Aunty sex story, Doggy style me choda sex story, Cheating MILF sex story: दोस्तों, मेरा नाम लकी है। मैं मोडासा, जिला साबरकांठा (गुजरात) का रहने वाला हूं। मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं। कोई भी आंटी, भाभी या लड़की मुझसे फ्रेंडशिप करना चाहे तो वो गुजरात में कहीं भी हो, मैं उससे मिल सकता हूं, लेकिन ये बात सौ प्रतिशत सिक्योर रहेगी, सिर्फ हमारे बीच।
अब कहानी शुरू करता हूं हिंदी में। ये 22 दिसंबर 2012 की बात है। मुझे किसी काम से अहमदाबाद जाना था, तो मैं बस पकड़ने के लिए एसटी स्टैंड गया। वहां कोई बस अहमदाबाद जाने के लिए तैयार नहीं थी। मैंने इंक्वायरी काउंटर से अहमदाबाद की बस के बारे में पूछा, तो विंडो क्लर्क ने मुझे बताया कि करीब आधा घंटा बाद बस आएगी। तब तक मैं बस की वेट करने लगा। वहां काफी भीड़ थी, सब बस का इंतजार कर रहे थे। तभी मेरी नजर एक आंटी पर गई, वो मुझे बार-बार चोर नजरों से देख रही थी। वो अच्छी दिखने वाली औरत थी, उम्र करीब 38 साल की। मैंने उनको नजरअंदाज करके बस की वेट करने लगा, और करीब 35 मिनट बाद एक बस अहमदाबाद जाने के लिए प्लेटफॉर्म पर लगी।
जैसा कि मैंने बताया कि वहां काफी भीड़ थी, सब बस को पकड़ने के लिए बस की तरफ भागे। सबसे पहले लेडीज को बस के अंदर जाने दिया जा रहा था, फिर मैं भी बस के अंदर एंटर हुआ, लेकिन सारी सीट फुल हो चुकी थी। तभी मैंने एक आवाज सुनी, वो आवाज उसी आंटी की थी जो मुझे बार-बार बस स्टैंड पर देख रही थी। वो मुझे आवाज लगा रही थी कि उन्होंने मेरे लिए एक सीट रोकी है। मैं उनके पास गया और उनके बगल में बैठ गया, और उनको थैंक्स कहा सीट के लिए। उन्होंने मुझे वेलकम किया।
उसके बाद कुछ समय बाद बस रवाना हो गई, और हमारी नॉर्मल बातें शुरू हो गईं जैसे कि मैं कहां जा रहा हूं। उन्होंने बताया कि वो भी अहमदाबाद में अपने किसी रिलेटिव के पास जा रही थी। फिर उन्होंने मुझे मेरा नाम पूछा और क्या करते हो वगैरह। मैंने भी उनका नाम पूछा तो उन्होंने मुझे अपना सुमन बताया। तो मैंने मजाक के अंदाज में कहा कि स्वीट नाम, तो उन्होंने मुझे एक स्माइल दी। उसके बाद उन्होंने मुझसे मेरी फैमिली और मैं मैरिड/अनमैरिड के बारे पूछा, तो मैंने उनको बताया कि मैं अभी तक अनमैरिड हूं। फिर उन्होंने मेरी जीएफ के बारे पूछा तो मैंने कहा कि मेरी कोई जीएफ नहीं है। तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि तुम्हारे जैसे हैंडसम बॉय की कोई जीएफ नहीं हो, तो मैंने उनको बिलीव दिलवाया कि मेरी कोई जीएफ नहीं है। फिर हमारे बीच में नॉर्मल बातें होती रही।
फिर मैंने उनके हब के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि उनके हसबैंड एक गवर्नमेंट जॉब में हैं। उसके बाद मैंने उनके बच्चो के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि उनकी कोई बच्चा नहीं है। वो ये बात मुझे बताते टाइम बड़ी उदास लग रही थी। उसके बाद मैंने उनके फैमिली के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि वो मोडासा में ओनली अपने हब के साथ रहती है, और सास-ससुर गांव में रहते हैं। फिर बस एक स्टॉप पर रुकी, वहां से मैंने कुछ पानी के पाउच और स्नैक्स लिए, और मैंने आंटी से पानी के लिए पूछा तो उन्होंने मुझसे एक पानी का पाउच ले लिया और मुझे थैंक्स कहा। उसके बाद बस अगेन रवाना हो गई।
और मैंने एक स्नैक्स का पाउच ओपन करके उनकी तरफ बढ़ाया तो उन्होंने कुछ स्नैक्स ले लिए। ऐसे ही एक स्नैक्स के पाउच में से हम दोनों स्नैक्स खा रहे थे। इसी दौरान मेरा हैंड बार-बार उनको स्नैक्स देते टाइम उनके बूब्स से लग रहा था, लेकिन उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा और हर बार स्माइल दे रही थी। अब तो मैं भी कुछ गर्म हो गया था। तो मैंने उनको टेस्ट करने के लिए अपना हैंड उनकी बैक की तरफ ले जाकर उनकी बैक को टच किया तो उन्होंने मेरी तरफ देखकर एक स्माइल दी और अपना हैंड मेरी जांघ पर रख दिया, और मेरे पेनिस को सहलाने लगी।
मुझे ये बहुत अच्छा लग रहा था, तो मैं भी अपने हैंड से उनके बूब्स को टच करने लगा, और वो भी तेजी से मेरा पेनिस सहलाने लगी। इस दौरान हमारी कोई बात नहीं हो रही थी, बस हम दोनों अपनी नजरें झुका कर ये सब कर रहे थे। कुछ टाइम बाद उन्होंने अपना हैंड मुझसे अलग कर लिया। क्योंकि हमारी बस अहमदाबाद (नरोडा) सिटी में एंटर हो गई थी। उसके बाद उन्होंने मुझे मेरा सेल नंबर मांगा, तो मैंने उनको अपना सेल नंबर दे दिया और मैंने उनका सेल नंबर ले लिया। और हमारी बस गीता मंदिर स्टैंड पहुंच गई। हमने एक दूसरे को बाय कहा कर अलग-अलग डायरेक्शन में चले गए। उसके बाद मैंने अहमदाबाद में अपना काम फिनिश करके रिटर्न इवनिंग में बस से मोडासा आ गया। नेक्स्ट डे मैंने कॉल किया तो उनका नंबर स्विच ऑफ आ रहा था। मैंने बहुत ट्राई किया लेकिन ऑलवेज स्विच ऑफ। फिर मैंने नेक्स्ट डे भी ट्राई किया लेकिन रिमेन स्विच ऑफ।
ऐसा करते-करते 15 दिन निकल गए। इस दौरान मैं ये सब बातें भूल चुका था। फिर अचानक एक दिन उनके नंबर से मुझे कॉल आया तो मैंने कॉल पिक किया। तो उन्होंने मुझे बताया कि अहमदाबाद से वो कल ही आई है, और उनका सेल वहां पर पानी में गिर कर बिगड़ गया था। ऐसे ही हमारे बीच में फोन पर नॉर्मल बातें होने लगी। तभी एक दिन मॉर्निंग 8 बजे उनका फोन आया कि उनके हब 2 दिनों के लिए मुंबई जा रहे हैं, और उन्होंने मुझे अपने घर 11 बजे इनवाइट किया। उसके बाद मैंने अपना बाथ लेकर 11 बजे उनके बताए एड्रेस पर पहुंच गया। जैसे ही मैंने उनके घर की डोर बेल बजाई तो उन्होंने डोर ओपन किया, और मेरी तरफ स्माइल देकर मुझे अंदर आने को कहा। मैं तो आज बस आंटी को देखे जा रहा था, आज वो पिंक गाउन में सेक्स की देवी लग रही थी। फिर उन्होंने मुझे बोला क्या तुम मुझे देखते ही रहोगे या बैठोगे भी।
मैं बोला आंटी आप बुरा मत मानना आज आप इस ड्रेस में सेक्सी लग रही हो। उन्होंने मेरी तरफ स्माइल देकर मुझे ब्रेकफास्ट के बारे में पूछा, तो मैंने मना कर दिया। तो वो बोली ऐसा थोड़ा चलता है कुछ तो लेना पड़ेगा तुम मेरे घर पहली बार आए हो। मैंने उनसे एक टी के लिए बोला। वो टी बनाना किचन में चली गई और 2 कप टी लेकर ड्रॉइंग हॉल में आई और एक कप मुझे देकर, मेरे बगल में बैठ गई और हम दोनों टी पीने लगे।
फिर उन्होंने मेरे घर के बारे में पूछने लगी, और मैंने आंटी से कहा कि आंटी अगर आपकी अगर शादी नहीं हुई होती आज ही मैं आपसे शादी कर लेता। वो हंसी और मेरा चीक पकड़ कर कहने लगी फिर शादी के बाद क्या करता। मैं बोला कि मैं आपको दिन रात बस प्यार करता तो वो हंसने लगी और कहने लगी अब कर ले। अब तक हमरी टी फिनिश हो चुकी थी। फिर मैंने आंटी को पकड़ लिया, और उनको स्मूच करने लगा वो भी मुझे स्मूच कर रही थी और साथ में मेरा पेनिस पैंट के ऊपर से दबा रही थी। मैंने उनको स्मूच करते-करते उनका गाउन ऊपर कर दिया उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा, उनका फिगर 32-34-36 था। स्मूच के बाद मैंने उनके गाउन को ऊपर से निकाल दिया और ब्रा के हुक खोल दिए और उनके बूब्स को सक करने लगा, उनका हैंड मेरी बैक को सहला रहा था।
और वो सिसकारियां भर रही थीं “हाaaaa… वाहूूू… सक मी लकी इनको खा जाओ” वगैरह। मैं और उत्तेजित हो कर उनको और तेजी से सक करने लगा और उनको काटने लगा, इसी दौरान उन्होंने मेरे पैंट की जिप खोलकर अपना हैंड मेरी अंडरवियर में डालकर मेरे पेनिस को पकड़ लिया। फिर उन्होंने मुझे अचानक अपने से अलग किया और मेरे पैंट और अंडरवियर को मेरी लेग्स से निकाल दिया और मेरे पेनिस को देखकर कहने लगी कि “क्या ये लंड है?”
तो मैं बोला कि “क्या आंटी आपने अंकल का नहीं देखा है क्या?” तो वो बोली कि “ये तो बहुत मोटा और लंबा है, उनके पेनिस तो तुम्हारे लंड का 1/4th भी नहीं है।” और वो रोने लगी कि “आजतक मैं ऐसे लंड के लिए प्यास की आग में जलती रही।” फिर मैंने उनको समझाया कि “अब से ये लंड आपका ही है।” फिर वो कुछ देर बाद चुप हुई और पेनिस को सहलाने लगी। मेरा लंड तो पहले से कड़क था और उनके कोमल हाथों का स्पर्श पाकर और भी कड़क हो गया। फिर आंटी ने उसे मुंह में लेकर मेरे लंड को आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। वो मेरे लंड को ऐसे पागलों की तरह चूस रही थी कि जैसे उनको भगवान मिल गया हो, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग जैसी आवाजें निकल रही थीं उनके मुंह से। मैं भी उनके बूब्स सक रहा था।
धीरे-धीरे वो मेरे लंड को गहराई तक लेने लगीं, उनका गला फूल रहा था लेकिन वो रुकी नहीं, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गों.. गोग की आवाजें तेज हो गईं, मेरे लंड का टॉप उनके गले को छू रहा था और वो आंखें बंद करके चूस रही थीं, कभी जीभ से चाटतीं तो कभी होंठों से दबातीं। मैं उनके बाल पकड़कर धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा, उनका मुंह गीला हो चुका था, लार टपक रही थी। “आह्ह.. सुमन, कितना अच्छा चूस रही हो तुम, जैसे भूखी शेरनी हो,” मैंने कहा तो वो मुस्कुराई और तेज चूसने लगी। 30 मिनट तक ये चलता रहा, मेरे लंड की नसें फूल गईं थीं, वो कभी बॉल्स को चूसतीं तो कभी टॉप को काटतीं, मैं सिसकारियां ले रहा था “ओह्ह.. हां, ऐसे ही चूसो मेरी जान।”
फिर मैंने उनको अलग किया और उनकी पैंटी को ओपन किया तो, दोस्तों आप कल्पना भी नहीं कर सकते उनकी चूत थी या गुलाब का फूल, एक दम क्लीन शेव और डबल रोटी की तरह। उनकी चूत को देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया, और मैंने उनकी चूत को सक करने लगा, और अपनी टंग को उनकी चूत के अंदर डालकर सक करने लगा (हां दोस्तों मुझे चूत सक करना बहुत ही अच्छा लगता है)। वो लंबी-लंबी सिसकारियां ले रही थीं “हाaaaa… सक मी… वाहूूूू… ओह्ह इह्ह आह.. ह्ह्ह.. इह्ह..” और अलग-अलग टाइप्स की आवाजें निकाल रही थीं, आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई.. और मेरे मुंह को अपनी चूत में अपने हाथ से दबा रही थी।
मैंने उनकी क्लिट को जीभ से घुमाया, फिर होंठों से चूसा, उनकी चूत गीली हो चुकी थी, रस टपक रहा था, मैंने उंगली डाली तो वो कांप गईं “आह्ह.. लकी, धीरे.. इतना गहरा मत जाओ,” लेकिन मैंने दो उंगलियां डालीं और अंदर-बाहर करने लगा, उनकी दीवारें सिकुड़ रही थीं, वो कमर उछाल रही थीं “ओह्ह.. हां, ऐसे ही फिंगर करो, आह इह्ह ओह्ह!” मैंने जीभ से चाटते हुए उंगलियां तेज कीं, उनका शरीर अकड़ रहा था, सिसकारियां तेज “आअह्ह्ह्ह.. ह्ह्ह्ह.. ऊउउउ.. मैं झड़ रही हूं!” और वो पहली बार झड़ीं, रस मेरे मुंह में आया। फिर मैंने जीभ से क्लीन किया, वो हांफ रही थीं। करीब 50 मिनट तक मैंने उनकी चूत सक की, हर कोने को चाटा, कभी जीभ अंदर डाली तो कभी क्लिट को काटा, वो बार-बार सिसकारियां लेतीं “वाहूूू.. लकी, तुम कितने अच्छे हो, आह्ह.. ह्ह.. ऊईईई..”।
इसके बाद वो मुझसे बोली “लकी अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है प्लीज मुझे आज जबरदस्त चोद दो।” मैंने उनको नंगा ही हाथों में उठाकर उनके बेडरूम में ले गया। और उनको डॉगी स्टाइल में खड़े होने को बोला, वो डॉगी स्टाइल में खड़ी हो गई, और मैं उनके पीछे जाकर अपने लंड को उनकी चूत पर एडजस्ट करने लगा। उनकी चूत का होल इतना टाइट था कि ऐसा लग रहा था कि वो शायद आज पहली बार चुदवा रही हो। मैंने जैसे अपने लंड का ऊपरी भाग उनकी चूत में डाला तो वो दर्द से चीखने लगी “ही मैं मर गई, मैं इस लंड को सहन नहीं कर पाऊंगी।”
तो मैंने आंटी से बोला “आंटी आज थोड़ा पेशेंट रखें, आज पहली बार आपकी चूत खुल रही है, थोड़ा दर्द होगा उसके बाद आपको लाइफ का मजा आएगा जो आजतक आपने नहीं लिया।” ये बात सुनकर वो कुछ नरम पड़ीं। इसके बाद मैंने अपना लंड पे थोड़ा तेल लगाया और उनकी चूत पर भी तेल की मालिश की, और धीरे-धीरे अपना लंड को उनकी चूत में डालने लगा। वो दर्द से चीख रही थीं, और उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। मैंने अपना आधा से ज्यादा लंड उनकी चूत में डालकर धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर रहा था।
मैंने देखा कि उनकी चूत में से हल्की-हल्की ब्लडिंग हो रही थी, लेकिन मैंने उनको बोला नहीं। लगातार उनको चोदता रहा, और ब्लडिंग के बाद धीरे-धीरे मैंने अपना पूरा लंड अंदर डालकर रब करने लगा। कुछ देर बाद आंटी भी कुछ नरम पड़ गई थीं, और अपनी गांड बैक में ढकेल रही थीं और मुझे उकसा रही थीं “आह्ह.. तेज करो लकी, ओह्ह इह्ह..”। धीरे-धीरे मैंने अपनी स्पीड इनक्रीज करने लगा और वो तेज सिसकारियां ले लगी “हाaaaa… चोदो मुझे… ऐसा लंड मैंने पहली बार देखा है… हाaaaaaaa”।
उनका पूरा रूम उनकी सिसकारियों से गूंज रहा था। अब मैं भी फुल स्पीड उनको चोद रहा था। इसी बीच वो 3 बार झड़ चुकी थीं, उनका रस मेरे लंड को गीला कर रहा था, हर थ्रस्ट पर फच-फच की आवाज आ रही थी, उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को जकड़ रही थीं। अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने स्पीड और तेज कर दी और एक ही झटके में अपना सारा स्पर्म उनकी चूत में भर दिया। उसके बाद हम दोनों अलग हुए, थकावट की वजह से हम दोनों नंगे ही बेड पर पड़े रहे। 1 घंटा बाद आंटी मेरे लंड को फिर से सहलाने लगी और मेरा लंड फिर से कड़क होने लगा, और आंटी कहने लगी “आज तेरी वजह से मेरी पहली बार सील ब्रेक हुई है (उन्होंने अपना ब्लड देख लिया था) और कहने लगी आज तेरी वजह से ही मुझे अपनी लाइफ में लाइफ जीने का मकसद मिला है, नहीं तो मैंने लाइफ को मरा ही समझ लिया था। और कहने लगी आज तेरी वजह से ही मुझे आज नया जीवन मिला है। जिसके लिए सालों से तड़प रही थी, आज से तू ही मेरा सबकुछ है” वगैरह।
मैंने कहा “ऐसा कुछ नहीं है आपने भी तो मुझे अपनी चूत से प्यास बुझाने का मौका दिया है।” और लगातार मेरे पेनिस को सहला रही थीं, और चूस रही थीं। अब तक अगेन हम दोनों गर्म हो चुके थे। इसके बाद वो मेरे ऊपर आकर अपनी लेग्स के सहारे मेरे स्टमक पर बैठकर मेरे लंड को अपनी चूत में सेट करके ऊपर-नीचे होने लगी। मैं उनके बूब्स दबा रहा था, वो सिसकारियां ले रही थीं “आह्ह.. ह्ह.. ऊउइ.. लकी, कितना गहरा जा रहा है तेरा लंड, ओह्ह इह्ह..”। मैंने नीचे से थ्रस्ट दिए, फच-फच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं, वो तेज उछल रही थीं, उनके बूब्स हिल रहे थे। ऐसा हमने 20 मिनट तक किया, हर थ्रस्ट पर वो कांपतीं “आअह्ह्ह्ह.. ह्ह्ह्ह.. चोदो मुझे ऐसे ही, मैं तेरी हूं।”
उसके बाद मैं उसके ऊपर आकर वो मेरे नीचे लेटकर मैंने उसकी 40 मिनट तक चोदा। मैंने धीरे शुरू किया, फिर स्पीड बढ़ाई, उनकी चूत अब ढीली हो चुकी थी लेकिन अभी भी टाइट लग रही थी, हर थ्रस्ट पर वो चीखतीं “हाaaaa… तेज… आह इह्ह ओह्ह! चोदो अपनी रंडी को,” मैंने उनके होंठ चूसे, बूब्स काटे, और फुल स्पीड में चोदा, फच-फच.. थप-थप की आवाजें, वो बार-बार झड़तीं, उनका रस बह रहा था। और उसके बाद मैंने अपना सारा स्पर्म उनकी चूत में डालकर अलग-अलग हुए, अब तक हम बहुत थक चुके थे।
उसके बाद हमने साथ बाथ लिया। और बाथरूम में मैंने उनकी चूत पर शैंपू लगा कर उसको साफ किया और सुमन ने भी मेरे लंड पर शैंपू लगा कर खूब रब किया, और फिर हम दोनों बाथरूम में ही 69 पोजीशन एक दूसरे के अंगों को सक करने लगे। उसने मेरे लंड को और मैंने उनकी चूत को, अबाउट 60 मिनट। मैं उनकी चूत चाटता, उंगली करता “आह्ह.. लकी, चाटो मेरी चूत को, ओह्ह.. ह्ह..” वो मेरे लंड को चूसतीं ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गों.. एक फिर हम दोनों झड़ चुके थे इस मैंने उनकी चूत सारा पानी पिया, क्या स्वाद एकदम नमकीन, मजा आ गया। फिर हम बाहर आए। और मैंने उनसे घर जाने की परमिशन मांगी तो पहले तो उन्होंने मुझे मना कर दिया, कहने लगी कि “घर जाकर क्या करेगा,” लेकिन मैंने इवनिंग में आने का प्रॉमिस करके मैं वहां से निकल गया। ऐसे 2 दिन तक हमने खूब मजे किए और उन्होंने मुझे आज से आंटी नहीं कहकर ओनली सुमन कहने का प्रॉमिस लिया। उसके बाद, 3 डे उसके हब आ गए। लेकिन हम उनके अनप्रेजेंट में खूब मजे लेने लगे।
एक दिन जब मैं उनके घर गया तो उन्होंने मुझे बताया कि उनकी एक छोटी सिस्टर है वो भी उनकी तरह परेशान है, उसका हब भी उसे सैटिस्फैक्शन नहीं देता। फिर सुमन ने बोला कि “क्या तुम उसकी भी प्यास बुझा सकते हो।” मैंने कहा ठीक है वो आपकी सिस है, इसलिए आप उसे यहां पर बुला लीजिए। नेक्स्ट वीक उसकी छोटी सिस्टर एक वीक के लिए मोडासा आ गई। उसकी छोटी सिस का नाम ज्योति है उसकी उम्र अबाउट 27 है, वो सुमन से भी ज्यादा सेक्सी है। तो दोस्तों अगले पार्ट में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने ज्योति को सैटिस्फाई किया। तो प्लीज रीड दिस स्टोरी एंड कमेंट मी। आई एम वेटिंग योर रिप्लाई। थैंक्स।
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