Hi guys मेरा नाम निशांत है। मैं दिल्ली में रहता हूँ… और ये मेरी ज़िंदगी का एक कड़वा सच है जो मैं कहने जा रहा हूँ… लेकिन इस कड़वेपन में मज़ा भी बहुत आया थोड़ी सी लंबी बात है.. लेकिन मज़ा भी बहुत है.. अगर आप पूरा पढ़ेंगे तो।
मेरे घर पर 4 लोग है। मैं, (जो एक कॉलेज में पढ़ता हूँ), मेरी छोटी बहन-निशा (जो कॉलेज में है पहले साल में), मेरी माँ-रीमा (जो एक हाउसवाइफ है और उसे थोड़ी सोशल लाइफ पसंद है, और किटी पार्टियाँ करना जो उनका शौक है), और मेरा बाप-राजेश (जो एक दुकानदार है)।
मैं एक दिन कॉलेज गया हुआ था और मेरी बहन कॉलेज गई हुई थी… और मेरी माँ…. वो घर पर ही थी… और मेरा बाप दुकान पर था.. अक्सर मेरा बाप दोपहर को लंच करने घर आता था। मेरा कॉलेज टाइम है 9am to 4pm निशा का कॉलेज टाइम है 8am to 2pm राजेश मेरा बाप… 10am को दुकान पर और 3 बजे लंच पर घर आता है और 4pm से 9pm पर दुकान पे रहता है।
एक दिन क्या हुआ… मैं कॉलेज से जल्दी घर आगया था बायचांस लंच टाइम पर… तो मैंने घर एक अंदर एंट्री करी तो घर पर लाइट वगैरह नहीं जली हुई थी… मुझे लगा सारे सो रहे होंगे… तो अचानक मैं माँ के बेडरूम की तरफ गया ताकि लंच बनादे वो मेरे लिए.. तो मैंने देखा कि मेरा बाप मेरी माँ को दबा के चोद रहा था.. पहले मुझे तो गंदा लगा मैं वहाँ से जाने लगा… तबही मैंने सोचा… छोड़ यार दुनिया ब्लू फिल्म देखती है… मैं लाइव देखलता हूँ क्या होगया…
मैंने देखा कि मेरी माँ के कपड़े पूरे खुले हुए है.. मेरा बाप झटके मारने में लगा हुआ है… मेरा भी लंड खड़ा होगया… मैंने थोड़ी देर सीन देखा और जब खत्म होने लगा मैं टॉयलेट की तरफ चला गया… मुठ मारने के लिए। वो सीन मेरे दिमाग में घूम रहा था, माँ की वो गोरी देह, उनके बड़े-बड़े चुचे जो हर झटके के साथ उछल रहे थे, पापा का मोटा लंड जो उनकी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था, माँ की सिसकारियाँ आह्ह… ह्ह्ह… और तेज़ करो राजेश, और पापा की साँसें फूलती हुईं, वो सब देखकर मेरी उत्तेजना चरम पर थी, मेरा लंड इतना सख्त हो गया था कि दर्द करने लगा।
फिर मैंने सोचा कि अपनी बहन को तो देखो वो क्या कर रही है… मैं अपनी बहन के बेडरूम में गया तो वो कॉलेज के कपड़े पहन के सो रही थी… और तुम्हे तो पता ही है ज्यादातर कॉलेज में लड़कियों की ड्रेस.. शर्ट और स्कर्ट होती है… तो मैंने देखा कि उसकी स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर थी यानी गांड तक… मेरा लंड तो खड़ा ही था.. उसकी गोरी गोरी टाँगें देख कर तो मेरा लंड टॉप पर हो गया…. सोचा कि निशा के साथ करलूँ.. फिर सोचा कहीं मना करदिया या घर पर बोलदिया तो.. मैं तो गया… फिर सोचा छोड़ यार… आज हिला ही लेते है.. फिर कभी सीन बना तो नहीं छोड़ूँगा…
मैं अपना हिलाने चला गया… मैं टॉयलेट के अंदर था और हिलाने में लगा हुआ था.. मेरी माँ और मेरे बाप को नहीं पता था कि मैं घर आ चुका हूँ.. तो मेरी माँ अपनी चूत साफ करने या मुँह, हाथ धोने के लिए आई होगी.. मुझे नहीं पता था कि वो भी कॉमन टॉयलेट में आएगी… मैं अपना हिलाने में मस्त था… अचानक मेरी माँ ने टॉयलेट खोला और मेरी माँ चिल्ला के बाहर चली गई.. ज्यादा जोर की नहीं चिल्लाई.. उसने देख लिया था कि मैं हिला रहा हूँ… मुझे शर्म से महसूस हुई.. मैंने सोचा अब माँ को अपनी शकल कैसे दिखाऊँगा.. और मेरी माँ ने बाप को बोलदिया कि मैं हिला रहा हूँ.. तो बाप को शकल कैसे दिखाऊँगा…
मैं टॉयलेट से बाहर आया तो माँ किचन में चली गई खाना बनाने के लिए और बाप मेरा डाइनिंग टेबल पे बैठा हुआ था.. खाना खाने के लिए… फिर सोचा मैंने… अगर माँ ने बाप को बोलदिया होता तो मेरा बाप मुझे बुलाता जरूर… लेकिन मुझे देख के मेरे बाप ने मुझे नहीं बुलाया… मैं समझ गया कि माँ ने नहीं बताया… मैं किचन में गया और मैंने माँ को बोला.. माँ आपने डैड को तो नहीं बताया कि.. मैं क्या कर रहा था टॉयलेट में.. माँ ने कुछ जवाब नहीं दिया… मैंने 3 या 4 बार पूछा तो माँ ने कहा ये तेरी उम्र है ये सब काम करने की… तो मैंने माँ को बोला माँ अब मैं कॉलेज में हूँ और मेरी भी फ्रेंड्स है.. लेकिन मैंने कभी गलत काम नहीं किया… सिर्फ ये किया है.. जो पूरी दुनिया के मर्द भी करते है.. माँ ने कहा चल कोई बात नहीं… नहीं बताऊँगी… तू जा और निशा को उठा के आ… और डाइनिंग टेबल में बैठ जा खाने के लिए…
मैं निशा को उठाने गया तो देखा उसकी स्कर्ट पहले से भी ऊपर थी.. गोरी गोरी टाँगें देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.. मैंने निशा को 4 या 5 बार उठाया वो नहीं उठी… सोचा थोड़ी देर हाथ ही फेर लूँ गोरी गोरी टाँगों पर.. मैंने हाथ लगाना शुरू किया.. धीरे धीरे मेरा हाथ उसकी गांड पर फिर थोड़ी देर में… मैंने उसकी पैंटी में दे दिया.. मुझे पता नहीं था कि उसे मज़ा आ रहा है.. वो धीरे सी आवाज़ ऊह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह… करी रही थी.. जब उसने ये आवाज़ निकालना शुरू की तो मैं उसके बूब्स पर भी हाथ फेरना शुरू होगया.. उसे और मज़ा आ रहा था… मैंने फिर उसकी शर्ट भी खोल दी मुझे पता नहीं था कि निशा के इतने बड़े बूब्स होंगे… फिर धीरे धीरे मैं उसके साथ लेट गया और मज़्ज़े लेना शुरू होगया.. धीरे धीरे हम स्मूच मार रहे वो मेरा लंड पकड़ रही.. उसे पता लग गया कि मैं उसके साथ मज़े ले रहा हूँ… जब उसने आँख खोली उसने कहा कि प्लीज भाई.. माँ और बाप को मत बोलना.. मैंने कहा ठीक है तू भी मत बोलियो…
फिर मैंने सोचा अब चूत फिक्स हो गई है.. अभी नहीं.. बाद में लूँगा.. मैंने उससे कहा कि अभी डैड को दुकान पर जाने दे फिर लेता हूँ.. उसने कहा ठीक है.. मैंने कहा चल अब माँ बुला रही है… खाना खा ले.. फिर हम खाना खाने बैठे… खाना खत्म हुआ… बाप दुकान पर चला गया… माँ सोने चली गई।
निशा को मैंने अपने कमरे में बुलाया और मैंने उससे चोदना शुरू किया.. मैंने उसकी स्कर्ट में हाथ डाला शर्ट खोली और पूरा नंगा कर दिया.. कभी मेरा हाथ उसके बूब्स पर.. कभी उसका हाथ मेरे लंड पर… वो मुझे काटने में लगी हुई थी.. मैं भी स्मूच पर स्मूच मार रहा था.. उसने धीरे से कान में कहा अंदर डालो ना… मैंने अपना लंड डाला और चीख पड़ी ठर्कियों वाली आवाज़ में…… आआआआह्ह्ह हhhhhh… … मैंने झटके मारने शुरू किया.. उसकी आवाज़ धीरे धीरे तेज़ हो रही थी.. मैं सेक्स करने में लगा हुआ था.. झटके पे झटके मार रहा था उसे भी मज़ा आ रहा था… थोड़ी देर में मेरा टपक गया… निशा ने कहा.. और करो ना भाई.. मैंने कहा ठीक है… मैं फिर उसकी गोरी गोरी टाँगों को चाट रहा था… उसके बूब्स मसल रहा था… फिर मैंने उसे सेक्स करते वक़्त बताया कि मैंने आज मैंने मॉम डैड को सेक्स करते हुए देखा था थोड़ी देर पहले.. निशा ने कहा कि हाँ.. मैंने भी कई बार देखा है.. और डैड का लंच तो एक बहाना है… डैड तो दोपहर को मॉम को चोदने ही आते है… और एक बार डैड ने मुझ पर भी ट्राई मारा था।
क्योंकि एक बार डैड ने मुझे देख लिया था उन्हें सेक्स करते हुए.. उस टाइम डैड का लंड देख कर तो मेरा भी डैड के साथ करने का मन तो था.. लेकिन माँ आगई थी और उस टाइम मैं डैड के साथ कर भी नहीं सकती थी क्योंकि माँ घर पर थी… और मैं वहाँ से चली गई थी.. तब से जब भी डैड मॉम को चोदते है.. कभी दरवाज़ा बंद नहीं करते… ताकि मैं डैड को चोदते हुए देखूँ… उसने मुझे पूरी बात बताई कि कैसे डैड ने मॉम को चोदा.. और कहा जब तुमने घर के अंदर एंट्री करी थी… तो मैं अंदर सोने आगई थी और सोने का बहाना कर रही थी.. और जान बूझ कर.. मैंने अपनी स्कर्ट ऊपर करी थी ताकि तुम मुझ पर ट्राई मारो.. फिर उसने कहा मॉम के बूब्स कितने गोरे हैं टाँगें कितनी गोरी… बाप का लंड कितना बड़ा है.. तबही तो मेरा मन भी कर रहा था सेक्स करने का… और जब मैंने सुना कि मॉम ने तुम्हे अंदर मुझे बुलाने के लिए भेजा है.. तो जान बूझ कर मैंने अपनी स्कर्ट और ऊपर करदी थी.. फिर हमारी बात खत्म हुई… तबही मैंने मॉम को चोदने का भी सोचा… मैंने निशा को बोला कि मॉम से पूछले कि वो मेरे साथ करेगी।
उसने कहा पागल हो गए हो क्या.. मैं नहीं पूछूँगी.. वो मॉम से थोड़ी फ्रैंक थी जैसे काफी लड़कियाँ अपनी मॉम से होती है.. मैंने कहा प्लीज.. उसने कहा कि ठीक है कभी मौका मिला तब.. उसने कहा डैड का लंड देख कर तो मेरा भी डैड के साथ करने का मन कर रहा है… मैंने निशा को बोला… कि मैं डैड से पूछूँ क्या वो हास्स पड़ी.. फिर मैंने बातें खत्म करी और सेक्स करना शुरू होगया… हमें 2.5 या 3 घंटे हो गए थे सेक्स करते हुए और बातें करते हुए.. मैं थक गया था.. निशा ने भी कहा बस अब बहुत हो गया.. फिर मैंने उससे कहा कि मॉम से जरूर पूछियो.. उसने कहा ठीक है… हम दोनों उठने लगे.. और कपड़े पहने लगे… कि हमने अचानक देखा कि माँ दरवाज़े पे खड़ी हुई थी.. और हमारी बातें सुन रही थी और हमें सेक्स करते हुए देख रही थी। मॉम की शकल में भी थोड़ा ठरकी पन तो दिख रहा था… जो ज़िंदगी में मैंने पहली बार अपनी माँ में देखा था… शकल ऐसी थी.. जैसे सेक्स की भूखी हो.. हम दोनों ने निशा और मैंने.. एक दूसरे को देखा… और हम दोनों ने मॉम से कहा कि.. माँ सॉरी.. माँ सॉरी.. माँ ने तोंत मारते हुए कहा कोई बात नहीं बेटा और करलो और करलो… निशा ने अचानक कहा.. मॉम आप भी जॉइन करलो… मेरी थोड़ी फट्टी.. मॉम उसे शायद थप्पड़ मारने जा रही थी.. फिर उसने मॉम को बोला कि आप भी तो रोज़ दोपहर को डैड के साथ सेक्स करते हो और दरवाज़ा भी नहीं बंद करते…. मैं खुश अंदर से।
लेकिन फट भी रही थी.. निशा ने जो मुझे मॉम की बातें बताई थी कि वो रोज़ डैड से चुदती है.. और जो मैंने आज मॉम को चुदते हुए देखा था.. तो मेरा मन भी काफी हुआ था.. मॉम के साथ सेक्स करने में… मॉम निशा को कुछ नहीं बोली.. और मेरी तरफ देखा… मॉम की शकल में भी थोड़ा ठरक पन था… मैंने सोचा सही बहाना है मैंने थोड़ी हिम्मत जुटाई और… मैं मॉम की तरफ गया… मैंने मॉम का हाथ पकड़ा मैंने कहा.. मॉम कोई बात नहीं सारे करते है… मॉम ने कहा मैं और तेरे डैड तो इसलिए करते हूँ क्योंकि मैं उनकी बीवी हूँ.. निशा ने बोला मॉम से.. कि आज कल ये कोई नहीं देखता.. कि कौन किसकी बीवी है या जो भी है.. सेक्स करते वक़्त माँ कुछ पता नहीं लगता कि सामने वाला या वाली कौन है… सिर्फ लंड चूत का खेल है वो… मॉम फिर कुछ नहीं बोली.. मैंने बोला मॉम को.. कि आप भी जॉइन करलो ना.. मुझे लगा रहा था कि मॉम का मन तो है.. लेकिन हाँ कैसे करें.. मैंने 3 या 4 बार हाथ पकड़ा और बेड की तरफ खींचने की कोशिश करी.. लेकिन तैयार नहीं हो रही थी… मैंने निशा को बोला जा दरवाज़ा बंद करदे… उसने कहा वो छोड़ मॉम को बेड पे तो बिठा.. मैंने फिर मॉम को पीछे से पकड़ा.. माँ ने साड़ी डाली हुई थी.. मैं फिर धीरे धीरे मॉम के नंगे पेट पे हाथ फेरना शुरू हो गया और कान चाटना शुरू हो गया और नेक चाटना शुरू हो गया.. मॉम को मज़ा तो आ रहा था लेकिन मना कर रही थी… मैंने निशा को बोला कि माँ को पकड़ और बेड पे लेटा और माँ के कपड़े उतार… उसने कहा ठीक है.. वो मॉम की तरफ आई और मॉम का ब्लाउज खोलने लगी.. तो मॉम को गुदगुदी सी हुई और अचानक से हास्स पड़ी… मैं भी खुश।
निशा भी खुश। मैंने मॉम को बेड पे लेटाया और बूब्स मसलना शुरू कर दिया.. और नंगा पेट भी चाटना शुरू कर दिया… थोड़ी देर बाद मॉम ने निशा को कहा कि जा और मेरे अलमेरा से कंडोम ले आ.. निशा कंडोम लेने गई.. फिर मैंने मॉम को चोदना शुरू किया… थक तो गया था… लेकिन सोचा फिर ये मौका मिले ना मिले.. फिर मैंने मॉम को चोदना शुरू किया.. धीरे धीरे मैंने स्मूच मारा ब्लाउज के अंदर हाथ डाल रहा.. कभी मैं मॉम के ऊपर कभी वो मेरे ऊपर.. काफी मज़ा आ रहा था… फिर धीरे धीरे मैं मॉम को पूरा नंगा कर दिया… वो मेरे ऊपर थी.. पहले साड़ी खोली फिर ब्लाउज उतारा फिर ब्रा उतारी… ब्रा उतारते ही इतने मोटे बूब्स मेरे मुँह में लगे… और काफी सॉफ्ट भी थे… मैं निप्पल चूसना शुरू हो गया….. उसकी गोरी गोरी थाइज पे उसकी गांड पे मैं हाथ फेर रहा.. इतने में मॉम ने कहा कि डैड को मत बोलियो और ये हमारा पहला और आखिरी सेक्स होगा.. मैंने कहा डैड को तो नहीं बोलूँगा लेकिन आखिरी सेक्स ये नहीं कह सकता… मॉम ने कहा चल देखेंगे… फिर मैं धीरे धीरे उसके पूरे नंगे बदन को चाट रहा था.. स्मूच मार रहा था.. इतने में निशा कंडोम ले आई.. तबही मॉम ने अचानक चादर डाल ली.. मैंने मॉम से पूछा कि क्या हो गया.. मॉम ने कहा कुछ नहीं… और मॉम ने निशा को बोला कंडोम दे और दरवाज़ा बंद करके बाहर जा… मैंने मॉम को कहा.. कोई बात नहीं निशा भी जॉइन करेगी.. मॉम ने कहा चल कोई बात नहीं लेकिन मेरे बाद।
मैंने कहा नहीं तीनों एक साथ करेंगे.. निशा ने कहा कि मैं भी करूँगी.. मैं खुश.. मेरा मन फिर मॉम की तरफ ज्यादा था क्योंकि निशा को तो चोद चुका था… मैं मॉम को चाटने में लगा हुआ था.. फिर निशा भी कपड़े उतार के जॉइन करने आ गई… फिर मैं दोनों को चाटने में लगा हुआ था.. दोनों के बूब्स से खेल रहा था… फिर निशा भी मॉम के साथ शुरू हो गई.. चाटने लग गई आपस में मैं दोनों एक दूसरे को स्मूच मार रहे.. पप्पी ले रहे.. बूब्स चूस रहे.. मैंने माँ की टाँगें खोली और चूत चाटना शुरू होगया… माँ की आवाज़ें निकलना शुरू हो गई उसने कहा…. प्लीज चूत मत चाट… प्लीज चूत मत चाट… ठर्कियों वाली आवाज़ में… मुझे पता नहीं था कि इतना सेक्स चढ़ेगा मॉम को.. मैं चाटने में लगा हुआ था… और माँ और निशा आपस में लगे हुए थे… थोड़ी देर में माँ ने कहा चल कंडोम डाल ले… अब चोद मुझे.. तूने बड़ा ठरका दिया है मुझे अब तो तेरा लंड ले कर ही रहूँगी… मैंने फिर लंड डाला तबही माँ की आवाज़ निकली आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ह……. और मुझे नोचना शुरू हो गई.. मैं झटके मारने में लगा हुआ… माँ बोली… तेज़ तेज़ और तेज़ आह्ह्ह्ह मज़्ज़ा आ रहा है और तेज़ कर… नोच भी रही मुझको.. मैं भी लगा हुआ था चोदने में… और निशा मुझे स्मूच मारने में लगी हुई थी और मॉम के बूब्स चूसने में… थोड़ी देर तक माँ को झटके मरता रहा.. और चोदता रहा.. इतने देर में मेरा झड़गया… जबही मेरा झड़ा मैंने कंडोम उतारा तबही निशा ने मेरा लंड चूसना शुरू करदिया… मॉम ने निशा को बोला चल अब मेरी बारी मुझे चूसने दे.. मैं और खुश… निशा हटी और मेरी मॉम मेरा लंड चूसना शुरू हो गई… मॉम ने जो मेरा लंड चूसा.. मुझे तो मज़ा ही आ गया, वो ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग की आवाज़ें निकालते हुए, जीभ से चाटते हुए, गहराई में लेकर, मेरे लंड को इतना गीला कर दिया कि मैं फिर से सख्त हो गया, वो धीरे-धीरे सिर हिलाती हुई, आँखें बंद करके, जैसे भूखी हो।
फिर थोड़ी देर बाद… मैंने कहा तुम दोनों करो मैं लंड साफ करके आता हूँ.. थक भी गया था… मैं टॉयलेट गया अपना लंड साफ किया… और थोड़ी देर बाथरूम में ही बैठ गया… फिर आके देखा निशा और माँ आपस में लगे हुए थे.. कभी स्मूच मार रहे.., कभी बूब्स चूस रहे.., कभी आपस में कुछ ना कुछ चाट रहे… फिर निशा ने मुझे बुलाया और कहा अब मुझे चोद.. फिर मैंने कंडोम डाला और उसे चोदना शुरू किया… और चोदते समय निशा ने मुझसे कहा.. मैंने भी जान बूझ कर दरवाज़ा बंद नहीं किया था जब हम सेक्स कर रहे थे.. मैंने निशा को इस बात पर एक और स्मूच मारा.. लेकिन निशा को मुझसे मज़ा नहीं आ रहा था… क्योंकि मैं थक भी गया था… और पहले भी चोद चुका था… माँ नंगी लेटी हुई थी.. माँ को नंगा देख के मुझे मज़ा रहा था.. फिर मैं माँ के ऊपर चढ़ गया और माँ को बोला कि डैड भी निशा पर ट्राई मार चुके है पहले और निशा का भी मन है डैड के साथ करने का… निशा को डैड का लंड बड़ा पसंद है… मॉम कुछ नहीं बोली… मैं मॉम को फिर चाटना शुरू हो गया….. हमें तकरीबन 2 या 2.5 घंटे हो गए थे… हम तीनों को कुछ ध्यान नहीं था कि डैड के आने का टाइम हो गया… जैसे मैंने तुम्हे बताया था कि मैंने 2.5 या 3 घंटे निशा को चोदा फिर माँ और निशा के साथ भी 2 या 2.5 घंटे के आस पास टाइम होगया है… मुझे तो ध्यान था कि डैड आने वाले है.. लेकिन इन दोनों नहीं था… मैं अपना चोदने में मस्त होगया.. तबही 10 मिनट बाद घर की घंटी बजी.. दोनों कपड़े डालना शुरू हो गए…
निशा ने मॉम को कहा प्लीज.. डैड को बोले मुझे चुदने के लिए.. मॉम ने कहा सोचूँगी। निशा के दिमाग में अचानक एक प्लान आ गया.. और बोल पड़ी प्लीज मॉम आप ऐसा करो आप सिर्फ टॉवल में चले जाओ और बोलदेना कि आप नहाने जा रही थी.. और घर पर निशांत और निशा नहीं है.. और डैड को सिड्यूस करके इस कमरे में लेना.. मैंने भी कहा कि हाँ माँ ऐसा ही करो.. मॉम ने कहा ठीक है… निशा खुश हो गई। मॉम सिर्फ टॉवल में चली गई.. डैड आ गए थे हमारी थोड़ी फट्टी की सीन बने या ना बने…… डैड थोड़ी सी दारू पी के आए थे.. मॉम टॉवल में थी.. और डैड के आते ही मॉम ने डैड को सिड्यूस करना शुरू कर दिया.. और मैं एंट्री का डोर लॉक कर दिया.. डैड ने मॉम को बोला क्या बात है निशांत और निशा कहाँ है।
मॉम ने कहा बाहर गए है तबही तो टॉवल में हूँ… डैड का लंड भी खड़ा हो गया.. मॉम को टॉवल में देख के… मॉम ने डैड का लंड पकड़ा और पप्पी और स्मूच मारना शुरू हो गए.. डैड ने दुकान का सामान नीचे रखा और मॉम को स्मूच मारना शुरू हो गए.. और डैड ने फिर मॉम का टॉवल खोल दिया.. फिर मॉम ने कहा कि आज निशांत के कमरे में करेंगे… डैड का नहीं यहीं करते है.. तो डैड मॉम को चोदना शुरू हो गए.. मॉम को भी मज़ा आ रहा था.. मॉम ने डैड की पैंट उतारी और लंड चूसना शुरू हो गई.. फिर धीरे धीरे मॉम डैड को मेरे कमरे में ले आई.. फिर मैं और निशा हम दोनों पर्दे के पीछे छुप गए.. मॉम को चुदते हुए देख तो मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.. और निशा का भी मन कर रहा था डैड से चुदने का.. डैड दबा के मॉम को चोद रहे थे.. दोनों पूरे नंगे हो गए थे.. मैंने निशा को बोला तू जा पहले.. उसे थोड़ा डर लगा पहले… उसने कहा नहीं पहले तू.. मेरी थोड़ी सी फट्टी… फिर मैंने निशा को बोला.. डैड ने तुझ पर ट्राई मारा है तुझे तो कुछ कहेंगे भी नहीं… और कुछ कहेंगे भी तो मॉम संभाल लेगी.. उसने कहा ठीक है.. वो चली गई.. डैड ने अचानक चादर डाल ली निशा को देख के.. डैड ने मॉम को बोला कि तू तो कह रही थी कि घर पर कोई नहीं है।
मॉम ने कहा मुझे मत बोलो कुछ… और मॉम ने डैड से पूछा कि आपने निशा में पहले कभी ट्राई मारा है.. डैड ने दारू पी हुई थी उन्होंने कहा हाँ मारा है… मॉम ने कहा ठीक है निशा के साथ करलो कोई बात नहीं.. निशा का बड़ा मन कर रहा है आपके साथ करने का… तबही निशा ने डैड की चादर खींच ली.. और डैड के ऊपर बैठ गई.. डैड ने भी कुछ नहीं बोला.. और निशा को चोदने में मस्त हो गए.. फिर डैड भी निशा को चाटना शुरू हो गए… और निशा भी डैड के साथ मस्त हो गई… निशा ने फिर थोड़ी देर बाद डैड का लंड चूसना शुरू करदिया.. फिर डैड ने अपना लंड निशा के अंदर डाला… तबही निशा की आवाज़ निकली आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह. … डैड आराम से.. डैड फिर निशा को झटके मारने में मस्त हो गए… फिर मॉम ने अचानक मुझे आवाज़ दी.. मैं फट्टी फट्टी में बाहर निकला.. डैड ने मॉम को बोला कि ये भी यहाँ है… मॉम ने कहा हाँ मैं निशांत के साथ करूँगी.. तुम निशा के साथ करलो.. मैंने डैड से आँखें नहीं मिलाई.. और जा के मॉम के साथ लेट गया.. और मॉम को चाटना शुरू हो गया… डैड निशा को चोद रहे और मैं रीमा को यानी मेरी माँ को… कभी मैं निशा को चोद रहा कभी मॉम को.. डैड भी कभी निशा को चोद रहे कभी मॉम को… कभी मैं दोनों को एक साथ कर रहा.. कभी डैड दोनों के साथ कर रहे… डैड थोड़ी देर बाद सो गए.. क्योंकि शायद थके भी हुए थे.. और दारू भी पी हुई थी…. फिर मैं दोनों को चाटने में मस्त हो गया और वो दोनों मिल के मुझे चाटने में… कभी मेरा लंड चूस रही… कभी मैं उन्हें चोद रहा…. ये पूरी रात चलता रहा… अब मैं रोज़ मॉम को चोदने में मस्त हो गया था और हर रोज़ चोदता था… जब भी मुझे टाइम मिलता मैं मॉम को चोदता.. और डैड निशा को…
धीरे धीरे मेरा टेस्ट भी मॉम की एज वाली औरतों को चोदने का हो गया था… और मॉम से मैंने धीरे धीरे उनकी किटी पार्टियों वाली फ्रेंड को भी बुलवाया.. मैंने मॉम को कहा कि मुझे अपनी फ्रेंड्स से तो मिलवाओ और मेरा कुछ करवाओ.. मॉम ने कहा ठीक है… मॉम ने मुझे अपनी 2 या 3 फ्रेंड्स से मिलवाया और मैंने उनके साथ भी किया फिर और उस वक़्त मॉम ने भी जॉइन किया। अब जब भी हम चारों में से किसी को सेक्स करना होता है.. हम कभी भी करना शुरू हो जाते है। गाइस मैं सोच रहा हूँ कि मैं इसपर एक ब्लू फिल्म बनवाऊँ.. क्या कहते हो?
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