टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

बुआ के लड़के से शादी में चुदी | chudai ki desi kahani

Chudai ki desi kahani, तो कैसे हैं आप सभी। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं रोज एक नई कहानी के साथ आती हूं जिसमें मैं आप सभी को नई चुदाई की कहानियां सुनाती हूं।

दोस्तों आज की कहानी है जब मैं अपने बुआ के लड़के से शादी में चुदी थी।

मेरा नाम रवीना है। मैं शुरुआत से ही बहुत पढ़ाकू लड़की थी लेकिन मेरी ज़िंदगी में कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद मेरी पूरी ज़िंदगी बदल गई।

बात पिछले साल की है जब लॉकडाउन नहीं लगा था और सभी लोग कहीं भी बिना किसी रुकावट के जा सकते थे। उन दिनों हमें एक शादी का न्योता आया हुआ था और हम सभी उस शादी में जाने के लिए तैयार थे।

लेकिन अंतिम मौके पर कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से शादी में बस मैं और मेरे पापा ही जा पाए।

वैसे तो हम सभी का प्लान था शादी में जाने का लेकिन कुछ काम की वजह से सिर्फ मैं और मेरे पापा ही शादी में जा पाए।

मैं शादी में सिर्फ अपने पापा के साथ जाने वाली थी तो पूरी शादी में मुझे अकेले ही रहना था क्योंकि पापा अपने दोस्तों के साथ जाते ही मस्त हो जाते थे।

इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन इस बार मुझे शादी में अकेले नहीं रहना पड़ा।

इस बार मुझे कंपनी देने के लिए मेरी बुआ और उनका लड़का उसी शादी में मिल गया।

हमें नहीं पता था कि उस शादी का न्योता मेरी बुआ को भी मिला है इसलिए मैं उन्हें देखकर थोड़ा शॉक हो गई थी।

लेकिन मुझे एक बात अच्छी लग रही थी कि मुझे पूरी रात अकेले नहीं रहना पड़ेगा।

मैं शादी में बहुत अच्छी और सेक्सी बनकर गई थी। मेरे शादी में पहुंचते ही सभी लड़कों का ध्यान मेरी तरफ ऐसा खिंचा जैसे मैंने कपड़े ही न पहने हों और मैं उन सभी के सामने पूरी तरह से नंगी घूम रही हूं।

जब मैंने अपनी बुआ और उनके लड़के को देखा तो मैं उनके पास गई और मैंने उनसे बात की।

कुछ देर तक तो बुआ हमारे साथ बैठी रही लेकिन बाद में वो भी वहां से चली गई।

बुआ का लड़का भी मुझे शुरुआत से ही घूरा जा रहा था लेकिन उसे तो मैं भी देख रही थी क्योंकि बाकी सब लड़कों में वो थोड़ा अच्छा और बढ़िया लग रहा था।

आप यह भाई बहन की चुदाई कहानी | Bhai Bahan Chudai Sex Story – सगी, चचेरी, ममेरी, सौतेली भाई बहन सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

हम दोनों अब अकेले थे और एक दूसरे से बात कर रहे थे।

तभी उसने मुझसे कुछ खाने के लिए पूछा और हम दोनों कुछ खाने के लिए चले गए।

तभी हम दोनों के बीच बहुत बात हुई और हम दोनों ने एक दूसरे से काफी कुछ शेयर किया।

हम दोनों अब एक दूसरे को जान चुके थे और एक दूसरे के दोस्त बन गए थे।

मुझे उसके अंदर एक बात बहुत अच्छी लगी कि उसने मुझसे मेरी पढ़ाई की बातें नहीं कीं जैसा कि बाकी सब लड़के करते थे।

उसके बाद हम दोनों ने शादी में बहुत डांस किया और एक दूसरे के साथ बहुत देर तक डांस किया।

यही नहीं बल्कि उसने मुझे नाचते हुए कई बार अपनी ओर खींचा और कस के खुद से चिपका लिया।

हम दोनों ने ही एक दूसरे को नाचते हुए बहुत ज्यादा छेड़ा और मस्ती की।

जब गाने बजाने का समय खत्म हुआ तो हम दोनों बैठ गए और फिर से बात करने लगे।

इस बार हम दोनों एक दूसरे से और ज्यादा खुलकर बात कर रहे थे और अपनी सीक्रेट बातें भी शेयर कर रहे थे।

इसलिए मैं इसके साथ ज्यादा कम्फर्टेबल थी।

तभी समय बीतता गया और काफी रात हो गई।

अब हम दोनों को ही नींद आ रही थी और उसने मुझसे पूछा कि अब हम सोने चलें।

मैं बिना कुछ सोचे समझे उसकी बात मान गई।

घरवालों ने सबके सोने का बंदोबस्त अलग कर रखा था और हम दोनों को एक रूम में सोने की जगह मिल गई।

आप यह भाई बहन की चुदाई कहानी | Bhai Bahan Chudai Sex Story – सगी, चचेरी, ममेरी, सौतेली भाई बहन सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

बस दिक्कत यह थी कि उस रूम में और कोई नहीं था बस हम दोनों ही थे।

पहले तो मुझे थोड़ा डर लगा लेकिन फिर वो लड़का हरामी था उसने मुझे अपनी बातों में फंसा लिया और उसके साथ अकेले सोने के लिए मना लिया।

जब हम दोनों उस कमरे में गए तो मैं सीधा बाथरूम में फ्रेश होने चली गई लेकिन बाथरूम के गेट का लॉक टूटा था और मैंने बिना उस पर ध्यान दिए अंदर जाकर नहाने लगी।

मैंने पहले तो अपने झुमके और वो सब बाहर ही उतार दिया था और राहुल पानी की बोतल लेने बाहर गया था।

मैंने रूम का दरवाजा खुला छोड़ दिया और सीधा नहाने चली गई।

अंदर जाकर मैंने अपने सारे कपड़े एक साथ उतार दिए थे और मैंने अपने पूरे जिस्म को ठंडे पानी से भिगोकर गीला कर दिया था।

तभी राहुल कमरे में आया और उसने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।

उसे नहीं पता था कि मैं बाथरूम में नहा रही हूं।

उसने अपने कपड़े बाहर ही उतार दिए और वो बस अपने कच्छे में था।

तभी उसने एकदम से बाथरूम का दरवाजा खोल दिया जहां मैं पूरी तरह से नंगी खड़े होकर नहा रही थी।

वो मुझे देखकर हैरान हो गया था और मैं भी डर गई थी।

डर के मारे मेरे मुंह से चीख भी निकल गई थी और जब मैं रुकी नहीं तो राहुल ने मेरा मुंह पकड़कर मुझे चुप कर दिया।

जब राहुल ने मेरा मुंह पकड़ रखा था तो वो मेरे बहुत करीब था और शावर ने हम दोनों को पूरा भीगा दिया था।

हालांकि तब हम दोनों के बीच में कुछ भी ऐसा वैसा नहीं हुआ।

राहुल शराफत से बाहर चला गया शायद मैं चिल्ला गई तो राहुल भी डर गया इसलिए।

आप यह भाई बहन की चुदाई कहानी | Bhai Bahan Chudai Sex Story – सगी, चचेरी, ममेरी, सौतेली भाई बहन सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

उसके बाद जब मैं नहाकर बाहर निकली तो राहुल पलंग पर बैठा था और मेरे जाते ही उसने मुझे सॉरी बोला।

मैंने भी उसे माफ कर दिया क्योंकि वो जो कुछ भी हुआ था बस अचानक से ही हुआ था और उसके बाद जब राहुल ने समझदारी दिखाई थी वो मुझे बहुत पसंद आई थी।

हम दोनों ही सोने के लिए पलंग पर लेट गए थे और उस समय रात के तीन बज रहे थे।

राहुल ने मेरे पलंग पर लेटते ही लाइट बंद कर दी और पूरे कमरे में अंधेरा हो गया।

वो मेरे बिलकुल बगल में आकर लेट गया पलंग थोड़ा छोटा था तो हम दोनों को चिपककर लेटना पड़ा।

जब वो लेटा तो उसके हाथ से मेरा एक स्तन दब रहा था।

कुछ देर ऐसे ही उसने मेरे स्तन को दबाया और फिर वो मेरी तरफ करवट लेकर लेट गया मैंने भी उसकी तरफ करवट ले ली।

अब हम दोनों के चेहरे एक दूसरे के बहुत करीब थे और हम दोनों एक दूसरे की सांसों को महसूस कर पा रहे थे।

कुछ देर ऐसा ही चलता रहा फिर राहुल ने मुझे होठों पर ज़ोर से चूम लिया।

इस बार मैं चिल्लाई नहीं बल्कि बदले में मैंने भी उसे एक और चुंबन दे दी।

अब हम दोनों एक दूसरे को चूम रहे थे और राहुल पूरी तरह से मेरे दोनों होठों को खा चुका था।

तभी उसने अपने हाथों से मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और मेरी टॉप में से उसने मेरे दोनों स्तनों को बाहर निकाल दिया।

मैं भी पीछे नहीं हटी मैंने उसके पजामे के अंदर हाथ डाला और उसके बड़े और गर्म लंड को अपने हाथ से मसलने लगी।

जब मैंने उसके लंड को पकड़ा तो राहुल के पूरे शरीर में एक कपकपी सी छूट गई जिसके बाद उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए।

फिर वो मेरे भी सारे कपड़े उतारने लगा और कुछ ही देर में उसने मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया।

आप यह भाई बहन की चुदाई कहानी | Bhai Bahan Chudai Sex Story – सगी, चचेरी, ममेरी, सौतेली भाई बहन सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

मेरी नजरों में शर्म की लाली छा गई क्योंकि आज से पहले किसी मर्द ने मुझे इस तरह छुआ तक नहीं था। राहुल मेरे पैर फैलाकर उनके बीच लेट गया और अपनी गर्म सांसों से मेरी चूत को छूने लगा। पहले तो उसने अपनी उंगलियों से मेरी मुलायम और अब तक अनछुई चूत की पत्तियों को धीरे से अलग किया। फिर उसने अपनी जीभ का नोक से मेरी क्लिटोरिस को हल्के हल्के चक्कर काटते हुए चाटना शुरू किया।

मैं पूरे पलंग पर इधर से उधर मचल रही थी। उसकी जीभ अब मेरी चूत के ऊपरी हिस्से को लपेटते हुए चूसने लगी थी। कभी वह अपनी पूरी जीभ फैलाकर लंबे लंबे लिक्के दे रहा था तो कभी होंठों से मेरी छोटी छोटी पत्तियों को चूस रहा था। उसकी गर्म जीभ मेरी अंदरूनी दीवारों तक पहुंच रही थी और हल्के हल्के अंदर बाहर हो रही थी। मेरे शरीर में एक अनजानी सी गर्मी फैलने लगी थी जो पहले कभी महसूस नहीं हुई थी।

उसके ऐसा करने पर मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं बस चाहती थी कि वो ऐसा करते रहे।

फिर कुछ देर बाद वो अपना बड़ा सा लंड लेकर मेरे मुंह के पास आ गया और मेरे मुंह में उसने अपना सख्त और हवस से गर्म लंड डाल दिया।

मैंने उसका लंड काफी देर तक चूसा फिर उसने थूक अपनी उंगली पर लगाकर मेरी चूत पर लगा दिया और मेरी चूत पूरी गीली कर दी।

फिर वो लेट गया और अपना मोटा और लोहे जैसा लंड मेरी चूत पर मसलने लगा।

उसके शरीर का भार मेरे ऊपर आया तो गद्देदार बिस्तर थोड़ा धंस गया। उसने अपने घुटनों को फैलाकर अपनी जगह बनाई और अपने कड़े, मोटे लंड को मेरी गीली चूत की सतह पर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे रगड़ने लगा। लंड की नसें उभरी हुई थीं और उसकी गर्माहट मेरी संवेदनशील त्वचा को छूते ही सिहरन पैदा कर रही थी। मैं अपनी सांसें रोके हुए महसूस कर रही थी कि कैसे उसका मोटा सिरा मेरी बाहर वाली पत्तियों को दबाता हुआ आगे-पीछे सरक रहा है।

उसने पहले तो अपने लंड के सिरे से मेरी चूत की बाहर वाली पत्तियों को धीरे धीरे रगड़ा। लंड का गर्म और चिपचिपा सिरा मेरी नरम, फूली हुई पत्तियों पर दबाव डाल रहा था। हर रगड़ के साथ एक हल्की सी चिपचिपाहट की आवाज आ रही थी क्योंकि मेरी चूत पहले से ही उसके मुंह की चाट और अपनी उत्तेजना से भीगी हुई थी। मैं अपने होंठ काटते हुए कराह रही थी, “आह… राहुल… धीरे…” लेकिन मेरी आवाज में दर्द और चाहत दोनों घुली हुई थी।

फिर उसने अपनी उंगलियों से मेरी चूत को थोड़ा और फैलाया और लंड का ऊपरी हिस्सा अंदर डालने की कोशिश की। उसकी मोटी उंगलियों ने मेरी चूत की दोनों तरफ की कोमल मांसपेशियों को अलग किया। ठंडी हवा अंदर जाने लगी तो मैं सिहर उठी। लंड का मोटा सिरा अब मेरे प्रवेश द्वार पर दबाव बना रहा था। उसने अपनी कमर को थोड़ा पीछे खींचा और फिर एक ज़ोरदार झटके से अपना बड़ा लंड एक ही बार में मेरी चूत के अंदर डाल दिया।

मेरी टाइट और अनछुई चूत पहले कभी किसी मर्द के लंड को अंदर नहीं ले पाई थी। तेज दर्द की लहर मेरे पूरे शरीर में दौड़ गई। जैसे कोई आग का गोला मेरी अंदरूनी दीवारों को चीरता हुआ अंदर घुस गया हो। मेरी आंखें फट गईं, मुंह से एक लंबी चीख निकल गई, “आआआह… नहीं… दर्द हो रहा है!” मेरे नाखून उसके कंधों में गड़ गए और मेरी जांघें अनायास ही कांपने लगीं।

मैंने पहले कभी चुदाई नहीं की थी इसलिए मेरी चूत से बहुत सारा खून आ गया और मैं चिल्लाती रही। गर्म खून की धार मेरी जांघों के बीच बह रही थी, चादर को लाल कर रही थी। दर्द इतना तीखा था कि मेरी सांस अटक गई। लेकिन राहुल मेरी इतनी ज़ोर से चीख सुनने के बाद भी नहीं रुका और मुझे और ज़ोर से चोदने लगा।

इस बार राहुल मेरी इतनी ज़ोर से चीख सुनने के बाद भी नहीं रुका और मुझे और ज़ोर से चोदने लगा। उसने अपने दोनों हाथों से मेरी कमर को जकड़ लिया और अपनी कमर को तेजी से आगे-पीछे करने लगा। हर धक्के के साथ उसका मोटा लंड मेरी चूत की गहराई तक पहुंच रहा था। “उफ्फ… कितनी टाइट है तू… आह…” वो गुर्राते हुए बोला। मेरी चूत की दीवारें उसके लंड को कसकर जकड़ रही थीं।

मैं पलंग पर लेटकर चिल्लाती रही और वो मुझे पूरी ज़ोर से चोदता रहा। मेरी चूत अब पूरी तरह से उसके लंड के आकार की हो चुकी थी। हर बार जब वो बाहर निकालता तो खालीपन महसूस होता और फिर जोरदार धक्के से अंदर घुसते ही दर्द और आनंद की मिली-जुली लहर उठती। वो बार बार तेज धक्के दे रहा था। कभी गहराई तक अंदर ले जाकर रुक जाता तो कभी तेजी से बाहर निकालकर फिर जोर से अंदर ठेल देता।

मेरे स्तन उछल उछल कर उसके हाथों में आ रहे थे। हर धक्के के साथ मेरे नरम, भरे हुए स्तन ऊपर-नीचे उछल रहे थे। राहुल ने एक हाथ से एक स्तन को मसल लिया और निप्पल को अपनी उंगलियों में दबाकर खींचा। “मम्म… राहुल… धीरे करो ना…” मैं कराहते हुए बोली, लेकिन मेरा शरीर अब दर्द से आगे निकलकर गर्मी महसूस करने लगा था।

तकरीबन बीस मिनट तक उसने मुझे चोदा और फिर अपना लंड बाहर निकालकर मेरे मुंह के सामने लाकर हिलाने लगा। उसका लंड मेरी चूत के रस और खून से चमक रहा था। उसने लंड को तेजी से ऊपर-नीचे हिलाया। उसकी सांसें भारी हो गई थीं और पसीना उसके चेहरे से टपक रहा था।

आप यह भाई बहन की चुदाई कहानी | Bhai Bahan Chudai Sex Story – सगी, चचेरी, ममेरी, सौतेली भाई बहन सेक्स स्टोरी हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

कुछ देर उसने लंड हिलाया और मेरे बूब्स बहुत ज़ोर से दबाए। उसने दोनों स्तनों को आपस में दबाकर बीच में अपना गीला लंड रखा और जोर जोर से बूब्स फक करने लगा। मेरे निप्पल उसके अंगूठों के बीच दब रहे थे। हर बार जब वो आगे धकेलता तो लंड का सिरा मेरे होंठों को छू जाता। मैं अपनी जीभ निकालकर उसे चाटने की कोशिश कर रही थी।

फिर उसका सारा वीर्य मेरे मुंह पर ही झड़ गया। गर्म, गाढ़ा वीर्य मेरे होंठों, गालों और ठोड़ी पर गिरा। कुछ बूंदें मेरी जीभ पर भी पड़ीं। उसका स्वाद नमकीन और थोड़ा कड़वा था। मैं हांफते हुए लेटी रही।

वो दिन है और आज का दिन का दिन है हम दोनों जब भी मिलते हैं एक दूसरे के साथ सेक्स करते हैं। तो दोस्तों अगर आप ऐसी ही कहानियां पढ़ना चाहते हैं तो जुड़े रहिए हमारे साथ।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।