ये कहानी कुछ साल पहले की है जब मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। जिस कंपनी में मैं काम करता था उसके बॉस मुझे बहुत मानते थे। मैं अपनी काबिलियत के बल पर उनका असिस्टेंट बन गया था।
कुछ ही दिनों में मैं उनकी फैमिली से काफी घुलमिल गया था। उनकी एक लड़की थी जिसका नाम किरण था और उसकी उम्र लगभग बाईस साल की थी। अब मेरी निगाहें उस पर थीं। वो हद से ज्यादा सेक्सी थी और इतनी सुंदर थी कि जिस दिन से मैंने उसे देखा था मेरा मन उसी दिन से आ गया था। वो भी मुझे बहुत ध्यान से देखने लगी थी।
एक रात को जब मैं अपने कमरे में रात को पहुंचा तो कुछ देर के बाद किरण मेरे लिए खाना लेकर आई। तब रात के ग्यारह बज रहे थे। उस वक्त उसने नाइटी पहन रखा था। वो मेरे पास आकर बैठ गई और बोली सामी आज मेरे घर में सब सो रहे हैं और यहां मेरे और तुम्हारे अलावा और कोई भी नहीं है। तुम भी जवान हो मैं भी जवान हूं। मैंने अपनी सहेलियों से सेक्स के बारे में बहुत कुछ सुना है। आज मैं देखने चाहती हूं कि सेक्स करने में कितना मजा आता है।
मैंने जब ये बात उसके मुंह से सुनी तब मुझे पता चला कि सिर्फ मैं ही नहीं वो भी मुझे चाहती थी। मैं अभी कुछ रिस्क लेना नहीं चाहता था। सो मैंने उसे कहा कि देखो तुम मेरे लिए छोटी हो। मैंने उसे समझाया लेकिन जब वो नहीं मानी तो मैंने उससे बोला कि ठीक है हम ये तब करेंगे जब उसके मम्मी और डैडी यहां नहीं होंगे। वो उस रात चली गई। अब मैं उस दिन का इंतजार करने लगा कि जिस दिन बॉस अपनी वाइफ को लेकर एक दिन के लिए भी आउट ऑफ स्टेशन जाएं।
एक दिन बॉस को अपनी वाइफ के साथ अपने एक रिलेटिव के पास जाना था। वो अपनी वाइफ को साथ लेकर आउट ऑफ स्टेशन चले गए। जाते वक्त वो मुझसे बोले सामी घर का ख्याल रखना और मेरे वापस आने तक रात को यहीं सोना। मैंने कहा ठीक है सर। मैं उन लोगों को स्टेशन छोड़ने के लिए गया। मैं रात को छोड़ के वापस आने लगा तो रास्ते से ब्लू मूवी की एक सीडी लेकर आया।
जब मैं कमरे पर पहुंचा तो किरण ने खाना खाने के लिए बुलाया। किरण ने भी मेरे साथ बैठ के खाना खाया। खाना खाने के बाद जब ये देखने के लिए कि वो मुझे रोकती है कि नहीं मैं बाहर सोने जाने लगा तो किरण ने कहा मुझे अकेले में डर लगता है। मुझे तो मन मांगी मुराद मिल रही थी भला मैं क्यों इनकार करने लगा। मैंने कहा ठीक है। मैंने जो कुछ सोचा नहीं था वो अचानक हो गया।
रात के ग्यारह बजे किरण आकर मुझसे बोली सामी मैं जानती हूं यू आर इंटरेस्टेड इन मी और तुमको आज मुझे चोदना पड़ेगा। मैंने कहा मेरा लंड बहुत लंबा और मोटा है। तुम अभी बच्ची हो और कुंवारी हो। तुम्हारी चूत एकदम छोटी है। तुम मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर नहीं ले पाओगी। तुम्हारी चूत फट जाएगी।
किरण बोली तुम अभी मुझे बच्ची समझ रहे हो। मैंने तुमसे ऐसे ही थोड़े ना चुदवाने के लिए कहा है। मैंने अपने कई बॉयफ्रेंड से चुदवाया है। मैं सात इंच लंबा लंड भी अपनी चूत के अंदर ले चुकी हूं। मैंने कहा ठीक है तुमने अपने कई बॉयफ्रेंड से चुदवाया होगा और सात इंच लंबा लंड भी अंदर ले चुकी हो लेकिन तुमने मेरे लंड को देखा नहीं है। अगर देख लोगी तो अपना इरादा बदल दोगी।
किरण और ज्यादा जोश में आ गई और बोली तुम अपना कपड़े खोलो मैं अभी तुम्हारा लंड देखना चाहती हूं जिस पर तुमको इतना नाज है। मैं तो किरण को चोदना चाहता ही था इसलिए मैंने तुरंत अपना पेंट और अंडरवियर दोनों उतार दिए। किरण मेरे लंड को देख कर बोली वाह क्या तगड़ा लंड पाया है तुमने मैं तो इसको जरूर अपनी चूत के अंदर लूंगी। मुझे तुम्हारे लंड से चुदवाने में बहुत मजा आएगा।
किरण ने कपड़े उतारने शुरू कर दिए। उसने पहले अपना ब्लाउज उतारा और फिर ब्रा को खोल दी। ब्रा के खुलते ही उसकी चुचियां बाहर आईं तो मैं तो देखता ही रह गया। उसकी चुचियां एकदम गोरी और छोटी छोटी थीं। उसके निप्पल भूरे थे और बहुत छोटे थे। मैंने उसके निप्पल को अपनी उंगलियों से मसलना शुरू कर दिया तो वो सिसकियां भरने लगी। किरण ने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया। मैंने अपने होठ उसके होठों पर रख दिए।
थोड़ी देर बाद मैंने उसकी स्कर्ट भी उतार दी। उसकी चिकनी जांघें देख कर मुझे और जोश आ गया। मैं उसकी जांघों को सहलाने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी। जैसे ही मैंने उसकी पैंटी उतारी तो मैं आंखें फाड़े हुए उसकी चूत को देखता रह गया। उसकी चिकनी और गोरी चूत देख कर मेरा लंड और तन गया। उसकी चूत को देख कर नहीं लग रहा था कि वो चुदवा चुकी है। उसकी चूत पर अभी ठीक से बाल भी नहीं उगे थे।
मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू किया तो वो और जोश में आने लगी और कुछ देर बाद बोली ओह सामी तुम कितने अच्छे हो। मुझे अब बरदाश्त नहीं होता। जल्दी चोदो मुझे। मैं तुम्हारा पूरा लंड अपनी चूत की गहराई तक लेना चाहती हूं। डालो इसे मेरी चूत में और फाड़ दो मेरी चूत को।
वो इतनी जोश में आ गई थी कि तुरंत ही जमीन पर डॉगी स्टाइल में हो गई और बोली सामी अब जल्दी से मेरी चुदाई करो। एक झटके से ही डाल दो अपना पूरा लंड मेरी चूत में। मेरे चिल्लाने की तुम कोई परवाह मत करना। मुझे तकलीफ देने वाली चुदाई बहुत पसंद है। यहां मेरे और तुम्हारे अलावा कोई नहीं है।
मैं उसके पीछे आ गया और बिना देर किए अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के बीच फंसा दिया। वो बोली देखते क्या हो एक ही धक्के में घुसा दो अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर। मैंने अपने लंड को उसकी चूत में घुसाना शुरू किया। मेरा लंड अभी तक उसकी चूत में दो इंच ही घुसा था कि वो चिल्लाने लगी। मैंने कहा तुमने तो सात इंच लंबा लंड अंदर लिया है। तुमने कई लड़कों से चुदवाया भी है तो फिर इतना चिल्ला क्यों रही हो। मेरा लंड तो अभी तुम्हारी चूत में शायद दो इंच ही घुसा है।
वो बोली तुम्हारा लंड मोटा बहुत है इसलिए दर्द हो रहा है। उन सब का लंड इतना मोटा नहीं था। मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाल लिया तो वो बोली मैंने तुमसे कहा था ना रुकना मत तुम रुक क्यों गए डालो अपना पूरा लंड मेरी चूत में। चोदो तेजी के साथ मुझको। मैं और जोश में आ गया और अपने लंड को उसकी चूत में घुसाने लगा। वो चिल्ला रही थी और मैंने उसकी कोई परवाह ना करते हुए बड़ी बेरहमी के साथ एक जोरदार धक्का मारा। वो और जोर से चिल्लाई।
अभी तक मेरा लंड उसकी चूत में केवल पांच इंच तक ही घुस पाया था। मैंने उसके चिल्लाने की कोई परवाह नहीं की और बेदर्दी के साथ उसकी चूत में अपने लंड को घुसाने की कोशिश करता रहा। वो और तेज चिल्लाने लगी और अपना सिर इधर उधर मारने लगी। मैंने उसकी कोई परवाह नहीं की और उसकी चूत में लंड को घुसाना जारी रखा। कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया और उसकी चूत से थोड़ा खून भी निकल आया। पूरा लंड उसकी चूत में घुसाने के बाद भी मैं रुका नहीं और तेजी से उसकी चुदाई शुरू कर दी। वो और तेज चिल्लाने लगी लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह नहीं की।
थोड़ी देर बाद जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो वो शांत हो गई। अब उसको भी मजा आने लगा था। वो और तेज और तेज चिल्लाने लगी तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी। लगभग बीस मिनट तक चोदने के बाद मेरे लंड ने पानी उगल दिया और उसकी चूत एकदम भर गई। इस बीच वो भी तीन बार झड़ चुकी थी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो वो उसे चाट चाट कर साफ करने लगी। उसके बाद हम दोनों लेट कर आराम करने लगे। इस बीच वो मेरा होठ चूमती रही।
थोड़ी देर बाद वो बोली सामी आज मैं बहुत खुश हूं क्योंकि मुझे एक अच्छे लंड से चुदवाने का मौका मिला। तुमने भी मेरी चुदाई अच्छी तरह से की है। मैं इसे जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। मैंने कहा मैंने जब तुझे पहली बार देखा था तो उसी दिन से सोचने लगा था कि जब तुम्हारा चेहरा इतना सुंदर है तो चूत तो और ही अच्छी होगी। मैं तब से ही तुमको चोदने की सोच रहा था। तुमको चोदने की तमन्ना तो अब पूरी हो गई।
दस मिनट तक आराम करने के बाद वो अपने कपड़े पहनने लगी तो मैंने कहा किरण प्लीज एक बार और। वो बोली अच्छा ठीक है लेकिन जल्दी करना। बहुत दर्द होता है। मैं तो अब उसकी गांड मारना चाहता था। मैंने उससे कहा किरण मुझे हाथ पैर बांध कर चोदने में बहुत मजा आता है। अगर तुम कहो तो मैं तुम्हारा हाथ पैर बांध कर एक बार चोद लूं।
वो बोली सामी तुम्हारे लंड से चुदवाने में मुझे बहुत मजा आया है इसलिए मैं इनकार नहीं कर सकती। तुम जैसे चाहो अपनी इच्छा पूरी कर लो। मैंने उसे जमीन पर पीठ के बल लिटा दिया और उसके हाथ पैर बांध दिए। फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो जोश में आने लगी और बोली अब देर मत करो। जल्दी चोदो मुझे।
मैंने अपने लंड का सुपाड़ा जैसे ही उसकी गांड के छेद पर रखा तो वो बोली सामी तुम ये क्या कर रहे हो। मत मारो मेरी गांड। बहुत दर्द होगा। छोड़ दो मुझको। मेरी गांड फट जाएगी। मैं एक दो दिन तक ठीक से चलने के काबिल नहीं रहूंगी। मर जाऊंगी मैं। मैंने कहा जब तुम मेरा पूरा लंड अपनी चूत में ले सकती हो तो गांड में क्यों नहीं। हां थोड़ी तकलीफ जरूर होगी। तुमको तो तकलीफ वाली चुदाई ही पसंद है ना।
वो बोली ऐसा मैंने अपनी चूत के बारे में कहा था। तुम मम्मी के आने तक जितनी बार चाहो मेरी चूत की चुदाई कर लो पर मेरी गांड मत मारो। मैंने कहा एक बार तुम्हारी गांड मार लूं उसके बाद तो मुझे तुम्हारी मम्मी के आने तक तुम्हारे चूत की चुदाई तो करनी ही है। मैं तुम्हारी चूत को एक ही बार चोद कर नहीं छोड़ूंगा। इसे मैं कम से कम दस बार और चोदूंगा और चोद चोद कर एकदम चौड़ा कर दूंगा। फिर तुम चाहे कितने भी लड़कों से चुदवा लो तुम्हें कोई तकलीफ नहीं होगी।
मैंने उसकी गांड में अपने लंड को घुसाना शुरू कर दिया। अभी तक केवल मेरे लंड का टोपा ही घुसा था कि वो चिल्लाने लगी। मैंने उसकी चुचियों को मसलना शुरू कर दिया तो वो थोड़ा शांत हो गई। मैंने फिर एक धक्का लगा दिया और मेरा लंड उसकी गांड में दो इंच तक घुस गया। उसकी गांड से थोड़ा खून निकल आया लेकिन मैंने कोई परवाह नहीं की। उसकी गांड बहुत ही टाइट थी। कई बार की कोशिश के बाद मैंने आखिर उसकी गांड में अपना पूरा लंड घुसा ही दिया। इस दौरान बहुत चिल्लाई और अपना सर इधर उधर मार रही थी।
पूरा लंड उसकी गांड में डाले हुए मैं रुक गया और उसकी चुचियों को मसलने लगा। कुछ देर बाद जैसे ही वो शांत हुई तो मैंने धीरे धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया। वो फिर चिल्लाने लगी लेकिन मैंने धक्का लगाना बंद नहीं किया। लगभग पांच मिनट तक गांड मारने के बाद उसका दर्द कम हो गया और वो शांत हो गई। उसे अब मजा आने लगा था। मैंने लगभग बीस मिनट तक उसकी गांड मारी और उसकी गांड में ही झड़ गया। पूरा पानी उसकी गांड में निकलने के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला और हट गया। उसकी गांड किसी चूहे के बिल की तरह हो गई थी।
मैंने उसके हाथ पैर खोल दिए। वो दर्द की वजह से उठ नहीं पा रही थी। मैंने उसे उठा कर बिठा दिया और कहा मेरा लंड को मुंह में ले कर चूसो। अभी मैं तुम्हारा दर्द खत्म कर देता हूं। वो समझ गई कि मैं उसे फिर से चोदना चाहता हूं इसलिए उसने इनकार कर दिया। मैंने कहा अभी जब तुम्हारी चूत की चुदाई एक बार और कर दूंगा तो तुम्हारा सारा दर्द एकदम खत्म हो जाएगा। उसने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद जब मेरा लंड फिर से तन गया तो मैंने उसे लिटा दिया और उसे चोदने लगा। इस बार उसे बहुत मजा आया। वो अपने गांड के दर्द को भूल गई। इस बार मैंने उसे लगभग चालीस मिनट तक चोदा और उसके बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। इस दौरान वो भी तीन बार झड़ चुकी थी।
उसके डैडी मम्मी तीन दिन बाद वापस आए। उनके आने तक मैंने उसे दस बार चोदा और दो बार उसकी गांड भी मारी। अब वो मेरा लंड अपनी चूत में आराम से लेने लगी थी लेकिन गांड के अंदर लेने में उसे अभी भी कुछ तकलीफ होती थी। मैंने उससे कहा कि मैंने अब तक बहुतों के साथ सेक्स किया लेकिन तुम तो सही में लाजवाब हो।
कैसी लगी मेरी ये कहानी प्लीज थैंक्स और रिप्लाई जरूर करें।
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