Phone sex se real chudai tak college love story – Pehli chudai sex story – College girlfriend sex story: मेरा नाम अखिलेश है और मैं जमशेदपुर का रहने वाला हूँ, उस समय मेरी उम्र २२ साल थी जब मैं ग्रेजुएशन के लास्ट ईयर में पढ़ रहा था, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी इसलिए मैं कॉलेज के साथ-साथ एक छोटी दुकान पर पार्ट टाइम काम करता था जहाँ मैं सामान बेचने, ग्राहकों से बात करने और कभी-कभी हिसाब रखने का काम संभालता था।
उसी दुकान के मालिक की बेटी थी रिया जो उस वक्त १९ साल की थी और बीए के सेकंड ईयर में पढ़ रही थी, वो गोरी चिट्टी थी, मध्यम कद की, लंबे काले बाल जो उसके कंधों पर लहराते रहते, चेहरा मासूम सा लेकिन आँखों में शरारत भरी चमक, उसके फिगर में वो कर्व्स थे जो किसी को भी मदहोश कर दें, ३४ साइज के भारी बूब्स जो टाइट कपड़ों में उभरकर दिखते, पतली कमर और गोल मटोल गांड जो चलते समय थिरकती रहती जिसे देखकर मन में गर्माहट सी फैल जाती।
स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही कई लड़कियां मुझे लाइन मारती थीं लेकिन मैं लड़कियों से थोड़ा घबराता था, शर्माता था, फिर भी दोस्तों की सेक्स वाली बातें सुनकर मैं सब जान चुका था, चुपके से लड़कियों के बदन को देखता, उनकी चाल की थिरकन, हंसी की मिठास, सब कुछ मुझे अंदर से उत्तेजित करता, मेरा लंड खड़ा होने पर अच्छे ८ इंच लंबा और मोटा हो जाता था, मुठ मारते समय माल निकलने में देर लगती थी जो मुझे और ज्यादा गर्म कर देता, मैं काफी देर तक हिलाता रहता और कल्पनाओं में खो जाता।
कुछ दिनों बाद मुझे लगा कि रिया मुझे चुपके से घूरती रहती है, उसकी नजरें मेरे चेहरे से नीचे सरकतीं और मेरी पैंट पर टिक जातीं, वो हल्के से मुस्कुराती जिससे उसके गालों पर डिंपल पड़ जाते, मुझे वो शुरू में खास नहीं लगती थी लेकिन उसके बूब्स और गांड देखकर मन में एक अजीब सी हलचल होती, कई बार वो दुकान पर आती और मेरे पास खड़ी हो जाती, बातें करती, उसकी परफ्यूम की हल्की मीठी खुशबू मेरे नाक में घुस जाती जो मुझे अंदर से हिला देती, उसके हाथ मेरे हाथ से छू जाते तो करंट सा लगता।
एक दिन उसने अपने पापा से जिद की और मुझे ट्यूशन पढ़ाने को कहा क्योंकि उसे पता चल गया था कि मैं मैथ्स में बहुत अच्छा हूँ, उसके पापा ने मुझसे कहा शाम को ७ बजे से आकर रिया को मैथ्स पढ़ा दिया करो, मैंने हाँ कर दी, शाम को उसके घर गया जो दुकान के ठीक बगल में था, वो टेबल पर किताबें फैलाकर बैठी थी, उसके बदन से वो ही मीठी खुशबू आ रही थी, जैसे ही मैं बैठा उसने मुस्कुराकर कहा अखिलेश भैया मैंने आपके बारे में बहुत सुना है, आप बहुत तेज हैं, ग्रेजुएशन में भी आपका रिजल्ट अच्छा रहता है, मेरी फ्रेंड्स ने भी आपकी तारीफ की इसलिए मैंने पापा से जिद की कि आपको ही ट्यूशन दें।
मैंने हल्के से हंसकर कहा अरे बस करो ज्यादा तारीफ मत करो, फिर मैंने उसे पढ़ाना शुरू किया, वो मैथ्स में थोड़ी कमजोर थी लेकिन मैं धीरे धीरे समझाता, पढ़ाते समय कई बार हमारा हाथ छू जाता, वो झुककर नोट्स देखती तो उसके बूब्स टेबल पर दब जाते और गहराई दिखती जिसे देखकर मेरी सांसें तेज हो जातीं, कई बार वो गलती से मेरे कंधे से सट जाती, उसके नर्म बूब्स मेरे हाथ से टकराते उनकी गर्मी और मुलायमियत महसूस होती, मेरा लंड तुरंत खड़ा हो जाता, वो मेरी पैंट के उभार को देखकर शरमाती लेकिन आँखें मिलाकर मुस्कुरा देती जो मुझे और उत्तेजित कर देती।
घर लौटकर रोज मैं मुठ मारता, रिया के बूब्स को दबाने चूसने, उसकी चूत को चाटने की कल्पना करता, उसके बदन की खुशबू याद करके हिलाता रहता, सोचता कि कब मौका मिलेगा उसे छूने का। लगभग एक साल बीत गया, उसने एग्जाम दिए और पास हो गई, बहुत खुश थी, उसने मुझे गले लगाया उसके बूब्स मेरे सीने से दबे उनकी नरमी और गर्माहट महसूस हुई, उसकी गर्म सांसें मेरे गाल पर लगीं जो मुझे मदहोश कर रही थीं, बोली अखिलेश भैया थैंक्यू, आपको मुझसे क्या चाहिए जो बोलोगे मैं दे दूंगी।
मेरा मन हुआ कह दूं बस एक बार अपनी चूत दे दो लेकिन मैं चुप रहा, उसके बदन की गर्मी और खुशबू अभी भी महसूस हो रही थी, पास होने की खुशी में उसके पापा ने उसे नया मोबाइल दिया, अब मैं उसके घर नहीं जाता था लेकिन वो दुकान पर आती, मेरे पास बैठती, हाथ छूती उंगलियां मेरी उंगलियों से खेलतीं जिससे मेरी धड़कनें तेज हो जातीं।
एक दिन उसने मेरा नंबर मांगा, मैंने पूछा क्या करोगी, वो बोली आपसे बात करनी है, रात में मैसेज आया हाय मैं रिया हूं, चैटिंग शुरू हुई, धीरे धीरे वो गंदी बातें करने लगी, मैं पहले मना करता लेकिन एक रात उसने लिखा अखिलेश आई लव यू, मैं चौंक गया, बोला ये क्या बोल रही हो, वो बोली सच कह रही हूं बहुत दिनों से आपको चाहती हूं।
मैंने भी हाँ कर दी, अब रोज रात को गंदी बातें होतीं, मैंने उसे फोन सेक्स सिखाया, वो अपनी चूत में उंगली डालकर सिसकती आह्ह अखिलेश आपका लंड बहुत बड़ा है मैंने चुपके से कई बार देखा है, उसकी आवाज कांपती सांसें तेज होतीं जो मुझे पागल कर देतीं, मैं हिलाता रहता हां ये तेरी चूत फाड़ने को बेताब है, वो डरती नहीं ये अंदर नहीं जाएगा मैंने कभी किसी से नहीं करवाया, उसकी सिसकियां फोन पर गूंजतीं आह्ह ओह्ह उफ्फ निकल रहा है लेकिन मेरा नहीं निकलता, मैं उसे मुंह में लेने गांड चुदाई की बातें बताता उसकी सांसें और तेज हो जातीं।
एक रात उसका कॉल आया आज घर पर कोई नहीं है प्लीज आ जाओ ना, मैंने शाम को ही कंडोम खरीद लिया, रात ११ बजे वो बोली पीछे की खिड़की से आना चाचा आंगन में सोते हैं, मैं चुपके से उसके कमरे में पहुंचा कमरे में हल्की लाइट थी, उसने पर्दे बंद किए दरवाजा लॉक किया और मुझसे लिपट गई, पहली बार इतने करीब उसके बदन की गर्मी पसीने की हल्की खुशबू परफ्यूम सब मिलकर मुझे पागल कर रहा था, उसके बूब्स मेरे सीने से दब रहे थे उनकी नरमी महसूस हो रही थी।
मैंने उसके होंठ चूमे धीरे धीरे जीभ अंदर डाली वो भी मेरी जीभ चूसने लगी मीठा टेस्ट हमारी सांसें मिल रही थीं, मैंने उसके गाल चूमे गर्दन पर किस किया कान में सांस फूंकी वो कांप उठी आह्ह अखिलेश कितना अच्छा लग रहा है, मैंने सूट के ऊपर से बूब्स दबाए नर्म नर्म वो कराही और जोर से दबाओ, मैंने दबाव बढ़ाया निप्पल्स उभर आए फिर सूट ऊपर किया ब्रा खोली बड़े गोल बूब्स गुलाबी निप्पल्स खड़े मैंने मसले उनकी गर्मी हाथों में महसूस हुई, वो बोली चूसो ना ये तुम्हारे लिए ही हैं।
मैंने एक निप्पल मुंह में लिया जीभ घुमाई जोर से चूसा दांतों से हल्का काटा वो सिसक रही थी आह्ह और जोर से ओह्ह दूसरा भी, मैंने दोनों बूब्स बारी बारी चूसे उसके बालों में हाथ फेरा वो मेरे बाल पकड़कर दबा रही थी मेरा चेहरा उसके बूब्स के बीच दब गया उनकी खुशबू और टेस्ट मुझे मदहोश कर रहे थे, फिर मैंने उसकी कमर पकड़ी पेट पर किस किए नाभि में जीभ डाली वो कमर उचका रही थी आह्ह उफ्फ और नीचे, मैंने सलवार के अंदर हाथ डाला चूत पूरी गीली गर्म रस बह रहा था उंगली से क्लिट रगड़ा वो चीखी आआह्ह्ह ओह्ह अंदर डालो मैंने उंगली अंदर की टाइट थी धीरे हिलाई उसका रस मेरी उंगली पर चिपक रहा था मीठी नमकीन खुशबू कमरे में फैल गई।
मैंने और फोरप्ले बढ़ाया उसकी जांघों पर किस किया अंदरूनी जांघों को चाटा वो सिसक रही थी आह्ह अखिलेश प्लीज और करो, मैंने उसके पैरों को सहलाया उंगलियों से मसाज दिया फिर वापस चूत पर लौटा दो उंगलियां डालीं धीरे धीरे घुमाई वो गांड उचकाकर धक्के दे रही थी आह्ह ओह्ह निकलने वाला है, फिर सलवार उतारी पैंटी भीगी उतारी तो चिकनी चूत रस टपक रहा मैंने मुंह लगाया जीभ से चाटा क्लिट चूसा जीभ अंदर डाली वो मेरे सिर को दबा रही थी गांड ऊपर उठाकर धक्के दे रही थी आह्ह ओह्ह गॉड और चाटो अंदर तक उसकी सिसकियां कमरे में गूंज रही थीं वो झड़ गई रस मुंह में आया मैंने सब चाट लिया उसका टेस्ट मीठा नमकीन मुझे और गर्म कर रहा था।
अब वो बोली मेरी बारी मैंने खड़े होकर उसके बूब्स फिर दबाए वो मेरे कपड़े उतारने लगी लंड बाहर आया ८ इंच का वो बोली कितना मोटा है हाथ में लिया सहलाया फिर मुंह में जीभ घुमाई ग्ग्ग्ग गी गों मैंने बाल पकड़े धक्के मारे उसका मुंह गर्म गीला था २० मिनट बाद मुंह में झड़ गया वो पी गई।
थोड़ी देर बाद लंड फिर खड़ा वो हैरान मैं बोला अब असली मजा तेरी चूत फाड़ दूंगा वो बोली हां फाड़ दो, मैं लेट गया बोला ऊपर बैठ वो कोशिश की लेकिन टाइट होने से नहीं गया फिर मैंने उसे लिटाया पैर फैलाए लंड रगड़ा वो सिसक रही उफ्फ जल्दी डालो टोपा लगाया धक्का मारा आधा इंच गया वो चिल्लाई आआह्ह्ह बहुत दर्द मैंने मुंह दबाया जोरदार धक्का ४ इंच अंदर वो रोने लगी फिर दूसरा धक्का ७ इंच आखिरी में पूरा ८ इंच सांस अटकी मैं रुका बूब्स दबाए निप्पल चूसे।
२ मिनट बाद धीरे चोदना शुरू फच्च फच्च आवाज वो अब मजा ले रही आह्ह और जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत मैं स्पीड बढ़ाई २० मिनट बाद वो झड़ी फिर भी चोदा वो दोबारा तीसरी बार झड़ी थक गई बस छोड़ दो मैंने लंड निकाला उसके सामने मुठ मारी।
२ घंटे बाद वो ठीक हुई सॉरी बोली मैं बोला कोई बात नहीं वो लंड हिलाने लगी मुंह में लिया फिर घोड़ी बनी बोली अब गांड में डालो मैंने वेसलीन लगाई है पीछे से डाला टाइट लेकिन चिकनी पूरा अंदर गांड मारी बूब्स दबाए चूत में उंगली वो बार बार झड़ती रही मैं भी झड़ा सुबह ५ बजे तक कई बार गांड मारी ६:३० बजे घर लौटा।
उसके बाद मौका मिलता तो चोदता आज एक साल पहले उसकी शादी हो गई फिर भी जब आती है तो चुदवाती है कहती है तुम जैसे चुदक्कड़ मैंने कभी नहीं देखा।