Bisexual husband sex story: हाय गाइज मेरा नाम असगर है, अभी मैं अपनी बीवी की चुदाई गैर मर्द के साथ की कहानी लिख रहा हूँ, यह 7वां भाग है, अगर आपने पिछला भाग नहीं पढ़ा, तो अभी पढ़े: मैं कुकोल्ड बन गया पार्ट – 06
अब आगे की कहानी:
अहमद बोला, “जानू अब बताओ मजा आ रहा है या नहीं।”
मैं बोला, “उफ जानू बहुत आ रहा है। और चाटो उफ। ऐसा मजा कभी नहीं मिला। आह।”
अहमद बोला, “जानू ये सब के साथ नहीं करता। तू स्पेशल है। तुझे ऐसा मजा देना है कि आगे भी मेरे लिए तैयार रहे।”
मैं बोला, “आह उफ ऐसा है तो तैयार हूं मैं। अब आ जाओ लंड डाल दो प्लीज।”
अहमद बोला, “मेरी जान यही सुनना था मुझे।”
अहमद को नहीं पता था कि मेरी वाइफ हम दोनों को देख रही है और उसकी सारी बातें हरकतें देखकर उससे और भी जलन हो रही थी क्योंकि मेरी वाइफ के साथ उसने ये सब नहीं किया था। पर मेरी वाइफ मुझे मजे में देखकर खुश थी।
मैं बोला, “अहमद मुझे लगा तुम्हें गर्ल्स और आंटी पसंद हैं वरना तुम्हारा लंड मैंने देखा था मुझे पसंद भी था।”
अहमद बोला, “मेरी जान मैं बाईसेक्सुअल हूं पर मैं तेरी गांड देखने के बाद ही लड़कों का आशिक हुआ था। मुझे तू तो नहीं मिला पर काफी लड़कों को चोद चुका हूं उस दिन के बाद।”
मैं बोला, “वाह मुझे नहीं पता था मैं लड़कों को इतना अट्रैक्ट कर सकता हूं।”
अहमद बोला, “तू बना ही चुदाई के लिए है मेरी जान। ये गांड ये फिगर देखकर स्ट्रेट बंदे का भी खड़ा हो जाए।”
अहमद की बातें सुनकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अहमद फिर उठा। उसी क्रीम को फिर उसने मेरे छेद पर लगाई और फिर अपने लंड पर। और आहिस्ता से अंदर घुसाने लगा। मुझे दर्द तो हो रहा था पर बर्दाश्त करने जैसा था। पता नहीं कौन सी क्रीम अहमद ने लगाई थी। इससे कब अहमद का पूरा लंड मेरे अंदर चला गया पता नहीं चला और लेने में मजा भी आने लगा।
मैं बोला, “उफ अहमद दर्द हो रहा है पर बहुत कम। और तुम्हारा लंड भी इतना मोटा है फिर भी।”
अहमद बोला, “मेरी जान ये जो क्रीम लगाई है ना मैंने ये इसका कमाल है। इससे फर्स्ट टाइम में दर्द कम होता है। मुबारक हो आज तेरी वर्जिनिटी मैंने ले ली।”
मैं बोला, “उफ अहमद चोदो मुझे। इतना मजा आ रहा है क्या बताऊं।”
अहमद बोला, “पता है मेरी जान हर कोई यही कहता है।”
अहमद मेरी जोर-जोर से चुदाई करने लगा। उस लंड मेरी गांड में उतर चुका था। थोड़ा खून भी निकला था पर मजा इतना आ रहा था कि मैं मदहोश हो गया था। मेरी वाइफ भी दिल्डो गांड में लेकर मजे ले रही थी और मुझे देखकर हैरान भी थी कि इतनी आसानी से ये अजगर ले लिया था मैंने। असल में दोस्तों मैं कई सालों से गांड में दिल्डो या कोई ना कोई लंबी मोटी चीज लेता रहता था तो मुझे वैसे भी पता था कि अब मुझे इतना दर्द नहीं होगा और बाकी अहमद की ये क्रीम थी जिससे दर्द का पता ही नहीं था।
मैं बोला, “आह हां यस उफ अहमद और चोदो मुझे। उफ जोर से डालो मुझे। अपनी रंडी समझकर चोदो।”
अहमद बोला, “आह हां रंडी। इस गांड के लिए तूने बहुत तरपाया है। आज हाथ आई है। आज इससे पूरी रात चोदना है।”
मैं बोला, “हां प्लीज चोदो मुझे। रुको मैं ऊपर आता हूं तुम्हारे।”
अहमद लेट गया और मैं उसके लंड पर राइड करने लगा। उफ मेरी गांड में जैसे-जैसे ये लंड ऊपर नीचे हो रहा था मुझे उतना मजा आ रहा था और मैं खुद को एक फीमेल जैसा फील कर रहा था। मैं अहमद के लंड पर आधे घंटे से राइड कर रहा था तो फिर अहमद ने मुझे लिटाया और मिशनरी में चोदने लगा।
अहमद बोला, “मेरी जान मजा आ रहा है तुम्हें या नहीं।”
मैं बोला, “उफ बहुत आ रहा है। प्लीज रुको मत चोदते रहो। आह यार कॉलेज में काश नाजिम की जगह तुम होते तो आज तक पता नहीं मैं कितनी बार ऐसा मजा ले चुका होता।”
अहमद बोला, “सही कह रहा है। मैं होता तो तुझ जैसी गांड वाली रंडी को रोज चोदता और शादी भी कर लेता।”
मैं बोला, “उफ आह यस बेबी और जोर से मारो चोदो मुझे।”
अहमद ऐसे ही मुझे पूरी रात चोदता रहा। हर उस पोजीशन में उसने मुझे चोदा जैसे उसने मेरी वाइफ को चोदा था। आखिरकार अहमद झरने वाला था।
अहमद बोला, “मेरा होने वाला है। अंदर निकाल रहा हूं मैं।”
मैं बोला, “उफ बेबी निकाल दो।”
अहमद का पानी निकलता ही जा रहा था। दस मिनट तक तो बस उसका पानी निकल रहा था। मेरी गांड में पहली चुदाई और पहला इतना बड़ा लोड था।
अहमद बोला, “वाह यार आज तक इतना ज्यादा मैं कभी नहीं झरा जितना अभी झरा हूं।”
मैं अहमद को किस करते हुए बोला, “थैंक्स। मुझे भी इतना मजा कभी नहीं आया।”
अहमद बोला, “अच्छा वैसे तू गे है या बाईसेक्सुअल।”
मैं बोला, “मैं बाईसेक्सुअल हूं पर मेरी वाइफ के अलावा किसी गर्ल को नहीं चोदा और ना चोदना है।”
अहमद बोला, “अच्छा वैसे तेरी वाइफ तुझसे खुश है।”
मैं बोला, “हां हां क्यों नहीं होगी।”
अहमद बोला, “नहीं वो तेरी लुल्ली मेरी आधी होगी और भाभी को ये पूरा हो जाता होगा।”
मैं बोला, “मुझे पता है मेरा इतना बड़ा नहीं है पर मेरी वाइफ मुझसे खुश है।”
अहमद बोला, “अच्छा फिर सही है।”
अहमद की बात मुझे पता थी पर मैं उससे अभी बताना नहीं चाहता था। वैसे इसने मुझे इतना मजा दिया था कि दिल कर रहा था इससे सब बता दूं पर मेरी वाइफ का मुझे याद आया वो दूसरे रूम में ही है। हम सुबह पांच बजे सोए थे और सुबह दस बजे अहमद उठा और मुझे उठाया।
अहमद बोला, “मेरी जान अब मुझे जाना होगा। जाने से पहले एक बार चूस के लगा दे ना।”
मैं बोला, “अच्छा आ जाओ।”
मुझे रात का मजा याद था। मैंने उससे इतना मजे लेकर चूसा। पूरा लंड चाटा और बॉल्स को चूसा और लंड को पूरा मुंह में लेने लगा और इस बार ले भी लिया। अहमद मजे के मारे।
अहमद बोला, “उफ यार आह। क्या चूसता है तू जानू। थोड़ी देर और कर बस होने वाला है।”
मैं ऐसे ही सालों का प्यासा था। मैंने इतना मजे लेकर चूसा था कि बस पानी निकल गया अहमद का और पानी मेरे मुंह में ही था कि अहमद मुझे उठाकर किस करने लगा और अपने पानी को भी पीने लगा और मेरी जुबान और चाट के चूसने लगा। इतना पैशनेट किस तो मेरी वाइफ ने भी मुझे नहीं किया था। दस मिनट तक किस करने के बाद।
मैं बोला, “वाह तुम बहुत अच्छे किसर हो।”
अहमद बोला, “यार सच में अगर मेरी शादी नहीं होती तो मैं तुझसे ही शादी कर लेता।”
मैं बोला, “हाहाहा अच्छा। मेरी जान आज से मुझे अपनी वाइफ ही समझो।”
अहमद बोला, “ओके मेरी जान चलता हूं। कल मेरे घर आ सकते हो।”
मैं बोला, “रात को बताता हूं। वाइफ को भी लेने जाना है ना।”
अहमद बोला, “अच्छा ओके बाय।”
अहमद जैसे ही गया मेरी वाइफ आई और मुझे घूर-घूर के देखने लगी।
मैं बोला, “क्या हुआ?”
नाजिश बोली, “बस देख रही हूं आप लड़के ही हो।”
मैं बोला, “अरे हां तो हूं। हुआ क्या?”
नाजिश बोली, “रात को सच में आपको इतना ज्यादा मजा आया क्या?”
मैं बोला, “हां जान मजा तो बहुत आया।”
नाजिश बोली, “मुझे भी आपको चुदते देख बहुत मजा आया। मैं भी बहुत बार झरी हूं।”
मैं बोला, “अच्छा तुम्हें बुरा नहीं लगा। अहमद ने तो मुझे तुमसे भी ज्यादा मजे लेकर चोदा है।”
नाजिश बोली, “बुरा तो लगा जलन भी हुई पर आपको मजा करते देख अच्छा भी लगा। पर आपने अहमद को बताया क्यों नहीं कि आपको सब पता है हमारे बारे में।”
मैं बोला, “वो ऐसे नहीं। उससे हम सरप्राइज देंगे बाद में।”
नाजिश बोली, “ये भी ठीक है।”
दोस्तों प्लीज मुझे बताइएगा कि आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी। प्लीज बताएं आपको मेरी स्टोरी पसंद आई या नहीं और ये भी बताएं कि मैं ये स्टोरी आगे जारी करूं या नहीं।
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