Girlfriend lund chusai sex story: हेल्लो दोस्तों मैं सत्यम आप सभी का स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से नियमित पाठक रहा हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। ये मेरी जिंदगी की सच्ची घटना है। Cum/Semen Drinking Sex story
दोस्तों मेरी गर्लफ्रेंड का नाम अवनीत था। पिछले 6 महीने से मैं उसे डेट कर रहा था। वो मेरे साथ कॉलेज में पढ़ती थी। अवनीत बहुत खुले दिमाग की लड़की थी। सेक्स के मामले में वो काफी खुली हुई थी। उसे रोज सेक्स करना पसंद था। उसे रोज मोटा लंड चूत में लेना बेहद पसंद था।
अवनीत बहुत गोरी और सुंदर लड़की थी। उसका बदन बहुत गोरा भरा हुआ और सुडौल था। फिगर कमाल का था। वो बहुत सेक्सी और हॉट माल थी। 34 28 30 का फिगर था उसका। छरहरा और बिलकुल फिट जिस्म था। वो 20 साल की एक जवान आकर्षक नवयौवना है। उसके बदन की खाल इतनी गोरी और मुलायम थी कि स्वर्ग की अप्सराएं भी उससे शरमा जाएं। उसके होंठ मम्मे रेशमी काले बाल उसकी खूबसूरती बढ़ा देते थे। उसकी लचकती छरहरी पतली कमर बहुत कामुक थी और चूत सबसे ज्यादा मस्त थी।
अवनीत को सेक्स करना बहुत पसंद था। उसके मम्मे 34 इंच के थे। बहुत बड़े बड़े गोल गोल और रसीले थे। कोई भी लड़का उसके नंगे बूब्स को अगर एक बार देख लेता तो उसे चोदकर ही मानता। मेरी गर्लफ्रेंड अवनीत इतनी खूबसूरत माल थी।
पिछले 6 महीने में हम दोनों की काफी दोस्ती हो गई थी। मैं आप लोगों से झूठ नहीं बोलूंगा। मैं उसके साथ सेक्स कर चुका था और उसे कई बार चोद चुका था। पर अवनीत उससे खुश नहीं थी। मैं पुराने जमाने का इंडियन आदमी था जिसे बिस्तर में लड़की को सीधा लिटाकर चोदना ही आता था। पर मेरी गर्लफ्रेंड अमेरिकन टाइप की थी। उसे नई नई तरह से चुदाई करना पसंद था।
मैं जल्दी से चुदाई करके कपड़े पहनने में विश्वास रखता था मगर अवनीत बिना कपड़े के घंटों घंटों रहना पसंद करती थी। धीरे धीरे वो मुझसे शिकायत करने लगी।
“सत्यम मैं तुमसे बहुत नाराज हूं” अवनीत एक दिन चिढ़कर बोली।
“क्या हुआ बेबी” मैंने पूछा।
“तुमको अपना बॉयफ्रेंड बनाकर मैं बड़ी गलती कर दी है” अवनीत मुंह फुलाकर बोली।
“पर बेबी हुआ क्या” मैंने फिर पूछा।
“मेरी सारी सहेलियों के बॉयफ्रेंड्स उनसे खूब लंड चुसाते चूत चाटते हैं फिर उनको चोदते हैं। पर तुम इतने बोरिंग हो कि 2 मिनट में सब कुछ निपटा देते हो” अवनीत तुनक कर बोली।
“पर बेबी मैं इंडियन टाइप का मर्द हूं” मैंने कहा।
“नहीं मुझे अमेरिकन टाइप का बॉयफ्रेंड चाहिए वरना मैं तुमको छोड़ दूंगी” अवनीत बोली।
उसकी जिद के आगे मुझे झुकना पड़ा। अब वो जैसी कहेगी उसी तरह मैं उसे चोदूंगा मैंने सोचा। कुछ दिन बाद उसके डैड और मम्मी शहर से बाहर किसी काम से चले गए थे। अवनीत ने मुझे कॉल किया और आने को कहा। शाम को 8 बजे मैं उसके घर पहुंच गया। हम दोनों घर पर अकेले थे।
“बेबी तुम घर पर अकेली हो” मैंने पूछा।
“फालतू बातें मत करो सत्यम। आज तुम रात भर मुझे चोदोगे जैसे मैं कहूंगी” अवनीत बोली।
“ओके बेबी” मैंने कहा।
फिर हम दोनों सीधा बेडरूम में चले गए। अवनीत काफी अमीर थी। उसके पापा एमबीबीएस थे और शहर के नामी डॉक्टर थे। अवनीत आज पूरी तरह फ्रेश माल लग रही थी। उसने सफेद और काले रंग की सीधी सीधी पट्टियों वाला टॉप और जींस पहन रखी थी। उसका बेडरूम भी बहुत आलिशान था। उसने एसी ऑन कर दिया और मुझे अपने पास बुला लिया। मैं उसके पास बैठ गया।
“आओ ना सत्यम मुझसे बस प्यार करो” मेरी चुदासी और सेक्सी गर्लफ्रेंड अवनीत बोली।
उसका बदन बिलकुल भरा हुआ था। अवनीत ने सीधा हाथ पकड़ा और अपने बाए बूब्स पर रख दिया। उसके बाद मैं भी चुदासा हो गया। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके टॉप के ऊपर से उसके 34 इंच के गठीले बूब्स दबाने लगा। धीरे धीरे अवनीत को अच्छा लग रहा था। कुछ ही देर में कमरा एसी से काफी ठंडा हो गया था। मैं अवनीत के बगल बेड पर बैठा था और उसके बूब्स दबा रहा था। अवनीत “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की सेक्सी आवाजें निकाल रही थी।
आज कैसे भी मुझे अवनीत को खुश करना था। जो जो वो कहेगी मैं करूंगा। मैं सोचा। बाय गॉड उसकी चूचियां इतनी कसी और रसीली थी कि मुझे अपनी गर्लफ्रेंड पर गर्व हो रहा था। बिलकुल संतरे जैसी बड़ी बड़ी गोल गोल चूचियां थी अवनीत की। काफी देर तक मैं उसके टॉप के ऊपर से उसके संतरे गोल गोल करके दबाता रहा।
फिर अवनीत लेट गई। उसने अपनी रसीली चूत की तरफ इशारा किया। मैंने उसकी जींस की बटन खोल दी और चेन नीचे खींच दी।
“ओह्ह सत्यम प्लीज मेरी चूत सहलाओ जान” अवनीत किसी सेक्स बिच की तरह बोली।
मैं उसकी चेन के अंदर हाथ डाल दिया। उसने अंदर गुलाबी रंग की लेस वाली जालीदार पैंटी पहन रखी थी। मेरी गर्लफ्रेंड हमेशा महंगी पैंटी पहनती थी। मैंने उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से सहलाना शुरू कर दिया।
“ओह्ह्ह मजा आ रहा है सत्यम ओह्ह करते रहे जान” वो बोली।
मैं जल्दी जल्दी उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चुद्दी सहला रहा था। फिर मैं उसके चूत के दाने को ऊपर से ही घिसने लगा। अवनीत “हूँउउउ हूँउउउ हूँउउउ ….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी सी सी सी… हा हा हा.. ओ हो हो….” की कामुक और सेक्सी आवाजें निकाल रही थी। वो अपनी कमर भी आगे पीछे कर रही थी। साफ था कि मैं उसे भरपूर मजा दे रहा था।
“ओह्ह सत्यम करते रहो रुकना मत” अवनीत बोली।
मैं और तेज तेज उसकी चूत सहलाने लगा। उसकी पैंटी अब उसके चूत के रस और शहद से भीग रही थी। वो अपनी कमर बार बार उठा रही थी। मैंने 15 मिनट तक उसकी जींस में हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाया और उसके चूत के दाने को घिसकर उसे गर्म कर दिया। मेरी गर्लफ्रेंड अब चुदने को तैयार थी।
“सत्यम बेबी मुझे अपना लंड दो” अवनीत बोली।
फिर जल्दी जल्दी उसने मेरी जींस का बटन खोल दिया और जींस उतार दी। मेरे अंडरवियर को उसने नीचे सरका दिया। दोस्तों मेरा 9 इंच लंबा का लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा। मैं अब खड़ा हो गया था।
अवनीत नीचे जमीन पर घुटनों मोड़ कर बैठ गई और मेरे लंड को उसने पकड़ लिया। फिर जल्दी जल्दी वो मेरा लंड फेटने लगी। मुझे भी मजा आ रहा था। धीरे धीरे मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और लोहे जैसा सख्त हो गया।
अवनीत ने वक्त नहीं गंवाया और तुरंत मुंह में ले लिया और जल्दी जल्दी चूसने लगी। मुझे शर्म आ रही थी। अवनीत के हाथ रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। वो बस जल्दी जल्दी मेरा लंड चूस रही थी। उसका मुंह मेरे लंड को जल्दी जल्दी चूस रहा था। अवनीत के सेक्सी होंठ मेरे लंड पर जल्दी जल्दी फिसल रहे थे।
फिर उसने पूरा 9 इंच का लंड गले तक भर लिया और काफी देर तक निकाला ही नहीं। 2 मिनट बाद लंड बाहर निकाला। उसके मुंह में मेरे लंड से निकलता रस लग रहा था। अवनीत को भरपूर मजा मिल रहा था। फिर वो मेरी गोलियों से खेलने लगी। मैं उसके बेडरूम में था और जमीन पर खड़े होकर उससे चूसा रहा था।
अवनीत जल्दी जल्दी मेरी गोलियों को चाटने लगी। फिर बारी बारी से उसने मेरी दोनों गोलियों को मुंह में ले लिया और किसी टॉफी की तरह काफी देर तक चूसती रही। मुझे भी जोश आ गया। मैंने अवनीत का टॉप उतार दिया। फिर उसकी ब्रा उतार दी। अब वो मेरे सामने नंगी थी। अब वो और ज्यादा हॉट और सेक्सी माल लग रही थी।
मैंने अवनीत के मुंह में अपना लंड डाल दिया फिर किनारे से मैं ढक्कन खोलने लगा। उसके होंठ के किनारे से मैं बार बार लंड हाथ से पकड़ कर निकाल लेता। इस तरह बड़ा खेल किया मैंने। फिर मैं अवनीत के मुंह को अपने 9 इंच के लंबे लंड से पीटने लगा और थपथपाने लगा। काफी देर तक मैंने उसके चेहरे को पीटा। मुझे ये देखकर हैरत हुई कि मेरा हट्टा कट्टा लंड उसके चेहरे के जितना लंबा था। कुछ देर तक मैं अवनीत के चेहरे को अपने लंड से सेक्सी और कामुक अंदाज में पीटता रहा।
“कम ऑन सत्यम फक मी हार्ड टुडे” अवनीत बोली।
“गेट नेक्ड बिच” मैंने कहा।
उसके बाद अवनीत ने अपनी जींस उतार दी और बिस्तर पर किसी रंडी की तरह लेट गई दोनों टांग खोलकर। उसने अब भी अपनी लाल रंग की जालीदार पैंटी पहन रखी थी। मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। मेरे जिस्म में हर जगह कट थे। मेरा बदन कसरती था क्योंकि मैं रोज जिम जाकर बॉडी बनाता था।
मैंने अपना लंड सीधे हाथ में पकड़ लिया और जल्दी जल्दी फेटने लगा। कुछ ही देर में मेरा मोटा 9 इंच का लंड किसी लोहे की रॉड की तरह सख्त हो गया था। मेरी गर्लफ्रेंड अवनीत का गोरा बदन आधुनिक व्हाइट लाइट में चमक रहा था। मैंने अवनीत के पैर खोल दिए और उसकी रसीली चूत को पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा।
मेरे अंदर का राक्षस जाग उठा था। मैं अवनीत की चूत को जल्दी जल्दी उसकी पैंटी के ऊपर से चाट रहा था। मेरी जीभ बड़ी जल्दी जल्दी ऊपर से ही उसे मजा दे रही थी। फिर अवनीत ने अपनी पैंटी को एक किनारे खिसका दिया और मेरे मुंह अपनी भरी हुई चूत दे दी।
दोस्तों अवनीत की बुर बिलकुल किसी पाव रोटी की तरह फूली हुई थी। पूरी तरह से क्लीन शेव्ड थी। मैं भी उसका सहयोग करने लगा और जल्दी जल्दी उसकी चूत चाटने और पीने लगा। अवनीत “…….उई..उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह… लिक माय पूसी ओह्ह यस सत्यम” बोलकर चिल्ला रही थी। उसकी कमर आगे पीछे होकर नाच रही थी। अवनीत किसी चुदासी छिनाल की तरह लग रही थी।
“कम ऑन फक मी सत्यम” अवनीत चिल्लाई।
मैंने उसे बिस्तर के किनारे खींच लिया और अपना मोटा और 9 इंच का हॉट डॉग जैसा दिखने वाला लंड मैंने उसकी चूत पर रख दिया। फिर अपने लंड के सुपाड़े से मैं उसके चूत के दाने को बार बार घिसने लगा। अवनीत को मजा आ रहा था।
फिर मैंने जल्दी से लंड उसकी चूत में भीतर सरका दिया और उसे चोदने लगा। अवनीत को झटका लगा। फिर तेज तेज मैं उसे पेलने लगा। अवनीत “……मम्मी…मम्मी…..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की सेक्सी आवाजें निकालने लगी।
मैंने उसके खूबसूरत मम्मों पर हाथ रख दिया और दूध को हाथों में पकड़ लिया। फिर मैं उसे सहला सहलाकर अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने लगा। अवनीत अजीब तरह का मुंह बना रही थी। वो गर्म आवाजें निकाल रही थी। मैं उसे जल्दी जल्दी ठोकने लगा।
“ओह्ह यस फक मी हार्ड सत्यम” वो बोली और मेरा मनोबल बढ़ाने लगी।
मैं और जोश में आ गया। उसके खूबसूरत मम्मों को मैं गोल गोल सहलाने लगा। दोस्तों उसकी चूचियां बहुत कातिल थी। बड़ी बड़ी गोरी चूचियों पर काले काले सिक्के जैसी आकार के सेक्सी काले गोले थे जो बहुत ही सेक्सी लग रहे थे।
मैं फिर अवनीत के ऊपर झुक गया और जुगाड़ में मैंने उसकी चूची मुंह में भर ली और उस सिक्के जैसे काले गोले को जबरन चूसने लगा और अपने दांत गड़ाने लगा और जल्दी जल्दी कमर चलाकर उसे चोदने लगा। अवनीत पूरी तरह से सेक्सी फील कर रही थी। वो मस्ती से चुदा रही थी और “आआआअह्हह्हह…..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई..अई..अई…..अई..मम्मी….” की मदमस्त आवाजें निकाल रही थी।
मैं बहुत अधिक कामुक और सेक्सी महसूस कर रहा था। हम दोनों के पसीना छूट गया था। मैं उसे पूरी शक्ति लगाकर पेल रहा था। तभी मैंने उसकी काली निपल्स पर दांत गड़ा दिए। “ओहह्ह्ह…ओह्ह्ह्ह…अह्हह्हह…अई..अई..अई… उ उ उ उ उ…” अवनीत चिल्लाई।
उसे दर्द हो रहा था। पर आज मैं उसको अमेरिकन स्टाइल में चोद रहा था जैसा वो चाहती थी। इसलिए उसने कुछ नहीं कहा। मैंने उसकी काली निपल्स को कई बार दांत से काट खाया। वो पागल सी हो गई थी। फिर मैंने उसकी दूसरी चूची भी मुंह में भर ली और उसके काले सिक्के जैसे दिखने वाले गोले को मैं दांत से काटने और चबाने लगा।
इसी बीच मैंने युद्ध स्तर पर उसकी चूत में तेज धक्के मारे कि पूरा बेड चूं चूं करके हिलने लगा। अवनीत मेरी गोदी में आ गई और उसका पूरा बदन किसी रस्सी की तरह ऐठने लगा। मैं समझ गया कि बिच अब स्खलित होने वाली है।
अवनीत की हालत अजीब सी थी। वो मेरे सामने किसी रंडी की तरह खुली हुई थी। मैं उसकी निपल्स को दांत से चबा रहा था और खा रहा था। जल्दी जल्दी मैं उसकी चुद्दी बजा रहा था।
फिर मैंने लंड चूत से बाहर निकाला और अवनीत के भोसड़े को मैंने दोनों हाथों से खोल दिया। दोस्तों ये देखकर मुझे खुशी हुई कि उसकी रसीली चूत पूरी तरह से फट गई थी और 2 इंच का मोटा छेद बन गया था। अवनीत जिस तरह से विदेशी स्टाइल में चुदाना चाहती थी मैंने आज उसका सपना पूरा कर दिया था।
फिर जल्दी से उसके भोसड़े के छेद को मैं कुछ देर तक देखता रहा। फिर मैंने लंड अंदर डाल दिया और जल्दी जल्दी उसे पेलने लगा। अब हम दोनों के बदन अकड़ और ऐठ रहे थे। 10 मिनट के सम्भोग के बाद हम दोनों साथ में स्खलित हो गए। अवनीत ने अपनी योनी में मेरे लंड पर अपने रस की फुहार छोड़ दी। फिर मैंने भी अपना रस छोड़ दिया।
ये वाला सेक्स हम दोनों का अब तक का बेस्ट सेक्स था। “ओह्ह माँ….ओह्ह माँ…उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ….” अवनीत अब भी बोल रही थी और हांफ हांफ कर सांस ले रही थी। वो किसी बिच की तरह चुद चुकी थी।
Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।
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