Bhabhi sex story, Tenant bhabhi fucking, Devar bhabhi chudai sex story: हैलो दोस्तों, मेरा नाम राज है और मेरी हाइट 5 फुट 6 इंच है। मैं गोरे रंग का लड़का हूं और मेरा लंड 6 इंच लंबा है, थोड़ा टेढ़ा भी। आज मैं आप सबको अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूं जो मेरी और मेरी किरायेदार सोनी भाभी की है। ये बात करीब 1 साल पहले की है। मेरा घर उत्तर प्रदेश में है, डबल फ्लोर वाला, जहां ऊपर हमारी फैमिली रहती है और नीचे किरायेदार।
मैं साउथ इंडिया के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग करके घर लौटा था। घर में बस मां रहती हैं क्योंकि पापा आर्मी में हैं। मैं रात को 2 बजे घर पहुंचा, चेंज किया, फ्रेश होकर कॉफी पी और सो गया। अगली सुबह नहा-धोकर घूमने निकला तो सीढ़ियां उतरते वक्त नीचे एक बहुत खूबसूरत, गोरी, स्लिम औरत दिखी। मैं मुस्कुराकर बाहर चला गया।
शाम को लौटा तो वो फिर दिखी और मुस्कुराई। मैंने पूछा, “आप शायद हमारी नई किरायेदार हैं ना?” वो बोलीं, “हां, लेकिन नई नहीं, मैं यहां 3 महीने से हूं।” मैं मुस्कुराकर चला गया। कुछ दिन ऐसे ही बीते, मेरे मन में उनके लिए कुछ खास नहीं था।
एक दिन मेरा दोस्त घर आया। उसने भाभी को देखा और बोला, “क्या माल है यार राज?” मैंने ध्यान नहीं दिया और हम घूमने चले गए। फिर एक दिन मैं दोस्तों के साथ घर के पास खड़ा था। तभी सोनी भाभी अपने 1 साल के बेटे देव और पति के साथ बाइक पर कहीं जा रही थीं। दोस्तों ने कहा, “तेरी किरायेदार की वाइफ क्या मस्त है!” मैं चुप रहा।
रात को डिनर के बाद बेड पर लेटा तो दोस्त की बात याद आई। सोचने लगा, सच में सोनी भाभी कितनी सुंदर हैं, उनके पति कितने लकी हैं। उसी रात से मेरा दिमाग और लंड दोनों उनके दीवाने हो गए। मैंने उनके बारे में सोचकर 2 बार मुठ मारी और सो गया।
अगले दिन सुबह 8 बजे वो दिखीं तो मैंने जानबूझकर कहा, “बड़ी लेट उठती हैं आप।” वो बोलीं, “रात को सोने में लेट हो जाता है ना।” धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई। मैं उनके पति से भी बात करने लगा। कभी-कभी उनके यहां देव को खिलाने जाता, चॉकलेट ले जाता। वो मुझे अक्सर चाय पिलातीं।
अब उनके यहां बैठने से मजाक भी होने लगा। वो लोग पंडित थे, मैं भी पंडित हूं। वो मुझसे मजाक में कहतीं, “आप मेरी बहन रिया से शादी कर लीजिए।” मैं चुप रहता। अब रोज उनके बारे में सोचकर 3-4 बार मुठ मारता और सोचता, काश ये मुझे मिल जाएं तो मजा आ जाए। भैया न होने पर डबल मीनिंग बातें भी करने लगा।
एक दिन मैं उनके यहां बैठा था, भैया नहीं थे। वो चाय लाईं और बोलीं, “मेरी बहन रिया से शादी करोगे ना?” मैंने कहा, “आज आप मुझे रिया की फोटो दिखा ही दीजिए।” वो बोलीं, “पहले चाय तो पी लीजिए।” मैंने जिद की तो वो एलबम ले आईं। रिया की फोटो देखकर मेरा मुंह से निकल गया, “रिया से अच्छी तो आप हैं।” वो हंसीं और बोलीं, “मैं तो 1 बच्चे की मां हूं।”
मैंने कहा, “ये मजाक नहीं, आप रिया से क्या, कॉलोनी की सभी औरतों से ज्यादा अच्छी लगती हैं।” वो खुश हुईं लेकिन बोलीं, “मुझे ज्यादा चने के पेड़ पर मत चढ़ाओ।” मैंने कहा, “भगवान कसम, सच बोल रहा हूं।”
थोड़ी देर बाद वो बोलीं, “मैं काम करने जा रही हूं, आप बैठिए।” मैं ऊपर चला गया। रात में 2-3 बार मुठ मारी और सोचा, काश भाभी चोदने को मिल जाएं। प्लान बनाने लगा। अब मैं भाभी और देव पर ज्यादा खर्च करने लगा। भैया आउट ऑफ स्टेशन जाते तो मैं होटल से डिनर पैक करा लाता। शायद वो ये भैया को नहीं बताती थीं।
एक दिन भैया आउट गए थे। मैं उनके यहां बैठा। वो बोलीं, “सितंबर में देव 2 साल का हो जाएगा।” मैंने कहा, “अच्छा है ना, आप उसका बर्थडे सेलिब्रेट करती हैं?” वो बोलीं, “हां, हर बार करते हैं।” मैंने पूछा, “और आपका?” वो बोलीं, “शादी से पहले सेलिब्रेट करती थी, अब कहां होता है।”
मैंने पूछा, “आपका बर्थडे कब था?” वो बोलीं, “निकल गया, 17 मार्च को था।” बातें हुईं। मैं ऊपर गया और अचानक आइडिया आया, क्यों न आज उनका बर्थडे सेलिब्रेट कर दूं। शाम 7 बजे मार्केट से केक, समोसे, कोल्ड ड्रिंक लेकर गया।
वो बोलीं, “ये सब क्या है?” मैंने कहा, “आज आपका बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे।” पहले नखरे किए, फिर मान गईं। केक काटा, मैंने उन्हें खिलाया। वो बेड पर बैठ गईं। हमने साथ पार्टी की। 8 बजे मैंने गुड नाइट कहा और ऊपर चला गया।
रात 10 बजे उनका फोन आया। “राज थैंक्स, आज आपकी वजह से बहुत अच्छा महसूस हुआ।” मैंने कहा, “इट्स ओके भाभी।” फिर बोला, “एक बात बोलूं?” वो बोलीं, “हां बोलो।” मैंने कहा, “गुस्सा न हों।” वो बोलीं, “नहीं होऊंगी।”
मैंने कहा, “पहले देव की कसम खाओ।” वो बोलीं, “ठीक है, देव की कसम, गुस्सा नहीं होऊंगी।” मैंने झट कहा, “आज केक खिलाते वक्त आप बहुत सेक्सी लग रही थीं, मन कर रहा था किस कर लूं।” वो बोलीं, “तो बताना चाहिए था ना, वैसे भी आज मैं बहुत खुश थी।”
मैंने कहा, “अभी आ जाऊं?” वो बोलीं, “इतनी रात हो गई, अगर मां उठ गईं तो?” मेरी जिद पर बोलीं, “ठीक है आ जाओ।” मैंने पूछा, “मजाक तो नहीं?” वो बोलीं, “नहीं, आ जाओ।”
मैं धीरे से नीचे गया। दरवाजा नॉक किया, उन्होंने खोला। अंदर गया तो देव सो रहा था। वो गाल मेरी तरफ करके बोलीं, “लो कर लीजिए।” मैंने कहा, “मैं बच्चा नहीं, लिप पर करना है।” वो बोलीं, “गाल पर ही।” फिर बोलीं, “ठीक है करिए।”
मैंने उनके होंठों पर किस किया। एक मिनट तक। उन्होंने साथ नहीं दिया। 2 बार किस करने के बाद बोलीं, “अब जाओ, गुड नाइट।” मैं खुशी से ऊपर गया और मुठ मारकर सो गया।
1-2 दिन बाद उनके यहां गया, भैया नहीं थे। चाय लाईं। मैंने कहा, “अब किस करने का लाइसेंस दे दीजिए।” पहले मना किया, फिर बोलीं, “ठीक है, जब मन करे और कोई देखने वाला न हो तो कर लिया करो।” मैंने तुरंत किस किया। अब कई दिन बस किस होते रहे।
7-8 दिन बाद दोपहर 1 बजे मैं घर आया। भाभी बाथरूम में कपड़े धो रही थीं। प्लान सूझा। मैंने फोन लगाया। वो उठाया। मैं धीरे से उनके बेडरूम में घुसा, दरवाजे के पीछे छुपा। फोन पर बोला, “आपके लिए गिफ्ट लाया हूं।” वो बोलीं, “कहां है?” मैंने कहा, “बेड पर रख दिया।”
वो बात करती हुई कमरे में आईं। पर्पल नाइटी में थीं। मैंने उन्हें बेड की तरफ पुश किया। वो गिर पड़ीं। मैं ऊपर चढ़ा, किस करने लगा, बूब्स दबाने लगा। करीब 6 मिनट तक ऐसे ही रहा। मैं डिस्चार्ज हो गया। नीचे हाथ डालना चाहा तो वो उठीं और बोलीं, “मेरा मेकअप खराब कर दिया।”
मैंने एक किस किया और ऊपर चला गया। अब मौका मिलते ही बूब्स दबाता। लेकिन चूत तक पहुंचने की तड़प थी।
फिर मौका आया। दोपहर 3 बजे, भैया काम पर गए। मेरा रिजल्ट 67% आया था। मैं मिठाई लेकर गया। नॉक किया। भाभी सो रही थीं, देव भी साइड में सो रहा था। मिठाई दी। वो बोलीं, “किस खुशी में?” मैंने कहा, “रिजल्ट अच्छा आया।”
वो बैठीं तो मैंने उन्हें लिटाया, किस करने लगा, बूब्स दबाए। 5 मिनट बाद नीचे हाथ डाला। वो हाथ पकड़ने लगीं। मैं रुका नहीं। बोला, “आपको मेरी कसम है, आज नहीं रोकेंगी प्लीज।” मैंने चेहरा नाइटी में डाला। वो पैंटी नहीं पहने थीं।
सीधे चूत पर किस किया, चूसने लगा। हल्के बाल थे, जैसे हाल ही में शेव किए हों। नाइटी ऊपर की। चूत बिल्कुल पिंक, गुलाब की पंखुड़ियों जैसी। मैं बहुत देर तक चूसता रहा। उनकी चूत से पानी आने लगा। मेरा लंड टाइट हो गया।
मैं उठा, पैंट से लंड निकाला। वो थोड़ा उठकर तिरछी नजर से देखा और लेट गईं। मैंने लंड चूत पर रगड़ा, पुश किया। धीरे-धीरे पूरा 6 इंच अंदर चला गया। 2-3 मिनट में ही अंदर झड़ गया। साइड में लेट गया।
वो गुस्से से बोलीं, “अंदर ही कर दिया ना?” मैंने कहा, “सॉरी, फर्स्ट टाइम था।” वो हंसीं, “ऐसा सबके साथ होता है।” थोड़ा आराम कर फिर किस करने लगा। अब वो साथ दे रही थीं।
मैंने नाइटी और ब्रा उतारी। बूब्स चूसे। फिर चोदने लगा। इस बार 5-6 मिनट चोदा, फिर अंदर ही झड़ गया। वो कुछ नहीं बोलीं। उस दिन कुल 4 बार चोदा।
इस तरह हमारा सेक्स रिलेशन 4 महीने चला। कई पोजिशन्स में चोदा। लेकिन कभी गांड नहीं मारी, मेरा मन नहीं करता था। फिर वो बोलीं, “अगर ऐसा चलता रहा तो पति को पता चल जाएगा।” इसलिए वो रूम खाली कर कहीं चली गईं।
दोस्तों ये थी मेरी सच्ची कहानी। आपकी ऐसी कोई घटना हुई हो तो कमेंट में जरूर बताना। क्या आपको भाभी के साथ ऐसा रोमांस पसंद आया? आपकी राय कमेंट में दें।
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