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मुझे लगता है मेरा बेटा मुझे जल्दी ही चोदेगा

Vidhawa Maa sex story – Maa Beta Sex story: हेलो, मेरा नाम कुसुम देवी है। मैं एक विधवा हूँ। मेरे पति की मौत को आठ साल हो गए हैं। मैं 38 साल की हूँ, और मेरा एक बेटा है, उम्र 19 साल। हम दोनों मुंबई में एक छोटे से फ्लैट में रहते हैं। मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हूँ, और बेटा कॉलेज जाता है। मैं हमेशा से संस्कारी औरत रही हूँ, लेकिन पति के जाने के बाद अकेलापन बहुत लगा। फिर भी मैंने खुद को संभाला, बेटे के लिए जी रही हूँ।

चार महीने पहले की बात है। मैंने एक औरत से डेट फिक्स की थी – ये बात मुझे आज भी शर्मिंदगी देती है। हम गोवा जाने वाले थे। मैंने लाल रंग की पतली साड़ी पहनी थी, ब्लाउज टाइट और गला थोड़ा गहरा। साड़ी मैंने पेट के नीचे बाँधी थी, नाभि दिख रही थी। मुझे लगा था कि बाहर जा रही हूँ तो अच्छी लगूँगी, लेकिन अब सोचती हूँ तो पछतावा होता है कि इतना खुला क्यों पहना।

बेटा घर पर था, अपने दोस्तों को पार्टी के लिए बुलाने वाला था। वो मुझे देखता रहा, उसकी नजरें मेरी नाभि पर, स्तनों पर, कमर पर अटक रही थीं। मैंने पूछा तो बोला, “मॉम, तुम अच्छी लग रही हो।” लेकिन उसकी आँखों में कुछ और था, मैंने नजरअंदाज कर दिया।

फिर मैं घर से निकलने से पहले किचन में चाय का कप रखने के लिए झुकी। साड़ी का पल्लू धीरे से सरक गया, मेरी पूरी कमर और गहरी नाभि नंगी हो गई। गांड साड़ी में कसी हुई, ऊपर को उठी हुई थी। मैं कप रख ही रही थी कि अचानक मुझे अपनी गर्दन पर उसकी गर्म-गर्म साँसें महसूस हुईं। मैं चौंकी, लेकिन पीछे मुड़ने से पहले ही उसका एक हाथ मेरी नंगी कमर पर पड़ गया। पहले हल्के से, जैसे गलती से छू गया हो। मैं रुक गई। मेरा दिल तेज धड़कने लगा। मैं कुछ बोलना चाहती थी, लेकिन गला सूख गया।

फिर उसने दूसरा हाथ भी मेरी कमर पर रख दिया और धीरे-धीरे मुझे पीछे की तरफ खींचने लगा। मैं समझ गई कि ये गलती नहीं है। उसकी उँगलियाँ मेरी नंगी त्वचा पर फिसल रही थीं, नाभि के पास घूम रही थीं। मैंने हल्के से कहा, “बेटा… क्या कर रहा है…” लेकिन आवाज काँप रही थी। वो बिलकुल मेरे पीछे आ चुका था। उसकी छाती मेरी पीठ से सट गई। और फिर… भगवान माफ करे… मुझे अपनी गांड के ठीक बीच में उसका सख्त, गरम लंड महसूस हुआ। पैंट के ऊपर से ही, लेकिन इतना सख्त कि साफ लग रहा था। वो धीरे-धीरे आगे-पीछे हिलने लगा, अपना लंड मेरी गांड की दरार में रगड़ने लगा।

मेरी साँसें तेज हो गईं। मैंने हाथ से काउंटर पकड़ लिया, ताकत लगाकर खड़ी रहूँ। लेकिन मेरी कमर खुद पीछे को झुकने लगी। उसकी हवस भरी साँसें मेरे कान पर लग रही थीं। उसने मेरी कमर को और जोर से पकड़ा, उँगलियाँ नाभि में घुसा दीं। फिर उसके मुँह से पहली गंदी बात निकली – “मॉम… आह्ह… तुम्हारी कमर कितनी गरम है… तुम्हारी गांड… स्सी… कितनी सॉफ्ट है…” उसकी आवाज हाँफ रही थी, काँप रही थी।

वो और करीब सट गया। अब उसका लंड पूरी तरह मेरी गांड की दरार में दबा हुआ था। वो धक्के मारने लगा – धीरे-धीरे, लेकिन लगातार। हर धक्के के साथ मेरी चूत में एक झटका लग रहा था। मैंने आँखें बंद कर लीं। मेरे मुँह से हल्की सिसकारी निकल गई – “उफ्फ़…” मुझे खुद पर गुस्सा आया कि मैं क्यों नहीं चिल्ला रही, क्यों नहीं धक्का दे रही उसे। लेकिन बदन जवाब नहीं दे रहा था। मेरी चूत तर हो रही थी, मैं महसूस कर रही थी।

उसने और हिम्मत की। एक हाथ से मेरी साड़ी का पल्लू पूरी तरह नीचे गिरा दिया। अब मेरी कमर पूरी नंगी थी। उसने अपना हाथ मेरे पेटीकोट के ऊपर से गांड पर रख दिया और जोर से दबाया। दूसरी तरफ से उसका लंड रगड़ खा रहा था। फिर उसने पैंट की जिप नीचे की – मैंने आवाज सुनी। और अगले ही पल उसका नंगा, धधकता लंड मेरी साड़ी और पेटीकोट के पतले कपड़े पर फिसलने लगा। उसकी गर्मी सीधी मेरी गांड तक पहुँच रही थी। प्रीकम की चिपचिपी बूंदें साड़ी पर लग रही थीं, मैं महसूस कर रही थी।

वो हाँफते हुए बड़बड़ाने लगा – “मॉम… स्सी… तुम्हें चोदने का कितना मन है… तुम्हारी चूत में अपना लंड डालकर… आह्ह… रोज सोचता हूँ… तुम्हारी गांड मारूँगा… मेरी रंडी बन जाओ… माँ-बेटा क्या होता है… बस चोदने दो मुझे…” उसकी हर बात मेरे बदन में आग लगा रही थी। मैं सिसकारियाँ भर रही थी – “आह्ह… उफ्फ़… बेटा…” मेरी आवाज में रोकने की ताकत नहीं थी। मेरी कमर खुद आगे-पीछे हिल रही थी, उसके लंड को और रगड़ दे रही थी।

उसने मेरी साड़ी को गांड के ऊपर से थोड़ा ऊपर उठा दिया। अब सिर्फ पतला पेटीकोट बाकी था। उसका लंड सीधा मेरी जाँघों और गांड पर फिसल रहा था। वो और तेज धक्के मारने लगा। किचन में सिर्फ हमारी हाँफती साँसें और कपड़ों की खड़खड़ाहट सुनाई दे रही थी। उसकी मर्दाना पसीने की खुशबू मेरे नाक में घुस रही थी। मैंने महसूस किया कि मेरी चूत से रस बह रहा है, पेटीकोट गीला हो रहा है।

फिर उसने और आगे बढ़ाया। एक हाथ मेरी कमर से ऊपर उठाकर ब्लाउज के नीचे घुसा दिया। मेरे स्तन को दबाने लगा। निप्पल को मसलने लगा। मैंने कराह उठी – “स्सी… आआह्ह…” दूसरा हाथ नीचे गया, साड़ी के अंदर, मेरी जाँघ पर। वो मेरी चूत के पास पहुँचने ही वाला था कि उसने अपना लंड और जोर से रगड़ा और बोला – “मॉम… पार्टी में रह जाओ ना… मेरे दोस्त सब मिलकर तुम्हें चोदेंगे… तेरी चूत और गांड… ले… चूस…” और उसने अपनी उंगली मेरे मुँह के पास लाकर ठूँस दी। मैंने बिना सोचे जीभ से चाट लिया, चूसने लगी। उस पल मुझे लगा जैसे मैं पूरी तरह हार चुकी हूँ।

हम ऐसे ही नहीं पता कितनी देर तक रहे। उसका लंड बार-बार मेरी गांड पर धक्के मार रहा था, प्रीकम साड़ी पर फैल रहा था। मेरी सिसकारियाँ तेज हो रही थीं – “हाय… उफ्फ़… आह्ह…” मैं खुद को रोक नहीं पा रही थी। अगर वो और थोड़ा जोर लगाता तो शायद मैं खुद साड़ी ऊपर कर देती।

तभी अचानक डोरबेल बजी। उसके दोस्त आ गए थे। वो पल भर को रुका, फिर हड़बड़ा कर पीछे हटा। हम दोनों हाँफ रहे थे। मैंने जल्दी से साड़ी-पल्लू ठीक किया, हाथ काँप रहे थे। वो भी पैंट ठीक करने लगा। मैं बिना कुछ बोले किचन से बाहर निकली और घर से भाग गई।

रास्ते में मैं इतनी परेशान और गरम थी कि गाड़ी रोकी और खुद को छुआ। तीन बार झड़ी। घर आकर शर्म और पछतावे से रो पड़ी। अगले दिन उसने सॉरी कहा, मैंने माफ कर दिया, लेकिन अंदर से डर गए।

फिर ये सब भूल गई थी, लेकिन पिछले हफ्तों से उसकी नजरें फिर वैसी ही हो गई हैं। घर में अकेले में उसका लंड हमेशा खड़ा रहता है। मैं देख लेती हूँ, शर्मा जाती हूँ, नजर फेर लेती हूँ।

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कल उसने पूछा कि क्या वो मुझे एक पोर्न वीडियो भेज सकता है। मुझे मना करना चाहिए था, लेकिन मैं चुप रही। आज उसने भेज दिया। वीडियो में एक छोटी, गोरी लड़की थी – मेरे जैसी ही कद-काठी – दो मर्द उसे चोद रहे थे। एक चूत में, दूसरा गांड में। मैंने देखा और डिलीट कर दिया, लेकिन दिल धड़क रहा था।

फिर उसने पूछा – “मॉम, तुमने कभी ऐसा किया है? दोनों जगह साथ में?”

मैं शर्मा गई। लिखा – “नहीं बेटा, कभी नहीं। ये सब गलत है।”

वो नहीं माना। “पर बताओ ना, मजा आता होगा ना?”

मैंने कहा – “मुझे नहीं पता, और ये बातें मत करो।”

लेकिन वो बोला – “वीडियो वाली लड़की तुम्हारी पुरानी फोटो जैसी लग रही है। तुम भी छोटी हो, पतली हो… तुम्हारे साथ भी वैसा हो सकता है ना?”

मुझे गुस्सा आया, डर लगा। लिखा – “बस करो ये सब। मैं तेरी माँ हूँ।”

वो चुप हो गया, लेकिन पूरी चैट के दौरान वो घर पर ही था। चैट खत्म होने के बाद बाहर आया, उसकी नजरें फिर वैसी ही थीं।

मैं अब बहुत डर रही हूँ। मुझे लगता है वो कुछ गलत करने की सोच रहा है। मैं विधवा हूँ, अकेली हूँ, आठ साल से किसी मर्द का स्पर्श नहीं हुआ। ये सब बहुत गलत है, पाप है। वो मेरा बेटा है, अपना खून है। लेकिन किचन वाला वो लंबा पल याद आता है तो बदन में आग लग जाती है। मुझे खुद से घृणा होती है, लेकिन सच ये है कि कहीं न कहीं मैं भी चाहती हूँ कि वो करे। उसकी वो हवस भरी नजरें, उसका सख्त लंड… मुझे गरम कर देती हैं। मैं जानती हूँ ये गलत है, लेकिन रोक नहीं पाती खुद को उस बारे में सोचने से।

आज 23 दिसंबर है, क्रिसमस करीब है। जनवरी में भांजे आने वाले हैं, शायद तब तक सब ठीक हो जाए। लेकिन मुझे डर भी है और एक अजीब सी बेकरारी भी कि इससे पहले ही वो आगे बढ़ जाए। भगवान मुझे माफ करे, लेकिन अगर वो फिर वैसा करे तो शायद मैं रोक न पाऊँ। मेरे अंदर डर है, शर्म है, अपराधबोध है… और हवस भी। बहुत ज्यादा हवस। मुझे ये सब लिखते हुए भी शर्म आ रही है, लेकिन दिल का बोझ हल्का करने के लिए लिख रही हूँ।

कृपया मुझे सलाह दो… मैं जानती हूँ कि ये सबसे बड़ा पाप है, वो मेरा अपना बेटा है, लेकिन आठ साल से मैं प्यासी हूँ, पति के बाद किसी मर्द ने मुझे छुआ तक नहीं और जब वो मुझे ऐसे हवस से देखता है तो मेरी चूत फड़क उठती है, रस छूटने लगता है।

क्या करूँ – उसे सख्ती से रोकूँ, घर से दूर भेजूँ या चुपचाप अपनी इस जलती प्यास को उसके लंड से बुझने दूँ? आप सब बताओ, खासकर वो औरतें जो विधवा होकर ये प्यास झेल रही हैं और मर्द जो ऐसी प्यासी माँ को चोदने का सपना देखते हैं… मुझे सच-सच बताओ, कितना भी गंदा क्यों न हो।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।

17 thoughts on “मुझे लगता है मेरा बेटा मुझे जल्दी ही चोदेगा”

  1. आप उसके साथ सेक्स कर लीजिए लेकिन सिर्फ आप ओर आपका बेटा और कोई नहीं उसी में मजा आजाएगा

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  2. अपनी ज़िन्दगी से दुर कर दीजिए अपने बेटा का भला सोचिये. एक बार सेक्स होने के बाद वो आपके साथ कुछ भी करेगा और अपना भविष्य बर्बाद कर लेगा

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  3. Tmhri chut ki pyas lund se hi bijhegi pr wo lund tmhe kahi bhi kisi se bhi mil skta he ..iske liye fir apni chut se paida hue lund ka istemal Krna galat he…tm itni bechari nh hi shayd ki tmhe koi aur lund na mile..behtar he hm jaise kisi lunddhari ko apni pyas bujhane ka moka do bajaye apne sage bete se chudne ke .

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  4. अगर आप दोनों का मन है तो कर लो कोई और नहीं होना चाहिए और किसी को भी ना पता चले इसका ध्यान रखना इसमें गलत नहीं है. हम दोनों भी करते हैं sex भाई के sath

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