खाना खाकर रात के ठीक 10 बजे मैं भाभी के घर की तरफ निकल पड़ा। दिल में एक अजीब सी उत्तेजना थी। घंटी बजाई तो भाभी ने इतनी जल्दी दरवाजा खोला जैसे वो मेरा इंतजार कर रही हों। जैसे ही नजर पड़ी, मैं तो पूरी तरह ठिठक गया। अरे यार, बातों-बातों में मैंने कभी उनका फिगर ठीक से देखा ही नहीं था। गोरी-चिट्टी स्किन, लंबे घने काले बाल जो कमर तक लहरा रहे थे, ब्रेस्ट इतने उभरे हुए कि नाइटी के कपड़े फटने को तैयार, और गांड पीछे इतनी निकली हुई कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए। 36-30-36 का परफेक्ट फिगर, हाइट 5 फुट 2 इंच, और ऊपर से वो काली टाइट नाइटी जो उनके हर कर्व को हाईलाइट कर रही थी। सच में लग रहा था जैसे कोई अप्सरा धरती पर उतर आई हो।
हम अंदर आए। भाभी मुस्कुराईं और बोलीं, “राहुल, तुम बैठो सोफे पर, मैं दूध लेकर आती हूं।” मैं सोफे पर बैठ गया, लेकिन नजरें उन पर टिकी हुई थीं। थोड़ी देर बाद वो दो ग्लास दूध लेकर आईं। एक मुझे दिया, खुद मेरे बगल में बैठ गईं। इतने पास कि उनकी नाइटी की खुशबू मेरे नाक में घुस रही थी। हमने एक इंग्लिश मूवी लगाई, जिसमें बस दो-तीन किसिंग सीन थे। अचानक भाभी ने पूछा, “राहुल, तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?”
मैं घबरा गया। हमारी ऐसी बातें पहले कभी नहीं हुई थीं। मैंने ना में सिर हिलाया। वो हंसकर बोलीं, “अरे तुम तो लड़कियों की तरह शरमा रहे हो। सच बताओ, कोई तो होगी?” मैंने फिर ना कहा। फिर वो बोलीं, “एक बात सच-सच बताओ, तुमने आज तक कभी किसी लड़की या औरत को पूरी तरह नंगा देखा है?” मैं जान-बूझकर बोला, “नहीं भाभी, कभी नहीं।”
वो मेरे इतने पास थीं कि मेरी नजर बार-बार उनके क्लिवेज पर जा रही थी। भाभी ने मुझे देखते हुए पकड़ लिया और धीरे से बोलीं, “अगर देखना है तो मुझसे कह दो ना, मैं खुद दिखा दूंगी।” मैं तो हक्का-बक्का रह गया। दिल की धड़कन तेज हो गई। फिर उन्होंने मेरे गाल पर हाथ रखा और पूछा, “कभी किसी के साथ कुछ किया भी है या सब झूठ बोल रहे हो?”
बस, मेरे अंदर का जानवर जाग गया। मैंने उनके आंखों में देखते हुए कहा, “भाभी, मैं आपको किस करना चाहता हूं।” कहते ही मैंने उनका चेहरा अपनी तरफ खींचा और होंठ उनके होंठों पर रख दिए। उनके होंठ बहुत नरम, गर्म और मीठे थे। मैंने उनके निचले होंठ को हल्का सा काटा, फिर चूसा। वो भी मेरे होंठ चूसने लगीं। हमारी जीभें एक-दूसरे से खेल रही थीं। करीब 15 मिनट तक हम ऐसे ही किस करते रहे। सांसें तेज हो गईं। फिर भाभी अलग हुईं और हंसकर बोलीं, “तुम तो कह रहे थे कुछ किया ही नहीं, लेकिन किस करने का तरीका तो बहुत एक्सपर्ट जैसा है।”
मैं चुपचाप मुस्कुराया और उनके नाइटी के बटन खोलने लगा। ब्रा के ऊपर से मम्मों को दबाया। वो सिहर गईं। फिर मैंने ब्रा का हुक खोला। भाभी बोलीं, “अरे राहुल… तुम तो सच में बहुत तेज निकले। पहले किस, अब मम्मे?” मैंने कहा, “भाभी, आप इतनी खूबसूरत हैं, मैं खुद को रोक नहीं पा रहा। मैं आपको चोदना चाहता हूं।”
कहते ही मैंने एक मम्मे पर मुंह लगा लिया। निप्पल को जीभ से घुमाया, फिर जोर से चूसा। दूसरा मम्मा हाथ से दबाता रहा। भाभी कराहने लगीं, “आह्ह… राहुल… जोर से चूसो… ऊफ्फ… बहुत अच्छा लग रहा है… आह्ह… चूसते रहो…” मैंने पूरी ताकत से चूसा। उनके निप्पल सख्त हो गए थे।
तब तक वो सिर्फ पैंटी में थीं। मैंने हाथ उनकी पैंटी के अंदर डाला। जांघें सहलाईं, फिर चूत पर उंगलियां फेरीं। वो गीली थीं। भाभी बोलीं, “आह्ह… राहुल… अंदर डालो… ऊफ्फ…” मैंने उंगली अंदर डाली और अंदर-बाहर करने लगा। वो कमर उठा-उठाकर साथ दे रही थीं। “आह्ह… और तेज… ओह्ह… मजा आ रहा है…”
लगभग एक घंटे तक मैंने उनके मम्मे चूसे और उंगली से चूत में खेलता रहा। फिर मैंने पैंटी उतारी। उनके पेट पर किस किए, नाभि में जीभ डाली। फिर नीचे मुंह ले गया। चूत को जीभ से चाटना शुरू किया। क्लिट पर जीभ घुमाई, फिर पूरी चूत चाटी। 25 मिनट तक मैंने उन्हें अच्छे से खाया। भाभी चीख रही थीं, “आह्ह… राहुल… कितना अच्छा चाट रहे हो… और जोर से… ओह्ह… मैं झड़ने वाली हूं… आह्ह…”
वो झड़ गईं। फिर उठीं और बोलीं, “अब मेरी बारी। देखो मैं क्या करती हूं।” मेरी पैंट खोली, लंड बाहर निकाला। टिप पर जीभ फेरी, फिर पूरा मुंह में लिया। “ग्ग्ग… ऊम्म… ग्ग्ग…” वो लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं। पहले धीरे, फिर तेज। मैं तो मजा लेते-लेते पागल हो रहा था।
फिर भाभी ने मेरा लंड अपनी चूत पर रखा। मैंने धीरे पुश किया। गीली होने से पूरा अंदर चला गया। पहले धीरे-धीरे चोदा, फिर स्पीड बढ़ाई। भाभी चीख रही थीं, “आह्ह… ओह्ह… राहुल… और तेज… जोर से चोदो… ऊफ्फ… आह्ह… मेरे मम्मे पकड़ो…” मैंने मम्मे पकड़े और जोर-जोर से धक्के मारे। उनके मम्मे उछल रहे थे।
काफी देर बाद मैंने उन्हें घोड़ी बनाया। उनकी चौड़ी गांड ऊपर, मम्मे नीचे लटक रहे थे। मैंने गांड पर थप्पड़ मारा, फिर लंड चूत में डाला। जोर-जोर से धक्के। भाभी बोलीं, “हां… ऐसे ही… मेरे राजा… गांड पर हाथ फेरते रहो… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है…”
काफी देर चोदने के बाद वो थक गईं। मैं क्लाइमेक्स पर। मैंने कहा, “भाभी, झड़ने वाला हूं।” वो बोलीं, “अंदर ही निकाल दो।” मैंने पूरा वीर्य उनकी चूत में उड़ेल दिया। थककर उनके ऊपर लेट गया। थोड़ी देर बाद लंड निकाला। वो वीर्य और रस से भरा था। भाभी ने फिर मुंह में लेकर चाटा और साफ किया।
भाभी बोलीं, “राहुल, तुम तो बहुत एक्सपर्ट हो। पहले कितनी औरतों के साथ सोए हो?” मैंने कहा, “भाभी, 14-15 के साथ तो किया है, लेकिन आपके जैसे टेस्टी मम्मे और रिएक्शन कहीं नहीं मिले।” कहते हुए फिर उंगली चूत में डाल दी। वो सिहरकर बोलीं, “स्स्स… बहुत अच्छा… और डालो…”
फिर मैंने कहा, “भाभी, दूसरे एंगल से चोदना है।” वो बोलीं, “कौन सा?” मैंने कहा, “जमीन पर लेट जाइए, पैर ऊपर करके बेड पर रख दीजिए।” उन्होंने वैसा किया। मैं पैर कंधों पर रखकर लंड डाला। गहराई से धक्के। भाभी बोलीं, “आह्ह… बहुत गहरा जा रहा है… मेरे राजा… जैसे चाहो चोदो…”
10 मिनट बाद लंड निकालकर गांड में डाला। हर 5 मिनट में चूत और गांड बदलता रहा। 25-30 मिनट बाद मैंने कहा, “अब झड़ूंगा, कहां निकालूं?” वो बोलीं, “गांड में निकाल दो।” मैंने गांड में पूरा वीर्य डाल दिया।
घड़ी देखी तो सुबह 5 बज रहे थे। भाभी ने किस किया और बोलीं, “तुम्हारे साथ जो मजा आता है, वो मेरे पति के साथ कभी नहीं आया।”
फिर भी मैंने उन्हें फिर घोड़ी बनाकर सिर्फ चूत चोदी। आधे घंटे तक जोरदार धक्के। तब जाकर वीर्य निकला। भाभी बोलीं, “चूत और गांड में दर्द हो रहा है, लेकिन ये मजा इसके लायक है।”
मैं घर लौटा। उसके बाद हर मौके पर भाभी को चोदता रहा। हर बार नया मजा, नया एक्साइटमेंट। इतनी सेक्सी और रिस्पॉन्सिव औरत मैंने पहले कभी नहीं देखी।
अगर आपको कहानी पसंद आई तो कमेंट में बताएं।
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए