Hot lesbian kahani – हेलो दोस्तो, मैं आज आपको अपनी एक बेस्ट फ्रेंड के साथ बिताए हुए पलों और चुदाई के हॉट सीन की कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरा नाम रीना है, और मेरी उम्र 28 साल है। मेरा फिगर 36-28-36 है, और मेरी हाइट 5 फुट 5 इंच है। मेरा रंग गोरा है, और मेरे लंबे बाल और भूरी आँखें मेरी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं। मेरी बेस्ट फ्रेंड, रोज़ी, भी मेरी ही उम्र की है। उसकी हाइट 5 फुट 6 इंच है, और उसका फिगर 38-26-34 है, जो किसी को भी दीवाना बना दे। उसका चिकना, गुलाबी जिस्म, बड़ी-बड़ी नशीली आँखें, भरे हुए बूब्स, और चिकनी चूत उसे एकदम हॉट और मस्त लड़की बनाती हैं। उसकी गोरी त्वचा और मुलायम होंठ देखकर कोई भी उस पर फिदा हो जाए।
रोज़ी और मैं कॉलेज के टाइम से बेस्ट फ्रेंड्स हैं। हम दोनों के बीच कोई सीक्रेट नहीं होता। कॉलेज के दिनों में ही हमारे बीच एक खास रिश्ता बन गया था, जो कुछ अलग और बोल्ड था। आज मैं आपको उसी रिश्ते की एक सच्ची और हॉट कहानी सुनाने जा रही हूँ।
एक दिन की बात है, मैं रोज़ी के घर गई। उस दिन उसके घर पर कोई नहीं था, और हम दोनों अकेले थे। हम दोनों ड्रॉइंग रूम में सोफे पर बैठकर बातें करने लगे। मैंने उसे छेड़ते हुए पूछा, “रोज़ी, पिछले रविवार को दिनेश के साथ गई थी ना, कैसा रहा?”
रोज़ी ने शरमाते हुए कहा, “अच्छा रहा यार।”
दिनेश, रोज़ी का कजिन था, और दोनों के बीच खूब प्यार था। मैंने फिर मजे लेते हुए पूछा, “बता ना, क्या-क्या किया?”
रोज़ी मेरी बात सुनकर और शरमा गई। मैंने उसका मजाक उड़ाते हुए कहा, “अरे, इतना शरमा क्यों रही है? बता ना, क्या हुआ?”
वो हँसते हुए बोली, “बस, किस किया था।”
मैंने और छेड़ा, “कैसे किया, रोज़ी? जरा डिटेल में बता!”
रोज़ी अब और शरमाने लगी। मैंने मस्ती में उसकी गोद में अपना सिर रख दिया और उसकी आँखों में आँख डालकर तिरछी स्माइल दी। रोज़ी के बड़े-बड़े बूब्स मेरी आँखों के सामने थे। मैंने धीरे से अपनी उंगलियाँ उसके बूब्स पर फेरीं और बोली, “इनको भी छेड़ा था क्या दिनेश ने?”
रोज़ी ने हँसते हुए कहा, “नहीं यार, बस किस ही की थी।”
मैंने और जोर देकर पूछा, “सच बता ना, रोज़ी! दूध पिया था क्या उसने?”
रोज़ी ने शरमाते हुए माना, “हाँ यार, किया तो था।”
उसकी बात सुनकर मैंने मस्ती में उसके गुलाबी गाल पर एक चुम्मी जड़ दी और पूछा, “कैसा लगा था?”
रोज़ी ने आँखें बंद करके याद करते हुए कहा, “रीना, क्या बताऊँ, इतना मजा आ रहा था। वो मेरे बूब्स को अपने हाथों में लेकर दबा रहा था, जैसे तू अभी दबा रही है। फिर उसके होंठ मेरे होंठों पर आए, और वो मेरे होंठ चूसने लगा। मैं उसकी गर्म साँसों को महसूस करके पागल हो रही थी। मैंने उसके हाथ रोकने की कोशिश की, पर वो नहीं माना और और जोर-जोर से दबाता रहा।”
मैंने उत्सुकता से पूछा, “फिर क्या हुआ, रोज़ी?”
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वो बोली, “फिर तो मैं उसके साथ पागल ही हो गई।”
उसकी बातें सुनकर मेरे जिस्म में एक अजीब सी गर्मी दौड़ने लगी। मेरी चूत में हल्की सी गीलापन महसूस होने लगा। मेरे गाल शर्म से लाल हो गए, और मैंने अपना मुँह रोज़ी की गोद में छिपा लिया।
रोज़ी ने मेरे बालों में उंगलियाँ फिराते हुए पूछा, “क्या हुआ, रीना? इतना शरमा क्यों रही है?”
मैं कुछ नहीं बोली, बस उसकी गोद में सिर छिपाए रही। रोज़ी ने धीरे से मेरी कमर पर हाथ फेरना शुरू किया। उसका स्पर्श इतना गर्म था कि मेरे जिस्म में करंट सा दौड़ गया। मैं खुद को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी, पर शायद रोज़ी का भी यही हाल था। उसने मेरा चेहरा अपनी तरफ किया। मैंने देखा, उसके होंठ काँप रहे थे। और फिर, अचानक, रोज़ी ने अपने गुलाबी होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। हम दोनों एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे, जैसे कोई प्यास बुझ रही हो।
हम दोनों पूरी तरह खो गए। हमारा जिस्म गर्म हो चुका था, और कुछ करने की चाहत हमें बेचैन कर रही थी। मैंने उसे छेड़ते हुए पूछा, “रोज़ी, दिनेश ने कैसे की थी लिप किस? जरा दिखा ना!”
रोज़ी ने हँसते हुए कहा, “उसके लिए तुझे रोज़ी बनना पड़ेगा, और मैं दिनेश बन जाऊँगी।”
मैंने तुरंत हामी भरी, “ठीक है, बन जा!”
रोज़ी ने अपनी बाहें खोलीं, और मैं उसकी बाहों में समा गई। उसने मेरे एक बूब को अपने हाथ में लिया और धीरे-धीरे दबाना शुरू किया। मुझे एकदम से मजा आने लगा, लेकिन हल्का सा दर्द भी हुआ। मेरे मुँह से “आआह्ह… आआह्ह…” की आवाजें निकलने लगीं। मैंने कहा, “रोज़ी, आआह्ह… मत कर, दर्द हो रहा है!”
पर रोज़ी ने मेरी एक न सुनी। उसने और जोर से दबाना शुरू कर दिया और फिर मुझे बेड पर लिटाकर मेरे ऊपर आ गई। उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लिया और चूसने लगी। हम दोनों पागल हो चुके थे। मैं उसके जिस्म की गर्मी को साफ महसूस कर रही थी। मैंने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया और उसके होंठों को और जोर से चूसने लगी। रोज़ी ने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और ऊपर-नीचे करने लगी। हमारा थूक एक-दूसरे के मुँह में मिल रहा था, और उसकी गर्म साँसें मेरे गले तक उतर रही थीं। मैं उसकी चिकनी जीभ को महसूस करके और उत्तेजित हो रही थी।
मैंने मस्ती में कहा, “दिनेश तो तेरी इस चिकनी, लंबी जीभ को पाकर पागल हो गया होगा। उसे तो सब कुछ मिल गया होगा!”
रोज़ी ने मेरे मुँह में जीभ और तेजी से चलानी शुरू कर दी और बोली, “क्या बताऊँ, रीना, इतना मजा आया था!”
फिर हम दोनों उठीं, और रोज़ी ने मेरी कमीज़ को मेरे जिस्म से अलग कर दिया। मैं सिर्फ ब्रा और सलवार में थी। मुझे थोड़ी शर्मिंदगी महसूस हुई, लेकिन रोज़ी ने मेरी सलवार भी उतार दी। अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। वो मेरे चिकने जिस्म को निहारने लगी। मैंने शरमाते हुए कहा, “ऐसे क्यों देख रही है?”
रोज़ी ने मुस्कुराते हुए कहा, “क्या मस्त जिस्म है तेरा, रीना! आज तो खूब मजा आएगा।”
उसकी बात सुनकर मुझे अहसास हुआ कि वो भी उतनी ही उत्तेजित थी जितनी मैं। मैं उसके जिस्म से चिपट गई। रोज़ी ने पीछे से मेरी ब्रा का हुक खोल दिया, और मेरे नंगे बूब्स उसके सामने आ गए। उसने मेरे होंठों को फिर से चूमा, और मैंने अपने बूब्स पर हाथ रखकर उन्हें छिपाने की कोशिश की। लेकिन रोज़ी ने भी अपनी कमीज़ और ब्रा उतार दी। जैसे ही मेरी नजर उसके गोरे, भरे हुए बूब्स पर पड़ी, मैं दंग रह गई। मैंने उसके बूब्स को अपने हाथों में लिया और दबाने लगी। उसने भी मेरे बूब्स को अपने हाथों में लिया और जोर-जोर से दबाने लगी। हमारे मुँह से “आआह्ह… आआह्ह…” की आवाजें निकलने लगीं। फिर हमने एक-दूसरे के होंठों में होंठ डाल दिए और गर्म साँसें लेने लगे।
जब हमारे बूब्स एक-दूसरे से टकराए, तो जैसे करंट सा लगा। मैंने रोज़ी के एक बूब को और जोर से दबाना शुरू किया। वो कराहते हुए बोली, “आआह्ह… रीना, मत कर, प्लीज!”
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मैंने उसकी बात अनसुनी कर दी और उसके बूब को अपने मुँह के पास लाकर उसकी निप्पल को जीभ से चाटने लगी। रोज़ी की सिसकारियाँ और तेज हो गईं, “आआह्ह… आआह्ह…” मैंने उसके एक बूब को मुँह में लिया और चूसने लगी, जैसे कोई बच्चा दूध पी रहा हो। रोज़ी की सिसकारियाँ अब और लंबी हो रही थीं। वो बोली, “आआह्ह… रीना, प्लीज, दर्द हो रहा है… आआह्ह…”
मैंने मस्ती में पूछा, “क्यों, दिनेश ने ऐसा नहीं किया था क्या?”
वो कराहते हुए बोली, “आआह्ह… किया था, पर तू तो और ज्यादा मजा दे रही है… आआह्ह…”
मैं उसके बूब्स को चूसती रही, और वो मेरे बूब्स को अपने हाथों से दबाती रही। मेरी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी। जब मैंने रोज़ी का बूब मुँह से निकाला, तो देखा कि वो गुलाबी और मेरे थूक से चमक रहा था। मैं उसके दूसरे बूब को चूसने ही वाली थी कि रोज़ी ने मेरे बूब को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मेरे मुँह से भी “आआह्ह… आआह्ह…” निकलने लगा।
मैंने पूछा, “रोज़ी, और क्या किया था दिनेश ने?”
वो बोली, “और कुछ नहीं किया।”
मैंने छेड़ते हुए कहा, “क्यों, रोज़ी, तेरा मन नहीं किया कुछ और करने का?”
बस इतना कहते ही मैंने उसके होंठों को फिर से चूसना शुरू कर दिया और उसे बेड पर लिटाकर उसके ऊपर चढ़ गई। मैंने 69 की पोजीशन ले ली। मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चिकनी, गुलाबी चूत को देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी और चाटने लगी। रोज़ी ने भी मेरी पैंटी उतार दी और मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया। हम दोनों के मुँह से “आआह्ह… आआह्ह…” की आवाजें निकल रही थीं। मैं उसकी चूत में अपनी जीभ अंदर-बाहर करने लगी, और वो भी मेरी चूत को उसी तरह चाट रही थी। उसकी गर्म साँसें मेरी चूत पर लग रही थीं, और मैं उसकी चूत की गर्मी को अपनी जीभ से महसूस कर रही थी।
हम दोनों इतनी उत्तेजित थीं कि बस पागल हो रही थीं। मैंने उसकी चूत के दाने को अपनी जीभ से रगड़ा, और वो सिसकारियाँ लेने लगी, “आआह्ह… रीना… और कर… आआह्ह…” मैंने उसकी चूत को और तेजी से चाटना शुरू किया, और उसने भी मेरी चूत में अपनी जीभ गहरे तक डाल दी। हम दोनों की चूत गीली हो चुकी थी, और हमारा पानी एक-दूसरे के मुँह में जाने लगा। करीब 5 मिनट तक ऐसे ही चाटने के बाद हमारा पानी एक-दूसरे के मुँह में निकल गया। हम दोनों इतनी थक गई थीं कि एक-दूसरे से चिपककर बेड पर ही सो गईं।
मेरी कहानी आपको कैसी लगी, मुझे जरूर बताना।
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