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मोहल्ले के दर्जी ने दोनों बहनों की चूत का भोसड़ा बनाया

Group sex story – tailor/darzi sex story: स्वागत है हमारी इस खतरनाक ग्रुप सेक्स स्टोरी में। मेरा नाम राधिका है, उम्र अभी-अभी 23 की हुई है, वजन 58 किलो, फिगर 32-28-34। मेरी चूचियाँ इतनी टाइट और गोल कि ब्रा में भी उभरी-उभरी दिखती हैं, कमर इतनी पतली कि हाथ में आ जाए और गांड इतनी भारी-उभरी कि चलते वक्त लहराती है, देखने वाले का लंड तुरंत सलामी देने लगता है। मेरी बड़ी बहन रिया भी बिल्कुल मेरी कार्बन कॉपी है, हम दोनों के कपड़े तक एक जैसे पहनते हैं, कभी-कभी लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि कौन राधिका है कौन रिया।

हमारे परिवार में मम्मी-पापा, छोटा भाई और हम दोनों बहनें हैं। एक दिन मम्मी-पापा और भाई दो दिन के लिए बाहर गए थे। मैं कॉलेज जाने को तैयार होकर निकली, लेकिन कॉलेज पहुँचते ही पता चला कि आज छुट्टी है। मन खुश हो गया, सोचा घर लौटकर रिया के साथ बिस्तर पर लेटकर टीवी देखेंगे, पॉपकॉर्न खाएंगे, मस्ती करेंगे। लेकिन घर पहुँचकर जो नजारा देखा, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई और चूत में आग सुलग गई।

घर में घुसते ही मुझे किसी मर्द की भारी-भारी सांसें और हल्की गुर्राहट सुनाई दी, वो आवाज रिया के कमरे से आ रही थी। मैं चुपके से दरवाजे के पास गई, दरवाजा हल्का सा खुला था, झांककर देखा तो मेरी सांस रुक गई। हमारी गली का दर्जी राजू अंकल, करीब 35-36 साल का अधेड़, गठीले बदन वाला, बेड पर बैठा था और रिया सिर्फ गुलाबी ब्रा-पैंटी में उसके सामने घुटनों पर बैठी थी। रिया का गोरा-गोरा बदन पसीने से चमक रहा था, ब्रा में उसकी चूचियाँ उफन रही थीं।

राजू अंकल ने अपना पैंट का चेन खोला और मोटा, काला, नसों वाला लंड बाहर निकाल कर रिया के मुँह के सामने लटका दिया। लंड से हल्की-हल्की मर्दाना गंध आ रही थी, पसीने और मूत की मिली-जुली खुशबू। रिया ने बिना कुछ बोले जीभ बाहर निकाली और लंड की टिप को धीरे-धीरे चाटना शुरू कर दिया, जैसे कोई बच्ची आइसक्रीम चाट रही हो। पहले सिर्फ सुपारा, फिर नसों पर जीभ फेरते हुए, ग्ग्ग्ग्ग… गीगीगी… गोंगों… फिर अचानक पूरा लंड मुँह में ले लिया और गले तक उतारने लगी। उसके गाल अंदर धंस रहे थे, लार टपक रही थी, ग्ग्ग्ग्ग… गोंगों… गीगीगी… चूसने की गीली-गीली आवाजें कमरे में गूंज रही थीं।

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मैं छुपकर देखती रही। मेरी सांसें तेज हो गईं, दिल धक-धक कर रहा था, चूत में अचानक गर्मी सी फैल गई। सोच रही थी, “ये रिया कब से इतनी बेशर्म हो गई? लेकिन भगवान… ये देखकर मेरी पैंटी क्यों भीग रही है?” मेरी जांघें आपस में रगड़ने लगीं, निप्पल्स कड़े होकर ब्रा में चुभने लगे।

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मैं इतनी खोई हुई थी कि पता ही नहीं चला मेरे पीछे कोई खड़ा है। अचानक दो मजबूत, रूखे हाथ मेरे बूब्स पर आ गए और जोर से मसलने लगे। मैं हड़बड़ाई नहीं, क्योंकि हवस मेरे दिमाग पर छा चुकी थी। पीछे मुड़ी तो विकास अंकल थे, राजू अंकल के साथी दर्जी, और भी गठीले, काले, दाढ़ी वाले। उनकी आँखें लाल थीं, सांसें गरम। उन्होंने मेरे होंठ अपने मुँह में ले लिए और जीभ अंदर डाल दी। मैंने भी उनका साथ देना शुरू कर दिया, हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, लार मिल रही थी।

विकास अंकल ने मुझे गोद में उठाया और सीधे रिया वाले कमरे में ले गए। मुझे बेड पर लिटा दिया, बेड हिल गया। रिया और राजू अंकल एक पल को रुक गए। विकास अंकल हंसते हुए बोले, “अरे राजू, छोटी वाली भी आ गई… आज से ये रंडी भी हमारे लंड की गुलाम बनेगी, देखना कितनी जोर से चिल्लाएगी!”

उधर राजू अंकल ने रिया को घोड़ी बना रखा था, उसकी चूत में अपना मोटा लंड पेल-पेल कर ठुकाई कर रहे थे। पछपछ… पछपछ… पछाााक… की जोरदार आवाजें आ रही थीं। रिया चिल्ला रही थी, “आह्ह्ह… राजू अंकल… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत… ओह्ह्ह्ह… ह्ह्हीईई!”

विकास अंकल ने मेरे सारे कपड़े फाड़ने शुरू कर दिए। पहले टॉप, फिर स्कर्ट, फिर ब्रा-पैंटी। कुछ ही सेकंड में मैं बिल्कुल नंगी थी। विकास अंकल ने अपनी दर्जी वाली कैंची निकाली और मेरी लाल ब्रा के स्ट्रैप काट दिए, “अब तेरी सिलाई खोलता हूँ साली,” वो हंसते हुए बोले। फिर अपना लंड बाहर निकाला, मोटा, काला, सुपारा चमक रहा था। मेरे मुँह के सामने लटका दिया। मैं समझ गई। मैंने लंड पकड़ा और चूसना शुरू कर दिया, ग्ग्ग्ग्ग… गोंगों… गीगीगी… पूरा गले तक ले लिया। विकास अंकल मेरे बाल पकड़कर मुँह चोदने लगे, “हाँ साली… ऐसे ही… पूरा निगल ले!”

फिर विकास अंकल नीचे आए, मेरी टांगें फैलाईं और चूत चाटने लगे। जीभ अंदर तक डालकर चूस रहे थे, क्लिट पर दाँतों से हल्का काटा, मैं तड़प उठी, “आह्ह्ह्ह… विकास अंकल… ओह्ह्ह्ह… मर गयीीी… ऊईईई माँँँ!” मेरी चूत ने झटके मारकर पानी छोड़ दिया, मैं काँप गई, शरीर ढीला पड़ गया।

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विकास अंकल ने मेरी टांगें कंधों पर रखीं, लंड पर खूब सारा थूक लगाया और मेरी चूत के होंठों पर रगड़ने लगे। “देख राधिका, तेरी चूत कितनी भूखी है,” वो हाँफते हुए बोले। फिर एक जोरदार झटका, आधा लंड अंदर घुस गया। मैं चीख पड़ी, “आअह्ह्ह्ह… माँँँ… फट गयीीी!” आँसू आ गए। तभी राजू अंकल ने अपना लंड मेरे मुँह में ठूंस दिया ताकि मैं शोर न मचा सकूँ, रिया मेरे बूब्स मसल रही थी। विकास अंकल ने दूसरा झटका मारा और पूरा लंड अंदर। मुझे लगा कोई गर्म-गर्म लोहा चूत में घुस गया हो, लेकिन धीरे-धीरे दर्द मजा बनने लगा। मैं गांड उचकाकर साथ देने लगी, “हाँ अंकल… और जोर से… आह्ह्ह… ह्ह्हीईई… भर दो मुझे!”

राजू अंकल का लंड फिर खड़ा हो गया। उन्होंने रिया को फिर घोड़ी बनाया और चोदना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद दोनों ने अदला-बदली कर ली। अब राजू अंकल मेरी चूत में लंड पेल रहे थे, उनकी स्पीड इतनी तेज थी कि बेड हिल रहा था, पछपछपछ… पछाााक… “ले साली… ले रंडी… तेरी चूत तो दूध की तरह चूस रही है मेरा लंड!”

फिर विकास अंकल वापस मेरे पास आए, मुझे नीचे लिटाया, ऊपर चढ़कर मिशनरी में लंड पेला और मेरे होंठ चूसते हुए जोर-जोर से ठुकाई करने लगे। कुछ ही मिनट में उनकी गांड अकड़ गई और सारा गर्म-गर्म माल मेरी चूत में छोड़ दिया। उधर राजू अंकल भी झड़ने वाले थे, वो मेरे पास आए और सारा वीर्य मेरे बूब्स पर उड़ेल दिया। रिया झुककर मेरे बूब्स से माल चाटने लगी और फिर मेरे होंठों पर किस कर दिया, हमारी जीभें आपस में लड़ रही थीं, दोनों के मुँह में वीर्य का स्वाद था।

विकास अंकल हाँफते हुए बोले, “यार राजू, इन बहनों की चूत है ही इतनी रसीली… साली जैसे लंड को निचोड़ रही हों… जितना चोदो मन नहीं भरता!” हम चारों ठहाके मारकर हंस पड़े, लेकिन मेरी चूत अभी भी फड़क रही थी।

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उसके बाद दो दिन तक लगातार चुदाई चली। रात को भी दोनों अंकल आ गए। कभी मैं घोड़ी बनती, कभी रिया, कभी हम दोनों एक साथ लंड चूसतीं, कभी एक की चूत में लंड और दूसरे का मुँह में। कमरे में सिर्फ पछपछ… आह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्ह… ऊई माँ… ह्ह्हीईई… और वीर्य-पसीने की मिली-जुली खुशबू रहती।

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दो दिन बाद जब मम्मी-पापा लौटे तो हमारी चूत अभी भी लंड की याद में फड़क रही थी। अब जब भी मौका मिलता है, हम दोनों चुपके से राजू और विकास अंकल के पास चली जाती हैं और खूब चुदाई करवाती हैं।

राधिका की तरफ से: अरे यार, ये हमारी असली कहानी थी… लिखते वक्त भी मेरी चूत गीली हो गई। तुम लोग भी अगर कभी मोहल्ले के किसी अधेड़ लंड के नीचे आने का मौका मिले तो एक बार जरूर ट्राई करना। मजा इतना आएगा कि उम्र भर याद रहेगा। कमेंट में बताना कैसी लगी हमारी चुदाई, और हाँ… अपना लंड या चूत सहलाते हुए जरूर पढ़ना!

रिया की तरफ से: हाय मेरे प्यारे-प्यारे लंड वालों और चूत वालियों, जब राजू अंकल ने मेरी चूत में अपना माल भरा था ना, उस वक्त मैं आज भी काँप जाती हूँ। तुम सबको भी वैसा ही मजा मिले, बस इतनी दुआ है। अगर तुम्हारी भी कोई बहन, भाभी या मोहल्ले की आंटी है जिसे चोदने का मन हो तो बता देना… हम दोनों मिलकर प्लान बनवा देंगे 😉 कमेंट में गंदा-गंदा लिखना मत भूलना, हमें बहुत मजा आता है पढ़कर। लव यू ऑल… और खूब चुदाई करो! रिया और राधिका 💋💦

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3 thoughts on “मोहल्ले के दर्जी ने दोनों बहनों की चूत का भोसड़ा बनाया”

  1. हर लड़की चाहती है कि उसकी सील किसी अनुभव मर्द के musculine और फौलादी लंड से टूटे जैसी वो इक परिपूर्ण औरत बनने के सुख भोगे… लेकिन आज के सहरी करण और बचपन की गलतियाँ कि वजह से ज्यादा Boyfriend नामर्द बन चुके हैं और उनकी छोटी सी lulli औरत को वो मजा नहीं de pati जिसके लिए औरत हमेशा तरसती है…उनकी लुल्ली ज्यादा देर तक औरत की गरम चूत पर टिक नहीं पाती और वो बहुत जल्दी ढीली पड़ जाती है और औरत बेचारी प्यासी ही रह जाती है…हर रात उसकी चूत की आग जलती है लेकिन उसकी प्यास भुज नहीं पाती…ऐसे मैं उसे सफेद पानी की शिकायत होती है फिर कमर दर्द और मूड खराब होने लगता है जिसकी वजह से चिड़ा-चिदा पान और बात-बात पर लड़ाई होती है…

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