Nana poti chudai sex story, Desi granddaughter sex story, Grandpa granddaughter sex story: मेरा नाम स्वाति मिश्रा है। आज पहली बार आप सभी को अपनी सबसे गुप्त और कामुक कहानी सुना रही हूं। अगर कहीं मेरी भाषा में कोई छोटी-मोटी गलती हो जाए तो दिल से माफ कर देना। मैं दिल्ली में रहती हूं, अभी 20 साल की हूं, कॉलेज में पढ़ाई करती हूं और लोग अक्सर कहते हैं कि मैं बहुत हॉट और सेक्सी दिखती हूं। मेरे घर में पापा, मम्मी, भैया, नाना और नानी सब साथ रहते हैं।
मेरी मम्मी ज्यादातर समय मायके में ही रहती हैं क्योंकि पापा की नौकरी छूट गई थी। फिर पापा ने मेरे नाना-नानी के घर पर ही रहकर एक जनरल स्टोर खोल लिया। इसीलिए हमारा पूरा परिवार अब नाना-नानी के घर में ही बस गया है। नाना और नानी दोनों ही बहुत अच्छे और प्यार करने वाले हैं। हम बच्चों को बहुत लाड़-प्यार करते हैं और पैसे की कोई कमी होने पर हमेशा मदद कर देते हैं।
लेकिन आज मैं आपको एक ऐसा राज बताने जा रही हूं जो बाहर से देखने में बहुत प्यारा लगता है, पर अंदर से बहुत गर्म और कामुक है। मैंने पहले भी कई बार अपनी सहेलियों के बॉयफ्रेंड्स से चुदवाया है। अब तो मेरे अंदर सेक्स की ऐसी लत लग चुकी है कि रोज चूत में मोटा लंड घुसने की तलब रहती है, बिना चुदाई के दिन अधूरा लगता है।
मेरे नाना का नाम मोहन लाल है। वो रिटायर हो चुके हैं, उम्र 63 साल की है लेकिन उनकी बॉडी आज भी इतनी फिट और ताकतवर है कि कोई 45-50 वाला जवान मर्द भी फेल हो जाए। वो रोज सुबह व्यायाम करते हैं, अच्छा खाते हैं, इसीलिए उनका चेहरा और बदन दोनों जवान दिखते हैं।
कुछ दिन पहले की बात है। सुबह का समय था, मैं नाना के कमरे में झाड़ू-पोंछा करने गई। नाना बिस्तर पर गहरी नींद में थे और जोर-जोर से खर्राटे भर रहे थे। नानी तो उठकर बाथरूम में नहाने चली गई थीं। आज उन्हें दोनों को मंदिर जाना था, इसीलिए नाना को जगाना बहुत जरूरी था।
मैंने धीरे से पुकारा, “नाना जी… उठो ना… जल्दी उठो… नानी के साथ मंदिर जाना है।”
पर वो नींद में इतने डूबे हुए थे कि मेरी आवाज सुनकर भी नहीं उठे। अचानक उन्होंने हाथ बढ़ाकर मुझे पकड़ लिया और अपनी मजबूत बाहों में खींचकर सीने से चिपका लिया। मैं सलवार-कमीज पहने हुए थी, मेरी देह उनके गरम बदन से सट गई। नाना ने नींद में ही मेरे गाल पर कई सारी पप्पियां दे दीं, फिर मेरे होंठों को चूसने लगे। उनका मुंह मेरे होंठों पर रगड़ रहा था, जीभ अंदर डालने की कोशिश कर रही थी। वो मुझे नानी समझ रहे थे।
नींद में ही उन्होंने कहा, “आओ माधुरी… मुझे प्यार करो… कल रात मैंने कितना मना किया था, फिर भी तुमने मुझे अपनी चूत नहीं दी… आज तो दे दो ना…”
ये सुनकर मेरे शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई। 63 साल की उम्र में भी नाना मेरी नानी को इतने जोश से चोदते हैं। मैं हैरान रह गई।
काफी देर तक वो आंखें बंद करके मेरे होंठ चूसते रहे, मेरे दोनों स्तनों को कपड़े के ऊपर से दबाते रहे। उनकी हथेलियां मेरी चूचियों पर दबाव डाल रही थीं, निप्पल्स सख्त होकर खड़े हो गए थे। फिर अचानक उनकी आंखें खुल गईं। मुझे देखते ही वो झटके से छोड़कर उठ बैठे, चेहरा लाल हो गया, बहुत शर्मिंदा लग रहे थे।
“अरे स्वाति बेटी! तुम यहां क्या कर रही हो?”
मैंने मुस्कुराकर कहा, “मैं तो आपको जगाने आई थी… पर आप तो…”
नाना बहुत घबरा गए, “बेटी, मैं समझ गया था कि तुम्हारी नानी है… मुझे माफ कर देना।”
मैंने हंसते हुए कहा, “कोई बात नहीं नाना जी। बुजुर्गों के भी अरमान होते हैं। आपने जो किया, मैं किसी को नहीं बताऊंगी।”
उस दिन के बाद कई दिनों तक मुझे वो पल बार-बार याद आते रहे। कैसे नाना ने मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ा, कैसे मेरे होंठ चूसे, कैसे मेरी चूचियों को दबाया। उनकी उंगलियों की गर्मी, उनका गरम सांस मेरे गाल पर… सब कुछ याद करके मेरी चूत गीली हो जाती थी। धीरे-धीरे मुझे भी नाना से चुदने की बहुत इच्छा होने लगी।
एक रात मैंने हिम्मत जुटाई और नाना के कमरे में चली गई। नाना को कार्टून चैनल देखने का बहुत शौक था। मैंने हाफ स्लीव वाली टाइट टी-शर्ट और लाल रंग की टाइट लेगिंग पहन रखी थी, जो मेरी जांघों और गांड को अच्छे से उभार रही थी।
मैंने पूछा, “नाना जी, क्या मैं भी आपके साथ कार्टून देख सकती हूं?”
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