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भाभी के साथ अफेयर-4

Bhabhi begging for cock sex story – Bhabhi ki tight bur sex story: जैसे ही भाभी की नज़र उस छोटे से कंडोम पैकेट पर पड़ी, उनकी साँसें रुक सी गईं। गाल एकदम लाल, आँखें चौड़ी और होंठ हल्के से काँपते हुए बोलीं, “ये कहाँ से लाया तू?” मैंने बिना एक शब्द बोले उन्हें गोद में उठा लिया, बेडरूम की तरफ चलते हुए उनके होंठ चूसते हुए फुसफुसाया, “अब बस सवाल-जवाब बन्द करो भाभी, मैं भी यही चाहता हूँ और तुम भी।”

कहानी का पिछला भाग: भाभी के साथ अफेयर-3

बेड पर धीरे से लिटाया, कंडोम फाड़ा और लण्ड पर चढ़ा लिया। भाभी अभी भी घबरा रही थीं, साँसें तेज़ चल रही थीं, दोनों हाथों से अपनी चूत ढँकने की कोशिश कर रही थीं। मैं उनके ऊपर चढ़ गया, गहरी स्मूचिंग शुरू की, जीभ एक-दूसरे के मुँह में खेल रही थी, मेरे हाथ उनके भारी 38D बूब्स मसल रहे थे, निप्पल्स को उंगलियों से मरोड़ते हुए कभी दाँतों से हल्का काटता तो भाभी की कमर अपने आप ऊपर उठ जाती, आह्ह्ह्ह… निखिल्ल्ल… धीरे से…

उनका हाथ हटाकर दो उंगलियाँ चूत में डालीं तो अभी भी थोड़ी सूखी लगी। मैं नीचे सरका और जीभ से क्लिटोरिस पर वार करना शुरू कर दिया। दस मिनट में ही भाभी की चूत फिर से रस से लबालब भर गई, ऊउईई… आह्ह्ह… निखिल… क्या कर रहा है… बस कर… नहीं बस… और चाट… उनकी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं।

लण्ड का सुपारा चूत के मुँह पर रगड़ा, एक-दो धक्के मारे, पर इतनी टाइट थी कि फिसल रहा था। तीसरे ज़ोरदार धक्के में सुपारा अंदर घुसा तो भाभी चीख पड़ीं, आह्ह्ह्ह्ह मार डाला रे… रुक जा… मैं रुक गया, उनके होंठ चूसते हुए पूछा, “भाभी इतनी टाइट कैसे हो?” वो मुझे कसके गले लगा लीं और फुसफुसाईं, “बच्चे के बाद भैया ने दो साल से छुआ तक नहीं… सिर्फ कभी-कभी किस कर लेते हैं, बस।”

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ये सुनकर मैं गुस्से और खुशी दोनों में बोला, “बेहेंचोद भैया को इतनी मस्त चूत मिली और कदर ही नहीं।” भाभी ने मेरे निचले होंठ पर ज़ोर से काटा और बोलीं, “अपने भैया को गाली देगा नालायक? भूल मत, अगर उनसे शादी न हुई होती तो आज तेरे साथ नंगी न होती।” हम दोनों हँस पड़े। मैंने कहा, “तो अब मैं रोज चोदूँगा तुम्हें।” वो शरमाते हुए बोलीं, “तू तो वैसे भी रोज चोदने वाला है मेरी जान।”

फिर हम गहरी स्मूच में डूब गए। मैंने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए। भाभी की चूत इतनी टाइट थी कि हर धक्के पर फच्च… फच्च… की आवाज़ हो रही थी, भाभी दर्द से मेरे कंधे पर काट रही थीं, आह्ह्ह्ह… धीरे निखिल… फट जाएगी आज… धीरे-धीरे चूत खुलने लगी। बीस मिनट तक मिशनरी में पेलता रहा और आखिर में झड़ गया।

पानी लाकर दोनों नंगे लिपट कर लेट गए। थोड़ी देर बाद भाभी ने मेरा लण्ड सहलाना शुरू कर दिया, फिर से तन गया। मैं नीचे सरका और चूत चाटने लगा। इस बार जानबूझकर तड़पाया – सिर्फ क्लिटोरिस पर जीभ फिराता, अंदर नहीं डालता। भाभी तड़पने लगीं, मेरे बाल खींचकर बोलीं, “अब सिर्फ चाटते रहोगे या चोदोगे भी कभी?” मैंने मस्ती में कहा, “चाट ही रहा हूँ ना।”

वो सिसकारियाँ लेते हुए बोलीं, “मैं जानती हूँ तू क्या कर रहा है… चाहता है मैं बिंदी करूँ ना? ठीक है… प्लीज़ निखिल… प्लीज़ अब चोद दो… और मत तड़पाओ यार… तेरी भाभी तेरे लण्ड की गुलाम बन गई है… प्लीज़ डाल दो अंदर… मेरी चूत जल रही है… प्लीज़ मेरी जान… चोद दो अपनी भाभी को… मुझे तेरे लण्ड की सख्त ज़रूरत है… प्लीज़…”

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ये सुनकर मेरा लण्ड फौलाद सा हो गया। मैं हँसते हुए ऊपर आया, उनके गाल कसके पकड़े और होंठ काटते हुए बोला, “बहुत मज़ा आया अपनी भाभी को लण्ड के लिए गिड़गिड़ाते सुनकर।” फिर नया कंडोम चढ़ाया और भाभी को घोड़ी बनने को कहा। भाभी तुरंत चारों खड़े हो गईं, गांड ऊपर करके बोलीं, “जल्दी करो… अब और इंतज़ार नहीं होता।” मैंने लण्ड सेट किया और एक झटके में पूरा अंदर, फ्च्च्च्च… आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… मादरचोद… मार डाला…

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इस बार आसानी से घुस गया। मैंने कमर कसके पकड़ी और ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू कर दिया। कमरे में सिर्फ फच-फच-फच और भाभी की चीखें गूँज रही थीं, आह्ह्ह्ह… ह्ह्ह्ह… और तेज़… निखिल… आज फाड़ दो… ओह्ह्ह्ह्ह… पंद्रह मिनट घोड़ी में पेला, फिर भाभी ऊपर आईं, काउगर्ल में उछलने लगीं, उनके भारी बूब्स उछल-उछल कर मेरे मुँह पर लग रहे थे। थक गईं तो फिर मैं ऊपर आया, मिशनरी में ले आया और ज़ोर-ज़ोर से पेलते हुए भाभी ने मुझे कसके जकड़ लिया, नाखून पीठ में गड़ गए, पैर कमर पर लॉक और झड़ गईं, आअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… निखिल्ल्ल्ल… मर गई रे… ऊउउईईई…

दो मिनट बाद मैंने लण्ड निकाला, कंडोम उतारा और भाभी के पेट, बूब्स और मुँह पर अपना माल उड़ेल दिया। हम पसीने से तर, एक-दूसरे से लिपटकर लेटे रहे। शाम पाँच बजे बच्चा आया तो भाभी ने रूम बन्द कर दिया और मुझे नंगा ही सोता छोड़ गईं। जब नींद खुली तो भाभी मेरे ऊपर बैठी थीं, निप्पल काटकर जगाया और लंबा किस देकर बोलीं, “कपड़े पहनो, बाहर आओ।”

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उसी रात की कहानी अगले पार्ट में – जब हम छत पर ठंडी हवा में खुले आसमान के नीचे चुदाई करेंगे।

कहानी का अगला भाग: भाभी के साथ अफेयर-5

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