Bhai ne behen ko pakad kar choda sex story, bro sis chudai kahani sex story, bro sis porn sex story: मेरा नाम हिमानी सिंह है। मैं पानीपत की रहने वाली हूं। आज मेरी उम्र 28 साल है और मेरा फिगर 34-28-38 का है। मेरी गोरी त्वचा, भरी हुई चूचियां और मोटी गांड की वजह से घर में भी नजरें टिक जाती हैं। लेकिन ये कहानी उस समय की है जब मैं 18-19 साल की थी। उस वक्त मेरी जवान होती देह में सेक्स की आग लग चुकी थी।
कहानी का पिछला भाग: मौसेरे भाई का मोटा लंड मेरी पहली चुदाई में खून निकाला
पिछली कहानी में आपने पढ़ा था कि मौसेरे भाई सोनू ने मेरी कुंवारी चूत फाड़ दी थी। पहली बार दर्द हुआ था, लेकिन बाद में मजा इतना आया कि मैं रोज उसकी याद में चूत में उंगली करने लगी। घर लौटने के बाद भी वो आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी।
जब हम मौसा जी के घर से वापस आए तो मम्मी की चुदाई की बातें मेरे दिमाग में घूमने लगीं। मैंने सुना था कि मेरे पापा मेरे असली पापा नहीं हैं। मैं मम्मी के पुराने बॉयफ्रेंड की बेटी हूं। राहुल और कोमल मम्मी के बुआ के लड़के के लंड से पैदा हुए हैं। यानी राहुल मेरा सगा भाई नहीं है। ये सुनकर मेरे मन में एक नया ख्याल आया। अगर वो सगा नहीं है, तो मैं घर में ही लंड क्यों नहीं ले लूं।
धीरे-धीरे मेरी चूचियां और बड़ी हो गईं। गांड भी मोटी और गोल हो गई। मैं चुपके-चुपके मम्मी को चुदाई देखती रहती। पापा दुकान पर जाते तो मम्मी अपने किसी नए बॉयफ्रेंड को घर बुला लेतीं। मैं स्कूल से जल्दी आ जाती या हाफडे पर तो लाइव चुदाई का मजा ले लेती। मम्मी की चीखें, आहें और लंड के धक्कों की आवाजें सुनकर मेरी चूत टपकने लगती। गाजर-मूली से काम नहीं चल रहा था। मुझे असली गर्म लंड चाहिए था।
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
स्कूल गर्ल्स स्कूल था। आसपास के लड़के या तो बड़े थे या अच्छे नहीं लगते। फिर मैंने सोचा, घर में ही लंड है। राहुल मेरा भाई नहीं है, तो क्या फर्क पड़ता है। मैंने प्लान बनाया। घर में ब्रा-पैंटी पहनना बंद कर दिया। ज्यादातर टाइट टॉप और छोटी स्कर्ट पहनती।
जब हम लूडो या कोई गेम खेलते, तो मैं जान-बूझकर एक घुटना मोड़कर ऊपर कर लेती। मेरी चूत साफ दिखने लगती। राहुल नजर बचाकर देखता, फिर झट से नजर हटाता। मुझे पता था वो देख रहा है। मैं अनजान बनकर बैठी रहती।
कई बार मैं जानबूझकर चीजें गिरा देती और झुककर उठाती। टॉप ढीला होने से चूचियां लगभग बाहर आ जातीं। राहुल की आंखें फटी रह जातीं। मैं मुस्कुराकर उठती और चल देती।
कुछ दिन ऐसे ही बीते। मैं सोच रही थी कि कौन पहले पहल करेगा। मैं अपने कमरे का दरवाजा कभी लॉक नहीं करती। रात को भी नहीं।
एक रात करीब 1-2 बजे की बात है। मैंने सिर्फ छोटी स्कर्ट और पतला टॉप पहना था। अंदर कुछ नहीं। मैं गहरी नींद का नाटक कर रही थी। राहुल चुपके से कमरे में आया। उसने मुझे धीरे से हिलाया, “दीदी…” मैंने कोई जवाब नहीं दिया।
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
उसने फिर हिलाया। मैं चुप। उसे लगा मैं गहरी नींद में हूं। उसने धीरे से मेरी चूची पर हाथ रखा। पहले हल्का दबाया। फिर जोर से मसलने लगा। मेरी चूचियां नरम और भरी थीं। वो दोनों हाथों से मसल रहा था। निप्पल को पिंच कर रहा था। मेरी सांसें तेज हो गईं, लेकिन मैं चुप रही।
फिर उसने मेरा टॉप ऊपर किया। स्कर्ट भी ऊपर कर दी। मेरी नंगी चूचियां और चूत उसके सामने थीं। वो चूचियों से खेलता रहा। फिर हाथ नीचे ले गया। मेरी चूत की दरार में उंगली फेरने लगा। मेरी चूत पहले से गीली थी। वो धीरे-धीरे छेद तक पहुंचा। उंगली अंदर डाली। पूरी उंगली सरक गई। वो घबरा गया और निकाल ली।
एक मिनट बाद फिर डाली। इस बार टांगें फैलाईं। दो उंगलियां डालकर तेज-तेज अंदर-बाहर करने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मन कर रहा था गांड उठाकर साथ दूं, लेकिन मैं चुप रही। वो उंगलियां डालता, फिर चूत चाटता। जीभ से क्लिट को चाटता। मैं सिहर रही थी।
फिर उसने हिम्मत की। टांगें और फैलाईं। मुंह चूत पर रख दिया। जोर-जोर से चाटने लगा। 5 मिनट तक चाटा। मेरी चूत से रस टपक रहा था। वो सब चाट रहा था।
फिर उसने अपना लंड निकाला। मेरे हाथ में पकड़ाया और मुट्ठी बंद करवाई। लंड ऊपर-नीचे करवाने लगा। राहुल का लंड उस उम्र में ही 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था। गर्म और सख्त।
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
कुछ देर बाद लंड मेरे होंठों पर रखा। मैंने मुंह ढीला छोड़ दिया। उसने सुपारा अंदर डाला। धीरे-धीरे मुंह चोदने लगा। साथ चूचियां दबाता रहा। 5 मिनट बाद मेरे मुंह में झड़ गया। आधा रस मुंह में, आधा बाहर। बाकी चूत पर डाला। उंगली से रस उठाकर मुंह में डालता रहा।
फिर कपड़े ठीक किए और चला गया। मैंने मुंह का रस पी लिया और सो गई।
अगला दिन संडे था। पापा दुकान गए। मम्मी बाथरूम में थीं। मैं राहुल के कमरे में गई। चादर के ऊपर लंड का उभार दिख रहा था। चादर उठाई तो चड्डी नहीं पहनी थी। लंड खड़ा था। मन किया मुंह में ले लूं, लेकिन वक्त का इंतजार किया।
मम्मी ने नाश्ता बनाया। उन्हें बाहर जाना था। जाते वक्त बोलीं, “दोपहर का खाना बना लो, सब्जी है, बना कर खा लेना।” मैंने कहा, “ठीक है।”
अब घर में सिर्फ मैं और राहुल थे। कोमल छोटी थी, वो सो रही थी। मैंने नाश्ता लगाया और राहुल को जगाया। “उठो भाई, नाश्ता कर लो।”
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
मैं वही स्कर्ट पहने थी, बिना पैंटी। बेड पर पैर मोड़कर बैठ गई। नाश्ता करते वक्त पैर ऊपर किया। चूत साफ दिख रही थी। राहुल नजर बचाकर देख रहा था।
नाश्ता खत्म कर मैं बर्तन रखने गई। फिर मिनी स्कर्ट पहनी, जो बहुत छोटी थी। झुकते ही गांड और चूत दिख जाती। मैंने लिपस्टिक गांड में डाल ली ताकि झुकते वक्त दिखे।
नीचे टीवी रूम में पोंछा लगाने लगी। भाई के सामने झुककर पोंछा लगाया। चूचियां हिल रही थीं। फिर कोने में झुकी। चूत और गांड साफ दिख रही थी। लिपस्टिक गांड में चमक रही थी।
फिर मैं बाथरूम गई। तौलिया जानबूझकर नहीं लिया। अलमारी में तौलिया रखा था, उसके नीचे मेरी गीली पैंटी रखी, जिसमें मेरी चूत की खुशबू थी।
बाथरूम का दरवाजा नीचे से थोड़ा ऊंचा था। नीचे से झांककर सब दिखता था। मैंने कपड़े उतारे। गेट के सामने बैठकर चूत में उंगली करने लगी। गांड में लिपस्टिक अंदर-बाहर। राहुल बाहर से झांक रहा था। उसकी परछाई दिख रही थी।
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
फिर मैंने नहाना शुरू किया। आवाज दी, “भाई, तौलिया दे दो, भूल गई। रूम में होगा।”
राहुल तौलिया लेकर आया। मैंने आधा शरीर गेट के पीछे रखा, आधा दिखा। भीगी चूचियां और चूत दिख रही थीं। राहुल का सब्र टूट गया। वो अंदर घुसा। मेरी चूचियां दबाने लगा।
मैंने पीछे धकेला, “ये क्या कर रहे हो… बाहर निकलो।”
वो नहीं माना। हाफ लोअर उतारा। मुझे पीछे से पकड़ा। लंड गांड की दरार में रगड़ रहा था। थोड़ा नीचे झुका। लंड चूत में घुसा दिया। धक्के मारने लगा।
मैं बोली, “हटो… ये क्या कर रहे हो… मैं तुम्हारी बहन हूं।” लेकिन मजा आ रहा था। मैं हटाने की कोशिश नहीं कर रही थी।
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
राहुल बोला, “बस दीदी… थोड़ा सा… बस थोड़ा और…”
वो जोर-जोर से धक्के मार रहा था। लंड पूरा अंदर-बाहर। मेरी चूत रसीली हो गई। 5 मिनट में चूत में झड़ गया। फिर भी धक्के मारता रहा।
फिर लंड निकाला और बाहर चला गया। मैं 2 मिनट अंदर रुकी। तौलिया लपेटकर बाहर आई।
राहुल मेरे कमरे में बैठा था। मैंने कहा, “तुमने ऐसा क्यों किया? मैं तुम्हारी बहन हूं। ये गलत है।”
वो बोला, “दीदी सॉरी… आप बहुत सुंदर हो। जब देखता हूं तो कंट्रोल नहीं होता।”
आप यह Bhai-Bahan Chudai Kahani | भाई बहन की चुदाई हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
मैंने कहा, “ठीक है, इस बार चुप हूं। लेकिन अगली बार ऐसा मत करना। अगर कंट्रोल न हो तो मुझसे कहना।”
आगे की कहानी अगले भाग में।
कहानी का अगला भाग: मम्मी के पास भाई ने दीदी की चूत में अंगूठा घुसाया
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए
Related Posts