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मेरी पत्नी ने मुझे हैवान बना दिया बेड पर

Double lund anal sex story: मेरा नाम निशांत सिंह है। मैं राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला हूं और एक राजपूत परिवार से हूं। मेरी पत्नी का नाम नेलम है। मेरी उम्र अट्ठाईस साल और उसकी सत्ताईस साल है। मेरी पत्नी एक बहुत ही खूबसूरत, सेक्सी और मॉडर्न औरत है। इसका पता मुझे मेरी शादी के कुछ समय बाद ही चल गया था। वह बेड पर सेक्स का भरपूर मजा लेती है और मुझे भी खूब एंजॉय देती है। वह एक दिन भी बिना सेक्स किए नहीं रह पाती।

कई बार तो वह दिन में दो-तीन बार मुझसे सेक्स करवाती है। क्योंकि हम एक राजस्थानी जॉइंट फैमिली से belong करते हैं और घर में सारा काम खुद ही करना पड़ता है। फिर भी इतनी थकान और काम के बावजूद वह समय निकालकर हमेशा नेट पर सेक्सुअल स्टोरी और बीएफ देखती ही रहती है। उसका कहना है कि मुझे इसी में रिलैक्स मिलता है और यही सब करने से मेरी थकान दूर होती है। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं कितना लकी हूं।

वह रोज बीएफ देखती है और उसमें दिखाई जाने वाली नई-नई स्टाइल में मुझसे सेक्स करती है। मेरी पत्नी बीएफ देख-देखकर इतना ज्यादा सेक्स के नए-नए तरीके और स्टाइल सीख गई है कि आप सोच भी नहीं सकते। सच मुझे भी इसमें बहुत ज्यादा मजा आता है। वह इतना बढ़िया लंड चूसती थी कि कोई बीएफ की रंडी भी नहीं चूस पाएगी।

और जब मैं उसके स्तनों के बीच में अपना लंड रखकर उसके बोब्स चोदता हूं तो ऐसा लगता है कि मैं स्वर्ग में पहुंच गया हूं। बस अफसोस एक ही है कि जॉइंट फैमिली होने के कारण हम सेक्स के वक्त ज्यादा चीखने-चिल्लाने का मजा नहीं ले पाते। जो हम दोनों को बहुत अखरता था।

खैर यह कुछ दिनों पहले की बात है। मुझे कुछ काम से एक हफ्ते के लिए दिल्ली जाना पड़ा। वापसी के वक्त मैंने सोचा कि अपनी पत्नी को अचानक आकर सरप्राइज दूंगा। मैं अचानक रात में दस बजे घर पहुंचा। घर में सब सो गए थे। मैंने अपने पास की एक्स्ट्रा चाभी से गेट खोला और सीधे पहली मंजिल पर अपने कमरे के पास पहुंचा।

मैं कमरे का गेट नॉक करने ही वाला था कि तभी मुझे मेरे कमरे से मेरी पत्नी की सिसकारियों की आवाज सुनाई दी। मैं एकदम चौंक गया और मेरा मन इस आशंका से डर गया कि लगता है मेरी पत्नी मेरे घर पर न होने के कारण किसी और से चुदवा रही है। मैं गुस्से में कमरे का गेट तोड़ने ही वाला था कि मुझे ऊपर वाली खिड़की खुली नजर आई।

मैं एक टेबल लगाकर उसके ऊपर चढ़ गया और खिड़की से झांकने लगा। मैंने देखा कि कंप्यूटर पर एक बीएफ चल रही है जिसमें तीन लड़के एक लड़की को बुरी तरह से ब्रूटली चोद रहे हैं। एक का लंड उसकी गांड में घुसा हुआ है, दूसरे का उसकी चूत में और तीसरे का उसके मुंह में। लड़की बुरी तरह से चीख रही है।

मेरी पत्नी एकदम नंगी होकर अपने हाथों से अपनी चुचियों को कस-कस के दबा रही है और दूसरे हाथ से एक खीरा अपनी चूत में जोर-जोर से घुसा रही है और चीख रही है। यह सीन देखकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया। मेरी पत्नी खीरे से अपनी चूत चोद रही है और मेरा नाम ले-लेकर चिल्ला रही है। यह सीन देखकर मैं भी पागल सा हो गया और मेरे लंड से रस चूने लगा।

मैंने खिड़की से ही अपनी पत्नी को आवाज दी। एक बार तो वह हड़बड़ा गई लेकिन जब उसने मुझे देखा तो खुशी से झूम उठी। उसने तुरंत गेट खोला और मुझे बेड पर पटक दिया और मेरे लंड को पागलों की तरह चूसने लगी और मुझे गालियां देने लगी। साले कुत्ते मुझे ऐसे तड़पती हुई छोड़कर मत जाया कर नहीं तो मर जाऊंगी। कुत्ते मेरे बदन की आग क्या तेरा बाप शांत करेगा।

वह चीखती जा रही थी और मुझे गालियां बकती जा रही थी। मैं यह सब देखकर इतना ज्यादा एक्साइटेड हो गया था कि तुरंत ही उसके मुंह में झड़ गया। वह गुस्से में आ गई और उसने मेरी छाती पर जोर से अपने दांतों से काट लिया और मेरे गालों पर कस-कस कर थप्पड़ मारने लगी। और बोली साले हिजड़े, कुत्ते जब अपनी पत्नी की आग शांत ही नहीं कर सकता तो क्यों लंड लिए घूमता है। अब मेरी चूत की आग क्या तेरा बाप शांत करेगा।

मैं उसके इस रौद्र और वाहशी रूप को देखकर शॉक हो गया। वह दोबारा से मेरे लंड को चूस-चूस कर खड़ा करने लगी और जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ वह मेरे ऊपर चढ़ गई और चुदवाने लगी। उस रात मैंने उसे दो बार चोदा। तब कहीं जाकर उसकी आग शांत हुई और वह खुश होकर मुझसे लिपट कर सो गई।

मैं उसके इस रूप को देखकर शॉक हो गया था। मुझे काफी देर तक नींद नहीं आई क्योंकि आज मैं अपनी पत्नी के इस रूप को देखकर बहुत ज्यादा खुश था लेकिन थोड़ा डर भी गया था। खैर सुबह मेरी पत्नी ने कहा कि जान डरो मत यह सच है कि मैं एक दिन भी बगैर चुदवाए हुए नहीं रह सकती लेकिन मैं मर जाऊंगी पर किसी और से नहीं चुदवाऊंगी। मैं संतुष्ट हो गया लेकिन अब मेरी पत्नी की काम वासना बढ़ते ही जा रही थी।

हम रोज खुलकर बीएफ देखते, सेक्स स्टोरी पढ़ते और खूब चुदाई करते। मैं मार्केट से दो रबर के लंड और बहुत सारा सेक्स का सामान ले आया। मेरी पत्नी आजकल ब्रूटल सेक्स की बीएफ देखने लगी थी। एक दिन मैं भी उसके साथ देख रहा था। मुझे भी बहुत मजा आया।

दूसरे दिन मुझे कुछ बिजनेस काम से एक महीने के लिए देहरादून जाना पड़ गया। यह सुनकर मेरी पत्नी ने रोना शुरू कर दिया। उसे मैंने किसी तरह समझाया और निकल गया। जब वहां पहुंचा तो पता चला कि मुझे यहां दो-तीन महीने रुकना पड़ेगा।

यह सुनकर मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। मैंने वहां एक फ्लैट रेंट पर ले लिया। यहां का मौसम ठंडा था। एक हफ्ता ही हुआ था कि मेरी वासना भड़कने लगी। उधर मेरी पत्नी भी फोन पर मुझे गालियां देने लगी। सेक्स की आग मुझे भी पागल कर रही थी। मैंने अपनी पत्नी को बुला लिया। जिस दिन वह आई उस दिन हमने खूब चुदाई की।

यहां चुदाई करने में हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था। हम दोनों यहां शाम को छह बजे से लेकर सुबह सात बजे तक नंगे ही रहते थे। अपना मेन गेट लॉक करने के बाद हमें किसी का डर नहीं था। हम सेक्स के दौरान अब खूब चीखते और चिल्लाते। एक दूसरे की बाहों में नंगे ही खाना खाते और जी भर के चुदाई करते थे। जब बारिश पड़ती तब खुले आसमान के नीचे भीगते हुए चुदाई करते।

एक दिन जब मैं शाम को घर आया तो मैंने देखा कि मेरी पत्नी ने पूरे घर को सजा रखा है और बहुत ही हाई मेकअप और सोलह शृंगार करके मेरा इंतजार कर रही है। उसने कहा जान आज फिर से सुहागरात मनाएंगे। वह बहुत ज्यादा सेक्सी और खूबसूरत लग रही थी। उस दिन मेरी पत्नी ने मुझे चुदाई का वो सुख दिया कि मैं शब्दों में बता नहीं सकता।

सारी रात न वह खुद सोई न उसने मुझे सोने दिया। रात भर अलग-अलग स्टाइल में उसने मुझसे तीन बार चुदवाया। चौथी बार मेरा लंड ही खड़ा नहीं हुआ फिर भी वह मेरे लंड को एक घंटे तक चूसती रही। हम दोनों ने एक दूसरे की बॉडी की सेक्सुअल मसाज भी की। बस इतना समझ लीजिए कि मेरी पत्नी ने उस रात मुझे इतना एंजॉय दिया कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। मैंने पूछा तुम सारी रात कैसे जाग लेती हो। उसने बताया कि यहां घर पर कोई काम तो रहता नहीं है इसलिए मैं सारा दिन बीएफ देखती हूं और दिन में ही अपनी नींद पूरी करती हूं।

एक दिन हम दोनों एक ब्रूटली फक की बीएफ देख रहे थे। मेरे दिमाग में एक प्लान आया। मैंने अपनी पत्नी की आंखों पर पट्टी बांध दी। उसके बाद बेड के दोनों तरफ की दोनों विंडो से उसके दोनों हाथों को पूरा लंबा करके कस कर बांध दिया और उसे पीठ के बल सुला दिया।

फिर मैंने उसकी गांड में सिरिंज से खूब सारा नारियल तेल डाल दिया। सिरिंज से डालने के कारण तेल एकदम डीप अंदर तक चला गया। वह शायद समझ गई कि मैं आज उसकी गांड मारने वाला हूं और वह चिल्लाने लगी। फिर मैंने बहुत सारी क्रीम उसकी गांड में भर दी। उसके बाद मैंने रबर का मोटा वाला लंड पहन लिया। अब मेरे पास दो लंड हो गए थे।

मैंने दोनों लंड पर कंडोम लगाया और बहुत सारी क्रीम लगाई। अब मेरी पत्नी का ध्यान भटकाना जरूरी था। मैं उसके बदन को चाटने लगा, चुचियां चूसने लगा और उसकी चूत को चाटने लगा। मैं काफी देर तक ऐसा करता रहा। मेरी पत्नी की चूत में जैसे आग लग गई हो वह चुदवाने के लिए तड़पने लगी। तभी मैंने रबर का लंड उसकी चूत में घुसा दिया। लंड बहुत मोटा और लंबा था मेरे लंड से डबल।

मैंने उसकी चूत में रबर का लंड थोड़ा सा ही घुसाया। उसके बाद मैंने उसके दोनों पैर पूरे ऊपर उठा दिए और उसकी गांड के नीचे दो तकिए लगा दिए जिससे उसकी चूत और गांड का मुंह पूरा खुल गया। तभी मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया और एक जोरदार शॉट मारा। एक साथ दोनों लंड उसकी गांड और चूत में सनसनाते हुए घुस गए। वह दर्द के कारण रोने लगी और बेड पर अपना सिर पटकने लगी। मैंने तुरंत उसके मुंह में एक कपड़ा ठूंस दिया और मैं फुल स्पीड में उसे चोदने लगा।

उसकी आंखों से आंसू बहते जा रहे थे लेकिन आज मैं उसे एक साथ दो लंड का मजा देना चाहता था जो कि मैंने बीएफ में देखा था। बीच-बीच में मैं और क्रीम और तेल अपने लंड पर लगाता जा रहा था। इस कारण शायद उसका दर्द अब कम हो रहा था। उसने मुंह से कपड़ा निकालने का इशारा किया। मैंने उसके मुंह से कपड़ा निकाल दिया। कपड़ा निकलते ही वह मुझे गालियां देने लगी। साले मादरचोद तूने मेरी गांड और चूत दोनों फाड़ दी। कुत्ते जा जाकर अपनी मां को चोद। और जोर-जोर से चिल्लाने और रोने लगी। धीरे-धीरे उसका दर्द कम होता गया।

अब वह इस चुदाई का मजा लेने लगी। थोड़ी देर बाद उसने मुझसे और जोर से चोदने को कहा। मैं पूरी ताकत से चोदने लगा। और तभी मैं उसकी गांड में ही झड़ गया। उसने कसकर अपने दांत मेरे कंधों पर गड़ा दिए और मैं दर्द से चीख उठा। उसने इतनी जोर से दांत गड़ाए थे कि मेरे कंधे से खून निकलने लगा। थोड़ी देर बाद जब मैंने लंड बाहर निकाला तो देखा कि दोनों लंड पर खून लगा हुआ था।

मैंने उसके हाथ खोल दिए। जैसे ही उसने खून देखा वह गुस्से में आ गई और मुझे गालियां देने लगी और मुझे मारने लगी। मैं चुपचाप उससे मार खाता रहा। मार-मार कर उसने मेरा चेहरा और मेरी पीठ सुजा दी और फिर थक कर रोते-रोते सो गई। मैंने नींद में ही उसकी गांड और चूत पर लगे खून को डेटॉल से साफ किया और दवा लगा दी। उस दिन वह ठीक से पॉटी नहीं जा पाई और न ही मुझसे बात की और न ही मुझसे चुदवाया। दूसरे दिन भी वह मुझसे नाराज थी। मैं चुपचाप खाना खाकर सो गया।

रात में करीब ग्यारह बजे अचानक मेरी नींद खुल गई। मुझे लगा जैसे किसी ने मेरी गांड में चाकू घुसेड़ दिया हो। मैं पेट के बल सोया हुआ था और मेरे दोनों हाथ उसी तरह दोनों खिड़की से बंधे हुए थे। मेरी पत्नी ने पूरी बेदर्दी से मोटा वाला लंड मेरी गांड में घुसेड़ दिया था और पूरी ताकत और फुल स्पीड से मेरी गांड मारने लगी।

मैं दर्द से चिल्लाने और रोने लगा और उसे गालियां देने लगा। यह देखकर वह और ज्यादा वाहशी हो गई और बोली साले कुत्ते मैं आज तुझे दिखाऊंगी गांड कैसे मारी जाती है। तूने तो मुझे पीठ के बल सुलाकर और मेरी दोनों टांगों को उठाकर मेरी गांड मारी थी लेकिन मैं तुझे पेट के बल सुलाकर ही मारूंगी ताकि तुझे ज्यादा दर्द हो।

और मैं तेरे मुंह में कपड़ा भी नहीं डालूंगी क्योंकि मुझे तेरी चीखें सुननी हैं। वह पूरी बेदर्दी से मेरी गांड मारती रही। कभी सुलाकर और कभी कुत्ता बनाकर और मैं चीखता रहा लेकिन उसने मुझ पर जरा सा भी रहम नहीं किया। जब मेरी चीखें ज्यादा बढ़ गईं तो उसने बेल्ट उठा ली और मुझे कुत्ते की पोज में करके मेरे चूतड़ पर बेल्ट से मारने लगी और बोली चुप हो जा नहीं तो बेल्ट से मार-मार कर पूरा बदन लाल कर दूंगी।

मैं डर गया और अपने मुंह को तकिए में घुसा लिया। वह लगभग एक घंटे तक मेरी गांड मारती रही और कुत्ते की पोजीशन में करके मेरे चूतड़ पर बेल्ट से मारती रही। मेरी पीठ को अपने नाखून से नोचती रही और मैं बुरी तरह से चीखता रहा। धीरे-धीरे मेरी चीखें कम हो गईं और दर्द भी कम हो गया क्योंकि उसने एक हाथ से मेरे लंड को सहलाना और मुठ मारना शुरू कर दिया। उसके बाद उसने मेरी गांड से लंड निकाल लिया। वह उदास हो गई क्योंकि इतनी बेदर्दी के बावजूद भी मेरी गांड से खून नहीं निकला था लेकिन दर्द इतना ज्यादा था कि उसे सिर्फ मैं ही महसूस कर सकता था। लेकिन खून न देखकर शायद उसे पूरी खुशी नहीं मिली थी।

मैं तो दर्द से इतना बेहाल था कि मेरे मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी। उसने मेरे हाथ खोल दिए और मेरे लंड को चूसकर सारा स्पर्म पी लिया। फिर उसने मेरी गांड में दवा लगा दी और मुझे प्यार से अपने सीने से लगा लिया। वह मेरे पूरे बदन और सर को सहलाने लगी। मेरा दर्द भी अब कम हो गया था। उसने मुझे बताया कि मेरे सोने के बाद उसने इस ब्रूटल सेक्स के लिए काफी तैयारी की।

मेरी गांड और मेरे चूतड़ की काफी देर तक बॉडी बटर से मसाज की। तीन बार सिरिंज भर-भर के मेरी गांड में नारियल तेल डाला। फिर बहुत सारी क्रीम मेरी गांड में घुसाई। उसके बाद एक उंगली गांड के अंदर घुसा-घुसाकर काफी देर मसाज की। अपने लंड पर कंडोम लगाया और बहुत सारी क्रीम अपने लंड पर भी लगाई। उसके बाद तुम्हारी गांड में घुसाया। मैं उसकी समझदारी और प्यार देखकर खुश हो गया और उसकी बाहों में सो गया।

रात में फिर लगभग तीन बजे अचानक फिर मेरी नींद खुल गई। मैंने देखा कि इस बार मैं पीठ के बल सोया हुआ हूं और मेरे हाथ फिर से बंधे हुए हैं। और मेरी पत्नी सिरिंज भर कर मेरी गांड में नारियल तेल डाल रही है। तेल अंदर जाते ही मुझे आराम मिला लेकिन शायद मेरी गांड दोबारा मारी जाएगी यह सोचकर ही मैं डर से चिल्लाने लगा।

उसने मेरे गाल पर थप्पड़ मारा और मुझे चुप रहने को कहा। मैंने उससे कहा और मत करो मुझे दर्द हो रहा है। उसने कहा चिंता मत करो इस बार दर्द नहीं दूंगी सिर्फ तुम्हें प्यार दूंगी। मैं चुप हो गया। मैंने देखा कि उसने तीन बार सिरिंज भर-भर कर तेल मेरी गांड में डाला। मुझे बहुत अच्छा लगा। फिर उसने बहुत सारी क्रीम मेरी गांड में घुसा दी।

मेरा दर्द एकदम खत्म हो गया। मैं खुश हो गया। फिर उसने मेरी गांड के नीचे दो तकिए लगा दिए जिससे मेरी गांड थोड़ी ऊपर उठ गई। मैं यह जानता था कि मेरी पत्नी मुझसे बहुत प्यार करती है इसलिए इस बार उसने मुझे पीठ के बल सुलाया है ताकि मेरा दर्द खत्म हो जाए। फिर वह अपनी उंगलियों से मेरी गांड मारने लगी। एक-एक करके उसने तीन उंगली मेरी गांड में घुसा दी।

मुझे फिर से दर्द होने लगा। उसने कहा जान डरो मत कुछ नहीं करूंगी। उसके बाद उसने पतला वाला लंड धीरे-धीरे पूरा अंदर तक मेरी गांड में घुसा दिया। मुझे कोई खास दर्द नहीं हुआ क्योंकि एक तो तीन घंटे पहले की चुदाई से मेरी गांड का मुंह थोड़ा खुला हुआ था। उस पर इतना सारा तेल और क्रीम की वजह से मेरी गांड सॉफ्ट हो गई थी। मैं रिलैक्स हो गया लेकिन डर भी लग रहा था कि अगर इसे सिर्फ यह पतला वाला लंड ही मेरी गांड में घुसाना था तो इसने यह मोटा वाला लंड भी क्यों पहन रखा है।

फिर उसने अपने मोटे वाले लंड पर कंडोम पहना और बहुत सारी क्रीम लगाई। मेरा पूरा बदन डर से कांपने लगा और मेरी आंखों से आंसू बहने लगे। उसने प्यार से मेरे आंसू पोछे, मेरे फेस को चूमा और चाटा और मेरी छाती पर आकर मेरे निप्पल चूसने लगी और मुझसे कहा डरो मत जान मैं कुछ नहीं करूंगी।

अब तुम्हें जरा सा भी दर्द नहीं दूंगी और मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी और कहा कि अब मैं सिर्फ तुम्हारे बदन की मसाज करूंगी। देखो मैंने मोटा वाला लंड भी खोल दिया है। मैं उस पर विश्वास करके रिलैक्स हो गया। फिर मेरे गाल को जीभ से चाटने लगी। वह मेरे फेस को और बदन को चाट रही थी और मेरे निप्पल चूसे जा रही थी। मैं वासना की आग में जलने लगा और अपनी गांड उछालने लगा।

उसने मेरे लंड को पकड़ लिया और चूसने लगी। आंखों पर पट्टी बंधी होने के कारण मैं कुछ देख नहीं पा रहा था लेकिन मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। तभी अचानक एक भूचाल सा आया। मुझे लगा जैसे किसी ने मेरी गांड में एक ही झटके में एक बहुत बड़ा चाकू घुसेड़ दिया हो।

मैं एक हलाल होते बकरे की तरह अपना माथा बेड पर पटकने लगा और मैं बुरी तरह से चीखने और चिल्लाने लगा। मेरी इतनी तेज चीख सुनकर उसने तुरंत अपनी पैंटी मेरे मुंह में ठूंस दी और मुझे जोर से एक थप्पड़ मारा। मैं समझ गया मेरे साथ धोखा हुआ है। मेरा ध्यान भटका कर मेरी गांड फिर से और ज्यादा बेदर्दी से मारी जा रही है।

मेरी गांड पूरी फट गई थी और उसमें से खून निकलने लगा। दर्द इतना भयंकर था कि बताना मुश्किल है। वह मेरे खून को देखकर खुशी से झूमने लगी और मैं उससे इशारों में रहम की भीख मांगने लगा। उसने कहा अभी तो आधा ही घुसा है मेरी जान और तुम अभी से चिल्लाने लगे। आज मैं हर हाल में तुम्हारी गांड पूरी फाड़ के ही रहूंगी। साले कुत्ते मादरचोद अब पता चला दर्द किसे कहते हैं। देख कुत्ते अभी मैं तेरा और क्या हाल करती हूं।

और तभी उसने दोबारा एक और बहुत जोरदार शॉट मारा और पूरा का पूरा लंड जड़ तक अंदर घुस गया। मुझे इतना भयंकर दर्द हुआ कि शायद बताना मुश्किल है। दो लंड एक साथ मेरी गांड में जड़ तक घुस चुके थे। मेरी गांड पूरी फट गई थी और खून की धार बहने लगी। और तभी मैं बेहोश हो गया। जब होश आया तो मैंने देखा कि वह मेरे मुंह पर पानी मार रही है।

और दूसरे हाथ से जोर-जोर से थप्पड़ मार रही है। वह बोली मादरचोद इतनी जल्दी बेहोश हो गया। मैं आज तुझे बेहोश भी नहीं होने दूंगी। और पूरी ताकत से मेरी गांड मारने लगी। अब मुझे समझ में आया कि थोड़ी देर पहले का वो सारा प्यार सिर्फ मेरे ध्यान को थोड़ा भटकाने के लिए था। पता नहीं कब तक वह मेरी गांड मारती रही और कब तक मैं चीखता रहा लेकिन उसे मेरी गांड मारते हुए एक घंटे से ज्यादा हो गया था क्योंकि सुबह के पांच बज गए थे और यह सब तीन बजे से हो रहा था।

मेरी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ चुकी थी। जब उसे लगा कि मेरी हालत कुछ ज्यादा ही खराब हो रही है तो उसने दोबारा से मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी। मुझे थोड़ा सुकून मिला। वह लंड चूसती रही और गांड मारती रही। क्योंकि मेरा एक बार फॉल हो चुका था इसलिए इस बार फॉल नहीं हो रहा था। मैं रोने लगा तो उसने कहा एक बार अपना स्पर्म और पिला दो गांड मारना बंद कर दूंगी। मैंने न चाहते हुए भी थोड़ी हिम्मत की तो थोड़ी देर में मेरा फॉल हो गया। उसने पूरा स्पर्म पी लिया।

फिर उसने धीरे-धीरे एक-एक करके दोनों लंड मेरी गांड से निकाल लिए और मेरी गांड से बहते खून को डेटॉल से साफ किया और मुझे एक लार्ज पेग व्हिस्की का बना कर दी और कहा इसे पी लो तुम्हारा दर्द कम हो जाएगा। मैं चौंक गया कि हमेशा दारू के लिए मुझ पर चिल्लाने वाली मेरी पत्नी आज खुद मुझे दारू पिला रही है। खैर मैंने पी ली क्योंकि दारू आपके दर्द को जितना जल्दी कम कर सकती है उतनी जल्दी इस दुनिया की कोई भी दवा आपका दर्द कम नहीं कर सकती। थोड़ी देर बाद मैं दर्द से तड़पते और सिसकते हुए लेट गया। अब वह मुझे बहुत ज्यादा प्यार करने लगी और मेरे पूरे बदन को चाटने लगी।

मुझे थोड़ा आराम मिलने लगा। मैं रोते-रोते सो गया। दोपहर में बारह बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा मेरी पत्नी मेरी गांड में दवा लगा रही है। वह बोली जान मैं रात भर सोई नहीं हूं और सुबह पांच बजे से हर घंटे तुम्हारी गांड में दवा लगा रही हूं और तुम्हारे बदन को चाट रही हूं और तुम्हें प्यार कर रही हूं क्योंकि तुम नींद में भी कराह रहे थे।

और सिसक रहे थे। उसकी पलकें भीगी हुई थीं और उसकी आंखों में आंसू थे। उसने मुझे अपने सीने से लगा लिया। वह पागलों की तरह रोने लगी और मुझसे माफी मांगने लगी। वैसे भी उसकी रात भर की हुई सेवा और प्यार से मेरा दर्द काफी कम हो गया था। मैंने कहा जान तुम इतनी ब्रूटल कैसे हो गई। तुमने मुझे रात भर बहुत रुलाया है। उसने कहा एक तो तुमसे बदला लेना था और दूसरा तुम्हें ब्रूटल सेक्स का एंजॉय देना था क्योंकि मैंने एक बुक में पढ़ा था कि हर मर्द महीने में एक बार ऐसा ही सेक्स चाहता है।

उसने मुझसे पूछा कैसा लगा मेरा ब्रूटल सेक्स। मैंने कहा दर्द इतना हुआ कि बताना मुश्किल है लेकिन सच कहूं तो बहुत मजा आया। वैसे भी देखा जाए तो आज मेरी पत्नी ने मुझे सेक्स का एक अद्भुत मजा दिया था जिसके लिए हर मर्द तरसता है। एक ही रात में दो बार मेरी गांड मारी गई थी। बहुत कम मर्द होंगे इस दुनिया में जिन्हें यह सुख मिला होगा। मैं उठा फ्रेश हुआ।

पॉटी जाने की हिम्मत ही नहीं हुई और बाहर घूमने चला गया और सोचने लगा अपनी पत्नी के बारे में। आखिर मेरी समझ में यही आया कि शायद ही इस धरती पर मेरे जैसा कोई खुशनसीब हो जिसे इतना प्यार करने वाली और इतना सेक्सुअल सैटिस्फाई करने वाली पत्नी मिली हो। क्योंकि उसने जो मुझे दर्द दिया था इस दर्द में भी उसका बेपनाह प्यार और एक अलग तरह का सेक्सुअल मजा था।

इस धरती पर शायद ही कोई ऐसा मर्द हो जिसकी पत्नी उसे इतना सेक्सुअल मजा देती हो। आज के मॉडर्न जमाने में हर मर्द यही चाहता है कि उसकी पत्नी बेड पर उसके साथ पर इतना ब्रूटली सेक्स करे कि उसके बदन के हर हिस्से से ब्लड निकले। लेकिन इतना लकी पति करोड़ों में कोई एक होता है और आज मैं इतना खुश हूं कि मैं बता नहीं सकता। उसने मुझे भले ही भयंकर दर्द दिया था लेकिन इस दर्द में भी उसका प्यार था।

और सच कहूं तो मुझे भी इतना मजा आया कि मेरी आत्मा तक खुश हो गई थी। काश इस मॉडर्न जमाने में हर मर्द को ऐसी पत्नी मिल जाए जो बेड पर एकदम हैवान बन जाए और सारे प्यार और दया को भूलकर इससे भी ज्यादा ब्रूटली सेक्स करे तो इस दुनिया में कोई भी पति इतना दुखी न हो और कोई भी मर्द हार्ट अटैक से न मरे।

मेरा चैलेंज है कि हर मर्द अपनी पत्नी से इतना ही या इससे भी ज्यादा ब्रूटल सेक्स चाहता है लेकिन पता नहीं क्यों पत्नी इसे समझ नहीं पाती जिस कारण बेचारा पति सारी जिंदगी घुटता रहता है और आखिर यू ही सेक्स की आग में जलते हुए बूढ़ा हो जाता है या मर जाता है।

हमने एक महीने अकेले साथ रहकर सेक्स का ऐसा-ऐसा मजा लिया जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। उसके बाद हम वापस घर आ गए और जिंदगी यू ही चलती रही।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।