मेरी और बहन की चुदाई फैजान और उसके मुस्लिम दोस्त से 3

दोस्तो में रोहित एक बार फिर आपका स्वागत करता हु अपनी इस सच्ची कहानी में। कहानी के पिछले 2 पार्ट(मेरी और बहन की चुदाई फैजान और उसके मुस्लिम दोस्त से) को पढ़ कर आप लोगों ने बहुत सराहना की उसके लिए धन्यवाद। ये कहानी बिल्कुल सच्ची है बस रोचक बनाने के लिए थोड़ा सा मसाला जोड़ा गया है, बाकी कहानी बिल्कुल सच्ची है। आज जो में लिखने वाला हु ये तो आपको यकीन ही है होगा लेकिन दोस्तो जो आप पढ़ने वाले हो ये एकदम सच है। तो शुरू करते हैं कहानी को।
दोस्तो उस रात के बाद हिमानी और सलीम आपस मे काफी खुल गए थे, अब हिमानी रेगुलर फैजान के साथ सलीम के फ्लैट पर जाती थी और चुदाई के मज़े लेती थीं। और हर बार चुदाई के बाद वो तीनों बाहर बैठ कर गप्पे मारते थे। लेकिन फैजान और सलीम का मकसद सिर्फ हिमानी के मन में मुस्लिम मर्द के इज्जत और हिन्दू लोगों के लिए नफरत भरना था। इस काम में वो सफल भी हो रहे थे।
एक रात की बात है, हिमानी और फैजान चुदाई के बाद सलीम के साथ बाहर सोफे पर बैठ कर कॉफी पी रहे थे, हिमानी ने सिर्फ फैजान की टीशर्ट पहनी थी, जो कि उसकी जांघों तक आ रही थी, उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना था। सलीम बातों बातों में हिमानी को जांघों पर छू रहा था और हिमानी को सलीम से कोई दिक्कत नहीं थी। में हैरान था और हमेशा की तरह अंदर रूम में बैठ कर हिला रहा था। लेकिन आज की रात मेरे लिए बहुत यादगार होने वाली थी, ये मुझे पता नहीं था।
सलीम हिमानी से बोला कि फैजान से चुदाने के बाद तुम्हारा फिगर और भी निखर कर है, तुम पहले से और भी ज्यादा सेक्सी लगने लगी हो। हिमानी ने बोला थैंक यू सलीम जी, आप भी बस झूठी तारीफ करते हो।
सलीम बोला अरे विश्वास नहीं होता तुमको, देखो जरा अपने बूब्स और गांड़ को, कितने बड़े हो गए हैं और मस्त दिख रहे हैं।
हिमानी शर्मा गई लेकिन बहुत ज्यादा चौकी नहीं वो, क्योंकि सलीम अक्सर खुल कर कुछ भी बोल देता था। हिमानी ने कहा ये तो सही बोला अपने, मेरे कपड़े भी टाइट होने लगे हैं अब तो। ये सुनकर तीनों हंसने लगे।
सलीम ने मौका देख कर कहा कि ये तो तुम्हारी किस्मत अच्छी है कि फैजान जैसा तगड़ा मुस्लिम मर्द तुमको मिल है, वरना तुमको कभी असली सुख मिलता ही नहीं। तुम हमेशा दुबले पतले मोटे पति या बॉयफ्रेंड से 1—2 मिनट करके गरम ही रह जाती। कभी ठंडी नहीं हो पाती।
हिमानी हस कर फैजान के हाथ पर हाथ रख कर उसको देखती है और फैजान उसको एक किस करता है। फिर हिमानी बोलती हैं, सारे हिन्दू मर्द इसे थोड़ी न होते हैं,  कुछ लोग होती होगे मरियल छोटी लुल्ली वाले। इस पर सलीम ज़ोर देकर बोला कि इन हिंदुओं को मर्द मत बोलो, साले सारे के सारे छोटी लुल्ली वाले हैं, किसी में दम नहीं है औरत को खुश करने का। इनको तुम नामर्द या गांड़ू कह कर बोला करो।
हिमानी चुप हो गई, इस पर सलीम बोला बाहर के लोगों को तो छोड़ो तुम्हारे घर के लोग भी असली मर्द नहीं है, वो भी गांड़ू हैं। हिमानी को थोड़ा बुरा लगा, हालांकि उसको लगता हैं कि सभी हिन्दू लोग असली मर्द नहीं हैं। हिमानी ने बोला ऐसा मत बोलो प्लीज मेरे घर वालो के लिए।
सलीम बोला बुरा मत लगाना लेकिन मैने अगर प्रूव कर दिया कि तुम्हारा भाई गांड़ू है तो तुम क्या करोगी। हिमानी ने बोला जो आप बोलोगे वो करुंगी लेकिन मन ही मन हिमानी को डर था कि सलीम सही साबित ना हो जाए। मअंदर रूम में मेरी गांड़ फट रही थी कि अब क्या होने वाला है।
तभी सलीम ने मुझे आवाज लगाकर बाहर बुलाया, मैने कोइ जवाब नहीं दिया, तो उसने बोला बहनचोद बाहर आ, तो मैं डर कर बाहर आ गया। मुझे देख कर हिमानी शोक हो गई और थोड़ा डर गई। सलीम ने हिमानी को बोला डरो मत ये गांड़ू कुछ नहीं करेगा और करेगा तो इसकी गांड़ मार लूंगा। हिमानी बोली आप यहां क्या कर रहे हों और में सर झुका कर खड़ा था और अंदर से सलीम को गाली दे रहा था।
हिमानी फैजान की टीशर्ट जो उसने पहनी थी उससे अपने जांघों को कवर करने लगी तो फैजान ने उसको रोक दिया और बोला इस गांड़ू से शर्माने की जरूरत नहीं है। फिर सलीम ने हिमानी को बोला ये गांड़ू यहां आकर मेरा लन्ड चूसता है। इसको पता है तुम फैजान की गर्लफ्रेंड हो और आकर चुदाई करती हो।
ये तुम्हारी चुदाई देखने के बदले में मेरा लन्ड चूसता है। जब तुम दोनों रूम में सेक्स करते हो ये बाजू के कमरे में तुम्हारी चुदाई देख कर मेरा लन्ड चूसता है। सलीम ये बोल कर हंसने लगता हैं। हिमानी को ये एहसास हुआ कि अगर उसका भाई चुदाई देखता है तो सलीम जी भी देखते होगे। उसको शर्म आ रही थीं, उसने फैजान से पूछा कि तुमको पता था क्या ये, और तुमने मुझे बताया नही।
फैजान बोला अगर बता देता तो तुम नाराज हों जाती और में इस गांड़ू की वजह से मेरी रानी को नाराज नहीं कर सकता। ये बोलकर फैजान ने हिमानी को हग कर लिया। फैजान बोला में इस गांड़ू की सच्चाई तुम्हारे सामने भी लाना चाहता लेकिन सही समय पर।
हिमानी को यकीन नहीं हो रहा था कि में वहां सलीम का लन्ड चूसता हू तो उसने सलीम को बोला कि मुझे इस बात पर यकीन नहीं। तो सलीम बोला कि अभी दिला देता हूं यकीन कि ये गांड़ू मेरा लन्ड चूसता है और ये भी की सभी हिन्दू लोगो की लुल्ली कितनी छोटी होती है, ओर हंसने लगा।
सलीम ने मुझसे पूछा कि बता अपनी बहन को की तू मेरा लन्ड चूसता है, में सर झुका कर खड़ा रहा, हिमानी बोली कि बताओ भैया। में कुछ नहीं बोला। तभी सलीम ने लूंगी खोली और उसका मूसल लन्ड एक झटके के साथ बाहर आ गया, हिमानी उसको देख कर देख कर देखती रह गई कि इतना बड़ा लन्ड भी होता है लेकिन वो शर्माई नहीं क्योंकि अभी उसके दिमाग मे मेरे ऊपर गुस्सा आ रहा था।
सलीम अपने लन्ड को हाथ में लेकर बोला कि मादरचोद जल्दी आ इसको चूस, में हाथ जोड़ कर भीख मांगने लगा कि ऐसा मत करो लेकिन वो नहीं माना और आखिर कार मुझे झुकना पड़ा। में घुटनों पर बैठ कर सलीम का लन्ड चूसने लगा, अंदर ही अंदर मुझे भी मज़ा आने लगा अपनी बहन के सामने लन्ड चूस कर।
सलीम और फैजान हंसने लगें और हिमानी को मुझ पर गुस्सा आने लगा। सलीम हिमानी को बोला, देखा कैसे तुम्हारा भाई मेरा कुत्ता बन कर लन्ड को लॉलीपॉप जैसे चूस रहा है।
सलीम का लन्ड इतना बड़ा था कि सिर्फ टोपा ही मेरे मुंह में आ रहा था और हिमानी ये सब देख रही थीं। अब सलीम ने बोला कि गांड़ू जल्दी से अपने कपड़े उतार, मैने बोला प्लीज सलीम भाई रहने दो न, तो हिमानी ज़ोर से बोली कि सलीम जी बोल रहे है कपड़े उतारने को तो जल्दी से उतार अपने कपड़े साले गांड़ू।
हिमानी के मुंह से ये सुनकर में शोक हो गया और सलीम और फैजान दोनों खुश हो गए। मुझे हार कर अपने कपड़े उतारने पड़े, जैसे ही मैने टीशर्ट ओर पजामा उतारा, मेरी पतली दुबली चिकनी बॉडी देख कर सलीम और फैजान हंसने लगे और हिमानी को शर्म आने लगी। फिर मैने अपनी चड्डी भी उतारी और मेरे छोटे से लन्ड को देख कर जो खड़ा भी नहीं हुआ, सलीम और फैजान हंसने लगे ओर हिमानी ने अपना सर झुका लिया।
सलीम ने मुझे बोला कुत्ता बन कर मेरा लन्ड चूस और में एक वफादार कुत्ते की तरह घुटने पर बैठ कर सलीम लन्ड चूसने लगा। सलीम ने मेरी गांड़ पर एक थप्पड़ लगाया और मेरे मुंह से सिसकारी निकल गई। हिमानी गुस्से में बोली देखो इस गांड़ू को कैसे मज़े लेकर सलीम जी का लन्ड चूस रहा है। हिमानी ने बोला सलीम जी आप सही बोल रहे थे ये गांड़ू है और बाकी सब लोग भी इसके जैसे छोटी लुल्ली वाले ही होते है। असली मर्द तो आप मुस्लिम लोग हैं।
हिमानी ने मेरी गांड़ पर जोर से थप्पड़ मारा और बोली कि तुम्हारी वजह से सारी हिन्दू औरते प्यासी रह जाती हैं और उनको कभी चुदाई का असली सुख नहीं मिल पाता। ये तो सलीम जी है, जिन्होंने तुम्हारी सच्चाई बता दी वरना मैं तो तुमको इज्जत देती रहती हमेशा। हिमानी ने 2—3 गालीया भी दी मुझे।
हिमानी ने कहा कि यह तो उसकी किस्मत अच्छी है कि फैजान जैसा मुस्लिम मर्द उसका बॉयफ्रेंड है जिसने उसको चुदाई का असली सुख दिया वरना में तो हमेशा तुम्हारे जैसे किसी गांड़ू की बीवी बनकर रह जाती। में अभी भी सलीम का लन्ड चूस रहा था, हिमानी बोली देखो इसको तो कोई शर्म ही नहीं है कैसे अभी भी सलीम जी के लन्ड को चूस रहा है।
सलीम बोला हिमानी तुमको मेरा लन्ड कैसा लगा। हिमानी बिना किसी शर्म के बोली कि आपका लन्ड तो असली लन्ड है, मैने इतना बड़ा लन्ड सिर्फ पिक्स में देखा है, आप ही असली मर्द हो जिसको देख कर औरत को यकीन हो जाता है कि ये मुझे हमेशा खुश रखेगा और मेरी रक्षा करेगा। आज में आपकी सारी बाते मान गई कि मुस्लिम मर्द ही असली मर्द, ये तो नामर्द हैं।आप जो बोलोगे में वो करुंगी।
सलीम बोला पहले ये बताओ इस गांड़ू का अब क्या करे। हिमानी सलीम के पास जाकर बैठी और बोली इस गांड़ू को इतना चोदो की ये पूरी औरत बन जाए, वैसे भी लड़कियों जैसा ही दिखता है ये तो। में सुन रहा था लेकिन अब मज़ा आ रहा था और मेरा छोटा सा लन्ड खड़ा हो रहा था। हिमानी गुस्से में बोली इस मादरचोद की लुल्ली इसकी बेइज्जती सुन कर खड़ी हो गई और ये बोल कर हिमानी ने मुझे चाटा मार दिया। मुझे अच्छा लगा ये।
सलीम हिमानी से बोला कि वैसे तो में लड़कों को नहीं चोदता क्योंकि बहुत सी हिन्दू औरते चुदाने के लिए तैयार है मुझसे लेकिन तुम बोलती हो तो मे इसको चोदूंगा। लेकिन तुम अपनी बात भूल गई, तुमने बोला था कि जो में बोलूंगा वो करोगी तुम।
हिमानी बोली आप बताओ क्या करना है मुझे, तो सलीम बोला तुमको मेरे साथ सेक्स करना होगा वो भी फुल मज़े लेकर। में तुमको खुश कर दुगा। हिमानी ने फैजान की तरफ देखा, तो फैजान ने उसको हग कर के बोला कि तुम चाहो तो सलीम भाईजान से खुल कर चूदवा सकती हो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है, तुमको भी मज़ा आएगा और शर्त भी पूरी हो जाएगी।
हिमानी सलीम का लन्ड और बॉडी देख कर आकर्षित तो पहले से थी और फैजान ने भी हा बोल दिया था और इधर मेरी नामर्दगी की वजह से भी उसको गुस्सा आ रहा था, ये तीनों बाते एक साथ हुई और हिमानी ने सलीम को कहा कि सलीम जी में आपसे चुदाने के लिए तैयार हुं, जैसा आप बोलोगे वैसा करुंगी में आज से। जब आप बोलोगे तब आपसे चुदुगी में आज से लेकिन पहले इस गांड़ू को लड़की बनाकर चोदो आप।
सलीम खुश हो गया और बोला जैसा तुम बोलो मेरी जान। ये सुन कर मेरी गांड़ फट गई पर मैने सोचा जो होगा देखा जाएगा। हिमानी ने मुझे नहा कर आने को कहा, में बाथरूम में गया और नहा कर आया, हिमानी मुझे रूम में ले गई और अपनी ब्रा पेंटी और कपड़े मुझे पहनाए, मेरा मेक अप किया और बोला कि आज तुमको सलीम जी खुश करना है, मैने सर झुका कर हा बोल दिया।
जैसे ही में बाहर आया सलीम और फैजान हंसने लगे और बोले अब तू पूरा लड़की लग रहा है, हिमानी भी हंसने लगी और सलीम के पास जाकर बैठ गई। सलीम ने उसके कंधे पर हाथ रख दिया और हिमानी ने कुछ भी नहीं कहा।
अब सभी के सामने मेरी चुदाई होनी थी, हम सब लोग कमरे में गए, सलीम पूरा नंगा हो गया, उसका मर्दाना शरीर देख कर हिमानी खुश हो रही थी। सलीम ने मेरी टीशर्ट और शॉर्ट्स उतारे और ब्रा के ऊपर से मेरे निप्पल दबाने लगा। में सलीम को किस करने लगा तो उसने मुझे थप्पड़ मार दिया, ये देख कर हिमानी और फैजान हंसने लगें।
सलीम ने मेरी ब्रा फाड़ दी और पेंटी को खींच कर उतार दिया, हिमानी ये देख कर गरम हो गई और फैजान को किस करने लगी z फैजान भी हिमानी की चूत में उंगली करने लगा।
सलीम मेरा दाया निप्पल चूस रहा था और बाया निप्पल दबा रहा था। वो किसी जानवर कि तरह दबा रहा था, हिमानी मन ही मन सोच रही थीं कि जल्दी ही ये उसके साथ भी होने वाला है।
अब सलीम ने मेरी गांड़ के नीचे तकिया लगाया और गांड़ के छेद पर वेसलिन लगाई, मेरे हाथों को पकड़ा और जोर से एक धक्का मेरी गांड़ में लगाया और उसका टोपा मेरी गांड़ में घुस गया। में जोर से चिल्लाया, उसने मेरा मुंह दबा दिया और एक मिनट के लिए रुका फिर अचानक एक जोर का झटका दे दिया, अभी भी सलीम का आधा लन्ड ही मेरी गांड़ में घुस पाया था। मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया और हिमानी ये देख कर मज़े ले रही थी। वो उठी, मेरे पास आई, मेरे सर को गले लगाकर मुझे चुप कराने लगी। सलीम ने अगले झटके में पूरा लन्ड अंदर घुसा दिया था और हिमानी मेरा सर अपने बूब्स के बीच लगाकर मेरे सर पर किस करने लगी। वो बोली अब तू एक औरत बन गई है।
आज से तू सलीम जी की रण्डी है, जब वो चाहेगे तेरे को चोदेंगे। हिमानी एक हाथ से मेरे निप्पल मसल रही थीं, अब मुझको थोड़ा आराम मिल रहा था। सलीम मुझे हचक कर चोद रहा था z में भी अब गांड़ उठा कर मज़े ले रहा था। करीब 35—40 मिनट बाद सलीम जड़ा और मेरे ऊपर से उठा, इस दौरान उसने मुझे अलग अलग तरीको से चोदा और मेरी गांड़ के छेद को खोल दिया।
जैसे ही सलीम उठा तो हिमानी ने अपनी पेंटी उठा कर सलीम के लन्ड को साफ किया ओर एक कातिलाना मुस्कान दी। वो सलीम से बहुत आकर्षित हो गई। सलीम ने कहा हिमानी अब अपनी सुहागरात कब मनानी है। फैजान बोला भाईजान देर किस बात की, कल ही रात को कर लो। हिमानी शर्मा गई, सलीम ने हिमानी को पैसे दिए और बोला अच्छी सी साड़ी और नकली मंगलसूत्र खरीद लेना और एकदम दुल्हन की तरह तैयार हो कर जल इस कमरे में मेरा इंतेज़ार करना।
हिमानी ने शर्म कर पैसे ले लिए और सलीम को हग किया। में उसी बिस्तर पर पड़ा हुआ था, सलीम बोला हिमानी तुम और फैजान भी कमरे में जाकर सो जाओ, थक गए होगे और कल तो पूरी रात जागना है।
हिमानी को फैजान अपनी गोद में उठा कर ले गया और दोनों लोग सो गए।
दोस्तो आज के लिए इतना ही, अगली कहानी में हिमानी और सलीम की सुहागरात लिखूंगा। ये कहानी भी जल्दी ही आएगी।
आप अपना फीडबैक मुझे जरूर भेजे ताकि जल्दी ही अगला पार्ट अपलोड कर सकू।
Email ID —  jainhimangi306@gmail.com.

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