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भाभी की जालीदार ब्रा सूंघते हुए पकड़ा गया

हैलो दोस्तों मेरा नाम शाहिद है और मेरी लंबाई पांच दशमलव दस फीट है और मेरे लंड की लंबाई सात इंच है। दोस्तों मैं आज आप सभी को अपनी भाभी की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूं। वैसे मैं उन्हें चोदने के सपने बहुत देखा करता था और फिर एक दिन मेरा वो सपना सच हुआ और मुझे उनकी चुदाई करने का मौका मिला और आज मैं उसकी चुदाई की घटना को आप सभी को पूरा विस्तार से सुनाने जा रहा हूं।

यह मेरी पहली कहानी है और अब मैं अपनी भाभी के बारे में भी थोड़ा बहुत बता देता हूं। दोस्तों मेरी भाभी बहुत सेक्सी है उनका नाम ऋतु है वो बहुत फिट है और उनकी गांड का साइज चौंतीस और बूब्स और कमर बहुत हॉट सेक्सी चौबीस है जिनको देखकर मेरा लंड अपना आकार बदलकर पैंट से बाहर आने लगता था।

दोस्तों वैसे मैं शुरू से ही चूत का बहुत दीवाना लड़का हूं और मैंने अब तक बहुत सी लड़कियों को चोदा है लेकिन वो सब की सब मेरी ही उम्र की थीं उनमें से बहुत लड़कियों की चूत की सील मैंने तोड़ी थी।

दोस्तों मैं हमेशा से ही अपनी पड़ोस में रहने वाली सेक्सी भाभी को हवस की नजरों से देखता था और उनको चोदने के ख्यालों को सोचकर मुठ मारा करता था। मैं हमेशा सोचता था कि जब मैं अपनी भाभी को चोदूंगा तो मुझे कितना मजा मिलेगा। मैं सबसे पहले उनकी चूत को चूसूंगा और उनकी गीली चूत का पानी पी जाऊंगा और जब यह सब करने का मुझे मौका मिला तो मैंने उसका पूरा पूरा फायदा उठाया और आज तक भी उठता आ रहा हूं।

दोस्तों यह बात इसी साल की है और उस समय मेरी भाभी के घर पर हम सब रिश्तेदार गए हुए थे और मैं उनके घर पर ऐसे ही घूम रहा था और जब मैंने देखा कि भाभी ने अपने कुछ कपड़े धोकर सुखा रखे हैं तभी मैंने देखा कि उन कपड़ों में भाभी की ब्रा और पैंटी भी थी। तो मैं वहां गया और फिर इधर उधर देखकर चुपके से उनकी पैंटी को उठाकर चाटने लगा।

मैंने देखा कि उनके पास बिस्तर गरम करने वाली बहुत सी जालीदार ब्रा और पैंटी थी क्योंकि मैंने उनके बाथरूम में भी ऐसी ही चुदाई वाली ब्रा देखी थी जिसको देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था और उनके पास एक कृत्रिम लंड भी था जो आकार में बहुत बड़ा था शायद वो उसे अपनी चूत में डालकर अपनी चूत को ठंडा करती थी।

फिर मैंने उनकी एक नीले कलर की जालीदार सेक्सी ब्रा उठाई और उसे चाटने लगा। मैं बहुत देर तक उसे सूंघता रहा और चाट रहा था तो इतने में मैंने पीछे मुड़कर देखा कि भाभी मुझे शरारती नजरों से देख रही थी।

दोस्तों मेरी भाभी मुझसे ज्यादा बड़ी नहीं है वो मुझसे उम्र में सिर्फ आठ साल बड़ी है। अब मुझे इस तरह उनकी ब्रा को चाटते सूंघते हुए देखकर उनकी चूत भी अब गरम होने लगी थी लेकिन उस समय सब लोग घर पर थे इसलिए भाभी चुपचाप मेरे पास आई और मेरा लंड पकड़कर बोली कि क्यों बहुत गरमी है ना तुझमें थोड़ी अपनी गरमी मुझे भी दे दे और फिर वो मेरे होठों पर चूमने लगी।

हम बहुत देर तक एक दूसरे को चूमते चूसते रहे और अब मैं उनके बूब्स को दबा रहा था। फिर भाभी ने कहा कि इससे पहले कि कोई यहां पर आ जाए तुम मुझसे दूर हो जाओ हम इस काम को बाद में लगातार करेंगे। फिर मैं अपने खड़े लंड को वहां से लेकर बाथरूम में चला गया और मैंने उनके नाम की मुठ मारकर अपने लंड को शांत किया लेकिन अब हम दोनों एक दूसरे को पूरा दिन हवस भरी नजरों से देखते रहे और उसके बाद मैं अपने घर चला गया।

फिर हम जब भी मिलते थे तो मैं भाभी को उनके घर के बाथरूम में ले जाकर चूमा करता था और उनके बूब्स का दूध मुझे बहुत अच्छा लगता था। हम दोनों घंटों तक लगातार स्मूच किया करते थे और भाभी भी पूरा दिन गरम ही रहती थी क्योंकि भैया अधिकतर समय अपने ऑफिस के कामों से घर के बाहर ही रहते थे जिसकी वजह से वो लंड के लिए बहुत तरसती थी और मुझे उन पर शक भी था कि भाभी किसी पड़ोसी से भी चुदवाती है और अब मैं उन्हें यह कहकर हमेशा डराता था कि मैं भैया को यह बता दूंगा कि उनकी चूत कितने पराए लंड अंदर ले चुकी है और मैं भाभी को यही सब कहकर बातों ही बातों में उनकी पैंटी में हाथ डाल दिया करता था और उनके मुंह में अपना लंड देता था।

उनके मुंह को जोर जोर से धक्के देकर चोदता और मैं हमेशा अपना वीर्य उनके मुंह में ही डालता था लेकिन वो मेरा वीर्य जिस तरह से पीती और अपनी जीभ से चाटकर साफ करती थी तो मुझे अब शक होने लगा कि कहीं मेरे भैया ने किसी रांड से शादी तो नहीं कर ली।

भाभी चुसवाते वक्त पूरे जोश में होती थी और उनकी सिसकियों की आवाज आह्ह्ह उह्ह्ह मेरे लंड को खड़ा कर देती थी लेकिन भाभी कभी भी मुझे चोदने नहीं देती थी बस वो मेरे साथ स्मूच करती थी और अपने बूब्स को मुझसे दबवाती चूसने को कहती अपनी चूत चाटने देती और मेरा लंड चूसती थी लेकिन अपनी चूत की चुदाई नहीं करने देती थी।

फिर एक रात को मैं अपने घर पर अपनी पड़ोस में रहने वाली आंटी के बारे में सोच सोचकर मुठ मार रहा था कि तभी भाभी ने मुझे फोन किया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारे भैया बिजनेस ट्रिप के लिए हांगकांग जा रहे हैं तो उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ना है लेकिन भाभी बिना कहे मेरा लंड मांग रही थी और मैं उनका कहना समझ गया था।

फिर मैं उनके घर पर पहुंचा और भैया को एयरपोर्ट छोड़कर आया और जैसे ही मैं घर पर वापस गया तो मैंने देखा कि भाभी अपने कमरे में बिस्तर पर उसी ब्रा और पैंटी में सो रही थी जिसे मैंने चाटा था उन्हें इस हालत में देखकर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया और मैं पीछे से गया और अब पास जाकर उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा और फिर जैसे ही उनकी नींद खुली तो वो भी मेरे लंड को पकड़कर हिलाने लगी और मैं फिर से उन्हें चूमने लगा।

मैंने उन्हें पंद्रह मिनट तक होठों पर स्मूच किया और उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबा रहा था लेकिन बस अब बहुत हो चुका था और अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था तो मैंने भाभी की ब्रा को खोला और उनके गरम निप्पल पीने लगा।

मैंने भाभी से कहा कि आज तो मैं तुम्हें जरूर चोद दूंगा तो भाभी मुस्कुराकर मुझसे बोली कि हां इसलिए ही तो मैंने तुझे आज यहां पर बुलाया है आज तू जी भरकर चोद ले अपनी भाभी को।

दोस्तों उनके मुंह से यह बात सुनते ही मेरा लंड तो एकदम से तन गया और उसी वक्त मैंने भाभी की पैंटी को फाड़ दिया और भाभी को सड़सठ पोजिशन में अपने ऊपर ले लिया मैं उनकी चूत को चू रहा था और वो मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी और भाभी की उह्ह्ह आह्ह सुनकर मेरी हवस और भी बढ़ रही थी।

मैं बिल्कुल पागल हुआ जा रहा था और वो मुझसे बोली कि साले मादरचोद बहनचोद तेरा लंड बहुत मीठा है। तो मैंने कहा कि भाभी आपकी चूत भी कुछ कम खट्टी मीठी नहीं है और पंद्रह मिनट चूसने चाटने के बाद मैंने भाभी को उल्टा करके उनकी भीगी हुई चूत में अपना लंड डाल ही दिया लेकिन दोस्तों उनकी चूत बहुत बार हर तरह से लंड से चुदने के बाद भी बहुत टाइट थी आह्ह्ह आईईई मां मेरी थोड़ा धीरे धक्का दे भाभी बहुत जोर जोर से चिल्लाने लगी और गालियां देने लगी।

दोस्तों जब वो रंडी मुझे हां और जोर से चोद साले मादरचोद बहनचोद बोल रही थी तब मुझे बहुत मजा आ रहा था जब और जब उन्होंने मुझे अपने हाथों से जकड़ रखा था तब उनके नाखून मेरी छाती पर निशान बना रहे थे लेकिन फिर भी मैंने उनसे कुछ भी नहीं कहा क्योंकि मैं अब पूरी तरह से भाभी के गरम जिस्म के वश में था और मेरा लंड और खड़ा होता जा रहा था।

मैंने भाभी को लेटाकर बहुत देर तक चोदा और जब मेरा लंड उनकी बच्चेदानी पर टकराता तो भाभी की चीख निकल जाती। भाभी को उछल उछलकर चोदने में जो मजा आ रहा था वो मुझे आज तक किसी को चोदने में नहीं आया था।

दोस्तों करीब आधा घंटा भाभी को लगातार ठोकने के बाद जब मेरा लंड वीर्य से भर गया तो मैंने अपना लंड उनके बूब्स के बीच में फंसा दिया और उनके बूब्स के बीच में लंड हिलाते वक्त मेरा वीर्य निकल गया और मैंने वो उनके मुंह में भर दिया और भाभी मेरा वीर्य बहुत प्यार से पी गई।

उन्हें वीर्य पिलाने के बाद मैं फ्री हो गया लेकिन भाभी अभी भी बहुत जोश में और गरम थी और मुझमें इसके आगे चुदाई करने का दम नहीं था। फिर मैं उठकर उनके बाथरूम में गया और उनका कृत्रिम लंड लेकर आ गया। उस कृत्रिम लंड से मैंने भाभी को चोदकर ठंडा किया और उनकी चूत का पानी पिया।

दोस्तों भाभी की चुदाई एक घंटे तक लगातार चली और उन्हें चोदने के बाद मैंने उन्हें ब्रा पैंटी पहनाई और फिर मैं वहां से जाने लगा। तभी भाभी बोली कि अगर तू हर हफ्ते मुझे चोदने यहां पर नहीं आया तो मैं तेरे भैया को बता दूंगी कि तू कितना बड़ा मादरचोद है और तूने मेरी चूत को कितनी बेरहमी से लगातार चोदा है।

दोस्तों उनके मुंह से यह बात सुनकर मुझे जैसा मजा आ गया था। मैं भाभी से बोला कि साली रांड तू अब जैसे जब जहां कहेगी मैं तुझे जरूर चोद दूंगा और यह बात कहकर मैं खुशी खुशी वहां से निकल गया।

दोस्तों आज तक मैं अपनी भाभी की चूत को चूस चाट और चोद रहा हूं और हर सप्ताह शनिवार को मैं उन्हें चोदता हूं।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।