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टीचर की चुदाई – इंस्टाग्राम चैट से चूत तक सफर

34 size boobs teacher sex story: सभी फ्री सेक्स कहानी पढ़ने वालों को मेरा नमस्ते।

मेरा नाम ऋत्विक है। मैं भिलाई छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 साल है और मैं एक निजी कॉलेज में पढ़ता हूँ।

ये कहानी मेरे और मेरी एक टीचर के बीच की है। उनका नाम हेलीमा है। उनकी उम्र 29 साल है और वे अविवाहिता हैं। उनका फिगर 34-32-36 है।

देखने में एकदम गोरी घने सुनहरे बाल मोटी-मोटी चूचियाँ और बड़े-बड़े चूतड़। उनकी आवाज मानो मदहोश कर दे।

जब भी वो कॉलेज आतीं तो सब उन्हें देखकर अपने लौड़े को पैंट के ऊपर से सेट करने लगते।

हमारे अंतिम वर्ष के पेपर चल रहे थे। हेलीमा मैडम की ड्यूटी मेरी ही एग्जामिनेशन हॉल में लगी थी।

उस दिन मैडम गहरे गले वाली साड़ी और ब्लाउज पहनकर आई थीं। उसमें से उनकी मस्त चूचियाँ बाहर निकलने को बेताब थीं।

मैं पेपर पर फोकस करने की कोशिश कर रहा था मगर लंड भी कहाँ मानने वाला था। वो तो अपनी औकात यानी 7 इंच का हो गया और पैंट में तंबू बना दिया।

जैसे-तैसे पेपर दिया और वहाँ से जल्दी से घर जाकर हेलीमा मैडम को याद करके तीन बार मुट्ठी मारकर लंड को कुछ समय के लिए शांत किया।

मगर अब लंड को हेलीमा मैडम की तलब रोज होने लगी। ऐसे ही मेरे दिन बीतने लगे।

मैं उन्हें याद करके मुट्ठी मारने लगा। एक रात उन्हें याद करके इंस्टाग्राम पर उन्हें फॉलो रिक्वेस्ट भेज ही दी।

अब बस इंतजार था उनकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने का। कुछ दिन यूँ ही बीत गए पर उन्होंने एक्सेप्ट नहीं की।

फिर एक दिन मेरी किस्मत चमकी और उन्होंने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली।

अब उन्हें मैसेज में हेलो मैडम लिखकर भेज दिया। आधे घंटे बाद मुझे मैडम की तरफ से हेलो का मैसेज आया।

रोज दो महीनों तक यूँ ही हाल-चाल पूछते रहे। कुछ कॉलेज की बातें होती रहीं।

इस दौरान हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती भी हो गई थी। तकरीबन दो महीनों बाद शाम छह बजे हमने साथ में एक मूवी देखने का फैसला किया।

मैंने मैडम को काली रंग की साड़ी पहनने को कहा और वो मान भी गईं।

मैंने खुद काले रंग की शर्ट और क्रीम रंग की पैंट पहनने का फैसला किया।

शाम के 5 बजे मैं सिनेमा हॉल पहुंच गया और मैडम का इंतजार करने लगा।

तकरीबन 5:30 बजे हेलीमा मैडम मॉल पहुंच गईं। क्या कमाल लग रही थीं मैडम काली चमचमाती साड़ी में।

मैडम के आते ही मैंने उनकी तारीफों के पुल बांधने शुरू कर दिए और वो भी शर्माने लगीं।

5:45 को हम दोनों कॉर्नर सीट और पॉपकॉर्न लेकर अंदर चले गए।

मूवी हॉरर थी तो मैडम को डर भी लग रहा था। जैसे-जैसे मूवी चल रही थी मैडम और डरती जा रही थीं। उन्होंने मेरी बांह को कसकर पकड़ लिया। उनके नरम और गर्म हाथों की पकड़ मेरी बांह पर इतनी मजबूत थी कि मैं महसूस कर रहा था उनकी उंगलियों का दबाव।

उनके ऐसे छूने से मेरे लंड में खिंचाव पड़ रहा था और सख्त हो रहा था। मेरे लंड ने पैंट के अंदर पूरी तरह तनाव ले लिया था। उसकी मोटाई बढ़ती जा रही थी और सिरे पर हल्का दर्द भरा झनझनाहट महसूस हो रही थी।

कुछ देर बाद मैडम ने मेरे खड़े लंड को देख लिया था। उनकी नजर मेरी पैंट के उस उभरे हुए हिस्से पर अटक गई। मेरे लंड को देखकर धीरे-धीरे वो भी गर्म हो रही थीं जो उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उनके गालों पर हल्की लाली छा गई थी। उनकी सांसें थोड़ी तेज और भारी होती जा रही थीं। उनकी आंखों में एक नई चमक और शर्मिली चाहत दिखाई दे रही थी।

फिर हम मूवी देखकर अपने-अपने घर चले गए।

अब रात को 1:30 बजे मेरे फोन पर मैडम का मैसेज आता है। वो मूवी के बारे में बात करने लगती हैं। फिर वो एकदम से पूछती हैं मैंने आज तुम्हारी पैंट में कुछ देखा।

मैं- क्या?

मैडम- जो लड़कों की पैंट में होता है वो ज्यादा सख्त हो गया था।

मैं हंसते हुए- क्या करें साथ में थी ही इतनी खूबसूरत लड़की।

मैडम- मैं और खूबसूरत?

मैं- अरे मैडम जैसे आपको पता ही नहीं कि कॉलेज में आप पर कितने लड़के और मेल टीचर मारते हैं।

मैडम- बाकी सबका तो पता नहीं तुम अपना बताओ। तुम क्या सोचते हो मेरे बारे में?

मैं- मैडम दिल करता है आपको अपनी गर्लफ्रेंड बनाकर आपको पूरा सुख दूं।

मैडम- सुख? कैसा सुख?

मैं- अरे मैडम आप भी जानती हो कि आपके पास क्या फिगर है लेकिन कोई तो उन्हें सहलाने और खिलाने वाला भी तो चाहिए।

मैडम- तो तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहते हो?

मैडम के मुंह से सेक्स सुनकर मैं चौंक गया लेकिन जान गया था कि हरी झंडी मिल गई है।

थोड़ी देर बाद मैंने लिखा- अरे मैडम आपके साथ कौन नहीं करना चाहेगा।

मैडम- अच्छा तो क्या करोगे?

मैं- वो तो मिलके देखना आप।

मैडम- तो ठीक है। तीन दिन बाद मेरे घर वाले शादी में जा रहे हैं। उस दिन मिलते हैं।

मैं- ठीक है मैडम।

अब मैं तीन दिन मुट्ठी मार-मारकर इंतजार करने लगा। आखिर वो दिन आ ही गया।

मैडम का कॉल आया- मेरे घर वाले कुछ समय में निकलने वाले हैं। मैं आज तुम्हारे फ्लैट आऊंगी।

मैंने हामी भरी और जल्दी से सफाई करने लगा। लंड के सारे बाल साफ करके कंडोम लेने निकल गया।

कुछ टाइम में फ्लैट वापस आया और खाना बनाने लगा। लेकिन मेरी जुबान और लंड तो कोई और ही स्वाद चखना चाहता था।

कुछ देर में खाना बनाकर फ्री हो गया और बेसब्री से हेलीमा मैडम का इंतजार करने लगा।

करीब रात के 8 बजे दरवाजे पर घंटी बजी। साथ-साथ दिल और लंड की भी घंटी बज गई।

मैं जल्दी से दरवाजे के पास गया और दरवाजा खोला।

देखते ही दंग रह गया। मैडम मेरी आंखों के सामने लाल रंग के वन पीस में खड़ी थीं। वो टाइट वन पीस उनके 34-32-36 फिगर को परफेक्ट तरीके से उभार रहा था। उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां वन पीस के गहरे नेकलाइन में से आधा बाहर झांक रही थीं। उनका गोरा और चिकना शरीर लाल कपड़े में और भी ज्यादा आकर्षक लग रहा था। उनकी मोटी जांघें और गोल चूतड़ वन पीस के अंदर साफ नजर आ रहे थे।

मैं- क्या कहर लग रही हो मैडम।

मैडम- क्या मजाक कर रहे हो और मुझे अंदर नहीं बुलाओगे?

मैडम की आवाज में हल्की शरारत और मुस्कान थी। उनकी आंखों में चमक थी जो मुझे और उत्तेजित कर रही थी।

मैं- सॉरी मैडम आपको देखकर कुछ-कुछ हो रहा था तो भूल गया अंदर बुलाना।

मैडम- वो तो समझ आ रहा है कि कहां क्या-क्या हो रहा है।

मैडम की नजर मेरी पैंट के सामने उभरे हुए तंबू पर पड़ी। उन्होंने हल्का सा मुस्कुराते हुए इशारा किया।

मैं- मतलब?

मैडम- अरे तुम्हारा छोटा चेतन बड़ा हो रहा है।

मैडम की बात सुनकर मेरे चेहरे पर शर्म और उत्तेजना दोनों के भाव आए।

मैं- अरे मैडम आप भी ना। चलिए मैंने डिनर रेडी कर दिया है। आकर ग्रहण करें।

मैडम- चलो आज तुम्हारे हाथों का स्वाद चखूं।

मैं- हाथों का पहले चख लो फिर बाकी छोटा चेतन भी बेताब है स्वाद चखाने के लिए।

मैडम- अच्छा चलो पहले हाथों का स्वाद तो चखा दो। तभी तो आगे बढ़ेंगे ना।

मैं- ठीक है चलिए।

फिर हम दोनों डिनर करने लगे यहां-वहां की बातें करने लगे। करीब आधे घंटे तक डिनर किया और फिर मूवी देखने लग गए। मैंने जानबूझकर रोमांटिक मूवी चलाई थी ताकि मैडम गर्म हो जाएं।

मूवी में किसिंग सीन चला। मैंने हिम्मत करके मैडम को गालों पर किस कर दिया। उनके नरम और गर्म गालों पर मेरे होंठों का स्पर्श होते ही उनकी सांस थोड़ी भारी हो गई।

मैडम ने कुछ नहीं कहा तो समझ गया कि मैडम गर्म हो चुकी हैं। धीरे-धीरे मैंने मैडम की जांघों को सहलाने लगा। मेरी उंगलियां उनकी मुलायम जांघों की त्वचा पर ऊपर-नीचे घूम रही थीं। मैडम को अब और अच्छा लगने लगा। उनकी सांसें तेज हो गईं जो मैं साफ सुन पा रहा था।

अचानक मैडम ने मेरे होंठों पर होंठ रख दिए। हम वहीं मूवी देखते-देखते स्मूच करने लग गए। उनके नरम होंठ मेरे होंठों को चूस रहे थे। हमारी जुबानें एक-दूसरे से लिपट रही थीं। गीली और गर्म स्मूच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। ये सिलसिला तकरीबन 15 मिनट चला।

अब हमने बेडरूम में जाने का फैसला किया। मैं मैडम को गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया और मैडम को बेड पर पटक दिया और उन्हें हिलने का मौका न देते हुए उन पर झपट गया।

मेरा हाथ धीरे-धीरे उनके 34 साइज की चूचियों पर वन पीस के ऊपर से ही था। मैंने उनकी चूचियों को हल्का दबाया। वे बहुत मुलायम और भारी थीं। मेरी उंगलियां उनके स्तनों की गोलाई को महसूस कर रही थीं।

अचानक बिना एहसास कराए हाथ उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से रगड़ने लगा। वो एकदम उछल पड़ीं। मेरी हथेली उनकी गर्म चूत की पैंटी पर जोर-जोर से रगड़ रही थी।

इसी दौरान उनकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मतलब अब मैडम मेरे साथ संबंध बनाने को बेकरार थीं।

वो मुझसे बोलीं- ऋत्विक आज से मैं तेरी मैडम नहीं रांड हूं। चोद दे मुझे।

मैडम की आवाज में भारी कामुकता और बेकरारी थी। उनकी आंखें आधी बंद थीं और चेहरा गुलाबी हो रहा था।

मैं- मैडम कब से इस दिन का इंतजार था।

हेलीमा- अरे मैडम नहीं। हेलीमा बोल मुझे। यहां मैं तेरी मैडम नहीं रांड हूं रांड। ऐसा एहसास कभी पहले नहीं हुआ। आज चोद दे मुझे फाड़ दे मेरी चूत।

हेलीमा की इन कामुक बातों को सुनकर मेरा पूरा शरीर उत्तेजना से कांप उठा। ये सब सुनके मेरा 7 इंच लंबा और 2.5 इंच चौड़ा लोहा-रूपी लौड़ा टनटनाया। मेरे लंड की नसें फूल गई थीं और सिरा चमकदार होकर पूरी तरह सख्त हो चुका था।

मैंने मैडम का वन पीस निकालकर फेंक दिया। अब हेलीमा मेरे सामने सिर्फ काले ब्रा और पैंटी में थीं जो मुझे और पागल कर रही थीं। उनका गोरा शरीर बिस्तर पर लेटा हुआ था और उनकी भारी चूचियां ब्रा के अंदर ऊपर-नीचे हिल रही थीं।

मैंने हेलीमा की ब्रा एक झटके में खींचकर खोल दी। उनकी दोनों बड़ी और गोल चूचियां छूटकर बाहर आ गईं। उनके गुलाबी और सख्त nipples मेरे सामने थे। मैंने कुछ देर चूचों को जोर से दबाया। वे बहुत मुलायम और भारी थीं। फिर मैंने एक nipple को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। मेरी जीभ उसके चारों ओर घूम रही थी।

हेलीमा कहने लगीं- बस करो मत तड़पाओ इतना। अब डाल दो ना अंदर। उनकी सांसें बहुत तेज हो चुकी थीं और वे बेचैनी से करवटें बदल रही थीं।

मैंने सब इग्नोर किया और उनकी काली पैंटी को दांतों से पकड़कर नीचे निकालने लगा। पैंटी उनके गीले चूतड़ों से चिपकी हुई थी। जैसे ही पैंटी हटी उनकी चूत पूरी तरह नंगी हो गई। गुलाबी और भीगी चूत से मीठी और गर्म महक आ रही थी। इससे उनकी चूत का रस मैंने चख लिया।

अब मैं और पागल हो गया। मैंने जीभ उनकी चूत के होंठों पर रखी। पहले मैंने दोनों होंठों को चाटा फिर जीभ को अंदर डालकर चूत के अंदर घुमाने लगा। हेलीमा एकदम पागल हो गईं और उछलने लगीं। उनकी जांघें कांप रही थीं और वे मेरे सिर को अपने हाथों से दबा रही थीं।

करीब 5 मिनट तक चूत में जीभ फेरता रहा। मैं बार-बार उनकी clit को चूस रहा था जिससे हेलीमा की सिसकारियां तेज हो रही थीं। हेलीमा एक बार झड़ गईं। उनके शरीर में तेज कंपकंपी आई और चूत से गर्म रस निकलकर मेरे मुंह में आ गया।

अब मैं उठकर हेलीमा के होंठों के पास लंड रख दिया। वो मना करने लगीं- नहीं मैं नहीं लूंगी मुंह में। ये बहुत लंबा और मोटा है।

लेकिन थोड़ी देर मना करने के बाद वो मान गईं और मुंह में लेने लगीं। उन्होंने पहले लंड के सिरे को चूमा फिर धीरे-धीरे पूरा मुंह में ले लिया। उनकी गर्म और गीली जुबान लंड के चारों ओर लिपट रही थी।

करीब 10 मिनट मुंह में लेने के बाद मैं हेलीमा के मुंह में ही झड़ गया। मेरे लंड ने जोर-जोर से दबाव छोड़ा और गाढ़ा वीर्य उनके गले में भर गया।

हेलीमा बाहर थूकने लगीं लेकिन मैंने मुंह बंद करके निगलने को कहा। काफी मनाने के बाद मेरा सारा वीर्य वो पी गईं।

फिर हम दोबारा स्मूच करने लगे। कुछ देर में मेरा लंड हेलीमा की चुदाई के लिए तैयार हो गया।

अब मैं नीचे हेलीमा की चूत के पास आया।

लंड को चूत के पास सेट किया और धीरे-धीरे दबाव डालना शुरू किया। मेरे लंड का मोटा और गर्म सिरा उनकी भीगी चूत के नरम होंठों को धीरे-धीरे अलग करते हुए अंदर प्रवेश कर रहा था। हेलीमा की चूत बहुत टाइट और जलती हुई गर्म थी। उसकी चिपचिपी नमी मेरे लंड पर लग रही थी जिससे हर इंच आगे बढ़ने पर फच-फच जैसी हल्की आवाज हो रही थी।

मेरा बड़ा लौड़ा आधा हेलीमा की गर्म चूत में जा चुका था। हेलीमा की आंखों में पानी आ गया। वे दांत भींचकर आह्ह्ह… आह्ह्ह… कर रही थीं। उनकी भौंहें सिकुड़ी हुई थीं और चेहरा दर्द से लाल हो रहा था।

मैंने थोड़ी देर रुककर एक जोरदार झटके से लंड पूरा अंदर उतार दिया। पूरा 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लंड एक ही धक्के में उनकी चूत के सबसे अंदर तक चला गया। हेलीमा के मुंह से चीख निकली- हाए मां मर गई! वो रोने लगीं। उनके पूरे शरीर में तेज कंपकंपी छूट गई। उनकी चूत मेरे लंड को बहुत जोर से दबा रही थी।

मैंने कुछ देर शांत होने तक झटके कम कर दिए। जैसे ही हेलीमा थोड़ी शांत हुईं मैंने धीरे-धीरे झटके फिर शुरू कर दिए। हर झटके के साथ उनकी चूत से गर्म और चिपचिपा रस बाहर निकल रहा था।

अब हेलीमा को भी मजा आने लगा वो लंड के साथ ताल मिलाकर चुदने लगीं। उनकी कमर ऊपर-नीचे हिलने लगी थी और वे आह… आह… ऋत्विक… जोर से… कर रही थीं।

हेलीमा- आह ऋत्विक जोर से चोद अपनी रांड को चोद। कब से ऐसे लंड की भूख थी। आह्ह्हा… उफ्फ… जोर से ना जान।

मैं भी उन्हें चोदता रहा। अब मैंने हेलीमा को घोड़ी बनने को कहा।

हेलीमा- नहीं तुम मेरी गांड में डालोगे अपना लंबा और मोटा लंड?

मैं- नहीं मैं तुम्हारी चूत की गर्मी शांत करूंगा इस बार। गांड अगली बार।

हेलीमा- पक्का ना गांड नहीं मारोगे क्योंकि बहुत दर्द होता है मैंने सुना है।

मैं- अरे हां बाबा आज चूत ही पेलूंगा। गांड अगली बार।

हेलीमा राजी हो गईं और मेरे सामने घोड़ी बन गईं। उन्होंने अपनी कमर नीचे करके और मोटे चूतड़ ऊपर उठा दिए। उनकी चूत पूरी तरह खुलकर मेरे सामने थी।

मैंने उनकी टांगें और फैलाईं ताकि चूत खुल सके। अपने दोनों हाथ मैंने उनकी कमर पर रखे और जोर के झटके से लंड अंदर डाला। पूरा लंड एक बार में अंदर चला गया और फच की तेज आवाज हुई।

इस सब में हेलीमा पहले ही दो बार झड़ चुकी थीं। अब मैं उनकी सवारी कर रहा था। मैंने एक हाथ से उनकी कमर पकड़ी और दूसरे हाथ से उनकी सुंदर गुलाबी गांड का छेद को उंगलियों से धीरे-धीरे रगड़ने लगा। उनकी गुलाबी गांड का छेद बहुत नरम और सिकुड़ा हुआ था। जैसे ही मैंने उस पर उंगली घुमाई हेलीमा और जोर से कांप उठीं और चीख पड़ीं- आह्ह्ह… वहां मत… उफ्फ…

वो बहुत मदहोश होकर चुदवा रही थीं। मैंने आगे झुककर उनकी पीठ पर लेटते हुए दोनों हाथों से उनकी भारी चूचियों को जोर से पकड़ लिया और बहुत गहरे तथा तेज झटके मारने लगा। हर धक्के पर मेरा पूरा लंड उनकी चूत के अंदर तक घुस रहा था।

वो बार-बार आह्ह्ह… हाय… जोर से… मादरचोद… चोद मुझे… चिल्ला रही थीं। लेकिन चुदाई में मदहोश होकर मैं कंडोम का प्रयोग करना भूल ही गया था।

मगर हम दोनों सातवें आसमान पर थे तो ज्यादा नहीं सोचा और हेलीमा को चोदता रहा।

हेलीमा की सिसकारियां और तेज हो गईं।

मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली हैं। उनकी सांसें बहुत तेज और बेतरतीब हो चुकी थीं। शरीर पर पसीना चमक रहा था और उनकी चूत मेरे लंड को बार-बार सिकोड़ रही थी।

वो कहने लगीं- जोर से चोद मादरचोद जोर से चूत का भोसड़ा बना दे।

हेलीमा की यह अश्लील बात सुनकर मेरी उत्तेजना आसमान छू गई। मैं इन सबसे और उत्तेजित हो गया और जोर-जोर से पेलने लगा। मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी। हर झटका इतना तेज था कि उनके मोटे चूतड़ लहरा रहे थे। पूरा कमरा फच-फच की आवाज से गूंज उठा। उनकी भीगी चूत से सफेद झाग बनकर बाहर निकल रहा था।

ऐसे 5 मिनट की और जोरदार पेलाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था। मेरे लंड में दबाव बहुत बढ़ गया था और सिरा फटने को तैयार था।

मैंने पूछा- मेरा निकलने वाला है क्या करूं?

हेलीमा- बाहर निकालना अंदर नहीं।

मैं- मुंह में ले लो।

हेलीमा- नहीं अब नहीं।

लेकिन बहुत जोर देने पर वो मान गईं। मैंने लंड जल्दी से चूत से निकालकर हेलीमा के मुंह में डाल दिया। उनका गर्म और नरम मुंह मेरे लंड को पूरी तरह निगल गया।

कुछ देर चूसने के बाद मैं हेलीमा के मुंह में ही झड़ गया। मेरे लंड ने जोर-जोर से कई धारों में गाढ़ा गरम वीर्य छोड़ा जो उनके गले तक पहुंच गया। हेलीमा ने मेरे कहने से पहले ही पूरा वीर्य पी लिया।

हॉट टीचर फक करने के बाद फिर हम दोनों एक-दूसरे को गले लगाकर चूमने लगे।

हेलीमा को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कई वर्षों बाद उनकी प्यास बुझी हो।

उनका चेहरा पूरी तरह संतुष्ट और चमकता हुआ था। आंखें आधी बंद थीं, होंठों पर हल्की मुस्कान थी और पूरा शरीर पसीने से भीगा हुआ था। उनकी भारी चूचियां अभी भी हल्के-हल्के ऊपर-नीचे हिल रही थीं। चूत से अभी भी हमारा मिश्रित रस रिस रहा था।

हेलीमा पहले भी अपने बॉयफ्रेंड से चुद चुकी थीं पर ब्रेकअप के बाद चार सालों से नहीं चुद थीं।

लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें ज्यादा मजा मेरे साथ आया। उनकी आवाज अभी भी थकी हुई और कामुक थी। उन्होंने मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए बताया कि मेरे लंड की मोटाई, गहराई और जोरदार झटकों ने उन्हें पहले कभी न मिला हुआ सुख दिया है।

हेलीमा के एक्स की कहानी सुनाने के बाद मैंने उन्हें उसी रात तीन बार और चोदा। हर बार उनकी चूत और भी गीली होती गई। वे हर राउंड में और जोर से चीखतीं और मुझे अपनी रांड कहकर चोदने को कहतीं।

वो बहुत खुश दिख रही थीं। उनकी आंखों में एक नई चमक थी और चेहरे पर पूरी तृप्ति झलक रही थी। और ये सिलसिला यहीं नहीं रुका हमने काफी बार चुदाई की।

अब हेलीमा की शादी हो गई है पर भी उनकी चूत का राजा मेरे लंड ही है। वो अभी भी मुझसे चुदती है।

आगे की कहानी जानने के लिए नीचे कमेंट करें, और इस वेबसाइट को रोजाना विजिट करें।

मैं जल्दी ही आपको हेलीमा की गांड से मिलवाऊंगा।

उम्मीद करता हूं मेरी और हेलीमा की हॉट टीचर फक कहानी ने आपके लंड से पानी और औरतों की पैंटी गीली कर दी होगी।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।