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माँ की चुदाई देखकर बेटी का बुर गीला हो गया

Doctor ne maa ko choda sex story: मेरा नाम शालिनी है। बात उस समय की है जब मेरी मां आगरा की एक नर्सिंग होम में एडमिट थीं। मां को एक दिन काफी बुखार हो गया था और डॉक्टर के सलाह के अनुसार पापा ने मां को नर्सिंग होम में भर्ती करवाया था। सात दिन तक वह नर्सिंग होम में भर्ती रहीं।

एक दिन दोपहर में करीब बारह बजे मैंने मां से कहा कि मैं आपके लिए खाना लेने घर जा रही हूं। मैं दो बजे तक आ जाऊंगी। मां ने कहा ठीक है बेटा तुम आराम से आ जाना। अभी भूख नहीं लगी है। ठीक है मां यह कहकर मैं घर के लिए निकल पड़ी।

जब मैं बस स्टैंड पर पहुंची तो देखा मैं घर की चाबी बिस्तर पर ही छोड़ आई थी। तो वापस नर्सिंग होम जाना पड़ा। आने जाने में करीब बीस मिनट हो गए थे। जब मैं वापस पहुंची मैं अभी उनके कमरे के पास ही थी कि ऐसा लगा कोई मां से कह रहा था क्या हाल है मेरी जान। कैसी हो तुम अब।

मैं झांककर देखा तो डॉक्टर साहब मेरी मां के बेड पर बैठे थे और उनका हाथ मेरी मां की चुचियों पर था। दोनों मुस्कुरा रहे थे। मैं वहां पर्दे के पीछे से झांककर देखने लगी।

मां ने डॉक्टर से कहा जानमन बुखार तो कब का उतर गया था लेकिन आप ही नहीं छोड़ना चाह रहे हो क्योंकि आपको मुझे चोदने का मौका मिल रहा है।

डॉक्टर बोले हां यह बात तो है तुम तो अड़तीस साल की उम्र में भी एकदम इक्कीस साल वाली का मजा दे रही हो। क्या बताऊं जी तो करता है परमानेंट तुझे अपनी मरीज बना लूं।

मां बोली कोई बात नहीं मुझे भी आपका सात इंच का मोटा लंड लेने की आदत हो गई है। तीन दिन से मैं भी तो जन्नत में हूं।

इतना कहते ही डॉक्टर ने मेरी मां का ब्लाउज का हुक खोल दिया और ब्रा को भी निकाल दिया। अब मैं खुद देख रही थी मां की चूची एकदम टाइट गोल गोल और बड़ी बड़ी लग रही थी और काफी सेक्सी लग रही थी।

डॉक्टर ने मेरी मां की चूची अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और दोनों हाथों से दबा रहा था। आह्ह्ह डॉक्टर साहब मैं तो बहुत दिनों से सेक्स की भूखी थी। शालिनी के पापा तो अब चोद ही नहीं पाते। मैं कहां अपनी बुर की भूख शांत कर पाती। शुक्र है आप मिल गए।

डॉक्टर बोले कोई बात नहीं मेरी रानी मैं हूं ना। जब भी चुदवाने का मन करे सर्दी खांसी का बहाना लेकर आ जाना। मैं तुम्हारे सेक्स की भूख को शांत कर दूंगा।

उसके बाद डॉक्टर ने मेरी मां के चूड़े पेट को सहलाते हुए अपनी उंगली मां की नाभि में डालने लगा।

मां बोली अरे नाभि में क्या मिलेगा। बुर को देखो कैसे पानी पानी हो गया है। तभी डॉक्टर ने मेरी मां के पेटीकोट को नीचे से उठा दिया और बुर में उंगली फेरते हुए कहने लगा क्या बात है जानमन एकदम तुम तो पानी पानी हो गई हो।

मां बोली देर किस बात की है। अभी आपके पास डेढ़ घंटा है चोद दो मुझे।

तभी डॉक्टर बेड से उठा और दरवाजा बंद करने लगा। मैं जल्दी से साइड हो गई और उसने दरवाजा बंद कर दिया।

मैं तो परेशान हो गई क्योंकि यह सब देखकर मेरा बुर भी गीला हो चुका था और मुझे भी लंड लेने का मन करने लगा। तभी इधर उधर देखने की कोशिश करने लगी।

मुझे एक छोटा सा छेद दिख गया जो एल्यूमिनियम के दरवाजे में था। वहां से एक आंख बंद करके मैं उस छोटी सी छेद से देखने लगी।

मैंने देखा मेरी मां बिल्कुल नंगी थी और डॉक्टर भी बिल्कुल नंगा होकर मां को चाट जा रहा था। कभी गाल कभी चूची कभी पेट। और डॉक्टर का एक हाथ मेरी मां के बुर पर था और उंगली अंदर बाहर कर रहा था।

मां एकदम से आह उह्ह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह मैं मर जाऊं ऐसी ही सेक्सी आवाज निकाल रही थी। फिर मां ने दोनों हाथों से डॉक्टर का सिर पकड़कर अपने बुर के पास ले गई और कहने लगी चाटो चाटो देखो मैं तुम्हारे लिए क्रीमी क्रीमी हो गई हूं। फिर डॉक्टर ने जीभ से मां के बुर को चाटने लगा। मां भी एकदम सेक्सी आवाज निकालने लगी।

फिर डॉक्टर ने मां को चोदने लगा। उसका बड़ा मोटा लंड मेरी मां के बुर में अंदर बाहर हो रहा था। मां भी काफी सेक्सी आवाज निकाल रही थी।

चोद दो और कस के। और फिर करीब बीस मिनट तक चोदने के बाद वह मेरी मां के ऊपर ही लेट गया और दोनों एक दूसरे को सहलाने लगे। मेरा भी मन उस डॉक्टर से चुदवाने के लिए करने लगा। फिर मैं भी कामयाब हो गई उस डॉक्टर से चुदवाने में। अपनी कहानी भी मैं जल्द ही पोस्ट कर रही हूं। अभी मैं कॉलेज के लिए निकल रही हूं। आपको मेरी कहानी रियल मजा देगी। ऐसा लगेगा कि आप भी मुझे चोद रहे हो।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।