Pee in mouth bhabhi sex story: मेरा नाम संजय है और मैं दिल्ली के हिम्मत नगर का रहने वाला हूँ।
दोस्तों एक भाभी ने मेरे साथ सेक्स संजोए की अपनी इच्छा जाहिर की। वो भाभी अहमदाबाद की रहने वाली थी और वो अपने पति से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं थी। उसकी आँखों में छिपी हुई बेचैनी और शरीर की उस अधूरी प्यास को मैंने महसूस कर लिया था। तो मैंने उनका अपना फोन नंबर लिया और उनको कॉल किया।
उन्होंने मेरा कॉल उठाया और फिर उन्होंने मुझे हैलो कहा। दोस्तों उनकी आवाज बहुत मीठी थी। जैसे शहद की धारा बह रही हो। उस मीठी आवाज में एक हल्की सी काँपती हुई इच्छा महसूस हो रही थी जो मेरे कानों तक पहुँचकर पूरे शरीर में सिहरन पैदा कर रही थी। फिर उन्होंने बातों ही बातों में मेरे साथ एक बार सेक्स संजोए की अपनी इच्छा जाहिर की।
तो मैंने भी उनको तुरंत हाँ कर दिया। दोस्तों उनका नाम राधिका था।
फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम मुझको अच्छी तरह संतुष्ट कर पाओगे? उनकी आवाज में शर्म के साथ-साथ गहरी उत्सुकता झलक रही थी। मैंने धीरे से लेकिन आत्मविश्वास भरे स्वर में बोला कि आप बिल्कुल भी टेंशन मत लो। अगर आपने मेरे साथ एक बार सेक्स कर लिया तो आप भी मान जाओगी कि आपने आज तक सेक्स का ऐसा असली मजा लिया ही नहीं था। मेरी बात सुनकर उनकी साँसें थोड़ी तेज हो गईं।
फिर उन्होंने मुझसे कहा कि वो एक अच्छे परिवार से है और अब यह बात हम दोनों के बीच बिल्कुल गुप्त रहेगी। क्यों ठीक है? उनकी आवाज में एक हल्का सा डर और उत्तेजना दोनों थे। फिर मैंने उनको अपने ऊपर विश्वास दिलाया कि मैं इस काम में माहिर हूँ और यह बात हम दोनों के बीच में ही रहेगी। मेरी बातों से उनकी हिचकिचाहट धीरे-धीरे कम होती गई।
फिर उन्होंने मुझसे अहमदाबाद आने को कहा। फिर मैंने कहा कि मैं सिर्फ रविवार को ही फ्री रहता हूँ। फिर मैंने उन्हें बताया कि मैं एक बहुत बड़ी कंपनी में नौकरी करता हूँ। लेकिन उन्होंने मुझे बताया कि रविवार को तो उनके पति पूरा दिन घर में ही रहते हैं और रविवार को यह सब संजोया मुमकिन नहीं है। उनकी आवाज में निराशा साफ सुनाई दे रही थी।
फिर उन्होंने मुझे सोमवार को आने को कहा क्योंकि सोमवार को वो अपने घर पर बिल्कुल अकेली होती हैं। उनके शब्दों में छिपी हुई प्यास और अकेलापन मेरे मन को छू गया। फिर मैंने कुछ देर सोचकर सोमवार को हाँ कर दिया।
फिर मैंने सोमवार के दिन अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली और फिर सोमवार को उनको फोन करके मैं अहमदाबाद के लिए निकल गया।
बस स्टैंड पर पहुंचकर मैंने उनको कॉल किया तो उन्होंने मुझे उनके घर का पता बता दिया और मुझे एक ऑटो करके अपने घर पर आने को कहा। फिर मैंने बस स्टैंड के बाहर से एक ऑटो लिया और उनके बताए हुए पते पर पहुंचकर उनको फोन कर दिया। दोस्तों मैं उस समय उनके घर के ठीक सामने खड़ा हुआ था।
तो वो बाहर आई और उन्होंने मेरी तरफ हाथ हिलाया और मुझे अंदर आने को कहा। उनकी आकर्षक मुस्कान और शरीर की चाल देखकर मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा। फिर मैं तुरंत उनके घर के अंदर चला गया और उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया।
वो करीब छत्तीस साइज की एकदम चिकनी सुंदर सेक्सी बदन की औरत थी और उनका बदन एकदम मस्त था। उनके गोरे रंग और नाजुक कुरूपता को देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया। मैंने अपने आप से कहा कि बेटा संजय आज तो तेरी लॉटरी लग गई क्योंकि उसके जैसा माल मैंने अभी तक चोदा नहीं था। वो बहुत ही सेक्सी थी।
उनकी पतली कमर गदराया हुआ बदन बड़े आकार के बूब्स मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहे थे। उन्होंने उस समय साड़ी पहनी हुई थी और जिसका ब्लाउज बड़े गले का था तो उससे उनकी छाती बहुत ही सुंदर दिख रही थी। मेरा तो उन्हें देखकर ही मन ललचाने लगा था और मैं उनको नजर गड़ाकर लगातार देखे जा रहा था।
तभी उन्होंने मुझसे बैठने को कहा और मेरे लिए कोल्ड ड्रिंक लेकर आई। उन्होंने मुझे दे दिया और एक ग्लास खुद लेकर मेरे पास सोफे पर बैठ गई। अब हम दोनों इधर उधर की बातें संजोए लगे।
उसने मेरी नौकरी और मेरे परिवार के बारे में मुझसे पूछा। फिर उन्होंने बातें करते करते अपना एक हाथ मेरे पैर पर रख दिया और उसको सहलाने लगी। उनकी नरम उंगलियों का स्पर्श मेरी त्वचा पर बिजली की तरह दौड़ रहा था।
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मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को धीरे धीरे सहलाने लगी। उनके स्पर्श से ही मेरा लंड तन गया और पूरी तरह खड़ा होकर कठोर हो गया। फिर मैंने भी उनको अपनी तरफ खींचकर उनके होंठों को अपने मुंह में लेकर स्मूच करने लगा।
उनके होंठ बहुत ही अच्छे रस भरे थे। नरम और गर्म। फिर मैंने अपनी जीभ को उनके मुंह में डालकर उनकी जीभ को चूसने लगा और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी। उनकी साँसें तेज हो रही थीं और हल्की सी आहें उनके गले से निकल रही थीं।
दोस्तों हमने करीब बीस मिनट तक स्मूच किया। हम दोनों के मुंह एक दूसरे में घुले जा रहे थे। होंठ चूसते हुए जीभें एक दूसरे को लपेट रही थीं। फिर मैंने उनकी साड़ी के पल्लू को अलग करके उनके बूब्स को दबाने लगा।
उनके बूब्स बड़े बड़े और बिल्कुल टाइट थे। मैंने अब उनको एक एक करके तेजी से दबाना शुरू कर दिया और वो सिसकियां भर रही थी। उनकी सिसकारियाँ मेरे कान में मीठी संगीत की तरह गूँज रही थीं।
फिर मैंने उनके ब्लाउज को खोल दिया। उन्होंने लाल कलर की ब्रा पहनी हुई थी और वो उस लाल कलर की ब्रा में बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर मैंने उनके बूब्स को उनकी ब्रा से आजाद कर दिए।
दोस्तों आप सभी को क्या बताऊं उनके बूब्स बड़े ही सेक्सी थे।
शायद उसने अपने फिगर की बहुत देखभाल की थी और उसके फिगर का साइज करीब बत्तीस तीस बत्तीस था। उनके निपल्स एकदम गुलाबी थे और बूब्स एकदम गोल मटोल और बड़े बड़े थे। उनकी छाती की नरम चमक और गुलाबी निप्पल्स को देखकर मेरा मन पूरी तरह ललचा रहा था।
उनके बूब्स को देखकर मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैं उनके बूब्स पर टूट पड़ा और उनके बूब्स को अपने मुंह में लेकर जोर जोर से चूसने लगा। दूसरे बूब्स को अपने हाथों से लगातार दबा रहा था और उसके निप्पल को चूस रहा था।
मैंने एक निप्पल को अपने होंठों में दबाकर जोर से चूसा तो वो सिसकियां भरने लगी। उनकी सांसे अब बहुत तेज हो रही थी और वो सिसकियां भर रही थी। मुझसे कह रही थी कि अहहह्ह्ह्ह आईईईईइ हाँ और जोर से चूसो खा जाओ अहहह्ह्ह्ह बड़ा मजा आ रहा है उफ्फ्फ्फफ्फ चूसो अहहह्ह्ह।
फिर मैं बारी बारी से उसके दोनों बूब्स को चूस रहा था। मैंने करीब चालीस मिनट तक उसके बूब्स को चूसा। मेरे मुंह में उनकी नरम मांसल छाती का स्वाद और उनकी उत्तेजित सिसकारियाँ मुझे और भी उन्मत्त कर रही थीं।
फिर मैंने उसकी साड़ी को उतार दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ पेटीकोट में खड़ी हुई थी और बड़ी सेक्सी लग रही थी।
फिर उसने मेरी शर्ट को उतार दिया और मेरी पैंट को भी अलग कर दिया। मेरे लंड को अंडरवियर के ऊपर से ही पकड़ लिया और बहुत तेजी से सहलाने लगी।
एकदम से मेरी अंडरवियर को नीचे कर दिया और मेरे लंड को बहुत गौर से देखने लगी। मेरे लंड को अपने दोनों हाथों में लेकर उसने कहा कि तुम्हारा लंड तो बड़ा ही लंबा और मोटा है ऐसे ही लंड को लेने की मैं हमेशा से ही इच्छा रखती थी।
फिर वो मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी और वो बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी। वो मेरे लंड को अपने हाथों से आगे पीछे करके बड़े मजे से चूस रही थी जिसकी वजह से मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था।
उसकी गर्म और नम जीभ मेरे लंड की पूरी लंबाई पर ऊपर नीचे घूम रही थी। वो मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक डालकर बड़े ही मजे से चूस रही थी। कभी-कभी वो तेजी से सिर हिलाते हुए उसे गले तक ले जाती और फिर धीरे-धीरे चूसती।
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उसने करीब पच्चीस मिनट तक मेरा लंड चूसा और फिर मैंने उसके पेटीकोट को उतार दिया।
मैंने देखा कि उसने लाल कलर की पैंटी पहनी हुई थी और अब वो सिर्फ पैंटी में मेरे सामने खड़ी हुई थी। फिर उसने मुझे बेडरूम में चलने को कहा तो मैं उसको अपनी बाहों में उठाकर उसके बेडरूम में ले गया जहां पर उसने एयर कंडीशनर चालू कर दिया।
फिर मैंने उसकी चूत को उसकी पैंटी के ऊपर से सहलाया लेकिन वो एकदम से सिहर उठी। उनकी नरम चूत की गर्मी पैंटी के ऊपर से ही महसूस हो रही थी। फिर मैंने उसकी पैंटी को निकाल दिया और उसकी चूत अब मेरे सामने थी।
उसकी वाह क्या मस्त चूत थी एकदम साफ फूली हुई जैसे कि दोनों पैरों के बीच में कोई फूल खिला हो। गुलाबी और नम चमकती हुई चूत देखकर मेरा लंड और भी कठोर हो गया।
मैंने उसकी चूत को अपने कोमल हाथ से सहलाया। उसकी वाह क्या चूत थी और मेरा मन कर रहा था कि अभी उसकी चूत को खा जाऊं। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को थोड़ा फैलाकर अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया और मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को ऊपर से चाटने लगा।
तो वो एकदम से सिहर उठी और सिसकियां भरने लगी। वो अब मेरा हाथ अपनी चूत में दबाने लगी थी। फिर मैंने उसकी चूत का छेद थोड़ा सा खोलकर अपनी पूरी जीभ उसकी चूत में डाल दी और चाटने लगा।
तो वो तेजी से सिसकियां लेने लगी। ओहहह और जोर से चूसो अहहह्ह्ह्हह बड़ा मजा रहा है और चूसो अहहह्ह्ह्ह। मैं अब तेजी से उसकी चूत को चाटने लगा। पूरा बेडरूम मेरे चूसने चाटने और उनकी सिसकियों की आवाज से गूंज रहा था।
फिर उसने मुझे रुकने को कहा और मैं रुक गया। वो उठी और उन्होंने फ्रिज के पास जाकर फ्रिज में से आम का जूस की एक बॉटल निकाली और मुझे देकर कहा कि आज मैं अपनी लाइफ का पूरा मजा संजोना चाहती हूँ। प्लीज इस आम का जूस को मेरी चूत पर डालकर चाटो।
मैंने तुरंत उसको बेड पर लेटाकर जूस को उसकी चूत के अंदर बाहर डालकर उस आम का जूस को अपनी जीभ से चाटने लगा। मीठे जूस और उनकी चूत के रस का मिश्रण मेरे मुंह में एक अनोखा स्वाद भर रहा था।
ऐसे करते करते मैंने पूरी बोतल को खाली कर दिया और इस दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी। मैं आम का जूस के साथ उसकी चूत का पानी भी पी गया।
मैंने उसकी चूत को करीब तीस मिनट तक चाटा और फिर उसने मुझसे बोला कि प्लीज अब मुझसे सहा नहीं जा रहा है। प्लीज अब अपना लंड मेरी चूत में डालकर मुझे चोद दो।
तो मैंने उसको पीछे से चोदने को कहा तो वो तुरंत कुतिया बन गई।
मैंने उसके पीछे जाकर अपने हाथ से अपना लंड अब उसकी चूत पर सेट करके अपना पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। उसकी चूत तंग और गर्म थी। लंड के अंदर जाते ही वो एकदम से घबरा गई और बोलने लगी कि प्लीज जान थोड़ा धीरे डालो तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है।
लेकिन मैं उसकी बात को बिना सुने उसको जोर जोर से धक्के देकर चोदने लगा और उसकी चूत में अपना पूरा लंड डालकर उसको धक्के देने लगा। चुदाई में पहले तो उसे थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फिर उसे भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गांड को पीछे करके मेरा साथ देने लगी।
वो सिसकियां भरने लगी। अहहह्ह्हह्ह चोदो उह्ह्हह्ह और जोर से मुझे उईईईईईईइ बड़ा मजा आ रहा है। तुम मेरी चूत को आज फाड़ दो अहहहह्ह्हह। मैं बहुत दिनों की प्यासी हूँ अहहहह। तुम आज मेरी प्लीज चूत की प्यास बुझा दो। मेरे पति ने मुझे कभी ऐसे नहीं चोदा है अहहह्ह्हह्ह ऊईईईईई मजा आ गया।
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दोस्तों उसकी बातें सुनकर मैंने अपना लंड उसकी चूत में तेजी से धक्के देकर डालना शुरू कर दिया और पूरा रूम चुदाई की आवाजों से गूंज रहा था। फच फच की आवाज के साथ मेरे लंड की गति बढ़ती गई।
फिर मैंने उसको करीब तीस मिनट तक लगातार चोदा और फिर हम दोनों एक साथ ही झड़ गए। झड़ने के बाद बेड पर थककर लेट गए।
वो मेरे पास में लेटकर मेरे बालों को सहला रही थी और कह रही थी कि संजय आज मैंने पहली बार चुदाई में इतना सुख पाया है और तुमने मुझे आज बहुत खुश कर दिया। फिर वो उठी और मेरे लंड को एक बार फिर से अपने मुंह में भरकर चूसने लगी।
थोड़े ही समय के बाद मेरा लंड एक बार फिर से पहले से भी ज्यादा कड़क हो गया। अब मैंने भी उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया लेकिन अब उसकी चूत मुझे पहले से भी ज्यादा स्वादिष्ट लगने लगी थी। मैं उसकी चूत को लगातार चाटे जा रहा था और वो भी मेरा लंड बड़े मजे से चाट रही थी।
फिर उसने मुझसे रुकने को कहा और कहने लगी कि प्लीज मुझे दो मिनट के लिए छोड़ दो मुझे शौचालय आया है। तो मैंने कहा कि कोई बात नहीं मेरे मुंह में कर दो।
मैं लगातार उसकी चूत को चाटे जा रहा था और अब उसने अपना पेशाब मेरे मुंह में डाल दिया। मैं उसका सारा पेशाब पी गया। दोस्तों मुझे उसका पेशाब भी बहुत स्वादिष्ट लगा था।
फिर हम अलग हुए और एक बार फिर सेक्स के लिए तैयार थे। मैंने उसको अपने ऊपर आने को कहा और मैं बेड पर लेट गया। वो मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपनी चूत में डालकर उस पर बैठ गई।
अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था। अब वो मेरे लंड के ऊपर नीचे होकर मुझे चोद रही थी और सिसकियां भर रही थी। अहहहह्ह ओहहह्ह्हह। वो लगातार मेरे लंड पर ऊपर नीचे हो रही थी और मुझे बड़ा मजा आ रहा था।
ऐसे ही हमने करीब चालीस मिनट तक सेक्स का मजा किया और हम दोनों साथ साथ झड़ गए। हम दोनों थककर बेड पर लेट गए।
दोस्तों हम दोनों को अब लगातार सेक्स करते हुए करीब तीन घंटे हो गए थे इसलिए हमने अपने कपड़े पहने और बाथरूम जाकर अपने आपको फ्रेश किया।
मैं बैठक में आकर बैठ गया और वो मेरे लिए चाय बनाकर ले आई।
फिर हमने चाय पी और मैंने उनको अब वापस जाने के लिए बोला तो उन्होंने कहा कि आपको जाने देने का मन तो नहीं कर रहा है लेकिन हाँ फिर भी आपको जाना तो पड़ेगा। उनकी आवाज में थोड़ी उदासी और संतोष दोनों महसूस हो रहे थे।
फिर उसने मुझे पैसे देने की कोशिश की लेकिन मैंने साफ मना कर दिया और कहा कि मैडम मैं यह सब पैसे के लिए नहीं करता हूँ। मैं तो यह सब मजे के लिए करता हूँ और मैं एक अच्छी कंपनी में बहुत अच्छी जगह पर नौकरी करता हूँ।
फिर मैं आखिरी बार स्मूच करके अपने घर के लिए निकल गया। उसके होंठों पर आखिरी बार गहरी चुंबन लेकर मैंने उनके शरीर की आखिरी गर्माहट को महसूस किया।
उसके बाद हमारा कभी मिलना नहीं हुआ और ना ही उन्होंने मुझे कॉल किया।
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Very hot story
Hey dost
Very hot 🔥 , kash koi hame bhi mile aisi garam maal bhabi