मेरी बीवी को पेला बॉस ने

Cheating wife sex story: मेरा नाम शुभम है, और मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूँ। मेरी उम्र 28 है, और मेरी बीवी का नाम मानसी है—27 साल की एक गोरी चिट्टी, जवान औरत, जिसका चेहरा मासूमियत से भरा है पर जिस्म एकदम गर्म माल का। उसका फिगर 34-28-34 का है—बड़े बड़े चूचियाँ, कमर पतली, और गांड गोल गोल, जो चलते वक्त ऐसे मटकती है कि कोई भी लंड खड़ा कर दे। जब वो चलती है, तो उसके चूतड़ों का ठुमका देखकर हर मर्द की आँखें उसकी चूत पर टिक जाती हैं और मन करता है कि बस उसे पटक कर चोद डालें। अभी कुछ दिनों पहले मैंने अपने मैनेजर मिस्टर तनेजा को अपने घर डिनर पर बुलाया था।

उस रात मानसी ने एक टाइट साड़ी पहनी थी, जो उसके जिस्म के हर कट को उभार रही थी। उसकी गहरी नाभि और चूचियों की गोलाई साफ दिख रही थी, और मैं देख रहा था कि तनेजा की नजरें बार-बार उसकी मटकती गांड और भरे हुए चूचों पर अटक रही थीं। हमने उनकी खूब खातिर की, और मानसी ने बार-बार उनके सामने झुककर खाना परोसा, जिससे उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया और तनेजा को उसके मस्त चूचों की झलक मिली। मुझे लगा शायद वो बस तारीफ कर रहे हैं, पर उनकी आँखों में वो हवस साफ झलक रही थी जो किसी मर्द का लंड तुरंत टनटना दे।

अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ था कि जैसे ही मैं ऑफिस पहुँचा, प्यून ने कहा, “सर, आपको बॉस ने बुलाया है।” मैं उनके केबिन में गया तो तनेजा ने मुस्कुराते हुए कहा, “कॉन्ग्रैट्स, शुभम!” और मेरा प्रमोशन लेटर मेरे हाथ में थमा दिया। मैंने थैंक्स कहा तो वो हँसे और बोले, “सिर्फ थैंक्स से काम नहीं चलेगा, अब तेरी मस्त बीवी की चूत की तरह गरम पार्टी चाहिए।” मैंने हँसकर कहा, “ठीक है, बॉस, जरूर दूँगा।”

शाम को घर पहुँचा तो मैंने मानसी को ये खुशखबरी सुनाई। वो खुशी से उछल पड़ी और बोली, “तनेजा जी ने कहा था कि देखना मानसी, इस बार शुभम का प्रमोशन जरूर करूँगा, और देखो, कर दिया!” उसकी आँखों में चमक थी, और मैंने कहा, “हाँ, मैंने ऑफिस में सबको पार्टी के लिए कहा है।” हमने प्लान बनाया कि अगले शनिवार को सबको इनवाइट करेंगे। मैंने अपने दोस्तों, पड़ोसियों, और बॉस को बुलाया।

शनिवार को हमने एक जोरदार पार्टी रखी। मेरे ऑफिस के दोस्त, बॉस, कुछ करीबी रिश्तेदार, और पड़ोसी—सब आए। मानसी ने उस दिन एक लाल रंग की साड़ी पहनी थी, जो उसके जिस्म को चिपक रही थी। उसकी चूचियाँ साड़ी से बाहर उभर रही थीं, और उसकी गांड का उभार देखकर लग रहा था कि बस अभी कोई उसे दबोच लेगा। सबने पार्टी का मजा लिया, और मैंने मानसी से कहा, “बॉस का खास ध्यान रखना, उनकी वजह से ही ये सब हुआ है।” उसने मेरी बात मान ली और बॉस के आसपास मंडराने लगी।

बॉस एक शैंपेन की बोतल लाए थे, जो उन्होंने हमें दी। मैंने उसे खोला और सबके लिए गिलास में डाला। वैसे तो मैं आम तौर पर नहीं पीता, पर खुशी का मौका था। एक गिलास पीते ही मुझे चढ़ गई, और मैंने खुद को काबू में रखा ताकि मेहमानों के जाने का इंतजार कर सकूँ। धीरे-धीरे सब मेहमान जाने लगे, पर बॉस रुक गए। मेरा सिर दर्द कर रहा था, तो मैंने मानसी से कहा, “बॉस का साथ देना, मैं सोने जा रहा हूँ।” वो हँसकर बोली, “हाँ, तुम आराम करो, मैं इनका पूरा ख्याल रखूँगी।” उसकी आवाज में कुछ शरारत थी, पर मैं नशे में समझ नहीं पाया।

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मैं सोने चला गया। थोड़ी देर बाद जब मेरी आँख खुली तो मैंने सोचा, मानसी कहाँ है? मैं गार्डन में गया, वो वहाँ नहीं थी। फिर घर के अंदर आया तो देखा एक कमरे की लाइट जल रही थी। अंदर से मानसी और बॉस की आवाजें आ रही थीं। मैंने दरवाजे के पास से झाँका तो देखा दोनों के हाथ में जाम थे। मैं दंग रह गया—मानसी वैसे ड्रिंक नहीं करती! बॉस ने उसे थैंक्स कहा तो मानसी बोली, “नहीं सर, आपने हमारे लिए इतना किया, तो क्या मैं आपके लिए अपनी चूत की गर्मी भी नहीं दिखा सकती?” उसकी बात सुनकर मेरा दिमाग घूम गया।

फिर बॉस ने उसे डांस के लिए कहा। मानसी ने म्यूजिक सिस्टम ऑन किया और दोनों एक-दूसरे की बाहों में लिपट गए। बॉस का हाथ धीरे-धीरे मानसी की चूचियों पर गया और हल्के से दबाने लगा। मानसी ने उन्हें एक गंदी सी स्माइल दी और बोली, “सर, थोड़ा जोर से दबाओ ना, मेरे चूचे आपके लिए तड़प रहे हैं।” मैं समझ गया कि मानसी की हवस जाग चुकी है। फिर मानसी ने बॉस के पैंट के ऊपर से उनके लंड को सहलाना शुरू कर दिया और बोली, “सर, ये तो पहले से ही मेरी चूत के लिए बेकरार है।”

थोड़ी देर बाद बॉस ने मानसी की साड़ी उतार दी। उसका ब्लाउज और पेटीकोट भी खींचकर फेंक दिया। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी, और बॉस की आँखों में वो हवस चमक रही थी जो किसी जंगली जानवर की होती है। फिर बॉस ने उसकी ब्रा और पैंटी भी उतार दी और उसके नंगे चूचों को मुँह में लेकर चूसने लगे। मानसी सिसकारियाँ भरने लगी और बोली, “सर, मेरे निप्पल को काट डालो, इनमें आग लगी है। अपने इस हथियार के दर्शन तो कराओ, मेरी चूत इसे देखने को तरस रही है।”

बॉस हँसे और बोले, “खुद ही देख ले, मेरी रंडी।” मानसी ने बॉस के कपड़े उतार दिए, और मेरे सामने बॉस का 8 इंच का मोटा लंड लहरा रहा था। मेरी बीवी नंगी उनकी गोद में बैठी थी, और उसकी आँखों में लंड के लिए लालच साफ दिख रहा था। बॉस ने कहा, “चूस इसे, मानसी।” वो बोली, “वैसे तो मैं ये नहीं करती, पर आपके इस मूसल जैसे लंड के लिए मेरी चूत और मुँह दोनों तैयार हैं।” फिर उसने बॉस के लंड को अपनी जीभ से चाटा और मुँह में लेकर चूसने लगी।

मानसी बॉस के मोटे, 8 इंच के लंड को अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जैसे कोई भूखी शेरनी मांस पर टूट पड़ी हो। उसकी जीभ लंड के सुपारे पर गोल-गोल घूम रही थी, और वो हर चूसने के साथ सिसकारियाँ भर रही थी। बॉस उसकी गोल, चिकनी गांड पर हाथ फेर रहे थे और बीच-बीच में जोर से चपत मारते हुए बोल रहे थे, “क्या मस्त गांड है तेरी, मानसी, इसे तो मैं आज रगड़-रगड़ कर लाल कर दूँगा।” मानसी ने लंड मुँह से निकाला और हँसकर बोली, “सर, मेरी गांड आपके लंड की गुलाम है, जितना जोर चाहिए मारो, बस मेरी चूत को मत छोड़ना।”

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काफी देर तक मानसी बॉस का लंड चूसती रही। उसका मुँह लार से गीला हो गया था, और बॉस के लंड से निकलने वाला पानी उसके होंठों पर चमक रहा था। बॉस ने कहा, “मानसी, तुम तो कहती थीं कि इन चीजों में इंटरेस्ट नहीं लेतीं, फिर भी इतना गजब का लंड चूसती हो, क्या बात है?” मानसी ने गंदी हँसी हँसते हुए कहा, “सर, सब चूसवाने वाले पर डिपेंड करता है। मेरा पति तो अपना छोटा सा लंड भी मेरे मुँह में नहीं डालता, और कॉलेज में मेरा बॉयफ्रेंड मुझे बिना लंड चुसवाए चोदता ही नहीं था। आपके इस मोटे डंडे को देखकर तो मेरी चूत में आग लग गई है।”

ये सुनकर मेरे होश उड़ गए। मैं तो मानसी को शरीफ, घरेलू औरत समझता था, पर वो तो कॉलेज के दिनों से ही मर्दों के लंड की भूखी निकली। मेरे सामने मेरी बीवी एक रंडी की तरह बॉस का लंड चूस रही थी, और मैं कुछ कर भी नहीं पा रहा था। फिर बॉस ने मानसी को उठाया और सोफे पर पटक दिया। उसकी टाँगें चौड़ी कीं और अपने लंड पर थूक लगाया। मानसी की चूत पहले से ही गीली थी, उसकी चूत के होंठ फड़फड़ा रहे थे जैसे बॉस के लंड को अंदर बुला रहे हों।

बॉस ने अपना मोटा लंड मानसी की चूत के मुँह पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा। आधा लंड उसकी चूत में समा गया, और मानसी की चीख निकल गई, “आहह… सर, धीरे… आपका लंड मेरी चूत को फाड़ देगा।” बॉस ने हँसकर कहा, “धीरे से मेरी जान, वरना तेरा पति जाग गया तो लेने के देने पड़ जाएँगे।” मानसी सिसकारियाँ भरते हुए बोली, “क्या करूँ सर, इतने दिनों बाद ऐसा मोटा, गरम लंड मिला है। शुभम का तो छोटा सा टिक-टिक है, आपके इस हथियार के सामने कुछ भी नहीं। मेरी चूत को आज भरपूर मजा दो।”

फिर बॉस ने धक्के लगाने शुरू किए। शुरुआत में मानसी दर्द से कराह रही थी, पर थोड़ी देर बाद उसका दर्द मजे में बदल गया। वो अपनी गांड उठा-उठाकर बॉस का साथ देने लगी और बोलने लगी, “हाँ सर, और जोर से… मेरी चूत को फाड़ डालो… इसे अपने लंड का गुलाम बना दो।” बॉस ने स्पीड बढ़ा दी। कमरे में उनकी चुदाई की आवाजें गूँज रही थीं—फच-फच… थप-थप… और मानसी की सिसकारियाँ, “आहह… ऊहह… चोदो मुझे… और तेज…” मेरे खयाल से मानसी कम से कम दो बार झड़ चुकी थी। उसकी चूत से पानी टपक रहा था, पर बॉस का लंड अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

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काफी देर तक बॉस ने मानसी को पेला। उसकी चूचियाँ हर धक्के के साथ उछल रही थीं, और बॉस बार-बार उन्हें मुँह में लेकर चूस रहे थे। फिर अचानक बॉस खड़े हुए और अपना लंड मानसी की चूत से बाहर निकाला। उनका लंड पूरा गीला था, और वो हाँफते हुए बोले, “ले मेरी रानी, अब तेरे मुँह और चूचों को अपने माल से नहला दूँगा।” उन्होंने अपने लंड को हिलाया, और गरम-गरम माल की पिचकारी मानसी के मुँह और चूचों पर गिरने लगी। मानसी ने अपनी जीभ निकालकर बॉस का सारा माल चाट लिया और बोली, “सर, आपका माल तो मेरे लिए अमृत है, इसे तो मैं पूरा पी जाऊँगी।”

उस वक्त मानसी एक सच्ची रंडी लग रही थी। मैंने उस पर इतना भरोसा किया था, जो उसने आज मेरे बॉस से चुदवाकर तोड़ दिया। फिर बॉस ने अपने कपड़े पहने और मानसी से बोले, “जान, अब आगे का क्या इरादा है?” मानसी नंगी ही लेटी रही और गंदी मुस्कान के साथ बोली, “कहाँ जान, ये चूत आपके लंड के लिए हमेशा खुली है। जब मन करे आना और अपना लौड़ा इसमें डाल देना। सिर्फ चूत नहीं, मेरी गांड और मुँह भी आपके लिए तैयार हैं।” बॉस हँसे और चले गए।

मानसी वैसे ही नंगी कमरे में पड़ी रही। मैं जल्दी से अपने कमरे में गया और सोने का नाटक करने लगा। थोड़ी देर बाद मानसी मेरे पास आई और नंगी ही मेरे बगल में लेट गई। मैंने जानबूझकर अपना हाथ उसके जिस्म पर रखा और पूछा, “तुम्हारा बदन चिपचिपा क्यों है?” वो बोली, “पसीने की वजह से।” मैंने कहा, “अच्छा।” फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाला और पूछा, “आज तुम्हारी चूत इतनी चौड़ी क्यों लग रही है?” वो हँसकर बोली, “तुमने रोज-रोज चोद-चोदकर चौड़ी कर दी है।” मैंने उसकी चुदाई की और सो गया।

अब बॉस मुझे किसी ना किसी काम में फँसाकर मेरी बीवी को चोदने जाते हैं। मैंने अपने बेडरूम में एक हिडन कैमरा लगा दिया है। दोस्तो, मैं आगे बताऊँगा कि कैसे मेरे बॉस और ऑफिस के दोस्तों ने मेरी सेक्सी बीवी की चुदाई की।

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