहुँचीं, तो उनकी बेस्ट फ्रेंड राशि दीदी उनका इंतज़ार कर रही थीं। राशि दीदी 23 साल की थीं, दीदी जितनी ही हॉट। उनकी हाइट 5 फीट 6 इंच, फिगर 34-28-36, और चेहरा ऐसा कि कोई भी फिदा हो जाए। राशि दीदी ने दीदी को एक कोने में खींचा और बोलीं, “नेहा, मुझे तुझसे ज़रूरी बात करनी है।”

दीदी ने पूछा, “क्या हुआ? इतनी सीरियस क्यों है?”

राशि दीदी ने धीरे से कहा, “तुझे पता है ना, मेरा अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। उसके बाद से मेरी चूत में इतनी आग लगी थी कि मैं दिन-रात बस चुदाई के बारे में सोचती थी। पोर्न देख-देखकर फिंगरिंग करती थी, लेकिन वो मज़ा नहीं आ रहा था।”

दीदी ने हैरानी से कहा, “हाँ, तूने बताया था। तो क्या, कोई नया बॉयफ्रेंड बना लिया?”

राशि दीदी मुस्कुराईं और बोलीं, “नहीं यार, बॉयफ्रेंड नहीं। लेकिन मेरा चुदाई का काम हो गया।”

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दीदी के मुँह से निकला, “क्या? कैसे? किसके साथ?”

राशि दीदी ने शरारती अंदाज़ में कहा, “मैंने अपने भाई के साथ चुदाई की।”

दीदी को जैसे बिजली का झटका लगा। वो बोलीं, “क्या? तू अपने भाई के साथ? ये क्या बोल रही है?”

राशि दीदी ने हँसते हुए कहा, “हाँ यार, सुन ना। मैं चुदाई के लिए किसी को ढूँढ रही थी। फिर मैंने सोचा, क्यों ना कोई ऐसा हो जो हमेशा पास रहे। तभी मुझे मेरा भाई याद आया। एक बार गलती से उसका तौलिया गिर गया था, और मैंने उसका लंड देख लिया था। 7 इंच का, मोटा, और एकदम सख्त। मैंने सोचा, इससे बेहतर शिकार और कौन होगा? वो भी मुझे कई बार मेरे बूब्स और गांड को घूरता था।”

दीदी ने हैरानी से पूछा, “क्या, तेरा भाई तुझे घूरता है?”

राशि दीदी बोलीं, “हाँ, मैंने कई बार नोटिस किया। वो मेरे बूब्स और गांड को देखता रहता था। तो मैंने सोचा, इसे ही पटाऊँ। घर में ही चुदाई का मज़ा मिलेगा।”

दीदी ने उत्सुकता से पूछा, “फिर क्या हुआ? तूने कैसे मनाया?”

राशि दीदी ने बताया, “मैंने उसे अपनी बॉडी दिखानी शुरू की। टाइट कपड़े पहने, जानबूझकर उसके सामने झुकी, ताकि मेरे बूब्स की क्लीवेज दिखे। रात को मैंने कम कपड़े पहनने शुरू किए। फिर एक रात, वो मेरे रूम में आया। मैंने जानबूझकर अपनी टी-शर्ट ऊपर कर रखी थी, ताकि मेरे बूब्स आधे दिखें। वो मेरे पास आया और मेरे बूब्स दबाने लगा। मैंने कुछ नहीं कहा, बस मज़े लेने लगी। फिर मैंने उससे खुलकर बात की, और कल रात हमने पहली बार चुदाई की।”

दीदी के मुँह से बस निकला, “क्या? तूने अपने भाई से चुदाई कर ली?”

राशि दीदी ने बिंदास अंदाज़ में कहा, “हाँ यार, पूरी रात उसने मेरी चूत मारी। उसका लंड इतना मोटा था कि मेरी चूत में हर धक्के पर आग लग रही थी। ‘आह… आह… राशि, तेरी चूत कितनी टाइट है,’ वो बार-बार बोल रहा था। मैंने भी खूब मज़े लिए। ‘हाँ भाई, और ज़ोर से मार,’ मैं चिल्ला रही थी। अब तो हम रोज़ रात चुदाई करके ही सोते हैं।”

दीदी ने हैरानी से कहा, “तू अपने भाई से चुद रही है? ये तो गलत है ना?”

राशि दीदी ने हँसते हुए जवाब दिया, “अरे, चुदाई के लिए बस एक लंड और चूत चाहिए। चाहे वो भाई का लंड हो या किसी और का। इसमें गलत क्या है? मज़ा तो मज़ा है।”

फिर राशि दीदी ने दीदी को अपने फोन पर ढेर सारी भाई-बहन की चुदाई की स्टोरीज़ और वीडियोज़ दिखाईं। दीदी ने वो सब देखा और सोच में पड़ गईं। वो बोलीं, “ये तो बहुत सारे भाई-बहन करते हैं।”

राशि दीदी ने कहा, “हाँ, इसमें कुछ गलत नहीं है। तुझे भी चुदाई का मन करता है ना? तो तू भी अपने भाई के साथ कर ले।”

दीदी ने हिचकिचाते हुए कहा, “हाँ, मन तो करता है। लेकिन नील मानेगा? वो तो शरीफ है।”

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राशि दीदी ने हँसते हुए कहा, “अरे, हर लड़का चुदाई करना चाहता है। बस उसे थोड़ा उकसाना पड़ता है। तू अपनी बॉडी दिखा, उसे सेड्यूस कर। वो ज़रूर तेरे साथ चुदाई करेगा।”

दीदी ने पूछा, “लेकिन कैसे?”

राशि दीदी ने सुझाव दिया, “उसे अपनी बॉडी दिखा। टाइट कपड़े पहन, बूब्स और गांड हाईलाइट कर। रात को कम कपड़े पहनकर उसके सामने जा। देख, वो खुद तेरे पीछे आएगा।”

दीदी ने कहा, “ठीक है, मैं सोचूँगी।”

घर आने के बाद दीदी के दिमाग में बस यही सब चल रहा था। उन्हें सुबह का वो सीन याद आया, जब मैंने उन्हें ब्रा-पैंटी में देखा था, और मेरा लंड खड़ा हो गया था। दीदी ने सोचा, “नील का लंड तो खड़ा हो गया था। शायद वो भी मुझे चाहता है।” फिर दीदी ने इंटरनेट पर भाई-बहन की सेडक्शन और चुदाई की स्टोरीज़ पढ़ना शुरू किया। वो घंटों ऐसी स्टोरीज़ और वीडियोज़ देखती रहीं। रात को वो बेड पर लेटी थीं, लेकिन नींद नहीं आ रही थी। उनके दिमाग में बस चुदाई की आग लगी थी।

तभी उन्हें सपना आया। सपने में वो मेरे साथ चुदाई कर रही थीं। मैं उनकी ब्रा उतार रहा था, उनके बूब्स को चूस रहा था। “आह… नील… और ज़ोर से चूस,” दीदी सपने में चिल्ला रही थीं। फिर मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनकी चूत में अपनी जीभ डाल दी। दीदी की चूत गीली थी, और वो “उह… आह… नील, चाट मेरी चूत…” बोल रही थीं। सपने में मैंने अपना 7 इंच का लंड उनकी चूत में डाला और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा। “आह… उह… नील, और ज़ोर से मार… मेरी चूत फाड़ दे,” दीदी चिल्ला रही थीं। हर धक्के के साथ उनकी चूत से ‘पच… पच…’ की आवाज़ आ रही थी।

सपने से दीदी की नींद खुली, और उनकी पैंटी गीली थी। वो मुस्कुराईं और सोचने लगीं, “बस, अब मैं नील को सेड्यूस करूँगी। चाहे कुछ भी हो जाए, मैं उससे अपनी चूत की आग बुझवाऊँगी।” वो ये सोचकर सो गईं कि कल से वो मुझे अपनी बॉडी दिखाकर उकसाएँगी, और मैं उनका शिकार बनूँगा।

तो दोस्तों, ये था कहानी का पहला हिस्सा। अगले हिस्से में पढ़िए कि कैसे दीदी ने मुझे सेड्यूस किया और हमारी चुदाई की शुरुआत हुई। अपनी राय ज़रूर बताइए। आपको दीदी का सेडक्शन कैसा लगा? क्या आप भी ऐसी हॉट स्टोरीज़ पढ़ना पसंद करते हैं? कमेंट में बताएँ।

कहानी का अगला भाग: बहेन की चुदाई की तलब का शिकार भाई-2

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।