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ट्यूशन वाले भैया का काला लंड बहन के मुंह में

Behan ki chudai sex story, Tuition wale bhaiya sex story: मेरा घर गाँव में है पर मैं शहर में रहता हूँ और पढ़ाई करता हूँ. अभी मैं कॉलेज में हूँ साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी करता हूँ. घर में माँ पापा और हम तीन भाई बहन हैं. पापा एक किसान हैं माँ घरेलू महिला हैं.

हम सब भाई बहन पढ़ते हैं. मुझे एक छोटी बहन है जो अब 18 साल की हो चुकी है और बारहवीं कक्षा में पढ़ती है. एक छोटा भाई है जो सातवीं में है.

यह दोनों गाँव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं. मेरी बहन गर्ल्स स्कूल में जाती है जो हमारे घर के पास ही है. अब सभी को ये पता है सरकारी स्कूल में कितनी पढ़ाई होती है. बहुत ही कम. वहाँ की पढ़ाई से अब कोई पास कर जाए वह बहुत बड़ी बात है.

यही कारण है कि आज बहुत से कोचिंग और ट्यूशन बड़े स्तर पर चल रहे हैं. गाँव में ज्यादातर होम ट्यूशन भी चलता है. मैं भी जब तक दसवीं पास करके शहर नहीं आ गया एक भैया मुझे और मेरे भाई बहन को ट्यूशन पढ़ाने आते थे जिसका नाम इमरान है.

वो हमारे ही गाँव के हैं. अच्छे पढ़े लिखे हैं. हमारे अलावा और भी कई घरों में जाकर ट्यूशन देते हैं बच्चों को. मेरे बाद वो मेरे छोटे भाई बहन को ट्यूशन पढ़ाते हैं. इमरान भैया देखने में ठीक ठाक हैं. अच्छी बॉडी है. रंग सांवला है पर हैंडसम लगते हैं. पढ़ाते समय थोड़ा सख्ती से भी पेश आते हैं.

लड़की को तो सिर्फ डाटकर छोड़ देते हैं पर लड़के को वो बहुत पीटते हैं. मुझे तो इतना मारते थे कि मैं उनके डर से पैंट में मूत देता था. उनके डर के कारण ही मैं दसवीं के बाद से घर पर जाना ही बंद कर दिया और शहर में रूम लेकर रहने लगा.

जब मैं घर से यहाँ शहर में रहने आया तब मेरी छोटी बहन निमरत दसवीं में पढ़ती थी. अब वह 18 साल की जवान हो चुकी है. निमरत बचपन से ही देखने में बेहद खूबसूरत थी. मैं घर तो नहीं जाता था पर मेरे माँ पापा मुझसे मिलने आते रहते थे.

मैं रोज सुबह रूम से पहले कॉम्पिटिशन का क्लास जाता. वहाँ से कॉलेज. उसके बाद दोपहर तक रूम पर पहुंचकर खाना बनाकर खाता. और थोड़ा पढ़ने बैठता. पढ़ते हुए मुझे नींद आ जाती है तब मैं कुछ देर सो लेता. फिर उठाता और लाइब्रेरी चला जाता. वहाँ से रात के दस बजे फिर रूम पर आकर खाना बनाता और खाकर सो जाता. यही मेरा रोज का रूटीन है.

मेरा कॉलेज शहर से बीच में है. एक चौराहे पर है. तो अभी कुछ दिन पहले मैं जब कोचिंग करके कॉलेज जा रहा था और मैं बता दूं मेरे पास एक साइकिल है. मैं उसी से कोचिंग कॉलेज और लाइब्रेरी जाता हूँ. तो मैं कॉलेज जा ही रहा था कि मैंने देखा मेरे आगे एक बाइक वाला आया. उसपर एक स्कूल ड्रेस में लड़की बैठी थी. उसने चेहरे पर एक स्कार्फ बांध रखा था. पीठ पर स्कूल बैग लटका था.

वो बाइक वाले लड़के को ऐसे पकड़े हुए थे जिससे पता लग रहा था दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हों. यह शहर में आम बात है इसलिए मैं ज्यादा ध्यान नहीं दिया. मैं उनके पीछे आ रहा था तभी मेरी नजर बाइक के नंबर प्लेट पर गई. उसे देखते ही उत्सुक हो गया यह जानने के लिए कि बाइक पर कौन है. क्योंकि वह बाइक इमरान भैया की थी.

और मैंने बहुतों के मुंह से यह सुना था कि वो गाँव की बहुत लड़कियों और औरतों को चोद चुके हैं. तो मुझे लगा वो आज फिर किसी को शिकार के लिए ले जा रहे हैं. तो मैं उनके पीछे लग गया. शहर के ट्रैफिक का तो जानते ही हैं कितना भीड़ रहता है. इसलिए वो लोग तेजी से नहीं जा पा रहे थे.

इसलिए मैं उनके पीछे लगा रहा. वो दोनों मेरे कॉलेज से सात किलोमीटर आगे एक लवर्स पार्क है. वहाँ रुके. मैंने देखा कि बाइक इमरान भैया ही चला रहे थे. वो बाइक एक तरफ लगाने लगे और वो लड़की दूर खड़ी उनको बाइक लगाते देख रही थी. वो कुछ देर बाद अपने चेहरे का स्कार्फ हटा दी. और जैसे ही हटाई.

मेरा दिल धक से किया और रुक गया. वो लड़की निमरत थी. इमरान भैया उसे लेकर पार्क में चले गए. मैं वही दूर खड़ा उनको पार्क में जाते देखता रहा. मुझे समझ तो आ गया था वो क्यों आए हैं. मेरा तो दिल टूट गया था.

तो अभी कुछ दिन पहले मैं कॉलेज से रूम पर जा रहा था. समझ में नहीं आ रहा था क्या करूं. मैं गुस्से में पार्क में घुस गया. सोचा मैं जाकर दोनों को पीटूंगा या उनको डांटूंगा. पर मैं जैसे ही अंदर गया.

देखा मेरी बहन इमरान भैया के गले लगी हुई थी. वो भैया की छाती तक ही आ रही थी. निमरत का उम्र भले कम था पर वो जवान हो गई थी और जिस तरह से भैया से लिपटी हुई थी.

उसे देखकर लग रहा था वो सेक्स के बारे में सब कुछ जानती है और उनका यह पहली बार नहीं था. निमरत स्कूल ड्रेस में थी. एक ब्लू छोटी स्कर्ट और उजले शर्ट पहने हुए थी. भैया गले लगे हुए ही निमरत के स्कर्ट में हाथ डालकर उसके गांड को दबा रहे थे.

फिर वो उसकी पैंटी खोल के अपने हाथ में लपेट के खड़े हुए और किस करने लगे. कुछ देर वो किस करते रहे. फिर निमरत को घुमा के अपने गले से लगा लिए. निमरत की पीठ भैया की छाती से चिपक गई और गांड उनके पैंट के ऊपर से ही खड़े लंड को छूने लगी.

भैया ऐसी पोज में निमरत के चूची को शर्ट के ऊपर से ही मसलने लगे. निमरत सीसी करने लगी पर उन्हें वो रोक नहीं रही थी. काफी देर चूची मसलते रहे. फिर उसके शर्ट के बटन खोल के चूची हाथ में लेकर मसले.

मैं पहली बार किसी की नंगी चूची को देख रहा था. मैं बहुत उत्तेजित महसूस करते हुए पैंट में ही वीर्य गिरा दिया. वही इमरान भैया अब निमरत की चूची को एक एक करके मुंह में लेकर चूसते हुए बूर को पैंटी के ऊपर से ही धीरे धीरे सहला रहे थे.

जिससे निमरत गर्म हो रही थी और वो भैया के सर के बालों में उंगलियां फेर रही थी. वो नजारा काफी कामुक था. वीर्य के गिरने के बाद भी मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मैं आया था दोनों को यह करने से रोकने पर उनके रोमांस को देखकर मैं खुद देखने में लग गया था.

चूची चूसने और मसलने के बाद भैया मेरी बहन को नीचे बैठा दिए और अपने पैंट के अंदर से काला लंड मेरी बहन के आगे झुला दिए. उनका लंड देखकर मैं शॉक रह गया. कितना काला और मोटा था. लंबा इतना था कि मेरे लंड का दुगना लग रहा था. मैं सोचने लगा मेरी बहन यह कैसे लेती है.

भैया का लंड निमरत के पूरे हाथ में नहीं आ रहा था पर वो मुंह में लेकर चूसने की कोशिश कर रही थी. जितना अंदर जा रहा था वो अंदर ले रही थी. जैसे वो चूस रही थी उसे देखकर लग रहा था वो खूब लंड चुसी है. वो बड़े प्यार से लंड चूस रही थी.

पहले उनके आगे के भाग को मुंह में लेकर जीभ से चाटती और खेलती. फिर वो लंड मुंह में लेकर पूरा गीला करती. फिर हाथ से आगे पीछे करके मूठ मारती. और फिर मुंह में लेकर चूसती. यह सब वो काफी देर की जिससे भैया का लंड पूरा खड़ा होकर तैयार हो गया.

मुझे दूर से ही उनके लंड की नस तक दिख रहे थे. दोनों इधर उधर देखने लगे. जब उनको लगा कि कोई उन्हें देख नहीं रहा है तब भैया पेड़ का ओट लेकर बैठ गए. फिर निमरत उनके लंड को अपने बूर पर लगाकर अंदर लेने की कोशिश करने लगी. पर लंड इतना मोटा था कि अंदर जा ही नहीं रहा था.

तो निमरत नखरा करते हुए बोली यह तो अंदर जा ही नहीं रहा है छोड़ देते हैं. तब भैया बोले करोगी नौटंकी या बैठोगी. कितनी बार ले चुकी है फिर भी डर रही है. चलो बैठो नहीं तो कोई आ जाएगा.

निमरत जोर देकर भैया की गोद में लंड को बूर में अंदर लेते हुए बैठ गई. वो रोने लगी आहह जान बहुत दर्द दे रहा है निकालो इसे. पर भैया उसको गोद में बैठा लिए और सीने से लगा के बोले अब बस बैठी रही कुछ नहीं होगा.

निमरत बेसुध भैया के गले लगी हुई गोद में बैठी. स्कर्ट से पूरा ढका हुआ था. तो वहाँ से जो गुजरता उसे बस इतना ही दिखता था दो प्रेमी गले लगकर बैठे हुए हैं. पर उन्हें क्या पता था कि एक नन्ही सी जान कितने बड़े लंड पर बैठी है.

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