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ज़िद में आकर अपनी कजिन को चोदा

Cousin sex story, forced sex story: सलाम दोस्तो, मैं आज़ एक और ट्रू स्टोरी लेकर हाज़िर हूँ. मेरी उम्र 18 साल है और मैं इस्लामाबाद और हंगू में रहता हूँ.

मेरी ये स्टोरी तक़रीबन 7 महीने पहले की है. मेरे एक दूर के रिश्तेदार हैं, जिनको हम कजिन ही समझते हैं. उसका नाम ज़किया है, सब उसे ज़की बुलाते हैं. वो बहुत सेक्सी है, उम्र तक़रीबन 21 साल की होगी. उसके बूब्स बहुत मोटे-भरे हुए हैं और वो बेहद स्मार्ट भी है, एकदम हॉट लगती है. मेरी कजिन ज़की की एंगेजमेंट मेरे चाचा के साथ हुई थी, लेकिन ज़की के कई बॉयफ्रेंड्स थे. जब चाचा को पता चला तो उन्होंने एंगेजमेंट तोड़ दी.

सारे घर वाले यही समझते थे कि मैंने ही चाचा को ज़की के बॉयफ्रेंड्स के बारे में बताया, इसीलिए एंगेजमेंट मेरी वजह से टूटी. मुझ पर इल्ज़ाम लगा तो गुस्सा बहुत आया. मैंने मन ही मन ठान लिया कि अब ज़की को चोदकर अपनी ज़िद पूरी करूँगा.

वक़्त गुज़रता रहा. मुझे मोबाइल पर लड़कियों से बात करना बहुत पसंद है. मैंने ज़की को मैसेज करना शुरू किया. पहले वो थोड़ा संकोच करती थी, लेकिन धीरे-धीरे रिप्लाई देने लगी. हम दोनों काफी फ्री हो गए.

एक दिन उसने मैसेज किया कि उसका कंप्यूटर खराब है. मैंने कहा, “किस दोगी तो ठीक कर दूँगा.” वो बोली, “नीचे हमारे घर आ जाओ, किस दे दूँगी.” मैंने पूछा, “कहाँ से किस दोगी?” वो चुप हो गई और खुद ही हमारे घर आ गई. मम्मी से बातें करने लगी. उसने मुझे कुछ नहीं कहा. मेरा प्लान काम कर रहा था, दिल खुश हो गया.

फिर एक दिन मुझे मैसेज आया – “जान आई लव यू”. मैंने पूछा तो बोली, “मिस्टेक हो गया, किसी और को भेजना था.”

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ज़की के पापा नहीं थे, छोटा भाई सिर्फ 7 साल का था. उसकी अम्मी मुझे बहुत पसंद करती थीं. एक दिन अम्मी ने कहा, “कल मज़दूर आएँगे, घर में कोई मर्द नहीं, तुम खड़े रहना.” मैं खुशी-खुशी मान गया. रोज़ उनके घर जाने लगा. जब अम्मी बाज़ार जातीं, मैं मज़दूरों को छोड़कर ज़की के साथ कमरे में बैठ जाता. गले लगाना, हाथ पकड़ना, थोड़ी-बहुत शरारतें होने लगीं.

एक दिन अम्मी बाज़ार गईं. मैं ज़की के साथ कमरे में था. किसी बात पर बहस हो गई. वो नाराज़ होकर दूसरे कमरे की तरफ़ जाने लगी. मैंने पीछे से पकड़ा, गले लगा लिया और गर्दन पर किस कर दिया. उसका चेहरा लाल हो गया. जैसे ही गले लगाया, मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया.

आहिस्ता-आहिस्ता हाथ उसके बूब्स तक ले गया. छूते ही लगा जैसे वो भी गर्म हो रही है. मैंने बूब्स दबाने शुरू किए. क्या मस्त बूब्स थे, नरम और भरे हुए. उसकी कमीज में पीछे ज़िप थी, मैंने खोल दी. गर्दन चूमता रहा. वो मेरी तरफ़ मुड़ी, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और जोर से चूसने लगा. 2-3 मिनट बाद उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी. हम दोनों एक-दूसरे की जीभ चूसने लगे.

किस करते-करते उसका हाथ मेरे लंड पर आ गया. मुझे जोश चढ़ गया. मैंने उसकी कमीज उतार दी, ब्रा से एक बूब निकाला और निप्पल चूसने लगा. वो मेरे लंड को हाथ से मसल रही थी. मैंने निप्पल हल्का काटा, ज़ोर-ज़ोर से चूसा. वो सिसकने लगी, “आह्ह्ह… आराम से… पागल हो गए हो क्या?”

मुझे कंट्रोल नहीं रहा, मैं झड़ गया. लेकिन वो रुकी नहीं. उसने मेरी कमीज और शलवार उतार दी. फिर खुद की शलवार उतारी, दरवाज़ा लॉक किया और फ्रेंच किस करने लगी. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.

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वो ब्रा और पैंटी उतारने लगी. उसके ब्रेस्ट देखकर मन खुश हो गया. मैंने दोनों बूब्स हाथ में लिए, दबाए. एक हाथ उसकी चूत पर रखा. चूत साफ़ शेव्ड थी, गीली हो चुकी थी. मेरा मन किया जूस पी लूँ. हम 69 में हो गए. वो ऊपर, मैं नीचे.

ज़की ने मेरा लंड मुँह में लिया और चूसने लगी. “आज तेरे लंड का चमड़ा निकाल दूँगी,” कहकर जोर-जोर से चूस रही थी. मैंने उसकी चूत पर जीभ रखी, चाटने लगा. चूत से पानी निकल रहा था. जीभ अंदर डाली तो वो सिहर उठी.

“आह्ह्ह… ओह्ह्ह… ज़बर्दस्त… और चाट… आआह्ह्ह…” वो सिसक रही थी. मैंने और जोर से चाटा. उसकी चूत से पानी मेरे मुँह में आ गया. वो झड़ गई.

मुझे गुस्सा आया. मैं उठा, अपना 8 इंच का लंड उसके मुँह में पूरा ठूँस दिया. गले तक चला गया. वो खाँसने लगी. मैंने सिर पकड़कर रोका. फिर लंड निकाला और उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो चिल्लाई, “आह्ह्ह… बस… अब डाल दे… बर्दाश्त नहीं होता.”

मैंने उसे लिटाया. ऑयल ढूँढा लेकिन चूत इतनी गीली थी कि बिना ऑयल के भी जा सकता था. मैंने लंड चूत पर रखा, हल्का धक्का दिया. थोड़ा अंदर गया. वो चीखी, “आह्ह्ह… धीरे…”

धीरे-धीरे धक्के देने लगा. वो रोने लगी, “प्लीज़… दर्द हो रहा है… निकाल लो…” मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया ताकि आवाज़ बाहर न जाए. 3-4 मिनट धक्के दिए, फिर लंड निकाला और उंगली डालकर अंदर-बाहर किया. वो फिर गर्म हो गई.

अब मैंने लंड फिर डाला. इस बार वो चुप रही. धक्के शुरू किए तो वो भी कमर हिलाने लगी. मैं रुक गया तो वो खुद धक्के मारने लगी. “और… ज़ोर से… मार डाल आज मुझे… आह्ह्ह… ओह्ह्ह… ज़बर्दस्त…”

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मैंने और जोर लगाया. पूरा लंड अंदर तक घुसा दिया. वो चीख रही थी लेकिन मज़े ले रही थी. उसकी चूत से खून निकल रहा था. पता चला वो कुंवारी थी, बॉयफ्रेंड्स के बावजूद कभी सेक्स नहीं किया था. उसकी सील टूट गई.

वो बाथरूम की तरफ़ भागी, मैं पीछे गया. लेकिन जैसे ही बाहर निकला, अम्मी को किचन में देखा. मैं चुपके से घर आ गया, नहाया और लिबास पहनकर बैठ गया.

मेरी ज़िद पूरी हो गई. अब फिर से चोदने का मन करता है. वो मुझे मैसेज करती रहती है. अब प्लान है कि वो मेरे गाँव आएगी और फिर सेक्स करेंगे.

दोस्तो, कैसी लगी ये स्टोरी? क्या आप भी ऐसी ज़िद पूरी कर चुके हैं? कमेंट में बताओ, अगली स्टोरी में क्या चाहते हो?

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