टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

भाई ने बहन को अपना माल पिलाया

Behan ne lund chusa sex story: मेरी बहन का नाम शेली है और वो मुझसे 3 साल छोटी है। वो दिखने में बहुत सुंदर है। उसके बूब्स का साइज 36 है और गांड देख लो तो वही घोड़ी बना कर लंड डालने का दिल करे किसी का भी।

अब मैं अपनी स्टोरी पर आता हूं। मेरी बहन भी दिन ब दिन निखरती जा रही थी। एक दिन वो घर में अकेली थी। सब बाहर गए थे और मैं अपने कॉलेज गया था।

मेरी छुट्टी जल्दी हो जाने की वजह से मैं घर जल्दी आ गया। जब मैं घर पहुंचा तो शेली मेरे रूम में सो रही थी। शेली ने पजामा और टी शर्ट पहनी थी और उल्टी लेटी थी। जिससे मेरी बहन की 36 की गांड ऊपर थी और पेंटी की शेप नजर आ रही थी।

मैं शेली के पास गया और उसकी टी शर्ट में हाथ डाल कर कमर पर हाथ फेरने लगा। घर में भी कोई नहीं था तो मुझे ज्यादा डर नहीं लग रहा था। मैं हल्के हल्के से हाथ फेरता हुआ उसकी ब्रा तक ले गया और हुक खोल दिए।

टी शर्ट ऊपर करके मैं अपनी बहन की कमर पर अपनी जीभ फेरने लगा। इतने में शेली हिली। तभी मैं पीछे हट गया। वो सीधी हो कर लेट गई। उस टाइम मेरी बहन की निप्पल टी शर्ट के ऊपर से खड़ी हुई थी।

मैं अपनी दो उंगलियों से उसकी निप्पल मसलने लगा। और जब शेली के मुंह की तरफ देखा तो मेरी बहन अपनी आंखें जोर से बंद कर रही थी। मैं समझ गया कि मेरी प्यारी बहन जाग रही है और मजे ले रही है।

मैंने उसकी टी शर्ट ऊपर की और शेली को आवाज दी कि शेली थोड़ा ऊपर हो जाओ तो टी शर्ट और ऊपर कर दूं। उसने अपनी कमर उठाई और ऊपर हो गई। अब मैं समझ गया कि मेरी बहन पूरी गर्म है।

तो मैंने उसकी टी शर्ट गले तक ऊपर कर दी।

मैंने धीरे-धीरे कपड़े को खींचा, जिससे उसकी नरम, गर्म त्वचा धीरे-धीरे उजागर होती गई। टी शर्ट उसके सिर की तरफ सरकते हुए उसकी पूरी छाती को खोल रही थी। फिर मैंने ब्रा के ऊपर से ही बूब्स पकड़े और मसलने लगा।

मेरे दोनों हाथों में उसके नरम, भरे हुए बूब्स आ गए। मैंने उन्हें हल्के से दबाया, उनकी गर्माहट और लचक को महसूस करते हुए। मेरी उंगलियां ब्रा की पतली कपड़े के ऊपर से ही उनकी गोलाई को सहलाती रहीं। मैं उन्हें धीरे-धीरे मसलता रहा, कभी हल्का दबाव बढ़ाता तो कभी कम करता। उसके बूब्स मेरी हथेलियों में दबते-फैलते महसूस हो रहे थे।

2 मिनट मसलने के बाद मैंने ब्रा को भी ऊपर किया और अपनी बहन के गोरे गोरे बूब्स मसलने लगा और लाइट ब्राउन चूची चूसने लगा।

मैंने ब्रा का हुक पहले ही खोला हुआ था, इसलिए उसे आसानी से ऊपर सरका दिया। अब उसके गोरे, चिकने बूब्स पूरी तरह खुले हुए थे। उनकी हल्की गुलाबी नसें दिख रही थीं और बीच में हल्के ब्राउन रंग की चूचियां सख्त होकर खड़ी थीं। मैंने दोनों हाथों से उन्हें जोर से पकड़ लिया और मसलने लगा। मेरी उंगलियां उनकी नरम मांसलता में धंस रही थीं। फिर मैंने झुककर एक चूची को अपने मुंह में ले लिया। मैंने उसे होंठों से चूसा, जीभ से चारों तरफ घुमाया और हल्के से काटा भी। दूसरी चूची को अपनी उंगलियों से मसलता रहा। शेली की सांसें तेज हो रही थीं और उसका शरीर हल्का-हल्का कांप रहा था।

फिर मैंने उसकी टी शर्ट और ब्रा उतार दी।

मैंने दोनों कपड़ों को धीरे-धीरे उसके सिर के ऊपर से निकाला। टी शर्ट और ब्रा पूरी तरह हटते ही मेरी बहन की ऊपरी देह पूरी तरह नंगी हो गई। उसकी गोरी, चिकनी त्वचा हल्की रोशनी में चमक रही थी। उसके भरे हुए, गोल बूब्स अब पूरी आजादी से ऊपर-नीचे हिल रहे थे। मेरी बहन ऊपर से नंगी थी।

और मैंने अपना लंड निकाल लिया और शेली की आंखों के ऊपर कर दिया।

मेरा 7 इंच लंबा, मोटा लंड पूरी तरह सख्त हो चुका था। उसकी नसें फूल रही थीं और टोपा चमकदार हो रहा था। मैंने उसे उसके चेहरे के ठीक ऊपर लटका दिया, जिससे उसकी आंखों के पास ही मेरे लंड की गर्माहट महसूस हो रही थी। और बोला बहन आंखें खोलो।

जैसे ही उसने आंखें खोली मेरा 7 इंच का लंबा लंड देख कर दंग रह गई।

उसकी आंखें चौड़ी हो गईं और उसके होंठ थोड़े से खुले। वह कुछ पल तक सिर्फ स्तब्ध होकर उसे देखती रही। उसकी सांसें तेज हो चुकी थीं। मैंने कहा इसे पकड़ो।

उसने अपने हाथों से मेरा लंड पकड़ा।

उसके नरम, गर्म हाथ मेरे सख्त लंड पर लिपट गए। उसने धीरे से अपनी उंगलियों को उसके चारों तरफ लपेट लिया और हल्का दबाव दिया। और एक किस की जैसे साली इस काम में एक्सपर्ट हो।

तो मैं अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ने लगा।

मैंने अपने लंड को उसके गालों पर, होंठों पर और नाक पर धीरे-धीरे रगड़ा। उसकी नरम त्वचा पर मेरे लंड का गर्म, सख्त स्पर्श महसूस हो रहा था। मेरी बहन ने अपना मुंह खोला और लंड के टोपे को मुंह में लेकर चूसने लगी।

उसने पहले अपने गीले होंठों से मेरे लंड के टोपे को चूमा, फिर जीभ निकालकर उसके चारों तरफ घुमाने लगी। वह धीरे-धीरे चूस रही थी, जिससे उसके मुंह की गर्मी और नमी मेरे लंड में समा रही थी। फिर मैंने हल्के हल्के झटकों के साथ अपनी बहन का मुंह चोदने लगा।

मैं धीरे-धीरे आगे-पीछे हिलने लगा, जिससे मेरा लंड उसके मुंह में थोड़ा-थोड़ा अंदर-बाहर होने लगा। उसके गाल हल्के से फूल रहे थे। मैं अपना आधा लंड ही अपनी बहन के मुंह में दे रहा था।

फिर मैंने अपना लंड शेली के मुंह से निकाला।

मेरा लंड उसके गीले, गर्म होंठों से बाहर आया। उसके मुंह से लार की एक पतली डोर उसके टोपे तक जुड़ी रही, जो धीरे-धीरे टूट गई। लंड पूरी तरह चमक रहा था और उस पर उसकी थूक की नमी चिपकी हुई थी। मैंने उसे एक बार हिलाया और फिर नीचे देखा। और उसके पजामे को नीचे सरका कर उतार दिया।

मैंने दोनों हाथों से पजामे की नाड़ी खोली और उसे धीरे-धीरे उसकी जांघों के नीचे सरकाया। उसकी नरम, गोरी जांघें हल्की-हल्की कांप रही थीं। पजामा पूरी तरह उतरते ही उसकी निचली देह सिर्फ पेंटी में रह गई। मेरी बहन ने रेड पेंटी पहनी थी जो गीली थी।

मैंने पेंटी की साइड से हाथ डाल कर चूत रगड़ने लगा।

मेरी उंगलियां उसके गर्म, नरम चूत के ऊपरी हिस्से पर पहुंचीं। पेंटी का कपड़ा पहले से ही उसके रस से भीगा हुआ था। मैंने दो उंगलियों से उसकी चूत की फांकों को धीरे-धीरे रगड़ा। उसकी गीली गर्माहट और चिपचिपी नमी मेरी उंगलियों पर लग रही थी। हर रगड़ के साथ उसका शरीर हल्का सा उठ रहा था।

शेली ऊहह भैया आआहह मुझे कुछ हो रहा है प्लीज करते रहो आहह करती रही।

उसकी आवाजें कंपकंपा रही थीं। उसकी आंखें आधी बंद थीं और चेहरा गुलाबी हो गया था। फिर मैंने अपना हाथ पेंटी से बाहर निकाल लिया और पेंटी भी उतार दी।

मैंने पेंटी को दोनों तरफ से पकड़कर नीचे खींचा। उसकी टाइट, गुलाबी चूत अब पूरी तरह नंगी हो गई। मेरी बहन की चूत एकदम टाइट थी। उस पर छोटे छोटे बाल थे।

मैंने अपनी एक उंगली उसमें डाली तो शेली चिल्लाई।

जैसे ही मेरी मोटी उंगली उसकी संकीर्ण चूत में घुसी, उसकी दीवारें मेरी उंगली को जकड़ने लगीं। उसकी चूत अंदर से बहुत गर्म और चिपचिपी थी। शेली ने जोर से चीख मारी और उसका शरीर एकदम तन गया। फिर मैं अपनी बहन की चूत को चाटने लगा और अपनी जीभ भी अंदर करने लगा।

मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर रखा और जीभ से ऊपर से नीचे तक चाटा। उसका मीठा-नमकीन रस मेरी जीभ पर फैल गया। मैंने जीभ को अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगा। मेरी बहन के मुंह से आआह ऊहह भैया और अंदर जीभ डालो भैया आहह जैसी आवाजें आ रही थीं।

उसकी आवाजें तेज होती जा रही थीं। उसकी जांघें मेरे सिर के दोनों तरफ कांप रही थीं और उसकी उंगलियां बिस्तर को जकड़े हुए थीं। मेरी बहन झड़ने वाली थी तो मैंने चूत चाटनी बंद कर दी।

अब मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए।

मैंने अपनी शर्ट और पैंट एक साथ उतारकर फेंक दी। अब मैं भी पूरी तरह नंगा था। मेरा लंड सख्त होकर ऊपर की तरफ तना हुआ था। मैं शेली के बूब्स रगड़ने लगा।

मैंने दोनों हाथों से उसके भरे हुए बूब्स को जोर से पकड़ा और मसलने लगा। उनकी नरम मांसलता मेरी हथेलियों में दब रही थी। फिर ऊपर हो कर मैं अपनी बहन को लिप किस करने लगा।

मेरी बहन मेरे नीचे दबी थी और मेरा लंड उसकी चूत को टच कर रहा था।

उसका नरम, गर्म शरीर मेरे नीचे पूरी तरह दबा हुआ था। मेरे सख्त, 7 इंच लंबे लंड का टोपा उसकी टाइट चूत की ऊपरी फांक को हल्का-हल्का दबा रहा था। मेरे लंड से पे्रकम का पारदर्शी पानी लगातार टपक रहा था, जो उसकी गर्म चूत की लिप्स पर चिपचिपा सा फैल रहा था। उसकी चूत पहले से ही भीगी हुई थी, जिससे दोनों के रस मिलकर एक गीली, चिपचिपी परत बना रहे थे। और मैं अपनी जीभ उसके मुंह में डालने लगा।

मैंने अपना मुंह उसके होंठों पर रखा और जीभ को जोर से अंदर डाल दिया। उसकी गर्म, नम जीभ मेरी जीभ से लिपट गई। हम दोनों की सांसें एक-दूसरे के मुंह में मिल रही थीं।

मेरे हाथ में शेली के बूब्स थे जिन्हें मैं निचोड़ रहा था।

मैंने दोनों हाथों से उसके भरे हुए, गोरे बूब्स को जोर से पकड़ लिया था। मेरी उंगलियां उनकी नरम मांसलता में धंस रही थीं। मैं उन्हें बार-बार निचोड़ रहा था, ऊपर से नीचे की तरफ दबाते हुए उनकी चूचियों को अपनी हथेलियों से रगड़ रहा था। और शेली आहह ऊहम्म करते हुए मेरे बालों में हाथ फेर रही थी।

उसकी उंगलियां मेरे बालों में फंसी हुई थीं। वह धीरे-धीरे उन्हें सहला रही थी, कभी-कभी हल्का खींच भी लेती थी। उसकी आहें मेरे मुंह के अंदर गूंज रही थीं। फिर मैं खड़ा हो गया बेड पर और शेली को नीचे बैठा दिया।

मैं उसके ऊपर से उठा और बेड पर खड़ा हो गया। फिर मैंने शेली को दोनों हाथों से पकड़कर नीचे बिठा दिया। अब वह मेरे सामने घुटनों के बल बैठी हुई थी।

और अपने लंड को उसके मुंह के पास किया।

मेरा लंड पूरी तरह तना हुआ और चमकता हुआ उसके चेहरे के ठीक सामने था। शेली मेरे लंड को ध्यान से देख रही थी।

उसकी आंखें मेरे मोटे, नसदार लंड पर टिकी हुई थीं। वह उसे ऊपर से नीचे तक देख रही थी, जैसे हर नस और हर हिस्से को याद कर रही हो। और मैं अपने हाथ में लंड पकड़ कर शेली के मुंह पर मार रहा था।

मैंने लंड को मजबूती से पकड़ा और उसे उसके गालों, होंठों और ठोड़ी पर बार-बार थपथपाने लगा। कई बार जोर से गालों पर मारता तो शेली अपनी आंखों को जोर से बंद करती और उसके गाल लाल हो गए थे।

हर जोरदार थप्पड़ के साथ उसके गाल हल्के से लाल हो रहे थे। वह आंखें बंद करके मुंह थोड़ा सा खोल लेती, लेकिन कोई विरोध नहीं कर रही थी।

फिर मैंने अपना लंड शेली के लिप पर रखा।

मैंने लंड का टोपा उसके नरम, गीले होंठों पर रख दिया। मेरी बहन काफी समझदार थी तो उसने खुद अपना मुंह खोल लिया और लंड के टोपे को चूसने लगी।

उसने अपने गर्म, नम होंठों को फैलाया और मेरे लंड के टोपे को मुंह में ले लिया। वह धीरे-धीरे चूसने लगी, अपनी जीभ को उसके चारों तरफ घुमाती हुई।

मैंने अपनी बहन का मुंह पकड़ा और जोर से झटके मारने लगा।

मैंने दोनों हाथों से उसके सिर को पकड़ लिया और तेजी से कमर हिलाने लगा। जिससे लंड मेरी बहन के गले तक चला गया।

मेरा मोटा लंड उसके मुंह में पूरी तरह घुस गया, गले तक पहुंचने लगा। उसकी आंखें पानी से भर गईं। शेली मुझे धक्के से पीछे करने लगी क्योंकि मेरी बहन का सांस रुक गया था।

उसके हाथ मेरी जांघों को जोर से दबा रहे थे। वह मुझे पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी।

मैंने 2 या 3 झटके मार कर लंड मुंह से निकाल लिया।

मैंने तेज झटके दिए और फिर लंड को बाहर खींच लिया। मेरी बहन खांसने लगी।

वह जोर-जोर से खांस रही थी, उसके मुंह से लार की धार निकल रही थी। फिर बोली भैया आराम से कर लो ऐसे तो मत करो कोई रंडी तो नहीं हूं जो ऐसा कर रहे हो।

तो मैं बोला बहन चूसती तो ऐसे है जैसे पहले कई लंड चूसे हैं तूने और अपने भाई को भी बता दे किस किस की रंडी बनी है और किसका बिस्तर गर्म किया है।

मैंने यह बात उसके मुंह के पास ही कही। मेरा लंड अभी भी उसके होंठों के करीब लटक रहा था। मेरी आवाज में हल्का गुस्सा और उत्तेजना दोनों महसूस हो रहे थे। मैं उसके चेहरे को गौर से देख रहा था और उसकी आंखों में झांकते हुए बोल रहा था। मेरी बहन अभी भी घुटनों के बल बैठी हुई थी। उसके गाल लाल थे और होंठों पर मेरे लंड की नमी चमक रही थी।

मेरी बहन ने तो वो बोली भैया कैसी बात करते हो ऐसा कुछ नहीं है।

शेली की आवाज थोड़ी कांप रही थी। उसने नीचे की ओर देखा फिर धीरे से अपनी आंखें उठाकर मेरी तरफ देखा। उसके चेहरे पर शर्म और हल्का डर साफ दिख रहा था। वह हल्के से सिर हिलाती हुई इनकार कर रही थी लेकिन उसकी सांसें अभी भी तेज चल रही थीं।

तो मैं बोला शेली झूठ मत बोल अब तो तू मुझे बता सकती है इसमें छिपाने वाली बात ही नहीं है।

मैंने अपना लंड एक हाथ में पकड़कर हल्का सा हिलाया और उसके चेहरे के पास रख दिया। मेरी आवाज सख्त लेकिन आकर्षक थी। मैं उसके बालों में उंगलियां फिराते हुए बोल रहा था जैसे उसे समझा रहा हूं कि अब सब कुछ खुलकर बताना ही पड़ेगा।

तो शेली बोली भैया मेरी क्लास में एक लड़का है साहिल जो आपकी बहन को लंड चुसवाता है पर आपके जैसे थोड़े जो मेरे गले तक डाल दिया मेरी सांस रुक गई थी।

उसकी आवाज धीमी और शर्मीली थी। वह बोलते हुए मेरी आंखों में नहीं देख पा रही थी। उसके गाल और भी लाल हो गए थे। वह हल्के से सांस लेते हुए रुकी जैसे उन यादों को फिर से महसूस कर रही हो।

तो मैं बोला कभी चूत भी मरवाई मेरी बहन ने उससे तो वो बोली कभी मौका नहीं मिला।

मैंने यह सवाल उसके मुंह के पास बैठे हुए पूछा। मेरा लंड अभी भी उसके गालों को छू रहा था। मेरी आवाज में उत्सुकता और उत्तेजना थी। शेली ने शर्माते हुए नीचे देखा। उसकी उंगलियां मेरी जांघों पर हल्की-हल्की कांप रही थीं।

तो मैं बोला पहले मैं तेरी चूत खोल दूं।

मैंने अपना हाथ नीचे ले जाकर उसकी टाइट चूत पर उंगलियां फिराईं। उसकी गर्म और भीगी चूत मेरी उंगलियों को महसूस कर कांप उठी। मैंने धीरे से कहा कि पहले मैं तुम्हारी इस संकीर्ण चूत को अच्छे से तैयार कर दूंगा।

फिर अपने यार को घर ले आना और यही चुदना मेरे सामने मैं चुप हो कर तुम दोनों की चुदाई देखूंगा।

मैंने उसके कान के पास मुंह लगाकर फुसफुसाते हुए कहा। मेरी बात सुनकर शेली की आंखें चमक उठीं। उसका चेहरा शर्म और उत्तेजना से लाल हो गया। वह हल्के से मुस्कुराई।

तो शेली भी खुश हुई और फिर से मेरा लंड चूसने लगी।

थोड़ी देर बाद मैंने शेली को बेड पर लिटाया और अपने लंड को चूत पर रगड़ने लगा।

मैंने उसे धीरे से बिस्तर पर लिटा दिया। उसकी पूरी नंगी गोरी देह बिस्तर पर फैल गई। मैं उसके ऊपर झुक गया और अपने सख्त मोटे लंड को उसकी गर्म भीगी चूत पर रगड़ने लगा। मेरा टोपा उसके चूत के फूलों को बार बार दबाता और ऊपर नीचे सरकता रहा। हर रगड़ के साथ चिपचिपा रस बाहर निकल रहा था।

शेली बोली क्यों तड़पाते हो अपनी रंडी बहन को भैया डाल दो अंदर।

उसकी आवाज भारी और बेसब्र थी। वह अपनी कमर ऊपर उठा उठा कर तड़प रही थी। उसकी आंखें बंद थीं और होंठ कांप रहे थे।

तो मैंने लंड के टॉप को अपनी बहन की चूत पर सेट किया और जोर का झटका मारा।

मैंने लंड को उसके चूत के मुंह पर अच्छे से सटाया और कमर में पूरा जोर लगाकर एक तेज धक्का दिया। मेरा लंड मेरी बहन की चूत की सील तोड़ता हुआ आधा अंदर चला गया।

उसकी टाइट चूत मेरे मोटे लंड को जोर से जकड़ रही थी। अंदर की गर्म दीवारें फैल रही थीं।

और मेरी बहन जोर से चिल्लाई और मुझे धक्के से पीछे करने लगी।

शेली ने आह्ह्ह्ह भैया मर गई रे आआह्ह्ह जोर से चिल्लाते हुए कहा। उसका पूरा शरीर कांप उठा। उसने दोनों हाथों से मेरी छाती को जोर से धक्का दिया। मैंने भी शेली को अच्छे से पकड़ा था जिससे वो पीछे ना हट सकी।

मैंने उसके कंधों को मजबूती से पकड़ रखा था। उसकी चूत मेरे लंड को अंदर खींच रही थी।

शेली मुझसे लंड बाहर निकालने को बोली लेकिन मैंने अंदर ही रहने दिया और हल्के हल्के झटकों के साथ अपनी चुदक्कड़ बहन को चोदने लगा।

वह रोती हुई बोली भैया बाहर निकालो ना बहुत दर्द हो रहा है आह्ह्ह ऊह्ह्ह लेकिन मैंने उसे और जोर से पकड़ लिया। मैं धीरे धीरे झटके मारने लगा। हर झटके के साथ बोला ले रंडी बहन अब तू मेरी चुदाई की रानी है आह्ह ले पूरा लंड अंदर ले। शेली की सांसें फूल रही थीं और वह आह्ह भैया धीरे करो ऊह्ह्म्म करती हुई कराह रही थी।

शेली आहह ऊउइइ भैया बाहर निकाल लो प्लीज भाई आहह करती रही।

शेली जोर जोर से कराह रही थी। उसकी आवाज में दर्द और बेसब्री दोनों थी। वह अपने नाखूनों से मेरी पीठ पर खरोंच रही थी और बार बार कमर हिलाकर मुझे पीछे धकेलने की कोशिश कर रही थी। उसकी टाइट चूत मेरे मोटे लंड को बहुत जोर से जकड़े हुए थी।

थोड़ी देर मैं अपनी बहन को ऐसे ही चोदता रहा तो मेरी चुदक्कड़ बहन को मजा आने लगा।

धीरे धीरे उसके दर्द की जगह उत्तेजना बढ़ने लगी। उसका शरीर अब मेरे हर झटके के साथ ऊपर उठने लगा। वो ऊहह भाई थोड़ा और अंदर करो ना भाई आहह भाई मजा आ रहा है।

उसकी आवाज अब मीठी और कामुक हो गई थी। वह अपनी जांघें फैलाकर मुझे और गहराई में लेने की कोशिश कर रही थी। उसकी आंखें आधी बंद थीं और होंठ कांप रहे थे।

तो मैं बोला मेरी रंडी बहना कहे तो पूरा दे दूं तेरी चूत में।

मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा और उसके बूब्स को जोर से निचोड़ा। मेरे लंड पर उसकी चूत की गर्मी और चिपचिपाहट बढ़ रही थी।

तो वो बोली हां भाई दे दो ना प्लीज पूछते क्यों हो।

शेली ने बेसब्री से कहा और अपनी कमर ऊपर उठा दी। उसकी आंखों में शर्म के साथ भूख भी दिख रही थी। और मैंने अपना थोड़ा लंड बाहर निकाला और पूरा जोर का झटका मारा।

मैंने कमर में पूरा बल लगाकर एक तेज धक्का दिया। लंड मेरी बहन की चूत में पूरा चला गया।

शेली बहुत ही जोर से चिल्लाई।

वह आह्ह्ह्ह्ह भैया फट गई रे ऊइइइइ चिल्लाते हुए जोर से कांप उठी। मैंने 2 या 3 झटके ही मारे थे जब मैंने अपनी बहन की चूत देखी तो वहां पर खून लगा था।

उसकी चूत से हल्का लाल खून निकलकर मेरे लंड पर लगा हुआ था। शेली की चूत की सील टूट चुकी थी और उसकी आंखों में पानी था और आंखें बंद थीं।

उसके गालों पर आंसू बह रहे थे। और मैं ऐसे ही अपना लंड अपनी बहन की चूत में डाल कर धीरे धीरे झटके मारता रहा।

शेली ऊहह आहह ऊइइ भैया दर्द हो रहा है प्लीज रुक जाओ आहह करने लगी।

वह रोते हुए कराह रही थी। मैं भी थोड़ा रुक गया और शेली के बूब्स मसलने लगा और लिप किस करता रहा।

शेली को थोड़ी राहत मिली तो मैंने शेली से पूछा कि चुदाई स्टार्ट करूं तो बोली हां भैया मारो अब चूत में दर्द नहीं है पूरी तेजी से चोदना अपनी रंडी बहन को।

शेली की सांसें अब सामान्य हो रही थीं। उसकी आंखों में दर्द की जगह अब कामुक भूख दिख रही थी। मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए पूछा तो वह बेसब्री से बोली हां भैया अब शुरू कर दो। उसकी चूत अब पूरी तरह तैयार है। पूरी तेजी से चोदो अपनी रंडी बहन को।

मैंने ये सुनते ही झटके मारने स्टार्ट कर दिए और तेज झटकों से अपनी रंडी बहन की चूत मारने लगा।

मैंने दोनों हाथों से उसके कूल्हों को मजबूती से पकड़ लिया और कमर हिलाकर तेज तेज धक्के देने लगा। हर झटके के साथ मेरा पूरा 7 इंच का मोटा लंड उसकी चूत में जड़ तक घुस रहा था। शेली मजे से आहह ऊहह हम्मम भैया आहह मारो और तेजी से मारो भाई फाड़ दो आज अपनी बहन की चूत को आहह मजा आ रहा है भाई।

उसकी आवाजें रूम में गूंज रही थीं। वह अपनी जांघें फैलाकर मुझे और गहराई में ले रही थी। उसकी चूत मेरे लंड को चूस रही थी। और मेरे बहनचोद भाई ऊह मारते रहो करने लगी।

वह बार बार मुझे उकसा रही थी।

शेली अपनी कमर ऊपर नीचे करके मेरे हर झटके का जवाब दे रही थी। वह बार बार जोर से कराहती हुई मुझे उकसा रही थी कि और तेज करो भैया। उसकी उंगलियां मेरी पीठ पर खरोंच रही थीं और जांघें मेरी कमर को जकड़े हुए थीं।

मैं भी अपनी रंडी बहन को गालियां देते हुए चोदने लगा।

मैंने उसके बालों को मुट्ठी में भरकर खींचते हुए जोर से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ उसके बूब्स जोर जोर से हिल रहे थे।

मैंने जोर से कहा ले साली रंडी बहन ले मेरे लंड की पूरी गर्मी। मैं भी तेरी चूत फाड़ दूंगा आज।

मेरी आवाज भारी और उत्तेजित थी। मैं उसके कान में गालियां देते हुए कह रहा था कि आज तेरी चूत मेरे लंड की गुलाम बन जाएगी।

मेरी बहन झड़ने वाली थी आहह बहनचोद मैं झड़ रही हूं अपना माल मेरी चूत में डाल मेरी चूत की प्यास बुझा दे मेरे बहनचोद भाई आहह ऊहह करते हुए झड़ गई।

उसकी चूत अचानक बहुत तेजी से सिकुड़ने लगी। वह जोर जोर से चिल्लाते हुए झड़ गई। उसका पूरा शरीर अचानक तन गया।

उसकी चूत मेरे लंड को जोर जोर से सिकुड़ने लगी।

हर सिकुड़न के साथ उसकी गर्म चूत मेरे लंड को दबोच रही थी। और मुझे मेरे लंड पर अपनी बहन की चूत से निकला पानी महसूस हुआ।

शेली के झड़ने के साथ उसकी चूत से गर्म और चिपचिपा रस मेरे लंड पर तेजी से बहने लगा। वह रस मेरे लंड को पूरी तरह भीगो रहा था और मेरी जांघों तक टपक रहा था। उसकी चूत की गर्माहट अब और बढ़ गई थी।

और मैं तेज झटके मारता रहा।

मैंने उसके कूल्हों को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया और तेज तेज धक्के देने लगा। हर झटके के साथ मेरा मोटा लंड उसकी चूत की गहराई तक जा रहा था। चूत से फूचफूच फुचा फूच की आवाजें रूम में गूंजने लगी।

मेरी चुदक्कड़ बहन बोली भाई बस करो मैं झड़ गई हूं आप भी झड़ो अब आहह भाई प्लीज।

शेली थककर और कराहते हुए बोली। उसकी आवाज में विनती थी लेकिन उसकी चूत अभी भी मेरे लंड को जोर से पकड़े हुए थी। और मैं और तेज हो गया।

आहह रंडी कुत्तिया तुझे तो मैं अपने बच्चे की मां बनाऊंगा साली रंडी आहह मेरा माल तेरी बच्चेदानी में निकल रहा है रंडी।

मैंने जोर जोर से गालियां देते हुए कहा और अपने झटके और तेज कर दिए। मेरी कमर तेजी से हिल रही थी।

मेरी बहन आहह करते हुए झड़ गया। मेरे लंड से वीर्य की गर्म धार मेरी छोटी रंडी बहन की बच्चेदानी में निकल गई।

मैं 5 मिनट तक शेली के ऊपर लेटा रहा।

मेरा पूरा नंगा शरीर उसकी नंगी देह पर दबा हुआ था। मेरा लंड अभी भी उसकी चूत के अंदर धीरे धीरे सिकुड़ रहा था। हम दोनों की सांसें तेज थीं और पसीने से भीगे हुए थे। मैं उसके गर्म बूब्स पर अपना सीना दबाए हुए था। उसकी चूत से मेरा वीर्य और उसका रस बाहर निकलकर बिस्तर पर फैल रहा था।

थोड़ी देर बाद मेरी बहन बोली भाई ऐसा भी करता है अपनी बहन के साथ जो आपने किया है।

शेली की आवाज थकी हुई लेकिन शर्मीली थी। वह मेरी छाती पर हाथ फेरते हुए धीरे से बोली। उसकी आंखें अभी भी आधी बंद थीं और चेहरा गुलाबी था।

मैंने क्या किया है साली तू खुद ही कह रही थी और तेज और तेज अब बोल रही है ऐसा भी करता है कोई भाई।

मैंने मुस्कुराते हुए उसके गाल पर उंगली फेरते हुए कहा। मैंने उसके बालों को सहलाया और उसके होंठों को चूम लिया।

साली अभी तो तुझे मेरे सामने अपने यार से चुदना है बोल चुदेगी ना।

मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए पूछा। मेरे हाथ उसके बूब्स को हल्के से मसल रहे थे। तो वो बोली हां भैया जरूर हमें मौका मिल जाए बस आपके सामने मैं अपने यार की रंडी बनूंगी वो भी इसी बेड पर।

शेली ने शर्माते हुए लेकिन उत्तेजित स्वर में कहा। उसकी आंखों में नई चमक आ गई थी। वह मेरी छाती पर उंगली से गोले बना रही थी।

तो दोस्तों आगे की स्टोरी मैं आपसे जल्द ही शेयर करूंगा।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।