Bhabhi sex story, Desi sex story: हैलो दोस्तों, मेरा नाम कृष्णा है और मैं हल्द्वानी का रहने वाला हूं। मेरी उम्र अभी ३२ साल है और दिखने में मैं थोड़ा अच्छा हूं। लंबा-चौड़ा शरीर है, अच्छी-खासी बनावट है और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूं। आज जो कहानी सुनाने जा रहा हूं, वो मेरी पहली और पूरी सच्ची घटना है जो मेरे साथ करीब तीन-चार साल पहले घटी थी। मैं लंबे समय से सेक्सी कहानियां पढ़ता आ रहा हूं, उनसे बहुत मजा लिया है और आज अपनी असली कहानी आपके सामने रख रहा हूं। ज्यादा बोर न करते हुए सीधे कहानी पर आता हूं।
ये बात उस दिन की है जब मैं अपने बहुत पक्के दोस्त की दुकान पर बैठा था। हम दोनों गप्पें मार रहे थे। तभी दुकान पर एक २५-२६ साल की भाभी आईं। उनका नाम आरती था। वो कुछ कपड़े खरीदने आई थीं। मेरे दोस्त ने उन्हें कपड़े दिखाने शुरू किए और साथ में मस्ती-मजाक भी चल रहा था। लगता था वो पुरानी ग्राहक थीं, इसलिए वो भी खुलकर हंस-हंसकर जवाब दे रही थीं। मैं वहीं बैठा मोबाइल में मैसेज पढ़ रहा था और मजे ले रहा था।
अचानक आरती भाभी मेरी तरफ मुड़कर बोलीं, “क्या तुम हमारी बातें सुनकर हंस रहे हो?”
मेरा ध्यान गया तो देखा उनका फिगर कमाल का था – ३४-२८-३६ के आसपास, पतली कमर, उभरे हुए गोरे बूब्स और बेहद सुंदर चेहरा। मैं कुछ पल उनके सेक्सी बदन को घूरता रहा। फिर मोबाइल दिखाकर बोला, “नहीं भाभी, ये मैसेज पढ़कर हंस रहा था।”
मैंने वो दो मतलब वाला मैसेज उन्हें दिखाया तो वो भी जोर से हंस पड़ीं और मुझे ऐसे देखने लगीं जैसे कुछ कहना चाह रही हों। कसम से उस नजर से मैं उन पर फिदा हो गया। मैं लगातार उनके चेहरे, होंठों और उभरे बूब्स को निहारता रहा। फिर उन्होंने मुस्कुराकर पूछा, “आप क्या करते हो?”
मैंने सब कुछ बता दिया – नौकरी, उम्र, सब। तभी वो बोलीं, “प्लीज तुम मेरी भी अपनी कंपनी में नौकरी लगवा दो ना।”
मैंने तुरंत अपना नंबर दे दिया। वो थोड़ी देर बाद चली गईं। उनके जाने के बाद मेरे दोस्त ने बताया, “भाई वो चालू टाइप की औरत है, हर किसी को अपने जाल में फंसा लेती है।”
मैंने हंसते हुए कहा, “हमें क्या, बस एक बार चूत मिल जाए, उसके बाद अपने-अपने रास्ते।”
हम दोनों खूब हंसे। मैंने दोस्त से उनकी सारी जानकारी ले ली और फोन का इंतजार करने लगा।
दो दिन बाद उनका फोन आया। “हैलो कृष्णा, मेरी नौकरी का क्या हुआ?”
मैंने कहा, “वक्त आने पर सब हो जाएगा, लेकिन बदले में मुझे क्या मिलेगा?”
वो हंसकर बोलीं, “जो तुम मुझसे चाहोगे, वो सब मिलेगा।”
मैंने कहा, “एक बार सोच लो भाभी।”
वो बोलीं, “सब पहले ही सोच लिया है।”
मैं समझ गया था उनका इशारा। मैंने कहा, “आप बहुत सुंदर हो, सेक्सी भी बहुत।”
वो बोलीं, “क्या तुम मुझे पटाने की कोशिश कर रहे हो?”
मैंने तुरंत कहा, “हां भाभी।”
वो हंस पड़ीं, “मैं तो पहले ही तुमसे पट चुकी हूं।”
फिर मैंने कहा, “अगर मैं तुम्हें मांग लूं तो क्या कहोगी?”
वो बोलीं, “चल हट झूठा, मजाक करता है।”
और फोन काट दिया। थोड़ी देर बाद फिर फोन आया। मैंने पूछा तो बोलीं, “बैटरी खत्म हो गई थी। कल मेरे घर आना, पता भेज रही हूं।”
अगले दिन दोपहर करीब दो बजे मैं बाइक लेकर उनके घर पहुंचा। घर से करीब पांच किलोमीटर दूर था। वो दरवाजे पर इंतजार कर रही थीं। मुझे देखते ही अंदर बुलाया और दरवाजा बंद कर लिया।
मैं बैठा तो पूछा, “पति जी कहां हैं?”
वो मुस्कुराईं, “ड्यूटी पर गए हैं, आज घर पर पूरी तरह अकेली हूं।”
फिर बोलीं, “बताओ क्या पियोगे?”
मैंने मजे में कहा, “जो आप पिला दो।”
वो बोलीं, “जहर।”
मैंने कहा, “हां भाभी, वो भी अपने गुलाबी रसीले होंठों से लगाकर।”
कहानी का अगला भाग: भाभी बोली अंदर ही झड़ जाना – Part 2
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए
Related Posts