सौतेले पापा की गोद में बैठकर चूत गीली हुई

Sautela papa sex story, Beti chudai kahani, Step father fuck sex story, Beti ki seal todi sex story: मेरा नाम अंशिका है। मैं अब बीस साल की हूँ, कॉलेज में पढ़ती हूँ। काफी सुंदर और हॉट मानी जाती हूँ। लड़के मुझे देखते ही घूरने लगते हैं, हर कोई अपनी तरफ खींचने की कोशिश करता है। लेकिन मैं कभी किसी की तरफ आकर्षित नहीं हुई। मैं खुद को बहुत नाजुक समझती थी, जैसे कोई गुलाब की पंखुड़ी।

गोरी रंगत, लंबे काले बाल, गोल-गोल मजेदार गांड और ठीक-ठाक आकार की चूचियां। न ज्यादा बड़ी, न छोटी। मैं हमेशा सोचती थी कि ये सब मेरे होने वाले पति के लिए बचा कर रखूंगी। लेकिन जो होना था, वो हो गया। वो भी ऐसे रिश्ते से जो समाज में कभी जायज नहीं माना जाता। पर अब जो बीत गया, उसे मैं भूल नहीं सकती।

मेरे असली पापा की बहुत पहले मौत हो चुकी थी। मैं मम्मी की इकलौती बेटी हूँ। हम फरीदाबाद में रहते हैं। असली पापा हमें बहुत प्यार करते थे, मुझे गोद में बिठाकर प्यार करते थे। मम्मी ने फिर से शादी की। नए पापा मम्मी से बारह साल छोटे हैं और मुझसे सिर्फ दस साल बड़े। मतलब उम्र में हम तीनों के बीच ज्यादा फासला नहीं। वो न मम्मी के पति जैसे लगते, न मेरे पापा जैसे।

शायद मम्मी को बस अपनी शारीरिक जरूरत पूरी करनी थी, इसलिए उन्होंने इतने छोटे उम्र वाले से शादी कर ली। और नए पापा ने भी इसलिए शादी की क्योंकि मम्मी के पास गुरुग्राम में चार फ्लैट हैं और फैक्ट्री भी चलती है। मम्मी का मूल घर रांची है।

कल की बात है। मैं एक दिन पहले मम्मी से कह रही थी कि असली पापा मुझे कितना प्यार करते थे, गोद में बिठाते थे, लेकिन नए पापा तो कभी प्यार ही नहीं करते। ये बात मम्मी ने उनसे कह दी। तभी वो मुझे पास बुलाकर प्यार करने लगे। मेरे सिर पर हाथ फेरते हुए बोले,

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

“बेटी, मैं भी तुम्हें उतना ही प्यार करता हूँ। जैसे-जैसे मुझे पता चलेगा कि तुम्हें कितना प्यार चाहिए, मैं और ज्यादा प्यार करूंगा। मुझे समझने का मौका तो दो। अभी तो शादी को दो महीने ही हुए हैं।”

और उन्होंने मुझे गोद में बिठा लिया।

मैं चुपचाप बैठ गई। लेकिन अजीब सा लग रहा था। उनकी पैंट के अंदर उनका लंड खड़ा होकर मेरी गांड पर दबाव डाल रहा था। सख्त, गर्म और मोटा। तभी मम्मी नहाने चली गईं। उन्हें उसी दिन रांची जाना था, ट्रेन जल्दी थी, इसलिए जल्दी-जल्दी तैयार हो रही थीं। वो अकेले जा रही थीं क्योंकि नानी की तबीयत खराब थी और वहां कोई और नहीं था देखने वाला।

मैं और नए पापा घर पर ही रहने वाले थे। गोद में बैठे हुए मुझे अच्छा लगने लगा। पहली बार किसी पुरुष का लंड मेरे शरीर को इस तरह छू रहा था। एक अजीब सी सिहरन सी हो रही थी। मैं थोड़ा और पीछे सरक गई ताकि वो और दबाव महसूस हो। वो भी समझ गए। उन्होंने पैर थोड़े फैलाए और मुझे और गहराई से अपनी गोद में बिठा लिया।

करीब दस मिनट तक ऐसे ही बैठी रही। उनका लंड अब पूरी तरह खड़ा और मोटा हो चुका था। वो धीरे से बोले,

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

“उतर जाओ बेटी, मम्मी नहाकर आ रही होगी।”

मैं उठ गई। लेकिन मन डोल गया था। उनकी आंखों में भी वासना साफ दिख रही थी। वो मुझे कामुक नजरों से देख रहे थे। तभी मम्मी आ गईं और बोलीं,

“अंशिका, सही से रहना। मैं एक हफ्ते में वापस आ जाऊंगी। ठीक से रहोगी न?”

मैंने कहा, “हां मम्मी, कोई दिक्कत नहीं होगी।”

पापा ने भी कहा, “चिंता मत करो, यहां वो खुश रहेगी।”

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

मम्मी तैयार होकर निकल गईं। पापा उन्हें स्टेशन छोड़ने गए। मैं घर पर अकेली थी। मैंने पहले ही अपनी चूत के सारे बाल साफ कर लिए थे। पता था आज कुछ होने वाला है। मैंने अपनी सबसे सेक्सी लाल ब्रा और पैंटी पहनी, जो मेरी दोस्त ने गिफ्ट की थी। बाल धोकर अच्छे से सेट किए, काजल लगाया, होंठों पर हल्का लिपस्टिक। पूरी तरह तैयार।

दो घंटे बाद पापा वापस आए। मैं तब तक सेक्स कहानियां पढ़ रही थी। बाप-बेटी वाली कई कहानियां पढ़ीं, डर भी खत्म हो गया। मैं पूरी तरह तैयार थी। अगर उन्होंने जरा सा भी इशारा किया तो मैं आज अपनी चूत खुलवा ही लूंगी।

जैसे ही वो आए, मुझे देखा और हाथ फैलाकर गले लगने को कहा। मैं दौड़कर उनकी बाहों में समा गई। उन्होंने मुझे जोर से गले लगाया और होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। गर्म, नरम और भूखे होंठ। उन्होंने मेरे होंठ चूसे, जीभ अंदर डालकर मेरी जीभ से खेलने लगे। मैं भी जवाब दे रही थी, मेरी सांसें तेज हो गईं। वो मुझे उठाकर सीधे बेडरूम में ले गए। बिस्तर पर मुझे लिटाया और फिर से होंठ चूसने लगे। उनकी जीभ मेरे मुंह में घूम रही थी, मेरी जीभ को चूस रही थी। एक हाथ से मेरी चूचियों को ऊपर से दबा रहे थे, कपड़े के ऊपर से ही निप्पल को उंगली से रगड़ रहे थे। दूसरा हाथ मेरी कमर पर, फिर गांड पर फेर रहा था।

मैं पूरी तरह मदमस्त हो चुकी थी। बदन में आग लग रही थी। उन्होंने अपना टीशर्ट उतार दिया। उनकी चौड़ी छाती और मजबूत बाजू देखकर मेरी सांस और तेज हो गई। मुझे बैठाकर मेरी टॉप उतारी। लाल ब्रा में मेरी चूचियां उभरी हुई थीं। वो बोले,

“वाह क्या मस्त ब्रा है, कितनी सेक्सी लग रही हो बेटी।”

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

और ऊपर से ही ब्रा के कपड़े पर चूचियों को चूमने लगे। जीभ से कपड़े के ऊपर निप्पल को गीला कर रहे थे। फिर मेरी जींस का बटन खोला, ज़िप नीचे की और जींस उतार दी। अब मैं सिर्फ लाल ब्रा और पैंटी में थी। पैंटी पर पहले से ही गीला धब्बा दिख रहा था। वो पैंटी देखकर मुस्कुराए,

“देखो तो कितनी गीली हो चुकी हो।”

मैं शरमा गई लेकिन आंखों में वासना थी। मैंने उनके होंठ फिर से चूमे, जीभ अंदर डालकर चूसी। वो और उत्तेजित हो गए। मेरी ब्रा का हुक पीछे से खोला, ब्रा उतारी। मेरी चूचियां बाहर आ गईं, निप्पल सख्त और खड़े हुए। वो दोनों चूचियों को हाथों में भरकर दबाने लगे, निप्पल को उंगलियों से मसलने लगे। फिर मुंह में एक निप्पल लेकर चूसने लगे, जीभ से घुमाते हुए काटते हुए। मैं कराह उठी,

“आह्ह… पापा… ओह्ह… कितना अच्छा लग रहा है… चूसो और जोर से…”

दूसरी चूची को भी चूसने लगे। मैं उनके बालों में हाथ फेर रही थी। फिर वो नीचे आए, मेरी पैंटी उतारी। मेरी चूत पूरी गीली और साफ थी। वो बोले,

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

“गजब है, बिल्कुल साफ और गुलाबी। इतनी प्यारी चूत। तुम्हारी मम्मी तो कभी साफ नहीं करती।”

मैं मुस्कुराई। वो मेरी टांगें फैलाकर बीच में बैठ गए। जीभ से मेरी चूत की बाहरी होंठ चाटने लगे। फिर क्लिट पर जीभ घुमाई। मैं तड़प उठी,

“आह्ह… ओह्ह… पापा… वहां… हाय… बहुत मजा आ रहा है…”

उनकी जीभ तेजी से क्लिट पर घूम रही थी, चाट रही थी। फिर जीभ अंदर डालकर चूत के अंदर घुमाने लगे। मैं कमर उठा-उठाकर उनकी जीभ पर दबाव डाल रही थी। वो दो उंगली अंदर डालकर अंदर-बाहर करने लगे, दूसरी उंगली से क्लिट रगड़ रहे थे। मैं चिल्ला रही थी,

“आह… इह्ह… ओह्ह… और जोर से… उंगली और अंदर… आह्ह…”

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

मेरा बदन कांप रहा था। मैंने उनके पैंट का बटन खोला, ज़िप नीचे की और पैंट उतारी। उनका लंड बाहर आया। मोटा, लंबा, करीब सात इंच का, नसें उभरी हुईं, सुपारा लाल और चमकदार। मैंने उसे हाथ में पकड़ा, ऊपर-नीचे किया। फिर मुंह में लिया। पहले सुपारे को जीभ से चाटा, फिर धीरे-धीरे मुंह में लिया। आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। जीभ से पूरा लंड चाटा, अंडकोष को हाथ से सहलाया। वो कराहे,

“आह बेटी… कितना अच्छा चूस रही हो… गग्ग… गी… गी… और गहरा ले… ओह्ह…”

मैं और गहराई तक लेने लगी। वो मेरे बाल पकड़कर धीरे-धीरे मुंह में धकेलने लगे। मैं गले तक ले रही थी, आंखों में आंसू आ गए लेकिन मजा आ रहा था।

फिर मैं पीठ के बल लेट गई। वो मेरी टांगें कंधों पर रखकर ऊपर चढ़ गए। लंड मेरी चूत पर रगड़ा। सुपारा क्लिट पर टकरा रहा था। थूक लगाया, चूत के मुंह पर फैलाया। धीरे से सुपारा अंदर डाला। मुझे दर्द हुआ। मैं सिकुड़ गई,

“पापा… दर्द हो रहा है… धीरे… पहली बार है…”

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

“शांत हो जा बेटी, शुरू में थोड़ा दर्द होगा, फिर बहुत मजा आएगा। रिलैक्स करो।”

उन्होंने धीरे-धीरे दबाव डाला। सुपारा अंदर गया। फिर आधा लंड अंदर। मैंने दांत पीसे,

“आआअह्ह्ह… ओह्ह्ह… आउच… बहुत दर्द हो रहा है…”

खून निकलने लगा। आंसू बह रहे थे। वो रुक गए। मेरे होंठ चूमे, आंसू पोंछे। फिर बहुत धीरे-धीरे हिलाने लगे। सिर्फ सुपारा अंदर-बाहर। धीरे-धीरे दर्द कम होने लगा। चूत गीली होकर लंड को स्वीकार करने लगी। मैंने खुद कमर उठाई,

“आह्ह… अब… अब अच्छा लग रहा है… पापा… और अंदर…”

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

वो धीरे-धीरे पूरा लंड अंदर डालने लगे। फिर रफ्तार बढ़ाई। अब जोर-जोर से पेल रहे थे। बिस्तर हिल रहा था। हर धक्के पर मेरी चूचियां उछल रही थीं। वो बोलते जा रहे थे,

“मैं तो तुझे देखकर ही तेरी मम्मी से शादी की थी। वो तो बूढ़ी हो चुकी है, चोदने में मजा नहीं। अब तू ही मेरी असली बीवी है।”

मैं भी चिल्ला रही थी,

“हां पापा… मुझे चोदो… पूरी तरह अपनी बना लो… आह्ह… ओह्ह… इह्ह… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…”

करीब दो घंटे तक उन्होंने मुझे अलग-अलग पोजिशन में चोदा। पहले मिशनरी में जोर-जोर से पेला। फिर मैं ऊपर आई, उनकी कमर पर बैठकर लंड अंदर लिया और उछलने लगी। चूचियां उछल रही थीं, वो नीचे से धक्के दे रहे थे। फिर डॉगी स्टाइल में। मैं घुटनों और हाथों के बल थी, वो पीछे से लंड घुसाते हुए गांड पर थप्पड़ मार रहे थे। गांड देने को कह रहे थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। चूत में ही मजा आ रहा था।

आप यह बाप बेटी की चुदाई - Baap Beti Sex Story Hindi हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

शाम होते-होते मेरी चूत सूज गई, लाल हो गई। रात में और नहीं हो पाया। हम दोनों नंगे लेटे रहे। उन्होंने मेरी चूचियां सहलाईं, निप्पल चूसे। मैंने उनका लंड फिर से चूसा, जीभ से साफ किया। आखिर में वो झड़ गए, सारा वीर्य मेरे मुंह में। मैंने निगल लिया।

अभी सात दिन तक मैं रोज चुदूंगी। मम्मी सात दिन बाद आएंगी।

दोस्तों, ये कहानी आपको कैसी लगी?

1980
2000 लोगों को पसंद आया • 99%
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए