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हाईवे साइड पर कार में बहन की गर्मी उतारी भाई ने

Behan ki chudai car me sex story, Outdoor sister fucking sex story, Bhai ne behan ko choda sex story, College sister hot sex story: मेरा नाम जन्मेजय है। मैं 22 साल का हूं और कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूं। मेरी छोटी बहन का नाम आँचल है। आँचल बहुत हॉट और सेक्सी लड़की है। इंस्टाग्राम पर उसकी लाखों फॉलोअर्स हैं। वह बेहद सुंदर, गोरी और स्टाइलिश है। कॉलेज में एडमिशन लिया है उसने।

उसका बदन देखकर कोई भी खुद को काबू नहीं रख पाता। वह वेस्टर्न ड्रेस बहुत पसंद करती है। हमेशा शॉर्ट पहनती है। उसकी गांड के उभार और चुचियों का हार देखकर कोई भी पागल हो सकता है।

कई बार रिश्ते तार-तार हो जाते हैं। लोग खुद पर काबू नहीं रख पाते। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मैंने अपनी बहन के साथ कार में रंगरेलियां मना लीं। मुझे लगता है उसकी जरूरत मुझसे भी ज्यादा थी। उसकी चाल-ढाल बदल गई थी। बॉयफ्रेंड का चक्कर ज्यादा चल रहा था। रात में फोन आते रहते थे। वह सेक्स कहानियां पढ़कर जागती रहती थी।

मुझे अच्छा नहीं लगता था कि घर की चीज किसी और के हाथ लगे। मैंने सोचा अगर वह खुश रहेगी तो माल घर में ही रहेगा। शादी के बाद जो होगा देखा जाएगा। शादी से पहले कुमारी लड़की को कोई और बजा दे तो अच्छा नहीं।

इसलिए मैंने उसके साथ दोस्ती बढ़ानी शुरू की। उससे बातें करने लगा। उसे समझाया कि बाहर ज्यादा मुंह न मारे। एक दिन उसका स्कूल का आखिरी दिन था। सब सेक्सी ड्रेस में जाते हैं। आँचल ने ब्लैक शॉर्ट टॉप पहना था। नीचे छोटी स्कर्ट। अंदर लाल पैंटी और ब्रा। ब्रा की पट्टी कंधे से दिख रही थी। टॉप और स्कर्ट के बीच छह इंच का गैप। पेट और नाभि साफ दिख रही थी।

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जब वह चलती तो चूतड़ हिलते थे। टॉप खुला होने से चुचियां थोड़ी-थोड़ी दिखती थीं। मम्मी-पापा ने कहा था मुझे ही उसे ले जाना और लाना है। ऐसे ड्रेस में अकेले नहीं छोड़ सकता था। मैं उसे स्कूल छोड़ने गया और बाहर इंतजार किया।

दोपहर एक बजे वह बाहर आई। बाल बिखरे हुए। होठ लाल। छोटी स्कर्ट। नाभि दिख रही थी। बदन ऐसा लग रहा था जैसे फूल खिला हो। मैं देखकर पागल हो गया। सोचा आज हद से आगे निकल जाऊंगा।

गाड़ी में बैठाया। मेरी गाड़ी के शीशे ब्लैक हैं। बाहर से कुछ दिखता नहीं। हाईवे वाली रोड से घर जाने लगा। उसने पूछा भैया इधर से क्यों। मैंने कहा आज तुम इतनी सुंदर लग रही हो। हाईवे की सैर करा दूं।

एक पेड़ के नीचे गाड़ी रोकी। तेज ट्रैफिक था। कोई रुकने वाला नहीं। एसी चला दी। गाने लगा दिए। मैंने उसके जांघ पर हाथ रखा। कहा आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो। कैटरीना कैफ भी फेल है। आज तुम हॉट बेब लग रही हो।

मुझे तुम्हें गले लगाने का मन है। मैं जानता हूं तुम भी कुछ ढूंढ रही हो। तुम रोज भाई-बहन वाली कहानियां पढ़ती हो। मैंने तुम्हारे मोबाइल में देखा था। क्यों न घर का माल घर में ही रहे। आज मस्ती करें। ऐसा मौका फिर नहीं आएगा। स्कूल खत्म हो गया। अब कॉलेज में जाओगी। दोस्त बनेंगे। लेकिन सब तुम्हें पाना चाहेंगे। आजकल सिर्फ सेक्स है।

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मैं जबरदस्ती नहीं कर रहा। अगर चाहती हो तो ठीक। नहीं तो कोई बात नहीं। वह मुझे घूरने लगी। मैंने जांघ सहलानी शुरू की। उसने अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया। मैं आगे बढ़ा। हम दोनों के होंठ मिल गए।

मैंने उसके बाल पकड़े। उसने मेरे। हमने लिप लॉक कर लिया। दो-तीन मिनट में दोनों वाइल्ड हो गए। मैंने सीट पीछे की। उसे गोद में बैठाया। मुंह मेरी तरफ। मेरा लंड उसके गांड के नीचे दब गया। वह और पागल हो गई।

उसने टॉप उतार दिया। मैंने ब्रा का हुक खोला। वह गांड रगड़ने लगी। मैंने पेंट नीचे की। लंड निकाला। उसने पकड़ा और मुंह में ले लिया। वह नीचे बैठ गई। मैं सीट पीछे कर ली। वह जोर-जोर से चूसने लगी।

मैंने उसे ऊपर किया। चुचियां चूसने लगा। निप्पल दबाए। बगल चाटी। साफ थी। फिर पिछली सीट पर ले गया। लिटाया। स्कर्ट ऊपर की। पेंटी सूंघी। खुशबू कमाल की थी। पेंटी उतारी। चूत चाटी। गर्म पानी निकल रहा था।

उसने टांगें फैलाईं। मैं बीच में बैठा। चूत चाटता रहा। फिर लंड निकाला। चूत पर लगाया। धक्का दिया। वह कराही। दर्द हुआ। सील थी। मैंने थूक लगाया। हौले-हौले घुसाया। वह बोली धीरे। चूत फट जाएगी।

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मैंने धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर किया। वह चैन की सांस लेने लगी। चूतड़ घुमाने लगी। मैं धक्के मारने लगा। मजा आ गया। पूरा लंड अंदर-बाहर। दोनों मजे ले रहे थे।

वह दो-तीन बार झड़ गई। 15-20 मिनट बाद बोली दर्द हो रहा है। बस इतना ही। मैंने जोर से धक्के मारे। वीर्य चूत में डाल दिया।

कपड़े ठीक किए। उसे चूमा। थैंक्यू बोला। गाड़ी स्टार्ट की और घर चले गए। पहली चूत यादगार रहती है। मैं कभी नहीं भूलूंगा। न आँचल भूलेगी। अब हम दोनों खुश हैं। एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। बाहर हाथ-पैर नहीं मारती। जो चाहिए घर में मिल रहा है।

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