Papa ki wife bani beti long sex story: मेरा नाम किरण है और उम्मीद करती हूँ कि ये स्टोरी आप को पसंद आएगी ये स्टोरी दरअसल मेरी और मेरे पापा की है और मैं आज कल उन के साथ उन की वाइफ बन कर रहती हूँ और हमारे 2 बच्चे हैं. सब से पहले मैं अपने फिगर के बारे मे बताती हूँ मेरा फिगर 34-28-36 है. मैं स्टोरी की तरफ आती हूँ कि कैसे ये सिलसिला स्टार्ट हुआ.
मेरी मोम की मौत जब हुई तो मैं बहुत छोटी थी। उस समय मेरी उम्र शायद सिर्फ पांच साल की रही होगी। घर में शोक की लहर दौड़ गई थी और पापा अकेले पड़ गए थे। कुछ समय बाद पापा ने दूसरी शादी कर ली। मेरी सौतेली मोम जिन्हें मैं स्टोरी में मोम ही कहूंगी एक बहुत ज़ालिम औरत थी। मुझे पहले दिन से ही वह पसंद नहीं करती थी। उसकी आँखों में मेरे लिए नफरत साफ दिखती थी। वह मुझे बेवजह के मारती रहती थी। उसकी मार खाकर मेरे शरीर पर नीले निशान पड़ जाते थे। पीठ पर छड़ी की लकीरें उभर आती थीं। दर्द से मैं रात भर रोती रहती थी लेकिन किसी से शिकायत नहीं कर पाती थी। इसी तरह मैं मोम की मार खाते खाते बड़ी हुई। वह मुझसे घर का सारा काम करवाती थी। सुबह उठते ही झाड़ू लगाना पड़ता था। फिर बर्तन मांजने का काम। कपड़े धोने के लिए नल पर घंटों खड़े रहना पड़ता था। खाना बनाना भी मेरा जिम्मा था। लेकिन प्यार के दो बोल कभी नहीं बोलती थी। उसके मुंह से कभी एक अच्छा शब्द नहीं निकलता था। मोम के कोई बच्चा नहीं हुआ।
कुछ अरसे तक तो मोम और पापा के ताल्लुकात ठीक रहे। वे एक दूसरे से बातें करते थे। कभी कभी हंसी मजाक भी होता था। फिर धीरे धीरे वो एक दूसरे से दूर होने लगे। इसकी वजह मेरी मोम का बिहेवियर था। वह पापा की केर नहीं करती थी। पापा थक कर घर आते तो वह उनके लिए चाय तक नहीं बनाती थी। पापा भी मोम को नजरअंदाज करते हुए दूसरी औरतों में दिलचस्पी लेने लगे। मैंने देखा कि पापा अक्सर बाहर देर से आते थे और उनकी आँखों में एक अलग चमक होती थी। मैं कॉलेज में आ गई थी और सहेलियों से मुझे सेक्स के बारे में काफी कुछ पता चल चुका था। सहेलियां चुपके चुपके कहानियां सुनाती थीं। वे लड़कों के साथ छेड़छाड़ की बातें करती थीं। उनके किस्सों से मेरे शरीर में एक अजीब सी गर्मी महसूस होती थी। मैं उन बातों को सोच सोच कर रात को बिस्तर पर करवटें बदलती थी।
एक दिन ये हुआ कि मोम के भाई आए हुए थे। उनका बिहेवियर उस दिन कुछ अजीब लग रहा था। वे बार बार इधर उधर देख रहे थे और उनकी आवाज में घबराहट थी। मैं किसी काम से मॉम की रूम की तरफ गई तो अंदर से मोम के भाई की आवाज सुनकर वहीं रुक गई। मैंने सांस रोके उनकी बातें सुननी शुरू कर दीं।
मोम के भाई: जल्दी करो आपा मुझे पैसे दे दो।
मोम: मेरे पास पैसे नहीं हैं तुम्हें शर्म नहीं आती।
मोम के भाई: मैं क्या करूं किस से मांगूं पैसे एक तुम ही तो हो अगर नहीं दोगी तो मैं जीजा जी को तुम्हारे बारे में सब बता दूंगा और वो तुम्हें फौरन तलाक दे देंगे।
मोम: प्लीज ऐसा मत करना ये आखरी बार पैसे दे रही हूं इसके बाद नहीं दूंगी।
इसके बाद मोम ने पैसे अपने भाई को दिए। उनकी उंगलियां कांप रही थीं। चेहरे पर पसीना चमक रहा था। जैसे ही वो पैसे लेकर रूम से बाहर आया तो मुझे रूम के बाहर खड़े देखकर पहले थोड़ा घबराया। उसकी आँखें फैल गईं। फिर वह जल्दी से चला गया। जब कि मोम की हालत देखने वाली थी। उनको पता चल गया था कि मैंने उनकी बातें सुन ली हैं। मोम ने अपने आप को संभाला। उन्होंने सांस ली और चेहरा सामान्य बनाने की कोशिश की। उस दिन मुझसे कोई सख्त बात नहीं की।
कुछ दिन के बाद मोम के एक कजिन अंकल रियाज जो अक्सर आते थे आए। मोम उन के साथ बहुत फ्रैंक थीं। वे हंसते हुए बातें करती थीं और कभी कभी उनके कंधे पर हाथ रख देती थीं। उस दिन भी मोम के साथ वो रूम में चले गए। मैं टीवी देखने लगी। टीवी पर कोई रोमांचक फिल्म चल रही थी। मैं उसमें मगन हो गई थी। समय का पता नहीं चला। कमरे में पंखे की हवा चल रही थी लेकिन मेरी गर्दन पसीने से तर थी। मैंने घड़ी पर टाइम देखा तो दोपहर के खाने का टाइम हो रहा था।
मैं जल्दी से उठी और मोम से ये पूछने के लिए कि खाने में क्या बनाना है उनके रूम की तरफ गई। अभी मैं दरवाजे पर ही पहुंची थी कि अंदर का मंजर देखकर मेरा जिस्म सनसना गया। मैंने दरवाजा थोड़ा सा खोला था। अंदर कमरे की हल्की रोशनी में मेरी मोम अंकल रियाज की गोद में आराम से बैठी हुई थीं। उनकी टांगें अंकल की जांघों के चारों ओर लिपटी हुई थीं। उनका शरीर अंकल की छाती से पूरी तरह सटा हुआ था। अंकल का दायां हाथ मोम की कमीज़ के अंदर घुसा हुआ था। उनकी हथेली मोम के नंगे स्तनों पर थी। उन्होंने पहले धीरे से मोम के भारी और नरम बूब्स को अपनी मुट्ठी में भर लिया। फिर उंगलियां धीरे धीरे दबाने लगीं। मांसल हिस्सा उनकी उंगलियों के बीच निचुड़ रहा था। अंकल का अंगूठा मोम के सख्त हो चुके निप्पल पर रगड़ रहा था। हल्की हल्की चुटकी ले रहे थे। मोम की सांसें तेज और भारी हो गई थीं। उनके होंठों से हल्की सी आह निकल रही थी। चेहरा लाल हो गया था। आंखें आधी बंद थीं। उनका शरीर हल्का हल्का कांप रहा था। कमर थोड़ी थोड़ी हिल रही थी।
अंकल का बायां हाथ मोम की कमर पर था और उन्हें और भी करीब खींच रहा था। कमरे में उनकी मिली हुई सांसों की आवाज और हल्की पसीने की महक आ रही थी। जैसे ही उन दोनों को मेरे आने का अहसास हुआ तो मोम चौंककर जल्दी से उठ गई। उन्होंने अपनी कमीज़ को ठीक किया। उनका चेहरा शर्म और घबराहट से और भी लाल हो गया। अंकल तो फौरन वहां से चले गए। लेकिन मुझे अब समझ में आ गया था कि मोम और अंकल के दरम्यान ताल्लुकात हैं जिस के बारे मे मोम के भाई को पता था और वो ब्लॅक मैल कर के मोम से पैसे लेता था।
अंकल के जाने के बाद मैं ने नफ़रत भरी निगाहों से मॉम को देखा और वहाँ से किचिन में आ गई। थोड़ी देर बाद मॉम भी किचिन में आ गई और मुझ से कहने लगीं कि मैं पापा को कुछ ना बताऊं लेकिन मैं तो अपने सारे बदले लेने के मूड में थी। मैं भला ये चांस क्यों छोड़ती।
मेरी आँखों में घृणा की आग सुलग रही थी। मैंने मॉम को घूरते हुए देखा। मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था। किचिन में पुरानी मसालों की तेज महक नाक में घुस रही थी। फर्श के ठंडे टाइल्स मेरे पैरों को छू रहे थे। मेरे हाथ कांप रहे थे।
थोड़ी देर बाद मॉम भी किचिन में आई। उनका चेहरा सफेद पड़ गया था। आँखों में घबराहट साफ दिख रही थी। उन्होंने धीमी लेकिन कांपती आवाज में कहा कि मैं पापा को कुछ न बताऊं। लेकिन मैं तो अपने सारे बदले लेने के मूड में थी। सालों की मार और अपमान याद आ रहे थे। मैं भला ये चांस क्यों छोड़ती।
जब पापा आए तो कुछ देर के बाद मैं उनके रूम में गई। मैंने पापा को मोम और अंकल की हरकत के बारे में बता दिया। कमरे में शाम की हल्की रोशनी चमक रही थी। पंखे की हवा धीरे चल रही थी। मैंने सब कुछ विस्तार से बताया।
मोम ने कहा कि मैं झूठ बोल रही हूँ। बट पापा गुस्से में आ गए। उनका चेहरा लाल हो गया। आँखों में आग सी जलने लगी। उन्होंने मोम की एक न सुनी। मोम को खूब मारा। हर थप्पड़ की तेज आवाज पूरे घर में गूंज रही थी।
मोम चीख रही थी। उनका शरीर हर वार के साथ हिल रहा था। उनके गाल लाल और सूज गए थे। आँसू उनकी आँखों से बह रहे थे। मैं मुस्कुराते हुए मोम को मार खाता देख कर अपने रूम में आ गई।
मोम की मार का सिलसिला ना जाने कितनी देर चला। मैं सो गई। रात भर दूसरे कमरे से उनकी रोने की आवाजें आती रहीं। सुबह जब उठी तो नाश्ता बना के टेबल पर लगाया। मैंने पापा को नाश्ते के लिए बुलाया।
पापा तो आ गए लेकिन मॉम नहीं आई। मैं जानती थी कि वो क्यों नहीं आई हैं। टेबल पर चाय की भाप उठ रही थी। पराठों की खुशबू फैल रही थी। पापा नाश्ता करके काम पे चले गए। मैं स्कूल चली गई।
जब स्कूल से वापिस आई तो मैं कपड़े चेंज करके दोपहर का खाना बनाने किचिन में गई। थोड़ी देर बाद मोम वहाँ आ गई। उसके फेस पे नील पड़े हुए थे। ये बता रहे थे कि कल रात उन्हें बहुत मार पड़ी है।
मोम ने मुझ से कहा किरण ये तुम ने अच्छा नहीं किया। अब मैं तुम्हारे साथ वो करूँगी जो तुम ने सोचा भी नहीं होगा। उनके स्वर में ठंडी धमकी थी। मैं ने भी जवाब दिया जाओ जो करना है कर लो। मैं तुम से डरने वाली नहीं हूँ।
उस दिन के बाद मेरी मॉम से बोल चाल बिल्कुल बंद हो गई। बस काम की बात होती थी। मैं खुश थी कि मेरी जान छूट गई। लेकिन मुझे पता नहीं था कि अब फंसने की बारी मेरी है।
हमारी गली में एक लड़का रहता था। वो मुझ पर लाइन मारता था। मुझे भी वो अच्छा लगता था। स्कूल के रास्ते में वो मुझे लेटर दिया करता था। मैं घर आकर रात में पढ़ती। उन लेटर्स का रिप्लाई लिखकर अगले दिन उस लड़के को देती।
कुछ अरसे तक लेटर्स का सिलसिला चला। फिर वो लड़का मुझ से डेट पर चलने की जिद करने लगा। पहले तो मैं ने इनकार किया। पर फिर मैं भी राजी हो गई। प्रोग्राम सेट किया। स्कूल जाने की बजाय मैं उसके साथ डेट पर जाऊंगी। स्कूल का टाइम उसके साथ गुजार कर छुट्टी के टाइम घर आ जाऊंगी।
मेरी बैड लक थी कि मैं उस लड़के के साथ एक रेस्टोरेंट में आ गई। हम कुछ देर तक इधर उधर की बातें करते रहे। फिर हम ने खाने का ऑर्डर किया। खाना आया और हम खाने लगे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
अभी हम खाना खा रहे थे कि सामने वाली टेबल जो अभी तक खाली थी उस पर दो आदमी आकर बैठे। उन को देख कर मेरी तो जान निकल गई। क्योंकि उन में से एक पापा थे। खाना मेरे हलक में फंस रहा था।
मेरा गला सूख गया। पसीना मेरी गर्दन पर बहने लगा। मैं जल्दी से वहाँ से निकल जाना चाह रही थी। पापा की नजर मुझ पर पड़ गई। उनके फेस पर हैरत और गुस्से के इमोशन्स थे। लेकिन बात का बतंगड़ ना बने इसलिए वो चुप रहे।
मैं ने उस लड़के को कहा कि फौरन यहाँ से चलो। उसके कुछ कहने से पहले मैं उठकर रेस्टोरेंट से बाहर आ गई। मेरे पीछे वो लड़का भी आ गया।
मैं ने उसे बताया कि मेरे पापा ने हमें देख लिया है। ये सुन कर वो भी परेशान हुआ। हम दोनों ने टाइम खराब नहीं किया। बाइक पर बैठकर स्कूल की रोड पर आ गए।
वहाँ उस ने मुझे ड्रॉप किया और चला गया। मैं ऑटो में बैठकर घर आ गई। घर मैं टाइम से पहले आ गई थी। मोम ने मुझे हैरानी से देखा। पूछा कि जल्दी कैसे आ गई।
तो मैं ने बहाना बनाया कि तबीयत खराब हो गई थी। इसलिए छुट्टी लेकर आई हो। उस दिन दोपहर का खाना मोम ने बनाया। मैं अपने रूम में ही रही। बहुत डर लग रहा था कि पापा क्या करेंगे।
ये ही सब सोचती सोचती शाम हो गई। पापा आ गए। उन्होंने मुझे बुलाया। रेस्टोरेंट वाले किस्से और उस लड़के के बारे में पूछा।
मैं ने झूठ बोलने की कोशिश की। तो पापा ने मुझे थप्पड़ मारा। मोम सारी बात से अनजान हैरानी से सब देख रही थी। पापा मुझे और मारने के लिए बढ़े।
तो मोम ने उन को रोका। मुझे अपने रूम में जाने को कहा। कि मैं रोती हुई अपने रूम में आ गई। थोड़ी देर गुजरी। लेकिन मेरे पास ना मोम आईं ना पापा।
कुछ देर वेट करके मैं पापा और मोम के रूम की तरफ गई। शायद मुझे कुछ पता चल जाए कि उन दोनों में मेरे मुतल्लिक क्या बात हो रही है। जैसे ही मैं उनके रूम के पास पहुंची तो डोर आधे से ज्यादा बंद था।
लेकिन अंदर से आवाज आ रही थी। जो मैं सुनने लगी।
पापा: मैं किरण को जान से मार दूँगा।
मोम: पागल मत बनो।
पापा: ये सब तेरी वजह से हुआ है तू खराब है तुझे देख कर किरण ने ऐसा किया है।
मोम: मैं ने उसे ऐसा करने को कहा था? और तुम कौन सा बहुत ठीक हो तुम दूसरी औरतों के साथ अयाशी नहीं करते?
ये सुन कर पापा कुछ देर को चुप हो गए। थोड़ी देर के बाद मोम बोली।
मोम: देखो मामला खराब है मेरे पास एक आइडिया है वादा करो ठंडे दिमाग से सोचोगे। इस तरह हम बदनामी से भी बच जाएंगे तुम्हारा भी काम बन जाएगा और किरण का भी।
पापा: क्या मतलब।
मोम: आइडिया ये है कि तुम किरण से जिस्मानी ताल्लुक बना लो इस तरह तुम्हें भी जवान जिस्म मिल जाएगा और तुम भी घर से बाहर नहीं रहोगे और दूसरे घर की बात घर में ही रहेगी।
पापा: क्या बकवास कर रही हो।
मोम: ज़रा सोचो किरण आज उस लड़के के साथ थी क्या पता चुदवा ना लिया हो अगर नहीं चुदवाया तो कल को चुदवा लेगी फिर क्या करोगे? मैं कोई उसकी दुश्मन थोड़ी हूँ।
पापा: लेकिन ये सब होगा कैसे और लोग क्या कहेंगे? किरण मान जाएगी?
मोम:जहाँ तक बात किरण की है तो वो मुझ पर छोड़ दो जैसा मैं कहती हूँ तुम करते जाना .और लोगो को दिखाने के लिए हम किरण की नकली शादी कर देंगे और ये सिटी चेंज कर लेंगे और लोगो को बताएँगे कि किरण का हब्बी आउट ऑफ कंट्री है है. फिर जैसे चाहो किरण को यूज़ करो.
पापा की भारी सांसें कमरे में गूंज रही थीं। उनकी आँखें हैरानी से फैली हुई थीं। मोम का चेहरा आत्मविश्वास से चमक रहा था और उनकी आवाज में कोई झिझक नहीं थी।
पापा: लेकिन वो तो मेरी डॉटर है।
मोम: वो एक लड़की भी है उस को मर्द की नज़र से देखो। वो एक मस्त लड़की है।
पापा: देखो मरवा ना देना।
मोम: हंसते हुए कुछ नहीं होगा। देखना तुम को कितना मज़ा देगी एक बार तुम्हारे नीचे आई तो फिर देखना कैसे उछल उछल कर चुदवाएगी।
ये सुन कर मैं अपने रूम में आ गई और सोचने लगी कि क्या मेरे पापा मेरे साथ ये सब करेंगे। मोम का आइडिया मेरी समझ में आ गया था कि उन्होंने ऐसा मुझ से बदला लेने के लिए किया था। मैं सारी रात रोती रही सुबह के करीब मेरी आँख लग गई।
सुबह मेरी आँख देर से खुली। मेरे सर में तेज दर्द हो रहा था। थोड़ी देर के बाद मोम मेरे पास नाश्ता लेकर आईं। मैं ने उनके मजबूर करने पर थोड़ा सा खाया। फिर मोम कहने लगी देखो मेरी बात को गौर से सुनना इनकार नहीं करना क्योंकि इनकार की सूरत में तुम्हारे साथ बहुत बुरा होगा। फिर उन्होंने पूछा कि उस लड़के से जिस से तुम्हारा अफेयर है चुदवाया तो नहीं।
मैं ने कहा कैसी गंदी बात कर रही है आप।
मोम ने कहा इतनी सीधी तुम भी नहीं हो जितना पूछा है उतना बताओ।
मैं ने कहा कि मैंने उस से कुछ नहीं करवाया।
मॉम कहने लगी ये तो अच्छी बात है अब सुनो आज से तुम्हारा स्कूल जाना बंद है तुम्हारे पापा बहुत गुस्से में हैं हम तुम्हारी शादी तुम्हारे पापा से कर रहे हैं।
ये सुन कर मैं ने चीख कर पूछा कि ये आप क्या कह रही हैं।
उन्होंने मेरे फेस पर थप्पड़ मार कर कहा कुतिया बड़ी मुश्किल से तेरी पापा को राज़ी किया है ज्यादा नखरे ना कर वरना जान से मार दूँगी।
मैं रोने लगी। उन्होंने कहा कि इस एज में भी वो जवान हैं और तुझे बहुत खुश रखेंगे आज नहीं तो कल किसी को तो तू ने देनी है तो पापा को दे दे इस तरह वो भी घर से बाहर मुँह नहीं मारेंगे। फिर उन्होंने कहा जैसा मैं कहूँ करती जाना मुझे शिकायत ना मिले अब पापा को ज्यादा टाइम देना है और उनकी पसंद नापसंद को समझना है उन को प्यार दो और प्यार लो।
मैं ने कहा जो मर्ज़ी कर लो लेकिन मैं ये नहीं करूँगी।
ये सुन कर मोम ने मुझ पर थप्पड़ों की बारिश कर दी। काफी देर तक वो मुझे मारती रही जब मैं मार खाकर निढाल हो गई तो मुझे बेड पर पटक के चली गई। मेरा अंग अंग दर्द कर रहा था मुझे अपनी हालत पे रोना आ रहा था।
इसी तरह काफी टाइम हो गया। अचानक मेरे रूम का दरवाज़ा खुला और मोम मेरे लिए खाना लेकर आ गईं। उन्होंने मुझे खाना खाने को कहा। मैं ने कहा मुझे भूख नहीं है तो मोम ने मुझे थप्पड़ मार कर कहा कुतिया खाना नहीं खाएगी तो मर जाएगी।
मैं ने कहा ऐसी लाइफ से अच्छी तो मौत है।
मोम हँसने लगी और कहने लगीं अगर तू मर गई तो तेरे पापा को इतना मस्त माल कहाँ से मिलेगा।
मैं ने कहा शर्म आनी चाहिए आपको वो मेरे फादर हैं।
मोम ने हंसते हुए कहा समझो फादर थे अब तो उनकी वाइफ बनने की तैयारी करो। फिर मोम ने मुझे मार पीट के ज़बरदस्ती खाना खिलाया और चली गई।
मैं अपने रूम में पड़ी रही। रात को मैं ने सोचा कि पापा से बात कर के देखती हूँ। मैं मोम और पापा की बातें सुन तो चुकी थी लेकिन फिर भी मुझे गुमान था कि पापा इनकार कर देंगे। मैं अपने रूम से निकल कर मोम के रूम में आई। पापा बाथरूम में थे।
मोम ने मुझ से पूछा तुम किस लिए आई हो।
मैं ने पूछा मुझे पापा से बात करनी है वो कहाँ हैं।
मोम ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे रूम से बाहर ले आई और कहा एक बात कान खोल के सुन ले दुबारा तू अगर अपनी चुदाई से पहले पापा से बात करने की बात अपनी ज़ुबान पे भी लाई तो तेरे मुँह का वो हाल करूँगी कि बोलने के काबिल नहीं रहेगी तू अपने रूम में जा।
मैं दिल में मोम को गालियाँ देती हुई अपने रूम में आ गई। रात गुज़रती रही और मैं अंदर ही अंदर मरती रही जब मैं ने पापा से बात करने के लिए एक बार और ट्राई करने का सोचा इसलिए मैं फिर से मोम के रूम की तरफ आई। मेरी ख्याल था मोम सो गई होंगी और मैं पापा से बात कर सकूँगी वैसे भी पापा के सामने मोम मेरा कुछ नहीं कर सकेंगी। जब मैं रूम के डोर पर पहुँची तो रुक गई अंदर से बातों की आवाज़ आ रही थी।
पापा: लगता है किरण नहीं मानेगी।
मोम: मानेगी कैसे नहीं तुम बस देखते जाओ।
पापा: वैसे भी अभी छोटी है।
मोम: कोई छोटी नहीं है कभी तुम ने गौर किया हो उस पर तो तुम्हें पता चले।
पापा: तुम बात को समझ नहीं रही हो मेरा मतलब है कि क्या वो मेरा लंड ले पाएगी।
मोम: हँसती हुई ले लेगी यार तुम फिकर ना करो इतनी भी छोटी नहीं है।
पापा: क्या प्रोग्रेस है कब तक काम बन जाएगा।
मोम: थोड़ा टाइम तो लगेगा अभी तो वो गुस्से में है लेकिन ठंडा हो जाएगा उसका गुस्सा।
ये सुन के मेरे होश बिल्कुल ही उड़ गए और मेरी उम्मीद भी खत्म हो गई क्योंकि पापा की बातों से साफ ज़ाहिर था कि वो भी वही चाहते हैं जो मोम चाहती हैं।
मैं अपने रूम में आ गई। मेरा बस चलता तो मैं खुदकुशी कर लेती लेकिन मुझ में इतनी हिम्मत नहीं थी।
मोम ने मेरे साथ मार पीट का सिलसिला जारी रखा हुआ था। एक वीक हो चुका था लेकिन मैं ने हार नहीं मानी थी। एक दिन मोम ने कहा तुम कहती हो कि तुम ने पापा से रिलेशन नहीं बनाना तो ना बनाओ लेकिन तैयार हो जाओ आज शाम में हम तुम्हारी शादी कर रहे हैं।
मैं ने पूछा लेकिन किस से।
तब मोम बोली मेरे दूर के अंकल हैं उसको ओल्ड एज में केयर की ज़रूरत है उनको तुम्हारी पिक दिखाई थी उनको तुम बहुत पसंद आईं और तुम से शादी को तैयार हैं और ये कह के उन्होंने मुझे एक पिक दी और कहा ये देख लो तुम्हारे पास 2 रास्ते हैं एक तो अगर पापा से शादी नहीं करनी तो इस से शादी करनी पड़ेगी नहीं तो पापा ही से होगी तुम्हारी शादी। वो ये कह कर चली गई कि सोच लो 1 अवर के बाद मे आउन्गि तुम पापा और इस मे से किसी एक को फाइनल कर के रखना।
मैं ने हाथ मे पकड़ी पिक को देखा तो मेरे तो होश उड़ गये बहुत ओल्ड मॅन था वो आदमी , पापा उस के मुक़ाबले मे बहुत बेहतर थे. लेकिन वो मेरे पापा थे इसी वजह से मैं फ़ैसला नही कर पा रही थी काफ़ी सोचने के बाद मैं ने फ़ैसला कर लिया कि मुझे पापा से ही शादी कर लेनी चाहिए क्यूँ कि मोम और पापा अभी तो प्यार से कह रहे हैं कल को अगर मेरे इनकार की सूरत मे वो मेरे साथ ज़बरदस्ती भी तो कर सकते थे. ये सोच कर मैं अपने ज़हन को रीड करने लगी मैं हार गई थी पापा का सहारा था लेकिन वो तो खुद मुझे चोदना चाहते थे.
मेरी उंगलियां कांप रही थीं जब मैंने उस पुरानी तस्वीर को हाथ में पकड़ा। उस आदमी का चेहरा झुर्रियों से भरा हुआ था। बाल सफेद हो चुके थे और आंखें थकी थकी दिख रही थीं। मेरे पापा की तुलना में वो बहुत बूढ़े लग रहे थे। पापा अभी भी तगड़े और आकर्षक थे लेकिन फिर भी वो मेरे पापा थे। इसी वजह से मैं फैसला नहीं कर पा रही थी। काफ़ी देर तक सोचने के बाद मैंने मन में फैसला कर लिया कि मुझे पापा से ही शादी कर लेनी चाहिए क्योंकि मोम और पापा अभी तो प्यार से कह रहे हैं। कल को अगर मेरे इनकार की सूरत में वो मेरे साथ ज़बरदस्ती भी तो कर सकते थे। ये सोचकर मैं अपने ज़हन को रीड करने लगी। मैं हार गई थी। पापा का सहारा था लेकिन वो तो खुद मुझे चोदना चाहते थे।
मोम अंदर आई और मुझ से पूछा क्या फ़ैसला किया?
मोम का चेहरा कठोर था। उनकी आंखें मेरी तरफ़ तीखी नजर से देख रही थीं। कमरे में हल्की सी पसीने की महक फैली हुई थी।
मैं ने सोचा दोनो से इनकार करने की ट्राइ करती हूँ शायद मैं बच जाऊ मैं ने कहा मैं किसी से भी शादी नही करूँगी. मोम को ये सुन कर गुस्सा आ गया उन्हो ने मुझ पर थप्पड़ो की बारिश कर दी और कहा कुतिया तू ऐसे नही माने गी मैं तेरे पापा को फ़ोन करती हूँ वो आज ही तुझे चोदेन्गे. ये कह कर मोम ने फ़ोन निकाला
मैं ने फॉरन कहा मैं पापा से शादी करने के लिए तैयार हूँ लेकिन मुझे थोड़ा टाइम चाहिए.ये सुन के मोम ने कहा गुड गर्ल मुझे तुम से ये ही उम्मीद थी. जब तू मान ही गई है तो थोड़ा टाइम मिल जाएगा .वो मेरे करीब आईं और
मोम ने अचानक मेरी शलवार का नाड़ा खींचा और उसे थोड़ा सा नीचे सरका दिया। ठंडी हवा मेरी नंगी जांघों और नाभि के नीचे वाली जगह पर लगी। मेरी चूत के ऊपर के घने बाल हवा में हिलने लगे। मोम ने झुककर गौर से देखा। उनकी उंगलियों ने हल्के से बालों को छुआ।
उन्हो ने अचानक मेरी शलवार को थोड़ा सा नीचे किया और मेरे बालो को देख कर कहा कि इन्हे साफ रखा करो पापा को साफ चूत पसंद है देखना जब तुम्हारी चिकनी होगी तो तेरे पापा तेरी चाटेन्गे. जब अपनी चटवायेगी ना देखना तुम्हे कितना मज़ा आएगा . क्या कभी किसी से चटवाई है .
मैने कहा नही मम्मी ऑर ..
मोम ने मेरी कमीज़ उतारने को कहा। जब मैंने इनकार किया तो उन्होंने खुद ज़बरदस्ती मेरी कमीज़ ऊपर खींचकर उतार दी। मेरी ब्रा में कैद भारी बूब्स हवा में लहरा गए। फिर मोम ने मेरी बगलों को देखा। उनकी उंगलियां धीरे से वहां के नरम बालों को सहलाने लगीं।
फिर मुझे कमीज़ उतारने को कहा मैं ने नही उतारी तो खुद ज़बरदस्ती उतार कर मेरी बगलें(आर्म्पाइट) मे बाल देख कर कहा गुड यहाँ के बाल साफ मत करना पापा को बहुत पसंद हैं. फिर मुझे कहा कि तैयार हो के जल्दी नीचे आओ हम शॉपिंग करने जाएँगे.
मैं बे दिली से तैयार हो के नीचे आई तो मोम मेरा वेट कर रही थी हम दोनो मार्केट आए पहले मॉम ने मेरे लिए कुछ टाइट फिटिंग के लो कट गले वाले बारीक ड्रेस लिए फिर कुछ लो कट्स ब्रा और पेंटीस ली उस के बाद वो मुझे पार्लर मे ले गई जहाँ मेरा फेशियल करवाया और हम घर आ गये.
घर पहुँच कर मैं दोपहर का खाना बनाने की तैयारी करने लगी बट मेरा दिमाग़ अभी तक इसी मे उलझा हुआ था कि ये क्या हो रहा है और आगे क्या होगा इसी उलझन में दोपहर का खाना बनाया. मोम ने मुझे कहा कि थोड़ा आराम कर लो उस के बाद जो शॉपिंग आज की है उन में से कोई ड्रेस पहन कर तैयार हो जाना आज पापा जल्दी आएँगे उन्हो ने फ़ोन कर के बताया है.
मैं अपने रूम मे जा कर सो गई जब आँख खुली तो शाम होने वाली थी. मैं जल्दी से उठी और शॉपिंग वाले बॅग से कपड़े निकाल कर चूज करने लगी. सारी कपड़े ही सेक्सी थे मैं ने एक वाइट कलर का सूट और पिंक कलर की ब्रा और पैंटी चूज़ की जो आज ही खरीदी थी ये सब ले कर मैं बाथ रूम मे घुस गई. नहा कर वो ड्रेस पहन कर बाहर आई जब मैं मेकप करने मिरर के सामने बैठी तो मेरी आँखें खुली रह गईं. कमीज़ का गला बहुत बड़ा था और कमीज़ बहुत टाइट थी और बारीक इतनी कि मेरी ब्रा नज़र आ रही थी एसी ही हालत शलवार की भी थी कि उस में से मेरी लेग्स नज़र आ रही थीं . जब मैं मेकप कर के निकली तो मैं ने दुपट्टा अच्छी तरह से अपने सीने के गिर्द लपेट लिया
मोम ने देखा तो डाँट कर कहा कि घर मे दुपट्टा लेने की ज़रूरत नही है अपना हुश्न पापा को सही से दिखाओगी तो बात बनेगी और जल्दी मेरी सोतन बन सकोगी
मैं शर्म से लाल हो गई मोम ने मेरा दुपट्टा मुझ से ले लिया और मुझे समझाया कि जब चलो तो ज़्यादा कूल्हे(गान्ड) को मटका कर चला करो क्यूकी मर्द जब औरतो की मटकती गान्ड देखते हैं वो उस पर ऑर ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो जाते हैं और जब खाना सर्व करना तो झुक कर करना इस से तुम्हारे बूब्स का हुस्न पापा को नज़र आना चाहिए और जब पापा आअएं तो उन से गले मिलना ताकि तुम्हारे जिस्म का टच उन को मिले ऑर एक अदा के साथ शरमाना..
मैं इन बातों का जवाब सिर हिला कर दिया ज्यों ज्यों पापा के आने का टाइम हो रहा था मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धडक रहा था फिर पापा आ गये मैं ने ही डोर खोला पापा ने जैसे ही मुझे इस ड्रेस मे देखा तो कुछ देर तो देखते ही रहे उन की निगाहें मेरे बूब्स पर थी उन्हो ने मुझे कहा आज बहुत खूबसूरत लग रही हो और मेरी कमर में हाथ डाल कर अंदर आए मैं ने फील किया कि पापा मेरी कमर पर हाथ फिरा रहे थे ऑर कभी उनका हाथ मेरी गान्ड पर भी पहुँच रहा है जिसे वो बड़े हल्के ढंग से मसल रहे थे मोम ने देखा तो हंस कर कहने लगी जोड़ी बहुत प्यारी लग रही है
ये सुन कर मैं पापा से अलग हुई और किचिन में चली गई।
मेरे गाल अभी भी पापा की किस से गर्म थे। मैंने जल्दी से अपनी कमीज़ को ठीक किया ताकि मेरे भारी बूब्स का नज़ारा कम हो जाए। किचिन में घुसते ही मसालों की तेज महक नाक में भर गई। मैंने चुपचाप खाने की प्लेटें टेबल पर लगाईं। हर प्लेट में गरमा गरम रोटियां और सब्जी रखते समय मेरी उंगलियां थोड़ी थोड़ी कांप रही थीं। मैंने नोट किया कि पापा की निगाहें मुझ पर ही थीं। उनकी आंखें बार बार मेरी टाइट कमीज़ के गहरे गले पर और मेरी मटकती गान्ड पर रुक रही थीं।
जब खाना लग गया तो मोम ने पापा के साथ वाली चेयर पर मुझे बैठने का इशारा किया। मैं चुप चाप बैठ गई। मेरी जांघें एक दूसरे से सटी हुई थीं। पापा की प्लेट में खाना डालने के लिए मोम के बताए फॉर्मूले के मुताबिक मैं थोड़ा सा झुकी। कमीज़ का बड़ा गला खुल गया और मेरे नरम भारी बूब्स का गहरा नज़ारा पापा को मिल गया। मेरे गुलाबी निप्पल ब्रा के ऊपर से हल्के से उभरे हुए दिख रहे थे। मैंने नोट किया कि पापा की शलवार में तंबू सा बन गया था। उनका लंड सख्त होकर कपड़े को तान रहा था। मेरे हुस्न का जादू चल रहा था लेकिन मुझ में झिझक थी। मेरा चेहरा शर्म से लाल हो रहा था।
मोम ने जल्दी से खाना फिनिश किया और कहने लगीं मैं कबाब में हड्डी बन रही हूँ इसलिए मैं सोने जा रही हूँ तुम लोग एक दूसरे को एंजॉय करो। ये सुन कर मैं ने आँखें झुका लीं। खाना खा कर पापा ने मुझे हग किया। उनका मजबूत शरीर मेरे नरम जिस्म से पूरी तरह सट गया। उन्होंने मेरे गालों पर गीली किस की। उनका सख्त लंड मेरी चूत को सीधे टच कर रहा था। पतली शलवार और पैंटी के बीच से भी मुझे उनकी गर्मी और कड़कपन महसूस हो रहा था। इससे मेरे पूरे जिस्म में सनसनी की लहर दौड़ गई। मैं हल्का सा वेट हो रही थी। मेरी चूत के होंठ गीले होने लगे थे।
इस के बाद पापा ने मुझे थैंक्स कहा कि मैं ने उनके लिए तैयारी की। मैं खामोश रही। फिर पापा अपने रूम में चले गए और मैं कुछ वेट कर के उनके पीछे उनकी बातें सुनने चली गई। पापा मोम से कह रहे थे यार तुम ने कमाल कर दिया किरण बहुत खूबसूरत लग रही थी दिल चाह रहा था कि अभी चोद दूं।
मोम: ऐसे कैसे चोद दोगे पहले उसे शॉपिंग करवाओ ज्वेलरी ड्रेस दिलवाओ उसे सिनेमा दिखाने ले जाओ उसके साथ थोड़ा टाइम गुजारो ताकि उसकी झिझक कम हो।
पापा: तो मैं 2 दिन की छुट्टी ले लेता हूँ किरण के लिए।
मोम: ये ठीक रहेगा।
इस के बाद खामोशी छा गई और मैं धड़कते दिल के साथ अपने रूम में आ गई। सुबह जब मैं नाश्ता बनाने के लिए किचिन में गई तो मोम ने कहा कि कुछ दिन तुमसे काम नहीं करवाना आखिर तुम्हारी शादी हो रही है। मैं ने कहा आप भी ना।
नाश्ते की टेबल पर मोम ने कहा कि किरण तुम्हारी न्यू लाइफ शुरू हो रही है इसमें जितना खुल के हिस्सा लोगी मजे में रहोगी वो तुम्हें घुमाने ले जा रहे हैं तुमको ड्रेस और ज्वेलरी वगैरह लेकर देंगे और कुछ सेक्सी नाइटies और ब्रा पैंटी भी उनको अपना साइज़ ठीक से बता देना और हाँ उनको बोलकर एक हेयर रिमूवर भी ले लेना इतना बोलकर मोम मुस्कुरा पड़ी।
मुझे बड़ी शर्म आ रही थी।
मोम-मेरा काम तुम्हें मर्द को खुश रखने का तरीका बताना था सो वो मैंने बता दिया। अब मैं तुम्हारे और पापा के दरमियान नहीं आउंगी तुम दोनों को एक दूसरे को खुद हैंडल करना होगा अगर कोई प्रॉब्लम हो तो मुझसे पूछ लेना ये कहकर मोम ने कहा कि वो अपनी किसी दोस्त के घर जा रही हैं देर से आएंगी।
पापा ने उनके जाने के बाद मुझे कहा कि तैयार हो जाओ कुछ शॉपिंग करनी है और फिल्म भी देखेंगे। मैं तैयार होने रूम में आई तो पीछे से पापा भी आ गए और कहने लगे आज से मैं तुम्हें जान कहूंगा। फिर उन्होंने मेरे लिए ड्रेस सेलेक्ट किया जो पर्पल कलर का था और वाइट ब्रा और पैंटी भी। मैं तैयार होने लगी और पापा अपने रूम में कपड़े चेंज करने चले गए।
जब मैं तैयार होकर आई तो पापा तैयार हो चुके थे। उन्होंने ब्लू जीन्स और ब्लैक टी शर्ट पहनी हुई थी और बहुत हैंडसम लग रहे थे। मुझे देखकर पापा ने मुझे फिर से हग किया और मेरे लिप्स पे हल्की सी किस की। मेरे सारे जिस्म में करंट दौड़ गया। मेरे निप्पल तुरंत खड़े हो गए। इस के बाद पापा की बाइक पे बैठकर हम घर से निकल गए। मैं पापा से चिपक कर बैठी थी। मेरे भारी बूब्स पापा की कमर से लगे हुए थे जिससे मुझे भी मज़ा आने लगा और मेरे निप्पल्स खड़े हो गए।
लेडीज गारमेंट्स की शॉप से पापा ने कुछ ड्रेस लिए। मेरे लिए 2 साड़ियां जिनके ब्लाउज हाफ थे लीं फिर अंडर गारमेंट्स यानी ब्रा और पैंटी जो बहुत ही स्टाइलिश और हॉट थीं और सबसे आखिर में 5 नाइटies लीं जो ट्रांसपेरेंट थीं और बहुत छोटी।
छोटी इतनी कि वो मेरे घुटनों तक आतीं। जो बस एक डोरी खोल दो अपने आप ही सारी खुल जाती थी। जब हम ये सामान खरीदकर जाने लगे तो मैंने पापा से कहा मुझे कुछ लेना है तो पापा ने कहा क्या तो मैं उनको बोलने पर शर्मा गई थी पर उनके बार बार पूछने पर मैं बोली वो पापा हेयर रिमूवर तो तो।
पापा मेरी ओर देखकर मुस्कुरा पड़े। मैं तो शर्म से पानी पानी हो गई। ये सब लेकर पापा मुझे लेकर एक सिनेमा हाल में ले आए जहां कोई इंग्लिश मूवी लगी हुई थी। हम टिकट लेकर अपनी सीट्स पर बैठ गए। लाइट ऑफ हुई फिल्म शुरू हुई। थोड़ी देर गुजरी कि पापा का हाथ मेरी कमर पर आ गया। वो अंधेरे का फायदा उठाकर मेरी कमर को सहलाने लगे। कुछ देर ऐसा चलता रहा फिर पापा का हाथ मेरे एक बूब पर आ गया और वो कमीज़ के ऊपर से मेरे बूब को दबाने लगे। उनकी उंगलियां मेरे निप्पल को घेर कर मसल रही थीं। मुझे बहुत मज़ा आने लगा और मैं भी हॉट हो गई। मैंने अपने आप को पापा के नजदीक और कर दिया। पापा बारी बारी मेरे दोनों बूब्स मसलते रहे। फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरी शलवार में डाल दिया और मेरी शलवार का नाड़ा खोल दिया। उनकी उंगलियां मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत के लिप्स को सहलाने लगीं। मेरी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी। पापा की मोटी उंगली मेरी चूत के ऊपरी हिस्से को दबा रही थी और गोल गोल घुमा रही थी। मेरी तो जान ही निकल गई। मैं बुरी तरह से गीली हो रही थी। पूरी फिल्म में ये खेल चलता रहा। पापा ने मेरी चूत को लगातार रगड़ा। मैंने 3 बार पानी छोड़ा। हर बार मेरी चूत सिकुड़ती हुई उनके हाथ पर गर्म गीला पानी छोड़ती। मेरी पैंटी मेरे पानी से पूरी भीग चुकी थी। मैंने आहिस्ता से पापा से कहा पापा पैंटी भीग गई है बाहर लोग देखेंगे तो क्या सोचेंगे। इस पर पापा ने अपना हाथ मेरी शलवार से बाहर निकाल लिया। फिल्म एंड हुई हम अपने घर की तरफ चल पड़े।
घर पहुंची तो मोम नहीं आई थी। मैं चेंज करने अपने रूम में चली गई। चेंज करके आई तो पापा ने चाय पिलाने को कहा। मैंने पापा को चाय दी। मैं पापा से नजरें नहीं मिला पा रही थी। चाय पीकर पापा किसी जरूरी काम का कहकर बाहर चले गए और मैं अपने रूम में आकर सो गई। शाम को जब मैं उठी तो मोम और पापा दोनों आ चुके थे। मोम ने खाना बनाया। खाने के बाद मोम ने पूछा तुम लोगों का दिन कैसा गुजरा।
पापा ने कहा कि मेरा तो बहुत अच्छा गुजरा किरण का पता नहीं। मोम ने मेरी तरफ सवालिया नजरों से देखा तो मैंने कहा मेरा भी अच्छा गुजरा। मोम ने हंसते हुए पापा से कहा कहीं ले तो नहीं ली। मेरा फेस शर्म से लाल हो गया। पापा बोले दिल तो बहुत कर रहा था।
मोम ने कहा चलो फिर ये काम जल्द ही कर देते हैं। फिर मोम और पापा ने प्लान बनाया कि नेक्स्ट संडे मैं पापा की वाइफ बन जाऊंगी और मुझे खुलकर फ्यूचर का प्लान बताया कि मेरी सुहाग रात के बाद वन वीक के लिए हम हनीमून पर जाएंगे। उसकी वापसी पर हम ये सिटी छोड़ देंगे। पापा पहले ही अपनी ट्रांसफर की अप्लिकेशन दे चुके थे जो मंजूर हो गई थी। न्यू सिटी में मेरी नकली शादी सिर्फ रिलेटिव्स के सामने होगी ताकि किसी को शक ना हो। इस के बाद पापा और मोम सोने चले गए और मैं अपने रूम में आकर सो गई।
सुबह उठी तो नाश्ते के बाद पापा ने कहा कि किरण तैयार हो जाओ हमने ज्वेलरी और ब्राइड ड्रेस (शादी की ड्रेस) खरीदना है। मैं तैयार होकर आई तो पापा रेडी थे। मैं उनके साथ मार्केट आ गई। पापा ने मेरी पसंद से ज्वेलरी सेट परचेस किया फिर एक मरून कलर की साड़ी हाफ ब्लाउज की परचेस की और हम घर आ गए। दिन थोड़े थे पापा ने आज की छुट्टी को बेकार करना मुनासिब नहीं समझा और लेबर बुलाकर गेस्ट रूम का डबल बेड मेरे रूम में लगवा दिया। ये सब तैयारी होती देखकर मेरा दिल धड़क रहा था और मैं अपने आप को अंदर से स्ट्रॉंग करने लगी। टाइम गुजरा और सैटरडे डे आ गया। मुझे एक दिन के लिए मोम के साथ उनके रूम में शिफ्ट कर दिया गया और पापा गेस्ट रूम में।
पापा ने बहुत प्यारी सेज बनवाई। सारी बेड पर रोज से मेरा नाम लिखवाया। आखिर संडे का दिन आ गया। सुबह नाश्ता करने के बाद प्रोग्राम बना कि रात तो सारी जागते और जगाते गुजरेगी दिन में थोड़ा आराम कर लिए जाए।
शाम को मैं पार्लर से तैयार हो जाऊंगी फिर रात में मोम हंडी कैम से पापा और मेरी वीडियो बना लेंगी खाना कहीं बाहर हम तीनों खाएंगे और घर आकर मैं और पापा अपनी सुहाग रात मनाएंगे।
दिन भर रेस्ट में और फिकर मे गुज़रा शाम को मैं मोम के साथ पार्लर चली गई।
मेरा पूरा दिन बेड पर लेटे लेटे ही बीता। मन में हजारों विचार घूम रहे थे। कभी डर लगता था तो कभी अजीब सी गर्मी शरीर में फैल जाती थी। शाम ढलते ही मैं मोम के साथ पार्लर चली गई। वहां मेरे बालों को खूबसूरती से सजाया गया। मेकअप इतना नाजुक था कि मेरा चेहरा और भी निखर गया। लिपस्टिक गुलाबी और चमकदार थी। आंखों में काजल की गहरी लकीरें थीं। जब मैं तैयार हो गई तो मोम ने पापा को फोन किया। पापा ने हमें पार्लर से लिया और हम एक रेस्टोरेंट में आ गए। वहां हम ने खाना खाया। मेरी प्लेट में गरमा गरम खाना था लेकिन मेरा ध्यान खाने पर नहीं था। पापा की नजरें बार बार मेरे भारी बूब्स पर और मेरी गोरी गर्दन पर टिक रही थीं। घर पहुंचे तो मैं दुल्हन बनी हुई गजब ढा रही थी। मेरी मरून साड़ी का हाफ ब्लाउज मेरे बूब्स को और भी उभार रहा था। पापा की नजरें मुझ पर से हट नहीं रही थीं।
मोम ने शोखी से कहा कि होसला करो तुम्हारी ही चीज है इस पर मैं झेंप गई। मोम ने हंडी कैम से हमारी यादगार मूवी बनाई फिर मेरे कान में कहा कि किरण डरना नहीं खुल कर एंजॉय करना आज तुम ने पापा को दीवाना बना लिया तो सारी जिंदगी तुम्हारे पीछे पीछे फिरेंगे।
मैं खामोश रही बस सिर हिला दिया। इस के बाद मोम ने पापा से कहा आराम से करना और ज्यादा तंग ना करना इस पर पापा मुस्कुरा दिए। इस के बाद मोम ने कहा अब तुम लोग जाओ रूम में किसी चीज की जरूरत हो तो मुझे कह देना ये कह कर मोम मेरे माथे पे प्यार कर के चली गई। अब मैदान साफ था पापा ने मुझे गोद में उठाया तो मैं ने कहा ये क्या कर रहे हैं? पापा बोले मेरी जान को चलने में तकलीफ ना हो। ये कह कर पापा मुझे गोद में उठा कर रूम में ले आए और बेड पर बैठा दिया। सारा रूम रोज की महक से महक रहा था पापा ने डोर बंद किया और मेरे पास आए मेरा दिल जोर से धड़क रहा था मैं ने अपना फेस नीचे कर लिया पापा ने कहा जान तुम दुल्हन बनी और भी हसीन लग रही हो फिर अपने हाथ से मेरा फेस ऊपर किया और हल्के से मेरी आइज मेरे चीक्स और मेरे लिप्स को किस किया फिर अपनी पॉकेट में से एक बॉक्स निकाला उस में एक बहुत खूबसूरत लॉकेट था जिस पे किरण लिखा हुआ था पापा ने वो लॉकेट मुझे पहनाया और मेरी नेक पर किस किया।
पापा के गर्म लिप्स ने मेरे जिस्म में आग लगा दी थी फिर पापा ने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया और कमर पर हाथ फेरने लगे और मेरी तारीफ करने लगे। मैं ने कहा मैं इतनी अच्छी तो नहीं जितनी आप झूठी तारीफ कर रहे हैं इस पर वो बोले तुम्हारा जिस्म गजब का है पतली कमर पर मुनासिब बूब्स और बाहर को निकलती गान्ड ने मेरा सकून ले लिया है। फिर पापा ने मेरी ज्वेलरी उतारी और अपना कोट भी उतार दिया। फिर मुझे लेटा दिया और मेरे साथ लेट कर मेरे जिस्म की स्मेल सूंघने लगे।
मैं ने पूछा कैसी लगी मेरे बदन की बू इस पर वो बोले बहुत प्यारी महक है। फिर पापा ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसना शुरू किया मैं भी हॉट होने लगी और उनका साथ देने लगी। कुछ देर होंठों को चूसने के बाद मेरे पूरे फेस पे किस्सिंग शुरू कर दी फिर वो रुके और अपनी शर्ट उतार दी और बनियान भी उतार दी अब वो सिर्फ पैंट में थे फिर उन्होंने मेरी साड़ी खोल के उतार दी अब मैं सिर्फ ब्लाउस और पेटिकोट में थी।
पापा ने मेरे पेट पर किस्सिंग शुरू की और उनके हाथ मेरे बूब्स को सहला रहे थे कुछ देर ये सिलसिला चला फिर उन्होंने अपनी पैंट भी उतार दी अंडर वियर में उनका लंड खड़ा हुआ साफ फील हो रहा था फिर उन्होंने मेरा ब्लाउस और पेटिकोट भी उतार दिया अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी पापा ने मुझे इस हालत में देखा तो जोश में आ गए और मेरी ब्रा के हुक खोल दिए और ब्रा उतार दी मैं ने अपनी आंखें बंद कर ली। पापा कुछ देर मेरे बूब्स को देखते रहे फिर मेरे एक बूब को मुंह में भर कर चूसने लगे मजे से मेरा बुरा हाल था मेरे निप्पल्स हार्ड हो गए पापा पागलों की तरह मेरे निप्पल्स को चूस रहे थे और कभी कभी दांत से काट भी लेते जिस से मेरी सिसकारी निकल जाती काफी देर मेरे बूब्स को चाटने चूसने और काटने के बाद पापा रुके। मेरे बूब्स पर निशान पड़ गए थे। पापा ने थोड़ी देर रिलेक्स किया फिर मेरी पैंटी भी उतार दी और मेरे लेग्स के दरमियान अपने फेस को ले गए मेरी लेग्स को ओपन किया और मेरी चूत की स्मेल सूंघने लगे फिर बोले क्या स्मेल है।
फिर पापा ने मेरी चूत के लिप्स को फैलाया और अपनी जुबान से चाटने लगे मेरे पूरे जिस्म में करंट दौड़ गया। पापा के चाटने से मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया जिसे पापा चाटने लगे। कुछ देर चूत को जुबान से चाटने के बाद पापा ने अपनी एक फिंगर मेरी चूत में डाली जिस से मुझे पेन हुआ तो मेरे मुंह से आह निकल गई पापा ने कहा जान पहली बार थोड़ा पेन होगा बर्दाश्त करना फिर बहुत मजा मिलेगा।
एक फिंगर से चोदने के बाद पापा रुके और मुझे उठाया और अपना अंडर वियर उतार दिया मेरी तो आंखें खुली रह गई पापा का 8 इंच का होगा जो बहुत मोटा था और किसी सांप की तरह सामने आ गया पापा बोले किरण इसे सहलाओ प्यार करो ये अब तुम्हारा है।
मैं ने झिझकते हुए लंड को हाथ में पकड़ा और सहलाने लगी। थोड़ी देर के बाद पापा ने कहा इसे मुंह में ले के चूसो। मैं ने कहा ये मुंह में थोड़ी लेते हैं इस पर पापा ने जबरदस्ती मेरे मुंह में डाल दिया लंड इतना मोटा और बड़ा था कि मेरे मुंह में नहीं आ रहा था। मुझे शुरू में अजीब सा लगा फिर मजा आने लगा मैं अपनी जुबान को लंड की कैप पर फेरने लगी जिस से पापा के मुंह से मजे से सिसकारियां निकलने लगीं। तकरीबन 20 मिनट लंड चुसवा कर पापा ने लंड को बाहर निकाला।
इस के बाद पापा फिर मेरे लिप्स पर किस करने लगे मैं भी बे शर्म हो कर उनके लिप्स चूसने लगी फिर पापा ने अपनी जुबान मेरे मुंह के अंदर डाल दी।
पापा की जुबान का टेस्ट बहुत अच्छा था मैं ने उनकी जुबान चूसनी शुरू की उधर पापा के हाथ मुसलसल मेरे बूब्स को दबा रहे थे फिर पापा ने मुझे अपनी जुबान चुसवाने को कहा तो मैं ने अपनी जुबान उनके मुंह में डाल दी जिसे वो मजे से चूसने लगे। कुछ देर ये सिलसिला चलता रहा मेरे होंठ पापा की टाइट किस्सिंग से सूज गए थे। फिर पापा होंठ छोड़ कर फिर मेरी चूत पर आ गए इस बार उन्होंने अपनी जुबान मेरी चूत के अंदर डाल कर अंदर बाहर करने लगे मैं ये बर्दाश्त नहीं कर पाई और मेरा जिस्म अकड़ने लगा और चूत ने पानी छोड़ दिया जो पापा के फेस को गीला कर गया। पापा ने बाकी पानी को चाट के चूत साफ कर दी और टिश्यू पेपर से अपना फेस साफ किया। फिर पापा मेरे बूब्स को चाटने और दबाने लगे जिस से मुझे पेन होने लगा लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था कुछ देर बूब्स चुसवा कर मैं फिर से हॉट होने लगी और चूत भी वेट होने लगी। मैंने पापा से कहा प्लीज अब कर दें और बर्दाश्त नहीं हो रहा इस पर पापा मुस्कुराए और मुझे सीधा लिटा दिया मेरी कमर के नीचे एक पिलो रख दिया जिस से मेरी चूत के लिप्स खुल गए। फिर पापा ने मेरी ड्रेसिंग टेबल से क्रीम उठाई काफी सारी क्रीम मेरी चूत पे और अपने लंड पे लगाई और मेरे ऊपर आ गए लंड की कैप को चूत के मुंह पे सेट किया और कहा जान थोड़ा पेन होगा बर्दाश्त करना नहीं तो तुम्हारी मोम कहेगी कि मैं ने खयाल नहीं रखा।
मैं ने हां में सिर हिलाया। पापा ने जोर लगा कर अंदर करने की ट्राई की लेकिन लंड स्लिप हो गया इस पर पापा ने लंड को दोबारा सेट किया और मेरे होंठों को अपने होंठों से काबू किया और धक्का मारा और लंड की टोपी मेरी सील तोड़ती हुई अंदर आ गई। पेन से मेरा बुरा हाल था मेरी तो आंखें फट गई थीं पापा वही रुक गए और किस्सिंग करने लगे जब मेरा पेन कम हुआ तो एक करारा धक्का लगाया और आधा लंड मेरे अंदर था पेन से मैं पागल हो रही थी मैं ने पापा से कहा इसे बाहर निकाल लो पापा ने कहा बस थोड़ी देर की बात है फिर इधर उधर की बातों में लगा लिया।
जब उन्होंने देखा कि मेरा पेन कम हुआ है तो मेरे होंठों को अपने होंठों से दबा कर कि मेरी चीख बाहर ना निकले एक जोरदार धक्का लगाया जिस से पूरा लंड अंदर चला गया पेन से मैं बेहोश हो गई जब मुझे थोड़ा होश आया तो पापा ने लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया। पापा बहुत आराम से लंड को अंदर बाहर कर रहे थे थोड़ी देर के बाद मुझे भी मजा आने लगा और पेन बहुत कम हो गया। अब पापा ने रफ्तार थोड़ी तेज कर दी अब मैं भी चूतड़ उठा उठा के लंड को चूत में लेने लगी।
तकरीबन 20 मिनट नॉर्मल अंदाज में चुदाई करने के बाद पापा ने लंड की रफ्तार और तेज कर दी इस दौरान मैं पानी छोड़ चुकी थी लेकिन पापा का स्टैमिना कमाल था वो अब भी यंग थे और कमाल महारत से चोद रहे थे 15 मिनट मजीद तेज चुदाई के बाद पापा के धक्कों में तेजी आ गई मैं ने उन से कहा मेरी फारिग होने वाली है इस पर उन्होंने कहा वो भी फारिग होने वाले हैं ये कह कर उन्होंने पूरी ताकत से धक्के लगाने शुरू किए इधर मैं फारिग हुई उधर पापा के लंड ने अपने गरम पानी का और सुहाग रात का तोहफा मेरी चूत को दे दिया पापा का पानी अंदर गिर रहा था और मुझे बहुत मजा आ रहा था।
तकरीबन 20 मिनट नॉर्मल अंदाज़ में चुदाई करने के बाद पापा ने लंड की रफ़्तार और तेज़ कर दी इस दौरान मैं पानी छोड़ चुकी थी लेकिन पापा का स्टैमिना कमाल था वो अब भी यंग थे और कमाल महारत से चोद रहे थे 15 मिनट मजीद तेज़ चुदाई के बाद पापा के धक्कों में तेज़ी आ गई मैं ने उन से कहा मेरी फारिग होने वाली है इस पर उन्हो ने कहा वो भी फारिग होने वाले हैं ये कह कर उन्होने पूरी ताक़त से धक्के लगाने शुरू किए इधर मैं फारिग हुई उधर पापा के लंड ने अपने गरम पानी का और सुहाग रात का तोहफा मेरी चूत को दे दिया पापा का पानी अंदर गिर रहा था और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।
पापा के धक्के अब पूरी तरह बेकाबू हो चुके थे। हर धक्के के साथ उनका मोटा और लंबा लंड मेरी चूत के सबसे अंदर तक घुस जाता था। मेरी चूत की नरम दीवारें उनके लंड के चारों ओर सिकुड़कर उसे चूस रही थीं। हर बार जब वे पीछे खींचते तो मेरी चूत के गीले होंठ उनके लंड को बाहर निकलने से रोकते हुए चिपक जाते और फिर जोरदार धक्के से अंदर समा जाते। कमरे में चप्प चप्प की तेज़ आवाज़ गूंज रही थी। हमारे पसीने की गर्म महक हवा में फैल गई थी। मैंने अपनी कमर ऊपर उठाकर उनके हर धक्के का जवाब दिया। मेरी चूत अब पूरी तरह गीली और गरम हो चुकी थी। अचानक मेरे शरीर में एक तेज़ लहर दौड़ी। मेरी चूत सिकुड़ गई और मैं फारिग हो गई। गर्म गीला पानी मेरी चूत से निकलकर उनके लंड को भिगोने लगा।
पापा ने कहा कि वे भी फारिग होने वाले हैं। उनकी आवाज़ भारी और हांफती हुई थी। उन्होंने मेरी कमर को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया। उनके नाखून मेरी नरम त्वचा में गड़ गए। फिर उन्होंने पूरी ताकत से धक्के लगाने शुरू कर दिए। हर धक्का अब पहले से भी तेज़ और गहरा था। उनका लंड मेरी चूत के सबसे अंदर तक पहुंच रहा था। मैं चीख रही थी। मेरा पूरा शरीर हर धक्के के साथ हिल रहा था। मेरे भारी बूब्स ऊपर नीचे उछल रहे थे। आखिरकार पापा का शरीर अकड़ गया। उनका लंड मेरी चूत के अंदर फड़कने लगा। गरम गरम पानी की धारें मेरी चूत के अंदर फूट पड़ीं। पापा का वीर्य मेरी चूत को भर रहा था। हर फूटने के साथ एक गर्म लहर मेरे अंदर फैल रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मेरा शरीर अभी भी फारिग होने की लहरों में कांप रहा था।
जब पापा का पानी गिरना बंद हुआ तो पापा ने आराम से अपने लंड को बाहर निकाला। पापा का लंड मेरी चूत के ब्लड और हम दोनों के पानी से सना हुआ था। हम दोनों की सांसें तेज़ हो रही थीं। कुछ देर हम एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे। जब सांस बहाल हुई तो पापा उठे और मुझे भी उठाया। मुझसे चला नहीं जा रहा था। मैंने देखा कि मेरे ब्लड से बेड शीट सनी हुई थी। पापा ने मुझे गोद में उठाया और बाथरूम में लाए। वहां उन्होंने मुझे अच्छी तरह साफ किया और खुद को भी साफ किया। मेरी चूत पापा के लंबे मोटे लंड और लंड के धक्कों से सूज गई थी। पापा ने मुझे बेड पर बैठाया और खुद बेड शीट चेंज की। फिर मुझे कहा जान एक शिफ्ट और हो जाए।
मैं ने बेइखतियार कहा ना बाबा आज के लिए इतना ही काफ़ी है। इस पर पापा ज़ोर से हंसे और कहा जो हुकम जनाब का आज से बंदा आपका गुलाम है। इस पर मेरी भी हंसी छूट गई और हम दोनों हंसने लगे। फिर पापा ने मुझे ब्रा और पैंटी पहनाई और मेरी चूत पे किस की और अपनी लाई हुई एक नाइटी मुझे पहनाई। रात बहुत हो चुकी थी और चुदाई की इस रेसलिंग ने काफी थका दिया था इसलिए हमने एक दूसरे को गुड नाइट किस की और जफ्फी डालकर सो गए। सुबह अभी हम सो ही रहे थे कि मोम ने नाश्ते के लिए डोर नॉक किया। मेरे तो पूरे जिस्म में पेन था। इससे पहले कि मैं हिम्मत करके उठती और डोर खोलती पापा मुझसे पहले उठ गए और डोर ओपन कर दिया।
मोम अंदर आ गई। पापा सिर्फ अंडर वियर में थे और मैं नाइटी में थी। कल रात हम बहुत थक गए थे इसलिए पापा कपड़े पहने बगैर ही सो गए थे। पापा और रूम की हालत देखकर मोम मुस्कुराई और पापा से कहा लगता है बहुत काम किया है जो कपड़े पहनने का टाइम भी नहीं मिला। रूम की हालत भी खराब हो रही थी। फर्श पर मेरी टूटी हुई चूड़ियां पड़ी थीं जो रात पापा से जोर आजमाई में टूट गई थीं। एक तरफ मेरे ब्लड में सनी हुई बेड शीट पड़ी थी। मैं भी अब उठकर बैठ गई थी। मोम मेरी तरफ आईं। मेरे होंठ सूजे हुए देखकर और मेरी नेक और बूब्स की लाइन पर काटने और चूसने के निशान देखकर मुस्कुराईं और कहा लगता है कल रात खूब मेहनत की है मेरी रानी ने। मैं झेंप गई। फिर मोम ने पूछा कि सब ठीक रहा। मैंने हां में सिर हिलाया। इसके बाद मोम ने कहा तुम लोग जल्दी से नाश्ते के लिए आ जाओ। जाते हुए फर्श पर पड़ी बेड शीट मोम ने उठाई कि वो धो देंगी। जब उस पर ब्लड के बड़े से निशान को देखकर पापा से कहा कहीं किरण की फाड़ तो नहीं दी।
पापा ने मुस्कराकर कहा नहीं यार और मोम शीट लेकर चली गईं। पापा ने पैंट पहनी और मुझे सहारा देकर नाश्ते की टेबल पर ले आए। नाश्ते के दौरान मोम मजाक करती रही और मुझसे पूछा कि पापा ने तंग किया था क्या। पापा फौरन बोले मैंने तो तंग नहीं किया। इस पर मैंने फौरन कहा इतना तो तंग किया था। ये सुनकर हम तीनों हंसने लगे। नाश्ते के बाद मोम बर्तन किचिन में रखने गई तो पापा ने मुझे कहा जान चूत का दीदार ही करवा दो। मैंने कहा मोम जाएंगी रूम में दीदार कर लेना लेकिन पापा कहां रुकने वाले थे। हाथ बढ़ाकर मेरी पैंटी सामने से नीचे की और मेरी चूत देखकर निहाल हो गए। इतने में मोम आती दिखाई दी तो मैंने जल्दी से अपनी पैंटी ठीक की। मोम ने कहा मुझे तुम लोगों से जरूरी बात करनी है क्योंकि आधे दिन में तुम लोग हनीमून के लिए चले जाओगे और मैं चाहती हूं इससे पहले जब कि तुम लोगों का फ्यूचर सेट हो चुका है मेरा भी कुछ बन जाए। पापा और मैंने हैरत से मोम को देखा कि वो क्या कहना चाहती हैं। फिर पापा ने मोम से कहा कि कहो क्या बात है।
मोम: तुम लोगों ने सुहाग रात मना ली है तुम लोगों का काम बन गया है लेकिन मेरी किसी को फिकर नहीं है। फिर पापा को मुखातिब करके कहा आपके पास तो मेरे लिए टाइम नहीं था। आप तो दूसरी औरतों की चुदाई करके रिलैक्स हो जाते थे लेकिन मेरे भी कुछ जज्बात थे मेरा भी दिल चुदवाने को करता था लेकिन आपने तो मेरी परवाह ही नहीं की।
पापा: खुलकर बोलो क्या कहना चाहती हो।
मोम: बात ये है कि मुझे भी कोई लाइफ पार्टनर चाहिए जो मैं ढूंढ चुकी हूं बस मसला आपकी इजाजत का है। आप दोनों लगे रहें मैं और वो लगे रहेंगे। जब हमारा मूड बनेगा हम सेक्स कर लिया करेंगे।
पापा: क्या बकवास कर रही हो? और कौन है वो आदमी?
मोम: इसमें बकवास की क्या बात है तुम दोनों का मिलन मेरी वजह से हुआ है मैं ना होती तो इतनी मस्त लड़की इस एज में तुम्हें मिलती? जब रात अपनी बेटी को चोद रहे थे तब मेरा प्लान बकवास नहीं लगा तुम्हें। और हां वो आदमी कोई और नहीं मेरे कजिन रियाज हैं। और तुमसे ज्यादा मुझे प्यार करते हैं। जिस तरह मैंने तुम्हारा काम करवाया है वैसे ही मेरा काम भी करवाओ।
पापा गुस्से में मोम को मारने उठे तो मैंने उनका हाथ पकड़कर रोक लिया।
मोम: मैं मार्केट तक जा रही हूं तब तक आपके पास सोचने का टाइम है। ये कहकर मोम चली गईं।
मैं और पापा अकेले रह गए। पापा बहुत गुस्से में थे। मैंने उनसे कहा रूम में चलकर बात करते हैं। हम दोनों रूम में आए। मैंने पापा से कहा देखें हम दोनों फंस चुके हैं। मोम ने हमें ट्रैप कर लिया है वो ऐसे ही मौके की तलाश में थी जब ही तो कल की बजाए आज ही ये बात की। उनको डर होगा कि अगर वो कल ये बात करेंगी तो कहीं आप मुझे अपनी वाइफ बनाने से इनकार ना कर दें और उनका प्लान खराब हो जाए। मसला ये है कि अगर आपने उनकी बात नहीं मानी तो वो हमारे रिलेशन के बारे में लोगों को ना बता दें।
पापा कुछ देर सोचते रहे फिर बोले बात तो तुम्हारी ठीक है अब क्या किया जाए?
मैंने कहा उनकी बात माननी पड़ेगी अगर अपने आप को बचाना है और वैसे भी मोम की बातों से लग रहा था कि आपके उनके साथ रिलेशन्स नहीं हैं। और जहां तक बात गलत की है तो जो रात हमने किया वो भी तो गलत था।
पापा: कहती तो तुम ठीक हो जब तुम्हारी मोम आएगी तो उसको हां करनी पड़ेगी वो हरामजादी बहुत मक्कार निकली।
फिर मैंने पापा से कहा मुझे डॉक्टर के पास जाना है मेरी बुरी तरह सूज गई है और पेन है। पापा बोले जान ठीक है तैयार हो जाओ कल से नहाने का टाइम भी नहीं मिला। फिर पापा ने अपने और मेरे लिए कपड़े निकाले। और मुझे उठाकर बाथरूम में ले आए। मैंने कहा ये क्या कर रहे हैं तो कहने लगे साथ साथ नहाएंगे। बाथरूम में जाकर पापा ने मेरी नाइटी ब्रा और पैंटी उतारकर नंगा किया फिर खुद नंगे हो गए। उनका लंबा मोटा लंड खड़ा हो गया था। पापा ने मुझे अपनी तरफ खींचा और झप्पी डाल दी।
मैं रात की चुदाई के बाद बहुत बेशर्म हो गई थी। मैंने भी उन्हें कसकर जकड़ा और हम लिप्स किसिंग करने लगे। थोड़ी देर के बाद मैंने पापा के लंड को पकड़ा और सहलाने लगी। पापा जोश में आ रहे थे। मैंने कहा अभी कंट्रोल रखें। फिर मैंने पापा के कहे बगैर उनका लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी। थोड़ी देर चुसाई के बाद हम नहाने लगे। पापा ने मेरी बॉडी पर सोप लगाया मैंने उनकी बॉडी पर सोप लगाया। इस तरह मस्ती करते करते नहाए और नंगे बाहर आ गए।
फिर मैंने पापा के लिए वाइट सूट चूज किया और पापा ने मेरे लिए रेड कमीज़ और वाइट शलवार और रेड कलर की ब्रा और पैंटी चूज की। हम जल्दी जल्दी तैयार हुए और डॉक्टर के पास जाने के लिए निकल गए। पापा मुझे लेकर लेडी डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने मुझसे मसला पूछा। मैंने बताया कि मेरी कल सुहागरात थी इंटरकोर्स के बाद नीचे काफी सूजन हो गई है बॉडी में पेन है और चला भी नहीं जा रहा। इस पर डॉक्टर ने मुझे कहा कि नीचे का मुआयना करना पड़ेगा।
मैंने अपनी शलवार और पैंटी हटाकर चूत दिखाई। डॉक्टर ने चेक करके मेडिसिन लिखी और मुझसे कहा सूजन काफी ज्यादा है लगता है आपके हस्बैंड का काफी बड़ा है।
मैंने मुस्कराकर जवाब दिया जी काफी बड़ा है।
इस पर डॉक्टर ने कहा फिकर की बात नहीं है जल्द ही आपको आदत हो जाएगी। मैं वहां से बाहर आई और पापा को मेडिसिन का पेपर दिया। हमने रास्ते में मेडिकल स्टोर से मेडिसिन ली और घर आ गए। घर पहुंचे तो मोम आ गई थी। मैं और पापा मोम के पास बैठ गए। मोम ने पूछा क्या सोचा?
पापा ने कहा कि मुझे मंजूर है लेकिन तुम हमें तंग नहीं करना हम तुम्हारा खयाल रखेंगे। मोम ने कहा रियाज को कब बुलाऊं बात करने के लिए। पापा ने कहा कल शाम में बुलवा लो। इसके बाद मैं अपने रूम में रेस्ट करने के लिए आ गई और पापा मोम के पास बैठ गए। रात को पापा रूम में आए और मेरे साथ बैठ गए और इधर उधर की बातें करने लगे। कुछ देर के बाद बोले मैं तो भूल ही गया था ये कहकर पॉकेट से 2 टिकट्स निकालकर मुझे दी। मैंने पूछा ये किसके टिकट्स हैं। पापा बोले हमारे हैं कल रात को हम हनीमून पर जा रहे हैं। फिर पापा कहने लगे जान क्या मूड है। मैंने कहा मूड तो है लेकिन आज सब्र कर लें मेरी तबीयत ठीक हो जाए। पापा ने कहा ठीक है। फिर हम लोग पैकिंग करने लगे।
मैं अपनी अलमारी से कपड़े निकाल रही थी कि पापा मेरे पीछे आ कर खड़े हो गये। उनका लंड खड़ा था जो मेरी गान्ड को टच कर रहा था। मैं ने पीछे मुड़ के देखा और कहा नो मस्ती अभी पैकिंग करने दें।
पापा ने कहा जान पैकिंग कौन सी करनी है वहां तुम्हें कौन से कपड़े पहनने हैं। सारा दिन तो तुम्हें नंगी ही रखूंगा अपनी गोद में। बोलो ना जान रहोगी ना नंगी मेरी गोद में।
पापा की बात सुन कर मैं शर्मा गई और मैंने हां कर दी। पापा ने कहा बस तुम एक दो जोड़े के अलावा अपनी सेक्सी नाइटी और ब्रा पैंटी ही ले लो अपनी। तुम्हारी मस्त जवानी का जलवा दिखाऊंगा सारा दिन। हम लोगों ने पैकिंग की। रात का एक बज रहा था। मैं ने कहा मैं तो थक गई हूं मैं चेंज कर के आती हूं। ये कह के मैं बाथरूम में घुस गई। मुझे शरारत सूझी। मैं ब्रा और पैंटी नहीं पहनी सिर्फ नाइटी पहन कर बाहर आ गई।
बाहर आई तो देखा पापा बेड पर नंगे लेटे थे। लंड खड़ा हो कर पेट से लगा हुआ था। मैं ने पापा के लंड को हाथ में ले कर कहा इसे नींद नहीं आती। पापा ने कहा इसे तुम्हारी चूत में सोना है। मैं ने कहा वो तो आज नहीं मिलेगी। पापा ने इस को फिर क्या मिलेगा।
मैं ने लंड पे किस करते हुए कहा ये मिलेगा। फिर मैं ने लंड को मुंह में लिया और चूसने लगी। मैं ने पापा के लंड के पी होल भी जुबान फेरनी शुरू की। पापा मजे से पागल हो गए। उन्होंने मेरी नाइटी उतार दी। अब हम दोनों नंगे थे। मैं पापा का लंड चूस रही थी और पापा मेरी गान्ड में फिंगर करने लगे। हम दोनों मस्त थे। काफी देर लंड चूसने के बाद मुझे लगा कि लंड की कैप और ज्यादा मोटी हो रही है। इससे पहले कि मैं कुछ समझती पापा के लंड ने पानी छोड़ दिया। मैं ने जल्दी से लंड मुंह से निकाला। मेरा सारा मुंह पानी से भर गया था। मैं बाथरूम में गई और मुंह वॉश किया। और बाहर आ कर बनावटी गुस्से से कहा ये आप ने क्या किया मुझे बताना तो था। पापा सॉरी करने लगे। मैं ने हंसते हुए कहा मैं तो मजाक कर रही थी। चलो इस बहाने आप का लंड रिलैक्स तो हुआ।
पापा ने मुझे अपने पास खींचा और मुझे किस किया। फिर हम लोग सो गए। सुबह मोम ने डोर नॉक किया। हम नंगे थे। मैं ने जल्दी से चादर ओढ़ ली। पापा ने शलवार या अंडर वियर कुछ भी नहीं पहना और नंगे ही डोर ओपन किया। पापा को नंगा देख कर मोम मुस्कुराई तो नाश्ते का कह कर चली गई। मैं ने जल्दी से कपड़े पहने और पापा को कहा कि वो भी कपड़े पहनें ताकि हम नीचे जाएं। नाश्ता कर के पापा बाहर चले गए और मैं ने मोम से पूछा आज तो आप की सुहाग रात होगी क्या तैयारी की।
मोम ने हंसते हुए कहा तैयारी क्या करनी है बस न्यू ड्रेस लिया है मरून कलर की कमीज़ है और वाइट शलवार। मैं ने कहा आप पार्लर से तैयार हो जाएं। इस पर वो कहने लगी मेरा कौन सा पहली बार है छोड़ो। फिर हम ने इधर उधर की बातें की। फिर मैं अपने रूम में चली गई। शाम को पापा आ गए। मोम ने फोन कर के रियाज अंकल को बुला लिया। टी पीने के बाद रियाज अंकल ने पापा से कहा कि आप का थैंक्स। पापा ने फॉर्मलिटी से वेलकम कहा। फिर मोम ने कहा हम बाहर जा रहे हैं देर हो जाएगी। आप लोग टाइम से घर लॉक कर के स्टेशन चले जाना। इसके बाद मोम और अंकल चले गए। पापा ने कहा जान हम भी बाहर चलते हैं। हम लोग भी बाहर आ गए। सैर करते रहे। फिर खाना खाया तो काफी टाइम हो गया था। हम घर आए। अपना सामान लिया और स्टेशन की तरफ चल दिए।
स्टेशन पर पहुंचे तो ट्रेन आ चुकी थी। हम ने अपना सामान रखा और अपनी सीट्स पर बैठ गए। मैंने दुल्हन ही ड्रेस पहनी हुई थी और हाथों में मेहंदी लगी हुई। डिब्बे में काफी रश था इसलिए सारे रास्ते कोई मस्ती न हो सकी। हमारे सामने की बर्थ पर बहुत अच्छा कपल बैठा हुआ था जो काफी हंस मुख था। हमें देख कर वो बोले लगता है तुम दोनों की नई नई शादी हुई और हनीमून के लिए जा रहे हो। सारा रास्ता अच्छा कट गया। सुबह हम अपनी मंजिल पर पहुंचे। टैक्सी ले कर एक होटल गए जो कि काफी आलीशान होटल था। पापा ने वहां रूम मिस्टर एंड मिसेज भाटिया के नाम से हनीमून रूम बुक करवाया और हम रूम में आ गए। रात ट्रेन में सही से नींद नहीं आई थी इसलिए हम दोनों थक गए। पापा ने रूम में आते ही मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे बूब को मसलते हुए बोले जान अब हम यहां अकेले हैं और मैं चाहता हूं कि तुम भी यहां मेरे साथ खुल मस्ती करो। देखो अब हम दोनों पति पत्नी हैं इसलिए तुम भी यहां चुदाई का पूरा मजा लो। यहां पर तुम मुझे पापा नहीं डार्लिंग या जान राजा जो तुम्हें अच्छा लगे वो बोलो।
फिर पापा ने मुझ से पूछा जान बताओ क्या तुम यहां खुल कर गंदी बातें कर के मुझे मजा दोगी। मैं भी उनसे लिपट कर बोली हां दूंगी ना डियर अब आप जैसे चाहो मुझे चोदो। तभी मम्मी का फोन आ गया तो पापा मोम से बातें करने लगे। मोम से बात करते देख कर मैं जलन से उनसे दूर हो कर बोली क्यों जी अभी भी यहां पर उससे बात कर रहे हो और मैं यहां अकेली हूं। तो पापा मेरे गले में अपने बाहें डालते हुए बोले नहीं जान तुम तो मेरे दिल की रानी हो वो तो उससे बस ऐसे ही।
तो मैं भी शरारत से पापा के लंड को पैंट के ऊपर से पकड़ कर सहलाते हुए बोली और इस की तो। पापा मुझे चूमते हुए बोले अरे तुम ही हो इस लंड की असली रानी आज से ये तुम्हारा दास है और मैं भी तो। मैं पापा को चूमते हुए बोली ये मेरा दास नहीं मैं ही अब आपके इस मस्त लंड की दासी हूं। ऐसे ही सेक्सी बातें करते हुए हम एक दूसरे के गले में बाहें डाले सो गए।
शाम को आंख खुली तो पापा कहने लगे बाहर चल के घूमते हैं। मैं ने हां कहा और हम तैयार हो कर बाहर निकल गए। उस टाइम मैंने एक बहुत ही टाइट टॉप और एक टाइट जीन्स पहनी हुई थी जिससे मेरा हर एक अंग साफ दिख रहा था। हम काफी देर घूमते रहे। एंजॉय करते रहे। रात हो गई। हम ने खाना भी बाहर खाया। मेरी तबीयत काफी हद तक ठीक थी। जब हम रूम में पहुंचे तो पापा ने आते ही मुझे दबोच लिया। मैं ने भी उनके लंड को पकड़ कर खींचा तो पापा समझ गए कि आज मैं चुदाई के लिए रेडी हूं। हम बेड पर आ गए। पापा ने मेरी कमीज़ उतार दी। मैं ने भी उनका साथ दिया और उनकी शर्ट उतार दी। पापा ने मेरी ब्रा खोल दी और बूब्स पर हमला कर दिया। निप्पल्स को चूसने और काटने लगे। मैं हॉट होने लगी। मैं ने भी पापा की पैंट खोल कर लंड बाहर निकाल लिया और सहलाने लगी।
थोड़ी देर के बाद हम ने लिप्स किसिंग शुरू कर दी। बहुत मजा आ रहा था। जब लिप्स किसिंग करके हम थक गए तो पापा ने मेरी शलवार और पैंटी उतार दी और खुद भी नंगे हो गए। फिर मुझे कहा कि 69 की पोजिशन में आ जाओ ताकि मैं लंड चूसूं और वो मेरी चूत चाटे। हम 69 की पोजिशन में एक दूसरे को मजा देने लगे। अचानक पापा ने मेरी गान्ड के होल पर जुबान फेरनी शुरू की और होल चाटने लगे। मजे से मैं पागल हो रही थी और मेरे मुंह से आह ओह ओह की आवाज निकलने लगी। मैं वेट होने लगी। कुछ देर गान्ड चाटने के बाद पापा फिर से चूत चाटने लगे। और कहा जान तुम्हारा पानी बहुत टेस्टी है। पापा ने चूत के अंदर जुबान डाल दी और जुबान से चोदने लगे। मैं इतनी मस्त हो गई कि मेरा पानी निकल गया जिसे पापा पी गए।
हम कुछ देर के लिए रुके इस दौरान मैं पापा के सीने के बालों से खेलती रही जब कि पापा मेरी बगलों(आर्म्पाइट) को सूँघते और चाटते रहे. मेरी नाजुक उंगलियां पापा के मजबूत और चौड़े सीने पर उगे घने काले बालों में आराम से घूम रही थीं। वे बाल नरम लेकिन थोड़े खुरदरे थे, पसीने से हल्के नम और उनकी पुरुष सुगंध मेरे नथुनों में भर रही थी जो मुझे और ज्यादा उत्तेजित कर रही थी। मैं उन्हें धीरे से सहला रही थी, कभी हल्का सा खींचती तो पापा की सांसें भारी हो जातीं और उनकी छाती हल्की सी उठती। उधर पापा मेरी दोनों बगलों को बारी बारी से अपनी नाक से गहराई से सूंघ रहे थे। उनकी गर्म सांस मेरी संवेदनशील त्वचा पर पड़ रही थी जिससे मेरे रोएं खड़े हो जाते थे और एक मीठी सी खुजली पूरे शरीर में फैल जाती। फिर उनकी लंबी गर्म जीभ बाहर निकली और वे मेरी आर्मपिट की नरम त्वचा को चाटने लगे। नमकीन स्वाद और मुश्की गंध का मिश्रण उनके मुंह में भर गया। वे जोर जोर से चूस रहे थे जैसे उसका रस पी रहे हों जिससे मेरी चूत में फिर से गर्मी फैलने लगी और मैं हल्की सी कराह उठी।
पापा आर्मपिट को छोड़कर मेरी नेक पर किसिंग करने लगे। उनके गर्म होंठ मेरी गर्दन की नाजुक त्वचा को बार बार चूम रहे थे, कभी हल्के से काटते तो कभी चूसकर निशान बना देते। उनकी दाढ़ी की हल्की खुजली मेरी skin पर रोमांच पैदा कर रही थी और मैं अपनी गर्दन पीछे की ओर झुकाकर उन्हें और ज्यादा जगह दे रही थी। फिर उन्होंने मुझे उल्टा लिटा कर मेरी बॅक पर किसिंग की। मेरी पीठ पर उनके होंठ एक एक इंच आगे बढ़ रहे थे, रीढ़ की हड्डी के साथ ऊपर नीचे घूमते हुए हर जगह चूमते और चाटते। उनकी जीभ मेरी पीठ की चिकनी और पसीने से नम त्वचा पर लंबी लिक्स ले रही थी जिससे मेरे शरीर में झुरझुरी दौड़ रही थी और मैं बिस्तर पर तड़पने लगी थी।
मस्ती से मेरा बुरा हाल था। तकरीबन 20 मिनट किस करने बाद उन्होंने मुझे सीधा किया और मेरे पेट(बेल्ली) को चाटने लगे। उनकी गर्म जीभ मेरे पेट पर घूम रही थी, नाभि के आस पास चक्कर काट रही थी, कभी नाभि में डुबकी लगाकर चूसते तो कभी पूरे पेट पर लंबी लिक्स लेते। ये सिलसिला कुछ देर चला। मेरी बस हो चुकी थी। मैं बुरी तरह गीली हो रही थी। मेरी चूत से रस टपक टपक कर बेडशीट को भिगो रहा था और मेरी जांघें भी गीली हो चुकी थीं। मैंने पापा को कहा कि अब अंदर डाल दें।
पापा ने मेरी लेग्स को अपने शोल्डर्स पर रखा और मेरी चूत के पानी से लंड को गीला किया। उनका मोटा और लंबा लंड मेरी चूत के रस से चमक उठा। फिर उन्होंने लंड को चूत पर सेट कर के ज़ोर लगाया। लंड धीरे धीरे चूत में उतरने लगा। मुझे थोड़ा पेन हुआ जो मैंने बर्दाश्त कर लिया। मेरी चूत की दीवारें उनके मोटे लंड को कसकर जकड़ रही थीं और हर इंच के साथ एक खिंचाव सा महसूस हो रहा था। पापा आराम से लंड को अंदर करते रहे। जब पूरा अंदर चला गया तो मेरी चूत पूरी तरह भर गई लग रही थी, जैसे कोई मोटा गर्म खंभा अंदर घुस गया हो। फिर वे स्लो स्लो अंदर बाहर करने लगे। पहली बार की निसबत मुझे ज़्यादा मज़ा मिल रहा था क्योंकि पेन नहीं हो रहा था, सिर्फ भरपूर रगड़ और आनंद था।
15/20 मिनट स्लो स्लो करने के बाद पापा ने रफ़्तार तेज़ की। मैं भी गान्ड उठा उठा लंड अंदर लेने लगी। मज़े की शिदत से मैं फारिघ् हो गई। मेरी चूत सिकुड़ सिकुड़कर उनके लंड को दबा रही थी और मेरा गर्म रस उनके लंड पर बह रहा था। लेकिन पापा ने चुदाई नहीं रोकी। लंड के धक्के लगाते रहे। मैं थोड़ी देर में फिर हीट में आ गई और मज़ा लेने लगी। 20 मिनट और तेज स्पीड से चुदाई करने के बाद पापा ने कहा मैं फारिघ् होने वाला हूँ। ये कहकर उनके धक्कों की रफ़्तार और तेज हो गई। लंड ने मेरी चूत को हिला के रख दिया था। हर धक्के पर उनके अंडकोष मेरी गांड से टकरा रहे थे और पच पच की आवाजें कमरे में गूंज रही थीं। कुछ देर बाद मुझे अंदर गरम गरम सा फील हुआ। मैं समझ गई कि पापा ने पानी छोड़ दिया है।
मेरे अंदर पानी की बरसात जब खत्म हुई तो पापा ने लंड बाहर निकाला। मैंने अपनी चूत को कस के दबा लिया ताकि पापा का ज्यादा से ज्यादा पानी अंदर ही रहे। फिर भी पानी इतना ज्यादा था कि चूत में से बह रहा था। सफेद गाढ़ा वीर्य मेरी जांघों पर बहकर बेडशीट पर फैल रहा था। पापा थक कर मेरे साथ ही लेट गए। जब थोड़ा रिलैक्स फील किया तो उठकर मेरी गीली चूत को चूम लिया। उनके होंठ मेरी चूत के बाहर वाले हिस्से पर लगे और वे मेरे रस और अपने वीर्य के मिश्रण को चूस रहे थे। फिर हम बाथ रूम में गए और अपने आप को साफ किया। और नंगे बेड पर आकर लेट गए। पापा मेरे बालों में फिंगर फेर रहे थे। मैंने पापा के सीने पर मुंह रख दिया और उनकी बॉडी की स्मेल फील करने लगी।
पापा ने कहा किरण मैं फील कर रहा हूँ तुम मुझ से शर्मा रही हो। मैं खामोश रही। फिर प्यार से मेरी आँखों में आँखें डालकर कहा देखो तुम मेरी बेटी के साथ साथ मेरी वाइफ भी हो। हज़्बेंड वाइफ के रीलेशन में शरम नहीं होती। तुम खुलकर अपने जज़्बात का इज़हार करो ताकि मुझे भी पता चले मेरी वाइफ को मेरा साथ पसंद आया है।
मैंने कहा पापा मैंने आप को हज़्बेंड मान लिया है और आप के लंड के तो क्या कहने वो तो किसी भी लड़की को अपना बना सकता है। मैं आप की हूँ और जैसे चाहो मुझे चोदो। आइ लव यू पापा और मैंने अपने होंठ पापा के होंठों पर रखकर किसिंग शुरू कर दी। पापा भी मेरे होंठों का रस पीने लगे। पापा के हाथ मेरे बूब्स पर थे। वो बड़े प्यार से मेरे बूब्स को सहला रहे थे। पापा ने मदहोशी में कहा जान तुम बहुत खूबसूरत हो गोल गोल चुचियाँ पतली कमर सुडोल चूतड़। मैंने कहा अच्छा जी।
हम दोनों काफी हॉट हो रहे थे। मैंने कहा पापा चूत में खुजली हो रही है आप खुजा दें। पापा ने आँख मारकर कहा मैंने मेरा लंड इसे खुजाएगा। ये कहकर पापा मुझे झप्पी डालने लगे तो मैं जल्दी से साइड में हो गई तो उनसे बचकर बेड से नीचे उतरी और पापा के सामने गांड को मटकाया। पापा ने मेरे चूतड़ों को मटकते देखा तो पागलों की तरह मुझे पकड़ने के लिए बेड से उठे।
मैं उन्हें तंग करने के लिए सोफे की तरफ भागी। पापा भी तेजी से मेरे पीछे आए तो मुझे पकड़ लिया और सोफे पर पटक दिया और मुझे काबू में कर लिया। फिर जल्दी से मेरी लेग्स को खोलकर मेरी चूत पर प्यार से हाथ फेरा। मेरी बॉडी में करेंट दौड़ गया। फिर मेरी चूत के लिप्स को फैलाया और क्लिट को अपने होंठों में ले लिया।
मेरे मुंह से निकला हाय पापा जोर से चूसो इसे।
पापा क्लिट को चूसने लगे। फिर जीभ चूत के अंदर फेराने लगे। मेरी चूत गीली हो रही थी। पापा का भी जोश से बुरा हाल था। उनका लंड झटके खा रहा था। वो मेरे ऊपर चढ़ गए और लंड चूत पर रखकर सेट किया। मेरे लिप्स को अपने लिप्स से पकड़कर एक करारा धक्का मारा और आधा लंड अंदर पेल दिया। मेरी चीख निकल गई हाई मर गई। लेकिन पापा पर कोई असर नहीं हुआ। लिप्स किसिंग करते हुए उन्होंने एक और करारा धक्का मारा और लंड पूरा मेरी चूत में था।
मैं: हाई पापा आराम से।
पापा: कंजरी मेरे सामने चूतड़ मटका कर भाग रही थी मुझे पागल कर रही थी, चूत में खुजली हो रही थी ना? अब ले मिटवा अपनी खुजली।
मैं भी मस्त हो चुकी थी और कहने लगी जोर से पेलो लंड मेरे बेटी चोद पापा। मेरे सैया मेरा राजा मेरे मालिक अब मैं तेरी रांड हूं जैसी मर्जी चोद मुझे फाड़ दे मेरी चूत।
पापा ये सुनकर जोश में आ गए और तेजी से धक्के मारने लगे। चूत बहुत गीली हो रही थी और लंड के अंदर बाहर होने से पच पच की आवाज आ रही थी जो बहुत अच्छी लग रही थी।
कुछ देर इसी तरह चोदने के बाद पापा ने लंड अंदर डाले रखा और मुझे इस हालत में गोद में उठा लिया और गोद में भरकर चोदने लगे। इस तरह मैं पहली बार चुद रही थी। बहुत मजा आ रहा था। मेरे बूब्स हवा में उछल रहे थे। लंड जड़ तक मेरी चूत में घुसकर बच्चेदानी से टकरा रहा था। मेरे मुंह से आह आह ओह्ह्ह आहह हाईईईई की आवाजें निकल रही थीं। पापा की स्पीड और तेज हो गई। थोड़ी ही देर के बाद जैसे ही मैं फारिघ् हुई पापा भी फारिघ् हो गए। जब पापा का पानी सारा निकल गया तो मुझे बेड पर लिटाया और मेरे साथ लेट गए। हम दोनों की सांसें तेज तेज चल रही थीं।
जब सांस बहाल हुई तो पापा मुझे गोद में उठाकर बाथरूम में ले आए जहां हमने एक दूसरे को साफ किया। फिर बेड पर लेट गए। टाइम देखा तो सुबह के 6 बज रहे थे। पापा ने कहा जान अब सो जाते हैं। मैंने कहा 1 सेकेंड और जल्दी से उठ कर पापा के लंड को किस किया और झप्पी डाल कर सो गए।
हम लोग देर तक सोते रहे दोपहर मे मेरी आँख खुल गई लेकिन पापा सो रहे थे मैने उन्हे जगाना मुनासिब ना समझा और मोम को कॉल की लेकिन मोम ने कॉल रिसीव नही की।
दोपहर की नरम सुनहरी रोशनी होटल के कमरे की पर्दों से छनकर अंदर आ रही थी। मैं धीरे से बिस्तर पर उठी। मेरे शरीर में अभी भी सुबह की थकान का हल्का सा अहसास था लेकिन नींद पूरी होने से तरोताजा महसूस हो रहा था। पापा बगल में लेटे गहरी नींद में सो रहे थे। उनकी सांसें नियमित और गहरी थीं। मैंने सोचा कि उन्हें जगाना ठीक नहीं होगा। इसलिए मैंने चुपचाप अपना मोबाइल उठाया और मॉम को कॉल कर दिया। फोन की घंटी बजती रही लेकिन मॉम ने कॉल रिसीव नहीं किया।
मैं उठी और बाथरूम की ओर चली गई। फर्श पर मेरे नंगे पैरों को ठंडक महसूस हो रही थी। बाथरूम में घुसते ही मैंने गर्म पानी का शावर चला दिया। पानी की बूंदें मेरी त्वचा पर गिर रही थीं। मैंने साबुन लगाकर पूरे शरीर को अच्छे से रगड़ा। मेरी छाती के निप्पल्स पानी की वजह से सख्त हो गए थे। मैंने बालों में शैम्पू लगाया और अच्छे से धोया। फिर तौलिए से शरीर पोंछकर मैंने नई साड़ी और ब्लाउज पहन लिए। बालों को सुखाकर मैं कमरे में वापस आई और टीवी ऑन कर दिया।
मेरे ज़हन में बार बार ये बात घूम रही थी कि मॉम ने कॉल अटेंड क्यों नहीं की। क्या वे व्यस्त हैं या कुछ और बात है। अभी मैं ये सोच ही रही थी कि अचानक मोबाइल की ट्यून बजने लगी। मैंने स्क्रीन पर नंबर देखा तो मॉम का था। मैंने तुरंत कॉल रिसीव कर लिया और पूछा कि मैंने आपको कॉल की थी आपने अटेंड क्यों नहीं की।
मॉम ने हँसते हुए कहा ये बताओ हनीमून कैसा चल रहा है ऑर चुदाई कैसी हो रही है कल से कितनी बार चुदवाया। मैंने शर्माते हुए लेकिन खुशी से जवाब दिया मोम 6 बार 4 बार आगे से और 2 बार पीछे से ली पापा ने ऑर मम्मी आप ने कितनी बार किया।
मम्मी ने मुस्कुराते हुए कहा अरे मैंने भी रियाज़ से कल से आज तक 4 बार चुदवाया।
मैंने कहा हनीमून फॅंटॅस्टिक चल रहा है। आप ने मेरे कॉल वाले सवाल का जवाब नहीं दिया।
मॉम ने सहज स्वर में कहा अब तुम भी सब बातों का जानने लग गई हो तुम से क्या छुपाना जब तुम्हारी कॉल आई थी उस टाइम मैं रियाज़ के नीचे थी और वो मेरी टांगे चौड़ी करके मेरे ऊपर चढ़ा हुआ था ऑर हमारा काम एंड पर था इस लिए अटेंड नहीं कर पाई।
मैंने कहा ओके ये बताएँ आप का मिलन कैसा चल रहा है।
मॉम बोली क्या बताऊ दिन रात चुदाई चल रही है बहुत मज़ा आ रहा है।
फिर इधर उधर की थोड़ी सी बातें हुईं। मैंने मॉम से होटल की व्यवस्था और मौसम के बारे में पूछा। वे भी हँसते हुए कुछ और छोटी छोटी बातें बताती रहीं। फिर फोन बंद हो गया।
थोड़ी देर बाद पापा उठ गए और बाथ लेने चले गए। जब वो बाहर आए तो उनके बाल अभी भी गीले थे और चेहरा ताज़ा लग रहा था। हमने प्रोग्राम बनाया घूमने और शॉपिंग का। हम होटेल से बाहर आए और टैक्सी में बैठकर पब्लिक प्लेस पर चले गए। वहाँ भीड़ भरी जगह पर हमने घूमना शुरू किया। हवा में समुद्र की नमकीन खुशबू थी। लोग इधर उधर घूम रहे थे। हमने कई जगहों पर फोटो खिंचवाई। फिर मार्केट आए।
मैंने पापा के लिए कुछ अच्छी ड्रेस चुज़ कीं। कपड़ों का मखमली स्पर्श और रंग मेरी आँखों को भा रहे थे। पापा ने मेरे लिए कुछ सुंदर आभूषण और कपड़े खरीदे। उनकी उँगलियाँ मेरे कंधे पर छूती रहीं और मैं महसूस कर रही थी कि उनकी नज़रें मेरे शरीर पर घूम रही हैं। हमें भूख लग रही थी इसलिए हमने बाहर से स्वादिष्ट खाना खाया। गरमा गरम रोटियाँ ताज़ी सब्ज़ियाँ और दही का स्वाद मुँह में घुल रहा था। खाना खाकर हम होटेल वापस आ गए।
रूम में आते ही मेरा इरादा था कि ज्वेलरी उतार के चेंज कर लूँ। मैंने पापा से कहा आप भी चेंज कर लें।
पापा ने कहा पहले तुम कर लो। मैंने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें बाथरूम में भेजकर बाथरूम का दरवाज़ा बंद कर दिया। मैं अभी ज्वेलरी उतार ही रही थी कि पापा बाथरूम से निकल कर मेरे पीछे खड़े हो गए। उन्होंने सिर्फ़ लूँगी पहनी हुई थी। उनके शरीर से अभी भी नहाने का हल्का सा साबुन का अरोमा आ रहा था।
मेरे ज़हन में शरारत आई। मैं पापा से नेकलेस उतरवाने के लिए थोड़ा पीछे हुई और अपनी गान्ड को पीछे कर के हल्का सा पापा के लंड से टच कर दिया और गान्ड हटा ली। ऐसा शो किया जैसे मुझे कुछ पता ही नहीं है। मैं जानती थी कि इस हरकत का पापा पर कुछ असर तो होगा।
वो ही हुआ। पापा मेरे और करीब हो गए। उनका लंड मेरी गान्ड की लकीर पर लग रहा था। मैं अंजान बनी रही और ज्वेलरी उतारती रही। मुझे फील हो रहा था कि पापा का लंड धीरे धीरे हार्ड हो रहा है। उसकी गर्मी और सख्ती मेरी पतली साड़ी के कपड़े के ऊपर से भी महसूस हो रही थी।
मैंने अचानक पीछे मुड़कर पापा की लूँगी खोल दी। पापा बिल्कुल नंगे हो गए। उनका लंड फुल हार्ड था और झटके ले रहा था। उसकी टोपी पर चमकदार प्रीकम की बूँद चमक रही थी। पापा भी मेरी शरारत समझ चुके थे। उन्होंने मुझे दबोच लिया।
मैंने उनकी पकड़ से निकलने की कोशिश की लेकिन पकड़ बहुत स्ट्रॉंग थी। पापा ने मेरी कमीज़ उतारने की कोशिश की लेकिन कमीज़ टाइट होने की वजह से थोड़ा ऊपर जा कर फँस गई। मैंने कहा पापा कमीज़ की ज़िप तो खोल लें।
पापा ने ज़िप खोलकर कमीज़ उतारी फिर मेरी ब्रा खोलकर दोनों को बेड पर फेंक दिया। मैं सिर्फ़ शलवार और पैंटी में थी। पापा ने मेरे शोल्डर्स से पकड़कर मुझे नीचे बैठा दिया और अपने लंड को मेरे फेस के सामने लाकर कहा इस को चूसो।
मैंने लंड की टोपी पर ज़ुबान फेरी और उसे चाटा। पापा मज़े से पागल हो रहे थे। उनकी सांसें तेज़ हो गई थीं। थोड़ी देर टोपी चाटकर मैंने लंड मुँह में भर लिया और चूसने लगी। मेरी जीभ लंड की नसों पर घूम रही थी। मैं ऊपर नीचे मुंह हिला रही थी। पापा के मुँह से मज़े की वजह से गहरी आवाज़ें निकल रही थीं जैसे आह्ह्ह उम्म्म्म।
थोड़ी देर लंड चुसवा कर पापा ने लंड बाहर निकाल लिया। उनका लंड मेरे थूक से सना हुआ था। चमकदार लार की धार लंड से टपक रही थी। पापा ने मुझे उठाया और बेड पर सीधा लिटा दिया। और मेरे ऊपर चढ़कर घुटनों के बल बैठ गए और लंड को मेरे बूब्स की लकीर पर रखकर मुझे कहा कि लंड को अपने बूब्स के दरमियान दबा लो।
मैंने कहा पापा ये क्या कर रहे हैं। तो पापा ने कहा तुम्हारे बूब्स चोद रहा हूँ। मैंने हँसते हुए कहा ये भी कोई चोदने की जगह है। पापा ने कहा औरत के बूब्स आगे पीछे मुँह सब को चोदा जाता है। जान जब तुम्हारे बूब्स इतने मस्त हैं तो मैं कैसे इनको छोड़ दूं।
मैंने अपने बूब्स दबाकर लंड को उनमें जकड़ लिया। पापा लंड को आगे पीछे करने लगे। लंड की गर्मी मेरी नरम छाती की त्वचा पर महसूस हो रही थी। हर धक्के के साथ लंड की टोपी मेरे होंठों तक पहुँच जाती थी। मैं भी लंड चूसने और बूब्स फक्किंग से हॉट हो रही थी। मेरी चूत में करंट दौड़ रहा था। मैं काफी गीली हो रही थी।
बीस मिनट तक पापा बूब्स चोदते रहे। फिर उनके मुँह से अहाहोहोहहह की आवाज़ें निकलने लगीं। उनके लंड ने पानी की धार छोड़ी जो मेरी नेक और बूब्स पर गिरने लगी। गर्म चिपचिपा वीर्य मेरी त्वचा पर फैल गया। उसकी गंध हवा में भर गई। जब कुछ देर के बाद पानी निकल गया तब पापा ने मेरी ब्रा से मेरी नेक और बूब्स साफ किए।
मैंने पापा से कहा प्लीज़ मेरी चूत चाटो। पापा मेरी लेग्स के दरमियान आ गए। लेग खोलकर चूत पर ज़ुबान फेरने लगे। उनकी गर्म सांस मेरी जाँघों पर पड़ रही थी। मैं मज़े से आवाज़ें निकालने लगी। पापा ने अपनी फिंगर गीली चूत में डालकर निकाली और मुझे कहा लो अपनी चूत का पानी टेस्ट करो।
मैंने उनकी फिंगर चाट ली। पानी का टेस्ट नमकीन मगर अच्छा था। पापा ज़ोर से चूत चाटने लगे। दरमियान में चूत की क्लिट को काट लेते। उनकी जीभ अंदर बाहर घूम रही थी। कभी चूसते कभी काटते। मज़े की वजह से मैं कंट्रोल नहीं कर सकी और फारिग हो गई। मेरे शरीर में झुरझुरी दौड़ गई। मेरी चूत से गर्म रस बह निकला।
पापा का लंड इतनी देर में खड़ा हो गया था। पापा मुझे उठाकर नीचे सोफे के पास लाए और मुझे सोफे का सहारा लेकर झुकने को कहा। जब मैं झुकी तो मेरी चूत के लिप्स पीछे से पापा के सामने हो गए। पापा ने मेरे पानी से लंड गीला किया और चूत पर रख के ज़ोर का धक्का लगाया।
मैं लड़खड़ा गई। हाफ लंड चूत के अंदर जा चुका था। पापा ने और ज़ोर का धक्का लगाया और पूरा लंड अंदर डाल दिया।
मेरी चूत अचानक पूरी तरह फैल गई। पापा का मोटा और लंबा लंड एक झटके में मेरी गीली चूत के सबसे गहरे हिस्से तक धंस गया। मैंने महसूस किया कि मेरी चूत की दीवारें लंड को कसकर जकड़ रही हैं। गर्मी और दबाव इतना ज़्यादा था कि मेरी सांस अटक गई। मेरी आँखें बंद हो गईं और मुँह से एक लंबी आह निकल गई। पापा ने कहा पापा आराम से लेकिन पापा पे असर नहीं हुआ और वो लंड को अंदर बाहर करने लगे।
मेरे बूब्स हवा में झूल रहे थे। हर धक्के के साथ मेरी छाती के दोनों गोले तेज़ी से आगे पीछे लहरा रहे थे। पापा पूरी मेहनत और ताक़त से चुदाई कर रहे थे। उनकी हथेलियाँ मेरी कमर को मज़बूती से पकड़े हुए थीं। उनकी उँगलियाँ मेरी नरम त्वचा में धंस रही थीं। तकरीबन बीस मिनट ऐसे ही चोदने के बाद पापा ने दोनों हाथ से मेरे बूब्स पकड़ लिए और चोदने की स्पीड तेज़ कर दी।
चुदाई का ये अंदाज़ मुझे बहुत मज़ा दे रहा था। हर जोरदार धक्के के साथ लंड की टोपी मेरी चूत के अंदर तक टकरा रही थी। मेरी चूत से चिपचिपा रस निकलकर लंड पर फैल रहा था और हर बार बाहर निकलते समय एक चिकनी आवाज़ आ रही थी। मेरी सांसें तेज़ और भारी हो चुकी थीं। पापा के पसीने की बूँदें मेरी पीठ पर टपक रही थीं। उनकी सांसों की गर्म हवा मेरी गर्दन पर पड़ रही थी।
कुछ देर पापा बूब्स पकड़ के चोदते रहे। मैं फारिग होने वाली थी और मेरी लेग्स और कमर में झुकने की वजह से पेन होने लगा। मैंने कहा पापा कमर और लेग्स में पेन हो रहा है। पापा ने कहा थोड़ी देर और मैं फारिग होने वाला हूँ फिर उनके धक्कों की स्पीड और तेज़ हो गई।
लंड चूत के अंदर तक टकराता तो मुँह से आह निकल जाती। तकरीबन दो मिनट चोदने के बाद पापा के पानी की धार मुझे अपनी चूत में गिरती फील हुई। गर्म और मोटा वीर्य मेरी चूत की दीवारों पर छपाक छपाक से टकराया। जब पानी निकल गया तब पापा ने लंड बाहर निकाला। मैं बुरी तरह थक गई थी और वहीं सोफे पर गिर पड़ी।
जब हमारी साँसें बहाल हुई तब पापा मुझे उठा के बाथरूम में ले गए और मुझे और अपने को साफ किया। गर्म पानी की धार हमारे शरीर पर बह रही थी। पापा ने अपनी उँगलियों से मेरी चूत को धीरे से साफ किया। मैंने उनके लंड को साबुन लगाकर धोया। हम बेड पर आ गए। पापा ने मेरी चूत और मैंने उनके लंड पर किस किया और सो गए।
सुबह मेरी आँख खुली तो देखा पापा का लंड खड़ा था जो बहुत प्यारा लग रहा था लंबा मोटा। मैंने उठ कर लंड पर किस की। जैसे ही किस की पापा उठ गए और मुझे पकड़ कर अपने साथ लिटा लिया।
पापा मेरे बूब्स को देखने लगे। मैंने कहा ऐसे क्या देख रहे हैं क्या दूध पीना है। पापा ने कहा हाँ पिलाओगी अपना दूध। मैंने कहा वो तो आप रोज़ पीते हैं।
पापा बोले वो तो मैं खुद पीता हूँ लेकिन कभी तुम खुद से पिलाओ। मैंने कहा ये कौन सी बड़ी बात है और अपने एक बूब को हाथ से पकड़ कर निपल पापा के मुँह से लगा दिया।
पापा ने निपल मुँह में लिया और चूसने लगे। चूसने के साथ साथ दाँतों से काट भी लेते। उनकी जीभ निपल के चारों ओर घूम रही थी। मज़े से मैं पागल हो रही थी। थोड़ी देर एक बूब्स चुसवा कर मैंने निपल पापा के मुँह से निकाल लिया और उठ गई।
पापा सवालिया नज़रों से मुझे देखने लगे। मैंने पापा को अपनी जगह पर जाने को कहा। जब पापा मेरी जगह पर लेट गए तो मैं उनकी जगह पर आ गई और लेट गई। फिर मैंने दूसरे बूब को पकड़ कर निपल पापा के मुँह से लगाया और कहा ये रह गया था।
पापा ज़ोर से निपल चूसने लगे। काफी देर बूब्स चुसते और काटते रहे। मेरे दोनों बूब्स पर काटने से लाल निशान बन गए थे। मैं हॉट हो गई थी और चूत में गीला पन फील कर रही थी।
पापा भी बहुत हॉट हो गए थे। उनका लंड झटके खा रहा था। पापा ने मुझे हाथ ऊपर कर के सीधा लेटने को कहा। जब मैं इस पोज़िशन में लेट गई तो पापा ने मेरी आर्मपिट को पहले सूँघा और कहा किरण क्या महक है तुम्हारी बगल की फिर मेरी बगल को चाटने लगे और अपनी फिंगर मेरी गीली चूत में डाल दी।
मैं तो एक लम्हे को मज़े से सिहर उठी। पापा ज़ोर से फिंगर करने लगे। कुछ देर के बाद दूसरी फिंगर भी डाल दी। फिंगर्स ने मेरी चूत में आग लगा दी थी। मुझे लंड की ज़रूरत फील हो रही थी। मैं अपने चूतड़ बेड पर पटकने लगी।
पापा मेरी कंडीशन को समझ गए और लेटे लेटे ही मेरी एक लेग उठा कर लंड को गीली चूत में डाल दिया। लंड के चूत में आने से मुझे अच्छा लगा और मैं लंड को चूत से भींचने लगी। पापा पहले स्लो स्लो लंड पेलते रहे फिर ज़ोर ज़ोर से पेलने लगे।
इस पोज़िशन में मैं पहली टाइम करवा रही थी लेकिन पापा के स्ट्रॉंग और मोटे लंबे लंड ने बहुत मज़ा दिया था। तकरीबन आधा घंटा वो मुझे चोदते रहे। इस दौरान मेरे बूब्स को भी दबाते और मसलते रहे जिस से मुझे बहुत मज़ा आया।
फिर पापा फारिग हो गए। मैंने उनके पानी को हमेशा की तरह अपनी चूत में वेलकम किया। जब पापा ने लंड बाहर निकाला तो मैंने शरारत से लंड पर हल्के से मारते हुए कहा कि बहुत तंग करता है ये।
पापा फौरन बोले जब इतना मस्त माल देखेगा तो तंग तो करेगा। फिर हम उठे कपड़े पहने और नाश्ता किया।
सुबह की चुदाई से मैं बहुत रिलैक्स फील कर रही थी।
मेरे शरीर में अभी भी सुबह की उस जोरदार चुदाई की गहरी तृप्ति बाकी थी। मेरी चूत थोड़ी सूजी हुई और गर्म थी लेकिन अंदर से पूरी तरह संतुष्ट महसूस हो रही थी। पापा के मोटे लंड के आखिरी धक्कों की याद से मेरी चूत हल्का सा सिकुड़ गई और एक हल्की सी लहर दौड़ गई। मैं बिस्तर पर लेटी लेटी शरीर को खींचकर अंगड़ाई ली। मेरी छाती के बूब्स हल्के से ऊपर नीचे लहराए। मन में गहरी शांति और सुकून था।
कुछ देर हम ने टीवी देखा और गपशप की। पापा मेरे कंधे पर हाथ रखे हुए थे। उनकी उंगलियां धीरे धीरे मेरी त्वचा पर घूम रही थीं और कभी कभी मेरी गर्दन को सहला जाती थीं। फिर पापा कहने लगे कि जान तैयार हो जाओ बाहर चलते हैं।
मैंने कहा कि क्या पहनू। पापा ने कहा ब्लू वाली साड़ी पहन लो। हम एक साथ नहाए। गर्म पानी की धार हमारे नंगे शरीर पर गिर रही थी। पापा ने मेरे बूब्स पर साबुन लगाकर उन्हें अच्छे से मसलते हुए धोया। उनकी हथेलियां मेरे निप्पल्स को छूते हुए घूम रही थीं। मैंने उनके लंड को साबुन लगाकर धीरे से रगड़ा। फिर नंगे बाहर आ गए। पापा ने मुझे ब्रा पहनाई। उनकी उंगलियां मेरी छाती पर घूमते हुए ब्रा के हुक लगाते समय मेरे निप्पल्स को हल्का सा दबा रही थीं। मैंने साड़ी पहनी। पापा ने मुझे झप्पी डाल कर कहा बहुत हसीन लग रही हो फिर मुझे कहा बाल खुले छोड़ दो।
मैंने अपने बाल खुले छोड़ दिए और लाइट सा मेकअप किया। मेरे होंठों पर हल्का गुलाबी लिपस्टिक लगाया जिससे वे और भी आकर्षक और चमकदार लग रहे थे। हम बाहर आ गए। पापा ने मेरी कमर में हाथ डाला हुआ था। उनकी हथेली की गर्मी मेरी साड़ी के पतले कपड़े से भी साफ महसूस हो रही थी। हम बाहर निकले। आज देर तक घूमने का मूड था। हम काफी देर तक घूमती रहे।
मैंने पापा से पूछ लिया कि आप के और मोम के रीलेशन क्यों खराब हुए। पापा कुछ नहीं बोले। जब मैंने जिद की तो कहने लगे तुम्हारी मोम बहुत चुदक्कड़ औरत है मैं शुरू में खराब नहीं था। शुरू ही से मैं बहुत सेक्सी था और तुम्हारी मोम को टाइम भी देता था लेकिन उसे दूसरों से चुदवाने की जो आदत पड़ चुकी थी उसने हमारे रीलेशन को खराब कर दिया। मैंने कई बार उसे अपने ब्रदर इन लॉ से करवाते हुए देखा। मैंने उसे मना किया लेकिन वो नहीं मानी फिर मैं उससे दूर होता गया और सेक्स की भूख मिटाने के लिए रंडियों से रीलेशन बना लिए।
पापा का मूड ऑफ हो गया था। उसको ठीक करने के लिए मैंने कहा मेरे होते हुए आप को किसी रंडी के पास जाने की जरूरत नहीं है। पापा ने कहा सच कह रही हो। मैंने हां में सिर हिलाया और पापा ने मुझे अपने से करीब कर लिया। उनकी मजबूत बाहें मेरी कमर को घेर रही थीं और उनकी छाती से मेरे बूब्स दब गए।
हम होटेल में आए तो काफी टाइम हो गया था। हम रूम में आए। पापा कपड़े चेंज करने चले गए। जबकि मैंने ज्वेलरी उतारी और पापा का वेट करने लगी कि वो निकलें तो मैं चेंज करने जाऊं। जब पापा निकले तो लूंगी में थे। मैं उनके निकलते ही बाथरूम में चली गई और कपड़े चेंज कर के बाहर आ गई। बाहर आकर मैं पापा के साथ जा कर लेट गई।
तब ही मेरे ज़हन में आइडिया आया। मैं उठी। सामान में से आयल की बॉटल निकाल के बेड पर आ गई। पापा ने पूछा ये किस लिए लाई हो। मैंने कहा आप के लंड की मालिश के लिए। इतना काम कर के वो भी थक गया होगा। ये कहकर मैंने पापा की लूंगी हटा के लंड बाहर निकाला और उस पर आयल लगा के हल्के हल्के मालिश करने लगी।
मेरी उंगलियां पापा के लंड की मोटी नसों पर घूम रही थीं। गर्म तेल की चिकनाहट लंड की पूरी लंबाई पर फैल गई। लंड धीरे धीरे फूलने लगा और सख्त होने लगा। थोड़ी देर में पापा का लंड पूरी तरह हार्ड हो गया। अब उस पर मालिश करने में आसानी हो रही थी। मैंने पापा से पूछा कैसा लग रहा है। पापा ने जवाब दिया कि बहुत मजा आ रहा है और रिलैक्स फील हो रहा है।
मैं थोड़ी तेजी से मालिश करने लगी। मेरी दोनों हथेलियां लंड को ऊपर नीचे घिस रही थीं और हर स्ट्रोक के साथ लंड की टोपी से थोड़ा प्रीकम निकल रहा था। फिर मैंने पापा की बॉल्स पर आयल लगाया और सॉफ्ट हाथ से बॉल्स को सहलाना शुरू किया।
पापा मजे में मस्त हो रहे थे। उनकी सांसें भारी और तेज हो गई थीं। मुझे भी बॉल्स सहलाने में मजा आ रहा था। तकरीबन बीस मिनट पापा के लंड की मालिश की। फिर टिश्यू से लंड को साफ किया और लंड की टोपी पर किस कर के पापा के साथ लेट गई।
पापा ने मुझे झप्पी डाल ली और कहा जान क्या मूड है। मैंने कहा मूड तो है लेकिन कल करेंगे क्योंकि मालिश से जो ताकत लंड को मिली है चुदाई कर वो कम हो जाएगी। पापा ने मेरी बात मान ली और उठ कर मेरी शलवार नीची की। मैंने पैंटी नहीं पहनी थी। शलवार नीचे कर के पापा ने मेरी चूत पर किस किया और हम सो गए।
हम गहरी नींद सो रहे थे कि पापा के मोबाइल की बेल बजने लगी। जिससे पापा तो जागे ही थे मेरी भी आँख खुल गई। मैंने घड़ी में टाइम देखा तो दस बज रहे थे। पापा फोन पर बात करने लगे। मैं लेटी उन्हें बात करता देखती रही। थोड़ी देर बाद पापा ने फोन बंद कर दिया और मुझे कहा कपड़े पहनो। मैंने कपड़े पहने और पूछा किस का फोन था।
पापा: ऑफिस से फोन था। मैं: सब ठीक तो है। क्या कह रहे थे ऑफिस वाले। पापा: वो कह रहे थे कि कल ऑफिस में आ जाएं ट्रांसफर पेपर्स रेडी हैं और जो एम्प्लॉयी पापा की जगह पर आया है उसे कुछ चीजों का समझाना है। मैं: क्या करेंगे आप। पापा: ऑफिस जाना तो पड़ेगा। किरण आई एम सॉरी हनीमून यहीं खत्म करना पड़ेगा। मैं: इसमें सॉरी की क्या बात है मजबूरी है। वैसे भी इतने थोड़े टाइम में भी मैंने बहुत एंजॉय किया है।
पापा ने मुझे बाहों में भर लिया और मेरे होंठों को चूस कर बोले हम शाम को यहां से निकल जाएंगे और सुबह सुबह घर पहुंच जाएंगे मैं तैयार हो कर ऑफिस चला जाऊंगा। हमने नाश्ता किया और थोड़ा बहुत जो कपड़े और मेकअप का सामान बाहर पड़ा था वो बैग में रखा। जब सब हो गया तो मैंने कहा पापा एक बात कहूं अगर बुरा ना मानें। पापा ने कहा कहो।
मैंने कहा अगर आपकी इजाजत हो तो मैं कुछ शॉपिंग मोम के लिए कर लूं। पापा ने कोई जवाब नहीं दिया। मैंने उन्हें समझाया कि आप उनसे इसलिए नाराज हैं ना कि उन्होंने अंकल से रीलेशन बनाया लेकिन ये भी तो सोचें उन्होंने आपका रीलेशन मेरे साथ भी तो बनवाया है। अपनी जगह मुझे दे दी। वो हमारे राज को जानती हैं अगर हम उनका राज लोगों को बता दें तो उनकी कम बदनामी होगी लेकिन अगर उन्होंने किसी को हमारे रीलेशन के बारे में बता दिया तो बहुत बुरा होगा हमें उनसे रिश्ता खराब नहीं करना चाहिए।
पापा कुछ देर सोचते रहे फिर बोले ठीक है। मैंने पापा से पूछा कौन सा ड्रेस पहनूं। पापा ने मेरे लिए लाइट पर्पल कलर का सूट चूज़ किया जिसकी कमीज़ बहुत छोटी और टाइट थी। कमीज़ का गला बहुत खुला था। मैं जल्दी से तैयार हुई। पापा भी तैयार हुए।
जब हम होटेल से निकले मैं पापा के आगे थी। जब पापा थोड़ी देर तक मेरे साथ नहीं हुए तो मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो पापा वहीं खड़े मुझे देख रहे थे। मैं पापा के पास आई और कहा क्या हुआ आप यहां क्यों रुक गए हैं। पापा ने मेरे चूतड़ों पर हाथ फेर कर कहा तुम्हारे चूतड़ इस ड्रेस में कुछ ज्यादा ही मटकते फील हो रहे हैं मैं तुम्हारे हसीन चूतड़ों को मटकते देख रहा था।
मैंने झेंपते हुए कहा पापा आप भी ना। हम साथ निकल पड़े। सारा टाइम पापा मेरे पीछे ही रहे। मैं जानती थी उनकी नजर मेरे चूतड़ों पर है। जहां रश में मौका मिलता पापा मेरी गांड से अपना लंड टच कर देते। मुझे भी गांड लंड की इस आंख मिचौली में मजा आने लगा।
मैंने मोम के लिए दो सेक्सी सूट लिए। फिर पापा से पूछा मोम के बूब्स का साइज क्या है। पापा ने कहा तुम क्यों पूछ रही हो। पापा आप भी ना… मोम के लिए ब्रा लेनी है उसके लिए पूछा है। पापा ने बताया 36डी। मैंने व्हाइट कलर की एक ट्रांसपेरेंट लो कट ब्रा ली और मैच की पैंटी ली और हम शॉप से निकल आए।
हमने टाइम देखा तो दो बज रहे थे। हमने खाना खाया और होटेल वापिस आ गए। रूम में आकर मैंने शॉपिंग का सामान भी बैग में रखा। इतनी देर में पापा कपड़े चेंज कर के लूंगी पहन कर बाहर आ गए।
पापा ने मुझे पीछे से ही पकड़ लिया और मेरे बूब्स दबाने लगे। पापा ने अपने होंठ मेरे पीछे से मेरी नेक पर रख दिए और किस करने लगे। मजे से मेरा जिस्म कांप गया। मेरी कमीज़ और शलवार पसीने से भीगी हुई थी और मेरी ब्रा साफ नजर आ रही थी। पापा मेरी कमीज़ से मेरे पसीने को सूंघते करते जा रहे थे साथ साथ।
पापा ने मेरी इयर लॉब को दाँतों से दबा कर कान में कहा जान तुम्हारे जिस्म की स्मेल भी तुम्हारी तरह मस्त है।
काफ़ी देर पापा मेरी नेक और एअर को किस करते रहे फिर वो नीचे बैठ गये और अपनी नोज को मेरी गान्ड से लगा दिया और पसीने से गीली शलवार मे से गान्ड की स्मेल को सूँघा और कहा जान तुम्हारी गान्ड जितनी मस्त है उतनी ही इस की महक भी मस्त है।
पापा के गर्म और नम होंठ मेरी गर्दन की नरम त्वचा पर बार बार लग रहे थे। हर किस के साथ उनकी जीभ हल्के से मेरी स्किन को चाट जाती और मैं महसूस करती कि मेरी गर्दन पर छोटी छोटी सिहरन दौड़ रही है। मेरे कान की लोब को वे धीरे से दांतों से दबाते और फिर चूसते जिससे मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ जाती। काफी देर तक ये सिलसिला चला। फिर अचानक पापा नीचे बैठ गए। उनकी नाक को उन्होंने मेरी गान्ड से लगा दिया और पसीने से भीगी हुई शलवार के कपड़े के ऊपर से ही मेरी गान्ड की गहरी महक को लंबी सांस लेकर सूंघा। उनकी सांस की गर्म हवा मेरी गान्ड की दरार तक पहुंच रही थी। पापा ने गहरी आवाज में कहा जान तुम्हारी गान्ड जितनी मस्त है उतनी ही इसकी महक भी मस्त है।
मैं भी हॉट हो चुकी थी। मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी और अब गान्ड की ये शरारत भरी महक सूंघने से मेरी सांसें और तेज हो गई थीं। पापा थोड़ी देर गान्ड सूंघकर उठे और मेरी कमीज़ और ब्रा उतारकर बेड पर फेंक दी। उनके मजबूत हाथों ने मेरे दोनों बूब्स को कसके पकड़ लिया। उनकी उंगलियां मेरी नरम छाती की गोलाइयों में धंस गईं। उन्होंने मेरी नेक को और कमर को चाटना शुरू कर दिया। उनकी गर्म जीभ मेरी त्वचा पर लंबे लंबे स्ट्रोक मार रही थी। मजे से मेरे मुंह से आह ओह्ह की आवाजें निकल रही थीं।
कुछ देर बाद पापा ने मुझे सीधा किया और मेरे बूब्स को चाटने और चूसने लगे। मेरे निप्पल्स हार्ड होकर खड़े हो गए थे। जब पापा दांतों से उन्हें काटते तो मेरी आह निकल जाती। उनकी जीभ निप्पल के चारों ओर घूमती और फिर पूरा निप्पल मुंह में ले कर जोर जोर से चूसते। थोड़ी देर ये सिलसिला चला। फिर पापा ने मेरे कान में कहा जान आज मैं सितार नहीं ढोल बजाने के मूड में हूं।
मैंने कहा क्या मतलब। पापा ने कहा सितार चूत और ढोल गान्ड। मैं फौरन पापा से अलग हो गई और कहा ना बाबा ना गान्ड मरवाने में तो बहुत पेन होगा। पापा ने कहा कि मुझे पर ऐतबार करो मैं बहुत आराम से करूंगा और तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा। मैंने इनकार किया तो पापा बोले अच्छा मैं सिर्फ तुम्हारी गान्ड चाटूंगा और फिंगर करूंगा। मैं मान गई।
तो पापा नीचे झुके और मेरी शलवार उतार दी। मैं सिर्फ पैंटी में थी। पापा ने मेरी पैंटी भी उतारी और मुझे सोफे के सहारे से झुकने को कहा। जब मैं झुकी तो मेरी गान्ड का होल उभरकर पापा के सामने आ गया। पापा ने गान्ड के होल पर अपनी जुबान फेरी। फिर होल के बाहर जुबान से चाटने लगे। उनकी गर्म और नम जुबान मेरी गान्ड की सिकुड़ी हुई त्वचा पर बार बार फिसल रही थी।
मैंने शरारत से पूछा कैसा लगा आप को मेरी गान्ड का टेस्ट। पापा बोले तुम्हारी तरह मस्त है। कुछ देर ऊपर से चाटने के बाद पापा ने मेरे होल को थोड़ा सा फैलाया और जुबान की टिप अंदर डाल दी। मजे से मैं पागल हो रही थी। उनकी जुबान अंदर बाहर घूम रही थी और मेरी गान्ड की अंदरूनी दीवारों को चाट रही थी। मेरी चूत से पानी निकल गया था। मेरी जांघें कांप रही थीं।
पापा रुके और बैग में से क्रीम निकाली और मेरी गान्ड के होल पर लगाई। ठंडी और चिकनी क्रीम मेरी गान्ड पर फैल गई। फिर पापा ने अपनी एक फिंगर अंदर डाल दी। मुझे पेन होने लगा। मैंने कहा पापा पेन हो रहा है। पापा ने कहा बर्दाश्त करो जान। पापा जोर जोर से फिंगर करते रहे जिससे गान्ड का होल थोड़ा खुल गया और फिंगर आसानी से अंदर बाहर होने लगी। अब मुझे भी फिंगर में मज़ा आ रहा था।
पापा खड़े हुए और क्रीम अपने लंड पर लगाई। उनका मोटा और लंबा लंड पूरी तरह हार्ड और चमकदार हो गया था। उन्होंने लंड की टोपी गान्ड के होल पर रख दी। मैंने कहा पापा आपने तो कहा था कि आप सिर्फ गान्ड चाटेंगे और फिंगर करेंगे लेकिन आपने लंड को क्यों रखा यहां पर।
पापा ने कहा सिर्फ तुम्हारी गान्ड के होल के साथ लंड रगड़ रहा हूं। मैं रिलैक्स हो गई। पापा थोड़ी देर लंड को गान्ड के होल पर रगड़ते रहे। लंड की गर्मी और क्रीम की चिकनाहट मेरी गान्ड पर महसूस हो रही थी। फिर अचानक धक्का लगाया लेकिन गान्ड के होल के टाइट होने की वजह से लंड फिसल गया और अंदर नहीं गया।
इससे पहले कि मैं संभलती और सीधी होती पापा ने मेरे दोनों बूब्स कसके पकड़े और मुझे काबू कर लिया। इतनी जोर से बूब्स दबाने पर मेरे मुंह से आह निकल गई। मैंने कहा पापा प्लीज गान्ड में ना डालें लेकिन पापा ने मेरी एक ना सुनी और कहा बहुत मटकती है ना तेरी गान्ड अब इसका मज़ा मैं लेके रहूंगा। और ये कहकर पापा ने लंड सेट करकर जोर का धक्का लगाया। लंड की टोपी मेरी गान्ड के अंदर घुस गई। पेन की वजह से मेरी चीख निकल गई।
पापा वहां रुक गए और मेरे निप्पल पकड़के मसलने लगे। मेरा पेन से बुरा हाल था। मैंने कहा पापा लंड को निकाल लो। पापा बोले बस जान काम हो गया है थोड़ा पेन बर्दाश्त कर लो। पापा मेरे बूब्स मसलते रहे। उनका लंड मेरी गान्ड में फंसा हुआ था।
थोड़ी देर वेट करके पापा ने आहिस्ता आहिस्ता लंड को अंदर डालना शुरू किया। मुझे फिर पेन होने लगा। लेकिन पापा नहीं रुके और हाफ लंड से चोदने लगे। दस मिनट तक वो ऐसे ही चोदते रहे। मेरी गान्ड का होल थोड़ा खुल गया था और मेरा पेन कुछ कम हुआ था।
पापा ने मुझे थोड़ा रिलैक्स देखा तो स्लो स्लो पूरा लंड अंदर डाल दिया। पेन से मेरा बुरा हाल था। पापा इस बार नहीं रुके और जोर जोर से लंड पेलने लगे। जब पापा का लंड जड़ तक अंदर आता तो पापा की बॉडी मेरे चूतड़ों से टकराती और लंड के अंदर बाहर होने से गान्ड में से पच पच की आवाज आने लगी।
तकरीबन बीस मिनट तक गान्ड चुदवाकर मेरा पेन काफी हद तक कम हो चुका था और मुझे मज़ा आने लगा था। मैं भी गान्ड को पीछे करके लंड को अंदर लेने लगी। मैं बहुत मस्त हो गई थी और मेरी चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया।
पापा ने मेरे बूब्स छोड़कर मेरी कमर पकड़ी और पूरी ताकत से धक्के लगाने लगे। दस मिनट तकरीबन ये सिलसिला और चला और पापा का पानी मेरी गान्ड में निकल गया। मुझे गान्ड में गरम गरम फील हो रहा था। जब पापा का सारा पानी निकल गया तो पापा ने लंड बाहर निकाला।
मैं तो सोफे पर गिर गई। थोड़ी देर के बाद पापा ने मुझे उठके बाथरूम में चलने को कहा। मैं उठी तो लड़खड़ा गई। मुझसे चला नहीं जा रहा था। पापा मुझे उठाकर बाथरूम ले गए। वहां मुझे और अपने लंड को साफ किया और मुझे बेड पर लिटा दिया।
थोड़ी देर मैं लेटी रही फिर उठकर बैठ गई। पापा नंगे ही सोफे पर बैठे थे। उनका लंड मुरझा गया था लेकिन मुरझाया हुआ भी बहुत बड़ा था। मैंने साइड में रखी ड्रेसिंग टेबल के मिरर में देखा तो पता चला कि पापा के मसलने और दबाने से मेरे दोनों बूब्स रेड हो रहे थे।
कुछ देर के बाद जब मैं थोड़ी रिलैक्स हुई तो उठी और कपड़े पहने। पापा मेरे पास आए और झप्पी डालकर कहा अब तुम कंप्लीट औरत बन गई हो कैसा लगा तुम्हें।
मैंने कहा आप मुझसे बात ना करें आपने चीटिंग की है। इस पर पापा ने मुझे समझाया कि किरण एक अच्छी मैरिड लाइफ के लिए हस्बैंड और वाइफ को सब जगह के मजे का पता होना चाहिए। पहली बार गान्ड चुदवाई है इसलिए पेन होने की वजह से पूरा मज़ा नहीं मिला होगा तुम्हें। चूत की तरह नेक्स्ट टाइम पेन नहीं होगा और तुम्हें मज़ा भी पूरा मिलेगा।
पापा ने मुझे झप्पी डालके किस किया। मैंने भी उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और किस किया।
पापा ने घड़ी पर टाइम देखा तो काफी टाइम हो गया था। पापा ने कहा किरण हमें अब स्टेशन चलना चाहिए। पापा ने सामान लिया और हम रिसेप्शन पर आए। पापा ने होटेल का बिल पे किया। हम टैक्सी में बैठकर स्टेशन आ गए। पापा ने टिकट्स लिए। थोड़ी देर में ट्रेन आ गई और हम उसमें बैठ गए।
ट्रेन में और लोगों के होने की वजह से सारे रास्ते कोई मस्ती नहीं हुई। सुबह छह बजे हम अपने सिटी पहुंच गए। स्टेशन से घर पहुंचे।
घर पहुंचकर बेल बजाई। थोड़ी देर के बाद मोम ने डोर ओपन किया। हम अंदर आए। पापा ने मोम से पूछा रियाज कहां है।
मोम ने कहा कि वो तो कल शाम में ही चले गए थे उनकी हॉलिडेज खत्म हो गई थी। पापा ने मुझे कहा कि तुम अपने रूम में जा कर आराम करो और खुद मोम के साथ उनके रूम में चले गए। मैं अपने रूम में आकर सो गई क्योंकि थकान बहुत थी। सुबह दस बजे मोम ने मुझे जगाया नाश्ते के लिए। मैं जल्दी से उठी और नाश्ता करने के लिए नीचे आई।
नाश्ता करने के बाद मोम और मैं बैठके बातें करने लगे। मोम ने मुझे कहा तुम्हारे पापा तुमसे बहुत खुश हैं क्या तुम भी उनसे…
मैं ब्लश हो गई पर चुप रही।
मेरे गालों पर अचानक गर्मी की लहर दौड़ गई थी। ब्लश के कारण मेरी त्वचा गुलाबी होकर चमकने लगी थी और दिल की धड़कन तेज़ हो गई थी। मैंने नजरें नीचे की ओर कर लीं लेकिन पूरी तरह चुप रही। मेरे होंठ हल्के से कांप रहे थे।
मोम ने मुझे समझाया अब हम दोनो का हज़्बेंड एक ही है और तुम भी सेक्स का मज़ा ले चुकी हो क्यूँ ना हम दोस्त की तरह रहें और एक दूसरे से अपनी बातें शेर कर लें।
मॉम की आवाज़ में एक नई तरह की गर्मजोशी और विश्वास था। उनकी आँखों में चमक थी और वे मेरे बिल्कुल करीब बैठी थीं। उनकी सांसों की हल्की गर्म हवा मेरे चेहरे पर पड़ रही थी। मैंने महसूस किया कि अब हमारा रिश्ता एक नई दिशा में जा रहा है।
मैने कहा बात तो आप की ठीक ही है. मैं बहुत खुश हूँ पापा से.
मोम ने कहा ज़रा मुझे भी तो दिखाओ कि क्या क्या मेहनत करवाई है इन दिनो मे.
मैने कहा क्या मतलब.
मॉम आँख मारते हुए कहा तुम अपने बूब्स,चूत और गान्ड दिखाओ.
इस से पहले कि मैं कुछ कहती मोम बोल पड़ी हम आज से दोस्त भी हैं मैं ये सब एक दोस्त की हसियत से कह रही हूँ अगर तुम नही दिखाना चाहती तो कोई बात नही लेकिन मैं ये समझूंगी कि तुम ने मुझे दोस्त नही बनाया.
मैने कहा क्या आप भी मुझे अपना जिस्म देखाएँगी ?
मोम ने कहा क्यूँ नही.
मेरे दिल में मॉम को पूरी तरह नंगा देखने की गहरी ख्वाइश जाग उठी थी।
मैने कहा यहाँ ठीक नही है रूम मे चलते हैं.
हम मोम के रूम में आए.
मॉम बोली अब नखरे ना करो.
मैने अपनी कमीज़ उतार दी फिर ब्रा भी.
मेरे बूब्स और नेक पर पापा के चूसने और काटने से गहरे लाल निशान पड़े थे। मॉम उनको गौर से देखने लगीं। उनकी नजरें मेरी छाती पर घूम रही थीं। फिर बोलीं नीचे की क्या हालत है?
मैने शलवार और पैंटी उतार दी। मोम ने करीब आकर मेरी लेग्स को थोड़ा खोल के चूत देखी। उनकी उंगलियां मेरी जांघों को हल्का सा छू रही थीं। फिर उन्होंने मुझे पीछे की ओर झुकाया और मेरी गान्ड का होल देखकर बोलीं किरण तुम तो छुपी रुस्तम निकली मेरी सोच से बढ़ कर तुम ने प्रोग्रेस दी है चूत तो चूत गान्ड के होल की हल्की हल्की सूजन बता रही है कि तुम ने गान्ड भी मरवा ली है इतनी जल्दी.
फिर वो बोली तुम देखने में ही छोटी हो पर काम बड़े किए हैं तभी तो तुम्हारे पापा तुम से खुश हैं.
मैं ब्लश हो गई.
मैने कहा अब आप दिखाओ .
मोम ने कमीज़ उतारी। उनके बड़े बड़े बूब्स ब्रा से बाहर निकलने को थे।
मोम ने अपनी ब्रा उतारी तो उनके बूब्स उछल कर ब्रा से बाहर आ गए।
बूब्स पर मेरी तरह ही गहरे निशान थे।
मैने कहा नीचे भी दिखाओ.
मोम ने शलवार उतार दी। उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी।
मोम की चूत बहुत फूली हुई थी। उसके लिप्स मोटे और भारी थे। क्लिट भी पूरी तरह उभरी हुई और सूजी हुई थी।
मैने कहा मेहनत तो आप पर भी लगता है बहुत हुई है.
मोम ने आँख मार के कहा इस तरह तो होता है इस तरह के कामो मे.
मैने कहा आप की चूत के लिप्स और क्लिट इतने मोटे क्यूँ हैं मेरे तो नहीं हैं.
इस पर उन्होंने कहा तुम्हारी चूत कम चुदि है इस लिए जब ये भी काफ़ी बार चुदेगी तो मेरी चूत जैसा हाल हो जाएगा.
मोम ने चस्का लेते हुए बताया तुम से भी छोटी थी तब से चुदवा रही हूँ जब ही तो चूत का फुद्दा बन गया है.
मैने बातों बातों मे पूछा की अंकल क्या आप को दिन रात करते थे.
मोम ने कहा नहीं वो सुबह आते थे और शाम को चले जाते थे रात नहीं रुक सकते थे कहीं उनकी वाइफ को शक ना हो जाए.
घर वो कह कर जाते थे कि वो काम पर जा रहे हैं लेकिन वो मेरे पास आ जाते थे.
काम से उन्होंने छुट्टी ले रखी थी.
फिर मोम ने कहा आज का दिन आराम करो तुम्हारा हनीमून भी हो गया कल से तुम ने पहले की तरह काम करना है.
मैने यस कहा फिर अपने रूम मे आ गई और रेस्ट करने लगी.
थोड़ी देर के बाद मुझे याद आया उस शॉपिंग के बारे मे जो मैने मोम के लिए की थी।
मैने सोचा कि वो ड्रेस मोम को दे आती हूँ.
मैने बैग से ड्रेस निकाले और मोम के रूम मे आई।
मोम लेटी हुई थी मुझे देख कर उठ गईं और मेरे हाथ मे पैकेट देख कर पूछा ये क्या है?
मैं उनके बेड पर बैठ गई और पैकेट उन को दे कर कहा ये मैने आप के लिए लिए थे.
मोम ने पैकेट खोला ड्रेसस देखी.
फिर बोलीं ड्रेसस बहुत प्यारी हैं लेकिन इस एज मे इतने सेक्सी ड्रेस?
मेरे ज़हन मे अब एक आइडिया था.
मैं वो हर्बा यूज़ करने जा रही थी जो मोम ने मुझ पर यूज़ किया था यानी पहले मोम ने मुझे फँसाया था और मेरी ट्रैनिंग कर के मुझे चुदवाया था.
मैं चाहती थी कि मैं मोम को फँसाऊ.
मैने फॉरन कहा अब इतनी ओल्ड भी नहीं हैं आप जितना आप ने अपने आप को बना लिया है.
आप ने पापा पर गौर क्या है वो अपनी फिटनेस का कितना ख़याल रखते हैं जब ही तो 40 के हो के भी 40 के नहीं लगते और सेक्स मे भी स्ट्रॉंग हैं.
मैने सोच लिया था कि जब मोम ने मुझे इस चुदाई के काम पर लगा दिया है और खुद भी बेशर्मी से दूसरी लोगो से चुदवाती हैं तो मैं मोम के सामने बेशरम हो गई थी क्योंकि जो सिलसिला शुरू हो चुका था उसके बाद शर्म का कोई काम नहीं था.
मोम ने कहा मैं समझी नहीं.
मैने कहा सो सिंपल आप भी किसी से कम नहीं हैं बस आप को थोड़ी केर की ज़रूरत है.आप सिर्फ़ 35 की हैं लेकिन केर ना करने की वजह से पापा से भी बड़ी लगती हैं.
आप का फिगर भी खूबसूरत है आप को ज़रूरत है अपने आप को मेनटेन करने की.
मोम ने कहा तुम्हारे पापा नाराज़ ना हो जाएँ .
मैं तो चांस की तलाश में थी।
मैने कहा मोम पापा को मैं संभाल लूँगी.आप भी कमाल करती हैं जब आप पापा के सामने दूसरे लोगो से चुदवा सकती हैं और उस मे आप को डर नहीं लगता तो इस मे क्यूँ डरती हैं?
ये बात सुन कर मोम का मूड कुछ चेंज होने लगा तो मैने बात को बनाते हुए फॉरन कहा आप खूबसूरत लगेंगी तो ज़्यादा मज़ा करेंगी.
मैने आँख मार के उन से कहा कि आप ही से तो सीखा है और आप खुद भूल गई फिर मैने ड्रामा करते हुए कहा आप मेरी सौतेली मोम ज़रूर हैं लेकिन मैने आप को अपनी मोम ही समझा है.
फिर मैने कहा आप रेस्ट करो मैं अपने रूम मे चलती हूँ.
मैं रूम मे आ कर मैगज़ीन पढ़ने लगी ताकि टाइम पास हो.
थोड़ी देर ही गुज़री थी कि मोम आ गईं।
उन को देख कर मैने मैगज़ीन बंद कर दिया और बनावटी प्यार से पूछा कोई काम था आप को?
मोम ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने साथ बैठा लिया और थोड़ी देर चुप रहने के बाद बोलीं.
किरण मैं तुम्हारा थॅंक्स कहने आई हूँ.
मैने बनते हुए कहा किस बात का थॅंक्स.
मोम ने कहा किरण मैने तुम्हें हमेश तंग किया है और ग़लत समझा है.
लाइफ मे तुम्हारे पापा और किसी ने मेरी तारीफ नही की .
बस अपनी सेक्स की भूक पूरी की.
मेरे भी जज़्बात थे.
मैने तुम्हारे पापा की केर इस लिए नही की कि मैं अपने अफेर्स मे मगन थी.
थोड़ा रुक कर वो बोली कि तुम ने मुझे समझा और तारीफ की मुझे बहुत अच्छा लगा इस लिए मैं थॅंक्स कहने आई हूँ.
मुझे अपना प्लान कामयाब होता नज़र आ रहा था।
मैंने बनावट के साथ कहा मॉम आप भी कमाल करती हैं हम दोस्त भी हैं और दोस्ती में थैंक्स नहीं होता।
मोम ने मुझे ज़ोर से झप्पी डाल ली। उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे बूब्स के साथ मिले हुए थे।
जैसे ही मेरे बूब्स से उनके बूब्स मिले मुझे स्कूल का टाइम याद आ गया। जब मैं और मेरी सहेलियाँ कभी कभी शरारत में एक दूसरे के बूब्स पकड़ लेती थीं और कभी स्कूल के टॉयलेट में जा कर एक दूसरे के बूब्स नापती थीं कि किस के बूब्स बड़े हैं। उनकी नरम और भारी छाती मेरी छाती से दब रही थी। उनके निप्पल्स मेरे निप्पल्स से रगड़ खा रहे थे और उस स्पर्श से मेरी त्वचा पर हल्की सी झुरझुरी दौड़ गई। मैं उन ख़यालों से बाहर उस वक्त आई जब मॉम ने मुझे छोड़ा और हिला कर पूछा कहाँ खोई हुई हो।
मैने फौरन कहा कुछ नहीं मैं रात के खाने की तैयारी करती हूँ।
ये कह के मैं किचन में आ गई और खाना बनाया। पापा घर आए। मैंने खाना लगाया। खाने के दौरान पापा ने बताया ऑफिस ने उनका ट्रांसफर क्लियर कर दिया है एक वीक के बाद जॉइन करना है। पापा बोले काम बहुत है घर का सामान पैक करना है फिर जहाँ ट्रांसफर हुआ है उस जगह रेंट पर होम तलाश करना है। खाना खा के पापा ने अपने एक दोस्त को फोन किया जिस का कोई रिलेटिव उस सिटी में रहता था जिस में पापा का ट्रांसफर हुआ था। उसने कहा कि वो अपने रिलेटिव से पता कर के थोड़ी देर में बताएगा।
मैने पापा से पूछा टी बना लाऊं आप के लिए।
इस से पहले कि पापा जवाब देते मोम बोल पड़ी किरण तुम्हारे पापा को टी की नहीं इस टाइम दूध की ज़रूरत है।
मेरी नज़रें पापा की नज़रों से मिली तो पापा ने आँखों से मेरे बूब्स की तरफ इशारा किया। मैने शरारत में सिर हिला के इशारे से नहीं कहा और किचन में दूध गरम करने आ गई। किचन में आ कर मैंने दूध हल्का सा गरम किया और ग्लास में डाल कर पापा के लिए ले आई।
मैने पापा को दूध दिया। पापा ने ग्लास में कुछ दूध बचा कर मुझे अपने पास बुलाया। जब मैं उनके पास गई तो उन्होंने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया और मुझे वो दूध पीने को कहा। मैने कहा आप पी लें। पापा ने मेरे कान में कहा जल्दी से पी लो क्योंकि बाद में तुम्हारा दूध पीना है।
मोम की वजह से मैं चुप रही और दूध पी लिया। पापा के मोबाइल पर कॉल आ रही थी। पापा ने कॉल अटेंड की और बात करने लगे। जब कि मैंने ग्लास उठाया और किचन में चली गई। वापिस आई तो पापा मोम को बता रहे थे कि उनके दोस्त का फोन था। वो कह रहा था कि उसने अपने रिलेटिव से बात की है। उसकी नज़र में एक मकान है पापा जा कर वो देख लें। पसंद आ जाए तो रेंट एडवांस दे कर घर की चाभी ले लें। पापा ने कहा वो कल ही वहाँ घर देखने जाएंगे क्योंकि टाइम बहुत कम है।
पापा मेरे साथ मेरे रूम में आए और मुझे बाहों में भर लिया।
मैने भी उन्हें कस के पकड़ लिया। हम एक दूसरे के लिप्स को किस करने लगे। पापा के हाथ मेरी बैक को सहला रहा था। कुछ देर किसिंग करने के बाद मैंने पापा की शलवार का नाड़ा खोल दिया। उनकी शलवार नीचे गिर गई।
पापा के लंड को हाथ में ले लिया और सहलाने लगी। पापा ने मस्ती में मेरा एक बूब दबा कर कहा जान इसे चूसो ये तुम्हारे होंठों के लिए बेताब हो रहा है।
मैं नीचे बैठ गई और लंड की कैप को ज़ुबान से चाटना शुरू किया। बीच बीच में मैं लंड के पी होल पर भी ज़ुबान फेर देती जिस से पापा मज़े से सिहर उठे। मेरी गर्म और नम जीभ लंड की टोपी के चारों ओर घूम रही थी। प्रीकम की नमकीन बूंद मेरी जीभ पर आ गई। मैंने उसे चखा और फिर पूरी लंबाई पर जीभ फेरनी शुरू कर दी। थोड़ी देर मैं लंड चूसती रही। फिर पापा ने मुझे रुकने का इशारा किया। मैं रुक गई।
पापा ने अपनी कमीज़ और बनियान उतारी। फिर मेरी कमीज़ और ब्रा उतार कर मुझे टॉपलेस कर दिया। और मेरे बूब्स पर हमला कर दिया।
पापा के मुँह लगाते ही मेरे निप्पल हार्ड हो गए। जिन्हें वो मज़े से चूसने लगे और दाँतों से काटने लगे। उनकी जीभ निप्पल के चारों ओर घूम रही थी। कभी हल्का सा काटते तो कभी ज़ोर से चूसते। दस मिनट बूब्स की टाइट चुसाई करने के बाद पापा ने मेरी शलवार उतार दी। मैंने पैंटी नहीं पहनी थी।
पापा ने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी चूत पर हाथ फिराने लगे।
मैं बहुत हॉट हो रही थी। मैने कहा पापा इस को चूसो।
पापा ने जैसे ही अपने गर्म होंठ चूत के लिप्स पर रखे मैंने पापा का सिर पकड़ कर चूत पर दबा दिया।
पापा समझ गए कि मैं क्या चाह रही हूँ। पापा ज़ोर ज़ोर से चूत चाटने लगे। वो जब मेरी क्लिट को मुँह में ले के चूसते तो मैं मज़े से पागल हो जाती। उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर बाहर घूम रही थी। कभी लिप्स को चूसते कभी क्लिट को हल्का सा काटते। पापा काफी देर चूत चाटते रहे। इस दौरान मैं फारिग हो गई लेकिन पापा ने चूत से मुँह नहीं हटाया बल्कि सारा पानी चाट लिया।
पापा चुदाई के लिए रेडी थे। वो मेरे ऊपर आ गए। लंड को चूत का रास्ता दिखा के धक्का मारा और आधा लंड अंदर डाल दिया।
मज़े से मेरी आह निकल गई।
पापा काफी देर आधा लंड अंदर किए चोदते रहे।
मैने अपनी लेग्स उनकी बैक पर लपेट लीं और अपने आर्म्स से उन्हें कस के पकड़ लिया। पापा ने चूत के गीले होने का फायदा उठाया और धक्का मार के पूरा लंड अंदर डाल के चोदना शुरू कर दिया।
मज़े से पागल होते हुए मैंने अपने नेल्स उनकी कमर में गढ़ा दिए। काफी देर ये सिलसिला चलता रहा। मैं भी चूतड़ उठा के उनका साथ दे रही थी।
थोड़ी देर बाद पापा के धक्कों में तेज़ी आ गई और उनका पानी मेरी चूत में गिरने लगा।
पापा मेरे ऊपर ही लेट गए और मुझे किस करने लगे।
तब मैंने पापा से कहा मोम ने जो प्लान बना के हमें फँसाया है उस को आप जानते हैं कि उस प्लान से उन्होंने आपको और मुझे बाउंड कर दिया है। आप उन को रोक नहीं सकते चाहे वो किसी से भी चुदवाएं।
मैं जानती हूँ कि आपको मोम के ये रिलेशन्स अच्छे नहीं लग रहे। इसी लिए मैंने उनके लिए प्लान बनाया है। आप वादा करें कि उन को नहीं बताएंगे और जैसा मैं कहूँ करते जाएंगे।
पापा ने कहा तुम ठीक कहती हो वो हमारे सेक्स के राज़ को जानती है और ब्लैकमेल करती रहेगी।
मैने कहा उन से जान छुड़ाने का तरीका ये है हम पहले किसी और शहर में जाएंगे फिर मोम को सिटी में ले जाएंगे फिर वहाँ से आप मोम को तलाक़ देने के बाद हम बिना किसी को बताए एक महीने के अंदर ही किसी और सिटी में चले जाएंगे। वहाँ हम दोनों पति पत्नी की तरह रह पाएंगे और वहाँ मैं आपके बच्चे को जन्म भी दूँगी। उन से झूठे प्यार का ड्रामा किया जाए।
आप कुछ दिन उनके साथ अधूरा सेक्स करेंगे यानी जब वो फारिग होने लगें तो सेक्स रोक देना। इस तरह मोम रिलैक्स नहीं हो पाएंगी।
उनकी इस हालत का फायदा मैं उठाऊंगी और फिर हफ्ते में एक बार आप उन को चोद दिया करना।
मैं घर में ही आपके साथ मिल के ऐसा सेक्सी माहौल बना दूँगी कि मोम को बाहर मुँह मारने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
पापा के फेस पर ये सुन कर मुस्कराहट आ गई। वो बोले अब क्या करना है?
मैने कहा अभी आप मोम के रूम मे जाएँ और और बातों बातों मे उन को ये बताएँ कि आप नही आ रहे थे मैने आप को मोम के लिए भेजा है ता कि उन को यकीन होता रहे कि मैं उन के लिए बुरा नही सोचती।
पापा ने हाँ में सिर हिलाया। उनकी आँखों में मेरी तरफ एक गहरी नज़र थी जो समझ रही थी कि मैं क्या प्लान चला रही हूँ। थोड़ी देर हमने चूमाचाटी की। उनके होंठ मेरे होंठों पर गहरे से लगे। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी और उनके हाथ मेरी कमर को कसकर दबा रहे थे। फिर वो उठे और मोम के रूम की तरफ चले गए। टाइम काफ़ी हो गया था इसलिए मैं भी सो गई।
सुबह मैं जल्दी उठ गई। क्योंकि पापा को मकान देखने आज दूसरे सिटी जाना था इसलिए मैंने नाश्ता बनाया। पापा और मोम अभी अपने रूम में ही थे। मैंने सोचा उनको नाश्ते के लिए उठा दो। मैंने उनके रूम का दरवाज़ा नॉक किया। थोड़ी देर के बाद मोम ने डोर ओपन किया। वो ऊपर से सिर्फ ब्रा में थी।
पापा सो रहे थे। मैंने मोम से कहा आप लोग जल्दी से नाश्ते की टेबल पर आ जाएँ नाश्ता ठंड हो रहा है।
मैं नाश्ते की टेबल पर आ गई। थोड़ी देर बाद मोम और पापा भी आ गए और हम नाश्ता करने लगे। नाश्ते के दौरान मैंने देखा कि मोम कुछ बेचैन सी हैं। उनकी आँखें लाल हो रही थीं। उनके चेहरे पर थकान और अधूरी इच्छा के निशान साफ दिख रहे थे।
नाश्ते से फ्री हो के पापा ने मोम और मुझे कहा कि वो मकान देखने जा रहे हैं। तुम लोग अपना सामान पैक कर लो। फिर पापा तैयार हो के चले गए। मोम बोली किरण पहले तुम्हारे सामान की पैकिंग करते हैं। हम दोनों मेरे रूम में आ गए और पैकिंग करने लगे।
मैं कपबोर्ड से कपड़े निकाल के मोम को देने लगी। मोम उन्हें बैग में रखने लगी। अचानक मोम ने मुझे बुलाया और मुस्कुराते हुए मुझे एक ब्रा दिखाई जिस पर व्हाइट कलर का निशान था। उसको देख कर मुझे याद आ गया होटेल में पापा ने जब मेरी बूब्स फक्किंग की थी तो इस ब्रा से अपना पानी साफ कर दिया था और मैं भूल गई कि ब्रा को वॉश करना है।
मोम ने मुझे ख़यालों में डूबा देखा तो मेरे सामने ब्रा को लहरा के कहा ये क्या है।
मैने अपने आप को संभाला और कहा वो होटेल में मैं कुछ ज़्यादा ही गीली हो रही थी जल्दी में ब्रा से साफ कर ली थी।
मोम ने हंस के कहा इस ब्रा को ऐसे ही रख लो यादगार रहेगी।
मेरी पैकिंग ख़तम होने के बाद मोम और मैंने खाना बनाया और तय किया कि खाना खा के मोम की पैकिंग करेंगे। खाना खाने के बाद हम मोम के रूम में आ गए। हम पैकिंग करने लगे।
मैं जानना चाहती थी कि कल रात मोम और पापा के दरमियान क्या क्या हुआ। ये पता करने के लिए मैंने बातों बातों में मोम से पूछा कल रात तो पापा से बहुत काम करवाया आपने जब ही तो कमीज़ पहनने का टाइम भी नहीं मिला आपको।
मोम ने उदासी से कहा किरण काम पापा ने कल थोड़ी किया था मुझसे ही करवाते रहे थे। मेरे अंदर की आग भड़का के खुद सो गए और मैं बेचैन होती रही।
मैने अंजान बन के पूछा क्यों क्या पापा ने आपको प्यार नहीं किया।
मोम बोलीं तुम्हारे पापा ने अपना तो चुसवा लिया लेकिन जब मेरा टाइम आया तो वो ये कह कर सो गए कि नींद आ रही है। मैं सारा टाइम तड़पती रही और फिंगर करती रही।
मैने मोम से हमदर्दी का ड्रामा करते हुए कहा काश मैं लड़का होती तो मैं आपको खुश कर देती। वैसे एक बात है मोम आप के बूब्स इतने प्यारे हैं कि मुझे इनसे जलन हो रही है।
मोम ने हैरान होते हुए कहा मज़ाक ना करो।
मैने मोम के बूब्स को देखते हुए कहा मैं मज़ाक नहीं कर रही ये रियल में बहुत प्यारी हैं।
मेरा ड्रामा कामयाब हो रहा था। मोम अपनी तारीफ सुन कर खुश हो गई और मुझे गले लगा के कहा किरण तुम बहुत अच्छी हो।
मैने मौके का फायदा उठा के मोम की कमर पर हाथ फेर दिया और कहा आप भी बहुत अच्छी हैं हम दोस्त हैं आप को मेरी कभी भी ज़रूरत पड़े तो मुझे ज़रूर याद कर लेना मुझे अच्छा लगेगा।
फिर हम लोगों ने पैकिंग कंप्लीट की। टाइम भी काफ़ी हो गया था। हमने दोपहर का बचा हुआ खाना खाया।
उसके बाद मोम ने कहा काफ़ी थक गए हैं हम लोग बाथ ले के फ्रेश हो जाती हैं। मोम अपने बाथरूम और मैं अपने बाथरूम में घुस गई।
मोम को सिड्यूस करने के लिए मैंने पिंक कलर की टीशर्ट और जींस निकाली जो मैंने हनीमून में ली थी। जब मैं नहा के बाहर आई तो टीशर्ट में मेरे गोल गोल बूब्स संतरों की तरह फील हो रहे थे।
मोम बाथरूम में ही थी। मुझे शरारत सूझी। मैंने आवाज़ दे के मोम से कहा इतनी देर लगा दी क्या कुछ खास काम कर रही हैं।
थोड़ी देर में मोम बाथरूम से निकल आई। जिस्म गीला होने की वजह से उनकी कमीज़ उनके जिस्म से चिपकी हुई थी और उनकी ब्रा साफ नज़र आ रही थी। उनके बड़े बड़े बूब्स जब वो चलती तो इधर उधर झूम रहे थे।
मैने फील किया कि मोम की नज़र मेरे जिस्म पर ही है। उन्होंने कह ही दिया इस ड्रेस में तुम बहुत प्यारी लग रही हो।
मैने ड्रामा करते हुए कहा आप मज़ाक कर रही हैं। तब मोम बोली ये मज़ाक नहीं है तुम इतनी प्यारी लग रही हो कि कोई भी पागल हो जाए।
फिर वो आँख मार के बोली अगर तुम मेरी बेटी ना होती तो मैं तुम्हें नहीं छोड़ती।
मैं लेस्बियन सेक्स के बारे में जानती थी। स्कूल में हम सहेलियाँ एक दूसरे से किसिंग बूब्स दबाना और जब चांस मिल जाता तो एक दूसरे को नंगा भी देखती थीं। मुझे याद आ गया कि स्कूल में होने वाली पार्टी में हम सहेलियाँ जब तैयार हुई थीं तब एक साथ सारी कपड़े उतार के मस्ती की थी। अब लाइफ में चेंज आ गया था पापा के लंबे मोटे लंड से चुदवाने के मुकाबले में सहेलियों के बूब्स दबाने उनको नंगा देखने में मज़ा कम था लेकिन अब भी सहेलियों के जिस्मों से आने वाली महक मुझे याद थी।
मैं एज में छोटी ज़रूर थी लेकिन कुछ अरसा पहले से चुदाई का जो सिलसिला वो भी पापा के साथ शुरू हुआ था उसने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया था और बहुत बेशर्म बना दिया था। मैंने सोच लिया था जब पापा मुझे चोदने में शर्म नहीं करते और मोम अपनी चुदाई की बातें बेशर्मी से कर सकती हैं तो मुझे भी बेशर्म हो कर अपने लिए रास्ता बनाना है।
कल बच्चे होंगे और अगर मोम हमारे हाथ से निकल गईं तो वो बच्चों को और दूसरे लोगों को सच बता कर हमारा काम ख़तम करवा सकती थी।
मैं समझ रही थी कि मोम की नियत मुझ पर खराब हो रही है और मैं भी ये ही चाहती थी क्योंकि मोम को मुझे अपना आदि बनाना था। इस तरह उनसे ताल्लुक बना कर मैं आराम से पापा के साथ उनकी वाइफ बन कर रह सकती थी। वीक में एक दिन मोम को दे देने से बाकी के दिन मेरे ही थे।
मैने अंजान बन कर मोम से पूछा कि क्या मतलब आप मुझे ना छोड़ती।
मोम बोली मैं तुम्हारा रेप कर देती।
मैने फौरन कहा लेकिन आप कोई लड़का थोड़ी हो जो मेरा रेप करेंगी आप के पास तो लंड ही नहीं है।
मोम ने कहा उसके अलावा भी बहुत कुछ होता है।
मैने अंजान बन के पूछा वो क्या?
मोम जवाब देतीं उस से पहले उन के मोबाइल पर कॉल आ गई वो अपने रूम मे चली गईं।
मोम के होंठ अभी जवाब देने के लिए खुले ही थे कि अचानक उनके मोबाइल की घंटी बज उठी। वे थोड़ा चौंककर रुक गईं और स्क्रीन पर नंबर देखकर तुरंत उठ खड़ी हुईं। उनकी कमीज़ अभी भी हल्की सी गीली थी और उनके बड़े बूब्स हर कदम के साथ हल्के से लहरा रहे थे। वे अपने रूम की तरफ तेज़ी से चली गईं। मैंने थोड़ी देर उनका वेट किया लेकिन वो नहीं आईं तो बात को अधूरा छोड़ के मैं अपने रूम में आ गई और सो गई।
दोपहर को मेरी आँख खुली। मैं नीचे आई तो देखा मोम नीची बैठी थी। मैं उनके पास गई और पूछा आप यहाँ अकेली बैठी हैं पापा कहाँ हैं।
मोम बोली वो अंदर सो रहे हैं।
मैने शरारत भरे लहजे में पूछा रात तो खूब मज़े किए होंगे।
मोम का चेहरा उतर गया। वो एक लंबी आह भर के बोली कहाँ क्या मज़ा सारा टाइम मुझसे लंड चुसवाते रहे जब मैंने कहा मुझे चोद दें तो नींद का कह के सो गए।
मैने कहा सो सैड आप को तो बहुत प्रॉब्लम हुई होगी।
इस से पहले कि बात आगे बढ़ती पापा आ गए और कहने लगे कि मैंने लेबर को बुलाया है वो लोग आते ही होंगे घर का सामान आज ही ट्रक में लोड करवा के हम लोग भी आज ही यहाँ से चले जाएंगे। थोड़ी देर में लेबर आ गई। मैं और मोम रूम में चले गए। दिन बहुत बिजी गुज़रा। सामान लोड हो चुका था। हम लोग भी रेडी थे जाने के लिए।
ये घर छोड़ते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा था। मैंने फैसला कर लिया था कि मोम को मैं अपनी लाइफ से निकाल के रहूंगी।
पापा ने ट्रेन से जाने की बजाय बाय रोड जाने का फैसला किया था और कार बुक करवाई हुई थी। मैं बोझल कदमों से कार में आ कर बैठ गई। मुझे मोम से इतनी नफ़रत हो रही थी कि मेरा बस चलता तो उनका मुँह नोच लेती। हमारा सफर शुरू हुआ। थोड़ी देर में रात का अंधेरा छा गया। ड्राइवर ने कार की लाइट्स ऑन नहीं की। मोम ने उससे लाइट ऑन करने को कहा तो उसने कहा मेडम हाइवे पर लाइट ऑन करना अलाउ नहीं है।
कार में अंधेरा छाया हुआ था जिसका फायदा पापा ने उठाया।
पापा दरमियान में बैठे थे और मैं डोर के साथ थी। हम काफी अटैच हो के बैठे थे कि अचानक पापा ने मेरी कमर पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। उनके गर्म और मोटी उंगलियां मेरी पतली कमीज़ के ऊपर से मेरी कमर की नरम त्वचा को सहला रही थीं। हर स्ट्रोक के साथ मेरे जिस्म में बेचैनी सी भर दी थी। काफ़ी देर तक वो कमर सहलाते रहे। फिर उनका हाथ धीरे धीरे ऊपर चढ़ता हुआ मेरे बूब्स पर आ गया। वो हल्के हल्के मेरे बूब्स दबाने लगे। उनकी हथेली मेरे बूब्स की गोलाई को पूरी तरह घेर रही थी। मैं तो मज़े से पागल हो रही थी।
मैने पापा की शलवार का नाड़ा खोल के हाथ अंदर डाल दिया। अंदर उनका लंड भी हार्ड हो चुका था। मेरा हाथ लगने से वो झटके खाने लगा। मेरी उंगलियां लंड की मोटी नसों को महसूस कर रही थीं। लंड की गर्मी और सख्ती मेरी हथेली में समा गई थी। पापा ने जब मेरी ये हरकत देखी तो उन्होंने अपना हाथ मेरी कमीज़ के अंदर डाल दिया और मेरी ब्रा के हुक खोल दिए। हाथ आगे की तरफ ला कर मेरा एक बूब ब्रा में से बाहर निकाला और उसे ज़ोर से दबाया।
मैने पापा के नज़दीक हो कर आहिस्ता से कहा कि पापा आराम से पेन होता है।
पापा मेरे बूब की गोलाई पर हाथ फेर रहे थे। जब कि मेरा हाथ उनके लंड की सेवा कर रहा था। मेरे निप्पल जो कि लंबे तो बहुत ज़्यादा नहीं थे लेकिन मोटे थे और हार्ड हो कर अंगूर के दाने की तरह हो गए थे। पापा ने मेरे निप्पल को पिंच करना शुरू कर दिया था। जिसके जवाब में मैं उनके लंड को कैप से जड़ तक टाइट हाथ से मसल रही थी। हर ऊपर नीचे स्ट्रोक के साथ लंड की टोपी से प्रीकम की चिपचिपी बूंद निकल रही थी जो मेरी हथेली को और चिकना बना रही थी।
हम दोनों अपनी मस्ती में मस्त थे। टाइम गुज़रने का पता नहीं चला। पापा ने मेरे कान में कहा जान अपनी लेग्स खोल लो। मैं समझ गई कि उनका हाथ मेरी चूत को सहलाना चाहता है। मैं लेग्स खोल के बैठ गई। पापा ने अपना हाथ मेरी शलवार के अंदर डाल दिया और पैंटी हटा के मेरी चूत के लिप्स को सहलाने लगे। मेरे जिस्म में करंट दौड़ने लगा था।
मैं पापा के पी होल को छेड़ने लगी। पापा का लंड मज़े में और भी झटके खा रहा था। पापा ने अपनी फिंगर मेरी चूत में डाली। मैं पहले ही गीली हो रही थी। पापा की फिंगर ने तो आग ही लगा दी थी। उनकी उंगली अंदर बाहर घूम रही थी। कभी क्लिट को हल्का सा दबाते कभी गहरे तक धंस जाते। पापा फिंगर करने के दौरान कभी कभी अपनी फिंगर निकाल कर चाट लेते।
मैं बहुत हॉट हो रही थी सो मेरा पानी निकल गया। मेरी चूत से पानी बह कर मेरी शलवार को गीला कर रहा था। मैने पापा की बॉल्स को सहलाना शुरू कर दिया। जिससे पापा को इतना मज़ा मिला कि वो भी ज़्यादा देर कंट्रोल नहीं कर सके और उनके लंड ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया। गर्म और मोटा वीर्य मेरी हथेली पर छपाक छपाक से गिरा। मैं पानी निकल जाने से कुछ रिलैक्स फील कर रही थी।
पापा ने मेरे कान में कहा जान मज़ा आया।
मैने कहा बहुत मज़ा आया लेकिन एक मसला हो गया है।
पापा ने पूछा वो क्या।
मैने कहा इस कार्यवाही ने तो अंदर और बेचैनी कर दी है।
पापा ने मेरे बूब को दबा कर पूछा वो बेचैनी कैसे दूर होगी।
मैने उनके लंड को जो पानी छोड़ के मुरझा गया था दबा के कहा इस से दूर होगी।
पापा कहने लगे ये भी तुम्हें चोदने को तरस रहा है।
मैने कहा तो घर पहुँच के क्या इरादा है।
पापा बोले जो तुम कहो।
मैने कहा घर चल कर बताऊंगी कि क्या चुदवाने का मूड है।
पापा ने कहा ठीक है।
फिर हम लोग ईज़ हो के बैठ गए। सफर तेज़ी से कटने लगा। सुबह हम सिटी में पहुँच गए। ड्राइवर ने पापा से पूछा अब कहाँ जाना है। पापा ने उसको अड्रेस समझाया और उस आदमी को कॉल कर के सामान रखवाने के लिए लेबर का अरेंज करने को कहा जिसने वो मकान रेंट पर दिलवाया था। उसने काफी कॉपरेट किया।
तकरीबन हाफ अवर के बाद हम घर पहुँच गए।
पापा ने लॉक खोला हम अंदर आ गये घर अच्छा था मैं फॉरन बाथ रूम मे गई और कपड़े चेंज किए।
नए घर का ताला खुलते ही एक हल्की सी धातु की खटक सुनाई दी और दरवाजा धीरे से खुल गया। अंदर की हवा में नई पेंट और लकड़ी की ताज़ी महक थी। घर वाकई अच्छा था। दीवारें चौड़ी और रोशनी से भरपूर थीं। मैं तुरंत बाथरूम की तरफ बढ़ गई। मेरे पैरों तले ठंडी टाइल्स की ठंडक महसूस हो रही थी। कार के लंबे सफर में पापा के वीर्य से मेरी शलवार अभी भी चिपचिपी और गीली थी। मैंने जल्दी से सारी कपड़े उतार दिए। मेरी ब्रा और पैंटी भी पसीने और उत्तेजना के कारण नम थीं। गर्म पानी का शावर चला दिया। पानी की बूंदें मेरी थकी हुई त्वचा पर गिर रही थीं। मैंने साबुन लगाकर पूरे शरीर को अच्छे से रगड़ा। मेरी चूत और बूब्स पर अभी भी कार की उस गुप्त मस्ती का अहसास था। तौलिए से शरीर पोंछकर मैंने नई हल्की साड़ी और ब्लाउज पहन लिए। बालों को सुखाकर मैं बाहर आई।
पापा ने भी चेंज किया क्योंकि उनकी शलवार भी उनके पानी से गीली हो रही थी। उनकी लूंगी अब सूखी और ताज़ी थी। उनकी आँखों में अभी भी कार वाली उस शरारत की चमक बाकी थी। थोड़ी देर में ही ट्रक सामान ले के आ गया और लेबर भी पहुँच गई। पापा उन लोगों के साथ सामान सेट करवाने लगे। उनकी आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। मैंने मोम से कहा हम छत पर चलते हैं। हम छत पर आ गए। हवा में नई जगह की नमकीन महक थी। सूरज ढल रहा था और आकाश नारंगी रंग से रंगा हुआ था।
मैने मोम से कहा आप कुछ परेशान लग रही हैं। वो बोली नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। मैंने उनसे कहा क्या आप मुझे दोस्त समझती हैं।
मोम ने कहा हाँ।
मैने कहा अगर मैं आपसे कुछ पर्सनल सवाल करूँ तो आपको बुरा तो नहीं लगेगा। मैं किसी को नहीं बताऊंगी।
मोम ने कहा मुझे तुम पे ऐतबार है तुम सवाल करो।
मैं: आपने किस एज में पहली बार चुदवाया था।
मोम: मैं तब 8थ क्लास में थी।
मैं: किसने आपको फर्स्ट टाइम चोदा था।
मोम: मेरे बड़े जीजा ने।
मैं: कुछ बताओ कि कैसे हुआ ये सब।
मोम: ये एक लंबी बात है लेकिन इतना बता देती हूँ कि मैं अपनी बाजी के घर कुछ दिन रहने गई थी। जीजा जी से दोस्ती हो गई। शुरू में तो वो बहाने से बूब्स पर गांड पर हाथ लगा देते। उनकी उंगलियां मेरी नरम छाती को हल्का सा दबातीं और फिर पीछे हट जातीं। फिर एक दिन बाजी घर पर नहीं थी। जीजा जी ने काम से छुट्टी कर रखी थी। बाजी के जाने के बाद वो मुझसे गपशप करने लगे। वो कहने लगे किरण तुम तो अपनी बाजी से भी खूबसूरत हो और तुम्हारे जिस्म के तो क्या कहने मेरा तो हाल बुरा हो जाता है तुम्हारे मटकते चूतड़ और लचकती कमर देख के। ये कहकर उन्होंने अपना मोटा लंड पैंट की ज़िप खोल के बाहर निकाला। लंड पूरी तरह हार्ड था। उसकी टोपी चमक रही थी और नसें उभरी हुई थीं। उन्होंने कहा ये देखो कैसे तुम्हारे लिए तड़प रहा है। अचानक उन्होंने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया। उनकी मजबूत छाती मेरे छोटे बूब्स से सट गई। उन्होंने धमकी दी जैसा मैं कहता हूँ करती जाओ वरना जान से मार दूंगा। मैं डर गई। उन्होंने मुझे नंगा कर के अपने मोटे लंड से चोद दिया। पहले उन्होंने मेरी स्कर्ट ऊपर की और पैंटी खींचकर उतारी। फिर मेरी टांगें चौड़ी करके लंड की टोपी मेरी चूत के लिप्स पर रखी और एक ज़ोरदार धक्का मारा। दर्द से मेरी आँखों में आंसू आ गए लेकिन वो रुके नहीं। उन्होंने लंड को पूरा अंदर डाला और तेज़ तेज़ धक्के देने शुरू कर दिए। उनकी सांसें मेरी गर्दन पर गर्म पड़ रही थीं। हर धक्के के साथ मेरी चूत फटती जा रही थी। कुछ मिनट बाद उन्होंने अपना पानी मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दिया।
मैं: आपने अपनी बाजी को बताया।
मोम: नहीं जीजा ने धमकी दी थी कि अगर मैंने किसी को बताया तो वो बाजी को तलाक़ दे देंगे।
मैं: कितने अरसे चला ये सिलसिला।
मोम: मैं 2 वीक्स वहाँ और रही। इस दौरान जीजा को जब चांस मिलता मुझे चोद देते।
अभी बात हो ही रही थी कि मोम की कॉल आई। मोम ने कॉल कट कर दी। कॉल फिर से आने लगी। मोम ने फिर कट कर दी।
मैने मोम से कहा आप मेरी वजह से अगर कॉल रिसीव नहीं कर रही तो मैं नीचे चली जाती हूँ। ये कहकर मैं नीचे आ गई। मेरे रूम का सामान सेट हो चुका था। रूम में आकर मैं सोचती रही मोम उस कॉल को रिसीव करने में घबरा क्यों रही। तीन मेरी चुदाई के बाद तो घर का माहौल बहुत खुला हो गया था। किसी को किसी का लिहाज और शर्म नहीं रही थी। जब सब सामान सेट हो गया तो पापा ने कहा कि काम कंप्लीट हो गया है तुम तैयार हो जाओ खाना बाहर खाएंगे। मैने कहा मैं रेडी ही हूँ। मोम मैं और पापा बाहर आ गए। न्यू सिटी था। लोगों से पता करके हम एक रेस्टोरेंट में आ गए। खाना खाने लगे। मैंने नोट किया खाने के दौरान भी मोम परेशान थी। खाना खा के और कुछ सामान लेके हम लोग घर आए। बहुत थके हुए थे। मैने आहिस्ता से कहा पापा आज आप मेरे साथ सोना।
पापा ने कहा जान मैं भी ये ही चाहता हूँ। पापा मेरे साथ रूम में आ गए। मैने कहा मुझे ज़रूरी बात करनी है। मैने मोम की कॉल वाली बात और अपना शक उनको बता दिया। पापा ये सुनकर सोच में पड़ गए।
मैने उन्हें कहा पापा आपने चोदा मैं कुछ नहीं बोली लेकिन मैं आपसे 2 चीज़ मांगती हूँ सोच समझकर फैसला कीजिएगा।
पापा ने परेशान होकर कहा कैसी बातें कर रही हो कोई मसला है क्या।
मैने कहा मुझे आपसे चुदवाने में मोम के साथ आपकी भी मर्ज़ी थी ना।
पापा ने कहा हाँ थी।
मैने कहा हम जो कर रहे न अगर उसके बारे में किसी को पता चल गया तो हमारा अंजाम बहुत बुरा होगा। और इस सिलसिले में मोम से ही खतरा है। आप वादा करें कि टाइम आने पर अगर मैं मोम को फँसा दूं तो आप उस बात को इश्यू बना कर मोम को तलाक़ दे देंगे।
पापा बोले ये कैसी बातें कर रही हो इस एज में तलाक़ लोग क्या कहेंगे।
मैने कहा ये सोचें जब हमारा राज़ लोगों तक पहुँचेगा तो लोग क्या नहीं कहेंगे। क्या आप नहीं चाहते कि हम खुल के लाइफ गुज़ारें।
पापा बोले चाहता हूँ।
मैने कहा लेकिन जब तक मोम हमारे दरम्यान से नहीं निकल जाती ये हो नहीं सकता कभी भी उनकी कोई डिमांड हमसे पूरी ना हो सकी तो याद रखिएगा हमारा खेल खत्म हो जाएगा और आप हाथ मलते रह जाएँगे।
पापा काफ़ी देर सोचते रहे फिर बोली मुझे तुम्हारी ये शर्त मंज़ूर है दूसरी बताओ।
पापा की आँखें मेरे चेहरे पर टिकी हुई थीं। उनके माथे पर हल्की सी झुर्रियाँ पड़ गई थीं क्योंकि वे मेरे प्लान को पूरी तरह समझने की कोशिश कर रहे थे। कमरे की हल्की रोशनी में उनका चेहरा गंभीर लेकिन विश्वास से भरा हुआ था। थोड़ी देर की चुप्पी के बाद उन्होंने धीरे से सिर हिलाया और बोले मुझे तुम्हारी ये शर्त मंजूर है दूसरी बताओ।
मैने कहा पापा हम यहाँ कुछ अरसे के लिए हैं जैसे ही हमारा प्लान कामयाब होगा हम वापिस अपने घर चले जाएँगे। प्लीज़ आप उस घर को सेल मत करना।
मेरी आवाज़ में एक गहरी प्रार्थना थी। मैंने उनकी आँखों में देखते हुए कहा कि वो पुराना घर हमारी यादों से भरा है। वहाँ की हर दीवार हर कोना हमारे रिश्ते की शुरुआत की गवाही देता है।
पापा ने मुझे गले लगा लिया और कहा मेरी जान तुम बहुत समझदार हो हालात ऐसे थे कि उस घर को छोड़ना पड़ा लेकिन मुझे उस को छोड़ने का बहुत दुख है मैं वादा करता हूँ कि मैं उस को सेल नहीं करूँगा अब खुश हो।
उनकी मजबूत बाहें मेरी कमर को घेर रही थीं। उनकी छाती से मेरे बूब्स पूरी तरह दब गए थे। उनकी गर्म सांसें मेरे बालों में फैल रही थीं। मैंने महसूस किया कि उनका दिल तेज़ धड़क रहा है।
मैने आइ लव यू पापा कह कर पापा को ज़ोर से झप्पी डाल दी मेरे बूब्स पापा की चेस्ट में गढ़े हुए थे।
मेरे होंठों से निकली ये तीन शब्द कमरे में गूंज गए। मैंने उन्हें और भी कसकर जकड़ लिया। मेरे निप्पल्स उनकी छाती की हार्ड मांसपेशियों से रगड़ खा रहे थे और हल्की सी झुरझुरी पूरे शरीर में दौड़ गई।
पापा ने कहा जान अपने इन रसीली होंठों का रस नहीं पिलाओगी।
उनकी आवाज़ में एक गहरी भूख थी। उनकी आँखें मेरे होंठों पर टिकी हुई थीं।
मैने झट से अपने होंठ पापा के होंठों पर रख दिए पापा उन को चूसने लगे।
मेरे नरम और गीले होंठ उनके मोटे होंठों में पूरी तरह समा गए। पापा ने पहले हल्का सा चूमा फिर धीरे धीरे चूसना शुरू कर दिया। उनकी जीभ मेरे होंठों की सीलन को चाट रही थी। लिप्स किसिंग में मस्त हम दोनों एक दूसरे की कमर को सहला रहे थे।
हमने काफी देर एक दूसरे के होंठों का मज़ा लिया। कभी मैं अपनी ज़ुबान पापा के मुँह में डाल देती और पापा उसे टॉफी की तरह चूसते। कभी पापा अपनी ज़ुबान मेरे मुँह में देते तो मैं उसे चूसती। इस सिलसिले में हम दोनों हॉट हो गए थे। पापा का लंड खड़ा हो के मेरी चूत से टकरा रहा था जब कि मेरे बूब्स और निप्पल दोनों हार्ड हो रहे थे।
मुझसे रहा नहीं गया। मैने पापा की शलवार का नाड़ा खोल दिया। पापा का लंड मेरे सामने था। मैने उसको पकड़ लिया और सहलाने लगी। मेरी उंगलियां लंड की मोटी नसों पर ऊपर नीचे घिस रही थीं। लंड की गर्मी मेरी हथेली में समा गई थी।
पापा ने मुस्कुरा के कहा लगता है मेरी बेटी बहुत उतावली हो रही है चुदवाने के लिए।
मैने कहा और नहीं तो क्या जब से शिफ्टिंग शुरू हुई कहाँ चुदवा पाई मैं आप से।
पापा ने जोश में मुझे बाहों में कस के भींच लिया।
मुझसे भी अब कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था। मैं पापा को लंड से पकड़ कर बेड पर ले आई। फिर खुद पापा की कमीज़ और बनियान उतारी और उनको सीधा लेटने को कहा और उन पर चढ़ गई। पहले मैंने पापा की चौड़ी चेस्ट पर किसिंग शुरू की। पापा की चेस्ट को चाटती रही। अचानक मेरे ज़हन में ख़याल आया। मैने पापा के निप्पल्स को चाटना शुरू कर दिया।
पापा के लिए ये नई बात थी। उन्होंने पूछा तुमने ये कहाँ से सीखा।
मैने मुस्करा कर कहा आप ही से तो सीखा है। आप मेरे निप्पल्स चाटते हैं मैंने आपके चाट लिए। आपको अच्छा नहीं लगा।
पापा ने कहा ये बात नहीं है मुझे तो लाइफ में पहली बार नया मज़ा मिला है।
मैं आहिस्ता आहिस्ता पापा की बॉडी को चाटते हुए नीचे आ गई और पापा के लंड को कस के पकड़ा। पापा के मुँह से आहह की आवाज़ निकली मगर मैंने परवाह किए बगैर लंड को कस के पकड़े हुए लंड की टोपी को चाटना शुरू कर दिया। मैं गोल गोल टोपी पर ज़ुबान घुमाती तो पापा मज़े से पागल हो जाते। थोड़ी देर मैं पापा के लंड को चूसती रही। फिर पापा ने मुझे रुकने को कहा। मैं रुक गई।
पापा ने मुझे करीब किया और मेरी कमीज़ और ब्रा उतार दी और मेरे नेक चीक्स पर किस की बारिश कर दी।
थोड़ी देर पापा ऐसे ही करते रहे। फिर जैसे ही उन्होंने मेरे बूब्स पर लिप्स रखे मेरी बर्दाश्त खत्म हो गई। मेरी चूत से पानी निकलने लगा लेकिन पापा नहीं रुके। वो बहुत महारत और प्यार से मेरे बूब्स से खेलने लगे। काफी देर तक मेरे बूब्स चाटते दबाते और काटते रहे। इस दौरान मैं फिर से गरम हो गई।
पापा रुक गए मुझे कहा कि बेड पे खड़ी हो जाओ। मैं खड़ी हो गई। पापा ने मुझे घुमाया और खुद नीचे बैठ गए। अब मेरी गान्ड उनके मुँह के सामने थी। पापा ने मेरी शलवार नीची की और गान्ड की लाइन पर हाथ फेरा। मेरी गान्ड में तो सनसनी की लहर दौड़ गई।
फिर पापा ने मेरे चूतड़ों को हाथ से थोड़ा खोला और अपनी नोज अंदर डाल के सूंघने लगे। फिर कहने लगे तुम्हारी गान्ड की स्मेल ने तो मुझे पागल कर दिया है। ये कह कर उन्होंने गान्ड के होल पर ज़ुबान रख दी।
मज़े से पागल होते हुए मैंने अपनी गान्ड उनके मुँह पर दबा दी। पापा ने मुझे झुकाया और गान्ड के होल को चाटने लगे। बीच बीच में गान्ड में फिंगर भी करते जाते।
फिर वो टाइम आ गया जब पापा बोले कि जान आयल देना। मैं समझ गई कि अब लंड महाराज मेरी गान्ड का ढोल बजाएंगे। मैने पापा को आयल दिया। पापा ने बहुत सा आयल अपने लंड पे लगाया और फिर गान्ड में बहुत सा आयल लगाया और मुझे बेड से नीचे ले आए और कहा चल मेरी रंडी बेटी जल्दी से कुतिया बन जा।
मैं भी मस्त हो रही थी और मैंने भी बड़ी अदा से नीचे झुकते हुए कहा बन गई कुतिया अब चढ़ जाओ मेरे बेटी चोद पापा।
पापा ये वर्ड्स सुन कर जोश में आ गए और लंड को गान्ड के होल पे सेट किया और कमर पकड़ कर एक ज़ोरदार धक्का लगाया। लंड गान्ड की दीवारों को चीरता हुआ अंदर फँस गया। मेरी चीख निकल गई और मैंने कहा हाए पापा आराम से डालो।
पापा ने कोई परवाह नहीं की। थोड़ी देर तक रुक कर फिर धक्का मारा और हाफ लंड अंदर पेल कर स्लो स्लो अंदर बाहर करने लगे। मैं दूसरी टाइम तो गान्ड मरवा रही थी इसलिए मुझे थोड़ा पेन हो रहा था लेकिन उस पेन में मज़ा आ रहा था। पापा रुक गए लेकिन लंड अंदर ही डाले रखा। उन्होंने मेरे बूब्स को दबाना शुरू किया।
अचानक पापा ने मेरे बूब्स को कस के पकड़ा और ज़ोर का धक्का लगाया और जड़ तक लंड अंदर डाल दिया।
मैं चीख पड़ी और कहा हाइईईईईई मर गई बेटी चोद क्या गान्ड फाड़ेगा क्या।
पापा ने बूब्स पकड़े पकड़े तेज़ी से लंड पेलना शुरू कर दिया।
उनकी मजबूत उंगलियां मेरे बूब्स की नरम गोलाइयों को कसकर जकड़े हुए थीं। हर धक्के के साथ मेरे बूब्स उनकी हथेलियों में दबकर फूल जाते और फिर छूट जाते। पापा का मोटा लंड आयल से चिकना होकर मेरी गान्ड की तंग दीवारों को चीरता हुआ पूरी तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था। हर बार लंड अंदर घुसते समय पच पच की चिपचिपी आवाज़ कमरे में गूंज रही थी। आयल की वजह से लंड बिना किसी रुकावट के मेरी गान्ड के सबसे गहरे हिस्से तक धंस जाता और बाहर निकलते समय मेरी गान्ड की अंदरूनी परतें उसे चूसती हुई महसूस हो रही थीं। मैं भी चूतड़ हिला हिला कर लंड को पूरा अंदर ले रही थी। मेरी कमर बार बार पीछे को उठ जाती और फिर जोर से आगे को झुक जाती।
मज़े से पागल हो कर मैंने कहा और ज़ोर से चोदो बेटी चोद मेरी गान्ड फाड़ दो।
मेरा पूरा शरीर पसीने से तरबतर हो चुका था। मेरी चूत बिना छुए ही इतनी गीली हो गई थी कि उससे लगातार गर्म पानी की धार बह रही थी। वो पानी मेरी जांघों के अंदरूनी हिस्से पर बहता हुआ मेरी घुटनों तक पहुंच रहा था। पापा के धक्कों की रफ्तार और तेज़ हो गई। उनकी सांसें भारी और गरम मेरी गर्दन पर पड़ रही थीं। हर धक्के के साथ मेरी गान्ड की अंदरूनी दीवारें लंड को कसकर जकड़ रही थीं। फिर पापा के धक्कों में तेज़ी आ गई और उनका पानी निकल गया। मुझे अपनी गान्ड में गरम गरम लावा सा गिरता फील हो रहा था। पापा का गाढ़ा और गर्म वीर्य मेरी गान्ड की दीवारों पर छपाक छपाक से टकरा रहा था।
पानी निकाल के पापा ने आराम आराम से लंड को बाहर निकाला। उनका लंड आयल, उनके पानी और मेरी चिट से भरा हुआ था। लंड की टोपी से चिपचिपा मिश्रण टपक रहा था। मेरी हालत तो ये थी कि आगे से मेरा पानी और पीछे से पापा का पानी जो गान्ड से निकल रहा था मेरी लेग्स को गीला कर रहा था। हमने थोड़ी देर रिलैक्स किया फिर बाथरूम में जा कर सफाई की और नंगे ही सो गए।
थकावट ज़्यादा होने की वजह से सुबह मेरी आँख देर से खुली। मैं जल्दी से उठी कपड़े पहने नाश्ता बनाने किचन में आ गई। नाश्ता बना के मैंने सोचा मोम को भी नाश्ते का कह दूं। ये सोच कर मैं उनके रूम तक आई। मैं डोर नॉक करने ही वाली थी कि अंदर से मोम की आवाज़ आई वो किसी से फोन पे बात कर रही थी। मोम की आवाज़ से लग रहा था कि वो जिससे बात कर रही थी वो उन पर किसी मामले में ज़ोर डाल रहा था।
मैं वहीं रुक के उनकी बातें सुनने लगी। थोड़ी देर खामोशी के बाद मोम की आवाज़ आई भाभी आप लोग मेरी बात क्यों नहीं समझ रहे पहले की बात और थी सिटी एक ही था जब दिल चाहता था मैं आ जाती थी बहाना बना के लेकिन अब हम लोग शिफ्ट कर चुके हैं मेरे लिए आना मुश्किल है। दूसरी तरफ से पता नहीं क्या कहा गया लेकिन मोम ने जो जवाब दिया उसने मेरा शक और बढ़ा दिया था। मोम ने कहा भाभी आप लोगों को अपने काम के लिए अब कोई और इंतज़ाम करना होगा मैं आने की लास्ट ट्राई करूंगी।
मैंने ये सुन कर फौरन उनके रूम का दरवाज़ा नॉक किया। अंदर से मोम की आवाज़ आई कोई आ गया है बाद में बात करूंगी और फोन काट दिया। मोम ने मुझे देखा तो मुस्कराने की कोशिश कर के पूछा कोई काम था तुम्हें।
मैने मुस्करा के कहा आप को नाश्ते का कहने आई थी। मोम ने कहा तुम लोग नाश्ता कर लो मुझे भूख नहीं है। मैं वहाँ से चली आई नाश्ता ले के अपने रूम में आई। पापा किसी से फोन पर बात कर रहे थे। कॉल एंड होने के बाद हमने नाश्ता किया फिर पापा कहने लगे किरण मुझे तुम से ज़रूरी बात करनी है।
मैने कहा करें। पापा बोले जो प्लान तुम्हारी मोम ने बनाया था उसके मुताबिक हम दूसरे सिटी में आ गए हैं अब मुझे तुम्हारी नकली शादी करनी है जिसके लिए मैंने लड़के का अरेंजमेंट कर लिया है। उन लोगों को पैसों की ज़रूरत थी वो पैसे मैं उनको दूंगा और बदले में वो मेरे कहने के मुताबिक काम करेंगे।
मैने कहा पापा आप ने मोम से मशवरा कर लिया है।
पापा बोले उससे मशवरा नहीं करना था मैंने ये सब सीक्रेट तौर पर किया है तुम भी अपनी मोम को ना बताना टाइम आने पर मैं खुद बता दूंगा।
मैने पूछा मोम का प्लान था और आप मोम से ही छुपा रहे हैं। पापा ने कहा इसलिए छुपा रहा हूँ कि अगर कल को तुम अपने प्लान में कामयाब हो जाती हो और मैं तुम्हारी मोम को तलाक़ देता हूँ तब तुम्हारी मोम चुप नहीं रहेगी वो लोगों को हमारे रीलेशन के बारे में ज़रूर बताएगी उस टाइम के लिए मैंने जिस लड़के का अरेंजमेंट किया है वो लोगों के सामने ये कह कर कि तुम उसकी वाइफ हो बात को संभाल लेगा और उसके घर वाले ड्रामा करेंगे कि तुम्हारी मोम उनकी बहू पर इल्ज़ाम लगा रही है इस तरह लोगों को तुम्हारी मोम के ही ग़लत होने का यकीन होगा।
मैने कहा पापा आप ठीक कहते हैं।
पापा बोले मैं उस लड़के और उसके घर वालों से फाइनल डील करने जा रहा हूँ ये कह कर पापा बाहर चले गए और मैं मोम के पास आ गई। मोम से इधर उधर की बातें होने लगी। मोम ने कहा वो बाथ लेने जा रही हैं जब वो बाथरूम में गई वो अपना मोबाइल वहीं छोड़ गई।
मैने फौरन उनके मोबाइल में थोड़ा सा पानी डाल दिया। जब मोम आई तो ऐज यूजुअल उन्होंने अपना जिस्म सही से ड्राई नहीं किया था उनके कपड़े उनकी बॉडी से चिपके हुए थे।
मैने कहा मोम चलो ज़रा मार्केट से हो के आते हैं थोड़ा टाइम पास हो जाएगा।
मोम ने कहा वो अपना बॅग तो ले लें मैने उन्हें कहा छोड़ो बॅग की क्या ज़रूरत है हम थोड़ी देर मे तो आ जाएँगे. मोम मेरी हरकत से पूरी तरह अंजान थीं। उन्होंने धीरे से अपना मोबाइल उठाया और अपनी ब्रा के अंदर सरकाकर रख लिया। उनका हाथ गहरी खाई में उतरते हुए उनकी नरम और गर्म छातियों के बीच दब गया। ब्रा का कपड़ा थोड़ा खिंच गया जिससे उनकी भारी और गोल बूब्स हल्के से हिल उठीं। गहरी खाई में से हल्की पसीने की महक और उनकी शरीर की गर्मी बाहर निकल रही थी। (आप सब लोग जानते हैं कि ब्रा हम फीमेल्स की पॉकेट का काम भी करती है और पैसे निकालने के चक्कर में हम फीमेल्स जब अपने बूब्स का नज़ारा करवाती हैं तो मेल्स के लंड कैसे खड़े होते हैं। उनकी आँखें हमारे उभरे हुए स्तनों पर टिक जाती हैं। लंड तुरंत सख्त होकर पैंट के अंदर उभर आता है। नसें फड़कने लगती हैं। सिर का रक्त नीचे की ओर दौड़ पड़ता है। वे अपनी जगह पर हिलते हुए अपनी उत्तेजना छुपाने की कोशिश करते हैं लेकिन उनकी सांसें भारी हो जाती हैं।) मेरा मतलब आप लोगो को ब्रा के फ़ायदे बताना नही था वो आप अच्छी तरह जानते हैं इस लिए मैं स्टोरी मे वापिस आती हूँ।
हम लोग घर लॉक करके बाहर आ गए। ताला चाबी घुमाते हुए धातु की ठंडी आवाज़ गूँजी। बाहर की हवा थोड़ी नम और गर्म थी। थोड़ी देर इधर उधर टाइम पास करने के बाद हमने कुछ खाने की चीज़ें लीं। बाज़ार की रोशनियों में उनकी चमकती त्वचा और हल्की मुस्कान देखकर मेरा मन प्रसन्न हो गया। गर्म समोसे और मीठी चाट की खुशबू हवा में फैल रही थी। हम दोनों ने थैले संभाले और घर लौट आए।
थोड़ी देर के बाद मोम ने अपना मोबाइल निकाला तो हैरत से बोली अरे ये ऑफ कैसे हो गया। उनकी उँगलियाँ ब्रा के अंदर फिर से सरकाईं। कपड़े के नीचे से उनकी नरम छाती का स्पर्श दिखाई दे रहा था। मैने शरारत से कहा अपने इन प्यारे प्यारे बूब्स से पूछो इन्हो ने ही किया होगा।
मोम मेरा इशारा समझ कर हँसने लगीं। उनकी हँसी की आवाज़ कमरे में गूँज उठी। होंठों पर हल्की लाली चढ़ गई। आँखों के कोनों में छोटी छोटी झुर्रियाँ पड़ गईं। और मोबाइल ऑन करने लगी लेकिन मोबाइल ऑन नही हुआ। मोम ने परेशान हो कर कहा ये तो ऑन नही हो रहा। मैंने उनसे मोबाइल ले के ऑन करने की ट्राई की। फिर मोम को दिखाते हुए कहा कि ये तो गीला हो रहा है लगता है आप का पसीना चला गया है जिस वजह से ये खराब हो गया है। स्क्रीन पर पसीने की छोटी छोटी बूँदें चमक रही थीं। मोम का फेस उतर गया था। उनकी भौंहें सिकुड़ गईं और होंठ थोड़े से काँपने लगे।
मैने उनका हाथ पकड़ कर ड्रामा करते हुए कहा आप मेरा मोबाइल ले लें अगर आप को अमर्जन्सी है तो। उनकी हथेली गर्म और नरम थी। उँगलियों में हल्का पसीना लगा हुआ था। मोम ने कहा नही तुम्हें भी ज़रूरत हो गी। मैने कहा मेरे पास किस की कॉल आनी है आप यूज़ कर लें अगर आप ने इनकार किया तो मैं ये समझूंगी कि आप मुझे अपना नही समझतीं। मोम ने मुझे गले लगा लिया। उनकी छातियाँ मेरी छाती से सट गईं। नरम और भारी बूब्स का दबाव महसूस हुआ। उनकी सांसों की गर्म हवा मेरे गाल पर पड़ी। और थॅंक्स कहा।
मेरे पास जो मोबाइल था उसमें कॉल रेकॉर्डर था। मैंने उसे चुपके से ऑन करके मोम को सेट दे दिया। अब मोम की हर कॉल की रेकॉर्डिंग मेरे फोन में आ जाती थी जिसे मैं आराम से बाद में सुनकर मोम को ट्रॅप कर सकती थी। मैं वहाँ से अपने रूम में आ गई और मैगज़ीन पढ़ने लगी। पन्ने पलटते हुए मेरी नज़र शब्दों पर थी लेकिन मन कहीं और था। शाम को पापा आए और मोम और मुझे बुलाया। उनकी आवाज़ थकी हुई लेकिन उत्साहित थी। और मोम से कहने लगे। अब हम इस सिटी में आ गए हैं प्लान के मुताबिक हमें किरण की नकली शादी करनी थी उस सिलसिले में मैंने सारा अरेंज कर लिया है। तैयारी भी कंप्लीट है बस कुछ दिन में ये काम कर देते हैं।
मोम बोली अरे वाह इतना सब कर लिया और मुझे बताया तक नही। उनकी आँखें चौड़ी हो गईं। चेहरे पर हैरानी और खुशी का मिश्रण था। पापा ने मामले को संभालते हुए मोम से प्यार से कहा तुम ने मेरे लिए इतना कुछ किया। उनकी नज़र मेरी तरफ घूमी। मेरी तरफ देखते हुए कहा कि इतना मस्त माल मुझे दिलवाया मैं तुम्हारा एहसान मंद हूँ। दरअसल मैं तुम्हें सर्प्राइज़ देना चाहता था। इस लिए ये बात मैंने तुम से और किरण से छुपाई। फिर पापा ने मोम को अपने करीब खींचकर कहा क्या जान प्लान तो तुम्हारा ही है क्या तुम मेरा साथ नही दोगी। उनकी बाहें मोम की कमर पर कस गईं।
मोम असल मामले से बेख़बर पापा के इस ड्रामे से खुश होते हुए बोली ठीक है लेकिन अभी आप को मेरे साथ मार्केट चलना होगा मेरा मोबाइल खराब हो गया है दूसरा मोबाइल लेना है। उनकी आवाज़ में हल्की नाज़ थी। इस से पहले कि पापा कुछ कहते मैंने उनको आँखों से मोम की बात मान लेने का इशारा किया। पापा बात को पिक कर गए और मोम को लेके मार्केट चले गए। थोड़ी देर के बाद मोम न्यू मोबाइल लेके आ गईं। उन्होंने मेरा मोबाइल मुझे वापिस कर दिया। मैं अपने रूम में आई और मोबाइल को चेक किया। मोबाइल में 1 रेकॉर्डिंग मिल गई। मैंने हैंड फ्री से उस रेकॉर्डिंग को सुना तो मेरे होश उड़ गए।
कान में आती आवाज़ें साफ थीं। मोम और उनकी भाभी के दरमियान जो बातें हुई थीं उनसे साफ ज़ाहिर था कि मोम ना सिर्फ़ अपने भाई से चुदवाती रही थी बल्कि मोम के भाई मोम को दूसरे लोगों से भी चुदवाते थे। भाभी की आवाज़ में उत्तेजना थी। मोम की सांसें भारी थीं। कॉल वाला मामला जिस पर मुझे शक था वो खुलकर सामने आ गया था। मोम के भाई अपनी वाइफ के ज़रिए से मोम को बुला रहे थे। बातों से लग रहा था कि मोम के भाई ने किसी एक आदमी के लिए नहीं बल्कि एक से ज़्यादा आदमियों के लिए अपनी वाइफ और मोम को बुक किया था।
मेरे दिल में तो मोम और उनकी भाभी की ग्रूप चुदाई देखने की ख्वाहिश जाग उठी थी। मेरी कल्पना में उनके नंगे शरीर एक साथ लिपटे हुए थे। कई हाथ उनकी छातियों और जांघों पर फिर रहे थे। पसीने से तर तन और जोरदार धक्कों की आवाज़ें। अभी मैं ये सब ही सोच रही थी कि पापा ने मुझे आवाज़ देकर बुला लिया। मैं उनके पास पहुँची तो पापा अपने रिलेटिव्स को फ़ोन करके मेरी शादी पे इन्वाइट कर रहे थे। पापा के फेस एक्सप्रेशन्स से लग रहा था कि रिलेटिव्स ने इस तरह अचानक मेरी शादी पर इन्वाइट करने को अच्छा नहीं समझा था। जब पापा फ़ोन कर चुके तो मोम ने पूछा क्या हुआ क्या कहा उन लोगो ने।
पापा ने गुस्से में गाली देकर कहा वो कह रहे थे अचानक बताए बगैर पहले तुम सिटी छोड़ गए और अब अपनी लड़की की शादी भी तय कर दी और हम से पूछा तक नहीं। उनकी गर्दन की नसें फड़क रही थीं। फिर कुछ तल्ख़ बातें पापा और उन लोगों के दरमियान हुईं जिसका रिज़ल्ट ये निकला था कि उन लोगों ने शादी में आने से इनकार कर दिया था।
मोम ने मुस्कराते हुए कहा चलो ये तो अच्छा हुआ ना वो लोग आएँगे ना ज़्यादा ड्रामा करना पड़ेगा। उनकी मुस्कान में राहत थी। पापा भी कहने लगे कि बात तो तुम ने ठीक की है। पापा के कहने पर मोम ने अपने कुछ रिलेटिव्स को इन्वाइट किया। 3 दिन बाद का प्रोग्राम सेट हुआ जिसके मुताबिक मैं लोगों को दिखाने के लिए रुखसत होकर होटेल में जाऊंगी। होटेल में पहले से पापा 2 रूम्स बुक करवाएँगे। एक में वो लड़का रात के लिए स्टे करेगा दूसरे में मैं स्टे करूँगी। रात में पापा ज़रूरी काम का बहाना बनाकर होटेल आ जाएँगे और मेरे साथ चुदाई करेंगे। लेकिन ये प्रोग्राम मोम को नहीं बताया गया था क्योंकि मोम को अगर बता दिया जाता तो वो अलर्ट हो सकती थी और मेरा बना बनाया प्लान खराब हो सकता था।
हम लोग एक दूसरे से गप शप कर रहे थे कि मोम के मोबाइल पर कॉल आने लगी। मोम ने नंबर देखकर कॉल काट दी। 2/3 बार कॉल आई लेकिन मोम ने कॉल कट कर दी। पापा ने मोम से पूछा कि किस का कॉल है और तुम कॉल अटेंड क्यों नहीं कर रही। उनकी भौंहें उठी हुई थीं। मोम ने कन्फ्यूज़ होते हुए कहा भाभी की कॉल थी उनसे बात करने का दिल नहीं कर रहा इसलिए कॉल कट कर दी। इस से पहले कि पापा कुछ कहते मैं फौरन बोल पड़ी पापा आप बहुत थक गए होंगे इसलिए आप मेरे रूम में जाकर आराम करें आज मेरा मूड मॉम से बातें करने का है। पापा ने हैरत से मेरी तरफ देखा तो मैंने आँख से उन्हें इशारा कर दिया। पापा उठकर सोने चले गए और मैं मोम के साथ उनके रूम में आ गई।
रूम में आकर मोम ने कहा किरण तुम ने फज़ूल में अपने पापा को अकेला सोने भेज दिया क्या पता उनका कुछ और मूड हो। उनकी आवाज़ में हल्की शिकायत थी। मैने फौरन मोम के हाथ पकड़कर कहा मूड का क्या है वो तो किसी और दिन भी बन सकता है और मैं कौन सा कहीं जा रही हूँ मैंने तो ये सब आप के लिए किया है।
मोम ने हैरान होते हुए कहा क्या मतलब। उनकी आँखें मुझ पर टिकी थीं। मैने कहा मतलब ये कि मैं देख रही हूँ कि आप कुछ दिनों से परेशान हैं मैं आपसे आपकी प्रॉब्लम शेयर करना चाहती हूँ।
मोम ने कहा ऐसी कोई बात नहीं है। उनकी नज़र नीचे झुक गई। मैने ज़ोर देकर कहा ऐसी बात है आपने मुझे दोस्त बनाया है इसलिए मैं आपके काम आना चाहती हूँ आप मुझ पर ऐतबार करें। मैने मोम को सोच में डूबी देखकर कहा अगर आप किसी बात में मुझसे शर्मा रही हैं तो ग़लत कर रही हैं दोस्ती में शर्म कैसी।
मोम ने कहा ये तुम्हारा वेहम है मैं भला तुमसे क्यों शर्माऊंगी। उनकी आवाज़ हल्की काँपी। मैने कहा जैसे आपकी मर्ज़ी और वहाँ से ड्रॉयिंग रूम में आकर बैठ गई और टीवी देखने लगी। मुझे अपना प्लान पूरा होता नहीं नज़र आ रहा था इसलिए मैं डिस्टर्ब फील कर रही थी। बहर हाल उस दिन मेरी मोम से इस टॉपिक पर बात नहीं हो पाई। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और मोम पर नज़र रखे रही। अगले दिन दोपहर को मेरी शादी में शिरकत के लिए मोम के भाई आ गए। पापा घर पर नहीं थे मोम उनके लिए खाने का इंतज़ाम करने लगी तो मैने कहा कि खाना मैं बना देती हूँ आप भाई को कंपनी दें।
मोम ने भाई से कहा आओ रूम मे चल कर बातें करते हैं. मैं जानती थी कि क्या बातें करनी हैं इन को जैसे ही वो लोग रूम मे गये उन्होने डोर बंद कर दिया मैं फॉरन से उन के पीछे गई ता कि उन की बातें सुन सकूँ अंदर से मोम की आवाज़ आई.
मोम ने थोड़ी सी हिचक के साथ लेकिन उत्सुकता भरी नज़रों से भाई की ओर देखा और पूछा, “भाई भाभी को क्यूँ नही लाए?” उनकी आवाज़ में एक हल्की सी शरारत और इंतज़ार का मिश्रण था। भाई ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “तुम्हें बताया था ना कि मैने एक पार्टी के लिए तुम्हें और तुम्हारी भाभी को बुक किया था लेकिन तुम्हारी वजह से काम खराब हो गया बड़ी मुश्किल से उन लोगो को तुम्हारी तबीयत के खराब होने का बहाना कर के राज़ी किया वरना वो लोग तो डील ख़तम कर रहे थे। इस लिए तुम्हारी भाभी को उन के साथ भेज दिया है तुम भी उस के साथ होती तो पैसे भी अच्छे मिल जाते।” उनकी बातों में निराशा के साथ-साथ एक गहरी चाहत छिपी हुई थी जो अब कमरे की दीवारों के बीच गूंज रही थी।
मोम ने सॉरी कहते हुए अपनी आँखें झुका लीं। उनकी आवाज़ नरम और पछतावे भरी थी, “भाई सॉरी मैं यहाँ फँसी हुई हूँ दिल तो मेरा भी बहुत कर रहा था।” भाई ने हाथ बढ़ाकर मोम का कंधा छुआ और गंभीर स्वर में बोले, “छोड़ो इस बात को क्या हो सकता है अब लेकिन आज रात को मुझे तेरी चूत मारनी है इस सिलसिले मे मैं कुछ नही सुनूँगा।” उनके शब्दों में कोई झिझक नहीं थी, सिर्फ़ कच्ची मर्दानगी और भूख थी। मोम हंसते हुए बोलीं, “ज़रूर मारना मना किस ने किया है। जब रात को सब सो जाएँगे तो मैं आ जाउन्गी।” उनकी हंसी में शर्म के साथ उत्साह झलक रहा था, जैसे उन्होंने भी यह प्लान पहले से सोच रखा हो।
उन के प्लान के सेट होने के बाद मैं वापिस किचिन मे आ गई और खाना बना के उन दोनो को खाने के लिए बुलाया। खाने के बाद मैं अपने रूम मे आई अचानक मेरे ज़हन मे ख़याल आया और हॅंडीकॅम निकाला। मैने सोच लिया था कि मोम की चुदाई के शो को मैं रात मे रेकॉर्ड करूँगी। थोड़ी देर के बाद मोम ने मुझे आवाज़ दी जब मैं उन के पास गई तो उन्होने कहा कि तुम डोर बंद कर लो हम लोग मार्केट तक जा रहे हैं थोड़ी देर मे आ जाएँगे। जैसे ही वो लोग गये मैं फॉरन गेस्टरूम मे गई और बॅक साइड की विंडो जो गॅलरी मे खुलती थी उसे ओपन कर दिया और पर्दे को सही से बराबर कर दिया। थोड़ी देर बाद मोम भी आ गई उन के हाथ मे कुछ बॅग्स थे जो यकेनन उन के भाई की तरफ से रात की चुदाई का गिफ्ट थे।
रात मे पापा आ गये खाना हम लोगो ने साथ खाया। खाने के बाद मैं पापा को अपने रूम मे आने का इशारा कर के अपने रूम मे आ गई। जब पापा आए तो मैने उन को आज रात होने वाली कार्यवाही के बारे मे बताया और कहा आप मोम के साथ जा कर सो जाएँ और ऐसा ज़ाहिर करें कि आप गहरी नींद मे हैं। पापा फॉरन मोम के रूम मे चले गये। मैं थोड़ी देर के बाद अपने रूम से निकल के गॅलरी मे आई हॅंडीकॅम मेरे पास था। और चोरो की तरह गेस्ट रूम की विंडो से जिस को मैने पहले से ओपन रखा था रूम के अंदर दाखिल हो गई और पर्दे मे अपने आप को छुपा लिया। रूम मे कोई नज़र नही आ रहा था बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी मैं समझ गई कि मोम के भाई बाथ रूम मे हैं।
थोड़ी देर के बाद वो बाथ रूम से नंगे ही बाहर आए और बेड पर लेट गये। उनका लंड देख के तो मेरी चूत की हालत बुरी होने लगी थी। काला मोटा लंड था उनका जिस के नीचे दो बड़ी-बड़ी बॉल्स झूल रही थीं, पूरी तरह से भारी और लटकती हुई। लंड की नसें उभरी हुई थीं और सिरा चमकदार गुलाबी रंग का था जो पहले से ही थोड़ा सख्त हो चुका था। दिल कर रहा था कि मैं उनके लंड को मुँह में भर लूँ और चूसूँ, उसकी गर्मी और नमकीन स्वाद को जीभ पर महसूस करूँ। मैं खड़े-खड़े थक गई थी लेकिन मोम थी कि आने का नाम नहीं ले रही थी।
थोड़ी देर और गुज़री कि डोर पर नॉक हुआ। मोम के भाई डोर तक गए और पूछा, “कौन है?” बाहर से मोम ने आहिस्ता से कहा, “डोर खोलें।” मोम की आवाज़ सुन कर उनके भाई ने डोर खोल दिया। मोम जल्दी से अंदर आ गईं। लंड देख कर उनकी आँखों में चमक आ गई थी। मैंने पर्दे को थोड़ा सा सरका कर उनकी रेकॉर्डिंग शुरू कर दी थी। मोम ने जल्दी से अपने कपड़े उतारे। पैंटी उन्होंने नहीं पहनी थी। जब उन्होंने ब्रा उतारी तो उनके बड़े-बड़े बूब्स उछल के बाहर आ गए। भारी, गोल और निप्पल्स पहले से ही सख्त हो चुके थे। उनके भाई ने टाइम बर्बाद किए बिना मुँह में ले के चूसना शुरू कर दिया।
वे एक-एक निप्पल को जीभ से घेरते हुए जोर-जोर से चूस रहे थे। चूसने की आवाज़ “चुप चुप” सी कमरे में गूंज रही थी। मोम की सांसें तेज़ हो गईं और वे आँखें बंद करके सिर पीछे झुका रही थीं। एक हाथ नीचे ले जाकर मोम की चूत में फिंगर करने लगे। मोम की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी, गर्म और चिपचिपा रस बह रहा था। भाई ने दो उंगलियाँ अंदर डालीं और तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगे। मोम तो मज़े में अपनी लेग्स को खोल कर फिंगर डलवा रही थीं। उनकी जांघें काँप रही थीं और हल्की-हल्की कराहट निकल रही थी, “आह्ह… भाई… और जोर से…”
कुछ देर यह सब चलता रहा। फिर मोम नीचे बैठ गईं और लंड को मुँह में ले के ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगीं। उन्होंने पहले लंड के सिरे को जीभ से चाटा, फिर पूरा मुँह खोलकर गहरे तक ले लिया। काला लंड जब मोम के मुँह से बाहर निकला तो मोम के थूक से गीला होकर चमक रहा था। लंबी-लंबी धारियाँ थूक की लंड पर लटक रही थीं। मोम ने दोनों हाथों से बॉल्स को मसलते हुए लंड को पूरी तरह गले तक उतार लिया। उनकी गला फूल रहा था लेकिन वे रुक नहीं रही थीं। भाई की सांसें भारी हो गईं और वे मोम के बालों को पकड़कर हल्का-हल्का धक्का देने लगे।
फिर मोम के भाई ने मोम को बेड पर लिटा दिया और उन पर चढ़ गए। उन्होंने लंड का सिरा मोम की चूत के मुंह पर रगड़ा, गीलेपन को महसूस किया और फिर एक झटके में अंदर पेल दिया। मोम की चूत इतनी खुली और गीली थी कि मोटा लंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था। हर धक्के पर “पच पच पच” की तेज़ आवाज़ रूम में गूंज रही थी। मोम की चूत के होंठ लंड को चिपक-चिपककर बाहर निकल रहे थे। भाई तेज़-तेज़ थपकियाँ मार रहे थे, हर बार लंड पूरी गहराई तक घुस जाता। मोम की बूब्स ऊपर-नीचे उछल रहे थे। उनकी आँखें उलट गई थीं और मुँह से लगातार “आह्ह… हां भाई… और जोर से चोदो… तेरी चूत हूँ मैं…” जैसे शब्द निकल रहे थे।
आधा घंटा चोदने के बाद मोम के भाई ने लंड बाहर निकाल लिया और बेड से उठ गए। मोम भी तेज़ी से उठीं और नीचे बैठ गईं। उन्होंने लंड को जल्दी से मुँह में ले के चूसने लगीं। 1/2 मिनट के बाद मोम के भाई का लंड झटके खाने लगा और अपना माल छोड़ने लगा। गाढ़ा, गर्म वीर्य मोम के मुँह में फूट-फूटकर गिर रहा था। वे लगातार निगलती रहीं। जब सारा पानी निकल गया तो मोम ने वो पानी पी लिया और जो ड्रॉप्स लंड पे लगे रह गये थे उन्हें बहुत महारत से चाट कर साफ कर दिया।
इधर मेरी चूत के पानी से शलवार गीली हो रही थी. मोम ने कहा अब मैं चलती हूँ कहीं किरण के पापा ना उठ जाएँ ये कह कर उन्होंने जल्दी जल्दी कपड़े पहने और रूम से निकल गईं. मोम के भाई ने डोर बंद किया और अपने मुरझाए हुए लंड को हाथ में पकड़ कर बाथ रूम में चले गए. जैसे वो बाथरूम में गए मैं भी विंडो से बाहर गैलरी में आ गई और वहाँ से अपने रूम में आ गई.
रूम में आकर मैंने हैंडी कैम से फिल्म निकालकर अपनी अलमारी में रख दी और सो गई. सुबह नाश्ते पर मैंने नोट किया कि मोम बहुत हैपी मूड में थीं. नाश्ता करने के बाद पापा तो जो थोड़े बहुत छोटे छोटे काम रह गए थे वो करने लग गए जबकि मैं अपने रूम में आ गई और शाम के लिए ड्रेस निकालकर रेडी किया. कुछ और गेस्ट्स भी घर पर पहुँच गए थे और मोम उनको कंपनी दे रही थीं.
दोपहर में मोम ने मुझे बुलाकर कहा कि आज किचन का काम ज्यादा है मिलकर कर लेती हैं और यूँ मोम और मैंने खाना बनाया. दोपहर का खाना खाने के बाद पापा मेरे पास आए और मुझे कहा किरण मैं तुम्हें पार्लर ले चलता हूँ वहाँ से फ्री होने तक शाम हो जाएगी और उस वक्त तक लड़के वाले भी आ जाएंगे और टाइम जाया किए बगैर जल्दी ही सारा काम हो जाए तो बेहतर है. मैंने कहा मैं मोम के साथ चली जाती हूँ. पापा ने कहा तुम्हारी मोम नहीं जा रही उसने मुझे कहा है तुम्हें पार्लर ले जाने को.
मेरे फेस पर मुस्कराहट आ गई और मैंने कहा पापा मुझे पता है मोम क्यों नहीं मेरे साथ जा रही. पापा ने हैरान होते हुए पूछा क्यों?
मैं अपनी अलमारी में से फिल्म निकालकर लाई और पापा को दिखाते हुए कहा मेरा शक सही था इस फिल्म में कल रात मोम और उनके भाई के दरमियान होने वाले प्यार की दास्तान है. कल रात को मोम आपके रूम से उठकर अपने भाई के रूम में आ गई थीं और वहाँ दो जिस्मों के दरमियान जो कुछ हुआ वो इस फिल्म में है.
पापा ने एक्साइटेड होते हुए कहा चलो पहले इस फिल्म की रेकॉर्डिंग देखते हैं.
मैंने पापा के करीब होकर उनको झप्पी डाल दी और अपनी चूत को उनके लंड पर रगड़कर कहा अभी नहीं बाद में देख लेंगे. अब देखा उस सुजाता रांड का मैं क्या हाल करती हूँ कैसे उसे इस घर से बाहर निकालती हूँ. अगर उसने मुझे आपकी पत्नी बनाया है तो अब आप पर मेरा हक है अब मैं आपको उस रांड को नहीं चोदने दूंगी.
पापा मुस्करा पड़े और मेरा चुंबन लेते बोले जैसे तुम्हारी मर्जी मेरी जान अब मैं तुम्हारा हूँ और तुम मेरी हो ओके.
मैंने अपने बूब्स पापा की चेस्ट में दबाते हुए कहा आप को अपना वादा याद है ना? मेरा काम कंप्लीट हो गया है बस आपका काम बाकी है.
पापा ने भी मुझे अपनी बाहों में कसके पकड़ते हुए कहा जो हुकम जनाब का और हम दोनों हंस पड़े.
मैं पापा के साथ पार्लर आ गई. जब मैं तैयार हुई तो शाम हो रही थी मैं पापा के साथ घर आई लड़के वाले भी आए हुए थे. मोम ने मुझे देखकर कहा आज तो मेरी बेटी बहुत प्यारी लग रही है.
मैं ये सुनकर ब्लश हो गई. मैंने नोट किया कि मोम के भाई की नजरें मोम की बॉडी पर ही ज्यादा तर थीं और मोम भी उनको अपनी बॉडी का नजारा दे रही थीं. मैं सोचने लगी कि ये जिस्म की आग भी क्या चीज है ये किसी रिश्ते को नहीं देखती इसे तो बस अपने से मतलब होता है जो भी आपसे मिलन कर ले वो ही आपका राजा होता है चाहे वो रिश्ते में कुछ भी हो. मैं ऐसे ही हालत से गुजर चुकी थी जब पापा से मैं चुदाई नहीं थी तब मैं परेशान थी कि कैसे कर पाऊंगी मैं उनके साथ लेकिन अब तो पापा के लंड ने मुझे पागल कर दिया था और मैं अपने आप को उनकी वाइफ के रूप में ही देखने लगी थी.
मैं इन सोचों में डूबी हुई थी कि मोम मेरे पास आई और पूछा किन खयालों में गुम हो? फिर मुझे ले जाकर उस लड़के के साथ बैठा दिया और ट्रेडिशनल मैरिज की तरह ये ड्रामा मैरिज भी हो गई. जिसमें कोई हकीकत नहीं थी लेकिन हर किसी ने अपना किरदार इतने अच्छे से निभाया था कि हकीकत का गुमान हो रहा था. फिर खाना लगाया गया सबने खाना खाया और फाइनली मेरी रुखसती का टाइम आ गया. मैं उस लड़के और उसके घरवालों के साथ होटल आ गई और रात के गहरा होने का वेट करने लगी क्योंकि मैं बहुत चुदासी हो रही थी. प्लान के मुताबिक पापा लेट नाइट होटल में आएंगे उस टाइम तक मैं कपड़े चेंज कर चुकी थी और नाइटी में थी.
पापा ने अंदर आते ही मुझे अपनी बाहों में भर लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिया मैं तो कब से तरस रही थी फौरन से पापा के होंठों को चूसने लगी. पापा नाइटी पर ही से मेरे बूब्स को सहला रहे थे. थोड़ी देर के बाद पापा ने मुझे उठाकर बेड पर लिटाया और मेरी नाइटी के बटन खोल दिए और ब्रा के ऊपर से ही बूब्स चूसने लगे मेरी चेस्ट में तो पापा के गरम लिप्स ने आग लगा दी थी मैंने लेटे लेटे ही ब्रा को अपने बूब्स के ऊपर सरका दिया मेरे गोल गोल बूब्स एकदम उछलकर बाहर आ गए. पापा ने जैसे ही मेरे नंगे बूब्स देखे तो उन पर भूखे भेड़िए की तरह हमला कर दिया. मेरे मोटे मोटे निपल हार्ड होकर बाहर को उभर गए थे जिन्हें पापा मजे से चूस रहे थे. बीच में निपल छोड़कर मेरे बूब्स की गोलियों को चाटते तो मैं मजे से पागल हो जाती.
मेरे मुँह से मस्ती भरी आवाज़ें निकल रही थी जो पापा का जोश और बढ़ा रही थी। मेरी गहरी और लंबी सांसों के साथ निकलती हुई ये मस्ती भरी कराहटें कमरे को भर रही थीं। पापा की आंखों में जुनून साफ दिख रहा था और उनकी सांसें भी तेज हो चुकी थीं। पापा ज़ोर ज़ोर से मेरे बूब्स को चूस और काट रहे थे। उनके गर्म और नम मुंह ने मेरे एक स्तन की निप्पल को पूरी तरह से अपने अंदर ले लिया था और वे जोर-जोर से चूस रहे थे जिससे मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ रही थी। दूसरे बूब पर उनके दांत हल्के-हल्के काट रहे थे जो दर्द और खुशी का अनोखा मिश्रण पैदा कर रहा था। काफ़ी देर मैं पापा को अपना दूध पिलाती रही।
मेरी छातियां भारी हो रही थीं और पापा हर बार चूसते समय मेरे स्तनों से दूध की कल्पना करते हुए इतनी जोर से चूस रहे थे कि मेरी निप्पल्स पूरी तरह से सख्त और लाल हो चुकी थीं। फिर पापा रुक गये और अपने कपड़े उतारने लगे। उन्होंने अपनी शर्ट उतारी तो उनकी चौड़ी छाती और बालों भरी छाती दिखाई दी। फिर उन्होंने पैंट और अंडरवियर एक साथ नीचे सरका दिए। मैंने भी जल्दी जल्दी नाइटी ब्रा और पैंटी उतार दी। मेरी उंगलियां कांप रही थीं लेकिन उत्साह से भरी हुई थीं। अब हम नंगे थे।
पापा का लंड किसी गधे के लंड की तरह झूम रहा था। वह मोटा और लंबा था जिसकी नसें उभरी हुई थीं और सिर चमकदार लाल रंग का हो रहा था। मैंने जल्दी से लंड को मुंह में भर लिया और ज़ोर से चूसने लगी। मेरे गर्म मुंह ने पूरे लंड को निगल लिया और मेरी जीभ उसके सिर को चारों तरफ से चाट रही थी। मज़े में पापा का बुरा हाल था।
वो भी अपने चूतड़ों को आगे पीछे करके मेरा मुंह चोद रहे थे। हर धक्के के साथ उनका लंड मेरे गले तक पहुंच रहा था और मेरी आंखों में पानी आ रहा था लेकिन मैं रुकना नहीं चाहती थी। काफ़ी देर पापा लंड चुसवाते रहे। मेरे मुंह से निकलती हुई सलाइवा उनके लंड को पूरी तरह चिकना बना रही थी। फिर मुझे फील हुआ कि उनके लंड की टोपी और मोटी हो रही है। लंड को मुंह में लेना मुश्किल हो रहा था। अचानक पापा के पानी का सेलाब मेरे मुंह के अंदर बहने लगा। गरम और खारा वीर्य मेरी जीभ पर फैल गया और मैंने हर बूंद को निगल लिया। जब पानी निकल गया तब पापा ने अपने लंड को बाहर निकाला।
मैं बाथरूम में गई और मुंह साफ किया। ठंडे पानी से अपना मुंह धोया तो मेरे होंठ अभी भी सूजे हुए थे। और बाहर आई तो देखा पापा बेड पर लेटे हुए थे। उनका लंड मुरझाया हुआ था लेकिन उस हालत में भी काफ़ी लंबा था और मुझे बहुत प्यारा लग रहा था।
पापा ने मुझे लंड को घूरते देख कर पूछा ऐसे क्या देख रही हो। उनकी आवाज में अभी भी थकान और संतोष का मिश्रण था। मैंने कहा देख रही हूँ कि ये तो उल्टी कर के आराम कर रहा है मगर मेरी चूत क्या बने गा उस की आग कैसे बुझे गी। ये कह कर मैंने लेग्स खोल के पापा को अपनी गीली चूत दिखाई। मेरी जांघें फैली हुई थीं और मेरी चूत की पलकें पूरी तरह से भीगी हुई थीं जिनसे चिपचिपा रस बह रहा था। मेरी फूली हुई चूत देख के पापा सिहर उठे। उनका पूरा शरीर एक पल के लिए कांप गया। और बेड से उठ कर मेरे पास आए और मेरे फेस को ऊपर कर के मेरी आँखों में देखते हुए कहा तुम्हारी इस टाइट चूत ने तो मुझे पागल बना दिया है।
उनकी आंखों में भूख साफ झलक रही थी। मैंने भी बड़ी अदा से अपने बूब्स को उछालते हुए कहा ये कैसा पागलपन है कि आप को मेरी चूत का ख़याल तक नही है कि ये कितनी गरम हो रही है। मेरे स्तन हिलते हुए पापा की नजरों को और उत्तेजित कर रहे थे। पापा ने इस अदा से मस्त हो के अपनी फिंगर मेरी गीली चूत में डाल दी। उनकी मोटी उंगली धीरे-धीरे अंदर घुसी और मेरी भीगी दीवारों को छूते हुए पूरी तरह अंदर चली गई। और थोड़ी देर तक फिंगर को चूत में रखे रखा फिर बाहर निकाला। उनकी फिंगर पर मेरी चूत का पानी लगा हुआ था जो चमक रहा था। पापा ने फिंगर मुझे दिखाई फिर उसे सूंघा और चाट लिया और कहने लगे जान स्मेल और टेस्ट दोनों का जवाब नहीं।
उनकी जीभ पर मेरी चूत का स्वाद फैल गया। और फिर फिंगर अंदर डाल के फिंगर से चोदने लगे। हर बार उंगली तेजी से अंदर बाहर हो रही थी और मेरी चूत से चिकचिक की आवाजें निकल रही थीं। मैं बहुत हॉट हो रही थी। मैंने जोश में आ कर पापा का लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी। मेरी उंगलियां उसके मोटे तने को ऊपर नीचे कर रही थीं। थोड़ी देर में ही पापा का लंड खड़ा होने लगा। पापा हॉट हो रहे थे। पापा ने अपनी फिंगर चूत से निकाल के गान्ड में डाल दी और गान्ड को फिंगर से चोदने लगे। मुझे तो बहुत मज़ा आ रहा था। पहली बार गान्ड चुदवाई थी तब डर लग रहा था लेकिन ये पता नहीं था कि गान्ड चुदवाने में कितना मज़ा है।
मैं अपनी गान्ड में फिंगर को बहुत एंजॉय कर रही थी। हर धक्के के साथ मेरी कमर उठ रही थी और मेरी सांसें भारी हो रही थीं। काफ़ी देर तक पापा फिंगर करते रहे और मैं उनके लंड को सहलाती रही। उनका लंड पूरा हार्ड हो कर झटके खा रहा था और मेरी चूत की बेचैनी भी बढ़ती जा रही थी। मेरी चूत से लगातार रस टपक रहा था जो बेड शीट को गीला कर रहा था। मैंने आख़िर पापा को कहा पापा डाल दें ना। मेरी आवाज में बेसब्री साफ थी। पापा ने मुझे बेड पर लिटा दिया। मेरी लेग्स को ओपन किया। फिर अपने लंड को हाथ में पकड़ के चूत पे टिकाया और ज़ोर का धक्का मारा। मेरी तो चीख निकल गई। उनके विशाल लंड ने मेरी टाइट चूत को एक झटके में चीर दिया और पूरी तरह अंदर चला गया। लेकिन पापा कहाँ रुकने वाले थे। वो ज़ोर ज़ोर से लंड पेलने लगे।
हर धक्के के साथ उनके कूल्हे मेरी जांघों से टकरा रहे थे और कमरे में चुट चुट की आवाजें गूंज रही थीं। मेरी चूत की वॉल्स ने पापा के गधे जैसे लंड को जकड़ा हुआ था। इस लिए पापा को एक्सट्रा मज़ा मिल रहा था। मैं भी चूतड़ उछाल उछाल के पापा के धक्कों का जवाब दे रही थी। मेरी कमर हर बार ऊपर उठ रही थी और मैं उनके लंड को और गहराई तक ले रही थी। तकरीबन 1 घंटा ये चुदाई प्रोग्राम चलता रहा। इस दौरान मैं 3 बार फारिग हुई। हर बार मेरी चूत सिकुड़ती हुई उनके लंड को और जोर से दबाती और मेरा पूरा शरीर झुरझुरा जाता।
इतनी लंबी चुदाई से मेरी कमर में पेन हो रहा था। आख़िर पापा के धक्कों में तेज़ी आई और उनके मुंह से अहह ओहह की आवाजें निकलने लगीं। मुझे अपनी चूत में गरम गरम लावा फील होने लगा। उनके वीर्य की गर्म धाराएं मेरी चूत की गहराई में भर रही थीं। पापा थक कर मेरे ऊपर लेट गये। मैंने उनको झप्पी डाल दी और पागलों की तरह किस करने लगी।
थोड़ी देर के बाद हमारी सांसें बहाल हुई तो हम अलग हुए। बाथरूम में जा कर सफाई की। सुबह होने वाली थी। पापा ने कपड़े पहने और कहा कि तुम थोड़ी देर रेस्ट कर के तैयार हो जाना इतने मैं घर जा कर वो फिल्म देखता हूँ जो तुम ने अपनी मोम की रेकॉर्ड की है। फिर उस लड़के के घरवालों के साथ घर आ जाना मैंने उन लोगों को सब समझा दिया है। मैंने कहा ठीक है और पापा मुझे किस कर के चले गये।
मैं थोड़ी देर आराम करने के लिए लेट गई वैसे भी ये घर तो था नही जहाँ मेरा टाइम पास हो जाता. मैं लेटे लेटे सोच रही थी कि पापा से मोम को तलाक़ दिलवाने वाली बात कर के मैने अच्छा किया या बुरा. लेकिन मेरा फ़ैसला भी ठीक था क्यूँ कि जिस तरहा मोम ने मुझे पापा के साथ मिल के पापा से चुदवाया था उस से मेरा फ्यूचर तो ख़त्म हो गया था. मैं नही चाहती थी कि मोम को इस हरकत की सज़ा ना मिले. इसी सोच में टाइम गुज़रने लगा और 7 बज गये मैं उठ कर बाथरूम मे आई और काफ़ी देर तक नहाती रही फिर मैने कपड़े पहने और बाहर आ कर मेक अप किया और ज्वेलरी पहन के तैयार हो गई.
बिस्तर की मुलायम चादर मेरी पीठ से चिपकी हुई थी और कमरे में लगा पंखा धीमी गति से घूम रहा था जिसकी हल्की सी सरसराहट मेरे कानों में गूंज रही थी. मेरे मन में विचारों का तूफान उठ रहा था. पापा से मोम का तलाक़ करवाने की बात मैंने सोच समझ कर की थी लेकिन अब लेटे लेटे वो सारी यादें ताजा हो रही थीं. क्या मैंने सही किया या गलती. मेरे दिल में हल्का सा अपराधबोध था लेकिन फिर भी मैं जानती थी कि मेरा फैसला बिल्कुल सही था. मोम ने जो धोखा दिया था वो कभी भुलाया नहीं जा सकता. उसने पापा के साथ मिल कर मुझे उनके सामने नंगा करके पापा का मोटा लंड मेरी चूत में ठूंसवा दिया था. उस एक रात ने मेरी पूरी जिंदगी को तबाह कर दिया था. मेरी पढ़ाई मेरी शादी की सारी उम्मीदें खत्म हो गई थीं. मैं नहीं चाहती थी कि मोम को इस घटिया हरकत की कोई सजा न मिले. मैं चाहती थी कि वो पूरी तरह से बर्बाद हो जाए. सोचते सोचते समय बीतता गया और घड़ी की सूई सात बजने का संकेत दे रही थी. मैं धीरे से उठी बिस्तर से. मेरे पैर फर्श पर रखते ही ठंडक महसूस हुई. मैं बाथरूम की ओर चली गई. बाथरूम का दरवाजा बंद करके मैंने नल खोला और गरम पानी की धार मेरे नंगे बदन पर बरसने लगी. पानी की गर्मी मेरी त्वचा को छू रही थी और साबुन का झाग मेरे स्तनों पर फैल गया. मैंने धीरे धीरे अपनी जांघों के बीच साबुन लगाया और अपनी चूत को अच्छी तरह धोया. पानी की धार मेरी कमर से नीचे बह रही थी और मैं काफी देर तक नहाती रही. नहाने के बाद मैंने तौलिए से बदन पोंछा और साफ कपड़े पहन लिए. बाहर आकर मैंने आईने के सामने बैठ कर मेकअप किया. लिपस्टिक लगाते समय मेरे होंठ चमक उठे और आंखों में काजल लगाने से मेरी आंखें और भी आकर्षक लग रही थीं. फिर मैंने अपनी पसंद की ज्वेलरी पहनी. नेकलेस कानों में झुमके और हाथों में चूड़ियां. तैयार होकर मैं खुद को आईने में देख रही थी.
पापा ने फ़ोन कर के मेरी तैयारी का पूछा तो मैने कहा मैं रेडी हूँ. तकरीबन 10 बजे हम लोग होटेल से निकले और थोड़ी देर मे घर पहुँच गये. घर मे कुछ गेस्ट अभी भी थे जिन्हो ने आज चले जाना था. मैने रिवायती दुल्हनो का ड्रामा प्ले किया जो सुहाग रात गुज़ार के पहली दफ़ा घर आती है. रात तो मैने कल मनाई थी लेकिन वो मेरी सुहाग रात नही थी और जिस को दुनिया मेरा हज़्बेंड समझ रही थी उस से मेरा कोई रीलेशन नही था बल्कि कल रात भी पहले की कई रातो की तरह मेरे पापा मेरी चूत मे लंड पेलते रहे थे. कुछ देर के बाद गेस्ट जाना शुरू हो गये दोपहर तक सब चले गये सिवाए उस लड़के और उस के घर वालो के जिस के साथ मेरी नकली शादी हुई थी. उन को पापा ने जान कर रोक लिया था ताकि अगर मोम प्यार से बात ना मानें तो उन लोगो को भी बुला लिया जाए ताकि वो गवाह बन जाएँ.
दोपहर को पापा ने मुझे उन लोगो को कंपनी देने को कहा और खुद मोम के भाई और मोम को ले कर रूम मे चले गये. थोड़ी देर के बाद पापा आए और मुझे अपने साथ चलने को कहा मैं उठ कर उन के साथ रूम मे आ गई . अंदर का मंज़र ही निराला था मोम रो रही थी और उन के भाई मुँह लटकाए बैठे थे.
मुझे देखते ही मोम ने पापा से कहा ये रंडी भी तो चुदवाति है आप से जब ये अपने बाप से चुदवा सकती है तो अगर मैं ने भाई से चुदवा लिया तो क्या बुरा हो गया. मेने भी पापा का साथ देते हुए कहा सुजाता मैं तो अपने पति से चुदवाति हूँ पर तू अपने भाई से चुदवाति है मेने तेरे सामने ही इनसे शादी की थी ऑर फिर तेरे सामने ही मेने पहली बार इनसे चुदवाया था. हर पत्नी अपने पति से चुदवाति है तूने खुद ही मुझे अपनी सौतन बनाया था अब ये तेरा पति अब मेरा पति है. ऑर मैं नही चाहती कि मेरा पति तेरे जैसी रंडी को चोदे .
मोम के भाई फॉरन बोले अरे वाह जीजा जी आप तो छुपे रुस्तम निकले और हमे धमका रहे हैं.
पापा ने उन की बात सुन कर उन को गाली देते हुए कहा ये सब भी तेरी रंडी बेहन का किया हुआ है बेहन के दलाल. चुप कर के बैठा रह वरना बाहर बैठे लोगो को भी बुला लूँगा और तू घर जाने की बजाए सीधा रॅप केस मे जैल जाएगा और किसी को मुँह दिखाने लायक नही रहेगा. पापा ने कहा तुम लोगो के पास 2 रास्ते हैं. 1 तो ये कि मैं बाहर बैठे लोगो को बुला के तुम्हारा ये चुदाई का प्रूफ दिखा देता हूँ और तेरी बेहन को तलाक़ दे दूँगा. 2 ये कि तलाक़ तो मैं दूँगा लेकिन तू तलाक़ के बाद चुप चाप अपनी बेहन को ले जा और फिर कभी अपनी शकल ना दिखाना. पापा ने कहा तुम लोगो के पास सोचने के लिए 30 मिनट हैं और फिर मुझे कहा तुम यहाँ से जाओ. मैं वहाँ से चली आई थोड़ी देर क बाद पापा आ गये और हम लोगो के साथ बैठ गये. पापा ने उस लड़के की माँ को एक चेक दिया और उन का थॅंक्स अदा किया.
उन लोगो ने पापा से कहा अब हम जाना चाहते हैं.पापा बोले थोड़ी देर रुक जाएँ. कुछ देर के बाद मोम और उन के भाई आए. मोम के भाई के हाथ मे सूटकेस था जिस मे मोम के कपड़े और ज्वेलरी थी वो लोग बाघैर किसी से मिले और कुछ कहे जाने लगे तो मैं एक मिनट मे आने का कह कर उठ गई और मोम को डोर के पास रोक कर कहा आप ने मेरी लाइफ बर्बाद की थी कैसा रिज़ल्ट मिला आप को? आप क्या समझती थी कि आप ही प्लान बना सकती हैं? अब अपने दलाल भाई की दलाली मे अपनी चूत की आग रोज़ ने लोगो से मिटवाना. रंडी तो आप शुरू से थी जो उस मे कमी रह गई थी अब पूरी कर लेना.
मोम ने मुझे गुस्से से देख कर कहा ये तू ने अच्छा नही किया.
मैने जवाब दिया पहले भी एक बार आप ने मुझे ये ही कहा था और उस का बदला बहुत ही बुरा लिया था इस बार मैने आप को हमेशा के लिए बाहर निकलवा दिया ता कि आप फिर कोई और बदला ना ले पाएँ. और हाँ आप को तलाक़ दिलवाने का काम पापा की लाइफ मे आने वाली दूसरी औरतें ना कर पाई वो मैने कितने थोड़े टाइम मे कर दिया. मेरी बातें सुन कर मोम मुझे गालियाँ देती हुई बाहर निकल गई और मैं डोर बंद कर के आ गई. थोड़ी देर के बाद वो लड़का जिस से मेरी नकली शादी हुई थी और उस के घर वाले भी पापा से ये वादा कर के (अगर आगे भी पापा को उन की ज़रूरत पड़ी तो वो पापा की हेल्प करेंगे और बदले मे पापा भी उन की पैसो से हेल्प करेंगे) चले गये.
अब हम घर मे अकेले थे पापा ने मुझे कहा जान तुम खुश हो मैने अपना वादा पूरा कर दिया. मैने मुस्करा के कहा मैं बहुत खुश हूँ अब हमे कोई डर नही है. पापा ने कहा आज से तुम मुझे पापा नही कहोगी आज से हम दुनिया वालो के सामने हज़्बेंड और वाइफ हैं. मैने कहा आप ही मेरे हज़्बेंड हैं और मैं आप की वाइफ और हम दोनो हँसने लगे.पापा ने कहा आज हम बाहर घूमने जाएँगे और रात का खाना बाहर खाएँगे. मैने खाना बनाया खाने खाने के बाद पापा रेस्ट करने लगे मैं घर की सफाई करने लगी.शाम को मैं नहा धो के तैयार हुई और पापा को उठा के बाथ लेने भेजा मैं उन के कपड़े पहले ही रेडी कर चुकी थी. हम लोग बाहर घूमने निकले काफ़ी देर तक न्यूली मॅरीड कपल की तरह फिरते रहे फिर खाना खाया और घर आए.
घर आते ही पापा ने मुझे उठा लिया और रूम मे ले जाने लगे लगे मैने कहा मुझे छोड़ के आप रूम मे जाए मैं अभी आई.
पापा ने मुझे छोड़ दिया और रूम मे चले गये.मैं किचिन मे आई और दूध गरम कर के ग्लास मे डाला. फिर मेरे ज़हन मे आइडिया आया मैने अपने कपड़े उतारे और नंगी हो गई और दूध का ग्लास ले के रूम मे आई. मैं पापा को देख के बहुत हैरान हुई पापा भी नंगे बेड पर लेटे थे और उन का लंड खड़ा हो के उन के पेट को लग रहा था. मुझे नंगा देख के तो पापा बहुत खुश हुए फिर मेरे हाथ मे दूध का ग्लास देख कर बोले जान इस की क्या ज़रूरत थी.
मैने मुस्करते हुए ग्लास पापा को दिया और उन का लंड पकड़ कर प्यार से कहा दूध की ज़रूरत इस को है ये इतनी मेहनत जो करता है.
पापा ने फॉरन जवाब दिया इस को इतनी टाइट चूत और गान्ड मिली है इस लिए ये खुशी से मेहनत करता है.
मैने पापा के पी होल को सहला कर पापा से कहा आप भी सोचते होगेकि मैं कितनी चुदक्कड़ हूँ हर टाइम चुदवाने को तैयार रहती हूँ.
पापा दूध पी चुके थे उन्होने मेरे निपल को पिंच करते हुए कहा ये तो अच्छी बात है अगर तुम मेरा साथ ना देती तो हमारी मॅरीड लाइफ शुरू मे ही बोर हो जाती.
मैने जवाब दिया मैं जानती हूँ कि आप को मेरे जिस्म की ज़रूरत है और मैं मोम वाली ग़लती नही करना चाहती और जब मैं आप से चुदवा ही चुकी हूँ तो बार बार चुदवाने मे शरम कैसी जब मेने आप को दिल से अपना पति मान लिया है तो फिर चुदवाने में कैसी शर्म अब आप ही मेरे सब कुछ हैं और जितना प्यार आप मुझे देते हैं मेरा भी तो फ़र्ज़ बनता है उतना प्यार आप को देने का.
मेरी ये बात सुन कर पापा थोड़ी देर खामोश हो गये फिर बोले जान एक बात से मैं परेशान हूँ.
मैने पूछा क्या बात है?
पापा ने कहा तुम एज मे बहुत छोटी हो और मैं काफ़ी बड़ा हो पता नही मैं तुम्हें खुश रख पाउन्गा कि नही.
मैं पापा के लंड को छोड़ कर उन की चेस्ट से चिपक गई और कहा एज से क्या फरक परता है अगर मैं आप से खुश ना होती तो मोम को क्यूँ निकलावाती ?आप का ये केला तो बहुत ही मस्त ही मेरा तो दिल करता हैं अब आप से चिपकी रहूं मैं तो चाहती हूँ कि आप से पूरा पूरा मज़ा लूँ.फिर मैं पापा के सामने बैठ गई और लेग्स को ओपन कर के अपनी चूत के लिप्स देखते हुए कहा आप तो अभी भी जवान हैं आप के लंड का असर है जिस ने थोड़े दिनो मे मेरी चूत को निखार दिया है. कुछ दिन पहले तक मेरी चूत के लिप्स अंदर को थे और चिपके हुए थे लेकिन जब से आप का लंड लिया है देखें ये कैसे उभर गये हैं लाइफ का असल मज़ा तो अब मिला है.
पापा बोले रियली?
मैने उन को झप्पी डाल दी और कहा यस. हम दोनो के नंगे जिस्म साथ मिले हुए थे आज की रात के प्यार का मज़ा ही अलग था पहली बार जब करवा रही थी तो ज़हन मे बहुत सी बातें थी कि ये काम ग़लत है, कैसे करवा पाउन्गी पापा से? और जब पापा का गधे जैसा लंड पहली बार देखा था तो डर लग रहा था कि ये इतना लंबा मोटा है मेरी चूत तो फाड़ के रख दे गा. लेकिन अब तो बस जल्दी से लंड को चूत मे ले के प्यार करने का मन कर रहा था.
मैने उन को झप्पी डाल दी और कहा यस. हम दोनो के नंगे जिस्म साथ मिले हुए थे आज की रात के प्यार का मज़ा ही अलग था पहली बार जब करवा रही थी तो ज़हन मे बहुत सी बातें थी कि ये काम ग़लत है, कैसे करवा पाउन्गी पापा से? और जब पापा का गधे जैसा लंड पहली बार देखा था तो डर लग रहा था कि ये इतना लंबा मोटा है मेरी चूत तो फाड़ के रख दे गा. लेकिन अब तो बस जल्दी से लंड को चूत मे ले के प्यार करने का मन कर रहा था.
पापा भी और इंतज़ार करने के मूड में नहीं थे. उनका लंड तेज़ तेज़ झटके खा रहा था और पूरी तरह खड़ा होकर मेरी तरफ़ इशारा कर रहा था. उन्होंने मुझे अपने गले से लगाकर जोर से चिपटा लिया और फिर धीरे से बिस्तर पर लिटा दिया. मेरे होंठों पर अपने गर्म होंठ रख दिए. उनके होंठ मेरे होंठों को चूसने लगे. उनकी ज़ुबान मेरी ज़ुबान से टकराई और हम दोनों एक दूसरे के मुंह का रस चूसने लगे. उनके हाथ मेरे बूब्स पर थे. वे उन्हें ज़ोर ज़ोर से मसल रहे थे. मेरी निप्पल्स सख्त होकर खड़े हो गए थे. पापा उन्हें अपनी उंगलियों से पिंच कर रहे थे. हर पिंच पर मेरे मुंह से आह निकल जाती थी. मेरी चूत नीचे गरम हो चुकी थी और उसमें से लगातार गीला पानी निकल रहा था. मेरी जांघों के बीच पूरी तरह भीग चुकी थी.
मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी. हम दोनों एक दूसरे में पूरी तरह गुम हो चुके थे. ज़ोर ज़ोर से एक दूसरे के होंठों का रस पी रहे थे. काफ़ी देर तक हम इसी तरह गहरी किसिंग करते रहे. फिर पापा मेरे बूब्स पर आ गए. उन्होंने उन्हें दोनों हाथों से जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया. मज़े की वजह से मेरी हालत खराब हो रही थी. मेरे पूरे शरीर में सनसनी दौड़ रही थी. नीचे मेरी चूत और भी ज़्यादा गीली हो गई थी. मेरे मोटे मोटे निप्पल अब पूरी तरह हार्ड हो चुके थे. पापा उन्हें बार बार पिंच करते तो मज़े के मारे मेरे मुंह से लंबी आह निकल जाती. मैं लेटी हुई थी और पापा मेरे बगल में बैठे अपनी बेटी के बूब्स से खेल रहे थे. उनका लंबा मोटा लंड खड़ा होकर किसी भयानक सांप की तरह फुंकार मार रहा था. उसकी नोक पर चमकदार प्रीकम की एक बूंद चमक रही थी.
मुझे लंड को इस तरह घूरते देखकर पापा ने मुस्कुराते हुए पूछा, ऐसे क्या देख रही हो बेटी? मैंने बड़ी अदा से जवाब दिया, पापा आपका लंड तो बहुत ताकतवर है. उम्र ने भी इस पर कोई असर नहीं किया. इस पर पापा हंस पड़े. उन्होंने कहा, ये पता नहीं कितनी चूतों की सैर कर चुका है. बहुत सी चूतों का दूध पी चुका है. इसी लिए तो ये इतना जवान और तगड़ा है. लेकिन जो मज़ा तुम्हारी कंवारी टाइट चूत की सील तोड़ने में मिला था वो किसी और चूत ने नहीं दिया. इसी लिए तो ये अब तुम्हारी चूत का गुलाम बन गया है. मेरा दिल पापा के लंड को चूसने का बहुत कर रहा था. मैंने कहा, पापा आप अब रुकें. मैं आपके लंड को चूस के चुदाई के लिए पूरी तरह तैयार करती हूं.
पापा रुक गए. जैसे ही मैं उठने लगी उन्होंने मुझे लेटे रहने का इशारा किया. मेरे सिर के नीचे दो तकिए और रख दिए ताकि मेरा सिर ऊंचा हो जाए. फिर वे मेरी छाती पर चढ़ गए. अपना लंड मेरे होंठों से लगा दिया. मैं लंड चूसने के लिए बेताब थी. मैंने जल्दी से मुंह खोल दिया और लंड की टोपी को अपने गर्म मुंह में ले लिया. पापा ने मुझ पर चढ़े हुए ही लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया. हम दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था. पापा की भारी बॉल्स लंड के अंदर बाहर होने की वजह से मेरी ठुड्डी से बार बार टकरा रही थीं. उनकी गर्मी और मस्की खुशबू मेरे नथुनों में भर रही थी.
काफ़ी देर तक पापा मेरे मुंह को लंड से चोदते रहे. वे हटने वाले थे कि मैंने उनसे कहा, पापा आप मेरे चेहरे पर थोड़ा ऊपर हो जाएं. पापा ने वैसा ही किया. अब उनकी बॉल्स मेरे चेहरे से थोड़ी दूरी पर लटक रही थीं. मैंने अपनी ज़ुबान बाहर निकाली और उनकी बॉल्स पर धीरे धीरे फेरना शुरू कर दिया. पापा तो मस्त हो रहे थे. उनकी सांसें तेज़ हो गई थीं. काफ़ी देर तक पापा की बॉल्स चाटने के बाद जब मैं थक गई तो मैं रुक गई. पापा समझ गए और मेरे चेहरे से हट गए. वे मेरे बगल में लेट गए और मेरी गर्दन व चेहरे पर प्यार भरी किस करने लगे. मेरा तो बस नहीं चल रहा था. मैं किसी तरह लंड को अपनी चूत में लेना चाहती थी.
पापा अपनी गर्म ज़ुबान से मेरे बूब्स चाट रहे थे. बीच बीच में मेरे निप्पल को दांतों से हल्का सा काट लेते थे. मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ रही थी. मैं बहुत चुदासी हो चुकी थी और चुदवाने के लिए तड़प रही थी. लेकिन लगता था पापा अभी लंड पेलने के मूड में नहीं थे. उन्होंने मेरे बूब्स छोड़ दिए और मेरी बगलों को सूंघने लगे. फिर चाटने लगे. उन्होंने कहा, जान तुम्हारे पसीने की स्मेल और टेस्ट तो मुझे पागल कर देते हैं. थोड़ी देर मेरी बगलों को चाटने के बाद पापा मेरे पेट पर किसिंग करने लगे. आहिस्ता आहिस्ता नीचे सरकते हुए वे मेरी चूत पर पहुंच गए. मेरी जांघें बंद थीं इसलिए मेरी चूत की सिर्फ़ पतली लाइन दिख रही थी.
पापा ने उस लाइन पर अपनी ज़ुबान फेरनी शुरू कर दी. मज़े की वजह से मैंने अपनी जांघें अपने आप खोल दीं. पापा ने चूत पर अपने होंठ रख दिए और धीरे धीरे चाटने लगे. मैं मस्ती में अपने चूतड़ पटक रही थी. जैसे ही पापा ने मेरी चूत की क्लिट को होंठों से दबाकर चूसा मुझे लगा मैं कंट्रोल नहीं कर पाऊंगी. और वैसा ही हुआ. मेरा पूरा शरीर अकड़ गया. मेरी चूत ने जूस बाहर निकालना शुरू कर दिया. मेरी आंखें बंद थीं. पापा अपनी ज़ुबान से चूत का सारा जूस चाट रहे थे. जब पानी निकल गया तो पापा ने मुझे उल्टा लिटा दिया. मेरे चूतड़ों को चाटने लगे. फिर हाथों से चूतड़ों को फैला कर अपनी ज़ुबान से गांड के होल को चाटने लगे. मज़े से मेरे मुंह से सिसकारियां निकल रही थीं. मैं चूतड़ उठा उठाकर पापा से अपनी गांड का होल चटवा रही थी.
पापा की ज़ुबान के जादू से मैं फिर से गरम हो रही थी. जब पापा अच्छी तरह गांड चाट चुके तो बोले, क्या ख़याल है लंड को तुम्हारी चूत की सैर करवाई जाए? मैंने फौरन कहा, जल्दी डाल दें अपने इस लंड को मेरी चूत में. मुझसे अब और सहा नहीं जाता पापा. पापा मुस्कुराए और बोले, ऐसे नहीं. आज तुम्हारी चूत में लंड नए अंदाज़ से पेलूंगा. यह कहकर पापा सीधे लेट गए. हाथ से लंड को पकड़कर सीधा खड़ा किया. मुझे कहा, लंड को चूत के होल पर सेट करके इस पर बैठ जाओ.
मैं पापा के ऊपर आ गई. लंड को अपनी चूत पर सेट किया और धीरे धीरे बैठने लगी. पापा का लंड मोटा और लंबा होने की वजह से बहुत मुश्किल से धीरे धीरे अंदर जा रहा था. पापा ने मेरी कमर को मजबूती से पकड़ा. लेटे लेटे अपने चूतड़ उछालकर एक ज़ोरदार धक्का मारा. लंड पच की आवाज़ के साथ पूरी तरह अंदर चला गया. मैंने कहा, हाइईईईई मर गई. आराम से डालें. पापा ने मेरे चूतड़ पर थप्पड़ मारकर कहा, कंजरी लंड तो चला गया तेरी भोसड़ी में. बहुत लंड लंड कर रही थी. अब लंड का मज़ा इस पर ऊपर नीचे होकर ले. पापा के मुंह से कंजरी शब्द सुनकर मुझे बहुत मज़ा आया. मैंने कहा, हां मैं आपकी कंजरी हूं. आपकी रंडी हूं मेरे राजा. लो करवा दो मुझे अपने इस मस्त मोटे लंड की सैर. और मैं लंड पर बैठकर ऊपर नीचे होने लगी.
क्योंकि मैं लंड पर बैठकर अंदर ले रही थी इसलिए लंड जड़ तक मेरी चूत की गहराई में जा रहा था. मुझे इससे बहुत मज़ा मिल रहा था. जब लंड अंदर जाता तो मैं अपनी चूत की दीवारों से उसे जोर से दबा देती. इससे पापा को भी बहुत मज़ा आता था. काफ़ी देर तक इसी तरह मेरी चुदाई होती रही. फिर पापा ने मुझे लंड पर से उठने को कहा. मैं लंड पर से उठ गई. पापा का लंड मेरी चूत के माल से पूरी तरह सना हुआ था. पापा उठे और मुझे झुकाकर मेरी गांड के होल पर हाथ फेरने लगे. मैं समझ गई कि अब वे मेरी गांड चोदेंगे. और वैसा ही हुआ.
पापा ने पहले मेरी गांड में थोड़ी देर उंगली की. फिर अपना थूक गांड के होल पर लगाया. लंड की टोपी होल पर रख दी. मेरी कमर पकड़कर जोरदार धक्का मारा. लंड की टोपी तक अंदर घुस गई. मेरी गांड ने लंड को कसकर जकड़ लिया था. पापा ने मेरे बूब्स पकड़ लिए और उन्हें दबाने लगे. थोड़ी देर बाद पापा ने एक और ज़ोरदार धक्का मारा. लंड मेरी गांड में रगड़ता हुआ और अंदर चला गया. धक्का इतना तेज़ था कि मैं लड़खड़ा गई. लेकिन पापा ने मेरी कमर को मजबूती से पकड़ रखा था इसलिए मैं संभल गई.
पापा लंड पेलने लगे थे. पहले थोड़ी देर धीरे धीरे लंड पेलते रहे. मुझे भी मज़ा आने लगा था. मैं भी अपने चूतड़ पीछे की तरफ़ उछाल उछालकर लंड को अंदर ले रही थी. अब लंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था. पापा ने स्पीड बढ़ा दी थी. हम दोनों के शरीर पसीने से भीग गए थे. हम दोनों के पसीने की स्मेल ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया था. हम एक दूसरे में पूरी तरह गुम थे. हम भूल गए थे कि हमारा रिश्ता क्या है. हम तो सब भूलकर एक दूसरे को प्यार दे रहे थे.
थोड़ी देर और पापा ने मेरी गांड को चोदा. फिर लंड निकालकर पीछे से ही मेरी चूत में डाल दिया. मेरी चूत पहले से ही बहुत गीली थी इसलिए लंड आसानी से अंदर चला गया. पापा बहुत जोर जोर से लंड चूत में पेलने लगे. साथ में मेरे बूब्स भी दबा रहे थे. ऊपर नीचे के इस मज़े से मैं पागल हो रही थी. थोड़ी देर में ही मैं और पापा एक साथ फारिग हो गए. हम दोनों की सांसें तेज़ थीं. जब पापा ने लंड बाहर निकाला तो मैं जल्दी से बेड पर लेट गई क्योंकि मैं बहुत थकावट महसूस कर रही थी. पापा भी मेरे साथ लेट गए. हम दोनों ने थोड़ी देर रेस्ट किया फिर उठ के बाथ रूम गए वहाँ सफाई की और बेड पर एक दूसरे को झप्पी डाल के नंगे ही सो गए.
मोम के जाने से हम लोग आज़ाद हो गये थे हमने वो शहर छोड़ दिया ऑर हम एक दूसरी जगह आ कर रहने लगे किसी का डर नही था इस लिए पापा ने मुझे वहाँ सब सब लोगो के सामने अपनी वाइफ ही शो किया था. नये शहर की हवा में आजादी की महक थी। पापा ने मुझे बाजार में सबके सामने अपनी बाहों में कसकर खींचा और जोर से बोले यह मेरी वाइफ है। लोग घूर कर देख रहे थे मेरा चेहरा लाल हो गया था लेकिन डर नाम की कोई चीज नहीं बची थी। उनकी निगाहें मेरे भरे हुए बूब्स पर और कसकर सटी हुई कमर पर टिक रही थीं। मैं पापा के सीने से सटकर खड़ी थी उनकी उंगलियां मेरी कमर पर दब रही थीं और मुझे गर्व महसूस हो रहा था। अब कोई छुपाने की जरूरत नहीं थी।
मेरे और पापा का रियल रिश्ता जो कुछ भी था इस से अब कोई फरक नही परता था क्यूँ कि अब तो मैं पापा की वाइफ की कमी को पूरा कर रही थी। पिछले दिनो जो कुछ भी हुआ था उस के बाद अब हमारे दरमियाँ जो बाप-बेटी का रीलेशन थोड़ा बहुत था अब वो बिल्कुल ख़त्म हो गया था। अब तो हम खुल कर हज़्बेंड और वाइफ बन चुके थे। लाइफ ने अजीब मोड़ लिया था मैं पापा को रियल हज़्बेंड की तरह चाहने लगी थी। उनकी ज़रूरतों का ख़याल रखती पापा भी मेरा पूरा साथ दे रहे थे और अपने मज़े की सारी सेक्सी आक्टिविटीस को छोड़ कर मुझे वाइफ बना कर हज़्बेंड का प्यार दे रहे थे। हमारी लाइफ बहुत अच्छी चल रही थी दिन रात प्यार भरी चुदाई का सिलसिला शुरू हो चुका था।
हर शाम पापा घर आते ही मुझे बेडरूम में घसीट ले जाते। पहले वो मेरे होंठों को चूसते उनकी गर्म सांसें मेरे चेहरे पर पड़तीं जीभ मेरी जीभ से उलझ जाती और लार का मीठा स्वाद मुंह में भर जाता। फिर वो मेरे ब्लाउज के हुक खोलकर मेरे भरे बूब्स को बाहर निकालते दोनों हाथों से उन्हें जोर जोर से मसलते निप्पल्स को उंगलियों के बीच दबाते और मुंह से चूसने लगते। मेरे बूब्स की नसें फड़क उठतीं और चूत से गर्म रस बहने लगता। पापा के लंड की मेहनत से मेरा जिस्म भरने लगा था। वो मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी टांगें चौड़ी करते अपनी जीभ से मेरी चूत की कली को चाटते जीभ अंदर डालकर हिलाते और चूत के रस को चूस चूस कर पीते। मैं कराहती हुई उनकी गर्दन पकड़कर अपने आप को उनकी जीभ पर दबाती।
जब मेरी चूत पूरी तरह गीली और फूल जाती तो पापा अपना मोटा सख्त लंड बाहर निकालते पहले उसकी गर्मी मेरी चूत पर रगड़ते फिर एक लंबा झटका देकर पूरा का पूरा अंदर धकेल देते। मेरी चूत की दीवारें उनके लंड को जकड़ लेतीं दर्द और मजा का तूफान उठता। वो धीरे धीरे पिस्टन की तरह अंदर बाहर करने लगते हर ठेलने पर अंडे मेरी गान्ड से टकराते और चिकनी चुदाई की आवाज पूरे कमरे में गूंजती।
मेरे बूब्स उछल उछल कर उनके मुंह से टकराते वो उन्हें चूसते हुए और तेजी से धक्के मारते। मेरी सांसें हांफने लगतीं पसीना हमारे बदन को चिपकाता और आखिर में जब उनकी लंड की नसें फड़कतीं तो गरम गरम वीर्य मेरी चूत में उड़ेल देते। मेरी चूत सिकुड़कर उनके लंड को निचोड़ती और मैं जोर से चीखकर झड़ जाती। मेरे बूब्स पहले से बड़े हो गये थे गान्ड भी उभर के बाहर निकल आई थी और चूत भी कली से खिल के पूरा फूल बन गई थी।
मैं अब दिखने मे अपनी एज से बड़ी लगने लगी थी। चुदाई का ये सिलसिला 1 मंत और चला कि मेरी तबीयत एक दिन खराब हो गई। पापा ऑफीस मे थे कि अचानक मुझे वॉमिटिंग होने लगी मैने पापा को फ़ोन कर के अपनी तबीयत का बताया तो पापा लीव ले कर घर आ गये और मुझे डॉक्टर के पास ले गये। डॉक्टर ने कुछ टेस्ट कर के पापा को बताया कि आप की वाइफ प्रेगनेंट है। पापा तो ख़ुसी से पागल हो गये थे जब कि मैं बहुत ब्लश हो गई थी डॉक्टर की बात सुन कर। घर आ कर पापा ने मुझे झप्पी डाल कर मेरे लिप्स पर किस करते हुए कहा जान तुम ने मुझे आज बहुत बड़ी खुशी दी है। मेरी प्रेग्नेन्सी स्टार्ट हो गई थी इस हालत मे पापा ने मेरे काम करने पर पाबंदी लगा दी थी और एक मैड को घर के काम के लिए रख लिया था।
पापा बहुत खुश थे मेरे आराम का पूरा पूरा ख़याल रख रहे थे। सेक्स मे भी पापा ने पूरी तरहा केयर की थी जिस की मुझे उम्मीद नही थी। लेकिन हमें अपने बेबी के लिए केयर तो करनी ही थी। प्रेग्नेन्सी के इस पीरियड मे पापा मेरे बूब्स चुसते चूत और गान्ड चाटते जिस के जवाब मे मैं उन के लंड को चूस्ति थी। पापा मेरे अब और भी संवेदनशील हो चुके बूब्स को नरम हाथों से सहलाते फिर मुंह लगाकर निप्पल को धीरे धीरे चूसते कभी जोर से चबाते जिससे मेरे बदन में करंट दौड़ जाता और चूत से रस टपकने लगता। उनकी जीभ मेरी फूली हुई चूत पर फिरती क्लिटोरिस को घेरती अंदर उंगलियां डालकर गति देती मैं बिस्तर पर लेटकर कमर उठा उठा कर कराहती।
गान्ड चाटते वक्त वो मुझे पेट के बल लिटा देते मेरी गान्ड की गोल लकीरों को चूमते होल पर गर्म सांसें फेंकते और जीभ अंदर डालकर नचाते मैं रोमांच से थरथरा उठती। जवाब में मैं उनके घुटनों के पास बैठ जाती उनका मोटा लंड मुंह में लेती जीभ से सिर को चाटती नसों को सहलाती पूरा गला तक ले जाती और उनके अंडों को नरम हाथ से दबाती। उनके मुंह से आहें निकलतीं और वीर्य का स्वाद मेरे गले में उतरता। हमारे पास एक दूसरे को प्यार देने का ये रास्ता तो ओपन था ही।
कुछ मंत्स तो ऐसे ही चलता रहा लेकिन इस तरह चूत और लंड की आग कम तो नही हो सकती थी। इतने अरसे चुदाई के बगैर मेरी तो हालत ही खराब थी दूसरी तरफ पापा का भी ये ही हाल था। प्रेगञेंसी के दिनो मे पापा का जब दिल चाहता वो मेरी गान्ड मार क अपने लंड की आग बुझा लेती। वो मुझे साइड में लिटाते मेरी एक टांग ऊपर उठाते थूक से मेरी गान्ड का होल गीला करते पहले एक उंगली फिर दो उंगलियां अंदर डालकर फैलाते।
मैं दांत भींचकर सांस रोक लेती। फिर उनका मोटा लंड सिर मेरे होल पर रखकर धीरे धीरे दबाते मेरी गान्ड की मांसपेशियां खिंचतीं जलन और भराव का अहसास होता लेकिन मजा भी साथ में बढ़ता। पूरी लंबाई घुस जाने पर वो रुककर मेरे बूब्स दबाते फिर धीरे धीरे ठेलने लगते हर धक्के पर मेरी गान्ड उनके पेट से टकराती और चिकनी आवाज निकलती। मेरी आंखें बंद हो जातीं मैं कराहती “पापा और जोर से” कहती। उनके लंड की नसें फड़कतीं और आखिर में गरम वीर्य मेरी गान्ड के अंदर उड़ेल देते। गान्ड से रस बहता हुआ मेरी जांघों पर गिरता और मैं संतुष्ट होकर उनकी छाती से लिपट जाती।
मुझे भी गान्ड मारने की आदत हो गई थी और मुझे इस मे बहुत मज़ा आने लगा था। मैने पापा से वादा लिया कि वो बच्चा होने के बाद भी चूत के साथ मेरी गान्ड भी मारा करेंगे। पापा ने शलवार के अंदर हाथ डाल कर मेरी गान्ड के होल को सहला कर कहा जान तुम्हारी गान्ड है ही इतनी मस्त कि अगर तुम ना भी मरवाने का कहती तो तब भी मैं तुम्हारी गान्ड मारता. क्यूकी मेरी गान्ड अब काफ़ी भर गयी थी ऑर बाहर की तरफ निकल आई थी 9 महीने कब गुज़रे पता ही नही चला और मैने एक बच्चे को जनम दिया. पापा और मैं दोनो बहुत खुश थे. अब बच्चे के होने की वजह से काम बढ़ गया था इस लिए पहले की तरह रोज़ चुदाई नही हो पाती थी लेकिन पापा और मैं वीक में 3/4 बार में सारी कसर निकाल लेते थे. वो उस रात मुझे सोने ही नही देते थे मेरा फिगर पहले से भी भरा और खूबसूरत हो गया था. गान्ड भी एसी हो गई थी कि जब मैं चलती तो लोग खुद मेरी गान्ड पे गौर करते. लाइफ मे ठहराव आता जा रहा था इसी तरह.
1 साल के बाद मैं फिर प्रेगनेंट हो गई इस बार हमारे लड़की पैदा हुई. अब 2 बच्चो के साथ काम पहले से डबल था लेकिन हम खुश थे. इसी तरह मेरी और पापा की चुदाई की निशानियाँ यानी हमारे बच्चे बड़े हो गये और उन की स्कूलिंग स्टार्ट हो गई. अब मैं एक टिपिकल हाउस वाइफ हूँ पापा और बच्चो के साथ खुश हैं.
अपने कॉमेंट्स मे ज़रूर बताइयेगा कि आप लोगो को मेरी स्टोरी कैसी लगी.
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