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75 साल के बुड्ढे ने मेरी बहन को रात भर चोदा

Buddhe ne choda sex story – Old Man Young Girl Sex Story – Slut sister sex story: मेरा नाम राहील है, उम्र अठारह साल, इंटर पार्ट-2 का स्टूडेंट हूँ। हमारी फैमिली में चार लोग हैं, पापा बैंक में जॉब करते हैं, मम्मी हाउसवाइफ हैं, और मेरी बड़ी बहन किरन, जो तेईस साल की है, बी.कॉम करके एक प्रायवेट कंपनी में पर्सनल सेक्रेटरी की नौकरी करती है। किरन बाजी बेहद बोल्ड हैं, टाइट जीन्स-टीशर्ट, गहरे गले के कुर्ते पहनती हैं, पर्दा बिलकुल नहीं करतीं। उनका फिगर कातिलाना है, गोरा रंग, लंबे काले बाल, पतली कमर, भारी गोल चूतड़ और सबसे खतरनाक उनके तने हुए बड़े-बड़े स्तन, जो भी एक बार देखता, नजरें हटा नहीं पाता। मोहल्ले के आवारा लड़के उन्हें छेड़ते थे, पर बाजी को कोई परवाह नहीं थी, बल्कि वो मुस्कुरा कर जवाब देती थीं।

मोहल्ले के लड़कों से मेरी दोस्ती थी, जब वो बाजी के बारे में गंदी-गंदी बातें करते तो मैं उनसे झगड़ पड़ता। वो हँसते और कहते, “तेरी बहन को कोई ऐतराज नहीं तो तू क्यों जलता है? हम सब ने तेरी बहन को चोद रखा है, इसलिए वो हमारी छेड़छाड़ पर मुस्कुराती है।” मैं कभी यकीन नहीं करता था, सोचता था सिर्फ मुझे चिढ़ाने के लिए कहते हैं।

फिर एक शाम पापा बैंक के काम से कुछ दिनों के लिए बाहर जा रहे थे, घर लौटे तो उनके साथ एक साहब थे, कमरान साहब, पापा के बैंक मैनेजर, उम्र करीब पचहत्तर-अस्सी साल, पर सेहत एकदम जवान जैसी, अमीर लगते थे। पापा ने बताया कि उनका घर दूर है, इसलिए आज रात हमारे यहाँ रुकेंगे। हमारा घर डबल स्टोरी है, ऊपर दो गेस्ट रूम थे, मम्मी ने कमरान अंकल के लिए ऊपर वाला कमरा तैयार कर दिया। पापा फ्रेश होने चले गए, मम्मी किचन में, मैं पढ़ने अपने कमरे में था, और ड्रॉइंग रूम में सिर्फ कमरान अंकल और किरन बाजी बैठे थे।

एक घंटे बाद मैं नीचे उतरने लगा, अभी सीढ़ियों पर ही था कि देखा बाजी चाय की ट्रॉली लेकर ड्रॉइंग रूम में जा रही हैं। मैं चुपके से दरवाजे के पास पहुँचा और झाँकने लगा। बाजी कमरान अंकल के सामने झुक कर चाय का कप दे रही थीं, गहरे गले का शलवार कुर्ता था, दुपट्टा नीचे गिर गया, झुकने से उनके बड़े-बड़े स्तन आधे से ज्यादा बाहर दिख रहे थे। कमरान अंकल की नजरें वहीं जमी हुई थीं, बाजी को सब पता था, फिर भी मुस्कुरा रही थीं। अचानक बाजी बोलीं, “अगर आपने दिल भर के मेरे बूब्स देख लिए हों तो चाय का कप ले लीजिए, मैं कब तक ऐसे झुकी रहूँगी।” कमरान अंकल हँसे, “अभी ऐसे ही खड़ी रहो जान-ए-मान, जब तक मेरा खड़ा न हो जाए।”

बाजी मुस्कुराईं, “पहले चाय ले लीजिए, फिर दिल भर के देखिएगा।” कमरान अंकल ने कप साइड में रखा और बाजी को खींच कर अपनी गोद में बिठा लिया, दोनों हाथों से स्तन दबाने लगे। बाजी ने खुद उनके होंठ अपने होंठों से मिला दिए, लंबा गहरा चुंबन लिया और फुसफुसाईं, “अभी कुछ नहीं हो सकता, कोई आ जाएगा, पूरी रात आपकी हूँ, चाहे मेरा दूध पिएँ या जो मन करे करिए, बस रात तक इंतज़ार कीजिए।” कमरान अंकल ने जोर से दबाया तो बाजी के मुँह से सिसकारी निकली, आह्ह्ह्ह, फिर एक और लंबा किस हुआ और बाजी उठ गईं। मैं तुरंत अपने कमरे में भाग आया।

उस पल मुझे मोहल्ले के लड़कों की हर बात सच लगने लगी। मुझे गुस्सा नहीं आया, बल्कि रोमांच हुआ। मैं खुद कई बार बाजी के नाम की मुठ मार चुका था, अब मुझे रात का बेसब्री से इंतज़ार था। मैंने ठान लिया था कि अपनी बहन को चुदवाते हुए ज़रूर देखूँगा।

रात का खाना खत्म हुआ, चाय पी, थोड़ी देर बैठा रहा फिर पढ़ाई का बहाना करके कमरे में आ गया। मेरा और बाजी का कमरा बगल में था, बीच में एक कॉमन दरवाजा था जिसके कीहोल से सब साफ दिखता था। मैं दुआ माँग रहा था कि कमरान अंकल बाजी के कमरे में ही आएँ। मेरी दुआ कबूल हुई। रात को हल्की दस्तक हुई, मैं फौरन कीहोल पर आँख लगा कर बैठ गया।

अंदर बाजी सिर्फ ब्रा-पैंटी में थीं, एक पारदर्शी सेक्सी नाइटी पहन रही थीं। फिर दस्तक हुई, बाजी ने नाइटी पहन कर दरवाजा खोला। कमरान अंकल अंदर आए, दरवाजा बंद हुआ और दोनों एक-दूसरे से लिपट गए। किस करते हुए आह्ह्ह्ह, उम्ह्ह्ह्ह की आवाजें आने लगीं। कमरान अंकल ने बाजी को गोद में उठाया और बेड तक लाए, प्यार से नाइटी उतारी, फिर ब्रा और पैंटी भी। बाजी बिलकुल नंगी थीं। कमरान अंकल खड़े होकर देखते रहे। बाजी मुस्कुराईं, “ऐसे क्या देख रहे हैं?” कमरान अंकल बोले, “तुम्हारा जिस्म कमाल का है, मैं कितना खुशकिस्मत हूँ कि आज रात तुम मेरी हो।” बाजी ने उनका हाथ खींचा, वो बाजी पर गिर पड़े। बाजी फुसफुसाईं, “सिर्फ देखेंगे या प्यार भी करेंगे?”

कमरान अंकल ने किस करना शुरू किया, फिर बाजी के स्तनों पर टूट पड़े, पागलों की तरह चूमा, चाटा, चूसा। बाजी के मुँह से बस आह्ह्ह्ह्ह, ओह्ह्ह्ह्ह, उइइइइ माँँँ, कमरान अंकल, जोर से, आह्ह्ह्ह्ह की आवाजें निकल रही थीं। काफी देर स्तन चाटने के बाद वो नीचे आए, बाजी की चूत को जीभ से चाटने लगे। बाजी तड़प उठीं, आह्ह्ह्ह्ह, बस करो, आह्ह्ह्ह्ह, उइइइइईई, कुछ ही देर में बिना चुदे ही झड़ गईं। सिसकते हुए बोलीं, “अब और मत तड़पाओ, चोद दो मुझे।”

कमरान अंकल मुस्कुराए, अपने सारे कपड़े उतारे। उनका लंड देख कर मैं भी दंग रह गया, दस इंच लंबा, तीन इंच मोटा, एकदम लोहे जैसा तना हुआ। बाजी भी हैरान, “उफ्फ्फ्फ इतना बड़ा, आज तो मेरी चूत फट जाएगी।” कमरान अंकल बोले, “जो भी हो, बर्दाश्त करना पड़ेगा।” बाजी बोलीं, “कब इंकार किया है मैंने।” बाजी ने उनका लंड पकड़ा, जीभ से चाटने लगीं, फिर मुँह में लिया, ग्ग्ग्ग्ग, गों गों गों, गी गी गी, पूरा मुँह भर गया, फिर भी कोशिश करती रहीं। काफी देर चूसने के बाद कमरान अंकल ने रोका।

फिर कमरान अंकल लेट गए, बाजी को अपने ऊपर बिठाया और नीचे से जोर-जोर से धक्के मारने लगे। बाजी ऊपर उछल रही थीं, उनके फुटबॉल जैसे स्तन हिल रहे थे, आह्ह्ह्ह, ह्ह्ह्ह्ह, ओह्ह्ह्ह येस, कमरान अंकल, जोर से, आह्ह्ह्ह्ह। इस पोजीशन में पूरे पैंतालीस मिनट तक चुदाई चली। फिर बाजी को डॉगी स्टाइल में खड़ा किया। बाजी चारों घुटनों पर आ गईं, कमरान अंकल ने बिना क्रीम के एक जोर का धक्का मारा, आधा लंड अंदर, बाजी चीखीं, आआआआह्ह्ह्ह माँँँ मर गई। कमरान अंकल हँसे, “अभी तो आधा गया है।” दूसरा धक्का, पूरा लंड अंदर तक। बाजी की चीख कमरे में गूँज गई, आआआआह्ह्ह्ह्ह, उइइइइ माँँँँ, फट गई। फिर कमरान अंकल ने रफ्तार पकड़ी, पच्चीस मिनट तक लगातार ठोका। बाजी दो बार झड़ीं। लंड निकाला तो उस पर खून लगा था। बाजी निढाल होकर गिर पड़ीं।

फिर गांड मारी, चार धक्कों में पूरा लंड अंदर, बाजी फिर चीखीं, आह्ह्ह्ह्ह मार डाला। तीस मिनट गांड मारी। फिर बाजी को ऊपर बिठाया, फिर पैर उठा कर गांड में ही ठोका। पूरे दो घंटे बाद कमरान अंकल ने लंड निकाला और बाजी के मुँह-चेहरे पर मोटी-मोटी धारें छोड़ीं। बाजी ने सारा चाट लिया। फिर दोनों बाथरूम गए, नहलाया, वापस आए तो कमरान अंकल ने पूछा, “पहली बार किसने चोदा था?” बाजी ने अपनी पूरी कहानी सुना दी, नौ साल की उम्र में घर के नौकर ने, फिर ट्यूशन टीचर, फिर कॉलेज के सारे टीचर, प्रिंसिपल, स्टाफ, स्टूडेंट्स, मोहल्ले के सारे लड़के, ऑफिस के बॉस और सहकर्मी, सबने चोद रखा था।

उस रात कमरान अंकल ने बाजी को सुबह साढ़े छह बजे तक चोदा, बीच-बीच में नहलाते हुए भी चुदाई की। सुबह सात बजे कमरान अंकल और पापा निकल गए। बाजी तबीयत खराब का बहाना बना कर सोने चली गईं। मैं भी बाजी के नाम की मुठ मार कर कॉलेज चला गया, मन में बस एक ही ख्याल था, बहुत जल्द मैं भी अपनी बहन को चोदूँगा।

Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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