Village sex story – First time raw sex story – Khet mein chudai sex story: हैलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है, मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव से हूँ, साल 2017 की बात है जब मेरी दीदी की शादी मेरठ के पास एक गाँव में हुई थी, शादी के कुछ महीने बाद मैं दीदी से मिलने उनके ससुराल गया, वहाँ पहुँचते ही मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जो दीदी के घर आया करती थी, उसका नाम था शशि।
शशि को देखते ही मेरे होश उड़ गए, वो कमसिन थी, कातिलाना जिस्म, गोरा रंग, 32-28-32 का परफेक्ट फिगर, हाइट करीब 5 फुट 2 इंच, लंबे काले बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, और होंठ इतने रसीले कि बस चूसने का मन करे, पहली बार देखा तो लंड तुरंत खड़ा हो गया, मैं बस उसे घूरता रह गया, बात करने की हिम्मत नहीं हुई, पर मन में बस एक ही ख्याल था कि किसी तरह इसे चोदूँ।
शशि दीदी के पास ट्यूशन या कुछ काम से रोज आती थी, मैंने मौका देखा और दीदी से उसका नाम-पता पूछ लिया, धीरे-धीरे पढ़ाई के बहाने बात शुरू हुई, पहले हाय-हैलो, फिर व्हाट्सएप नंबर ले लिया, रोज बातें होने लगीं, पहले नॉर्मल बातें, फिर फ्लर्टिंग, फिर सेक्स चैट, वो भी पूरी गर्म थी, अपनी चूत की फोटो भेजती, मैं लंड की भेजता, दोनों पागल हो रहे थे मिलने को।
फरवरी 2017 में मैंने उसे प्रपोज कर दिया, उसने तुरंत हाँ कर दी, अब तो बातें और गंदी हो गईं, रोज फोन सेक्स करते, वो अपनी उंगलियाँ डालकर आवाजें निकालती आह्ह्ह… राहुल… जल्दी आओ ना… मेरी चूत तुम्हारे लंड को याद कर रही है… मैंने कहा चल मिलते हैं, उसने हाँ कर दी।
मैं मेरठ के लिए निकल पड़ा, दीदी के घर पहुँचा, सबसे मिला, शाम को शशि भी आई, उसने मुझे देखकर शरमाते हुए मुस्कुराया, आँखों ही आँखों में इशारा किया, रात में मैसेज आया, “गली में आ जाओ”, मैं चुपके से निकला, गली में अंधेरा था, वो आई, सफेद सलवार सूट में परी लग रही थी, मैंने उसे दीवार से सटाया और सीधे होंठ पर किस कर दिया, जीभ अंदर डाल दी, वो पहले मना करने की कोशिश की, फिर खुद मेरी जीभ चूसने लगी, ग्ग्ग… ग्ग्ग… साँसें तेज, मैंने उसके बूब्स दबाने शुरू किए, बहुत सॉफ्ट और टाइट थे, निप्पल पत्थर जैसे हो गए थे।
वो सिहर उठी, आह्ह्ह… राहुल… कोई देख लेगा, मैंने कहा बस एक बार रूम में चल, उसने मना कर दिया, घर वाले हैं, फिर अचानक भागकर चली गई, मैं दंग रह गया, सुबह 5 बजे उसका फोन आया, “खेत में आम के बाग में आ जाओ, अभी”।
मैं सुबह-सुबह निकल पड़ा, वहाँ पहुँचा तो शशि पहले से खड़ी थी, गुलाबी सूट में, दुपट्टा लहरा रहा था, मैंने उसे देखा और सीधे बाँहों में खींच लिया, गहरा किस शुरू, जीभ से जीभ लड़ रही थी, मेरे हाथ उसकी कमर से होते हुए भारी गांड पर पहुँच गए, दबाया तो वो कराही, आह्ह्ह… राहुल… बहुत जोर से… मैंने उसके कान में फुसफुसाया, आज तेरी चूत फाड़ दूँगा, वो शरमाकर लजा गई पर आँखों में चमक थी।
मैं उसे बाग के अंदर ले गया जहाँ घास नरम थी, उसे आम के पेड़ से सटा दिया, फिर किस करते हुए उसकी सलवार का नाड़ा खोला, पैंटी नीचे की, उंगलियाँ उसकी चूत पर फेरते ही पता चला कि वो पूरी गीली थी, दो उंगलियाँ अंदर डालीं तो वो काँप उठी, आह्ह्ह… ओह्ह्ह… राहुल… और जोर से… मैंने उंगलियाँ तेज चलाईं, उसकी चूत से चुप-चुप की आवाज आ रही थी, वो मेरे कंधे पर नाखून गड़ा रही थी, ओह्ह्ह… ह्ह्ह… मैं मर जाऊँगी… आह्ह्ह्ह।
फिर मैंने घुटनों पर बैठकर उसकी चूत चाटनी शुरू की, जीभ अंदर-बाहर, क्लिट पर चुसकी, वो पागल हो गई, मेरे सिर को अपनी जाँघों में दबाते हुए चिल्लाई, आह्ह्ह… ओह्ह्ह… राहुल… बस… मैं झड़ने वाली हूँ… उसका रस मेरे मुँह में छूट गया, मीठा-मीठा, वो काँप रही थी।
अब मेरा 7 इंच का मोटा लंड पत्थर जैसा खड़ा था, मैंने उसे घास पर लिटाया, उसकी टाँगें चौड़ी कीं, लंड को चूत पर रगड़ा तो वो बिलबिलाने लगी, आह्ह्ह… डाल दो ना… अब नहीं सहा जाता… मैंने सुपारा चूत के मुँह पर रखा, उसने खुद कमर उठाकर एक झटके में पूरा लंड अंदर ले लिया, मैं हैरान, पूछा तो बोली, पहले भी दो-तीन बार चुद चुकी हूँ, पर तुम्हारा सबसे मोटा और लंबा है, आह्ह्ह… फाड़ दोगे मेरी चूत।
मैंने धक्के शुरू किए, पहले धीरे-धीरे फिर तेज, उसकी चूत बहुत टाइट और गर्म थी, हर धक्के पर पच्छ-पच्छ की आवाज, वो नीचे से कमर उछाल रही थी, आह्ह्ह… ओह्ह्ह… और तेज… चोदो मुझे… राहुल… फाड़ दो आज… ओह्ह्ह्ह… ह्ह्ह… मैंने उसके बूब्स मुँह में लेकर चूसने शुरू किए, निप्पल काटे, वो और पागल हुई, ऊईईई… माँ… मर गई… आह्ह्ह्ह… दूसरा ऑर्गेज्म आ गया उसका, चूत ने मेरे लंड को जोर से जकड़ लिया।
मैंने उसे घोड़ी बनाया, पीछे से गांड पकड़कर जोर-जोर से ठोका, उसकी गांड लाल हो गई थी मेरे धक्कों से, वो चिल्ला रही थी, आह्ह्ह… बस… और नहीं… पर कमर खुद पीछे धकेल रही थी, करीब 20 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था, उसने कहा अंदर ही डाल दो, मैंने पूरी पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी, गर्म वीर्य से उसकी चूत लबालब भर गई, वो सुस्त पड़ी थी, साँसें तेज, पसीना पूरा शरीर तर।
हम दोनों कुछ देर यूँ ही लेटे रहे, फिर किस किया, कपड़े ठीक किए और अलग-अलग घर आ गए, उसके बाद कभी मौका नहीं मिला मिलने का, पर फोन पर आज भी गंदी-गंदी बातें होती हैं, कभी-कभी वीडियो कॉल पर एक-दूसरे को मुठ मारते देखते हैं। दोस्तों, ये मेरी जिंदगी की सबसे हॉट चुदाई थी।